रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक शांताराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायगढ़ में कला और संस्कृति के प्रति अलग ही प्रेम है। इस प्रेम को स्थायी बनाए रखने की दिशा में यहाँ कला और संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा विगत वर्ष की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है और महाविद्यालय हेतु स्थान का चयन भी हो चुका है। कुछ माह के पश्चात यह महाविद्यालय अस्तित्व में आ जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 20 माह में अनेक योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें जन-जन तक पहुँचाकर लोगों को लाभान्वित किया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो गारंटी दी थी, उसे हमारी सरकार ने अल्प समय में ही पूरा किया है और 2047 तक के लिए छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करते हुए हर माह उनके खाते में एक एक हजार रुपये की राशि डाली जा रही है। इससे राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति लागू कर राज्य में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को रोजगार देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में संस्कृति और आस्था की पहचान राजिम कुंभ को भी भव्य रूप देने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय सहित अन्य अतिथियों ने चक्रधर समारोह के समापन समारोह में आज के प्रमुख आकर्षण, प्रख्यात गायक पद्मश्री कैलाश खेर की प्रस्तुतियों का आम दर्शकों के साथ आनंद लिया।
महाराजा चक्रधर सिंह पर विशेष आवरण का किया विमोचन
मुख्यमंत्री श्री साय और अन्य अतिथियों ने मंच से डाक विभाग द्वारा महाराजा चक्रधर सिंह पर जारी विशेष आवरण का विमोचन किया। उन्होंने सुग्घर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर आधारित रायगढ़ नगर पालिक निगम के शुभंकर अप्पू राजा को भी लॉन्च किया। मंच पर कथक प्रस्तुत करने वाली विख्यात कलाकार पद्मश्री डॉ. नलिनी, डॉ. कमलिनी अस्ताना एवं उनकी टीम को सम्मानित भी किया गया।
छत्तीसगढ़ की पहचान है कला और संस्कृति : उपमुख्यमंत्री अरुण साव
समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्रारंभ से ही कला और संस्कृति की रही है। महाराजा चक्रधर सिंह ने यहाँ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उन्होंने मंच से अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कला और संस्कृति की नगरी है रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी
चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर उपस्थित हजारों की भीड़ को कला-प्रेमियों की पहचान बताते हुए स्थानीय विधायक एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ कला और संस्कृति की नगरी है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हम सभी रायगढ़ के विकास को लेकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रायगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ और उससे होने वाली जॉब गारंटी का भी उल्लेख किया। साथ ही नालंदा परिसर की स्थापना के साथ आईआईटी, नीट, लॉ यूनिवर्सिटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हेतु अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विकास में अनेक प्रोजेक्ट संचालित होने की जानकारी दी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह समारोह महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को समर्पित है। उन्होंने संगीत की खोती हुई विरासत को सहेजने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कार्य किया और संगीत के गौरव को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने सभी कलाकारों का आभार भी जताया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा, कलेक्टर एवं एसपी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व पहल की है। जिले के 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निशुल्क नीट और जेईई की तैयारी कराने हेतु दो वर्षीय निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई है। इसका शुभारंभ कल गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
कलेक्टर राजनांदगांव डॉ सर्वेश्वर भुरे ने बताया कि इसके तहत 684 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश के लिए नीट और जेईई की कोचिंग दी जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान फ़िजिक्स वाला एवं भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ करार किया है। दो वर्षीय कोचिंग विशेष रूप से 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए की गयी है।कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे सामान्य परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। विद्यार्थियों को फ़िजिक्स वाला की अध्ययन सामग्री हार्ड कॉपी में उपलब्ध कराई जाएगी।कक्षाएँ प्रत्येक शनिवार और रविवार को चार घंटे की अवधि के लिए संचालित होंगी। प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय शिक्षकों की क्षमता वृद्धि पर भी जोर दिया जाएगा। जिले को 10 क्लस्टरों में विभाजित किया गया है ताकि प्रशिक्षण ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से संचालित हो सके।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर उपलब्ध कराना है। गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन से विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ देश के प्रतिष्ठित मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पा सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले में नीट और जेईई की निशुल्क कोचिंग शुरू होने पर प्रसन्नता जताई है और कहा है कि राजनांदगांव जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रयास हमारे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ का हर मेधावी बच्चा अपनी क्षमता को पहचान सके और उसे आगे बढ़ने का उचित अवसर मिले। राजनांदगांव की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रेरणा और विद्यार्थियों के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के प्रवास के दौरान खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को लैपटॉप वितरित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नवगुरुकुल में स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बालिकाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कार प्रदान करें ताकि उनका भविष्य सुनहरा बने।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम गणेशोत्सव, शिक्षक दिवस और चक्रधर समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है, इसलिए समाज में उनका सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर रायगढ़ में प्रयास विद्यालय का उद्घाटन किया गया था और आज नवगुरुकुल की स्थापना इस कड़ी को आगे बढ़ाती है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुश्री निधि और उनकी टीम की प्रशंसा की तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी बालिकाओं को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से नवगुरुकुल संस्था द्वारा जशपुर जिले की 150 बालिकाओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की सराहना की और इस प्रयास को और व्यापक बनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था में प्रवेश पाने वाली 120 बालिकाएँ अपनी योग्यता और मेहनत का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, ऊर्जा, जज्बा, जुनून और कठिन परिश्रम की पराकाष्ठा आवश्यक है। निराशा के लिए जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए क्योंकि निराशा के साथ कोई भी व्यक्ति प्रगति नहीं कर सकता। उप मुख्यमंत्री ने सभी बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद से प्रदेश में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने नवगुरुकुल की स्थापना को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह संस्था विशेष रूप से बहनों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नवगुरुकुल की सह-संस्थापक निधि ने गुरुकुल की शिक्षा प्रक्रिया और प्रशिक्षण पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्राओं को न केवल तकनीकी शिक्षा देना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। शुभारंभ समारोह में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थीं। सभी ने नवगुरुकुल की स्थापना को इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसे बालिकाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर करार दिया।
रायपुर। जशपुर में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पीसीसी चीफ ने हादसे का शिकार हुए पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। आपको बता दें कि 3 सितंबर को जशपुर जिले के बगीचा में गणेश विसर्जन के दौरान भीषण हादसा हुआ था। इस घटना में हादसे में 4 लोगों की मौत और 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे।
दीपक बैज ने अपने पत्र में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए हादसे का भी जिक्र किया है। दीपक बैज ने कहा है कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तो जशपुर जिले के पत्थलगांव में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने हादसे में मृतकों के परिजनों को दिया गया था 50-50 लाख रुपए मुआवजा दिया था।
क्या हुआ था हादसा
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गणेश विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ था। यहां ग्रामीण गणेश विसर्जन के लिए जा रहे थे। तभी अचानक एक तेज रफ्तार बोलेरो भीड़ को कुचलती हुई निकल गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है, तो वहीं 20 से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हो गये थे। सभी घायलों को बगीचा अस्पताल ले जाया गया. हालांकि गंभीर रूप से घायलों को अम्बिकापुर रेफर किया गया था।
रायपुर। समग्र शिक्षा विभाग में व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुई गड़बड़ी को लेकर अब बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पूरे मामले की पुलिस जांच कराने के आदेश दिए। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
17 जुलाई को सूचना भेजी गई, 18 जुलाई को परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित कर लिए गए और मात्र दो दिन बाद 20 जुलाई को 1,300 लोगों का रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया। इतनी जल्दबाजी से हुई भर्ती प्रक्रिया ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। खबर सामने आने के बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ था।
मंत्री यादव ने बैठक में कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, इसलिए भ्रष्टाचार, लापरवाही और लेन-देन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
घटिया सामग्री सप्लाई करने वाले होंगे ब्लैकलिस्टेड
मंत्री यादव ने चेतावनी दी कि शिक्षा विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की सामग्री दी जानी चाहिए। यदि कहीं से घटिया या खराब सामग्री सप्लाई की जाती है तो संबंधित सप्लायर को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट का इस्तेमाल सही तरीके से हो और समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेजा जाए, ताकि अनुदान की अगली किस्त समय पर राज्य को मिल सके।
छात्रावासों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में मंत्री ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। हाल ही में छिंदगढ़ विकासखंड के पाकेला पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं शासन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। अतः सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री श्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्य गंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
रायपुर। रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री श्री साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है।
इवान के पिता अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी। श्री गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित कार्यक्रम में रेलवे ओवरब्रिज सहित 66.84 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने 20 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा भी की। इनमें खरसिया के कबीर चौक से डभरा रोड तक बाईपास सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्विमिंग पूल सहित अन्य सुविधाओं की मरम्मत के लिए 2 करोड़ तथा खरसिया नगर पालिका क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों के लिए 8 करोड़ रुपये की घोषणा शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खरसिया में पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा अटल परिसर का लोकार्पण भी किया। साथ ही उन्होंने रेलवे अंडरब्रिज निर्माण के लिए तकनीकी सर्वे कराए जाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायगढ़ से उनका 20 वर्षों का पारिवारिक संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में मिली जीत अटल विश्वास पत्र के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र के विकास के लिए सात से आठ हजार करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अटल विश्वास पत्र में की गई एक-एक घोषणा को पूरा किया जा रहा है। मोदी जी की अधिकांश गारंटियाँ पूरी हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से खरीदी मूल्य 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया गया है। 5.62 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मज़दूरों को प्रति वर्ष 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर भी अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग और शासकीय सेवाएँ गांव-गांव तक पहुँच रही हैं। 1460 पंचायतों में यह सुविधा प्रारंभ हो चुकी है, जहाँ न केवल पैसों का लेन-देन संभव है, बल्कि आय, भूमि, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएँ भी अब गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि रजत जयंती वर्ष के दौरान 4000 पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पीएससी घोटाले की सीबीआई जाँच चल रही है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन हमारा उद्देश्य है, सुशासन हमारा संकल्प है। भ्रष्टाचार के सभी रास्ते एक-एक कर बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की पहल उन्होंने सांसद रहते हुए की थी। सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होने के बाद आज इसका भूमिपूजन संभव हुआ है। आने वाले दो से तीन वर्षों में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण खरसिया शहर के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता थी। 64.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस रेलवे ओवरब्रिज का भूमिपूजन हमारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके निर्माण से क्रॉसिंग पर ट्रेनों के गुजरने से लोगों को होने वाली आवाजाही की समस्या दूर होगी और समय की भी बचत होगी।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। उन्होंने कहा कि 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपये दो वर्षों के बोनस के रूप में दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जो 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित 18 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की पहली बैठक में मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि रेडी-टू-ईट का जिम्मा पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है और इसकी शुरुआत रायगढ़ जिले से हो चुकी है, जिसे शीघ्र ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अटल परिसर का लोकार्पण राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनवाया, जो 500 वर्षों के बाद संभव हो सका। छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना प्रारंभ की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री ने आईटी और जीएसटी में सुधार कर देशवासियों की क्रयशक्ति को बढ़ाया है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगरपालिका परिषद खरसिया के अध्यक्ष कमल गर्ग, उपाध्यक्ष अवधनारायण (बंटी) सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। राज्य सरकार ने IFS अफसर की पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। 1994 बैच के IFS अरूण कुमार पांडेय को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, छत्तीसगढ़ बनाया गया है। वहीं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना/बजट, लेखा एवं लेखा परीक्षा) का एडिश्नल चार्ज दिया गया है। अभी अरूण कुमार पांडेय प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (विकास/योजना) के पद पर पदस्थ थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक नई पहल हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने ई-रिक्शा चालकों की सुविधा के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी और क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा की दूरदर्शिता से प्रारंभ की गई यह पहल प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में बदलाव ला रही है।
बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की खासियत
रायपुर स्थित ऊर्जा पार्क के पास स्थापित इस पहले बैटरी स्वैपिंग स्टेशन में ई-रिक्शा चालक केवल दो मिनट में डिस्चार्ज बैटरी बदलकर पूरी तरह चार्ज लिथियम आयन बैटरी ले सकते हैं। यह प्रणाली ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट से जुड़ी है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा-कुशल दोनों है। क्रेडा का मानना है कि इस तकनीकी नवाचार से चालकों को चार्जिंग की परेशानी से छुटकारा मिलेगा, उनका समय बचेगा और आय में भी वृद्धि होगी।
पायलट परीक्षण और लाभ
परियोजना के तहत पायलट परीक्षण में दो ई-रिक्शा चालकों को मुफ्त सुविधा दी गई है। इनमें से एक चालक तेजकुमार ने बताया कि बैटरी स्वैपिंग के बाद अब वे रोजाना 70 से 80 किलोमीटर तक सफर कर पाते हैं और उनकी आय 700 से 800 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। पारंपरिक बैटरी की चार्जिंग, देखरेख और खराबी की समस्याओं से भी उन्हें पूरी तरह राहत मिल गई है।
इसी तरह दूसरे हितग्राही प्रणव मराठे ने भी कहा कि लिथियम आयन बैटरी की सुविधा से उन्हें प्रतिदिन पारंपरिक बैटरी की तुलना में 60 से 100 रुपये तक अतिरिक्त आय हो रही है।
एनजीओ की रुचि और भविष्य की योजना
इन सकारात्मक अनुभवों से प्रेरित होकर Social Organisation for Transformation नामक एक एनजीओ ने अपने ई-रिक्शा के लिए इस सुविधा को अपनाने की इच्छा जाहिर की है। क्रेडा और एनजीओ के बीच इस संबंध में प्रारंभिक कार्यवाही जारी है।
क्रेडा की योजना है कि निकट भविष्य में इस सेवा को किफायती दरों पर अधिकाधिक चालकों तक पहुँचाया जाए। इससे प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और हरित परिवहन को नई गति मिलेगी।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि बैटरी स्वैपिंग स्टेशन परियोजना ई-रिक्शा चालकों के जीवन में बदलाव लाएगी और राज्य की एक पर्यावरण अनुकूल परियोजना के रूप में विकसित होगी।
वहीं क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने उम्मीद जताई कि यह पहल हरित ऊर्जा और नवाचार आधारित भविष्य की ओर छत्तीसगढ़ को ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
बैटरी स्वैपिंग परियोजना न केवल ई-रिक्शा चालकों के जीवन को आसान बना रही है, बल्कि राज्य में हरित परिवहन और सतत विकास को भी प्रोत्साहन दे रही है। आने वाले समय में इसके विस्तार से प्रदेश के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा और छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया।
समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की।
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए।
श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है।
श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं।
श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए।
समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।
राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के रमेश कुमार चंद्रवंशी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने किया।
समारोह में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।
कोरबा। कोरबा में राजस्व विभाग के पटवारी ने सरकारी जमीन को निजी बनाकर दो लोगों को बेच दिया। हद तो तब हो गयी जब इन लोगों ने सरकारी जमीन को दुर्ग और बेमेतरा के बैंक में बंधक रखकर लोन भी ले लिया। मामले का खुलासा होने के बाद कलेक्टर ने इस फर्जीवाड़े के दोषी पटवारी को ततकाल प्रभाव से निलंबित कर मामले की जांच का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि सूबे में सरकार बदलने के बाद भी राजस्व विभाग में घूसख़ोरी और फर्जीवाड़े का खेल बंद होने का नाम नही ले रहा है। ताजा मामला कोरबा जिला के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का है। पटवारी हल्का लाद में पदस्थ पटवारी जितेंद्र कुमार भावे ने अपने कार्यकाल में सरकारी जमीनों का निजी नामांतरण करते हुए पट्टा जारी किया गया।
सरकारी जमीन के दस्तावेज में कूटरचना कर निजी नामांतरण का खुलासा होने पर सरकारी जमीनों को वापस शासन के खाते में मर्ज करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। अधिकारियों ने जब रिकॉर्ड का अवलोकन किया तो ज्ञात हुआ कि रिकार्ड में दर्ज दो सरकारी जमीन दुर्ग और बेमेतरा के बैंक में बंधक हैं। इन दोनों जमीनों के एवज में पट्टाधारक द्वारा केसीसी लोन ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जमीन खरीदी करने वाले दोनों व्यक्ति दूसरे जिले के है।
जिन्होने यहां आकर पटवारी के साथ मिलीभगत कर सरकारी जमीन को निजी बनाकर जमीन की खरीदी की। नायब तहसीलदार की जांच को आगे बढ़ाते हुए एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर अजीत वसंत के समक्ष प्रस्तुत किया। जिस पर कलेक्टर ने जमीन अफरा-तफरी के गंभीर मामले में पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े के इस मामले में जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में लिप्त अन्य लोगों के विरूद्ध भी कार्रवाई होने की उम्मींद है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने इस मामले को सीधे बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पार्टी का आरोप है कि मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या संवैधानिक सीमा से अधिक कर दी गई है, जो नियमों का उल्लंघन है।
कांग्रेस की याचिका
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बिलासपुर हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दाखिल की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्रियों की संख्या का निर्धारण भारत सरकार के बनाए नियमों के आधार पर होना चाहिए। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि “हमने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। राज्य में मंत्रिमंडल की संख्या अब 14 हो गई है। नियमानुसार मंत्रियों की संख्या विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। अभी तक यह परंपरा रही थी कि मंत्रियों की संख्या 13 से अधिक नहीं होती। हमारी सरकार ने भी केंद्र से इस बाबत अनुमति मांगी थी, लेकिन उस समय मंजूरी नहीं मिली थी। अब बीजेपी सरकार ने नियमों की अनदेखी कर दी है, इसलिए हमें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।”
भूपेश बघेल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने ही मंत्रिमंडल की संख्या को 15% तक सीमित करने की व्यवस्था की थी। बघेल ने कहा –
“भारत सरकार ने ही यह व्यवस्था की है कि मंत्रिमंडल का आकार 15% से अधिक नहीं होगा। 90 विधायकों वाली विधानसभा में यह सीमा 13.5 आती है, यानी 13 मंत्री हो सकते हैं। अब 14 मंत्री बनाए गए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। हम संविधान और केंद्र के बनाए प्रावधानों के अनुसार चलना चाहते हैं, इसलिए इस निर्णय को कोर्ट में चुनौती दी गई है।”
टीएस सिंहदेव का मत
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए समझाया – “आप 14 को 90 से भाग दीजिए तो आंकड़ा 15.55% आता है। संविधान साफ कहता है कि मंत्रिमंडल की संख्या 15% से अधिक नहीं हो सकती। इस लिहाज से 14 मंत्री बनाना गलत है। यह फैसला संविधान की मूल भावना और प्रावधानों के विपरीत है।”
संवैधानिक प्रावधान
संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। इस हिसाब से मंत्रिमंडल की संख्या अधिकतम 13 तक सीमित रहनी चाहिए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें।
अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।”
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।
प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।
उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।
प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।
रायपुर। गृह विभाग ने दो रिटायर्ड आईजी को एक वर्ष की संविदा नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। इनमें बीएस ध्रुव और सुशील चंद्र द्विवेदी शामिल हैं। दोनों को पीएचक्यू में ओएसडी नियुक्त किया गया है।