प्रदेश
राज्य सरकार ने 2023 बैच के इन अफसरों का पदस्थापना आदेश किया जारी
रायपुर। राज्य सरकार ने 2023 बैच के ट्रेनी IAS अफसरों को पोस्टिंग दी है। 2023 बैच के इन अफसरों को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में एसडीएम बनाया गया है।
देखिये लिस्ट-
ट्रेलर ने बाइक सवार 3 दोस्तों को कुचला, 2 की मौत 1 घायल
रायगढ़। रायगढ़ जिले में तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार तीन दोस्तों को कुचल दिया। इस हादस में दो युवकों की जहां मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं एक युवक घायल है। बताया जा रहा है हादसे के शिकार तीनों युवक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से कोसमनारा स्थित बाबाधाम दर्शन के लिए निकले थे, तभी हादसे का शिकार हो गये। उधर इस दुर्घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
सड़क दुर्घटना का ये मामला रायगढ़ के जूटमिल थाना क्षेत्र का है। यह भीषण सड़क हादसा रविवार की देर रात घटित हुआ। बताया जा रहा है जनक साहू, भरत यादव और तोषन चौहान बाइक से कोसमनारा स्थित बाबाधाम दर्शन के लिए बाइक से निकले थे। तीनों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर अमलीभौना बाईपास रोड पहुंचे थे।
इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रेलर के चालक ने बाइक को चपेट में लेकर टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार जनक और भरत ट्रेलर के पिछले पहिये के नीचे आ गए। जिससे भरत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि जनक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं तीसरा साथी तोषन गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल और शवों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। उधर इस घटना को अंजाम देने वाला ट्रेलर का चालक मौके से फरार हो गया। जूटमिल पुलिस ने ट्रेलर के चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र
रायपुर। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और कथित उत्पीड़न को लेकर मामला गरमाता जा रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में केसी वेणुगोपाल ने लिखा है कि यह घटना अत्यंत चौंकाने वाली और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल के सदस्यों ने दुर्ग स्टेशन पर दो ननों और एक युवक को अवैध रूप से रोका, झूठे आरोप लगाए और उन्हें हिरासत में लेने जैसी कार्रवाई की।
वेणुगोपाल के मुताबिक, तीन लड़कियों को लेकर युवक कानूनी रूप से वैध रोजगार के उद्देश्य से यात्रा कर रहा था। बावजूद इसके, उन्हें जबरन रोका गया और पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न हुआ, जो कि देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने और नागरिक अधिकारों पर हमला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मामले में शामिल बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और अन्य जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भीड़ द्वारा न्याय, धमकी और सांप्रदायिक निशाना बनाने जैसी घटनाओं को कोई समर्थन नहीं मिलेगा।
यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन चुका है, जिस पर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस पत्र और मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।


मुख्यमंत्री ने किया ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान के पोस्टर का अनावरण किया और समिति के सदस्यों को इस पुण्य कार्य के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे अभियान में गौसेवा के साथ-साथ घर-घर किचन गार्डन निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है, जो जनस्वास्थ्य सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
इस अवसर पर समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी ने मुख्यमंत्री को अभियान की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा आगामी 4 नवम्बर 2025 को प्रदेशभर में गौ विज्ञान परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा का उद्देश्य जनसामान्य में गौवंश के महत्व, पारिस्थितिक तंत्र में उसकी भूमिका, ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम में योगदान तथा पंचगव्य के वैज्ञानिक पक्षों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।
श्री राठी ने बताया कि यह परीक्षा माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक एवं महाविद्यालय—इन तीन श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ₹51,000 नगद, द्वितीय स्थान हेतु ₹31,000 तथा तृतीय स्थान हेतु ₹21,000 नगद पुरस्कार एवं गौमय उत्पादों का किट प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार जिला स्तरीय परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः ₹3,100, ₹2,100 एवं ₹1,100 नगद पुरस्कार के साथ गौ उत्पाद किट प्रदान किए जाएँगे।
परीक्षा में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को गौ विज्ञान ग्रंथ एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी अपनी संस्था के प्राचार्य अथवा गौ विज्ञान प्रभारी से संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इस परीक्षा में प्रदेशभर से एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस वर्ष समिति ने एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस अवसर पर प्रांत संयोजक अन्ना सफारे, प्रांत उप प्रमुख मनोज पांडेय, गौ ग्रंथ संपादक डॉ. अमित पांडेय सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
महादेव की शरण में विष्णु सरकार
हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत।
रायपुर। सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय विजय शर्मा और अरुण साव उपस्थित थे।
यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।
पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर
सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।
दहेज प्रताड़ना मामले में उच्च न्यायालय का बड़ा निर्णय, 11 लोगों के खिलाफ दर्ज FIR किया रद्द, पति के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के 12 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 11 आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और न्यायालयीन कार्यवाही को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आरोप सामान्य, अस्पष्ट और ठोस साक्ष्यों से रहित है, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जाएगा। हालांकि पीड़िता के पति के खिलाफ प्रकरण जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
दरअसल, महाराष्ट्र वर्धा में रहने वाले निलीमा कवड़े की शादी वर्ष 2010 में अमोद आनंद सोनवाने से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद घरेलू हिंसा के कारण निलीमा अपने मायके लौट गई थी और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्रवाई कर भरण-पोषण का आदेश भी प्राप्त कर चुकी थी। करीब 12 साल बाद वर्ष 2019 में निलीमा ने दुर्ग के नंदिनी नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें अपने पति सहित 11 परिजनों पर दहेज प्रताड़ना, अश्लीलता और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि एफआईआर में लगाए गए आरोप बेहद सामान्य है। किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्ष साक्ष्य या घटना की तारीख और स्थान का उल्लेख नहीं है। आरोप लगाए गए कई व्यक्ति न केवल पीड़िता के दूर के रिश्तेदार हैं बल्कि उन्होंने कभी उसके साथ रहन-सहन भी नहीं किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि भजनलाल केस समेत सुप्रीम कोर्ट के पूर्ववर्ती फैसलों में इस प्रकार के झूठे मामलों को रद्द करने के स्पष्ट निर्देश हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने आदेश में कहा कि 11 आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस आधार नहीं है। एफआईआर, चालान और न्यायालयीन कार्रवाई का जारी रहना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। कोर्ट ने कहा कि केवल पति अमोद आनंद सोनवाने के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में बड़े एक्शन की तैयारी, 21 अधिकारी-कर्मचारी जांच में गैरहाजिर, प्रशासन ने भेजा विभागीय कार्रवाई का पत्र
मुंगेली। छत्तीसगढ़ में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त करने वाले 27 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर चल रही जांच में अब तक 21 कर्मचारी निर्धारित मेडिकल जांच में गैरहाजिर रहे हैं। इसके चलते प्रशासन ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ और अन्य स्रोतों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह उजागर हुआ कि कुछ सरकारी कर्मचारी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी में शामिल हुए हैं। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार ने 27 संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की पुनः चिकित्सकीय जांच के आदेश दिए थे।
सभी को 18 जुलाई 2025 को डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में संभागीय राज्य मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेषज (मेडिकल) जांच के लिए उपस्थित होना था, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।
अब तक की स्थिति:
-
4 अधिकारी-कर्मचारी जांच प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
-
2 का स्थानांतरण अन्य जिलों में हो चुका है।
-
20 कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय, बिलासपुर में याचिका दायर की है।
-
21 कर्मचारी-अधिकारी अब तक जांच में अनुपस्थित हैं।
प्रशासन ने दिखाई सख्ती
अपर कलेक्टर जी.एल. यादव ने जानकारी दी कि अनुपस्थित रहने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि “जांच निष्पक्ष, विधिसम्मत और संवेदनशील ढंग से की जा रही है। दिव्यांग सेवा संघ से भी इस संबंध में चर्चा की जा रही है, ताकि किसी वास्तविक दिव्यांग के साथ अन्याय न हो।”
खाद की किल्लत से परेशान 14 गांवों के किसानों ने NH-930 पर किया चक्का जाम
बालोद। बालोद जिले में खाद की किल्लत से परेशान किसानों का गुस्सा अब सड़क पर नजर आने लगा है। जिले के 14 गांवों के सैकड़ों किसान और ग्रामीण सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर कुसुमकसा गांव के पास धरने पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। आंदोलन के चलते राजनांदगांव-बालोद-भानुप्रतापपुर मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
खेत सूने, गोदाम खाली – किसानों की पीड़ा
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि वे लगातार प्रशासन से खाद की उपलब्धता की मांग कर रहे थे, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब धान की बोवाई का समय निकलता जा रहा है, और खाद नहीं मिलने से फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में मजबूर होकर किसानों ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।
नारों से गूंजा हाईवे
किसानों ने धरना स्थल पर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। “खाद दो, वरना रास्ता बंद रहेगा” जैसे नारों से हाईवे गूंज उठा। आंदोलन की वजह से NH-930 पर दोनों ओर सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन मौके पर, समाधान की कोशिश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। किसानों को शांत करने और समस्या के समाधान का आश्वासन देने की कोशिश की जा रही है। अधिकारी किसानों से संवाद कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द रास्ता खुलवाया जा सके और स्थिति सामान्य हो।
राजधानी रायपुर में 1 साल में बनेंगे 7 नए ओवरब्रिज : ट्रैफिक समस्या-हादसों में आएगी कमी, मंत्री अरुण साव ने कहा- विकास की रेखा और दिशा हैं सड़कें…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को 7 नए ओवरब्रिज की सौगात मिलने जा रही है. 25 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में एक साल के भीतर लोक निर्माण विभाग इन ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लेगा. इन प्रोजेक्ट्स के लिए बजट भी मंजूर कर दिया है. ओवरब्रिज बनाने के लिए उन सड़कों की पहचान की गई है, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम और हादसे होते हैं. पीडब्ल्यूडी ने इसी सर्वे के आधार पर तय किया गया कि किस सड़क पर नया ओवरब्रिज बनना है. नए ओवरब्रिज के निर्माण से ट्रैफिक जाम-हादसों में कमी आएगी और हर सड़क पर जनता के 20 मिनट बचेंगे.
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक, राजधानी में सबसे पहले ओवरब्रिज कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट और अमलीडीह चौक, केनाल लिंकिंग रोड पर द्रोणाचार्य स्कूल के पास बनेगा. अधिकारियों की योजना है कि इस ब्रिज के साथ ही गुढ़ियारी स्थित शुक्रवारी बाजार से स्टेशन की तरफ आने वाली सड़क पर भी ओवरब्रिज बनाने पर काम किया जा रहा है. इसके कारण इस इलाके को सीधे एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा सकेगा. लोक निर्माण के अफसरों का दावा है कि नए ओवरब्रिज के लिए मुख्यालय से भी सहमति बन गई है. इस वजह से इन सभी ओवरब्रिज का निर्माण होना तय है.
7 ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हमारी सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार विकास के कार्य कर रही है. इस वर्ष को हमने अटल निर्माण वर्ष घोषित किया है. निर्माण के माध्यम से विकास और विकास के माध्यम से लोगों के आवागमन को सुगम और सरल बनाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सड़के केवल आवागमन का साधन नहीं होती हैं. यह विकास की रेखा और दिशा बनती है.
कहां-कहां बनाए जाएंगे नए ओवरब्रिज
कालीबाड़ी से पुलिस लाइन गेट तक
कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट तक 50 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ किलोमीटर लंबा ओवरब्रिज बनाया जाएगा. इस परियोजना को बजट में स्वीकृति मिल चुकी है. इस मार्ग पर सुबह 9:30 से 11:30 और शाम 5:30 से 7:30 बजे तक भारी ट्रैफिक जाम रहता है. यहां से प्रतिदिन 35 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं. सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है और जल्द ही बजट जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
फुंडहर चौक से टेमरी तक
फुंडहर चौक पर ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से एक फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है. यह फ्लाईओवर लगभग 700 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा होगा. इसके बन जाने से एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को फुंडहर चौक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी, और उनका सफर लगभग 10 मिनट कम हो सकेगा. यहां प्रतिदिन 25 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं. इस परियोजना के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा चुका है.
अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक
केनाल लिंकिंग रोड के ऊपर अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक 40 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण होगा. एमएमआई चौक से द्रोणाचार्य चौक तक इसका निर्माण किया जाएगा. यहां सुबह-शाम जाम लग रहा है. लगभग 25 हजार गाड़ियां रोजाना गुजरती हैं. प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया गया है. बजट के लिए डीपीआर बना है.
गुढ़ियारी-एक्सप्रेस-वे को जोड़ने फ्लाईओवर
गुढ़ियारी स्थित शुक्रवारी बाजार से एक्सप्रेस-वे को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है. पीडब्ल्यूडी यहां एक फ्लाईओवर के निर्माण की योजना पर काम कर रहा है, जो सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा. इस परियोजना से ट्रैफिक की भीड़भाड़ से राहत मिलेगी, क्योंकि यहां से प्रतिदिन लगभग 30 हजार वाहन गुजरते हैं. फिलहाल फ्लाईओवर के लिए प्रारंभिक योजना तैयार की जा रही है.
इन क्षेत्रों में भी होगा ओवरब्रिज का निर्माण
मोवा : खालसा स्कूल से मोवा रिलायंस मार्ट तक ओवरब्रिज बनाने पर काम चल रहा है. इसकी अनुमानित लागत करीब 135 करोड़ है. अभी ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है.
भनपुरी चौक : भनपुरी चौक पर ओवरब्रिज बनेगा. इस पर करीब 40 करोड़ खर्च होने का अनुमान है. रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहनों को यहां रुकना नहीं पड़ेगा.
खारुन नदी : यह ओवरब्रिज रायपुर और पाटन को जोड़ेगा. इसकी मंजूरी के लिए प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है. इसकी लागत करीब 60 करोड़ है. इससे रोजाना औसतन 80 हजार वाहनों का सफर आसान होगा.
प्रार्थना की आड़ में चल रहा था धर्म परिवर्तन का खेल, आरोपी के खिलाफ सिटी कोतवाली में FIR दर्ज
मुंगेली। जिले के मंजगांव पारा तिलक वार्ड क्रमांक 17 में धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भजन-कीर्तन के बहाने लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था। पुलिस ने पूरे मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, बद्री साहू, निवासी सारंगपुर, जिला कबीरधाम, स्थानीय निवासी सुनील कुमार लाल के घर में हिंदू समाज के लोगों को इकट्ठा कर प्रार्थना का आयोजन कर रहा था। लेकिन यह आयोजन महज दिखावा था। दरअसल, बद्री साहू प्रार्थना की आड़ में ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार और धर्म परिवर्तन की कोशिश कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, बद्री साहू बार-बार यह कहता सुना गया—
“तुम्हारे देवी-देवता कुछ नहीं कर सकते, सब बेकार हैं। यीशु के नाम में शक्ति है, चंगाई मिलेगी, कोई दिक्कत नहीं होगी। प्रभु यीशु ही कल्याण का मार्ग है।”
इस तरह हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित करते हुए वह ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ FIR क्रमांक 338/2025 के तहत केस दर्ज किया। आरोपी बद्री साहू पिता बल्लू साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299BNS और छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और धर्मांतरण की कोशिशों को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। पुलिस ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार के धार्मिक प्रलोभन या जबरदस्ती पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे 400 नए BSNL टावर, दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी ने दी जानकारी
रायपुर। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल संचार को सशक्त बनाने हेतु 400 नए बीएसएनएल टावर लगाने की योजना पर कार्य कर रही है। यह जानकारी ग्रामीण विकास और दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज रायपुर में दी।
डॉ. शेखर ने कहा कि इन टावरों की स्थापना के लिए सुरक्षा बलों और वन विभाग से आवश्यक मंज़ूरी मिलने के बाद चरणबद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया, “बीएसएनएल आज देश में उच्च गुणवत्ता की 4जी सेवाएं दे रहा है, और इस विस्तार के साथ हम देश के अंतिम गांव तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाने के मिशन को साकार कर रहे हैं।”
योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष
डॉ. शेखर ने रायपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग, डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं के तेज़ और प्रभावशाली क्रियान्वयन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण आधारभूत संरचना और आवास क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन ला रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के लिए नवाचार
राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पिंक ऑटो’ जैसे नवोन्मेषी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत महिलाओं को स्वामित्व वाले पिंक ऑटो प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है। उन्होंने कहा की स्वसहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है।
डॉ. शेखर ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को “मिशन मोड” में लागू किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में सेवाएं घर-घर तक पहुँचाने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “इन क्षेत्रों में विद्यालयों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे छात्रों को अब JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है। इसके साथ ही, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जो एक संवेदनशील और समावेशी पहल है।”
अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं सरकारी योजनाएं
अपने संबोधन के अंत में डॉ. शेखर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब समाज के अंतिम पंक्ति के नागरिक तक पहुँच रही हैं। वंचित, आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में भी अब तेज़ विकास और परिवर्तन देखा जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल, भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे को एकीकृत रूप से मजबूत कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारा जाए।
छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट का अनुमोदन किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री श्री साय ने स्टेडियम परिसर में संघ के अध्यक्ष के नवीन कार्यालय कक्ष का विधिवत उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु हमारी सरकार ने खेल अलंकरण समारोहों का पुनः शुभारंभ किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया शीघ्र ही पूर्ण की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि संघ के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए वृहद स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को ₹2 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेताओं को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ओलंपिक खेलों में केवल प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि वे स्वयं राज्य तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष हैं और बचपन से उन्हें तीरंदाजी का शौक रहा है। उन्होंने कहा कि जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ एक उद्योग प्रधान और खनिज संसाधनों से भरपूर राज्य है। सरकार का प्रयास रहेगा कि सीएसआर मद के माध्यम से खेलों के लिए आधारभूत ढांचे का विकास किया जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में वर्षों से बंद खेल अलंकरण समारोह पुनः आरंभ किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची भी घोषित की जाएगी। श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर देने की है।
उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ युवा रत्न पुरस्कार की भी घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत खेल, कला, संगीत, साहित्य, उद्योग, व्यापार आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत प्रत्येक जिले में खेलों को बढ़ावा देने के कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस आयोजन की प्रधानमंत्री ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी प्रशंसा की है।
इस अवसर पर सांसद एवं ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल ने भी बैठक को संबोधित किया और प्रदेश में खेलों के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए संगठनात्मक सुदृढ़ता और संसाधनों की उपलब्धता पर बल दिया।
बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए लिए गए निर्णयों और सहयोग से प्रदेश में एक सकारात्मक खेल वातावरण निर्मित हो रहा है। इस अवसर पर संघ के अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति को लेकर जारी हुआ कड़ा निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की छुट्टी को लेकर समय-समय पर सवाल खड़े होते रहे हैं। खासकर अवकाश स्वीकृति को लेकर अधिकारियों की अंगुली उठती रही है। ऐसे में अब वित्त विभाग ने कड़ा आदेश जारी किया है। जिसमें अवकाश के प्रारुप के अनुरूप स्पष्टता के साथ उसकी स्वीकृति के नियम के बारे में जानकारी दी गयी है। वित्त सचिव ने ये भी कहा है कि कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति में किसी तरह की विसंगति ना हो, जिससे बाद में उन्हें परेशानी है। किस अवकाश की स्वीकृत किस सक्षम अधिकारी और कितने दिनों की होगी, उसे लेकर भी वित्त विभाग ने जानकारी दी है।
देखिये पूरी डिटेल जानकारी …








सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास रंग लाए, रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर बनेगा सांकरा अंडरपास
रायपुर। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) पर रायपुर-सिमगा खंड के अंतर्गत ग्राम सांकरा (नीकों) में अब जल्द ही अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के निरंतर प्रयासों और केंद्रीय स्तर पर उठाए गए पहल के परिणामस्वरूप लिया गया है।
गौरतलब है कि सांसद श्री अग्रवाल ने दिनांक 19 जून 2025 को इस संबंध में एक अतिविशिष्ट पत्र भेजकर इस स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस स्थल को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहाँ लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
सांसद के पत्र के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्राथमिकता से स्थल निरीक्षण कर पुष्टि की कि इस स्थान पर वाहन आवागमन की सुरक्षा हेतु अंडरपास (VUP) का निर्माण आवश्यक है। इसके लिए सलाहकार संस्था को अनुमान तैयार करने का निर्देश जारी किया गया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि "यह अंडरब्रिज क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी सौगात है। इसके बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण मिलेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मेरी मांग को प्राथमिकता दी।"
यह परियोजना जल्द ही क्रियान्वयन के चरण में आएगी और इससे रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर यातायात और भी सुरक्षित व सरल होगा।




