प्रदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय बलिराम कश्यप की जयंती पर उन्हें नमन किया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के प्रखर जननेता एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय बलिराम कश्यप की जयंती (11 मार्च) के अवसर पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि श्री कश्यप केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि जनता के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के उत्थान और क्षेत्र की प्रगति के लिए समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कश्यप की ईमानदारी, दृढ़ संकल्प और जनसमर्थन ने उन्हें बस्तर के घर-घर तक पहुंचाया। वे जनता के साथ केवल जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह जुड़े रहे। मध्यप्रदेश विधानसभा से लेकर लोकसभा तक उन्होंने बस्तरवासियों की आवाज को बुलंद किया और हर मंच पर उनके अधिकारों की रक्षा की।
श्री साय ने कहा कि श्री बलिराम कश्यप केवल एक नेता नहीं, बल्कि विचारधारा थे—एक ऐसी विचारधारा, जो बस्तर के विकास और आदिवासी समाज की उन्नति के लिए सतत संघर्षरत रही। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और अपने लोगों के हितों के लिए हर चुनौती का सामना किया। उनकी दूरदृष्टि और कर्मठता ने बस्तर को नई दिशा दी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय बलिराम कश्यप का जीवन प्रेरणा का स्रोत है। उनका समर्पण, संघर्ष और सेवा भाव हमें यह सिखाता है कि सच्चे जननेता वही होते हैं, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। बस्तर और छत्तीसगढ़ की प्रगति के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर 4 मेडिकल कॉलेज के निर्माण का निविदा निरस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने गीदम, मनेंद्रगढ़, कवर्धा और जांजगीर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए जारी कंबाइंड निविदा को तत्काल निरस्त कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि 1020 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन बोली दर 53.36% अधिक यानी लगभग 544 करोड़ ज्यादा थी.
सरकार के नियमों के अनुसार, निविदा दर में 10-15% तक की बढ़ोतरी स्वीकार्य होती है, लेकिन इस मामले में दर बहुत अधिक होने के कारण इसे रद्द करने का फैसला लिया गया.
राज्य सरकार ने चार नए मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 1020.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की थी. हालांकि, टेंडर प्रक्रिया के दौरान 1565.20 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली (L1) प्राप्त हुई, जो कि निर्धारित लागत से 544.60 करोड़ रुपये अधिक थी. यह वृद्धि 53.36% ज्यादा थी, जिसे समिति ने अव्यावहारिक माना.
छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के तहत निविदा मंगाई थी. पहले इसकी अंतिम तिथि 7 नवंबर 2024 थी, जिसे 16 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया. टेंडर 19 दिसंबर 2024 को खोला गया और 27 दिसंबर 2024 को समीक्षा की गई. फिर, 6 जनवरी 2025 को योग्य कंपनियों की जांच और प्रेजेंटेशन हुआ. इसके बाद 16 जनवरी 2025 को फाइनल प्राइस बिड खोली गई थी.
बता दें कि चार नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए प्रति कॉलेज 306.23 करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 1224.92 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी. इन सभी कॉलेज की बिल्डिंग बनाने के टेंडर को क्लब कर 1020 करोड़ का टेंडर निकाला. देश की दो कंपनियां ही टेंडर को क्वालिफाई कर पाई, जो वास्तविक रेट से 53 और 58 परसेंट अधिक रेट कोट किया.


छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगा साइबर एक्सपर्ट! : उच्च न्यायालय ने सरकार को दिए निर्देश, अगली सुनवाई में मांगी नियुक्ति की जानकारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर क्राइम की बढ़ती संख्या को देखते हुए हाईकोर्ट ने एक बार फिर राज्य में साइबर एक्सपर्ट की तुरंत नियुक्ति करने को कहा है। अगली सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित कर इसी दिन नियुक्ति की जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश केंद्र शासन को दिया है।
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का कोई विशेषज्ञ नहीं होने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने पिछले माह हुई सुनवाई के दौरान कहा था कि यह गंभीर चिंता का विषय है। लगातार साइबर अपराध हो रहे हैं, इसलिए एक्सपर्ट की नियुक्ति जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार को तत्काल नियुक्ति के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि देशभर में केंद्र सरकार ने 16 जगहों पर एक्सपर्ट की नियुक्ति की है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में किसी साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति नहीं की गई है। कोर्ट ने कहा कि आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का राज्य में कोई परीक्षक नहीं है। इस पर कोर्ट ने प्रतिवादियों को इस पद पर नियुक्ति करने का निर्देश दिया था। सोमवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में केंद्र के अधिवक्ता ने बताया कि अभी साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति नहीं की जा सकी है, इसके लिए कोर्ट के आदेश की जानकारी प्रेषित की गई है। कोर्ट ने कहा कि साइबर एक्सपर्ट की नियुक्ति हर हाल में की जाए। अगली सुनवाई तक यह जानकारी आनी चाहिए कि किस सायबर एक्सपर्ट की नियुक्ति की गई है।
भिलाई में ED की टीम पर हमला : पूर्व मुख्यमंत्री के घर से बाहर निकलते ही समर्थकों ने फेंके ईंट-पत्थर
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर ईडी की टीम ने आज छापेमार कार्रवाई की. जब रेड के बाद टीम घर से बाहर निकली तो भूपेश बघेल के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ईडी की टीम पर हमला कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जांच एजेंसी एफआईआर दर्ज करवा सकती है.
बताया जा रहा है कि ईडी की टीम पर ईंट-पत्थरों से हमले हुए हैं. बघेल निवास से एक अधिकारी बाहर निकल रहे थे तब ईडी वाहन पर एक पत्थर फेंका गया. हालांकि इस हमले में घायलों की जानकारी सामने नहीं आई है. ईडी टीम की कार पर पत्थर फेंकने वाले शख्स को सुरक्षा बलों ने उसी वक्त पकड़ लिया और उसे अपने साथ ले गई. इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा.

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर उपमुख्यमंत्री साव का पलटवार, कहा- ED के पास कुछ सबूत हैं, तभी तो की कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर सोमवार को ईडी ने छापेमार कार्रवाई की. इस मामले में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि “कोयला घोटाला, शराब घोटाला, महादेव एप्प घोटाला, सीजी पीएससी घोटाला कांग्रेस सरकार में हुआ. इन घोटालों के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल थे. ED के पास कुछ साक्ष्य सबूत है, तभी तो वो कार्रवाई करने गई है.“
डिप्टी सीएम साव ने पूर्व सीएम के बयान का किया पलटवार
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि “ईडी किन विषयों के जांच कर रही है? कोयला घोटाला, शराब घोटाला, महादेव ऐप घोटाला, सीजी पीएससी घोटाला जो कांग्रेस सरकार में हुए. ये घोटाले हुए कब? जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, जिस विषय की जांच ED कर रही है.”
ईडी की रेड पर राजनीतिक आधार बनाकर बोलना उचित नहीं : डिप्टी सीएम साव
उन्होंने कहा कि “यह जांच आज से शुरू नहीं हुई है. ED की जांच लंबे समय से चल रही है. जांच में जो ED को तथ्य मिलते हैं, उसके अनुसार वो आगे कार्रवाई करती है. जिनके-जिनके खिलाफ कोई तथ्य या सबूत आधार मिलते हैं, उसके खिलाफ कार्रवाई होती है. जांच करने के लिए ED भूपेश बघेल के घर गयी है. इसलिए इसे राजनीतिक आधार बनाकर बोलना विधानसभा में प्रश्न उठाने पर कार्रवाई बोलना उचित नहीं है.“
डिप्टी सीएम साव ने आगे कहा- “देखिए कैसे गुमराह किया जाता है, सवेरे उनका कार्यालय कहता है कि पंजाब के प्रभारी बने हैं, इसलिए कार्रवाई हो रही है. जबकि भूपेश बघेल कह रहे हैं कि सवाल उठाने पर कार्रवाई हो रही है. ED भेजे जा रहे हैं, तो इस तरह अलग-अलग बहाने मत करें, जनता को गुमराह न करें.”
डिप्टी सीएम साव ने आगे कहा कि “वास्तविकता ये है, ED घोटालों की जांच कर रही और उसी के आधार पर यह जांच कार्रवाई की है. ED को प्रकरण में जब किसी के खिलाफ कोई तथ्य मिलता है, सबूत होता है, या शिकायत के आधार पर तथ्य हो, तब तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई होती है. जब लगता है कि इसमें कार्रवाई होनी चाहिए, तब ED आगे बढ़ती है और कार्रवाई करती है. जांच लंबे समय से चल रही है अगर ED के पास कोई तथ्य हैं तभी कार्रवाई कर रही है.”
उन्होंने कहा कि “जांच में क्या मिला क्या नहीं मिला, ये तो ED बताएगी. जब कुछ नहीं मिला, तो डर क्यों रहे हैं? हाय तौबा क्यों मचा रहे हैं? कि विधानसभा में प्रश्न पूछा तो ED आ गई. ED को कोई तथ्य मिला, तभी हो जांच करने गई है. जब आप इस मामले में संलिप्त नहीं हो, तो निष्पक्ष जांच होने दो. जो सवाल पूछ रही है, उसका उत्तर दो. इसमें डरने घबराने वाली बात नहीं है.”
ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को जारी किया समन, कल होगी पूछताछ
भिलाई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पदुमनगर भिलाई तीन निवास पर छापेमार कार्रवाई की. 11 घंटे तक पूछताछ के बाद टीम रायपुर रवाना हुई. ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है. मंगलवार 11 मार्च को ईडी दफ्तर में चैतन्य बघेल से पूछताछ की जाएगी. ईडी के अधिकारी उनसे कई बिंदुओ पर पूछताछ करेंगे.
बता दें कि ईडी के अफसरों ने भूपेश बघेल और उनके परिवार से 11 घंटे तक पूछताछ की. दस्तावेजों और सोने-चांदी के जेवरातों की जांच की. परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की भी जानकारी की. ईडी की टीम ने भूपेश के घर से 33 लाख रुपए नगद बरामद किया है.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सरकार के विरुद्ध किया प्रदर्शन: पोषण ट्रैकर ऐप के विरोध में सड़क पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं, मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई पोषण ट्रैकर ऐप प्रणाली और पोषण आहार (टीएचआर) वितरण प्रक्रिया में बदलाव को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। आज खैरागढ़ के स्थानीय अंबेडकर चौक पर सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि टीएचआर (पोषण आहार) वितरण के लिए नई डिजिटल प्रणाली अव्यावहारिक है। इस व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को आहार लेने के लिए आधार आधारित ओटीपी (OTP) सत्यापन अनिवार्य किया गया है, जो कि जमीनी स्तर पर कई समस्याएं खड़ी कर रहा है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं की मुख्य आपत्तियां:
- ओटीपी आधारित वितरण में व्यावहारिक दिक्कतें – ग्रामीण इलाकों में कई लाभार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं है। कुछ के पास एक ही फोन होता है, जिसे परिवार के अन्य सदस्य ले जाते हैं। ऐसे में वे ओटीपी साझा नहीं कर पाते, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पोषण आहार वितरण कठिन हो गया है।
- कार्य अधूरा दिखाने पर मानदेय कटौती – ओटीपी न मिलने के कारण यदि आंगनबाड़ी कर्मचारी पोषण आहार नहीं बांट पातीं, तो इसे उनकी लापरवाही मान लिया जाता है और उनका मानदेय काट लिया जाता है।
- पोषण ट्रैकर ऐप में तकनीकी खामियाँ – आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐप में कई बार नेटवर्क और लॉगिन की समस्या आती है, जिससे डेटा अपडेट करने में कठिनाई होती है।
- मानदेय बढ़ाने की मांग – आंगनबाड़ी कर्मचारियों को कम वेतन और बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाने की भी मांग की।
- पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग – प्रदर्शनकारियों ने ओटीपी आधारित वितरण को हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला कार्यालय पहुंचा और संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। डिप्टी कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन तक भेजा जाएगा। उन्होंने माना कि नए सिस्टम में तकनीकी खामियाँ हैं और इसे सुधारने की जरूरत है।
सरकार ने पारदर्शिता के लिए लागू की डिजिटल व्यवस्था
गौरतलब है कि, सरकार ने इस नई प्रणाली को पोषण योजनाओं में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार रोकने के उद्देश्य से लागू किया है। पहले पोषण आहार वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतें आती थीं, जिसमें रेडी टू ईट (Ready-to-Eat) पोषण आहार को पशु आहार के रूप में बेचे जाने तक के आरोप लगे थे। अब सरकार ने ओटीपी और फोटो अपलोड जैसी प्रक्रियाओं को अनिवार्य कर दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभार्थियों तक सही ढंग से पोषण आहार पहुंचे।
लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। वहीं, सरकार अपने फैसले पर अडिग दिख रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार कोई समाधान निकालती है या यह आंदोलन और बड़ा रूप लेता है।
मंत्री को भाजपा ने जारी किया शो-कॉज नोटिस, 48 घंटे के भीतर उद्योग मंत्री को देना होगा जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन को कोरबा नगर निगम सभापति पद पर भाजपा से बागी होकर चुने गए नूतन सिंह ठाकुर को बधाई देना भारी पड़ गया। भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री देवांगन को नोटिस जारी किया है।
देखें नोटिस

मंत्री लखनलाल देवांगन ने दी थी बधाई
बता दें कि इससे पहले मंत्री लखनलाल देवांगन ने नूतन सिंह ठाकुर को कोरबा नगर निगम का सभापति चुने जाने पर बधाई दी और इसे बीजेपी की जीत बताया था। मंत्री देवांगन ने कहा था कि नूतन सिंह ठाकुर ने नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति चुनाव में विजय हासिल की है। इस जीत पर मैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि हितानंद अग्रवाल पार्टी के घोषित प्रत्याशी थे, लेकिन सभी निर्वाचित पार्षदों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से नूतन सिंह ठाकुर की जीत सुनिश्चित की है। यह निर्णय सभी को मान्य है।
उन्होंने कहा का कि निश्चित तौर पर अब नगर निगम में महापौर और सभापति दोनों पदों पर बीजेपी का कब्जा हो गया है, जिससे कोरबा के विकास को और गति मिलेगी। मंत्री देवांगन ने नवनिर्वाचित सभापति और महापौर को शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि वे कोरबा के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करेंगे और पार्टी का सहयोग हमेशा उनके साथ रहेगा।
देखें वीडियो-
BJP ने नूतन सिंह ठाकुर को 6 साल के लिए किया निष्कासित
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ भाजपा ने अनुशासनहीनता के मामले में कोरबा नगर निगम के नवनिर्वाचित सभापति नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया है। जिसका आदेश आज ही पार्टी ने जारी किया था।
देखें आदेश

जनपद पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बागी उम्मीदवार ने बीजेपी प्रत्याशी को हराया, शपथ लेने से पहले पार्टी ने किया बाहर
बालोद। छत्तीसगढ़ के गुरुर जनपद पंचायत में भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़कर जीत हासिल करने वाली सुनीता साहू पर भाजपा ने बड़ी कार्रवाई की है. पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है.
आज लेंगी अध्यक्ष पद की शपथ
सुनीता साहू ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. आज वह गुरुर जनपद पंचायत अध्यक्ष पद की शपथ लेंगी. इससे पहले ही भाजपा ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उप निरीक्षक संवर्ग में चयनित अभ्यर्थियों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है।
इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

भूपेश बघेल के घर में ईडी की टीम की कार्रवाई समाप्त, 33 लाख कैश बरामद
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास से ED की टीम रायपुर रवाना हो गई है. ईडी के अफसरों ने भूपेश बघेल और उनके परिवार से 11 घंटे तक पूछताछ की. दस्तावेजों और सोने-चांदी के जेवरातों की जांच की. परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की भी जानकारी की. ईडी की टीम ने भूपेश के घर से 33 लाख रुपए नगद बरामद किया है.
ईडी की कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेसवार्ता कर कहा, सुबह-सुबह मेरे निवास पर ईडी के अधिकारी पहुंच गए थे. मुझे विधानसभा जाने से मना किया. मोबाइल मांगा नहीं दिया तो बात करने से मना किया. जांच में 33 लाख रुपए नगद मिला है. हमने इसका हिसाब देने की बात कही है. पत्नी, बहू, बच्चों, बेटे की अलमारी खंगाली, लेकिन उनको कुछ मिला.
मंत्री दयाल दास बघेल के विभागों के लिए 9 हजार 362 करोड़ रूपए अनुदान मांगे पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा के बाद आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल के विभागों से संबंधित 9,362 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित कर दी गई। चर्चा में विधायक अजय चंद्राकर, पुन्नूलाल मोहले, भावना बोहरा, गोमती साय, सुशांत शुक्ला और राजेश मूणत ने हिस्सा लिया।
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने अपने विभागों की अनुदान मांगों की चर्चा के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। हमारी सरकार किसानों, गरीबों सहित सभी वर्गाें के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने सदन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरा करते हुए पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी की है। इस खरीफ सीजन में 25 लाख 49 हजार 592 पंजीकृत किसानों से 149.25 लाख मेट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जो राज्य बनने के बाद से अब तक की सर्वोच्च खरीदी है। धान खरीदी की एवज में इन किसानों को समर्थन मूल्य के तहत 34 हजार 348 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।
मंत्री श्री बघेल ने बताया कि इस साल किसानों ने पिछले वर्ष की तुलना में 77 हजार 151 अधिक धान बेचा है। वहीं 04 लाख 32 हजार टन से अधिक धान की खरीदी की गई है। वहीं पिछले साल की तुलना में 28 लाख 76 हजार रकबा का धान किसानों द्वारा बेचा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित 2739 धान खरीदी केंद्रों में किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के द्वारा धान खरीदी की गई। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर उनके खाते में धान की राशि का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि धान के अवैध परिवहन तथा समितियों में बोगस विक्रय को रोकने के लिए जांच दल गठित कर निरंतर कार्यवाही की गई। इस दौरान 1317 प्रकरण दर्ज कर 69,251 क्विंटल धान तथा 221 वाहनों को जप्त किया गया।
मंत्री श्री बघेल ने सदन में कहा कि इस वर्ष रिकार्ड धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मीलिंग के माध्यम से धान के त्वरित निराकरण की कार्यवाही भी की जा रही है। इस खरीफ सीजन में खरीदे गए 149.25 लाख मीट्रिक टन धान में से 98.37 लाख मीट्रिक टन याने 66 प्रतिशत धान का कस्टम मीलिंग के लिए उठाव हो चुका है।
मंत्री श्री बघेल ने सदन में कहा कि खाद्य विभाग आम जनता से जुड़ी हुई विभाग है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शीं सोच कि कोई भी गरीब भूखा न सोए, इस संकल्पना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरूआत कर गरीबों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया, जिसका लाभ राज्य के ढाई करोड़ से अधिक परिवारों को मिला। इस योजना को बढ़ाकर दिसंबर 2028 तक कर दिया गया है। राज्य सरकार भी योजना को निरंतरता प्रदान करते हुए राज्य के सभी गरीब, अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले 72 लाख 29 हजार राशनकार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक निःशुल्क चावल वितरण का निर्णय लिया है, इससे राज्य के इन परिवारों को वर्ष 2028 तक अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि देश में कुपोषण की समस्या की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने फोर्टिफाईड चावल वितरण का निर्णय लिया है। ताकि स्वास्थ्य सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन कर सके। सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यान्ह भोजन तथा पूरक पोषण आहार योजना के हितग्राहियों में एनिमिया एवं पोषक तत्वों की कमियों को दूर करने के लिए पोषक तत्वों से युक्त फोर्टिफाईड चावल का वितरण किया जा रहा है। इसमें आयरन, फॉलिक एसिड, विटामिन बी-12 आदि भरपूर मात्रा में होता है। यह कुपोषण को दूर करने में कारगर साबित हो रहा है।
मंत्री श्री बघेल ने बताया कि सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए बस्तर और सरगुजा आदिवासी विकासखण्डों के गरीब परिवारों को रियायती दर पर 02 किलो चना प्रदान किया जा रहा था। इसका दायरा बढ़ाकर माढ़ा क्षेंत्रों को शामिल किया गया। वर्तमान में 25 लाख से अधिक परिवारों को प्रति माह 5800 मीट्रिक टन चना वितरण किया जा रहा है। इसके लिए बजट में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही अमृत मिशन योजना के तहत अंत्योदय, निराश्रित तथा बीपीएल राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह आयोडिन युक्त नमक प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
मंत्री श्री बघेल ने सदन में बताया कि राज्य में पीडीएस की अधोसंरचना के विस्तार के लिए 136 नए उचित मूल्य की दुकानें खोली गई, जिससे हितग्राहियों को सुगमता से राशन सामग्री प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही 500 से अधिक राशनकार्ड होने पर दुकानों को विघटन कर नई राशन दुकान प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है। ताकि नए-नए स्व-सहायता समूह-समितियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान 4 लाख 73 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं तथा 6 लाख 13 हजार नए सदस्यों के नाम राशनकार्डों में जोड़े गए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में संचालित 13 हजार 907 उचित मूल्य की दुकानों में ई-पास मशीन स्थापित की जा चुकी है। प्रतिमाह औसतन 96 प्रतिशत हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण के जरिए राशन सामग्री वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही वन नेशन वन राशनकार्ड व्यवस्था के तहत राशनकार्डधारियों को मनपसंद दुकान चुनने की भी सुविधा प्रदान की गई है। माह जनवरी 2025 में 9 लाख 20 हजार राशनकार्डधारी परिवारों द्वारा अपनी मूल दुकान के बजाय अपनी मनपसंद एवं सुविधा अनुसार अन्य दुकानों से राशन सामग्री का उठाव किया गया।
खाद्य मंत्री श्री बघेल ने सदन में बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न की बंपर उत्पाद को देखते हुए भण्डारण क्षमता को बढ़ाने निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि खाद्यानों का रख-रखाव उचित ढंग से हो सके। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम की 139 शाखाएं संचालित हैं। निगम की स्वनिर्मित भण्डारण क्षमता 24.77 लाख टन है तथा 1.95 लाख टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जा रहा हैं। वहीं निगम द्वारा चावल उपार्जन हेतु गोदामों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 10.30 लाख टन क्षमता के नए गोदामों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है, इसके लिए बजट में 300 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि माप एवं तौल की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए बांट माप तौल के सत्यापन की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। इसके लिए सत्यापन की सेवाएं ऑनलाईन भी करने का सुविधा भी दी गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में 314 बांट माप सत्यापन शिविरों का आयोजन 88 हजार 121 व्यापारियों का बांटमाप तौल का सत्यापित किया गया, इससे राज्य को 10 करोड़ 76 लाख की राजस्व की प्राप्ति हुई है।
आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में 3934 बच्चों का स्वर्णप्राशन, 800 बच्चों को स्वर्णप्राशन किट और 350 को बाल रक्षा किट का भी किया गया वितरण
रायपुर। राजधानी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में पुष्य नक्षत्र पर आज 3934 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन के लिए पहुंचे 800 बच्चों को स्वर्णप्राशन किट और 350 बच्चों को बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा महाविद्यालय को ये किट उपलब्ध कराए गए थे।
आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा ने आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में बच्चों और परिजनों को ये किट प्रदान किए। उन्होंने स्वयं बच्चों का स्वर्णप्राशन भी कराया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला और महाविद्यालय की प्रभारी अधीक्षक डॉ. अरुणा ओझा सहित अनेक प्राध्यापक भी इस दौरान मौजूद थे।
स्वर्णप्राशन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बताया कि हर पुष्य नक्षत्र तिथि में आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों का स्वर्णप्राशन कराया जाता है। यह बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव में बहुत लाभदायक और उपयोगी है। वे स्वर्णप्राशन के लिए आने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करते हैं। इसी कड़ी में आज करीब चार हजार बच्चों का स्वर्णप्राशन किया गया है।
