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वीर सैनिक रणजीत सिंह कश्यप का शव रायपुर पहुंचा
रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सब एरिया की ओर से बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन (स्वर्गीय) रणजीत सिंह कश्यप को उनकी सर्वोच्च शहादत के लिए पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य कार्यक्रम रायपुर हवाई अड्डे पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बल, सैनिक परिवार और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। वीर सैनिक रणजीत सिंह कश्यप ने 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल सबल लेइकेई में एक घात लगाए गए हमले के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। वह इम्फाल घाटी में बाढ़ राहत अभियान से अपने सहकर्मियों के साथ लौट रहे थे, तभी उनके काफिले पर अज्ञात उग्रवादियों ने हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, रणजीत सिंह ने अपने साहस और निस्वार्थ समर्पण की परंपरा का पालन करते हुए राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया।
घटनास्थल पर हुए हमले में 33 एआर वाहन पर हमला किया गया था। राइफलमैन कश्यप अपने सहकर्मियों के साथ चिकित्सा राहत शिविर से लौट रहे थे, ताकि नागरिकों की सहायता सुनिश्चित की जा सके। इस घातक हमले में उनके साथ अन्य कर्मियों ने भी अपनी जान की आहूति देने का जोखिम उठाया, लेकिन रणजीत सिंह का साहस और बलिदान सबसे अद्वितीय साबित हुआ। रायपुर हवाई अड्डे पर आयोजित समारोह में उनके वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें फूलों की वर्षा और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने कहा कि रणजीत सिंह ने जिस प्रकार अपने जीवन को मातृभूमि और नागरिकों की सेवा में समर्पित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। सैनिकों के परिवारों के प्रति सभी उपस्थित लोगों ने गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट किया।
उनका कहना था कि रणजीत सिंह जैसे वीर सैनिकों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा हमारे राष्ट्र की रक्षा और समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगी। इस अवसर पर उपस्थित सैनिक अधिकारियों ने कहा कि रणजीत सिंह का बलिदान यह संदेश देता है कि देश और समाज की सेवा में साहस, निस्वार्थता और कर्तव्यनिष्ठा सर्वोच्च मूल्य हैं। उनके शौर्य और वीरता की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती रहेंगी। राइफलमैन रणजीत सिंह कश्यप की वीरता ने न केवल इम्फाल घाटी में तैनात सुरक्षा बलों की कार्यशैली को प्रेरित किया, बल्कि पूरे देश में उनके बलिदान की सराहना हुई। उनके साहस और समर्पण ने यह प्रमाणित किया कि हमारे सैनिक किसी भी चुनौती के सामने अडिग और निडर रहते हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सब एरिया ने उनके परिवार और सहकर्मियों को इस वीर शहीद की अमर स्मृति के रूप में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों और नागरिकों ने कहा कि रणजीत सिंह कश्यप का नाम हमेशा वीरता और देशभक्ति का प्रतीक बना रहेगा।
मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी 2.0 को सराहा, कहा- आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर/रायगढ़। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवरात्रि की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जीएसटी 2.0 सुधारों की जोरदार तारीफ की। उन्होंने इसे ऐतिहासिक रिफॉर्म बताया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह सुधार न केवल अर्थव्यवस्था को गति देंगे, बल्कि रोजगार सृजन और बचत क्षमता में भी वृद्धि करेंगे। सोमवार से लागू हो रहे इन बदलावों से 300 से अधिक वस्तुओं पर टैक्स में कमी होगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
ओ.पी. चौधरी ने कहा, "सोमवार से जीएसटी का मुहूर्त है। पीएम मोदी ने बड़े रिफॉर्म करते हुए कल की तारीख से देश की जनता को बड़ी राहत देने का काम किया है। 300 से अधिक सामानों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका लाभ जनता को मिलेगा। रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे साबुन, टूथपेस्ट, एसी और टीवी पर राहत मिलेगी। किसान भाइयों के लिए ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों में भी छूट दी गई है।" उन्होंने बताया कि इकोनॉमी को बूस्ट देने और लेबर इंटेंसिव रोजगार के लिए यह रिफॉर्म लाया गया है। "इससे आम जनता को लाभ होगा। परचेजिंग पावर बढ़ेगी, लोगों की बचत कैपेसिटी बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। हर व्यक्ति के परिवार को हर साल बचत होगी।"इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी 2.0 को 'बचत उत्सव' का नाम दिया।
उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से लागू हो रहे इन सुधारों से देशवासियों को 2.5 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। अब केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो स्लैब रहेंगे, जिससे घी, पनीर, बटर, नमकीन, जैम, आइसक्रीम जैसी दैनिक वस्तुएं सस्ती होंगी। एफएमसीजी कंपनियों जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और नेस्ले ने पहले ही मूल्य में कटौती की घोषणा कर दी है।
चौधरी ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर सहमति जताते हुए कहा कि इसे जीएसटी महोत्सव के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया। त्योहारों के मौसम में सबका मुंह मीठा होगा।" उन्होंने एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को सरलीकृत अनुपालन का लाभ मिलने की बात कही।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खेल संघ के पदाधिकारियों की ली बैठक
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न खेल संघों को भी इसमें जोड़ा गया है। रविवार को सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी रायपुर में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर महोत्सव को जनभागीदारी से सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता भर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संगठन क्षमता का उत्सव है। चाहे कोई खेल इस महोत्सव का हिस्सा हो या नहीं, सभी संघों का दायित्व है कि इस आयोजन को मिलकर सफल और ऐतिहासिक बनाएं।"
उन्होंने जानकारी दी कि सांसद खेल महोत्सव का आयोजन रायपुर जिले एवं बलौदा बाजार जिले की सभी विकासखंडों में ग्राम पंचायत और स्कूल स्तर से प्रारंभ होगा। प्रतियोगिताएं 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष दोनों श्रेणियों में होंगी। फाइनल मुकाबले नवंबर के अंतिम सप्ताह में राजधानी रायपुर में लोकसभा स्तर पर खेले जाएंगे। इस अवसर पर सांसद अग्रवाल ने बताया कि फाइनल समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को आमंत्रित किया गया है।
बैठक में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ के संरक्षक जी.एस. बामरा, टेनिस संघ महासचिव गुरुचरण सिंह होरा, पूर्व विधायक एवं टेबल टेनिस संघ के कुलदीप जुनेजा, शरद शुक्ला, तीरंदाजी संघ के कैलाश मुरारका, रायपुर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्याम नारंग, भारोत्तोलन, रस्साकूद, रस्साकसी, वॉलीबॉल, स्विमिंग, स्क्वैश, ट्रायथलॉन, बास्केटबॉल, हॉकी, योगासन, शतरंज, नेटबॉल सहित अनेक खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साथ ही भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, माय भारत के उप निदेशक अर्पित तिवारी, जिला खेल अधिकारी एवं विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए और महोत्सव को सफल बनाने का संकल्प लिया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने GST 2.0 रिफॉर्म्स का किया स्वागत, कहा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगी राहत
रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार 22 सितंबर से लागू होने वाले GST 2.0 रिफॉर्म्स का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और जनता-हितैषी निर्णयों का परिणाम है। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 140 करोड़ जनता को तोहफा दिया है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर से बोझ कम करेगा।
उन्होंने कहा कि नई दरों से दूध एवं डेयरी उत्पाद, नमकीन, मिठाई, सूखे मेवे, साबुन, टूथपेस्ट, कपड़े, जूते-चप्पल, घरेलू सामान, दवाइयां, बच्चों की किताबें, नोटबुक और पेंसिल जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएँ अब और भी सस्ती होंगी। इसके साथ ही मोटर साइकिल, कार और किसानों के लिए ट्रैक्टर पर भी कीमतों में राहत मिलेगी।
सांसद बृजमोहन ने आगे कहा कि इससे हर घर के खर्च में कमी आएगी और बची हुई राशि परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी। इसके साथ ही व्यापार में भी बढ़ोत्तरी होगी, यह सुधार देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाने वाला साबित होगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक सुधार का स्वागत करें और नए भारत के निर्माण में योगदान दें।
जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन “ओलेख” का लोकार्पण किया।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्री अटल ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है।
कार्यक्रम को वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं।
आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार : नन्ही बच्ची भूमिका बघेल को दुलारते हुए खिलाया महुआ लड्डू
रायपुर। धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।
जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।"
यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।
मुख्यमंत्री ने किया माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण: एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से बना सामाजिक भवन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड में एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से निर्मित माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय का पारंपरिक मोहरी बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया। माहरा समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री श्री साय को पारंपरिक माहरा पाटा पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने फीता काटकर भवन का विधिवत उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक क्षण में आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदलपुर की स्थापना जगतू माहरा तथा धरमपुरा की स्थापना धरमू माहरा द्वारा की गई थी। उन्होंने भूमकाल जैसे आंदोलनों में समाज की सक्रिय भूमिका और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष को विशेष रूप से रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से माहरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य लक्ष्य गरीबों का कल्याण और किसानों का आर्थिक विकास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है। किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदा जा रहा है, जिसके लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लिए तेजी से कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जनहितकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियद नेल्लानार योजना दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो रही है।
कार्यक्रम में माहरा समाज के संभाग अध्यक्ष राजू बघेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। शांति नाग ने प्रतिवेदन का वाचन किया तथा समाज के संरक्षक बिच्चेम पोंदी ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पांडे, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक महेश गागड़ा, लच्छूराम कश्यप, बैदूराम कश्यप, सुभाऊ कश्यप, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, माहरा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
इंद्रावती नदी में स्वयं नाव चलाकर गाँव पहुँचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच और परामर्श
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रदेशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के तहत बीजापुर जिला के नक्सल ग्रस्त अबूझमाड़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। इस अभियान के अंतर्गत 20 सितम्बर को स्वास्थ्य दल इंद्रावती नदी को नाव से पार कर कोंडे ग्राम पहुँचा और वहाँ एक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।
शिविर में कुल 132 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 14 मलेरिया, 26 सर्दी-खांसी और 25 त्वचा सम्बन्धी रोगों के मरीज शामिल थे। खासतौर पर 10 गर्भवती माताओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, आवश्यक टीकाकरण और परामर्श प्रदान किया गया। इन माताओं को प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व के विषय में जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए, उफनती इंद्रावती नदी को पार करने के लिए स्वास्थ्य दल ने स्वयं नाव चलाकर दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाईं। इस प्रयास से कोंडे जैसे दूरदराज गाँव में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुंच सकीं।
इस अभियान में ग्रामीण चिकित्सा सहायक शिवेंद्र रात्रे, BETO के. पी. विर्वंश, स्वास्थ्य कार्यकर्ता राजू पुगंटी, अरुण पागे, अतुल कुशवाहा और वार्ड ब्वाय सुखराम गोटा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रदेश सरकार का यह प्रयास “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है” के सिद्धांत को साकार करता है। इस अभियान के जरिए सरकार का उद्देश्य हर नारी तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने और उन्हें बेहतर जीवनशैली की जानकारी प्रदान करना है।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का खाका तैयार, कमेटी की पहली बैठक में अलग-अलग राज्यों की कमिश्नरी प्रणाली की हुई समीक्षा
रायपुर। राजधानी रायपुर में लंबे समय से मांग की जा रही पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रविवार को इस विषय पर गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीजी प्रदीप गुप्ता ने की। बैठक में रायपुर में नवंबर 2025 से कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की संभावना पर चर्चा हुई।
अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन
बैठक में महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, ओडिशा, राजस्थान और मध्यप्रदेश में लागू कमिश्नरी प्रणाली का अध्ययन किया गया। समिति ने इन राज्यों के पुलिस एक्ट, कमिश्नर को दिए गए अधिकार, प्रशासनिक ढांचे और लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति की समीक्षा की। उद्देश्य यह है कि रायपुर में ऐसा मॉडल तैयार किया जाए, जो स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कारगर और प्रभावी हो।
पुलिस कमिश्नरेट का खाका तैयार
एडीजी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि समिति जल्द ही रायपुर के लिए पुलिस कमिश्नरेट का विस्तृत खाका तैयार करेगी। इसमें कमिश्नर ऑफ पुलिस, जोनल डीसीपी, एसीपी और स्पेशल ब्रांच जैसी नई इकाइयों की संरचना, अधिकार क्षेत्र और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में रहे वरिष्ठ अफसर मौजूद
बैठक में आईजी अजय यादव, ध्रुव गुप्ता, डीआईजी अभिषेक मीणा, संतोष सिंह और एसपी प्रभात समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नई प्रणाली लागू होने के बाद ट्रैफिक प्रबंधन, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और अन्य गंभीर अपराधों की जांच तेजी से हो सकेगी।
डिप्टी सीएम का बयान
बैठक को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा –
“नई कमिश्नर प्रणाली को लेकर पहली बैठक हुई है। रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए यह जरूरी है। आने वाले वक्त में पुलिस को पर्याप्त निर्णय लेने की ताकत मिलेगी, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।”
क्यों जरूरी है कमिश्नरी सिस्टम
रायपुर जैसे बड़े शहरों में बढ़ती आबादी और जटिल होती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कमिश्नरी सिस्टम को कारगर माना जाता है। इस प्रणाली के तहत पुलिस को अधिक प्रशासनिक और कार्यकारी अधिकार मिलते हैं, जिससे अपराध पर तुरंत कार्रवाई और बेहतर समन्वय संभव हो पाता है।समिति अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और शासन को सौंपेगी। उम्मीद है कि नवंबर तक सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दी जाएगी। इससे शहर में पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में कोयला और शराब घोटाले पर ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, रायपुर और जांजगीर-चांपा में दबिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़े घोटालों की जांच लगातार तेज हो रही है। रविवार को कोयला घोटाला और शराब घोटाला दोनों मामलों में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा और राजधानी रायपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।
अकलतरा में कोयला व्यापारी के घर दबिश
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा के अकलतरा में कोयला व्यापारी जयचंद कोसले के घर पर 12 सदस्यीय टीम ने दबिश दी। टीम ने अंबेडकर चौक स्थित घर में घंटों तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, जयचंद कोसले के पिता खनिज विभाग में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ हैं। जयचंद कोसले का नाम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया के करीबी के रूप में सामने आया है।
टीम ने केवल अकलतरा ही नहीं, बल्कि जयचंद कोसले के रायपुर स्थित सेजबहार के अविनाश स्मार्ट सिटी स्थित आवास पर भी छापा मारा। दो गाड़ियों में पहुंचे अफसरों ने घर की तलाशी लेकर दस्तावेज जब्त किए।
रायपुर में शराब कारोबारी के घर छापा
शराब घोटाले के मामले में भी ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी रही। रायपुर की शिव विहार कॉलोनी स्थित शराब कारोबारी अवधेश यादव के दो ठिकानों पर छापा मारा गया। टीम ने घर और दफ्तर से कई दस्तावेज खंगाले।
रिटायर्ड IAS पहले से रिमांड पर
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही शराब घोटाले के मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने रिटायर्ड IAS और पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि निरंजन दास ने अपने कार्यकाल में कथित रूप से घोटाले का सिंडिकेट चलाने में अहम भूमिका निभाई थी। बताया जाता है कि इस सिंडिकेट से उन्हें हर महीने 50 लाख रुपए की अवैध कमाई होती थी।
निरंजन दास को शुक्रवार को रायपुर की एसीबी-ईओडब्ल्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 25 सितंबर तक रिमांड पर भेजा गया है।
सिंडिकेट की पूरी साजिश
ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, निरंजन दास ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा, तत्कालीन विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर समेत कई लोगों के साथ मिलकर शराब घोटाले का सिंडिकेट तैयार किया था। इस गिरोह पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी शराब दुकानों में कमीशन तय करने, डिस्टलरियों से अतिरिक्त शराब बनवाने, विदेशी ब्रांड की अवैध सप्लाई कराने और नकली होलोग्राम के जरिए शराब बेचने जैसी गतिविधियों से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया।
जांच और तेज
ACB-EOW का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई हो सकती है। कई अन्य व्यापारियों, अधिकारियों और राजनेताओं के नाम जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस जांच का मकसद पूरे नेटवर्क को उजागर करना है, जिससे राज्य को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक बदली-बारिश का दौर, 10 जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी जरूर हुई है, लेकिन अगले चार दिनों तक बादल गरजने, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।
गरियाबंद में अफरा-तफरी
शनिवार को गरियाबंद जिले में अचानक मौसम ने करवट बदली। दोपहर 2 से 4 बजे के बीच रुक-रुककर मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं से लोग बचाव के लिए भागते नजर आए। कई जगहों पर बिजली गुल हो गई। पुलिसकर्मी भी तेज आंधी से बचने के लिए इधर-उधर दौड़ते दिखे।
कबीरधाम में बिजली गिरने से मौत
कबीरधाम जिले के बासिनझोरी गांव में बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हुआ। लोहारा थाना क्षेत्र में खेत में काम कर रहे नुमेश्वर साहू (15) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बारिश पर ब्रेक से बढ़ी उमस
राजधानी रायपुर में शनिवार को ज्यादातर समय धूप खिली रही। इसके कारण गर्मी और उमस ने लोगों को खूब परेशान किया। शाम को हल्की फुहारों से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज भी धूप और उमस के बीच रुक-रुककर हल्की बारिश हो सकती है।
जिलावार बारिश का आंकड़ा
प्रदेश में अब तक औसतन 1061.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बलरामपुर: सबसे ज्यादा 1472.9 मिमी (सामान्य से 55% अधिक)
बेमेतरा: सबसे कम 491.6 मिमी (सामान्य से 51% कम)
बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़: लगभग सामान्य बारिश.
विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। खेतों में काम करने वाले किसानों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली गिरने के दौरान पेड़ों और ऊंचे खंभों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
GST 2.0 जनता के लिए बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। 22 सितंबर से लागू हो रहे प्रदेश में जीएसटी 2.0 को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इसका सब जगह असर दिखेगा. जीएसटी के जो 4 स्लैब थे, उसको घटकर के 2 किया गया है. अब केवल 5 और 18 प्रतिशत का स्लैब है. पहले जो 28 प्रतिशत था, वह घटकर 18 हो गया है. इस तरह से 10 प्रतिशत की कटौती है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में जीएसटी रिफार्म को लेकर कहा कि इससे उद्योग-व्यापार में लाभ होगा, और हमारे अन्नदाता किसान भाइयों को भी बहुत लाभ होगा. कृषि उपकरण, कीटनाशक की कीमत काफी कम होगी, जिससे कृषि की लागत भी कम होगी, और किसानों को फायदा होगा.
वहीं भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज भी दिलचस्प मुकाबला होगा. आज इंडिया जीतेगी. इस दौरान बस्तर प्रवास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो समाज के कार्यक्रम हैं. सामाजिक भवन का उद्घाटन है.
विधायक उमेश पटेल की गिरफ्तारी की मांग, बीजेपी नेता ने अशोक चक्र के अपमान करने का लगाया आरोप
रायगढ़। जिले में कांग्रेस की वोट अधिकार यात्रा के बाद से राजनीति गरमा गई है। खरसिया विधायक उमेश पटेल पर अशोक चक्र के अपमान के बाद नक्शे से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ने विधायक पर यात्रा के दौरान भारत के नक्शे से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर इन आरोपों पर खरसिया में कांग्रेसियों ने थाना में आवेदन देकर विधायक उमेश पटेल की छवि खराब करने वालो पर कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष शशिकांत शर्मा ने कोतवाली थाना में शिकायत की है कि 16 सितंबर को कांग्रेस की रैली में सार्वजनिक स्थान पर कांग्रेस पार्टी के खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वारा एक पोस्टर, बैनर में भारत के आधिकारिक नक्शे के साथ जान बुझकर छेड़छाड़ की गई है। इस कार्यक्रम में राजस्थान कांग्रेस के नेता सचिन पायलट समेत कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
इस प्रकार का कार्य राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 तथा 1971 BNS धारा 295(2), 153(2) और 335 का कानूनन अपराध है। उन्होंने शिकायत आवेदन में लिखा है कि भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे राष्ट्रीय अखंडता और एकता की भावना को भी ठेस पहुंचती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर उमेश पटेल, सचिन पायलट और रैली के आयोजकों समेत पोस्टर बैनर छापने वाले संस्थान व संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कार्रवाई किया जाए।
कोंडागांव में कबड्डी मैच के दौरान दर्दनाक हादसा, करंट लगने से 3 की मौत, अन्य तीन की हालत गंभीर
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में कबड्डी मैच के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि खेल के बीच अचानक आए तेज आंधी-तूफान से मैदान में लगा टेंट उड़कर 11 केवी बिजली तार से टकरा गया। जिससे टेंट के संपर्क में आने से करंट की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य ग्रामीण बुरी तरह से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से विश्रामपुरी अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के मुताबिक यह यह घटना कोंडागांव जिले के बडेराजपुर ब्लॉक के ग्राम रावसवाही में हुई है। बताया जा रहा है कि यहां श्निवार की शाम कबड्डी मैच चल रहा था। जिसे देखने के लिए स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसी दौरान मौसम बदला और अचानक तेज आंधी-तूफान आ गया। तेज आंधी से मैदान में लगा टेंट उड़कर 11 केवी की बिजली लाइन से टकरा गया। जिसमें करंट प्रवाहित होने से उसकी चपेट में आकर ग्रामीण बुरी तरह से झुलस गये। इस हादसे में तीन ग्रामीणों की जहां दर्दनाक मौत हो गयी है, वहीं तीन अन्य ग्रामीण की हालत नाजुक बनी हुई है।इस दर्दनाक हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को विश्रामपुरी अस्पताल पहुंचाया। कुल 6 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से तीन की मौत अस्पताल लाने से पहले ही हो चुकी थी, जबकि तीन घायलों का इलाज जारी है। इनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
इन ग्रामीणों की हुई मौत
कबड्डी मैच के दौरान हुए हादसे में तीन ग्रामीणों की मौत हुई है। मृतकों में सतीश कुमार नेताम, 24 साल, गरांजीडीही निवासी, श्याम नेताम 25 साल, पांडे पारा निवासी, सुनील शोरी 25 साल, बांसकोट का रहने वाला था। वहीं इस घटना में बांसकोट निवासी 16 वर्षीय शिवम दास और रावसवाही निवासी 25 वर्षीय सुविलाल मरकाम की हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य रामचरण शोरी ने छत्तीसगढ़ सरकार से तीनों मृतकों और घायलों के परिजन को मुआवजा देने की मांग की है।
ACB-EOW टीम ने तीन शहरों में मारी रेड
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू की टीम ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है. राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में कई शराब कारोबारियों के घर दबिश दी गई है. प्रदेशभर में 10 ठिकानों पर ईओडब्ल्यू का छापा पड़ा है.
जानकारी के मुताबिक, शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध विंग ने प्रदेश के 10 ठिकानों पर छापेमारी की है. रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शराब कारोबारियों के घर छापा पड़ा है. राजधानी में 3 से 4 ठिकानों पर दबिश दी गई है. रायपुर के देवनगरी स्थित शराब कारोबारी अवधेश यादव के घर भी ईओडब्ल्यू की टीम पहुंची है. टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है.
ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था. उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके. इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था.
छुट्टी के दिन खुला हाईकोर्ट, छात्रों की डिमांड पर जानिये क्यों हुई तत्काल विशेष सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शनिवार को एक बार फिर साबित किया कि न्यायपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर समय तैयार है। अवकाश के दिन भी हाईकोर्ट के दरवाजे खुले और विशेष बेंच का गठन कर तत्काल सुनवाई की गई। मामला सिविल जज भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ था, जो आज रविवार 21 सितंबर को आयोजित की जानी है।
अभ्यर्थी दुर्गेश नंदिनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि उसे अभी तक प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) उपलब्ध नहीं कराया गया है। यदि समय रहते प्रवेश पत्र नहीं मिला तो वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगी और उसका एक साल बर्बाद हो जाएगा। याचिका में कहा गया कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद तकनीकी कारणों से एडमिट कार्ड जारी नहीं किया गया।
विशेष बेंच ने की सुनवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को भी हाईकोर्ट ने विशेष बेंच का गठन किया। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने याचिका पर सुनवाई की और अभ्यर्थी को राहत प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को तुरंत प्रवेश पत्र जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यर्थी रविवार को होने वाली परीक्षा में शामिल हो सके।
न्यायपालिका की संवेदनशीलता का उदाहरण
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला न्यायपालिका की संवेदनशीलता को दर्शाता है। सामान्य परिस्थितियों में शनिवार को अवकाश होने के कारण अदालतें बंद रहती हैं, लेकिन इस मामले में परीक्षा की तात्कालिकता को देखते हुए अदालत ने अवकाश के दिन भी दरवाजे खोले और सुनवाई की।
अभ्यर्थियों में संतोष
इस आदेश के बाद न केवल दुर्गेश नंदिनी को राहत मिली है, बल्कि अन्य अभ्यर्थियों के मन में भी विश्वास जगा है कि यदि उनके अधिकार प्रभावित होते हैं तो न्यायपालिका मदद के लिए आगे आती है। यह फैसला उन छात्रों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है जो भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी कारणों से वंचित हो जाते हैं।अब दुर्गेश नंदिनी सहित हजारों अभ्यर्थी रविवार को होने वाली सिविल जज भर्ती परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। CGPSC को अदालत के निर्देश के बाद तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है ताकि प्रवेश पत्र अभ्यर्थी तक समय पर पहुंच सके।
गुरु तेग बहादुर सिंह की 350 वीं शहादत शताब्दी दिवस पर हुए नगर कीर्तन में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु तेगबहादुर सिंह की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर सिंह ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा सौभाग्य है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर आयोजित कीर्तन यात्रा का दर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का विषय है। आज हम नगर कीर्तन यात्रा के दर्शन कर रहे हैं, जो गुरु तेगबहादुर की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर असम के गुरुद्वारा धुबरी साहिब से प्रारंभ होकर देश के अनेक स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुँची है। लगभग 10 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर यह नगर कीर्तन यहां पहुँचा है। हमारे प्रदेशवासियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण और पुण्य अवसर है कि हमें इस यात्रा का स्वागत करने और इसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर की शहादत के बारे में हम सभी भलीभांति जानते हैं। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके और अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज भी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब गुरु तेगबहादुर की शहादत का अमर प्रतीक है। हम गुरु तेगबहादुर को नमन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत भी अद्वितीय है। साहिबजादों ने मुगलों के सामने झुकने के बजाय धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबजादों की इस वीरता को नमन करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वीर बाल दिवस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, बलदेव सिंह भाटिया, गुरचरण होरा, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।