स्कूली किताबों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्कूली शिक्षा को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निजी स्कूलों को शर्तों के साथ निजी प्रकाशकों की किताबें चलाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, सीबीएसई की गाइडलाइनों का पालन करना अब भी अनिवार्य होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल ने इन नियमों का उल्लंघन किया, तो राज्य सरकार कार्रवाई कर सकेगी।
क्या था मामला?
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से सभी निजी स्कूलों को केवल NCERT और SCERT की किताबें पढ़ाने का निर्देश दिया गया था। इस आदेश के उल्लंघन पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी भी दी गई थी। बिलासपुर समेत प्रदेश के 11 जिलों के DEO ने इसे लेकर आदेश जारी किए थे, जिसके खिलाफ निजी स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार के उस निर्देश को आंशिक रूप से शिथिल करते हुए कहा कि यदि निजी प्रकाशकों की किताबें सीबीएसई गाइडलाइन के अनुरूप हों, तो उन्हें चलाने की अनुमति दी जा सकती है। इसके साथ ही मान्यता रद्द करने की चेतावनी अब लागू नहीं होगी।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों निजी स्कूलों को बड़ी राहत मिली है। अब वे निजी प्रकाशकों की किताबों का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं, बशर्ते वे तय मानकों पर खरी उतरें।