प्रदेश
राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि विकासखंड में 218 डबरी स्वीकृत की गई हैं तथा बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं, राज्यपाल ने और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल श्री डेका ने आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राज्यपाल ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। कैंपा एवं मनरेगा मद से वृहत वृक्षारोपण करते हुए शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधरोपण किया गया है तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी हरित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने तथा धान के साथ उद्यानिकी फसलों के समावेश पर बल दिया। उन्होंने जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने तथा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी रोगियों की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम व्यक्तियों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने, रेडक्रॉस से जुड़ने तथा ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार हेतु जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने एम्स से समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
राज्यपाल श्री डेका ने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जाए तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाएं संचालित की जाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में सरायपाली विधायक चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
माल लदान से लेकर यात्री सुविधा तक, हर मोर्चे पर आगे रायपुर रेल मंडल
रायपुर। रायपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए भारतीय रेल में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) दयानंद ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को मंडल की उपलब्धियों, विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी भी उपस्थित रहे।
माल लदान और राजस्व में बढ़त
रायपुर मंडल ने इस वर्ष 46.44 मिलियन टन माल लदान कर 4983 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंडल ने 44.73 मिलियन टन लदान कर 4818 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया था। यह उपलब्धि आधुनिक लोडिंग सिस्टम, डिजिटल पहल और ग्राहक-केंद्रित नीतियों के कारण संभव हो सकी है।
यात्री सेवाओं में सुधार
मंडल ने 26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया और यात्री यातायात से 631.35 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यात्रियों की संख्या में 7.30% और राजस्व में 3.85% की वृद्धि दर्ज की गई। यात्रियों की सुविधा के लिए 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का 195 ट्रिप संचालन किया गया, साथ ही 12 भारत गौरव ट्रेनों का भी सफल संचालन हुआ।
गैर-किराया और अन्य आय में वृद्धि
गैर-किराया राजस्व (NFR) 17.10 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.35% अधिक है। वहीं विविध आय 25.18 करोड़ रुपये और खानपान से आय 3.22 करोड़ रुपये रही, जिसमें 75% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
यात्री सुविधाओं में नवाचार
रेल मदद के माध्यम से 17,943 यात्रियों को सहायता प्रदान की गई, जिसमें शिकायत निवारण, सफाई, चिकित्सा सहायता और अन्य सेवाएं शामिल हैं। यात्रियों की संतुष्टि में वृद्धि दर्ज की गई है, जो बेहतर सेवा का संकेत है।इसके अलावा, नॉन-एसी स्लीपर कोच में सैनिटाइज्ड बेडरोल, हेल्थ बेस लाउंज, आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, फोटोकॉपी सुविधा और पार्सल स्कैनर जैसी नई सुविधाएं शुरू की गईं। वंदे भारत और हमसफर ट्रेनों में विज्ञापन से अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हुआ।
बुनियादी ढांचे का विकास
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उरकुरा, भिलाई और भानुप्रतापपुर स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। साथ ही रायपुर-जबलपुर और राजिम-रायपुर नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं। कई स्टेशनों पर प्लेटफार्म विस्तार और नए प्लेटफार्म निर्माण की योजनाएं भी स्वीकृत हुई हैं।
सुरक्षा और तकनीकी पहल
रायपुर मंडल का यह वर्ष शून्य ट्रेन दुर्घटना वाला रहा, जो सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडीवॉर्न कैमरे दिए गए हैं और डिजिटल टिकटिंग सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
भविष्य की परियोजनाएं
रेलवे बोर्ड ने चौथी रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे यातायात क्षमता में वृद्धि होगी। बैकुंठ-उरकुरा और हथबंद सेक्शन में नई लाइनों का निर्माण प्रस्तावित है।
अफीम की खेती मामला : कृषि विस्तार अधिकारी का निलंबन बहाल
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की खेती मामले में निलंबित कृषि विस्तार अधिकारी को बहाल कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित की गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू का निलंबन बहाल कर दिया गया है। वहीं इस पूरे मामले में अब तक सात लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
दरअसल दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में मक्के की फसल बताकर अफीम की खेती करने वाले भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया था। एकता साहू पर आरोप था कि उन्होंने खेतों में जाकर सर्वेक्षण नहीं किया, जिसके कारण कागजों में मक्के की फसल बताकर जमीन में अफीम की खेती होती रही। वहीं इस पूरे मामले में अब तक सात लोगों को जेल भेजा जा चुका है। फिलहाल एकता साहू को विकासखंड धमधा के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है।

5 एकड़ जमीन पर की गई थी अफीम की खेती
बता दें कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में मक्के की फसल की आड़ में करीब 5 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई थी। इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मौके से करीब 8 करोड़ रुपए कीमत की अफीम जब्त की और सभी पौधों को उखाड़कर नष्ट किया।
साय सरकार का बड़ा कदम: जेल में बंद माओवादियों को भी मिलेगा पुनर्वास का मौका
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की धरती से हमेशा के लिए नक्सलवाद का दंश खत्म हो जाए इसके लिए सक्रिय नक्सलियों के पुनर्वास की योजना लेकर आई, जिसका असर देखने को मिला. अब साय सरकार जेल में कैद नक्सलियों के भी पुनर्वास करने की योजना तैयार करने में जुटी है.
बीते 2 वर्षों में 500 से अधिक माओवादी मारे गए, 3 हजार माओवादियों ने पुनर्वास किया. करीब 2 हजार माओवादियों की गिरफ्तारियां भी हुई है. नक्सल मामलों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जेलों में बंद माओवादी जो छुट-पुट घटनाओं में शामिल रहे. ऐसे माओवादियों के प्रकरण को वापस लेने और उनका पुनर्वास कराने की योजना सरकार की है.
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा था कि सरकार की पुनर्वास नीति केवल कागज का पुलिंदा नहीं है, और केवल ईनाम की राशि नहीं है. पुनर्वास नीति में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम भी शामिल है. पुनर्वास नीति के माध्यम से यह कल्पना सरकार की है कि यदि जंगल से पुनर्वास हो सकता है, तो जेलों से भी पुनर्वास किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि जंगल से पुनर्वास किए माओवादी जेलों में जाकर अपने परिजनों और अपने मित्रों से मिलते हैं. अगले चरण में जेलों में बंद माओवादियों को पैरोल पर निकालकर पुनर्वास केंद्रों में लाकर मिलाया जाएगा. और जिन्होंने पुनर्वास किया है वे जेलों में बंद माओवादियों को पुनर्वास के लिए प्रेरित करेंगे. जिसके बाद सरकार उनके जमानत के लिए कार्य करेगी. और जमानत पर आकर पुनर्वास केंद्रों में रहकर सामान्य जीवन जी सकते हैं.
देखिए वीडियो –
हाईकोर्ट का अहम फैसला, 350 दिन की देरी से दायर से राज्य सरकार की अपील को किया खारिज
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में 350 दिन की देरी से दायर राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने स्पष्ट कहा कि देरी माफ करना अपवाद है, इसे अधिकार की तरह नहीं लिया जा सकता।
मामला कोरबा जिले के सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र के एक अपराध से जुड़ा है। इसमें आरोपी मोहम्मद मुस्तफा को विशेष न्यायालय (पॉक्सो) कोरबा ने 1 मई 2024 को आईपीसी की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के आरोपों से बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की, लेकिन यह अपील निर्धारित समय-सीमा के 350 दिन बाद दाखिल की गई। इसके साथ देरी माफी (कंडोनेशन) का आवेदन भी प्रस्तुत किया गया।
राज्य की ओर से कहा गया कि विभागीय प्रक्रियाओं, फाइलों के आदान-प्रदान और सरकारी कामकाज की जटिलता के कारण देरी हुई। यह भी तर्क दिया गया कि ट्रायल कोर्ट का फैसला त्रुटिपूर्ण है और साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने राज्य की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि, सिर्फ विभागीय प्रक्रिया या फाइल मूवमेंट देरी का पर्याप्त कारण नहीं हो सकता। सरकार को भी अन्य पक्षों की तरह समय-सीमा का पालन करना होगा। बिना ठोस और संतोषजनक कारण के इतनी लंबी देरी को माफ नहीं किया जा सकता। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि देरी माफी कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपवाद है।
अग्निवीर भर्ती : आवेदन की तारीख बढ़ी, युवाओं के सहयोग के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क
रायपुर। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 तक निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी। इसमें 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष तक आयु वर्ग के युवा पात्र हैं। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 8वीं पास से लेकर स्नातक या डिप्लोमा धारक उम्मीदवार भी अलग-अलग पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले के युवाओं को आवेदन में सुविधा देने के लिए ब्लॉक स्तर पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थी विभिन्न सरकारी संस्थानों में जाकर आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार कार्यालय, नगरीय निकाय, पॉलिटेक्निक कॉलेज, शासकीय महाविद्यालय, आईटीआई, जनपद पंचायत और नगर पंचायतों में भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर आवेदक रोजगार कार्यालय रायपुर में स्थापित सेना भर्ती हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम : केंद्र के उपक्रम HLL लाइफकेयर लिमिटेड के साथ एमओयू
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की गई है। भारत सरकार के उपक्रम HLL Lifecare Limited के साथ एमओयू कर राज्य में अटल आरोग्य लैब के रूप मे संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में साकार हो रही है।
प्रदेशवासियों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सदैव रहा है, और इसी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए यह पहल स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य कर रही है। योजना के अंतर्गत पहली लैब का शुभारंभ 14 अप्रैल 2026 को जिला जगदलपुर से किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत छत्तीसगढ़ इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक मैनेजमेंट सिस्टम (CGIDMS) विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से राज्यभर में “हब एंड स्पोक” मॉडल पर आधारित एक मजबूत जांच नेटवर्क तैयार होगा। इसमें स्टेट रेफरल लैब, 4 संभागीय लैब, 33 जिला लैब, 12 सिविल अस्पताल लैब तथा 187 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की लैब को जोड़ा जाएगा, जबकि 814 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैंपल कलेक्शन केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। इस तरह कुल 1051 स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पतालों में 134, सिविल अस्पतालों में 111, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 64 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पैथोलॉजी से लेकर मॉलिक्यूलर जांच तक की सेवाएं अब एक ही सिस्टम के अंतर्गत मिलेंगी। आधुनिक तकनीक से लैस इन लैब्स में जांच रिपोर्ट कम समय में तैयार होकर सीधे मरीज के मोबाइल में उपलब्ध होगी, जिससे उपचार में तेजी आएगी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है-जिला स्तर की लैब शीघ्र प्रारंभ होंगी और आगामी तीन माह में पूरा नेटवर्क क्रियाशील हो जाएगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे जांच सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोग पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी।
इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी स्तरों पर नियमित समीक्षा एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब वेतन के विरुद्ध मिलेगा शॉर्ट टर्म लोन, वित्त विभाग ने जारी किया आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों को आर्थिक सहूलियत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर आसानी से अल्पावधि ऋण (Short Term Credit Against Salary) ले सकेंगे। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, मंत्रिपरिषद के 30 सितंबर 2025 के निर्णय के अनुपालन में यह सुविधा 16 मार्च 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत शासकीय कर्मचारी अपने वेतन के आधार पर किसी भी समय अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षित तरीके से संचालित की जाएगी।
वित्त विभाग ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए बैंगलोर की M/s रिफाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड (M/s Refyne Tech Private Limited,Bangalore) को सेवा प्रदाता के रूप में चयनित किया है। कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की गई है, जिसमें आवेदन से लेकर राशि प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
वित्त विभाग ने इस योजना को लेकर प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त और कलेक्टरों को निर्देशित किया है।
देखिये आदेश की कॉपी-

कोयला लेवी घोटाला: देवेंद्र डडसेना को हाईकोर्ट से राहत नहीं, जमानत याचिका खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी और आर्थिक अपराध से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी देवेंद्र डडसेना की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बैंच ने कहा कि आर्थिक अपराध गंभीर श्रेणी में आते हैं और ऐसे मामलों में जमानत देने में विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है।
मामला एंटी करप्शन ब्यूरो/इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा दर्ज अपराध से जुड़ा है। इसमें आईपीसी की धारा 384, 420, 120-बी, 467, 468, 471 तथा प्रिवेन्शन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के आधार पर सामने आया कि छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन पर अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस नेटवर्क के तहत प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच इस सिंडिकेट ने करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की। इस पूरे मामले में कई नौकरशाह, कारोबारी और अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
कोर्ट में पेश दस्तावेजों और केस डायरी के अनुसार, देवेंद्र डडसेना कथित तौर पर इस सिंडिकेट में अहम कड़ी था। उस पर अवैध वसूली की रकम लेने और बांटने का आरोप है। जब्त डायरी और गवाहों के बयान में लगभग 52 करोड़ रुपये के लेनदेन का उल्लेख मिला। जांच में यह भी सामने आया कि यह राशि राजनीतिक और अन्य खर्चों में उपयोग की गई।
आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है, केवल सह-आरोपी के बयान हैं। वहीं, राज्य सरकार ने दलील दी कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध का है, आरोपी की भूमिका महत्वपूर्ण और सक्रिय रही है। साक्ष्य से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है, जांच अभी जारी है, इसलिए जमानत देना उचित नहीं है।
मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध अलग श्रेणी के होते हैं और समाज व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डालते हैं। आरोपी की भूमिका गंभीर और साक्ष्यों से समर्थित दिखती है। अपराध की गंभीरता और रकम बहुत बड़ी है, ऐसे में जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा।
मुख्यमंत्री श्री हनुमान उत्सव एवं श्री राम कथा कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के स्टेशन चौक स्थित नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में आयोजित श्री हनुमान उत्सव एवं श्री राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त श्री हनुमान का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। बल, बुद्धि और विद्या के दाता हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि हमारे जीवन में निष्ठा, सेवा और समर्पण कैसा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पवित्र श्री नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का भूमिपूजन किया। श्री राम कथा के दौरान श्री नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर राम नाम से गुंजायमान हो उठा।
मुख्यमंत्री ने श्री नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर में विधि-विधान से श्री हनुमान का दर्शन और आरती पूजन किया। उन्होंने श्री हनुमान जी से छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्री हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 01 से 05 अप्रैल तक नर्मदा कुंड मंदिर में स्वामी श्री राजीव लोचन दास जी द्वारा श्री राम कथा का भी आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को कहा छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। रामायण काल में वर्णित दंडकारण्य अबूझमाड़ क्षेत्र का इलाका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अभी तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं। 5 हजार से अधिक बुजुर्ग विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रा के लिए 19 जगहों को चिन्हांकित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी हमने धर्मांतरण रोकने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत देश के सभी प्रदेशों से कठोर नियम बनाए गए हैं। इन कड़े प्रावधानों से निश्चित ही धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। गौ माता के भी संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है। इसके तहत 29 गौधाम का शुभारंभ किया गया है। सुरभि गौधाम में गौमाता के लिए चारे और अन्य व्यवस्था के साथ ही गौपालकों को गोबर के विभिन्न उत्पाद के निर्माण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में 10 सुरभि गौधाम के साथ प्रदेश में 330 गौधाम का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में रुद्र सेना और रुद्र शक्ति के पोस्टर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक किरण सिंहदेव और पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, नर्मदा कुंड श्री राम जानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास, राम गर्ग, विभा अवस्थी सहित गणमान्यजन और भक्तगण उपस्थित थे।
अकलतरा में चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के बाद निरस्त ट्रेनों का परिचालन बहाल
रायपुर/बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत अकलतरा (AKT) स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु किए जा रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई यात्री ट्रेनों को अब रिस्टोर किया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निम्न विभिन्न पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह बहाली निर्धारित अवधि के दौरान चरणबद्ध रूप से की गई है.
रिस्टोर की गई ट्रेनें
गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 03.04.2026 से 07.04.2026 तक के लिए रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 03.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 03.04.2026 से 06.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 04.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को – 03.04.2026 से 06.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को – 04.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को – 03.04.2026 से 06.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को – 04.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को – 03.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को – 03.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को – 03.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को – 03.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
शॉर्ट टर्मिनेटेड/ओरिजिनेटेड ट्रेनों को किया गया रिस्टोर
गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया –झारसुगुड़ा मेमू को – 04.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से झारसुगुड़ा तक चलेगी |
गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को – 04.04.2026 से 07.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलेगी|
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें।
ककनार घाटी में समावेशी विकास की नई तस्वीर उभर रही है, हर गांव जुड़ रहा है, हर जीवन बदल रहा है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। बस्तर की ककनार घाटी, जो कभी वामपंथी उग्रवाद और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अलग-थलग पड़ी थी, आज विकास की नई रफ्तार के साथ आगे बढ़ रही है। यहां बस सेवा की शुरुआत केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि उस बदलाव का प्रतीक है, जिसने भय और अलगाव को पीछे छोड़कर विश्वास और प्रगति की राह खोली है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत ककनार घाटी के सुदूर गांव - कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम - अब मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। यह जुड़ाव केवल रास्तों का नहीं, बल्कि अवसरों का है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के नए द्वार खुले हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को शुरू की गई यह योजना आज लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का आधार बन चुकी है। एक समय था जब इन गांवों में पक्की सड़क की कल्पना भी असंभव लगती थी। दुर्गम घाटियों और खतरनाक रास्तों के बीच संकरी पगडंडियां ही जीवन का सहारा थीं। लेकिन आज उन्हीं मार्गों पर बसों की आवाजाही एक नए बस्तर की कहानी कह रही है - एक ऐसा बस्तर, जो अब पीछे नहीं, बल्कि आगे बढ़ रहा है।
योजना के लगभग छह माह पूरे होने पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने ककनार घाटी में बदलाव को गति दी है। दूरस्थ गांव अब नियमित रूप से मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। यह परिवर्तन हमारे समावेशी विकास और मजबूत आधारभूत संरचना के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।”
इस योजना के तहत बस सेवाएं कोंडागांव जिले के मर्दापाल से शुरू होकर घाटी के कठिन मार्गों से गुजरते हुए धरमाबेड़ा, ककनार जैसे गांवों को जोड़ते हुए जगदलपुर तक पहुंच रही हैं। दशकों से परिवहन सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों के लिए यह सेवा अब जीवन को आसान और सुलभ बना रही है। यह पहल केवल यात्रा को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे और सुरक्षा की नई भावना को भी मजबूत कर रही है। वामपंथी उग्रवाद के समाप्त होने और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से अब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सड़क नेटवर्क के विस्तार से गांवों का अलगाव कम हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा बाजार तक पहुंच आसान हुई है। इसके साथ ही शासकीय योजनाओं का लाभ अब सीधे घर-घर तक पहुंच रहा है, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस बदलाव को ऐतिहासिक मानते हैं। चंदेला के सरपंच तुलाराम नाग के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक माओवादी प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित थे, लेकिन अब सड़कों के निर्माण से क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है और आवश्यक सुविधाएं सुलभ हो गई हैं।
ककनार के सरपंच बलीराम बघेल ने बताया कि पहले लोहण्डीगुड़ा तहसील या जिला मुख्यालय तक पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन अब सालभर संपर्क सुनिश्चित हो गया है। ककनार के साप्ताहिक हाट-बाजार में लौटी रौनक इस परिवर्तन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती है।
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब सुशासन, सुरक्षा और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी प्रगति की मुख्यधारा में शामिल हो जाते हैं। ककनार घाटी आज उसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।
बस्तर के विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी तेज, राज्य स्तरीय समिति की पहली बैठक संपन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के ऐसे विस्थापित परिवार जो किन्ही कारणों बस्तर संभाग के सीमावर्ती तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश में प्रवासित है, ऐसे परिवारों के पुनर्वास की कार्ययोजना बनायी जा रही है। मंत्रालय महानदी भवन में आज अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास हेतु गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में बताया गया कि जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के लोग तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य में प्रवासित हो गए है। इसके लिए प्रवासित परिवारों की ओर से राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका दायर किया गया है। इसके तहत माननीय आयोग द्वारा एक माह के भीतर सर्वे कर प्रवासित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके परिपालन में बस्तर संभाग के संभागायुक्त द्वारा एक समयबद्ध कार्यक्रम के तहत कलेक्टर दंतेवाड़ा, सुकमा एवं जिला बीजापुर को प्रवासित परिवारों के सर्वे किया जाकर 15 दिन के भीतर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सर्वे अनुसार जिला दंतेवाड़ा से तेलंगाना प्रदेश के 60 ग्राम में 618 परिवार के 2654 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से तेलंगाना प्रदेश के 293 ग्राम में 2733 परिवार के 12026 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से तेलंगाना प्रदेश के 114 ग्राम में 994 परिवार के 5029 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से तेलंगाना राज्य के 467 ग्राम में 4345 परिवार के 19709 व्यक्ति प्रवासित है।
इसी तरह जिला दंतेवाड़ा से आंध्रप्रदेश के 25 ग्राम में 125 परिवार के 568 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से आंध्रप्रदेश के 155 ग्राम में 2462 परिवार के 10787 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से आंध्रप्रदेश के 04 ग्राम में 07 परिवार के 34 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से आंध्रप्रदेश राज्य के 184 ग्राम में 2594 परिवार के 11389 व्यक्ति प्रवासित है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य के जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के 667 ग्राम से तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश राज्य के 651 ग्राम में 6939 परिवार के 31098 व्यक्ति प्रवासित है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर संभाग डोमन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज से चर्चा कर अन्य प्रांतों में प्रवासित परिवारों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक बार और सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर लें।
अपर मुख्य सचिव गृह श्री पिंगुआ ने कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों से अन्य प्रांतों में प्रवासित लोगों के बारे में उनके मूल ग्राम एवं निवास स्थान से आवश्यक जानकारी तैयार कर लें। जिससे पुनर्वास योजना बनाने आसानी होगी। इसी तरह से पुनर्वास योजना बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित दिए गए है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दें, जिससे शीघ्र पुनर्वास योजना बनाने में आसानी होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत, आईजी बस्तर सुन्दरराज, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह सहित कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा शामिल हुए। इसी तरह से बैठक में सामान्य प्रशासन, वित्त विभाग, राजस्व, स्कूल शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, वाणिज्य एवं उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
पोटाकेबिन विद्यालय में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाएं, अधीक्षक और सहायक अधीक्षक किए गए निलंबित
सुकमा। जिले के चिंतलनार (चिंतागुफा) स्थित पोटाकेबिन आवासीय विद्यालय में भारी अव्यवस्थाओं के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अमित कुमार द्वारा 31 मार्च 2026 को किए गए आकस्मिक निरीक्षण में विद्यालय की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिसके बाद एक ओर जहां अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधीक्षक और सहायक अधीक्षक को निलंबित भी कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में साफ-सफाई का अभाव स्पष्ट रूप से नजर आया। जगह-जगह कचरा फैला हुआ था और छात्रावास की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। बच्चों के बेड अव्यवस्थित पाए गए तथा कई छात्र-छात्राएं अस्वच्छ व बिना व्यवस्थित कपड़ों में दिखे, जिससे प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई।
प्रारंभिक कार्रवाई के तहत अधीक्षक किरण कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर 1 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया कि संस्था में पदस्थ कर्मचारियों पर अधीक्षक का नियंत्रण कमजोर है, जिससे संपूर्ण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय के दोनों भाग, प्रारंभिक (अ) एवं माध्यमिक (ब) की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखना अधीक्षक की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। साथ ही, पूर्व में दिए गए निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमित कुमार ने सख्त कार्रवाई करते हुए अधीक्षक (माध्यमिक स्तर) भूपतराज ठाकुर एवं सहायक अधीक्षक (प्रारंभिक स्तर) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान ठाकुर का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कोन्टा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा बीता वित्तीय वर्ष, राज्य निर्माण के बाद मिली सबसे ज्यादा कार्यों को मंजूरी
रायपुर। लोक निर्माण विभाग के लिए विगत 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 ऐतिहासिक रहा है. पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने राज्य के निर्माण के बाद से अब तक सबसे ज्यादा कार्यों और राशि के प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी किए हैं.
वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा कुल 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं. यह राशि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद से किसी एक वर्ष में स्वीकृत सर्वाधिक राशि के दोगुने से भी ज्यादा है. वर्ष 2025-26 में मंजूर की गई राशि 2024-25 में स्वीकृत 2589 करोड़ 89 लाख रुपए की तुलना में तिगुने से भी ज्यादा है, जबकि कार्यों की संख्या दोगुने से भी अधिक है.
हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में लोक निर्माण विभाग ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की मांगों, जरूरतों और जन आकांक्षाओं को देखते हुए उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव के निर्देश पर 1925 नए कार्यों को शामिल करते हुए इनके लिए 2287 करोड़ रुपए के प्रावधान किए थे. पिछले वर्ष के बजट में राज्य निर्माण के बाद से सर्वाधिक संख्या में नए कार्यों के प्रस्ताव शामिल किए गए थे. बजट में शामिल नए कार्यों को प्राथमिकता में रखते हुए बड़ी संख्या में इनकी मंजूरी के आदेश जारी किए गए हैं
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने प्रदेशभर में सड़कों और पुलों के कार्यों को गति देने प्रस्तावित कार्यों के जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर ज्यादा से ज्यादा कार्यों की स्वीकृति के निर्देश दिए थे. उनके निर्देश पर विभाग ने सक्रियता और तत्परता से अमल करते हुए बीते वित्तीय वर्ष में अब तक के सर्वाधिक 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है.
उप मुख्यमंत्री साव ने इस तत्परता के लिए सभी विभागीय अधिकारियों और अमले की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकार राज्य की अधोसंरचना को मजबूत करने अभूतपूर्व गति से कार्य कर रही है. रिकॉर्ड संख्या में सड़कों और पुलों को स्वीकृति देकर शहरों, गांवों और वनांचलों को जोड़ने का अभियान तेज किया गया है. हमारी प्राथमिकता हर पहुंचविहीन क्षेत्र तक बेहतर सड़क सुविधा पहुंचाना है, जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. सरकार सड़क नेटवर्क का सशक्त जाल बिछाने पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.
लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में 141 सड़कों और पुलों के लिए 2013 करोड़ रुपए, 2017-18 में 300 कार्यों के लिए 2311 करोड़ रुपए, 2018-19 में 154 कार्यों के लिए 4544 करोड़ रुपए, 2019-20 में 312 कार्यों के लिए 2402 करोड़ रुपए और 2020-21 में 345 कार्यों के लिए 3797 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी.
विभाग ने वर्ष 2021-22 में 531 कार्यों के लिए 4482 करोड़ रुपए, 2022-23 में 466 कार्यों के लिए 2656 करोड़ रुपए, 2023-24 में 355 कार्यों के लिए 3753 करोड़ रुपए तथा 2024-25 में 436 कार्यों के लिए 2590 करोड़ रुपए के कार्यों को प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की थी.
छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि, जानिए कितनी मिलेगा कुशल-अकुशल श्रमिक को मासिक वेतन
रायपुर। प्रदेश के विभिन्न नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नई परिवर्तनशील महंगाई भत्ता और न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित कर दी गई हैं. लेबर ब्यूरो शिमला से प्राप्त जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के मध्य औद्योगिक सूचकांक में हुई 11.28 अंकों की औसत वृद्धि के आधार पर 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि की गई है।
कृषि नियोजन के श्रमिकों के लिए सूचकांक में 34 अंकों की वृद्धि होने से उनके भत्ते में 170 रुपए प्रतिमाह तथा अगरबत्ती उद्योग के श्रमिकों के लिए 8.53 रुपए प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण के मान से वृद्धि की गई है। यह संशोधित दरें 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी होंगी।
नया वेतनमान निर्धारित होने के बाद, 45 अनुसूचित सामान्य नियोजन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन जोन ‘अ’ के लिए 11,402.00 रुपए, जोन ‘ब’ के लिए 11,142.00 रुपए और जोन ‘स’ के लिए 10,882.00 रुपए तय किया गया है।
इसी क्रम में अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए वेतन क्रमशः 12,052.00 रुपए (जोन अ), 11,792.00 रुपए (जोन ब) और 11,532.00 रुपये (जोन स) निर्धारित है । कुशल श्रमिकों को जोन ‘अ’ में 12,832.00 रुपए, ‘ब’ में 12,572.00 रुपए और ‘स’ में 12,312.00 रुपए प्राप्त होंगे, जबकि उच्च कुशल श्रमिकों के लिए यह दरें क्रमशः 13,612.00 रुपए, 13,352.00 रुपए और 13,092.00 रुपए प्रतिमाह होंगी।
दैनिक वेतन की बात करें तो यह श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से लेकर 524 रुपये के मध्य देय होगा । विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट www.shramevjayate.cg.gov.in या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से प्राप्त की जा सकती है।
शहर काजी आरिफ अली अजहरी पद से बर्खास्त, गंभीर शिकायतों के बाद वक्फ बोर्ड ने की कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर शहर काजी मुफ्ती आरिफ अली अजहरी को उनके पद से हटा दिया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
आरिफ अली अजहरी को उनके पिता के निधन के बाद शहर काजी के पद पर नियुक्त किया गया था। हाल ही में उनके खिलाफ आपत्तिजनक आचरण को लेकर शिकायतें सामने आई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, 31 मार्च को शहर के प्रमुख मौलानाओं की एक बड़े मदरसे में बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से आरिफ को पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसकी प्रति वक्फ बोर्ड को सौंपी गई थी। दो दिनों की जांच के बाद अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने आरिफ को पद से हटाने का आदेश जारी किया। उनके स्थान पर जल्द ही नई नियुक्ति की जाएगी।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा कि काजी को हटाने की कार्रवाई की गई है। काजी की अश्लील हरकतों के कारण उसे पद से हटाया गया है। काजी ने मुस्लिम समाज को शर्मसार कर दिया है। समाज के कुछ मौलाना आए थे। इसके लिए समाज के प्रमुखों ने बैठक भी की थी। समाज प्रमुखों की अनुशंसा के बाद काजी को पदमुक्त कर दिया गया है और उसे हटाने की कार्रवाई की गई है।
