रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने दिनभर की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया। विधानसभा की कार्यवाही बहिष्कार को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस की निंदा की है।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि “पिछली सरकार में माफियाराज चला और अब जो घोटाले हुए हैं, उन पर कार्रवाई होना तय है। विधायक चाहे भाजपा के हों या कांग्रेस के, अगर किसी ने घोटाले को अंजाम दिया है तो जांच होगी। पूरा देश जानता है कि पिछले पांच साल में किस तरह माफियाराज चला। कांग्रेस के नेताओं ने घोटाले किए और अब उन्हीं पर कार्रवाई हो रही है।”
उन्होंने विपक्ष के हंगामे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों ने प्रश्नकाल नहीं चलने दिया, जबकि वे अपनी बात बाद में भी रख सकते थे। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव खुद कांग्रेस विधायकों को मनाने गए थे, लेकिन उन्होंने सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
‘लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही कांग्रेस’
ओपी चौधरी ने कांग्रेस के रवैये की आलोचना करते हुए कहा, “विधानसभा प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत है, जहां जनता के करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। सदन की प्रक्रिया को बाधित करना लोकतंत्र की आत्मा पर चोट पहुंचाने जैसा है।”
बता दें कि भूपेश बघेल के निवास पर ED की टीम ने आज तड़के छापेमारी की है। जानकारी के अनुसार, ED की टीम भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास सहित चैतन्य बघेल के घर और प्रदेशभर में कुल 14 ठिकानों पर ईडी की टीम ने दबिश दी है। फिलहाल, ईडी की अलग-अलग टीमें रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों में एक साथ छापेमारी की है, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
भूपेश बघेल ने इसे ‘षड्यंत्र’ बताया
सात वर्षों से चले आ रहे झूठे केस को जब अदालत में बर्खास्त कर दिया गया तो आज ED के मेहमानों ने पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई निवास में आज सुबह प्रवेश किया है। अगर इस षड्यंत्र से कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है।
किन मामलों में हो रही जांच?
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में की जा रही है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का नाम सामने आया था, जिसके बाद से ही वे ईडी के रडार पर थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन की कार्यवाही विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के साथ शुरू हुई. कांग्रेस विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर ईडी की छापेमारी का मुद्दा उठाते हुए सदन में जोरदार नारेबाजी की. इस हंगामे के बाद स्पीकर ने विपक्ष के विधायकों को निलंबित कर दिया.
प्रश्नकाल से पहले ही विपक्ष ने इस मुद्दे को सदन में उठाया और सत्ता पक्ष पर ईडी के जरिए डराने-धमकाने का आरोप लगाया. कांग्रेस विधायकों ने ‘ईडी से डराना बंद करो’ जैसे नारे लगाकर विरोध जताया.
इस दौरान स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद आप (विपक्ष) शून्यकाल के दौरान उठाए, लेकिन विपक्ष ने सदन के भीतर तेज हंगामे के साथ नारे लगाए. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. व्यवस्था के बाद भी लगातार विपक्ष सदन के भीतर नारेबाजी करते रहा.
नारेबाजी के दौरान विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें निलंबित कर दिया. निलंबन के बावजूद कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में ही धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन जारी रखा.
वहीं इस मामले में BJP के वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि विधानसभा में गैर-जिम्मेदारी से विपक्ष अपने दायित्व का निर्वहन कर रही है. विपक्ष अपनी बातों को नियमों के तहत उठा सकती है. सदन में छापे की बात कर कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस को नियम, क़ायदा, क़ानून पर विश्वास नहीं है. नियमों का पालन करना कांग्रेस के सिद्धांतों में नहीं है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के पूर्व सांसद एवं प्रखर जननेता स्वर्गीय बलिराम कश्यप की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री कश्यप केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि बस्तर के जन-जन के हृदय में बसे जननायक थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज और क्षेत्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कश्यप का राजनीतिक जीवन दृढ़ निष्ठा, ईमानदारी और अपार जनसमर्थन का प्रतीक था। वे जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर राजनीति में आए और जनकल्याण को ही अपने सार्वजनिक जीवन का ध्येय बनाया। बस्तर की जनता के साथ उनका आत्मीय रिश्ता ही था कि उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा से लेकर लोकसभा तक लंबे समय तक जनता का प्रतिनिधित्व किया और हर मंच पर उनकी आवाज बुलंद की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय बलिराम कश्यप अपने विचारों और सिद्धांतों से कभी पीछे नहीं हटे। वे सदैव बस्तर की पहचान, उसके विकास और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहे। उनकी नेतृत्व क्षमता और संघर्षशीलता ने बस्तर को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपने चार दशकों से अधिक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने न केवल जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया, बल्कि बस्तर के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सपना भी देखा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री बलिराम कश्यप सही मायनों में बस्तर की आत्मा थे। उनकी सादगी, विनम्रता और नेतृत्व की ताकत ने उन्हें जनता के बीच अमर बना दिया है। उनका संघर्ष, सेवा और संकल्प हमें सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व वही है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में बदलाव लाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय बलिराम कश्यप का योगदान युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगा।
रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई-3 स्थित निवास पर ईडी की छापेमारी ने प्रदेश राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है. पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि अगर इस षड़यंत्र से कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है.
भूपेश बघेल ने ईडी की छापेमारी के करीबन डेढ़ घंटे बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर किए अपने पोस्ट में सेक्स सीडी कांड में अदालत से मिली राहत का जिक्र करते हुए कहा कि सात वर्षों से चले आ रहे झूठे केस को जब अदालत में बर्खास्त कर दिया गया तो आज ED के मेहमानों ने पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई निवास में आज सुबह प्रवेश किया है. तो वहीं दूसरी ओर इस छापेमारी का कनेक्शन पंजाब से जोड़ते हुए कहा कि अगर कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को हाल ही में कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी महासचिव नियुक्त करने के साथ-साथ पंजाब का प्रदेश प्रभारी भी नियुक्त किया है. पंजाब में जिस तरह से भूपेश बघेल का स्वागत हुआ, उसकी चर्चा छत्तीसगढ़ में होती रही.
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक बार फिर प्रदेश में सक्रिय है. ईडी की टीम ने सहेली ज्वेलर्स, किशोर राइस मिल के अलावा भिलाई के बिल्डर अजय चौहान और आशीष वर्मा के ठिकानों पर दबिश दी है. जानकारी के अनुसार, टीम ने कुल 14 ठिकानों पर छापेमारी की है, जहां दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज तड़के छापेमारी की है. जानकारी के अनुसार, ED की टीम भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास सहित चैतन्य बघेल के घर और अन्य कई स्थानों पर कार्रवाई कर रही है.
इस रेड को लेकर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के इशारे पर ईडी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर ईडी पहुंची है.
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री संतोष पटेल अब राष्ट्रीय रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री बन गए है. भारतीय रेलवे मजदूर संघ के 21 वे त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन 8 एवं 9 मार्च 2025 को बीकानेर (राजस्थान) में सम्पन्न हुआ, इस अधिवेशन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महामंत्री सन्तोष कुमार पटेल को भारतीय रेल्वे मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं तिरुमलेश नायडू को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया.
बता दें कि सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की स्थापना सन 1956 में हुई थी. रेल कामगारों में सर्वाधिक लोकप्रिय बनाने एवं उनका विश्वास जीतने में इस कामगार हितैषी संगठन के संस्थापक अध्यक्ष स्व. एस.एम. शुक्ला की अहम भूमिका रही। जो वट वृक्ष स्व. शुक्ला ने रोपित किया था उसे उनकी 1988 में मृत्यु के उपरांत वर्तमान अध्यक्ष मजदूर मसीहा डॉ. आर.पी. भटनागर ने अपने खून-पसीने सी सींचा और आज यह समस्त मध्य रेलवे के कामगारों के विश्वास का प्रतीक बन चुका है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी वीर जवानों, अधिकारियों तथा समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि सीआईएसएफ देश की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो राष्ट्र के औद्योगिक, संवेदनशील प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। बल के जवान अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से हर परिस्थिति में राष्ट्र की सेवा में समर्पित रहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीआईएसएफ केवल औद्योगिक और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों से लेकर आतंरिक सुरक्षा तक, हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में अपने साहस और कर्तव्यपरायणता की मिसाल पेश करता है। उन्होंने कहा कि शांतिकाल हो, संकट की घड़ी हो या युद्धकाल, सीआईएसएफ के जवान अपने पराक्रम और निष्ठा से देशवासियों को सुरक्षित रखने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। यह स्थापना दिवस उनके योगदान को नमन करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की सुरक्षा और विकास यात्रा में सीआईएसएफ का योगदान अमूल्य है। उन्होंने इस अवसर पर सीआईएसएफ के सभी वीर जवानों और उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के मुंगेली नाका मैदान में संभागीय सरस मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने लगाया गया यह सरस मेला स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिलाओं के साथ ही ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने का माध्यम है। स्वसहायता समूह की दीदियां आज आत्मनिर्भर हो रही हैं, अपने परिवार का आर्थिक संबल बन रही हैं। संभाग की सभी जिलों से दीदियां अपनी कला का प्रदर्शन करने आयी हैं। दूसरी महिलाओं को भी यहां आकर उनसे प्रेरणा मिलेगी और वे भी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएंगी। मेले में बिलासपुर संभाग की 55 स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने 52 स्टॉलों में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए प्रदर्शनी सजायी है। यह मेला 12 मार्च तक चलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मेले में सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। अपने उत्पाद लेकर पहुंची महिलाओं से चर्चा कर उनका मनोबल बढ़ाया। विधायकगण धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, दिलीप लहरिया, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह, डीफओ सत्यदेव शर्मा, नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार और जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल भी इस दौरान उनके साथ थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि की आसंदी से सरस मेले को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अनेक योजनाएं चलायी जा रही हैं। महतारी वंदन योजना, उज्जवला योजना, लखपति दीदी जैसी बहुत सी योजनाएं महिलाओं की बेहतरी के लिए चलायी जा रही हैं। इन योजनाओं के चलते महिलाएं आज मजबूत हुई हैं। वे परिवार और समाज के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे रही हैं। आज गांव-गांव में समूह की दीदियां लखपति बन गयी हैं। यहां सरस मेले में वे बिजौरी से लेकर गुलाल और अपने तमाम उत्पादों की बिक्री के लिए आयी हैं। उनका आत्मविश्वास देखते बनता है।
श्री साव ने कहा कि जब तक महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं बनेंगी, तब तक हमारा समाज भी सशक्त नहीं बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि सभी दीदियां लखपति दीदी बनें, आत्मनिर्भर बनें, विकसित और समृद्व भारत बनाने में अपना योगदान दें।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 मार्च को बिलासपुर में कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बिल्हा के ग्राम मोहभट्ठा में प्रधानमंत्री की विशाल आमसभा होगी। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज स्थल निरीक्षण कर इसकी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। विधायकगण धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी रजनेश सिंह सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस के आला अफसर भी इस दौरान मौजूद थे।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मैदान के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए चिन्हांकित स्थलों का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हजारों करोड़ की सौगात लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया कि हितग्राहियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। आसपास रहने वाले लोगों को भी किसी तरह की परेशानी न हो। सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी है।
केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री साहू और उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मैदान के हर कोने का भ्रमण कर बारिकी से निरीक्षण किया। उन्होंने हेलीपेड, मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रदर्शनी स्थल, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था आदि के संबंध में अधिकारियों से चर्चा कर जरूरी निर्देश दिए। डीएफओ सत्यदेव शर्मा, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अमित कुमार तथा जिला पंचायत के सीईओ एवं सहायक नोडल अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित आमसभा की तैयारी से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।
रायपुर। महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित “महतारी वंदन योजना” पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित महतारी वंदन अभिनंदन समारोह में ‘महतारी वंदन कॉमिक्स’ का विमोचन किया। यह कॉमिक्स महतारी वंदन योजना की उपलब्धियों और इसके प्रभाव को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पहल को योजना के उद्देश्य और जनसंदेश को व्यापक रूप से पहुँचाने का अभिनव प्रयास बताया।
समारोह में कार्टून वॉच इंडिया की आरती शर्मा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने इस कॉमिक्स के निर्माण में अहम योगदान दिया। इस कॉमिक्स के माध्यम से महतारी वंदन योजना की सफलता को सृजनात्मक तरीके से दर्शाया गया है, जिससे यह योजना की लाभार्थी महिलाओं, बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सिंधु अमरधाम तीर्थ, बिलासपुर के पीठाधीश्वर पूज्य संत लालदास साहेब ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने पूज्य संत लालदास साहेब का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में शानदार जीत की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। दुबई में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और दृढ़ संकल्प की जीत करार दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय टीम के जुझारूपन, अनुशासन और टीम वर्क की सराहना करते हुए कहा कि बारह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत ने एक बार फिर चैम्पियंस ट्रॉफी अपने नाम की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने टीम इंडिया को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले वर्षों में भी इसी जोश और जज्बे के साथ देश को गौरवान्वित करती रहेगी।
रायपुर। रविवार की छुट्टी के दिन ACB की छापेमारी से भ्रष्ट अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। ACB और EOW की तरफ से तरफ दी गयी अधिकृत जानकारी के मुताबिक 3 अधिकारियों के 15 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। छापेमारी में करोड़ों के जमीन के दस्तावेज, काफी मात्रा में कैश, ज्वेलरी और सोना-चांदी बरामद किया गया है।
इन अधिकारियों के ठिकानों पर दबिश
एसीबी-ईओडब्ल्यू की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक समग्र शिक्षा विभाग के सुकमा में पदस्थ डीएमसी श्याम सुंदर सिंह चौहान, सुकमा के तत्कालीन DFO अशोक कुमार पटेल और आदिवासी विकास विभाग में पदस्थ उपायुक्त आनंद जी सिंह के ठिकानों पर एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई चल रही है।
इन स्थानों पर छापा
अधिकारियों के अलावे उनके करीबियों और रिश्तेदारों के घर भी एसीबी की टीम पहुंची हुई है। जिन जगहों पर कार्रवाई हो रही है, उसमें सुकमा, छिंदगढ़, रायगढ़, पुसौर, सारंगढ़, बीजापुर, जगदलपुर, गीदम, कोंटा, दंतेवाड़ा में कार्रवाई चल रही है। इन जगहों पर काफी मात्रा में कैश, जमीन के दस्तावेज, सोना-चांदी और ज्वेलरी बरामद की गयी है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आयोजित ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग की महिला अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की भूमिका को समाज और शासन-प्रशासन में महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी मेहनत, समर्पण और कार्यकुशलता की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जनसंपर्क विभाग की अपर संचालक हर्षा पौराणिक, संयुक्त संचालक अंजू नायक, उप संचालक श्रुति ठाकुर, सहायक संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक संगीता लकड़ा, सहायक सूचना अधिकारी वर्षा ठाकुर को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनसंपर्क विभाग की महिला अधिकारियों ने राज्य सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियों को प्रभावी रूप से जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी प्रतिबद्धता और कार्यशैली ने संचार को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला अधिकारियों को सम्मान पत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर उनकी सेवाओं को सराहा। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों ने अपनी कड़ी मेहनत और दक्षता से शासन-प्रशासन के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। सरकार ऐसे कर्मठ अधिकारियों को हमेशा प्रोत्साहित करेगी और महिलाओं के लिए सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध कार्य वातावरण सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और महिला कर्मचारियों की उपस्थिति रही। सम्मान प्राप्त करने वाली महिला अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक प्रेरणा देगा, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर ढंग से निभा सकेंगी।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में पदयात्रा निकाल रहा है। इस आंदोलन के तहत महासंघ के सदस्य राज्य के विभिन्न जिलों में वाहन चालकों से संपर्क कर उन्हें 19 मार्च को रायपुर पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। महासंघ का कहना है कि वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
बलौदाबाजार पहुंची पदयात्रा, विभिन्न जिलों में कर रहे संपर्क
ड्राइवर महासंघ का एक दल आज पदयात्रा करते हुए बलौदाबाजार पहुंचा, जहां उन्होंने स्थानीय वाहन चालकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और आगामी रणनीति पर चर्चा की। महासंघ का कहना है कि वे रातभर बलौदाबाजार में विश्राम करेंगे और अगले दिन आगे की यात्रा शुरू करेंगे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर वाहन चालकों से मिलकर 19 मार्च को रायपुर में एकजुट होने की अपील की जाएगी। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार तक वाहन चालकों की समस्याओं को पहुंचाना है।
महासंघ की मुख्य मांगें
छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ के प्रदेश प्रभारी संतोष देवांगन ने बताया कि ड्राइवरों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने बताया कि वाहन दुर्घटना होने पर सबसे पहले ड्राइवर को ही दोषी ठहराया जाता है और उनके साथ मारपीट की जाती है। वहीं, कई मामलों में वाहन मालिक भी चोरी का आरोप लगाकर चालकों को प्रताड़ित करते हैं। इसके अलावा, ड्राइवरों को बीमा का लाभ नहीं मिलता, तनख्वाह बहुत कम होती है, जिससे उनके परिवार का गुजारा मुश्किल हो जाता है। इन्हीं समस्याओं को लेकर महासंघ तीन प्रमुख मांगों को सरकार के सामने रखेगा:
ड्राइवर आयोग की स्थापना: ड्राइवरों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने और उनकी शिकायतों की सुनवाई के लिए सरकार को एक आयोग बनाना चाहिए। ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन: दुर्घटना या अन्य किसी आपदा की स्थिति में ड्राइवरों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक कल्याणकारी बोर्ड की जरूरत है। ड्राइवर दिवस की घोषणा एवं अवकाश: अन्य व्यवसायों की तरह ड्राइवरों के लिए भी एक विशेष दिवस तय किया जाए और उस दिन अवकाश घोषित किया जाए।
महासंघ का आरोप: सुनवाई नहीं होती, मजबूरी में आंदोलन
प्रदेश प्रभारी संतोष देवांगन ने कहा कि ड्राइवरों को कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलती। दुर्घटना के बाद न तो उन्हें उचित मुआवजा मिलता है और न ही परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था होती है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर महासंघ ने पहले भी अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की थी, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अब 19 मार्च को रायपुर में मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर फिर भी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आगे की रणनीति बनाकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
रायपुर में जुटेंगे प्रदेशभर के वाहन चालक
महासंघ के अनुसार, इस बार पूरे प्रदेश से हजारों वाहन चालक रायपुर पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। संगठन का कहना है कि यह उनका दूसरा ज्ञापन होगा। अगर इस बार भी कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और सरकार के खिलाफ कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होंगे।
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ कार्यक्रम का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला पत्रकारों को सम्मानित किया और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएँ समाज का सशक्त आधार हैं, और छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और समर्थ बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं, और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें हर अवसर पर समान अधिकार और सुरक्षा मिले।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ‘महतारी वंदन’ की संकल्पना को साकार करने के लिए समर्पित है। वर्तमान युग में महिलाएँ केवल परिवार और समाज का ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं
महिला पत्रकारों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्रकारिता में महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों ने समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों की आवाज बनने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की मेहनत, निडरता और निष्पक्षता समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद कर रही है। महिला पत्रकारों ने अपनी साहसिक पत्रकारिता से न केवल जनता के अधिकारों की रक्षा की है, बल्कि उन मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है, जो आमतौर पर अनसुने रह जाते हैं। उन्होंने महिला पत्रकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया और उन्हें आगे भी सच और न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए प्रेरित किया।
महिला सुरक्षा और सुविधाओं पर सरकार का विशेष ध्यान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य में विशेष महिला थानों, हेल्पलाइन सेवाओं और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में महिला थानों और कामकाजी महिलाओं के लिए सुविधाओं का विशेष प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘महतारी वंदन’ योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है।
सम्मानित हुईं महिला पत्रकार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रश्मि ड्रोलिया, ज्योति सिंह, मधुमिता पाल, सरिता दुबे, निशा द्विवेदी, निधि प्रसाद, शगुफ्ता शिरीन, चित्रा पटेल, करिश्मा सोनी, आफताब बेगम, खुशबू ठाकरे, तनु वर्मा, आकांक्षा तिवारी, आकांक्षा दुबे, रसिका पांडे सहित 60 से अधिक महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहायक है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों को छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाएँ उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि महिलाएँ केवल आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि समाज में अपनी पहचान को और अधिक मजबूत करें। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं को और अधिक विस्तारित करने पर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर शासन की योजनाओं से संबंधित बुकलेट, ब्रोशर और पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे इनका लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।
सम्मान में दी गईं स्मृति चिन्ह और उपहार
कार्यक्रम के दौरान महिला पत्रकारों और गणमान्य महिलाओं को सम्मानस्वरूप शॉल, स्मृति चिन्ह और आकर्षक बैग भेंट किए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके कार्यों की सराहना नहीं, बल्कि उनके योगदान को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी है।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि महिलाएँ आत्मनिर्भर बनें, और वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह से जागरूक हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आने वाले समय में सरकार नई योजनाओं को लागू करेगी, जिनमें महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक महिला को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों और उपस्थित गणमान्य महिलाओं के साथ संवाद किया और उनके विचारों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार महिलाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को और अधिक सशक्त करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार प्रकट किया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सुकमा। जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र गोमगुड़ा के जंगलों में नक्सलियों के ठिकाने पर दबिश देकर पुलिस ने उनके प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा सामान बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस बल, कोबरा 203 बटालियन और सीआरपीएफ 241 बटालियन की संयुक्त टीम को जलेरगुड़ा जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई। ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के प्रिंटर, इन्वर्टर मशीन और अन्य सामग्री बरामद की।
स्पाइक ट्रैप लगाकर जवानों को नुकसान पहुंचाने की साजिश नाकाम
नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए ठिकाने के आसपास कई जगह स्पाइक ट्रैप बिछाए थे। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते किसी प्रकार की हानि नहीं हुई। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। इलाके में अभी भी सर्चिंग अभियान जारी है, ताकि किसी और ठिकाने का पता लगाया जा सके।