प्रदेश
बस्तर जिले को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग द्वारा 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
रायपुर। बस्तर जिले ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने, नवीन शैक्षणिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन और शिक्षक-छात्र संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग ने बस्तर जिले को 3 करोड़ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए कहा कि बस्तर जिले के विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और हमारी सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता ने जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार आकांक्षी जिलों में बुनियादी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की समावेशी एवं नवाचारयुक्त नीति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में संपूर्ण शिक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा बस्तर में बौद्धिक और शैक्षणिक विकास को नया आयाम देने के लिए राज्य सरकार को और अधिक प्रेरित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि न केवल बस्तर जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
राजस्व निरीक्षक मुकेश साहू बर्खास्त, मुआवजा घोटाला कर सरकार को पहुँचाया 3 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बिलासपुर। राजस्व निरीक्षक मुकेश साहू को जिला प्रशासन ने बर्खास्त कर दिया है. उन्हें अरपा-भैंसाझार परियोजना में गलत बटांकन कर करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले में संलिप्त पाया गया है.
इस मामले के उजागर होने पर बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद राजस्व निरीक्षक मुकेश साहू को निलंबित कर दिया गया था. जांच में यह सामने आया कि साहू ने पटवारी रहते हुए एक ही भूमि के चार अलग-अलग रकबे दर्शाकर अधिक मुआवजा का प्रकरण तैयार किया, जिससे शासन को 3 करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपये का नुकसान हुआ.
निलंबन के बाद कलेक्टर ने विभागीय जांच कराकर बर्खास्तगी के लिए आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को पत्र भेजा, जिसके आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई.






नवनिर्वाचित जनपद अध्यक्ष की गाड़ी का एक्सीडेंट, गंभीर रूप से हुईं घायल
बलरामपुर। नव निर्वाचित जनपद अध्यक्ष की स्कार्पियो स्कूल बस से टकरा गई. हादसे में वाड्रफनगर जनपद अध्यक्ष शशि सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं, वहीं बस में सवार स्कूली बच्चों को भी चोट आई है.
दुघटना वाड्रफनगर के मदनपुर गांव में घटित हुई. जनपद अध्यक्ष शशि सिंह स्कार्पियो में सवार होकर जा रही थी, रास्ते में बच्चों को घर छोड़ने जा रही एम्बिशन पब्लिक स्कूल की बस से जोरदार टक्कर हो गई. इधर शशि सिंह के सिर पर चोट आई, उधर बस में सवार पांच बच्चों को भी चोट आई है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. वाड्रफ नगर पुलिस घटना की जांच में जुट गई है.

रेरा ने कॉलोनी–फ्लैट मेंटनेंस चार्ज से जुड़े नियमों का जारी किया स्पष्टीकरण, प्रत्येक आवंटित व्यक्ति को निर्धारित मेंटनेंस चार्ज का भुगतान करना अनिवार्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने कॉलोनी और फ्लैट्स के हस्तांतरण और मेंटनेंस चार्ज से जुड़े नियमों का स्पष्टीकरण जारी किया है। इसके तहत किसी भी कॉलोनी या फ्लैट के निर्माण के बाद उसे एक पंजीकृत सोसाइटी को हस्तांतरित किया जाता है, जो उसके रखरखाव और सुविधाओं के लिए जिम्मेदार होती है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवंटित व्यक्ति (आबंटिती) के लिए निर्धारित मेंटनेंस चार्ज का भुगतान करना अनिवार्य है। यदि कोई आवंटित व्यक्ति इसका भुगतान नहीं करता, तो संबंधित सोसाइटी इस मामले को रेरा के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है। ऐसे मामलों में बकाया राशि पर ब्याज सहित भुगतान करना होगा।
इसके अलावा, यदि कोई आवंटित व्यक्ति अपने एलॉटमेंट डीड में निर्धारित मेंटनेंस चार्ज या अन्य शर्तों का उल्लंघन करता है, तो इससे जुड़े विवादों की सुनवाई का अधिकार रेरा को होगा। हालांकि, मेंटनेंस चार्ज की दरों में बदलाव से संबंधित मामलों की सुनवाई सहकारिता अधिनियम के तहत की जाएगी।
अकलतरा विधायक विधानसभा में उठाया शिक्षा विभाग में कौशल विकास के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला
महासमुंद। जिले में कौशल विकास के नाम पर रि-इंडिया (NGO) के शिक्षकों का स्कूलों में नियुक्ति का फर्जीवाड़ा सामने आया है. बकायदा स्कूलों में शिक्षकों का पदभार ग्रहण कराया गया. शिक्षा विभाग ने इसकी भनक शासन को भी नहीं लगने दी. फर्जीवाड़ा का खुलासा तब हुआ, जब एक प्रधानपाठक ने एक शिक्षिका की पदभार ग्रहण कराए जाने की जानकारी संयुक्त संचालक शिक्षा को दी. इस मामले में संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. इस मामले को अकलतरा विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह ने विधानसभा में भी उठाया, जिसमें विभाग ने 7 की बजाए 6 शिक्षकों की जानकारी विधानसभा में दी. एक शिक्षिका की जानकारी छुपा दी गई.
रायपुर के रि – इंडिया स्किल टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्रा. लि. 2024 में 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को कौशल विकास पाठ्यक्रम, खेलकूद एवं स्वास्थ्य आदि अनुमति के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया था. तत्कालीन DEO मीता मुखर्जी ने NGO से सांठगांठ कर नियमों की अनदेखी करते हुए यह भी देखना मुनासिब नहीं समझा कि NGO का शिक्षा विभाग से पंजीकृत है या नहीं और न ही राज्य शासन से इसकी स्वीकृति ली. इसी बीच DEO मीता मुखर्जी का ट्रांसफर हो गया और उनके स्थान पर DEO मोहन राव सावंत ने 14 मार्च 2024 को ज्वाइनिंग की. DEO सावंत ने बिना पंजीयन और विभागीय अनुमति देखे ही 3 जनवरी 2025 को रि – इंडिया NGO के शिक्षकों को प्राथमिक शाला से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषयवार शिक्षक आवश्यकता वाले शालाओं में नि: शुल्क शिक्षा प्रदान करने का ऑर्डर जारी कर दिया.
रि – इंडिया ने 13 दिसंबर 2024 को तुसदा हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानपाठक के नाम योगेश्वरी बघेल को ज्वाइनिंग देने पत्र भेजा. 21 दिसंबर 2024 को योगेश्वरी बघेल सीधे तुसदा हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंची और प्रधानपाठक महेन्द्र मरकाम ने DEO का आदेश मानकर बकायदा शासकीय विभागों की तर्ज पर कार्यभार ग्रहण कराया. इस ज्वाइनिंग की प्रतिलिपि प्रधानपाठक ने संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर, संभागीय संकुल संचालक पेंशनबाड़ा, कलेक्टर महासमुंद, जिला शिक्षा अधिकारी और योगेश्वरी बघेल को भेजी.
DEO ने 15 जनवरी 2025 को सभी प्राचार्य और प्रधानपाठकों को विभागीय पत्र भेजकर रि – इंडिया के निःशुल्क शिक्षकों से केवल अध्यापन का काम लेने का ऑर्डर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण, अटेंडेंस रजिस्टर में उनका नाम न लिखा जाए और ना ही कोई अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाए. इसके ठीक 2 दिन पहले यानि 14 जनवरी 2025 को संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर ने DEO मोहन राव सावंत को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें तुसाद के प्राचार्य के साथ उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया.
रि- इंडिया के लिए दिए गए अनुमति को निरस्त करने का आदेश
संयुक्त संचालक ने DEO से कहा कि रि – इंडिया को अनुमति देने से पहले क्या शासन से या संचालनालय से अनुमति ली गई थी. संयुक्त संचालक ने नोटिस में यह भी कहा कि उल्लेखित अनुमति यदि आपके (DEO) द्वारा नहीं दी गई है तो आपके जिले के शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य उक्त संस्था द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों को कैसे कार्यभार ग्रहण करा रहे हैं. इस फर्जीवाड़ा का खुलासा होते ही DEO ने 17 जनवरी 2025 को सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर रि- इंडिया के लिए दिए गए अनुमति को निरस्त करने का आदेश दिया.
अकलतरा विधायक ने विधानसभा में उठाया मामला
इस मामले को लेकर अकलतरा विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह ने विधानसभा में NGO द्वारा कौशल विकास के नाम पर बिना राज्य शासन की अनुमति के शिक्षकों की नियुक्ति का सवाल उठाया. इस पर DEO की ओर से छत्तीसगढ़ विधानसभा को दी गई जानकारी में रि- इंडिया को छोड़ 7 NGO पंजीकृत होना बताया गया. इसके अलावा कौशल विकास के नाम पर 6 शिक्षकों की नियुक्ति को 17 जनवरी 2025 को निरस्त कर करने की जानकारी दी, लेकिन DEO ने 6 शिक्षकों की जानकारी विधानसभा को देकर सभी को गुमराह किया, जबकि जिले में 7 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी. इनमें महिला शिक्षिका योगेश्वरी बघेल की जानकारी छिपाई गई, जिसे कार्यभार ग्रहण कराया गया था.
लोक निर्माण विभाग के बजट में वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना - अरूण साव
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की र्गइं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2,793 करोड़ 60 लाख 73 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 24 करोड़ 38 लाख 13 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4,664 करोड़ 8 लाख 56 हजार रूपए, न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन के लिए 894 करोड़ 45 लाख 20 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2,101 करोड़ 99 लाख 36 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1,715 करोड़ 44 लाख 46 हजार रूपए, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 69 करोड़ 20 हजार रूपए तथा नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3,123 करोड़ 45 लाख 83 हजार रूपए शामिल हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अपने विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन में कहा कि आजादी के 60 वर्षाें के बाद भी गांवों में घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया था। ग्रामीण महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था में लगने वाले अथक परिश्रम से राहत दिलाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की परिकल्पना की है। हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देने वर्ष 2019 से जल जीवन मिशन का काम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने जल जीवन मिशन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पिछली सरकार की त्रुटियों और खामियों को दूर करते हुए कार्याें की गुणवत्ता, गतिशीलता और पूर्णता के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए लापरवाह और कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री साव ने सदन में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 22 हजार 389 करोड़ 99 लाख रूपए लागत की 29 हजार 173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। साथ ही 3,212 गांवों के लिए 4166 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं से राज्य के 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवार लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन में अब तक 40 लाख 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मान से हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के कार्याें के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आगामी वर्ष के बजट में हैण्डपम्पों के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिए 28 करोड़ 51 लाख रूपए, समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए 8 करोड़ रूपए और नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। भू-जल को रिचार्ज करने जल संवर्धन कार्य के लिए 2 करोड़ रूपए, शहरी क्षेत्रों में नलकूपों के खनन के लिए 2 करोड़ 60 लाख रूपए, प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान के लिए 56 करोड़ 37 लाख 6 हजार रूपए एवं 41 करोड़ 99 लाख 46 हजार रूपए ऋण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। भिलाई आईआईटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शिवनाथ नदी पर आधारित निर्माणाधीन योजना के लिए भी 01 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सदन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में नवीन मद में कई प्रावधान किए गए हैं। इनमें जल जीवन मिशन के कार्याें की निगरानी हेतु डेशबोर्ड निर्माण के लिए 3 करोड़ रूपए, मानव संसाधन के लिए 01 करोड़ 19 लाख रूपए, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 01 करोड़ 60 लाख रूपए, नल जल योजनाओं के अनुरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रूपए, विभागीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 01 करोड़ 65 लाख रूपए तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए 250 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव ने सदन में विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कें केवल आवागमन के साधन नहीं हैं। ये विकास की दिशा भी तय करते हैं। राज्य के तीव्र विकास के लिए नई सड़कों का निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में राज्यमार्गाें के उन्नयन के लिए सीआरआईएफ योजना के तहत 8 सड़क खण्डों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 892 करोड़ 36 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों में 323 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का मजबूतीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के आगामी वर्ष के बजट में राज्य में विद्यमान रेल्वे लाईन्स पर लेबल क्रॉसिंग, रेल्वे ओव्हर ब्रिज, व्यस्ततम तथा अधिक घनत्व वाले चौक पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गाें एवं मुख्य जिला मार्गाें के संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण के कार्य को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। भारत सरकार ने राज्य में सात रेल्वे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356 करोड़ 71 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। केन्द्र सरकार राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गाें के निर्माण एवं उन्नयन के कार्य प्राथमिकता से कर रही है।
श्री साव ने सदन में बताया कि वर्ष 2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट मात्र 103 करोड़ 85 लाख रूपए का था, जो 2025-26 के बजट में बढ़कर अब 9,451 करोड़ रूपए पहुंच गया है। यह नये छत्तीसगढ़ के निर्माण की कल्पना को सुदृढ़ करने की पहल है। इस बजट को वर्ष 2030 तक के लिए सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्यधिक यातायात वाले शहरी भागों में 4 लेन का निर्माण तथा घनी आबादी वाले शहरों की नजदीकी बसाहटों को 4 लेन मार्गाें से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इससे शहरों का व्यवस्थित विस्तार होगा और विकास बढ़ेगा। अत्यधिक यातायात तथा खनन क्षेत्रों में भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़कों के मजबूतीकरण और आवश्यकतानुसार 4 लेन निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। अंतराज्यीय सीमा की सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा सुगम यातायात के लिए उन्हें 4 लेन करने की योजना बनाई गई है।
श्री साव ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में भारतमाला योजना संचालित है। छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाली भारतमाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है, जिसके शीघ्र ही पूरा होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए नये बजट में कई सर्वेक्षण, सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में 1909 नई सड़कों एवं पुल-पुलियों के लिए 1902 करोड़ रूपए, 168 सड़कों की डामरीकृत सतह के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 917 करोड़ रूपए, दुर्घटनाओं को रोकने महत्वपूर्ण मार्गाें के पुलों के चौड़ीकरण एवं सुरक्षा उपाय, मरम्मत कार्य एवं ब्लैक-स्पॉट सुधार कार्याे के लिए 120 करोड़ रूपए, निजी भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 420 करोड़ रूपए तथा 339 पुलों के निर्माण के लिए 1351 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिलासपुर और रायगढ़ में विभागीय कार्यालयों के निर्माण के साथ ही मनेन्द्रगढ़ और सारंगढ़ में नये सर्किट हाउस के निर्माण का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहर विकास के नित नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। राज्य के नागरिकों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को हमारी सरकार एक-एक कर पूरा करते हुए आगे कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य के नये उभरते कस्बों के सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए हमने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 की है। हमने विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ाने अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले शहरों के विकास के लिए 2025-26 में ऐतिहासिक 6,044 करोड़ 12 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में हमने कुल स्वीकृत 02 लाख 49 हजार 166 आवासों में से 2 लाख 5 हजार 360 आवास पूर्ण कर लिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दूसरे चरण में सभी शहरों में ऑनलाईन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 42 हजार हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर-2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 15 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है।
श्री साव ने बताया कि नये बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 875 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास निर्माण कर गृह प्रवेश करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के नये बजट में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के लिए 380 करोड़ रूपए, अमृत मिशन 2.0 के लिए 744 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 25 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 30 करोड़ रूपए, रायपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 100 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 10 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना मद में 750 करोड़ रूपए तथा 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 680 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
श्री साव ने सदन में बताया कि राज्य के 17 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए तथा संचालन के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। इस साल शुरू होने वाली नई योजना मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में न्यायिक व्यवस्था एवं न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधीनस्थ न्यायालयों में 321 नये पदों पर भर्ती की अनुमति के साथ ही उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में 1259 नये पद सृजित किए गए हैं। नागरिकों के सुविधा के लिए वर्ष 2024 में 49 नये नोटरी नियुक्त किए गए हैं। न्यायालय भवनों, आवासीय भवनों और अन्य विकास कार्याें के लिए 240 करोड़ रूपए भी मंजूर किए गए हैं। राज्य की न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए 2025-26 के बजट में हमने 1265 करोड़ 46 लाख 78 हजार रूपए का प्रावधान किया है। इसमें न्यायालय भवन, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए 45 करोड़ रूपए, बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए, न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण के लिए 36 करोड़ 90 लाख 67 हजार रूपए, जरूरतमंद तबकों तक न्याय पहुंचाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए तथा एडीआर सेंटर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रूपए के प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जिला न्यायाधीश के नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए तथा विभिन्न न्यायालयों में मानव संसाधन बढ़ाने 2 करोड़ 43 लाख 12 हजार रूपए, राज्य के 22 परिवार न्यायालयों में, तथा बिलासपुर में परिवार न्यायालय की स्थापना के लिए नये पदों के सृजन के लिए 01 करोड़ रूपए और विभिन्न विधिक सेवा प्राधिकरणों में नये पदों के लिए 01 करोड़ रूपए के साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता के नये पदों के लिए 02 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। आगामी वर्ष के बजट में न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के ऑडिटोरियम में विभिन्न निर्माण कार्याें के लिए 03 करोड़ 20 लाख रूपए, हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 01 करोड़ रूपए और वहां स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण दलेश्वर साहू, अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, दिलीप लहरिया, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, व्यास कश्यप, रिकेश सेन, सुशांत शुक्ला, कुंवर सिंह निषाद, पुन्नूलाल मोहले, हर्षिता बघेल, शेषराज हरवंश, लता उसेंडी और यशोदा वर्मा ने भाग लिया।
40 लाख के इनामी 7 महिला समेत 11 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 40 लाख के इनामी 7 महिला समेत 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. ये सभी नक्सली उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन में एक्टिव थे. आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया और उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएगी. इस दौरान जिला पुलिस बल, आईटीबीपी औऱ बीएसएफ के अधिकारी मौजूद रहे.
माड़ बचाओ अभियान से प्रभावित होकर और नक्सली की क्रुर विचारधारा से तंग आकर 11 नक्सलियों ने एक साथ बिना हथियार पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. जानकारी के मुताबिक, आत्ससमर्पण करने वालों में 2 नक्सली DVCM मेंबर और कंपनी नंबर 1 के कमांडर रह चुके हैं. इन ंसभी पर कुल 40 लाख रूपये का इनाम घोषित किया गया था.
आत्मसमर्पित के नाम/पद
1. सन्नू उर्फ मंगेश उपेण्डी पिता स्व. रामलाल उपेण्डी उम्र 38 वर्ष निवासी मलमेटा पंचायत एड़ानार तहसील अन्तागढ़ थाना ताड़ोकी जिला कांकेर (छ.ग.) पद- सीवॉयपीसी कम्पनी नम्बर 06, डीव्हीसीएम कमाण्डर, ईनामी-8 लाख.
2. सन्तु उर्फ बदरू वड़दा पिता उम्र 35 वर्ष निवासी भटनार पंचायत कुतुल थाना कुकड़ाझोर जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- डीव्हीसीएम कुतुल एरिया कमेटी , ईनामी-8 लाख.
3. जनिला उर्फ जलको कोर्राम पिता लैखन कोर्राम उम्र 36 वर्ष निवासी कौशलनार थाना झाराघाटी जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- पीपीसीएम माड़ डिवीजन कम्पनी 1 सेक्सन ‘‘बी’’ कमाण्डर, ईनामी-5 लाख.
4. सुक्की मण्डावी पति सोमारू कोवाची पिता पाण्डू उम्र 25 वर्ष निवासी आरा थाना कुुआकोण्डा जिला दन्तेवाड़ा (छ0ग0) पद- पीएम कम्पनी नम्बर 6, ईनामी-3 लाख.
5. शांति कोवाची पिता मंगड़ू कोवाची उम्र 20 वर्ष निवासी बेड़मामेटा थाना कुकड़ाझोर जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- माड़ डिवीजन स्टॉप टीम सदस्य, ईनामी-3 लाख.
6. मासे उर्फ क्रांति वड़दा पिता सम्पत उम्र 20 वर्ष निवासी आलबेड़ा पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- ब्यूरो सप्लाई टीम सदस्य, ईनामी-3 लाख.
7. सरिता उसेण्डी पिता लखमा उम्र 19 वर्ष निवासी कोडलियार मिंचिगपारा पंचायत कुतुल थाना कुकड़ाझोर जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- पीएम ईनामी -3 लाख.
8. मंगती पिता स्व. कोसा उम्र 25 वर्ष निवासी कोडलियार थाना कोहाकामेटा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- पीएम कुतुल एरिया कमेटी सीएनएम अध्यक्ष, ईनामी-2 लाख.
9. देवा राम उर्फ कारू वड़दा पिता मंगतु वड़दा उम्र 21 वर्ष निवासी आलबेड़ा सरगीपारा पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- कुतुल एलओएस सदस्य. जनमिलिशिया कमाण्डर गोमांगल, ईनामी-2 लाख.
10. रतन उर्फ मुकेश पुनेम पिता माहरू पुनेम उम्र 21 वर्ष निवासी कावड़ पंचायत पुषनार जिला बीजापुर (छ0ग0) पद- जोन डॉक्टर टीम इंचार्ज , ईनामी-2 लाख.
11. कला उर्फ सुखमती उर्फ कोटली पिता लखमा ध्रुर्वा उर्फ कोडंगें उम्र 20 वर्ष निवासी आसनार पंचायत मंडाली थाना ओरछा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- नेलनार एनओएस सदस्य, ईनामी-1 लाख.
शराब घोटाला : एपी त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आरोपी एपी त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है. एपी त्रिपाठी को अपना पासपोर्ट ED के अधिकारियों के पास जमा करना होगा और हर सप्ताह जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना होगा. बता दें कि पूर्व आबकारी विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी को मई 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था.
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को आयकर विभाग ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और सौम्या चौरसिया के खिलाफ याचिका दायर की थी. जिसमें बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. महापौर ऐजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर का भाई अवैध वसूली के खेल में शामिल है. जिसके बाद ईडी ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA Act के तहत मामला दर्ज किया. अबतक मामले में 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया है.
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, साल 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया, उसके बाद अधिकारी, कारोबारी, राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिये भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. CSMCL के MD रहे अरुणपति त्रिपाठी मनपसंद डिस्टिलर की शराब को परमिट करते थे. देशी शराब के एक केस पर 75 रुपये कमीशन दिया जाना था, इस कमीशन की त्रिपाठी एक्सेलशीट तैयार कर अनवर ढेबर को भेजते थे . आरोप है कि अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी के सिंडिकेट ने नकली होलोग्राम लगाकर अवैध तरीके से शराब की बेधड़क बिक्री की. इससे राज्य के राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ. आपराधिक सिंडिकेट के जरिये CSMCL की दुकानों में सिर्फ तीन ग्रुप की शराब बेची जाती थीं, जिनमें केडिया ग्रुप की शराब 52 प्रतिशत, भाटिया ग्रुप की 30 प्रतिशत और वेलकम ग्रुप की 18 प्रतिशत हिस्सा शामिल है.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने उठाया CGMSC की रिएजेंट खरीदी का मुद्दा, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- सप्लायर और अधिकारियों की मिलीभगत से हुई गड़बड़ी, ईओडब्ल्यू की जांच जारी
रायपुर। विधानसभा में नौवें दिन की कार्यवाही के दौरान CGMSC के द्वारा रिएजेंट खरीदी का मामला गूंजा. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और अजय चंद्राकर के बीच हॉट-टॉक हुआ.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने रिएजेंट खरीदी की मांग पत्र से लेकर राशि और सप्लाई के दिनों का मामला उठाया. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 453 करोड़ रुपए की रिएजेंट की खरीदी की जानकारी दी. इस सवाल के जवाब में प्रश्नकर्ता अजय चंद्राकर को 792 और 495 पन्नों की जानकारी उपलब्ध कराई गई. मोक्षित कॉर्पोरेशन से हुए खरीदी के बदले 338 करोड़ रुपए का भुगतान रोका गया.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि मोक्षित कॉर्पोरेशन से खरीदी में तीन प्रकार की अनियमितता पाई गई. दस गुना ज्यादा दर पर आपूर्ति की गई, 700 मशीन आज तक चालू नहीं हुई है, और क्लोज की जगह ओपन मशीन की आपूर्ति की गई. श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, मांग और बजट से अधिक राशि की खरीदी की गई. मोक्षित कॉर्पोरेशन से 385 करोड़ रुपए की खरीदी की गई. विभागीय जांच करने वाले अधिकारी भी गड़बड़ी में मिले थे.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि विभागीय जांच रिपोर्ट में विभागीय अधिकारी ही दोषी पाए गए. विभाग के 02 बड़े अधिकारी सहित कुल 15 अधिकारियों की मिलीभगत पाई है. मोक्षित कॉर्पोरेशन सहित अधिकारियों के नाम EOW को भेजा गया है. खरीदी दर को आठ-दस गुना बढ़ा कर खरीदी की गई. सप्लायर को EOW ने जेल में डाला है. विभाग ने सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए NOC जारी किया है.
सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग के दौरान अभ्यर्थी की मौत
रायपुर। राजधानी रायपुर में सब इंस्पेक्टर अभ्यर्थी की ट्रेनिंग के दौरान मौत हो गई है. चंदखुरी पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में अभ्यर्थी की दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान राजेश कोसरिया (29 वर्ष) के रूप में हुई है. बेटे को मां पुलिस की वर्दी में देखना चाहती थी लेकिन बेटे की मौत के बाद उनका सपना अधूरा रह गया.
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह चंदखुरी पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में राजेश कोसरिया अन्य अभ्यर्थियों के साथ फिजिकल ट्रेनिंग के तहत दौड़ रहा था. इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई. प्रशिक्षकों ने तुरंत उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई.
बेटे के भर्ती होने के बाद मां का FB Postमुख्यमंत्री के हाथों मिलना था नियुक्ति पत्र
बताया जा रहा है कि राजेश कोसरिया का नाम 10 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों की सूची में शामिल था. लेकिन ट्रेनिंग के दौरान हुई इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है.

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मौत की जांच की मांग की है. उनका कहना है कि इस घटना की सही वजह सामने आनी चाहिए.
सदन में गूंजा प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच हुई तीखी बहस, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर। विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा गूंजा. विषय पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के बीच तीखी बहस हुई. जवाब नहीं मिलने से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम ग्रामीण आवास को लेकर वर्ष वार जानकारी मांगी. पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 से 2025 तक जनवरी से दिसम्बर तक जानकारी चाही गई है. वित्तीय वर्ष के आधार पर जानकारी दी गई है. इसपर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आंकड़े में कहा गया है कि 18 लाख आवास दिए गए, लेकिन पिछली सरकार के कामों को छिपाया गया है. सदन के सदस्य को दी गई जानकारी कुछ और है.
इस पर पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आंकड़ों के हिसाब से मोदी की तीसरे कार्यकाल में 32 लाख आवास दिए, उसमें 16 राज्यों को पीएम आवास देने की जरूरत नहीं पड़ी. भूपेश अपने सरकार के दौरान काम की बात कर रहे हैं. लेकिन कितना काम किया गया यह भी बताना चाहिए था. केंद्र सरकार ने आठ लाख आवास दिए हैं. मंत्री ने कहा कि वर्षवार और वित्तीय वर्ष के आंकड़े है, इसलिए अंतर दिख रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा, सरकार ने जानकारी दी है कि 11 लाख आवास बन चुके हैं. अब 18 लाख आवास और बनेंगे या सात लाख मकान बनेंगे? पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 11 लाख बने हुए आवास से अलग 18 लाख का आंकड़ा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पीएम आवास में सरकार गड़बड़ी कर रही है.
सूर्यकांत राठौर होंगे रायपुर नगर निगम के नए सभापति
रायपुर। रायपुर नगर निगम के नए सभापति के रूप में भाजपा के सीनियर पार्षद सूर्यकांत राठौर का नाम तय कर लिया गया है. एकात्म परिसर में हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक में राठौर को सर्वसम्मति से सभापति पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया. इसके बाद सभी भाजपा पार्षद नगर निगम मुख्यालय के लिए रवाना हो गए, जहां सभापति चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी.
वहीं अपील समिति चार सदस्यों के लिए नामांकन दाखिल किया गया, जिसमें विनय निर्मलकर, राजेश गुप्ता, महेन्द्र औसर और स्वप्निल मिश्रा अपील समिति के लिए निर्वाचित हो गए हैं.
रायपुर नगर निगम में इस बार भाजपा का पूर्ण बहुमत है. भाजपा के 60, कांग्रेस के 7 और 3 निर्दलीय पार्षद जीते हैं, लेकिन 1 निर्दलीय पार्षद ने भाजपा ज्वाइन कर लिया है. ऐसे में अब भाजपा के 61 पार्षद निगम में है. ऐसे में अन्य निर्दलीय पार्षदों का झुकाव भी भाजपा की ओर बताया जा रहा है, जिससे सभापति के निर्विरोध चुने जाने की प्रबल संभावना है.
सभापति चुनाव के पर्यवेक्षक धरम लाल कौशिक ने कहा कि भाजपा पार्षद दल की बैठक में सर्वसम्मति से सूर्यकांत राठौर का नाम सभापति के लिए तय किया गया है. इस बैठक के बाद रायपुर नगर निगम मुख्यालय में निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके साथ ही अपील समिति के लिए भी नाम तय किए गए है. जिसका फॉर्म भी भरा जाएगा. एमआईसी और जोन के लिए अगामी दिनों में बैठक कर नाम तय किए जाएंगे.
आईएएस विश्वदीप ने रायपुर नगर निगम आयुक्त के साथ रायपुर स्मार्ट सिटी के एमडी का पदभार किया ग्रहण
रायपुर। आईएएस विश्वदीप ने रायपुर नगर निगम आयुक्त के साथ रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक का प्रशासनिक पदभार संभाला लिया है. जिला धमतरी के नवपदस्थ कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नवपदस्थ आयुक्त को प्रशासनिक पदभार सौंपा. इस अवसर पर नवपदस्थ दोनों अधिकारियों को अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शुभकामनाएं दी.
रायपुर नगर निगम के नवपदस्थ आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के एमडी विश्वदीप ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की. आयुक्त ने अधिकारियों से उन्हें सौंपे गये प्रशासनिक कार्य दायित्वों की जानकारी ली. साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2024 की नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियों की प्रगति और राजस्व वसूली अभियान की प्रगति सहित विकास और निर्माण कार्यो से संबंधित अन्य लोककल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्राप्त की.
नवपदस्थ आयुक्त ने निगम सामान्य सभा सभागार में रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह द्वारा आहुत रायपुर नगर निगम अध्यक्ष (स्पीकर) और नगर निगम अपील समिति के सदस्यों के निर्वाचन कार्यक्रम में दिए गए प्रशासनिक दायित्वों का अच्छी तरह निर्वहन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए.

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष निलंबित, अफसरों और कर्मचारियों से किया था दुर्व्यवहार…
मोहला-मानपुर। फुलकोड़ो माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रीहरि कोकीश्वर को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है. श्रीहरि पर बीईओ दफ्तर में अफसरों और कर्मचारियों से गाली-गलौच और दुर्व्यवहार करने का आरोप है. इस मामले में विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक (दुर्ग संभाग) ने श्रीहरि को निलंबित कर बालोद जिले में डौंडी विकासखंड के शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया है.

यह मामला 16 जनवरी 2025 का है, जब श्रीहरि कोकीश्वर ने मानपुर स्थित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर बीईओ और अन्य कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया था और गाली-गलौच की थी. इस घटना के बाद बीईओ मानपुर ए. आर. कौर ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद, जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसने इस मामले की जांच की.
जांच में शिक्षक श्रीहरि कोकीश्वर द्वारा बीईओ और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच किए जाने की पुष्टि हुई. जांच रिपोर्ट के आधार पर, श्रीहरि कोकीश्वर को शासकीय कार्य के प्रति गैरजिम्मेदाराना, लापरवाही और गंभीर कदाचरण मानते हुए निलंबित किया गया है. यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 और 1966 के तहत की गई है.
रायपुर में टैक्स बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई : नगर निगम की टीम ने बड़े होटल और फर्म को किया सील, लाखों रुपए का बकाया था संपत्ति कर
रायपुर। टैक्स नहीं पटाने वाले बकायादारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है. नगर निगम के राजस्व विभाग की टीम ने आज वार्ड 54 में बड़े बकायेदारों पर सीलबंद की कड़ी कार्रवाई की. श्रीराम कंस्ट्रक्शन बोरियाखुर्द फर्म को सील किया. इस पर 10 लाख 17 हजार 15 के संपत्तिकर बकाया था. प्रोग्रेसिव पॉइंट होटल हंट ड्राइव मोनिका रियल बिल्डकॉम को भी सील किया गया. इस पर 33 लाख 37 हजार 118 रुपए का सम्पतिकर बकाया था.
जोन 10 के राजस्व टीम ने धमतरी रोड में कलर्स माल के सामने स्थित पारेख शो रूम संचालक को अगले 3 दिनों के भीतर बकाया सम्पतिकर की राशि अदा करने की कड़ी हिदायत दी. इस पर 8 लाख 79 हजार 111 रुपए का सम्पतिकर बकाया है. इसी प्रकार एक अन्य बड़े बकायादार होटल उत्सव रेसीजन्सी एवं कोल्ड रेस्टोरेंट तेलीबांधा चौक के डायरेक्टर देवेन्द्र सिंह को भी 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया. इस पर बकाया 11 लाख 89 हजार 312 रुपए का टैक्स बकाया है.
