रायपुर। कोयला मंत्रालय ने कमर्शियल माइनिंग के 12वें दौर में छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख कोल ब्लॉकों की सफल नीलामी की है. इससे राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता, राजस्व और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है.
छत्तीसगढ़ के जिन कोल ब्लॉक की नीलामी हुई है, उनमें कोरबा जिले के रजगामार डिपसाइड देवनारा और रजगामार डिपसाइड साउथ आफ फुलकडीह के अलावा रायगढ़ जिले का एक कोल ब्लॉक शामिल है.
इन तीनों ब्लॉकों में कुल 1401.61 लाख टन कोयला भंडार है, जिसमें से देवनारा माइंस में 784.64 लाख टन और फुलकडीह क्षेत्र में 616.97 लाख टन अनुमानित कोयला मौजूद है.
इस नीलामी में TMC मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने देवनारा माइंस और मिवान स्टील्स लिमिटेड ने फुलकडीह माइंस को अपने नाम किया है. इन दोनों खदानों से प्रति वर्ष 52.5 लाख टन कोयला उत्पादन की क्षमता की उम्मीद की जा रही है.
कोयला मंत्रालय ने बताया कि कुल सात ब्लॉकों की इस नीलामी से देश को लगभग 719.90 करोड़ रुपये सालाना राजस्व प्राप्त होगा. इनमें से अधिकतर ब्लॉक कोरबा और झारखंड जैसे कोयला समृद्ध क्षेत्रों में हैं.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्कूली शिक्षा को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निजी स्कूलों को शर्तों के साथ निजी प्रकाशकों की किताबें चलाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, सीबीएसई की गाइडलाइनों का पालन करना अब भी अनिवार्य होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल ने इन नियमों का उल्लंघन किया, तो राज्य सरकार कार्रवाई कर सकेगी।
क्या था मामला?
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से सभी निजी स्कूलों को केवल NCERT और SCERT की किताबें पढ़ाने का निर्देश दिया गया था। इस आदेश के उल्लंघन पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी भी दी गई थी। बिलासपुर समेत प्रदेश के 11 जिलों के DEO ने इसे लेकर आदेश जारी किए थे, जिसके खिलाफ निजी स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार के उस निर्देश को आंशिक रूप से शिथिल करते हुए कहा कि यदि निजी प्रकाशकों की किताबें सीबीएसई गाइडलाइन के अनुरूप हों, तो उन्हें चलाने की अनुमति दी जा सकती है। इसके साथ ही मान्यता रद्द करने की चेतावनी अब लागू नहीं होगी।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों निजी स्कूलों को बड़ी राहत मिली है। अब वे निजी प्रकाशकों की किताबों का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं, बशर्ते वे तय मानकों पर खरी उतरें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को व्यक्तिगत राहत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करने के निर्देश दिए हैं।
भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच, गिरफ्तारी और पूछताछ की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लेकिन न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत राहत की मांग सीधे सुप्रीम कोर्ट में नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि पहले हाईकोर्ट में अपील करनी होगी, जहां से इस मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
इस केस के साथ-साथ, याचिकाकर्ताओं ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ईडी को जांच और गिरफ्तारी की शक्तियों को लेकर कानून की संवैधानिक वैधता को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस बिंदु पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नई याचिका दाखिल करने का सुझाव दिया, जिस पर अगली सुनवाई 6 अगस्त को निर्धारित की गई है।
रायपुर। शराब घोटाले के एक अहम आरोपी चैतन्य बघेल को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर स्थित ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसकी न्यायिक रिमांड को 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब ईडी की टीम 18 अगस्त को दोबारा उसे कोर्ट में पेश करेगी।
चैतन्य बघेल की पहली न्यायिक रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे न्यायालय में लाया गया था। अदालत के आदेश के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया है।
ईडी ने शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान चैतन्य को फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर बनाई गई सॉल्वेंसी के मामले में गिरफ्तार किया था। वह पिछले 14 दिनों से न्यायिक हिरासत में था।
प्रशासन ने चैतन्य की पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, और पुलिस बल की निगरानी में उसे कोर्ट लाया गया।चैतन्य की भूमिका शराब घोटाले में कितनी गहरी है, यह आने वाली पूछताछ और सबूतों से साफ होगा। ईडी इस मामले में लगातार जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई समय-सारणी को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने तीव्र विरोध दर्ज कराया है। विशेष रूप से शनिवार के दिन स्कूल का समय सुबह से बदलकर 10 बजे से 4 बजे तक किए जाने और प्राथमिक शालाओं में भोजन अवकाश को दोपहर 1.45 बजे निर्धारित करने के फैसले को संगठन ने अनुचित बताया है।
संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि शनिवार को सुबह के समय विद्यालय लगाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसे एक प्रशासनिक आदेश से समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शनिवार को योगाभ्यास, नैतिक शिक्षा जैसे गतिविधियों के लिए प्रातः कालीन समय सबसे उपयुक्त होता है, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है।
छोटे बच्चों के लिए भोजन अवकाश में बदलाव अव्यवहारिक
केदार जैन ने आगे कहा कि प्राथमिक शालाओं में भोजन अवकाश का समय दोपहर 1.45 बजे किए जाने का भी संगठन विरोध करता है। उनका कहना है कि छोटे बच्चे सुबह 8 बजे के आसपास भोजन करके स्कूल आते हैं। ऐसे में उन्हें 12 बजे तक भूख लगना स्वाभाविक है। अगर भोजन अवकाश देर से रखा जाएगा तो इससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा।
शिक्षकों और बच्चों दोनों को हो रही परेशानी
संगठन के नेताओं का कहना है कि पहले से ही युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) और अन्य व्यवस्थागत बदलावों से शिक्षक वर्ग मानसिक रूप से दबाव में है। अब समय-सारणी में इस तरह का बदलाव बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए असुविधाजनक है।
संयुक्त बयान में शासन से की मांग
इस मुद्दे पर संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ममता खालसा, ओमप्रकाश बघेल, गिरिजाशंकर शुक्ला, अर्जुन रतनाकर, माया सिंह, ताराचंद जयसवाल, नरोत्तम चौधरी, रूपानंद पटेल, विजय राव, सुभाष शर्मा, सोहन यादव, शहादत अली, बसंत जायसवाल, राकेश शुक्ला, हरीश सिन्हा और अमित दुबे ने संयुक्त बयान जारी करते हुए शासन से अनुरोध किया है कि डीपीआई द्वारा जारी समय-सारणी को तत्काल संशोधित किया जाए।
उन्होंने मांग की है कि शनिवार को पुनः सुबह के समय विद्यालय संचालन किया जाए और प्राथमिक शालाओं के लिए भोजन अवकाश दोपहर 1 बजे तक रखा जाए, जिससे बच्चों और शिक्षकों की दिनचर्या संतुलित बनी रहे।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार की देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले में पलट गयी। घटना के बाद कार का दरवाजा लाॅक हो गया, जिससे कार में सवार 5 युवक अंदर ही फंसे रह गये। सुबह जब स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया, तब तक भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष समेत एक अन्य युवक की मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि देर रात सभी युवक बिलाईगढ़ से भूतेश्वर नाथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। तभी रास्ते में कार चला रहे युवक को झपकी लग गयी और ये हादसा हो गया।
जानकारी के मुताबिक ये हादसा गरियाबंद जिला के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक बिलाईगढ़ से 5 युवक कार में सवार होकर देर रात गरियाबंद के भूतेश्वर नाथ मंदिर दर्शन के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान रात 2 बजे के लगभग कार चला रहे पंकज दास को झपकी आ गई। जिससे तेज रफ्तार कार एक पत्थर से टकराने के बाद बेकाबू होकर सीधे नाले में जा गिरी। हादसे के बाद कार के अंदर चीख पुकार मच गयी। कार में फंसे युवक बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन एक्सीडेंट के बाद कार के सभी दरवाजे लॉक हो गए थे।
जिससे पांचों युवक कार के अंदर ही फंस गए। सुबह करीब 5 बजें के लगभग जब स्थानीय लोग शौच के लिए नाले के पास पहुंचे, तो उनकी नजर दुर्घटनाग्रस्त कार पर पड़ी। जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़कर सभी को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोकेश साहू और पंकज दास मानिकपुरी की समय पर उपचार के अभाव में मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राजेश कुमार आदित्य, ननकी साहू और दयाराम यादव को गंभीर चोटे आई है। तीनों घायलों को फिंगेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने इस दुर्घटना पर प्राथमिकी दर्ज कर मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर फिंगेश्वर पुलिस से घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद मातम व्याप्त है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये जायेंगे। फिलहाल पुलिस मामले में मर्ग कायम कर दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। जबकि 3 लोग घायल हैं। सभी लोग बिलाईगढ़ से भूतेश्वर नाथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। मरने वालों की पहचान बिलाईगढ़ जिले के भटगांव निवासी लोकेश साहू ;35 और पंकज दास मानिकपुरी ;38 भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष के रूप में हुई है। घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधि में कमी आने से उमस बढ़ गई है.लोगों को कुछ दिन अभी बारिश के लिए इंतजार करना होगा. प्रदेश में कुछ स्थानों पर आज हल्की से मध्यम बारिश की सम्भावना है.वहीं एक-दो स्थानों पर बिजली गिरने और भारी बारिश हो सकती है. भारी वर्षा का मुख्य क्षेत्र उत्तर छत्तीसगढ़ की संभावना है. अगले चार दिन मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधि में कम रहेगी, इसके बाद बढ़ोतरी हो सकती है.
पिछले 24 घंटों के दौरान बलरामपुर जिले में भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बाकी स्थानों पर मौसम शुष्क रहा या हल्की बारिश दर्ज की गई. सर्वाधिक 14 सेंटीमीटर बारिश दौरा कोचली, 13 सेंटीमीटर रामचंद्रपुर, 9 सेंटीमीटर अंबिकापुर, 7 सेंटीमीटर सूरजपुर, लटोरी, कुसमी में रिकॉर्ड की गई. सोमवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना जताई गई है.
मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर अमृतसर, चंडीगढ़, शामली, शाहजहांपुर, लखनऊ, छपरा, बांकुरा, केनिंग और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पश्चिम विहार और उससे लगे उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है.
रायपुर में आज का मौसम
राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने की संभावना जताई है. वहीं गरज चमक के साथ बूंदबांदी संभव है. इस दौरान तापमान 26 से 35 डिग्री के बीच रह सकता है.
कांकेर। छत्तीसगढ़ के चारामा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें मंडी निरीक्षक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा 2 अगस्त को नेशनल हाईवे 30 पर हुआ था। अब इस घटना का CCTV वीडियो सामने आया है, जिसने हादसे की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक मंडी निरीक्षक केशकाल से ड्यूटी समाप्त कर चारामा स्थित अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे हाईवे पर एक टैंकर के पास से गुजर रहे थे, ठीक उसी वक्त पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर लगने के बाद मंडी निरीक्षक असंतुलित होकर सीधे टैंकर की ओर गिर गए, और इसी दौरान चलती टैंकर के पिछले हिस्से में उनका सिर और शरीर बुरी तरह कुचल गया। यह हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद, हादसे की पूरी सच्चाई उजागर हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बाइक सवार की लापरवाही और तेज रफ्तार ने एक जिम्मेदार अधिकारी की जान ले ली।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही, बाइक सवार के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।
स्थानीय लोगों और सहकर्मियों में इस हादसे को लेकर गहरा शोक है। मंडी निरीक्षक अपने कार्य के प्रति समर्पित और शांत स्वभाव के अधिकारी बताए जा रहे हैं। उनकी अचानक मृत्यु से मंडी विभाग सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम ही एक समृद्ध समाज की आधारशिला हैं। राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 139वीं जयंती के पावन अवसर पर गहोई वैश्य समाज द्वारा आयोजित प्रतिभावान छात्र सम्मान समारोह 2025 में समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल विद्यार्थियों को पुरस्कार देने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रसेवा के पथ पर आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करने का एक श्रेष्ठ माध्यम है।
सांसद श्री अग्रवाल ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी कविताएं भारतीय संस्कृति, मातृभूमि के प्रति प्रेम और कर्तव्यनिष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि “हम कौन थे, क्या हो गए हैं और क्या होंगे अभी” जैसी कालजयी पंक्तियाँ आज भी आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में ज्ञान, चरित्र और कर्म की त्रिवेणी को धारण करें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की समाज निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष अशोक बानी समेत समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
रायपुर। नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का कार्य तीव्र गति से अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विधानसभा भवन स्थल पर पहुँचकर निर्माणकार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय-सीमा, सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव (1 नवम्बर) के अवसर पर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह रजत जयंती वर्ष है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया गया है, और उनके करकमलों से इस नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। आज विधानसभा सदन, विधानसभा अध्यक्ष का कक्ष, मुख्यमंत्री का कक्ष तथा सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नवीन विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
नवीन विधानसभा भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं – विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भव्यता एवं वैभव का प्रतीक बनेगा।
52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी होगा। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है तथा दो प्रस्तावित सरोवर, प्रत्येक डेढ़ एकड़ क्षेत्र में, विकसित किए जाएँगे। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह भवन न केवल छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा।
निरीक्षण के दौरान अजय जामवाल, पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह तथा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने किया सम्मान
भिलाई। राजधानी नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान समारोह में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री उपकार चंद्राकर को उल्लेखनीय संगठनात्मक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। भाजपा के सदस्यता अभियान के तहत उन्होंने 3,139 प्राथमिक सदस्य बनाकर संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के द्वारा सम्मान प्राप्त हुआ। सम्मान प्राप्त करते हुए उपकार चंद्राकर ने कहा, यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि उन विचारों, उस सिद्धांत और उस प्रतिबद्धता का सम्मान है, जिनके लिए मैंने स्वयं को समर्पित किया है। यह क्षण मेरे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है, जो आगे और अधिक जिम्मेदारियों के साथ सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भाजपा की जनकल्याणकारी विचारधारा के प्रति निष्ठा और समर्पण का प्रमाण है।
इस अवसर पर उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, तथा समस्त नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन से ही कार्यकर्ताओं को सेवा और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलता है।
बलौदाबाजार।उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज जिला ऑडिटोरियम बलौदाबाजार में आयोजित साहु समाज के सामाजिक भवन का लोकार्पण एवं प्रतिभावान छात्रों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। इसके पूर्व उन्होने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में नवनिर्मित सामाजिक भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह क़ो सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि साहु समाज द्वारा बहुत ही सुंदर सामाजिक भवन का निर्माण कराया गया है। इस सुंदर भवन की तरह ही अपने समाज क़ो भी बनाना होग़ा।
प्रदेश में सबसे बड़ा साहु समाज है इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखना होग़ा।समाज एकजुट होकर आगे बढ़े। अच्छे संस्कार और विचार के साथ अपने समाज क़ो आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होने कुरीतियों क़ो विकास में बाधक बताते हुए इसे समाज से दूर करने की बात कही। वर्तमान में मोबाइल व इंटरनेट के बढ़ते उपयोग और उसके दुष्परिणामों के प्रति सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि आज हर हाथ में मोबाइल है और लोग इसमें व्यस्त है।
इसके दुष्परिणाम के बारे में सोचना होगा और केवल अच्छी जानकारी के लिए उपयोग क़ो बढ़ावा दें। उन्होने छात्र -छात्राओ से कहा कि परीक्षा में मेरिट आने में अपनी मेहनत के साथ अपने माता -पिता व गुरुजनों का भी उतना ही योगदान है। उन्होंने कहा कि जीवन में नैराश्य और आलस्य कभी न आने दें। ये दोनों आगे बढ़ने में हमेशा बाधक होते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने धर्मान्तरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोग अपने पुरखो से चली आ रही धार्मिक रीति क़ो त्यागने तैयार हो रहे जो बड़ी गंभीर बात है। समाज क़ो इसके कारणों पर गहन विचार और लोगों क़ो एकजुट करना होग़ा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने समाज की मांग पर विभिन्न निर्माण कार्य के लिए 16 लाख 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने ऑडिटोरियम परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया।
दुर्ग। जिला दुर्ग के पाटन ब्लॉक के ग्राम पौहा में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सिर्फ 3 साल का मासूम सिद्धार्थ बालकिशोर साहू मोबाइल पर वीडियो देखते हुए मटर खा रहा था, तभी एक अनजाने पल में वह हादसे का शिकार हो गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ अपने चाचा के साथ घर में खेल रहा था। वह मटर के दाने खा रहा था और एक साथ मोबाइल पर वीडियो देख रहा था। उसी दौरान चाचा ने जब अचानक मोबाइल छीन लिया, तो सिद्धार्थ घबरा गया और तेजी से सांस खींचने की कोशिश में एक मटर का दाना उसके गले में फंस गया।
दुर्भाग्यवश, वह दाना सीधे उसके फेफड़ों में चला गया, जिससे सिद्धार्थ की सांसें बंद हो गईं। परिवार ने तुरंत बच्चे को स्थानीय अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और गांव में मातम पसरा हुआ है। जामगांव आर थाना क्षेत्र में इस घटना की सूचना दी गई, जहां से पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को खाते समय मोबाइल या अन्य कोई ध्यान भटकाने वाला उपकरण नहीं देना चाहिए। 2 से 5 वर्ष की उम्र में बच्चे तेजी से सांस लेते हैं, और खाना या कोई भी छोटी चीज गले में अटक सकती है, जिससे गंभीर श्वसन संकट उत्पन्न हो सकता है।
बिलासपुर। बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार पांचवें दिन भी कार्रवाई जारी है। जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत कोनी और बिरकोना रोड पर किए गए अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर निगम का बुलडोजर चलाया गया।
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कोनी में खसरा नंबर 17 की भूमि पर कार्रवाई की। इस भूमि को गोपी श्रीवास, त्रिलोकचंद्र श्रीवास और आनंद श्रीवास ने 13 टुकड़ों में काटकर बेचा था। इसी भूमि पर निर्माणाधीन दो अवैध मकानों को निगम ने बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
बिरकोना रोड में डीपी कालेज के पीछे भी कार्रवाई की गई। यहां खसरा नंबर 29/6 गास मोहम्मद, खसरा नंबर 24 शाहिद और असलम खान, तथा खसरा नंबर 309 दाऊ मंडी के पास की अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए सड़क, नाली और बाउंड्रीवाल को हटाया गया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कबीरधाम जिले में संचालित आदिवासी व अनुसूचित जाति छात्रावासों और आश्रमों में वर्षों से कार्यरत अधीक्षकों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने इन अधीक्षकों के स्थानांतरण और उनके स्थान पर पदोन्नत अधीक्षकों की पदस्थापना की प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत पृथक-पृथक आवेदन पत्रों का निराकरण नियमानुसार आदेश की प्रति प्राप्ति के चार सप्ताह के भीतर किया जाए. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई.
कबीरधाम जिले के छात्रावासों और आश्रमों में वर्ष 2015 से पूर्व से अथवा कई वर्षों से कार्यरत अधीक्षक जिनमें अनीता धुर्वे, प्रहलाद राम पात्रे, माया दर्रो, जयंती मेरावी, भेजंती धुर्वे, राजकुमारी बंजारे, बसंती बंजारे, चंपा देवी वारले, पूरन सिंह पोर्ते, गणपत दास बघेल, मनोज कुमार मंडावी, लखनलाल वारते, छोटा सिंह चिचाम, प्रकाश टेकाम, दीपकला पातरे, सुनीता सोनवानी, नर्मदा मरावी एवं नंदकुमार मरावी शामिल हैं. उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि वे लंबे समय से प्रभारी अधीक्षक के रूप में कुशलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद विभाग ने उन्हें हटाकर हाल ही में पदोन्नत अधीक्षकों को उनके स्थान पर पदस्थ किया जा रहा है.
यह कार्यवाही विभाग द्वारा 10 जून 2025 को जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 03 के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जिन आश्रमों और छात्रावासों में वर्ष 2015 के पूर्व से शिक्षक कार्यरत हैं, उन्हें रिक्त नहीं माना जाएगा और उन्हें हटाने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी. इसके बावजूद याचिकाकर्ताओं के आवेदन पत्रों पर कोई सुनवाई नहीं की गई. हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आदिम जाति एवं आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के आवेदनों का 4 सप्ताह के भीतर नियमानुसार निराकरण किया जाए.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।
बिलासपुर। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू न करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जब एकल पीठ ने अवमानना कार्रवाई प्रारंभ करने से इंकार कर दिया है, तो उसके विरुद्ध अपील धारा 19(1)(ए) अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है.
हाईकोर्ट में जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल व जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच में शैलेन्द्र ज्ञानचंदानी द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता ने धमतरी के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी.
शैलेन्द्र ज्ञानचंदानी ने आरोप लगाया था कि धमतरी के तत्कालीन पुलिस अधिकारी एसपी आंजनेय वैष्णव, सीएसपी नेहा पवार, थाना प्रभारी राजेश मरई और अमित बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) के आदेशों की अवहेलना करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया में अवमानना की है.
इस पर दायर अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट के सिंगल बैंच ने 21 अक्टूबर 2024 को खारिज कर दिया और अवमानना कार्रवाई शुरू करने से इंकार कर दिया था.
अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच में तर्क दिया कि एकल पीठ द्वारा कार्रवाई न प्रारंभ करने का आदेश कानूनी त्रुटि है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना हुई है, जिसके बावजूद एकल पीठ ने अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ नहीं की, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 19(1)(ए) के अनुसार अपील केवल तभी सुनवाई योग्य होती है, जब हाईकोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए अवमानना के लिए दंडित करता है. जब एकल पीठ ने अवमानना कार्रवाई प्रारंभ करने से ही इंकार कर दिया है, तो यह आदेश धारा 19(1)(ए) के तहत अपील योग्य नहीं है. यह अपील प्रारंभिक स्तर पर ही अपात्र है.