प्रदेश
स्कूलों की होगी मरम्मत, शौचालय निर्माण और बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने का कार्य तेज़ी से जारी है। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शालाओं में अधोसंरचना को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। शासन ने 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जांजगीर चांपा जिले के स्कूलों में मरम्मत, जीर्णाेद्धार और आवश्यक निर्माण कार्यों की मंजूरी प्रदान की है। शासन की इस स्वीकृति से विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधायुक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा। वहीं जिला खनिज संस्थान न्यास से 12 स्कूल में अतिरिक्त कक्ष एवं नौनिहालों को 8 आंगनबाड़ी भवन के लिए 2 करोड़ 9 लाख 56 हजार की स्वीकृति दी गई है। जिले में कुल 4 करोड़ 9 लाख से अधिक रूपए की स्वीकृति विभिन्न कार्यों के लिए दी गई है।
जिले के 94 प्राथमिक शालाएं और 53 माध्यमिक विद्यालय में 77 लाख 86 हजार रुपये की लागत से अतिआवश्यक मरम्मत कार्य किए जाएंगे। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में 49 लाख 77 हजार रूपए की स्वीकृति दी गई है। जिसमे छत मरम्मत, दीवार, फर्श, खिड़की-दरवाजे, पेयजल, शाला में जल भराव निकासी को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा। 114 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ में 47 लाख रुपये की लागत से एवं 38 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल 27 लाख रुपये नवीन शौचालय निर्माण एवं पुराने शौचालयों का जीर्णाेद्धार होगा।
इसके साथ ही जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि से 12 स्कूल भवन में अतिरिक्त कक्ष की सौगात स्कूली बच्चों को मिलेगी। इसके लिए 96 लाख 84 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं जिले के नौनिहालों के लिए आठ आंगनबाड़ी भवन तैयार किये जाएंगे, इसके लिए 1 करोड़ 12 लाख 72,000 रूपए की स्वीकृत प्रदान की गई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले।
विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस स्वीकृति से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्य, न सिर्फ स्कूलों की स्थिति को बेहतर कर रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, उपस्थिति और प्रदर्शन को भी नया आयाम दे रहे हैं।
शिक्षकों के कोचिंग संस्थान व ट्यूशन संस्थान चलाने पर रोक, जारी हुआ आदेश
रायपुर। शिक्षक अब कोचिंग संस्थान या ट्यूशन क्लासेस नहीं चला सकेंगे। इस सबंध में सभी प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठकों, शिक्षक व सहायक शिक्षकों को निर्देश जारी कर दिया है। अगर किसी भी शिक्षक के खिलाफ कोचिंग व ट्यूशन क्लासेस में पढ़ाने की शिकायत मिलती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
दरअसल ये आदेश कवर्धा जिले से जारी किया गया है। डीईओ कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक कवर्धा में शासकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के धड़ल्ले से प्राइवेट कोचिंग संस्थान चलाने की शिकायत मिल रही थी। डीईओ ने शिक्षकों के इस कृत्य को नियम विरुद्ध बताया है। डीईओ ने कहा है कि कोचिंग संस्थान चलाना केवल अपने आप को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों से मोटी रकम वसूलना है।
डीईओ ने इसे अनुचित बताते हुए RTE के बाल शिक्षा अधिकार कानून के खिलाफ बताया है। डीईओ ने अपने आदेश में कहा है कि अगर किसी भी शिक्षक को अशासकीय कोचिंग संस्थान से संबद्ध पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

केरल के भाजपा महामंत्री अनूप एंटोनी ने गृह मंत्री विजय शर्मा से की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. दिल्ली तक गूंज के बाद केरल के भाजपा महामंत्री अनूप एंटोनी मंगलवार को रायपुर पहुंचे. केरल के भाजपा महामंत्री अनूप एंटोनी ने गृह मंत्री विजय शर्मा के निवास पर उनसे मुलाकात कर बैठक की.
केरल भाजपा नेता अनूप एंटोनी ने गृहमंत्री शर्मा से की मुलाकात
अनूप एंटोनी केरल भाजपा के स्टेट जनरल सेक्रेटरी है. मंगलवार को उन्होंने गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात करने के लिए उनके निवास पहुंचे. इस दौरान धर्मांतरण केस में अरेस्ट दो ननों की गिरफ्तारी को लेकर बातचीत हुई. बता दें कि गिरफ्तार दोनों केरल की रहने वाली है.
GRP ने दो ननों को किया गिरफ्तार
घटना 25 जुलाई की है जब दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए दो ननों और एक युवक को रोका. आरोप था कि तीनों, नारायणपुर जिले की तीन लड़कियों को बहला-फुसलाकर आगरा ले जा रहे थे. बजरंग दल की जिला संयोजिका ज्योति शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी करते हुए GRP के हवाले कर दिया. GRP थाना भिलाई-3 के अंतर्गत दुर्ग जीआरपी चौकी में मामले की जांच शुरू हुई और धर्मांतरण की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
संसद तक पहुंचा मामला, UDF सांसदों ने किया प्रदर्शन
इस घटना की गूंज संसद में भी सुनाई दी. 28 जुलाई को संसद भवन के बाहर UDF के सांसदों ने इस कार्रवाई के खिलाफ जोरदार किया. AICC महासचिव वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कैथोलिक ननों की चौंकाने वाली गिरफ्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज यूडीएफ सांसदों ने संसद के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
बिना किसी अपराध के हिंसक भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया. भाजपा-आरएसएस तंत्र द्वारा, सभी अल्पसंख्यकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है और अपने धर्म का पालन करने वाले साथी नागरिकों को डराने-धमकाने के लिए गुंडे तत्वों को छोड़ दिया जाता है. छत्तीसगढ़ में बजरंग दल के गुंडों और पुलिस के बीच यह जुगलबंदी धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति भाजपा की असली मंशा को दर्शाती है. हम उनकी तत्काल रिहाई और निर्दोष ननों के लिए न्याय की मांग करते हैं.
भारी बारिश के चलते कुआं धंसा, एक ही परिवार के 3 लोग मलबे में दबे, रेस्क्यू जारी
कोरबा। जिले में भारी बारिश के चलते एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। कटघोरा थाना क्षेत्र के बनवार गांव में एक पुराना कुआं अचानक जमींदोज हो गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के बीच तीनों सदस्य कुएं में लगे मोटर पंप को निकालने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक कुएं की जमीन धंस गई और तीनों लोग गड्ढे में समा गए। आशंका जताई जा रही है कि तीनों की मौत हो चुकी है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपदा बचाव दल मौके पर पहुंच गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। गांव में मातम का माहौल है और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए हैं।
भारी बारिश बनी हादसे की वजह
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते जमीन कमजोर हो गई थी, जिससे कुएं की मिट्टी बैठ गई और यह हादसा हो गया। प्रशासन की ओर से अब आसपास के पुराने कुओं और अन्य जोखिम भरे स्थानों का भी निरीक्षण किया जाएगा।
शराब घोटाला: अनवर ढेबर को हाईकोर्ट से लगा झटका, FIR रद्द करने की दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार
बिलासपुर। बहुचर्चित आबकारी घोटाले में आरोपी अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अनवर ढेबर द्वारा गिरफ्तारी और एफआईआर रद्द करने के लिए दाखिल की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिका को निराधार करार देते हुए इसे सुनवाई योग्य नहीं माना।
अनवर ढेबर ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला दिया था। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी को रद्द किया जाए।सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अनवर ढेबर की जमानत याचिका पहले ही दो बार खारिज हो चुकी है। ऐसे में अब गिरफ्तारी रद्द करने की मांग न्यायसंगत नहीं है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की याचिकाएं न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश मानी जाती हैं और इसका कोई ठोस आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अभियोजन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है।हाईकोर्ट के इस फैसले से अनवर ढेबर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आबकारी घोटाले में पहले से ही कई बड़े नाम शामिल हैं, और इस मामले की जांच राज्य स्तर पर गंभीरता से जारी है।
बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश में लॉज, ढाबों सहित कई जगहों पर छापेमारी
धमतरी। जिले में विदेशी नागरिकों की अवैध मौजूदगी को लेकर धमतरी पुलिस ने सघन अभियान शुरू कर दिया है। खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों की तलाश को लेकर पुलिस सक्रिय हो गई है। जिलेभर के होटलों, लॉज, ढाबों और किराए के मकानों में आधी रात तक औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।
हर दस्तावेज की हो रही गहन जांच
इस तलाशी अभियान में पुलिस उन लोगों के दस्तावेजों की विशेष जांच कर रही है जो संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी जैसे पहचान पत्रों की असलियत को परखा जा रहा है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
मोहल्लों-बस्तियों में निगरानी बढ़ी
शहर के मोहल्लों और बस्तियों में किरायेदारों की सूची खंगाली जा रही है, और उनकी नागरिकता की पुष्टि की जा रही है। मुखबिर तंत्र को भी अलर्ट कर दिया गया है, और उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
एसपी सूरज सिंह परिहार ने दी जानकारी
धमतरी के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि उन्हें शासन और पुलिस मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि जिले में अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी की आशंका है। विशेष रूप से बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के देश में घुसपैठ कर, देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं, पर अभियान जारी
हालांकि अब तक कोई विदेशी नागरिक पकड़ा नहीं गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। देश के अन्य हिस्सों से आपराधिक गतिविधियों में शामिल अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की गिरफ्तारी के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी थी कि ये लोग पहचान बदलकर देश में छिपे हो सकते हैं।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी मांग रहे 3% कमीशन, हुई मुख्यमंत्री से शिकायत
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास निगम यानी क्रेडा में बतौर वेंडर काम करने वाले लोगो ने क्रेडा अध्यक्ष भुपेंद्र सवन्नी पर विभाग में नया सिस्टम बनाकर ईकाईयों से अपने लिए 3% की मांग करने और नहीं देने पर कार्रवाई करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में वेंडर सुरेश कुमार सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर शिकायत की है।
पत्र में सुरेश कुमार व अन्य ने कहा कि हम सभी क्रेडा में विगत कई सालों से वेंडर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। विभाग के द्वारा समय समय पर जो टेंडर जारी होता है उस टेंडर में हम भाग लेते हैं और हमें विभाग द्वारा कार्य आबंटित होता है जिसके बाद हम क्रेडा के विभिन्न परियोजनाओं के तहत फील्ड में जाकर कार्य करते हैं सोलर सिस्टम लगाते हैं।
उन्होंने कहा कि जहा एक तरफ छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन में बेहतर कार्य हो रहा है तो वहीं दुसरे तरफ़ सुशासन पर ग्रहण लगाते हुए आपके ही सरकार के अंग क्रेडा के नवनियुक्त अध्यक्ष भुपेंद्र सवन्नी के द्वारा विगत कुछ दिनों से ईकाईयों को परेशान कर जितने का कार्य पुर्व में उनके पदभार ग्रहण के पहले आबंटित हुआ है और जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उसका 3% की मांग क्रेडा कार्यालय में पदस्थ अपने निज सहायक वैभव दुबे के माध्यम से अपने लिए की जा रही है। और नहीं देने पर किसी भी कारण का उल्लेख कर या कार्यों की जांच कराकर नोटिस दिलवाने और ब्लैक लिस्टेड करने की धमकी दी जा रही है।ऐसा करके लगातार हमें प्रताड़ित किया जा रहा है जिससे हम सब बहुत परेशान हैं।


उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि तत्काल संज्ञान लेते हुए ऐसे अध्यक्ष को जो खुद के सरकार की छवि खराब करने में तुले हैं उन पर आवश्यक कार्रवाई कर हम ईकाईयों को राहत प्रदान करें। हम ईकाई अगर व्यक्तिगत या फर्म के नाम से शिकायत करते हैं तो ईनके द्वारा हमें अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हमे परेशान और प्रताड़ित करने की कोशिश की जाएगी इसलिए हम सब मिलकर समस्त क्रेडा ईकाई शिकायत कर रहे हैं। किसी फर्म के नाम का उल्लेख नहीं कर रहे हैं अगर इस मामले की गोपनीय जांच की जाए तो सारी सत्यता बाहर आ जाएगी।

हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष रहते हुए भी सवन्नी पर लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
मुख्यमंत्री को दिए शिकायत में यह भी लिखा गया है कि पुर्व में हाउसिंग बोर्ड का कार्यकाल भी भूपेंद्र सवन्नी का विवादो भरा रहा है। इन पर हाउसिंग बोर्ड की भविष्य निधि और पेंशन की 132 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने के साथ ही शासकीय धन से क्रय की गयी छोटी छोटी वस्तुओ को गायब करने का आरोप लगा है। जिसकी लिखित शिकायत भी हुई थी पर वो शिकायत पत्र फाईलों में ही दबकर रह गयी।
प्रदेश भाजपा के महामंत्री भी है सवन्नी
भूपेंद्र सवन्नी छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के महामंत्री है. वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह के बेहद करीबी है. डॉ रमन सिंह जब प्रदेश मुख्यमंत्री थे तब भूपेंद्र सवन्नी को उन्होंने हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था.
स्कूली बच्चों से भरी ई-रिक्शा को मालवाहक गाड़ी ने मारी टक्कर, 5 बच्चे गंभीर रूप से घायल
बेमेतरा। जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब स्कूली बच्चों से भरी एक ई-रिक्शा को तेज रफ्तार DJ वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 5 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि अन्य दो बच्चों को भी मामूली चोटें आई हैं।
घटना ग्राम खैरी के पास की है, जहां इंडियन पब्लिक स्कूल, नवागढ़ के छात्र रोज की तरह स्कूल जा रहे थे। उस समय ई-रिक्शा में कुल 7 बच्चे सवार थे। अचानक तेज गति से आ रहे DJ वाहन ने ई-रिक्शा को सामने से टक्कर मार दी, जिससे ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया।
घायल बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, 5 बच्चों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और आवश्यकतानुसार उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि DJ वाहन अक्सर तेज रफ्तार में चलते हैं और नियमों की अनदेखी करते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
नवागढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर DJ वाहन को जब्त कर लिया है और वाहन चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियद नेल्ला नार योजना से बदली माओवाद प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर, नई रोशनी की ओर कोंटा इलाके का मेटागुड़ा गांव
रायपुर। माओवाद प्रभावित सुदूर बस्तर अंचल का वह इलाका, जहां कभी सूरज ढलने के साथ ही घुप्प अंधेरा छा जाता था—अब वहां बिजली की रौशनी ने दस्तक दे दी है। जिला सुकमा के कोंटा विकासखंड अंतर्गत स्थित मेटागुड़ा में 27 जुलाई 2025 को जब पहली बार बिजली का बल्ब जला, तो यह सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह उस उजाले की शुरुआत थी, जो दशकों से विकास की प्रतीक्षा में खड़े लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।
कैम्प बना विकास का प्रवेश द्वार
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित नियद नेल्ला नार योजना के तहत 29 दिसंबर 2024 को मेटागुड़ा में सुरक्षा कैम्प की स्थापना हुई थी। इस सुरक्षा कैम्प ने न सिर्फ सुरक्षा का घेरा बनाया, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को भी कम किया। आज उसी कैम्प की बदौलत मेटागुड़ा और आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, संचार और अब बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचने लगी हैं।
बिजली नहीं, विश्वास पहुंचा है
बिजली आने से मेटागुड़ा और आसपास के ग्रामीणों में उत्सव जैसा माहौल है। जिन घरों में अब तक दीपक की लौ ही रोशनी का एकमात्र साधन थी, वहां अब बल्ब जल रहे हैं। बच्चों की आंखों में पढ़ाई के नए सपने हैं और बुजुर्गों के चेहरे पर सुकून की रेखाएं।
संवेदनशील क्षेत्र में कठिन रहा कार्य, लेकिन मिला सहयोग
इस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सीआरपीएफ 131वीं वाहिनी की संयुक्त मेहनत रही। इस कार्य को सफल बनाने में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, कमांडेंट सीआरपीएफ दीपक कुमार साहू एवं द्वितीय कमान अधिकारी मौली मोहन कुमार जैसे अधिकारियों का मार्गदर्शन और समन्वय रहा।
आएंगे अवसर
बिजली सुविधा से अब ग्रामीणों को न केवल रोशनी मिलेगी, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, सिंचाई, मोबाइल चार्जिंग, टेलीविजन, रेडियो जैसे संचार एवं मनोरंजन के साधनों तक भी आसान पहुंच होगी। सबसे बड़ी बात यह कि यह सुविधा ग्रामीणों को यह एहसास कराएगी कि शासन उनके साथ है और उनका भविष्य उज्जवल है।
उजाले की यह शुरुआत, विकास की लंबी यात्रा की पहली सीढ़ी
मेटागुड़ा में बिजली आना सिर्फ एक गांव का विकास नहीं है, यह प्रतीक है उस सोच का, जिसमें बस्तर के अंतिम छोर तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने की प्रतिबद्धता है। “नियद नेल्ला नार” योजना का यह सफल उदाहरण आने वाले समय में अन्य दूरस्थ और अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनेगा।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले में किया 102 करोड़ की राशि के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश को समग्र विकास की ओर अग्रसर करते हुए जनकल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये ठोस कदम आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को देश के लिए एक उदाहरण के रूप में स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी स्थित स्टेडियम परिसर में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित कर रहे थे।



मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बेहद कम समय में जनता से किए गए अधिकांश वादों को धरातल पर उतारा है। उन्होंने बताया कि गरीबों के अपने घर के सपने को साकार करते हुए 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। किसानों को धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, वहीं पिछले दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता दी जा रही है, जो सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इसी प्रकार, पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए अटल सेवा केंद्रों की स्थापना की गई है, जिससे ग्रामीण स्तर पर ही नागरिक सेवाएं सुलभ हो रही हैं।
इस अवसर पर उन्होंने बेमेतरा जिले को 102 करोड़ रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जिसमें 35.76 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का लोकार्पण और 66.91 करोड़ रुपये के 26 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने 20 ग्राम पंचायतों में सीसी रोड निर्माण हेतु प्रति पंचायत 5-5 लाख की घोषणा की। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण-संदेश दिया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दाढ़ी नगर पंचायत को बड़ी सौगात देते हुए कार्यालय भवन निर्माण के लिए 1.25 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की सभी योजनाएं गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं और इन वर्गों के जीवन को उन्नत करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा इन सभी वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही हमारी सरकार की दिशा और दृष्टि है।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक दिपेश साहू, विधायक रोहित साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मानव तस्करी के आरोपी को उच्च न्यायालय से मिली राहत
बिलासपुर। उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी और अनुसूचित जनजाति के प्रति अत्याचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव का लाभ मिला है। यह फैसला न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की खंडपीठ ने सुनाया।
वर्ष 2013 में दरसु राम पर आरोप लगाया गया, कि उसने अपने गांव डूमरपानी थाना बगीचा, जिला जशपुर के कई लोगों अच्छी मजदूरी का झांसा देकर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़, नरहरपुर और कोलकाता ले जाकर ईंट भट्ठों में जबरन काम करवाया। जहां उन्हें मजदूरी नहीं दी गई, और उन्हें बंधुआ श्रमिक की तरह रखा गया। इन मजदूरों में भिन्सु, चांदनी, भुखनी, कंदरी, अजय राम आदि शामिल थे।
इस मामले में निचली अदालत ने आरोपी को IPC की धारा 370(3), 344, 374 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(vi) के तहत दोषी ठहराया था, और 12 वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील की। जिस पर उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान पाया, कि आरोपी द्वारा पीड़ितों को उत्तर प्रदेश व कोलकाता ले जाने का तथ्य भले प्रमाणित हो, किंतु मानव तस्करी के लिए “शोषण” का आवश्यक तत्व अभियोजन सिद्ध नहीं कर पाया। न ही पीड़ितों के जबरन बंधक बनाए जाने, शारीरिक या यौन शोषण, जातीय दुर्भावना या धोखे जैसे किसी भी तत्व के ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए गए।
पीड़ितों ने यह नहीं कहा कि आरोपी उनकी जाति जानता था, या उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल मजदूरी न मिलना IPC की धारा 370 या SC/ST अधिनियम की धाराओं में सजा देने के लिए के लिए पर्याप्त नहीं है।
कोर्ट ने आरोपी को सभी आरोपों से बरी करते हुए सजा रद्द कर दी। मामले में अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक ने आरोपी की ओर से पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आर.एस. मरहास के साथ शासकीय अधिवक्ता राहुल तामस्कर एवं भाटिया पैनल लॉयर उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में पहली फास्ट मेमू-डेमू ट्रेन सेवा की मांग, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लिखा रेल मंत्री को पत्र
नई दिल्ली। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए फास्ट मेमू/डेमू लोकल ट्रेन सेवा प्रारंभ करने का आग्रह किया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य इस वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रहा है। राज्य निर्माण के बाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेल सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का रेल बजट कई गुना बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में तीसरी व चौथी रेल लाइन का निर्माण, अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का पुनर्विकास, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्य युद्ध स्तर पर हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश से गुजरने वाली मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, राजधानी, वंदे भारत, हमसफर व दुरंतो जैसी ट्रेनों से छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है, जिसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को जाता है।
हालांकि, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस तथ्य पर चिंता जताई कि छत्तीसगढ़ प्रांत में अब तक एक भी फास्ट मेमू/डेमू लोकल ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे आम यात्रियों को सुविधा मिल सके।
इसीलिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर से रायगढ़ (243 किमी) और बिलासपुर से डोंगरगढ़ (209 किमी) पर फास्ट मेमू/डेमू लोकल ट्रेन सेवा प्रारंभ करने का अनुरोध किया है।
श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि रेल मंत्री इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेंगे और शीघ्र ही इन रूटों पर लोकल ट्रेन सेवाएं प्रारंभ होंगी, जिससे प्रदेश के यात्रियों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
मिशन कर्मयोगी: राष्ट्र निर्माण का संकल्प – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष आज नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में भारत सरकार की क्षमता विकास आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत हुए इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू तथा क्षमता विकास आयोग की ओर से सदस्य सचिव वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वप्नों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी मिशन है। इस मिशन के माध्यम से देश के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में कर्मयोगी की भावना विकसित होगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में चार लाख शासकीय सेवकों को सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगभग 50 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास आज की अनिवार्यता बन गया है। इस नए युग के साथ निरंतर कौशल उन्नयन तथा शासन-प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस सुशासन की स्थापना के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है, उसे नई ऊँचाई प्रदान करने में यह एमओयू एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को पूर्ण समर्पण के साथ लागू करने तथा इसके लाभ को प्रशासन के प्रत्येक स्तर तक पहुँचाने हेतु राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। सरकार निरंतर शासन एवं प्रशासनिक स्तर पर नवाचार और अभिनव पहलों के माध्यम से व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोक सेवकों को नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही जन-केंद्रित नीतियों और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहयोग प्रदान करेगी। श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हम सभी मिलकर कुशल और प्रेरित लोक सेवकों के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को साकार कर पाएँगे।
इस अवसर पर आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश वर्मा, प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश के विभिन्न स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने आज स्थानीय होटल में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में सहभागिता कर उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में इस उद्योग की भरपूर संभावनाओं और इसके लिए विकसित अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की जानकारी दी। यह समिट कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा पूर्वी क्षेत्र के सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी।
समिट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। यदि कोई उद्यमी ग्रीन स्टील का उत्पादन कर रहा हो, तो उसे विशेष अनुदान देने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्टील हब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, और वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी स्टील की वर्तमान उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
छत्तीसगढ़: खनिज संसाधनों से समृद्ध, औद्योगिक संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने भरपूर खनिज संसाधनों के कारण समृद्ध है। इनके उचित दोहन से यहाँ औद्योगिक संभावनाओं में अत्यधिक विस्तार संभव है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और राज्य सरकार की स्थानीय लोगों को रोजगार देने हेतु अनुदान योजनाओं से इस दिशा में सार्थक कार्य होगा।
‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखता
मुख्यमंत्री ने उपस्थित उद्यमियों को बताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित अंजोर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। इस दस्तावेज़ में चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि इस विज़न दस्तावेज़ में सर्वाधिक फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की कोर इंडस्ट्री – जैसे स्टील एवं पावर – को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधोसंरचना सहित सभी तैयारियाँ पूर्ण
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधोसंरचना सहित सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य में रेलवे अधोसंरचना को सशक्त किया गया है। तेज़ी से रेल नेटवर्क और उससे संबंधित अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्टील सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य हो रहा है। अब रावघाट से जगदलपुर रेलमार्ग पर भी कार्य आरंभ होगा। किरंदुल से तेलंगाना के कोठागुडेम तक नई रेललाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 138 किलोमीटर का हिस्सा बस्तर से गुजरेगा। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क बनाकर कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल की ढुलाई की प्रक्रिया आसान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।
इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को लागू किया गया है। साथ ही 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ स्टील सेक्टर में किए गए निवेशकों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले औद्योगिक संस्थानों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। श्री साय ने राज्य में ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में छत्तीसगढ़ में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 57 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) उत्पादन की दिशा में भी छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है, और नए औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने समिट में उपस्थित उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रशिक्षित जनशक्ति एवं लॉजिस्टिक नीति का लाभ उठाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया के सेंटर प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति की कोई कमी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि निवेशकों को नई लॉजिस्टिक नीति का भी लाभ मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि की स्थापना पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया में स्थिति होने के कारण लॉजिस्टिक के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के माध्यम से देश के चारों दिशाओं में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ स्टील सेक्टर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों को शामिल कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़े स्टील क्लस्टर के विकास की योजना की जानकारी भी दी।
250 से अधिक औद्योगिक संस्थान हुए समिट में शामिल
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक स्टील और पावर सेक्टर से जुड़े औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
समिट में सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन संजय जैन, को-चेयरमैन सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन बजरंग गोयल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं सचिव उद्योग रजत कुमार उपस्थित थे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय खाद्य मंत्री से की छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स को राहत देने की मांग
रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लगभग 200 राइस मिलर्स को चावल जमा करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।
सांसद ने पत्र में उल्लेख किया है कि देरी होने के कारण इन राइस मिलर्स का चावल संबंधित एजेंसियों द्वारा जमा नहीं किया गया और उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी मिलर्स चावल जमा करने के लिए तैयार हैं। यदि एक माह का समय देकर अनुमति दी जाए तो चावल जमा किया जा सकता है और मिलर्स को पुनः मिलिंग कार्य की अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और यहां के मिलर्स से बैंक गारंटी ली जाती है, जिससे सरकार को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा। इन राइस मिलर्स को लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य का चावल जमा करना है।
उन्होंने यह भी बताया कि माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है कि मिलर्स को चावल जमा करने की अनुमति दी जाए। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ओडिशा सरकार को दी गई अनुमति की तर्ज पर छत्तीसगढ़ को भी अनुमति प्रदान की जाए।
अंत में उन्होंने कहा कि इस निर्णय से 200 से अधिक राइस मिल पुनः प्रारंभ हो सकेंगे, 20,000 से अधिक लोगों का रोजगार सुरक्षित होगा और सरकार को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।


मुख्यमंत्री ने नारायणपुर की बेटियों से जुड़ी घटना पर जताई गंभीर चिंता, कहा- “महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि, कानून करेगा निष्पक्ष कार्यवाही”
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर की तीन बेटियों से संबंधित घटना पर गंभीर चिंता प्रकट की है। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब इन बेटियों को नर्सिंग ट्रेनिंग और जॉब दिलाने का प्रलोभन देकर दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों के माध्यम से आगरा ले जाया जा रहा था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और मतांतरण की आशंका व्यक्त की जा रही है, जो महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और यह न्यायालयीन प्रक्रिया में है। सरकार पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, तथा कानून अपनी प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समावेशी प्रदेश है जहाँ सभी धर्म और समुदाय के लोग आपसी सद्भाव के साथ रहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हमारी बस्तर की बेटियों से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा की कि इस प्रकार की घटनाओं को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए, विशेषकर जब बात हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ी हो।
बीजेपी ने राज्य के 3 जिलों में नई कार्यकारिणी का किया ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा ने प्रदेश के 3 जिलों- बालोद, गरियाबंद और दंतेवाड़ा में नई कार्यकारिणी का ऐलान किया है। यह नियुक्तियां प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय और संबंधित जिलाध्यक्षों के अनुमोदन के पश्चात की गई हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य जिला स्तर पर संगठन को अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और जनसेवी स्वरूप में सशक्त करना है।
जानिए किसे मिली कहां की कमान
गरियाबंद

बालोद

दंतेवाड़ा़


