नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे की 2,731 किलोमीटर लंबाई की 25 परियोजनाओं पर 37,018 करोड़ रुपये का कार्य योजना व निर्माण प्रक्रिया में है, जिनमें से 882 किलोमीटर कार्य पूरा किया जा चुका है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास कार्यों को लेकर किए गए प्रश्न के जवाब में दी। बृजमोहन अग्रवाल ने रेल मंत्री से पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में स्वीकृत रेलवे परियोजनाओं, उनके कार्यान्वयन की स्थिति, लंबित परियोजनाओं के कारणों और नई रेलगाड़ियों की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, वर्ष 2009-14 की तुलना में 2014-24 के दौरान नई रेल पटरियों की कमीशनिंग 15 गुना बढ़ी है। वर्ष 2009-14 में सिर्फ 32 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि 2014-24 में 999 किलोमीटर रेल लाइन चालू की गई। रेलवे बजट आवंटन भी वर्ष 2009-14 में 311 करोड़ रुपये प्रति वर्ष से 2024-25 में बढ़कर 6922 करोड़ रुपये हो गया है, जो 22 गुना वृद्धि दर्शाता है।
लंबित परियोजनाओं के कारण और समाधान:
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर मंत्री ने बताया कि रेलवे परियोजनाओं की प्रगति भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृतियों, राज्य सरकार की लागत भागीदारी, जनोपयोगी सेवाओं के स्थानांतरण, कानूनी और जलवायु परिस्थितियों जैसी कई बाधाओं पर निर्भर करती है। रेलवे मंत्रालय द्वारा परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने, बजट आवंटन बढ़ाने, निगरानी तेज करने और राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे रेलवे विकास की गति को तेज किया जा सके।
नई रेलगाड़ियों की मांग और जवाब:
श्री अग्रवाल ने रायपुर से जबलपुर, इंदौर, हैदराबाद और जयपुर के लिए नई रेलगाड़ियों की मांग की है। जिसपर रेल मंत्री ने बताया कि नई रेलगाड़ियों का संचालन यात्रियों की मांग, परिचालन व्यवहार्यता और नेटवर्क की जरूरतों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ से 08 नई गाड़ियों शुरू की गईं और 08 सेवाओं का विस्तार किया गया। रेलवे द्वारा यात्री आवश्यकताओं और परिचालन संभावनाओं को देखते हुए लगातार नई रेल सेवाओं की समीक्षा की जाती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर कहा, "छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मैं लगातार राज्य के विकास से जुड़ी हर परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहा हूं और आवश्यक सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करता रहूंगा। छत्तीसगढ़ के लोगों को जल्द ही और अधिक रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।"
रायपुर। महाकाल कॉरिडोर की तरह ऐतिहासिक महादेव घाट के शिव मंदिर और नदी का वह तट जो मंदिर के ठीक पीछे से रायपुरा पुल की ओर जाता है, इसी प्रकार मुक्तिधाम को छोड़ भाठागांव बायपास रोड की ओर जहां आजू-बाजू दुकानें हैं उस एरिया को भी व्यवस्थित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में नगर निगम के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं.
इसका दूसरा चरण सिंचाई और पर्यटन विभाग विकसित करेगा. पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत ने बताया कि इस कॉरिडोर की तैयारी लंबे समय से चल रही थी. महादेव घाट के महत्व को शासन ने माना और इसे एक नये पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में स्वीकृत देकर राशि जारी कर दी. इसके बाद विसर्जन कुंड से होते हुए टाटीबंध के आगे चंदनीडीह की ओर एक डबल लेन रोड का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस पर भी अगले महीने से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सर्वे करेगा. श्री मूणत ने बताया कि इस रोड के बनने से आधे से अधिक ट्रैफिक डायवर्ट हो जाएगा. लोगों का भिलाई-दुर्ग की ओर भाठागांव, रायपुरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आना-जाना आसान हो जाएगा. इस रोड बनने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सघन वृक्षारोपण जिसमें मौसमी फलों के वृक्ष लगाकर ऐसे फलों के व्यापार को आगे बढ़ाने का काम करेंगे.
चौक से शुरू हो जाएगी व्यवस्था
महादेव घाट प्रोजेक्ट का काम रायपुरा का चौक जहां से एक ओर पुल की ओर दूसरा रास्ता सीधे मंदिर में जाता है, इसी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते से शुरू होगा. इसके बाद ब्रम्हविद् स्कूल की ओर जाने वाली रोड का लगभग 50 से 100 मीटर हिस्सा भी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा.
मंदिर के आसपास दुकानें होंगी व्यवस्थित
इस प्रोजेक्ट के संबंध में अधिकारियों ने कहा कि महादेव घाट कॉरिडोर योजना में मंदिर के आसपास की दुकानों को भी व्यवस्थित किया जाएगा. हम इन दुकानों को वहां से हटाने के बजाय उनके लिए आकर्षक व्यवस्था करने की दिशा में काम करेंगे. इससे मंदिर का स्वरूप जो अभी दूर से नहीं दिखता, लोगों को रोड से स्पष्ट दिखाई देगा.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महान समाजसेविका एवं छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का संपूर्ण जीवन समाज में व्याप्त छुआछूत, गरीबी, अशिक्षा और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए समर्पित था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नारी शिक्षा और मजदूरों के कल्याण के लिए उनके प्रयास ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ न केवल आवाज उठाई, बल्कि उन्हें समाप्त करने के लिए संघर्ष भी किया। वंचितों, शोषितों और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनका योगदान अमूल्य है। श्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी, कर्मठ और प्रेरणादायी व्यक्तित्व सभी के लिए मार्गदर्शक है। उनके विचार और कार्य हमें समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
रायपुर। फर्जी सैक्स सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इतनी आसानी से निजात नहीं मिलने वाली है. स्पेशल मजिस्ट्रेट द्वारा उनके खिलाफ आरोप हटाने के आदेश पर सीबीआई ने रिवीजन फाइल की है, जिसकी सुनवाई 4 अप्रैल को होगी.
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने बुधवार को रायपुर जिला न्यायाधीश की कोर्ट में रिवीजन फाइल की है, जिसे न्यायाधीश ने सीबीआई की विशेष अदालत को भेज दिया है. मामले की अगली सुनवाई सीबीआई की स्पेशल ट्रायल कोर्ट में 4 अप्रैल को होगी.
रायपुर। 13 एवं 14 मार्च 2025 को शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय मास्टर लीग टी-20 मैच का सेमीफाइनल खेला जाना है. इस दौरान क्रिकेट मैच देखने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलो से आने वाले दर्शकों के सुगम आवागमन और खिलाड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात पुलिस रायपुर ने मार्ग एवं पार्किंग व्यवस्था निर्धारित किया है. शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटका तंबाखु, सुटकेश, लेडिज बैग, कागज का पैकेट स्टेडियम में प्रतिबंधित रहेगा.
जानिए यातायात व्यवस्था की रूट
रायपुर शहर से होकर क्रिकेट स्टेडियम जाने के लिए मार्ग:- रायपुर शहर से होकर क्रिकेट स्टेडियम जाने के लिए तेलीबांधा थाना तिराहा नेशनल हाइवे क्र-53 होकर सेरीखेड़ी ओव्हरब्रीज से नया रायपुर मार्ग होकर स्टेडियम तिराहा से सांई अस्पताल रोड होकर सांई अस्पताल पार्किंग व सेंध तालाब पार्किग में अपना वाहन पार्क कर स्टेडियम पैदल पहुंचेंगे।
बिलासपुर की ओर से स्टेडियम आने वाले दर्शको के लिए मार्ग व्यवस्था:- बिलासपुर की ओर से होकर क्रिकेट स्टेडियम आने वाले दर्शकगण बिलासपुर-रायपुर मार्ग से होकर धनेली नाला से रिंग रोड नम्बर-03 होकर विधानसभा चौक, राजू ढाबा रिंग रोड नंम्बर-03 जंक्शन होकर नेशनल हाइवे क्र-53 से मंदिर हसौद होकर नवागांव से स्टेडियम टर्निग होकर स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा पार्किंग एवं कोसा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर पैदल स्टेडियम पहुचेंगे।
बलौदाबाजार-खरोरा की ओर से स्टेडियम आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्थाः- बलौदा बाजार-खरोरा मार्ग से होकर स्टेडियम आने वाले दर्शक बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग में विधानसभा ओव्हरब्रीज चौक सेे रिंग रोड नम्बर-03 होकर विधानसभा चौक, राजू ढाबा रिंग रोड नंम्बर-03 जंक्शन होकर नेशनल हाइवे क्र-53 से मंदिर हसौद होकर नवागांव से स्टेडियम टर्निग होकर स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा पार्किंग एवं कोसा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर पैदल स्टेडियम पहुचेंगे।
जगदलपुर-धमतरी मार्ग से होकर आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्था:- धमतरी-जगदलपुर की ओर से आने वाले दर्शक अभनपुर से केन्द्री, उपरवारा, मंत्रायल चौक, कोटराभाठा, सेंध तालाब होकर सांई अस्पताल पार्किंग व सेंध तालाब पार्किग में अपना वाहन पार्क कर स्टेडियम पैदल पहुंचेगे।
दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्था:- दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वाले दर्शक टाटीबंध से रिंग रोड 01 होकर पचपेढ़ीनाका, तेलीबांधा थाना तिराहा नेशनल हाइवे क्र-53 होकर सेरीखेड़ी ओव्हरब्रीज से नया रायपुर मार्ग होकर स्टेडियम तिराहा से सांई अस्पताल रोड होकर सत्यसांई अस्पताल पार्किंग व सेंध तालाब पार्किग में अपना वाहन पार्क कर स्टेडियम पैदल पहुंचेंगे।
महासमुंद-सरायपाली की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्था:- महासमुंद सरायपाली की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए आरंग से सीधे स्टेडियम टर्निग होकर स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा पार्किंग एवं कोसा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर पैदल स्टेडियम पहुंचेंगे।
पासधारी वाहनों के लिए मार्ग एवं पार्किंग:- पासधारी वाहन जिन्हे पार्किंग पास A,B,C,D,R-1,R-2 जारी हुआ है वे सेरीखेड़ी ओव्हर ब्रीज होकर नया रायपुर प्रवेश मार्ग से स्टेडियम टर्निंग, डॉ खूबचंद बघेल चौक, कयाबांधा चौक (सेक्टर 15/21) कोटराभांठा चौक (सेक्टर-17/20) से ग्राम सेंध सेक्टर-04/10 होकर स्टेडियम पार्किंग A,B,C,D,R-1,R-2 में अपना वाहन पार्क कर सकेंगे।
मध्यम/भारी माल वाहनों का आवागमन प्रतिबंध:- दिनांक 13.03.2025 को सेमीफाइनल क्रिकेट मैच आयोजन के दौरान सुगम सुरक्षित यातायात व्यवस्था हेतु नया रायपुर के सभी प्रवेश मार्गो पर मध्यम/भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश अपरान्ह 03ः00 बजे से रात्रि 01ः00 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। असुविधा से बचने के लिए इस मार्ग स्थान पर वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग कर सकते है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ।
इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी।
इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या
इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं।
ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया।
समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला।
राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति
इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया।
वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में भारत माला परियोजना के क्रियान्वन में भ्रष्टाचार की जांच को ईओडब्ल्यू को सौंपने का फैसला किया है. वहीं युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना को शुरू किए जाने का फैसला लिए गया है. इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.
- राज्य में नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2023 के स्थान पर छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
- छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 विधानसभा के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
- छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
- छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
- मुख्यमंत्री ने 27 फरवरी को फिल्म ‘‘छावा‘‘ को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में फिल्म छावा के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति किए जाने का अनुमोदन किया गया।
- राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक योजना तैयार करने के लिए राज्य जल सूचना केन्द्र (SWIC) का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की सहमति प्रदान की गई।
स्टेट वाटर इंफॉर्मेशन सेंटर वर्षा, नदी और जलाशयों के स्तर, भूजल गुणवत्ता, गाद, नहरों में जल प्रवाह, फसल कवरेज, जलभृत मानचित्रण, भूमि और मिट्टी के डेटा सहित जल संसाधन संबंधी विभिन्न सूचनाओं का संग्रह, विश्लेषण और भंडारण करेगा।
SWIC, NWIC द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफार्म की सहायता से जल संसाधन प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे नीति निर्माण, रणनीतिक निर्णय, मॉडलिंग, विश्लेषणात्मक उपकरणों के विकास और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।
- राज्य के जल संसाधन विभाग के 09 बॉधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रूपए भारत सरकार के माध्यम से ऋण स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। इनमें मनियारी टैंक, घोंघा टैंक, दुधावा, किंकारी, सोंढूर, मूरूमसिल्ली (भाग-2), रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2), न्यूज रूद्री बैराज और पेण्ड्रावन टैंक शामिल हैं।
- राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउण्डेशन नई दिल्ली के सहयोग से सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं के लिए होगी। इस कार्यक्रम को सुफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले फेलो को आईआईएम रायपुर द्वारा एमबीए के डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर चयनित फेलो को दो वर्ष की कुछ अवधि में आईआईएम रायपुर में शैक्षणिक सत्र में शामिल होना होगा तथा शेष अवधि में जिला/विभाग में राज्य की योजनाओं एवं कार्यक्रम हेतु कार्य करके जिला/विभाग को सहयोग प्रदान करना होगा। इस कार्यक्रम में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा साथ ही फेलो को प्रति माह स्टाईपेंड भी प्रदान किया जाएगा।
- छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच ईओडब्ल्यू के माध्यम से जांच कराने का निर्णय लिया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी उपस्थित थे।
तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीय
मुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं।
एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचान
तमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं।
इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ चेरन, कालिया पेरूमल, समीनाथन, सेनगुटटुवन, सुगुमारन, बालाजी, सीतारामन, सबरी नाथन, जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।
रायपुर। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन को भुलाकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में यह बात कही।
रंगों के बीच पत्रकारों संग झूमे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय का रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने अनूठे अंदाज में भिंडी की माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा है। हर साल इस होली उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलता है। मैं रायपुर प्रेस क्लब परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हर्ष और उल्लास से भरा यह पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही मेरी मंगलकामना है।
मुख्यमंत्री ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकार
रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह में रंगों और उमंग का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में मौजूद पत्रकारों और गणमान्यजनों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया और पूरे माहौल में उल्लास की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकारों के साथ फाग गीतों और होली की मस्ती में झूमते नजर आए। होली के इस रंगीन माहौल में संगीत, उत्सव और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला।
पत्रकारों के लिए बड़ी सौगात, प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ का बजट प्रावधान
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर प्रेस क्लब की परंपरा को सराहते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। रायपुर प्रेस क्लब को राजधानी की गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे इसके भवन का रिनोवेशन और विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट की भी मांग उठी थी, जिसे पूरा करते हुए 1 करोड़ रुपये का अलग से बजट प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ पत्रकारों के कल्याण की चिंता करते हुए कहा कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में जनसेवा करने वाले साथियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने सम्मान निधि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे लगता है कि यह होली केवल रंगों और फाग की मस्ती का पर्व नहीं, बल्कि पत्रकार मित्रों के लिए भी बड़ी सौगात लेकर आई है।
महिला पत्रकारों के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों का सम्मान किया और उनके संघर्ष व उपलब्धियों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारिता में चुनौतियाँ बहुत हैं, लेकिन उनके हौसले और संकल्प भी उतने ही ऊँचे हैं।
लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में पत्रकारों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं, जिनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उनके लिए इस तरह के सांस्कृतिक और मिलन समारोह जरूरी हैं, जिससे कार्य के दबाव से अलग हटकर परस्पर सौहार्द को बढ़ावा मिले।
रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक अनुज शर्मा, विधायक सुनील सोनी, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, अमित चिमनानी, अनुराग अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारीगण कार्यक्रम में शामिल हुए। रायपुर प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर सहित प्रेस क्लब के सदस्यगण उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के दिशानिर्देश पर होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए अम्बेडकर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया है।
होली के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति के संभावित मामलों को देखते हुए आपात चिकित्सा सेवाओं को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। होली के दिन 14 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) बंद रहेगा, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं पूर्ववत 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
आपात चिकित्सा सेवाओं को लेकर विशेष प्रबंध
आपातकालीन वार्डों में जीवन रक्षक दवाओं और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता दी जा सके। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए ट्रॉमा और इमरजेंसी यूनिट को विशेष रूप से सशक्त किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था भी होगी चाक-चौबंद
अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड और बंदूकधारी गार्ड तैनात किए गए हैं। सिक्योरिटी सुपरवाइजर को विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा स्टाफ को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस से समन्वय किया गया है।
डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध
गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए डीकेएस अस्पताल स्थित सुपर स्पेश्यलिटी विभाग में भेजने की प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए अम्बेडकर अस्पताल से डीकेएस अस्पताल तक एम्बुलेंस सेवा 24 घंटे सक्रिय रहेगी। अस्पताल प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि होली का त्योहार सावधानीपूर्वक मनाएं और किसी भी आकस्मिक चिकित्सा स्थिति में घबराए बिना अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठाएं।
रायपुर। विधानसभा परिसर में आज होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित तमाम विधायकों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। आयोजन का पूरा माहौल होली के उल्लास में सराबोर रहा। मंत्रियों और विधायकों ने पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर विधानसभा सदस्य झूमते नजर आए।
मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसर
होली मिलन समारोह में लोक परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। मंत्री-विधायकों द्वारा गाए गए फाग गीतों से विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखी।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख मुरली बजाए, छोटे से श्याम कन्हैया गीत की मधुर प्रस्तुति दी। विधायक अनुज शर्मा ने का तैं मोला मोहिनी डाल दिये रे और रंग बरसे गीत गाकर समां बांध दिया। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने फागुन मस्त महीना और चना के डार राजा गीत गुनगुनाया। विधायक दिलीप लहरिया ने नदिया के पार म, कदली कछार म गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक रामकुमार यादव और चातुरी नंद ने भी फाग गीतों से समां बांधा।
डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया रंग
लोकप्रिय कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य और होली की रंगीन कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा राकेश तिवारी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. सुरेंद्र दुबे, राकेश तिवारी व उनकी टीम को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक अजय चंद्राकर, धर्मलाल कौशिक, पुरंदर मिश्रा, धर्मजीत सिंह, मोतीलाल साहू, सुशांत शुक्ला, संदीप साहू, गुरु खुशवंत साहेब, भैयालाल राजवाड़े, ईश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, रिकेश सेन, रामकुमार यादव, भावना बोहरा, योगेश्वर राजू सिन्हा, अटल श्रीवास्तव, ललित चंद्राकर सहित विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 9820 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8245 करोड़ रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।
लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से सबल और सशक्त बनाये जाने हेतुु विगत वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 5500 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना को और अधिक जनहितकारी व हितग्राहीमूलक बनाये जाने हेतु ई.के.वाय.सी. के लिए राशि रूपये 4 करोड़ 90 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण व उनके बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन के लिए बजट में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रचलित कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ 11 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं विशेष अभियान हेतु प्रस्तावित बजट में 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित विभागीय भवनों के मरम्मत व विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है, जिसमें स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए राशि रूपये 2 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान शामिल किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में आंगनबाड़ी सेवायें-सामान्य अन्तर्गत 700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘’पीएमजनमन’’ योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 80 बसाहटों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित की जा रही है। इस योजना हेतु बजट में 11 करोड़ 40 लाख रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दिये जाने वाले मानदेय एवं अन्य हितलाभ के लिए 500 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही इस बजट की थीम “गति“ अंतर्गत टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं अन्य भुगतान हेतु “सम्मान सुविधा प्रणाली“ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से केन्द्रीकृत रूप से डिजीटल प्रणाली का उपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा है। केन्द्र व राज्य सरकार की निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस हेतु 6740 आंगनबाड़ी केन्द्र के उन्नयन का लक्ष्य रखा है। शहरी क्षेत्र में 150 आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 18 करोड़ रूपए और ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी केन्द्रों में 2000 भवन निर्माण हेतु विभागीय अंशदान की राशि रूपये 40 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
किशोरी बालिकाओं की महवारी स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन की वेंडिंग मशीन एवं भस्मक मशीन की स्थापना कराये जाने हेतु 13 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। ‘पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में पोषण अभियान के संचालन हेतु राशि 125 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट में 8000 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए 40 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का लाभ अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाने हेतु बजट में छत्तीसगढ़ महिला कोष हेतु राशि रू. 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना संचालन के लिए 5 करोड़ 3 हजार का बजट प्रावधान किया गया है। 6 नये जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति हुईं है, जिसके लिए 20 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।
केन्द्र सरकार द्वारा लागू मिशन शक्ति की सामर्थ्य घटक अंतर्गत राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय महिला सशक्तिरण केन्द्र एवं जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 11 करोड़ 58 लाख 2 हजार का बजट प्रावधान रखा गया है। शक्ति सदन योजना के संचालन के लिए 3 करोड़ 39 लाख 50 हजार का बजट प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार के बजट की थीम “गति“ अंतर्गत अधोसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए मिशन वात्सल्य योजना अन्तर्गत पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु राशि 11 करोड़ 82 लाख 17 हजार का प्रावधान किया गया है जिसमें दो वात्सल्य भवन, 16 बालक कल्याण भवन, 19 किशोर न्याय बोर्ड हेतु भवन एवं 3 बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 करोड़ रूपए से अधिक, महिला जागृति शिविर एवं दिशा दर्शन भ्रमण मद में 5 करोड़ रूपये, मिशन वात्सल्य योजना संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए से अधिक तथा गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए 3 करोड़ 10 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के लिए 4 करोड़ 85 लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
समाज कल्याण विभाग
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज समाज कल्याण विभाग के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माना कैम्प में दिव्यांगजनों के लिए अत्याधुनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर नगर में संचालित विशेष विद्यालय का उन्नयन करते हुए, उच्चतर माध्यमिक स्तर तक किया जा रहा है। इस हेतु राशि रूपये 2 करोड़ 50 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। इस प्रकार दिव्यांगजनों के शिक्षण प्रशिक्षण के लिए 38 करोड़ 89 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। जो विभाग के कुल बजट का 2.47 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि विभाग दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के अधिकार के प्रति सजग है।
दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र माना में स्थापित है, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु अत्याधुनिक मशीनों के लिए 5 करोड़ रूपये का नवीन मद में प्रावधान किया गया है।
जिला स्तर पर दिव्यांग व्यक्तियों को मार्गदर्शन, उपचार, संसाधन एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 4 करोड़ 15 लाख रूपये, 12 घरौंदा आश्रय गृह के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। विभागीय मानव संसाधन की क्षमता विकसित करने हेतु राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र हेतु राशि रूपये 01 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। पेंशन योजनाओं के लिए 1395 करोड़ रूपए से अधिक तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है।
मुख्यमंत्री तीर्थ योजना अन्तर्गत वृद्धजनों के साथ अब विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को हितग्राही के रूप में शामिल किया गया है, जिसके लिए बजट में 15 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना अन्तर्गत 4 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। राज्य में नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत् भारत माता वाहिनी का गठन किया गया है, इस प्रयोजन के लिए 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
रायपुर। बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक लता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे।
बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो
बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। "बस्तर पंडुम" गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।
नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन
‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण
बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।
जशपुर। भारतीय जनता पार्टी ने जशपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में जीत हासिल की है. दोनों ही पद के भाजपा अधिकृत उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है.
भाजपा अधिकृत उम्मीदवार सालिक साय ने अध्यक्ष पद पर निर्विरोधित जीत दर्ज की. वहीं शौर्य प्रताप सिंह को भी उपाध्यक्ष पद के चुनाव में जीत मिली है. जीत के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ में तीन जिला पंचायतों को छोड़कर बाकी सभी जगह जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हो चुका है. अभी रायपुर, जशपुर और सुकमा में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव बाकी है. यहां चुनाव की तारीखों में फिर से बदलाव किया गया है. पहले यह चुनाव आज (12 मार्च) होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे संशोधित कर दिया गया है. अब यह चुनाव 20 मार्च को होगा. जिला प्रशासन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है. 12 जिलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का सीट अनारक्षित था, जिसमें से 9 जिलों में ओबीसी अध्यक्ष और 8 जिलों में ओबीसी उपाध्यक्ष चुने गए हैं.
रायपुर। रायपुर जिला पंचायत चुनाव की तारीख बार-बार बढ़ाए जाने के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस के संयुक्त महासचिव विनोद तिवारी ने बताया कि 23 फरवरी को तीसरे चरण का चुनाव संपन्न होने के बाद 5 मार्च को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा की गई थी। हालांकि, प्रशासन ने 3 मार्च को चुनाव की तारीख बदलकर 12 मार्च कर दी। इसके बाद, आज 12 मार्च को चुनाव को फिर स्थगित कर 20 मार्च की नई तारीख घोषित कर दी गई।
चुनाव स्थगित किए जाने की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और जमीन पर बैठकर घंटों विरोध प्रदर्शन किया।
एडीएम रायपुर ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान एडीएम रायपुर ने कांग्रेस नेताओं से चर्चा कर उन्हें आगामी चुनाव तिथि से अवगत कराया और समय पर चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
विनोद तिवारी ने भाजपा पर लगाया आरोप:
विनोद तिवारी ने भाजपा पर चुनाव में धांधली की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा के पास जिला पंचायत में बहुमत नहीं है, इसलिए वे बार-बार चुनाव की तारीख बढ़ा रहे हैं ताकि किसी तरह जोड़-तोड़ कर अपना अध्यक्ष बना सकें। लेकिन कांग्रेस के पास बहुमत है, इसलिए भाजपा घबराई हुई है।
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर गृह मंत्रालय से सवाल किया। उन्होंने जानना चाहा कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत राज्य में क्या पहल की गई, कितनी राशि आवंटित और उपयोग की गई, तथा अग्निशमन अवसंरचना की कमियों और उनके समाधान के लिए सरकार की क्या योजना है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देते हुए बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को 147.745 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 33.24 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ में निर्धारित लक्ष्य
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में—
- 12 नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना
- आधुनिक अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर टेंडर, हाई एक्सपेंशन फोम जनरेटर, सेमी-ऑटोमेटिक डिफाइब्रिलेटर, स्मोक एक्सट्रैक्टर आदि की खरीद
- अग्निशमन कर्मियों का क्षमता निर्माण प्रशिक्षण
- राज्य के अग्निशमन सेवा मुख्यालय को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।
देश में अग्निशमन सेवाओं की स्थिति गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार—
- देश में अग्निशमन केंद्रों की 97.54% कमी है।
- 80.04% अग्निशमन एवं बचाव वाहन की कमी है।
- 96.28% अग्निशमन कर्मियों की आवश्यकता बनी हुई है।
योजना की निगरानी और क्रियान्वयन
गृह मंत्रालय के अनुसार, अग्निशमन सेवाएं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, लेकिन केंद्र सरकार सलाहकार भूमिका निभा रही है। राज्यों को अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 2026 तक लक्ष्य पूरे करने होंगे। इसके लिए महानिदेशक (एफएस, सीडी और एचजी) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य में अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है, ताकि आपातकालीन स्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और राज्य को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर घाटी नेशनल पार्क को यूनेस्को ने 2025 की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की तदर्थ (टेंटेटिव) सूची में शामिल कर लिया है। यह प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि पहली बार किसी स्थल को इस सूची में स्थान मिला है। अब छत्तीसगढ़ सरकार को एक साल के भीतर पूरी तथ्यात्मक जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना दावा पेश करना होगा, ताकि इसे पूर्ण रूप से वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिल सके।
पहली बार छत्तीसगढ़ की किसी साइट को यह सम्मान
कांगेर घाटी नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ जीव-जंतुओं के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र 200 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां की भौगोलिक संरचना, गुफाएं, वनस्पतियां, दुर्लभ पक्षी एवं जनजातीय संस्कृति इसे अनोखा बनाती हैं। वर्ल्ड हेरिटेज साइट के लिए भेजा गया प्रस्ताव यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
यूनेस्को की सूची में शामिल होने की प्रक्रिया
यूनेस्को किसी स्थल को तीन श्रेणियों में वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा देता है—
प्राकृतिक धरोहर (Natural Heritage)
सांस्कृतिक धरोहर (Cultural Heritage)
मिश्रित धरोहर (Mixed Heritage)
कैसे हुआ चयन?
करीब दो साल पहले कांगेर घाटी नेशनल पार्क के तत्कालीन डायरेक्टर गणवीर धम्मशील ने इस दिशा में काम शुरू किया था। उन्होंने पुरातत्व विभाग और अन्य विशेषज्ञों की मदद से करीब एक साल तक शोध किया और यूनेस्को को प्रस्ताव भेजा। इसके बाद यूनेस्को ने इसे प्राथमिक सूची में शामिल कर लिया है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की विशेषताएँ
अद्वितीय जैव विविधता: यहां दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनमें विशेष रूप से पहाड़ी मैना शामिल है, जो इंसानों की तरह बोलने की क्षमता रखती है।
प्राकृतिक गुफाएं: इस उद्यान में कोटमसर गुफा समेत 16 लाइमस्टोन (चूना पत्थर) की गुफाएं हैं, जो लाखों साल पुरानी हैं। खास बात यह है कि ये गुफाएं अभी भी “जिंदा” हैं यानी इनमें प्राकृतिक रूप से चूना पत्थर की संरचनाओं का निर्माण जारी है।
अंधी मछलियां और दुर्लभ जीव: इन गुफाओं में रहने वाले कुछ जीव-जंतु जैसे अंधी मछलियां और विशेष प्रकार के चमगादड़ वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
धुरवा जनजाति का योगदान: इस क्षेत्र में रहने वाली धुरवा जनजाति हजारों साल पुरानी परंपराओं और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है। ये जनजातियां जंगल के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगे की प्रक्रिया
अब छत्तीसगढ़ सरकार को एक साल के भीतर वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा पाने के लिए पूरी रिपोर्ट और प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो कांगेर घाटी नेशनल पार्क न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में स्थापित होगा और यह पर्यटन व संरक्षण की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए यह गौरव का क्षण है, क्योंकि पहली बार प्रदेश की कोई प्राकृतिक धरोहर यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने प्रीलिम्स 2024 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, आबकारी सब इंस्पेक्टर समेत 17 सेवाओं के 246 पदों पर भर्ती की जाएगी। परीक्षा 9 फरवरी 2025 को दो पालियों में आयोजित हुई थी। जारी परिणाम के अनुसार, कुल 3737 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए क्वालीफाई किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर या नीचे दी गई इमेज पर क्लिक कर देख सकते हैं।
बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में 246 पदों में से सर्वाधिक 90 पद आबकारी सब इंस्पेक्टर के हैं। वहीं, डिप्टी कलेक्टर के 7 और डीएसपी के 21 पद शामिल हैं। पिछले साल डीएसपी का कोई पद नहीं था, लेकिन इस बार आयोग ने 21 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली है।
रिजल्ट देखने के लिए नीचे दी गई इमेज पर क्लिक करें
मेंस परीक्षा की तिथि घोषित
प्रीलिम्स परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा (मेंस) में शामिल होंगे। आयोग ने मेंस परीक्षा की तिथि 26, 27, 28 और 29 जून 2025 निर्धारित की है। चयनित उम्मीदवारों को मेंस परीक्षा के लिए अलग से आवेदन करना होगा, जिसके संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी होगी।