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BJP-कांंग्रेस के बागियों ने बिगाड़ा समीकरण : भाजपा ने बगावत करने वाले 26 भाजपाइयों को पार्टी से किया निष्कासित, कांग्रेस में भी कलह
गरियाबंद। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले 26 भाजपाइयों को भाजपा ने पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. गरियाबंद पालिका में 5, राजिम नगर पंचायत से 5, कोपरा नगर पंचायत से 4, देवभोग से 5 व फिंगेश्वर नगर पंचायत से 7 बागी भाजपाइयों को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
बता दें कि गरियाबंद जिला पंचायत में कुल 11 सीट है. यहां 69 लोगों ने नामांकन दाखिल किया है. भाजपा कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों की संख्या की तुलना में बागियों की संख्या ज्यादा है. इस बार बागी प्रत्याशी भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टी का समीकरण बिगाड़ दिया है.
जानिए कांग्रेस में कहां हो रही कलह
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 3 में कांग्रेस ने प्रकाश साहू को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, लेकिन यहां से कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष आनंद मतावले, यूथ कांग्रेस के राजिम विधानसभा अध्यक्ष योगेश साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी राघोबा महाडीक के सुपुत्र इंद्रजीत ने पर्चा दाखिल किया है. क्रमांक 7 में कांग्रेस प्रत्याशी संजय नेताम को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी, क्योंकि इस सीट से मैनपुर ब्लॉक महिला कांग्रेस कमेटी की प्रियंका कपिल मैदान में हैं. हैरानी की बात तो यह है कि ब्लॉक महामंत्री गेंदू यादव प्रियंका का प्रस्तावक बनकर गुटबाजी को हवा दे दिया है. क्षेत्र क्रमांक 11 में भी जिला उपाध्यक्ष धनसिंह मरकाम ने दावेदारी ठोका है.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावसिंह साहू का कहना है कि पार्टी के ज्यादातर पदाधिकारी अधीकृत सूची जारी करने से पहले नामांकन भर चुके थे. कुछ बाद में भी भरे हैं. नाराजगी दूर करने का प्रयास किया जाएगा. बातचीत से रास्ता निकल जाए, ऐसा कोशिश किया जा रहा है.
भाजपा में भी नाराज पदाधिकारी पड़ेंगे भारी
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 में भाजपा की सबसे ज्यादा भिड़ंत देखने को मिला है. पार्टी ने यहां एससी वर्ग के युवा नेता गौरी शंकर को मैदान में उतारा है. सूत्रों का दावा है कि जीते तो गौरी जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रबल दावेदार होंगे, लेकिन गौरी के इस सफर में पार्टी के ही बड़े नेता रोडा बन गए हैं. भाजपा के जिला पदाधिकारी बोधन नायक, मंडल पदाधिकारी अरुण ठाकुर, दुर्योधन सोनवानी, चंद्र किशोर कश्यप, शांति लाल मालू जैसे भाजपाई ने नामांकन भर दिया है. क्षेत्र क्रमांक 10 में भाजपाई एवं पूर्व सदस्य धनमती यादव ने नामांकन भरा है. वहीं क्षेत्र क्रमांक 11 में अब तक लगातार पंचायत चुनाव में अपना परचम लहराने में सफल रहे भाजपा के ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष देशबंधु नेताम व पूर्व मंडल अध्यक्ष के सुपुत्र विवेक यदु ने नामांकन भर भाजपा के प्रत्याशी शोभाचन्द्र पात्र के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है.
भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर का कहना है कि नाराज नेताओं को मनाकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को समर्थन दिलाने स्थानीय वरिष्ठ नेताओं को जवाबदारी दी गई है. भाजपा परिवार से हैं, नाराजगी होगी तो दूर किया जाएगा. नाम वापसी के समय तक उम्मीद है परिवार के सभी सदस्य मान जाएंगे.
ये हैं भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से नंदिनी कोमल ढीढ़ी, क्षेत्र क्रमांक 02 से नंदिनी ओंकार साहू, 03 से चंद्रशेखर साहू, 04 से लेखूराम ध्रुवा, 05 से शिवानी अभिषेक चतुर्वेदी, 06 से लालिमा पारस ठाकुर, 07 से मुकेश बीसेन, 08 से श्रुति ध्रुवा ,09से गौरीशंकर कश्यप ,10 से नेहा सिंघल, 11से शोभा चंद्र पात्र को भाजपा से अधिकृत किया गया है।
ये हैं कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी
क्षेत्र क्रमांक 1 से होमा देवी सांग, क्षेत्र क्रमांक 2 से मालती साहू, क्रमांक 3 से प्रकाश साहू, क्रमांक 4 से पुनारद ठाकुर, क्रमांक 5 से रजनी चौरे, क्रमांक 6 से सुरेखा नागेश, क्रमांक 7 से संजय नेताम, क्रमांक 8 से सरस्वती नेताम, क्रमांक 9 से उमेश डोंगरे, क्रमांक 10 से छाया देवी नेताम, क्रमांक 11 से राजकुमार प्रधान को कांग्रेस से अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है.
भाजपा ने इन नेताओं को पार्टी से किया निष्कासित

निकाय चुनाव 2025 : कई नेताओं के रिश्तेदार चुनावी मैदान में, सीएम साय के समधि को भी मिला टिकट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का दंगल शुरू हो गया है. इस चुनाव में परिवारवाद भी दिख रहा है. बीजेपी-कांग्रेस दोनों ही दलों में कई बड़े नेताओं के रिश्तेदार चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समधि और स्वास्थ्य मंत्री की बहू भी मैदान में हैं. एक मंत्री के भाई निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं. वहीं कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री के परिवार का सदस्य चुनाव लड़ रहा है. कांग्रेस मेयर के पति पूर्व विधायक और एक पूर्व महापौर की पत्नी चुनावी मैदान में हैं.
सीएम विष्णुदेव साय के समधि टीकाराम कंवर जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे हैं. उन्हें धमतरी जिले के क्षेत्र क्रमांक 9 से भाजपा ने चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की बहू चंपा जायसवाल नगर पंचायत झगराखांड से अध्यक्ष के लिए चुनावी मैदान हैं. इसके अलावा बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता चुनावी मैदान में दम दिखा रहे हैं. सबकी नजरें इन सीटों पर है.
सीएम के समधि की आपत्ति चुनाव अधिकारी ने की खारिज
धमतरी जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 में कांग्रेस प्रत्याशी उत्तम मरकाम मारागांव के नामांकन पर मुख्यमंत्री के समधि व भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने आपत्ति जताई थी, जिसे रिटर्निंग अधिकारी ने खारिज कर दिया है. आपत्ति थी कि 2005 में गरियाबंद के गांव पथरामोहंदा में सरपंच रहते उत्तम के खिलाफ शासकीय देनदारी है. यह शिकायत 28 जनवरी को सूचना के अधिकार के तहत की थी. इसी आधार पर उत्तम का आवेदन निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन इस मामले में भाजपा कोई सत्यापित प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी. इसके चलते चुनाव अधिकारी ने आपत्ति को खारिज कर दिया.
चुनावी प्रचार में जुटे भाजपा-कांग्रेस के नेता
नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रचार में बड़े नेता जुट गए हैं. सीएम विष्णुदेव साय आज से चुनावी प्रचार में जुट रहे हैं. वे रायगढ़ में रोड शो कर भाजपा के पक्ष में जनता से समर्थन मांगेंगे. वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी लगातार चुनावी प्रचार कर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांग रहे. बघेल आज पांडातराई कबीरधाम, पंडरिया, कुनकुरी मेंं जनसभा को संबोधित करेंगे. वहीं बिलासपुर, अकलतरा और जांजगरी में रोड शो करेंंगे.
इन नेताओं के रिश्तेदार लड़ रहे चुनाव
सीएम विष्णुदेव साय के समधी टीकाराम कंवर जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे हैं.
मंत्री लखनलाल देवांगन के भाई नरेंद्र देवांगन कोरबा जिले में निर्विरोध पार्षद का चुनाव जीत गए हैं.
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की बहू चंपा जायसवाल नगर पंचायत झगराखांड से अध्यक्ष चुनाव लड़ रहीं.
रायपुर में भाजपा ने मीनल चौबे को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है, जिनके पति छगन चौबे हैं, जो पार्षद रह चुके हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी विधायक रेणुका सिंह की बेटी मोनिका सिंह भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं. जबकि यहां भाजपा ने वेद प्रकाश सिंह को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है.
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की बहू जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी रही हैं.
रायपुर के मेयर रहे कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे की पत्नी दीप्ति दुबे रायपुर नगर निगम में महापौर का चुनाव लड़ रही हैं.
चिरमिरी नगर निगम में महापौर रही कंचन जायसवाल के पति विनय जायसवाल मेयर का चुनाव लड़ रहे हैं. वे कांग्रेस से विधायक भी रह चुके हैं.
कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो की बहन भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं, जबकि वह जिला पंचायत सदस्य भी हैं.
बीजेपी विधायक आशाराम नेताम की पत्नी सुरेखा नेताम जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं. वे पहले सरपंच भी रह चुकी है.
कांकेर जिले में भाजपा विधायक लता उसेंडी की बहन किरण नरेटी भी चुनावी मैदान में हैं.
निकाय चुनाव 2025 : भाजपा-कांग्रेस के घोषणा पत्र में कई वादे रिपीट, BJP ने बताया काॅपी पेस्ट, कांग्रेस ने कहा – जमीन आसमान का है अंतर
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए बीजेपी ने अटल संकल्प पत्र और कांग्रेस ने जन घोषणा पत्र जारी कर दिया है. बीजेपी ने जनता से सुझाव लेकर 20 तो वहीं कांग्रेस ने भी लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में 36 बिंदुओं में घोषणा पत्र तैयार किया है. इनमें कई सारी घोषणाएं ऐसी है, जो दोनों ही दलों में समान है. भाजपा ने 2019 में लाए घोषणा पत्र में से कई सारे बिंदुओं को शामिल किया है. वही कांग्रेस के घोषणा पत्र में बीजेपी के 2019 और 2025 की घोषणा पत्र के कई वादे रिपीट किए गए हैं. कई वादे ऐसे भी शामिल किए गए हैं, जिसे 2019 के चुनाव में घोषणा किए थे, जो अब तक पूरे नहीं हुए हैं. आइए जानते हैं कौन से ऐसे वादे हैं, जो दोनों ही दलों के घोषणा पत्र में शामिल हैं.
कांग्रेस और बीजेपी के घोषणा पत्र में ये है समानता
श्रद्धांजलि योजना के तहत दिए जाने वाले 4 हजार को बढ़ाकर 5 हजार किया गया है.
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का वादा.
जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण और विवाह प्रमाण पत्र का घर पहुंच सेवा.
यूज़र चार्ज का युक्तियुक्त करण.
बीजेपी ने प्रमुख निकायों में तो वहीं कांग्रेस ने हर निकाय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सर्वसिविधायुक्त निःशुल्क लाइब्रेरी की घोषणा की है.
शहरी सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए टॉयलेट्स
विवाह और शोक कार्यक्रमों में मुफ़्त पानी टैंकर
शासकीय भूमि पर काबिज भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि अधिग्रहण का अधिकार
विश्वविद्यालय और स्कूलों में मुफ़्त सेनेटरी नैपकिन्स
स्वासहायता समूहों की महिलाओं को रोज़गार देने का वादा
सार्वजनिक स्थानों में मुफ़्त Wi- Fi
नियमित भुगतान पर संपत्ति कर में छूट
कांग्रेस ने पूरे नहीं किए 2019 के ये वादे
कांग्रेस ने 2019 के चुनाव में तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण, घाटों और तालाबों में महिलाओं के लिए चेजिंग रूम बनाने का वादा किया था. हालांकि ये धरातल पर नजर नहीं आया. इसके अलावा इंदिरा गांधी हरित अभियान, राजीव गांधी ज्ञानोदय केंद्र योजना के तहत ऑनलाइन रीडिंग, लायब्रेरी की सुविधा मिलनी थी, महात्मा गांधी सम्मान पुरस्कार के तहत नगर भूषण अवॉर्ड, नगर शिक्षक अवॉर्ड, नगर खिलाड़ी अवार्ड दिए जाने की घोषणा की गई थी, ये वादे अब भी अधूरे हैं.
कांग्रेस का घोषणा पत्र BJP के ‘अटल संकल्प पत्र’ का कॉपी पेस्ट : सीएम
नगरीय निकाय चुनाव के लिए जारी कांग्रेस के घोषणा पत्र को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा के ‘अटल संकल्प पत्र’ का कॉपी-पेस्ट बताया है. उन्होंने कांग्रेस पर पिछले नगरीय निकाय चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है.
बीजेपी-कांग्रेस के घोषणा पत्र में जमीन आसमान का अंतर : दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बीजेपी और कांग्रेस के घोषणा पत्र में जमीन आसमान का फर्क है. हमारी घोषणा पत्र सीधी, स्पष्ट और सरल जनता के लिए है, लेकिन बीजेपी का घोषणा पत्र जनता को गोल-गोल घुमाने, जनता को ठगने और भटकाने के लिए है.
BJP मेयर कैंडिडेट के जाति मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, बसपा प्रत्याशी ने वापस ली याचिका
बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर के भाजपा महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी के जाति प्रमाण मामले में आज हाईकोर्ट की सिंगल बैंच में सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली. याचिका में गलत प्रतिवादी बनाने की वजह से याचिका वापस ले लिया.
बता दें कि बसपा प्रत्याशी आकाश मौर्य ने महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी के जाति मामले पर याचिका लगाई थी. याचिकाकर्ता ने रिटर्निंग ऑफिसर की जगह इलेक्शन ऑफिसर को प्रतिवादी बनाया था. जस्टिस बीडी गुरु की बैंच में मामले की सुनवाई हुई. इसमें विड्रॉल विथ लिबर्टी के तहत याचिका वापस ले ली गई. अब समान आधार पर फिर से याचिका लगाई जा सकती है.
बता दें कि पूजा विधानी को भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने एवं नामांकन दाखिल होने के बाद से जाति प्रमाण पत्र पर कांग्रेस ने सवाल उठाया था. कांग्रेस ने इस मामले में उनके जाति प्रमाण पत्र को आंध्रप्रदेश का बताते हुए छत्तीसगढ़ में मान्य नहीं होने की बात कही थी. इस संबंध में निर्वाचन आयोग के समक्ष आपत्ति की गई थी. निर्वाचन आयोग ने आपत्ति को निरस्त कर दिया था. इसके बाद अधिवक्ता लवकुश साहू के माध्यम से बसपा प्रत्याशी आकाश मौर्य ने याचिका लगाई थी. पेश याचिका में भाजपा महापौर एल पदमजा विधानी के जाति प्रमाण पत्र के दस्तावेज आरओ द्बारा नहीं दिए जाने की बात कही गई थी. अर्जेंट हियरिग का केस फाइल करते हुए दस्तावेजों की मांग की गई थी.
सरकारी दफ्तरों में स्थानीय अवकाश घोषित, जानिए कब-कब रहेगी छुट्टी….
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर और रायपुर शहर के सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थाओं के लिए स्थानीय अवकाश की घोषणा की है. सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय ने आदेश पत्र जारी कर छुट्टियों की घोषणा की है.
जारी आदेश के मुताबिक, गणेश चतुर्थी पर 27 अगस्त 2025, महाष्टमी पर 30 सितंबर 2025 और दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के दिन 21 अक्टूबर 2025 को स्थानीय अवकाश रहेगा. हालांकि, यह अवकाश बैंक, कोषालय और उप-कोषालय कार्यालयों के लिए लागू नहीं होगा.

लीजेंड्स 90 क्रिकेट लीग का आगाज कल से : आज 6 टीमों के दिग्गज खिलाड़ी पहुंचेंगे रायपुर, ओपनिंग सेरेमनी में तमन्ना भाटिया, आयुष्मान खुराना और हार्डी संधू करेंगे धमाकेदार परफॉर्मेंस
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की मेजबानी में लीजेंड 90 लीग टूर्नामेंट का आगाज 6 फरवरी को होने जा रहा है, जो 17 फरवरी तक चलेगा. आज सभी 6 टीमों के 60 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंचेंगे. संभवतः छत्तीसगढ़ और दिल्ली की टीम शाम को अभ्यास करेगी. आईपीएल की तर्ज पर दर्शकों को ओपनिंग सेरेमनी देखने को मिलेगी, जिसमें तमन्ना भाटिया, आयुष्मान खुराना और हार्डी संधू धमाकेदार परफॉर्मेंस करेंगे.
लीजेंड 90 लीग के लिए पिच को तैयार किया जा रहा है. इसके अलावा लंबी घास को भी मशीन के जरिए काटा जा रहा. मैदान के चारों और लाइट सिस्टम लगाया जा रहा है. लीग टूर्नामेंट से पहले व्यवस्था को बेहतर कर लिया गया है. कई हजार नई सीटें लगाई गई है. बता दें कि सभी राष्ट्रीय खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था शहर के भीतर की गई है. क्रिकेट जगत के कई पूर्व अनुभवी सितारे प्रशंसकों को रोमांचित करते नजर आएंगे.
15 ओवर का होगा मैच
अधिकांश दिनों में डबल-हेडर मैच निर्धारित होने के कारण टूर्नामेंट क्वालीफायर की ओर बढ़ेगा और 17 फरवरी को ग्रैंड फिनाले में समाप्त होगा. डबल-हेडर मैच में पहला मैच शाम 4 बजे से रात 7 तक चलेगा, जिसके बाद दूसरा मैच रात 7 के बाद रात 10 तक चलेगा. एक मैच लगभग तीन घंटे का होगा. लीजेंड 90 लीग में 90 बॉल अर्थात 15 ओवर का मैच होगा. क्रिकेट का नया फार्मेंट रायपुर में देखने को मिलेगा. सभी टीम 6 मैच खेलेगी. 15 ओवर का मैच होने से यह क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित करेगा.
ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू, स्टेडियम में भी ऑफलाइन खरीद सकेंगे
लीजेंड 90 लीग में दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है. पहले दिन के लिए टिकट खरीदी जा रही है. स्टेडियम में ऑफलाइन भी टिकट मिलेगी. आयोजक द्वारा टिकट की व्यवस्था बनाई जा रही है. ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले दर्शक टिकट को स्कैन करवाकर सीधे स्टेडियम में प्रवेश करेंगे. मैच के दौरान इस बार दर्शकों के लिए खाने की सुविधा नहीं रहेगी. पानी साथ में लेकर आना होगा.
जानिए क्या है टिकट का रेट
हर बार की तरह इस बार भी दर्शकों ने ऊपर की सीट को ज्यादा बुक किया है. लीग में सबसे सस्ती टिकट 100 रुपए है तो वहीं अधिकतम कीमत 1000 रुपए है. ऊपर की ओर सीट 100 में मिलेगी तो वहीं लोअर सीट का टिकट 250 रुपए में मिलेगा. सिल्वर 500 और गोल्ड टिकट की कीमत 750 रुपए रखा गया है. प्लेटिनम टिकट का रेट 1000 रुपए तय किया गया है. स्टेडियम में ऊपर और लोअर सीट की बुकिंग अधिक बताई जा रही है. अधिक से अधिक दर्शक मैच देखने पहुंचे इसलिए लीग मैच की टिकट को सस्ती रखी गई है.
ओपनिंग सेरेमनी में ये सितारे देंगे परफॉर्मेंस
गुरुवार को लीग की ओपनिंग सेरेमनी भव्य रूप से स्टेडियम में होगी, जिसमें बॉलीवुड एक्टर तमन्ना भाटिया, हुमा कुरैशी, आयुष्मान खुराना, साथ ही गायक विशाल मिश्रा, सोनू निगम, हार्डी सन्धु जैसे सितारे व छालीवुड के सितारे परफॉर्मेंस देंगे. आईपीएल की तर्ज पर लोगों को ओपनिंग सेरेमनी देखने को मिलेगी.
खैरागढ़ के जंगल में बाघ की दस्तक, वन विभाग ने लोगों को जंगल में अनावश्यक घूमने से किया मना…
खैरागढ़। खैरागढ़ वन मंडल में बाघ की मौजूदगी देखने को मिली है. इसके साथ ही वन विभाग ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है. बाघ और इंसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को अनावश्यक जंगल में घूमने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है.
दरअसल, खैरागढ़-डोंगरगढ़ के जंगलों में बीते कई दिनों से बाघ की आहट थी. इलाके में कई जगह बाघ के पद चिन्ह देखे गए थे, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से बाघ किसी को दिखाई नहीं दिया था. लेकिन 3 फरवरी को जंगल में बाघ को देखे जाने की मजदूरों द्वारा पुष्टि किए जाने पर वन विभाग ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बाघ अभी जंगल के अंदर है, और उसकी हर गतिविधि पर ड्रोन कैमरों और गश्त टीमों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है.
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी कारण के जंगल में न जाएं. अगर कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से जंगल में घूमते पाया गया, तो उसे तुरंत हिरासत में लिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह कदम बाघ और इंसान दोनों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके.

बता दें कि खैरागढ़ और डोंगरगढ़ के जंगल का जैव विविधता से भरपूर हैं. 1990 तक यहाँ कई बाघों का निवास था. इस क्षेत्र में समुदाय आधारित संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित आवास फिर से तैयार किया जा सकता है. यदि स्थानीय समुदाय को संरक्षण प्रयासों में शामिल किया जाए, तो खैरागढ़ को एक आदर्श वन्यजीव आवास क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, और साथ ही यहां इको-टूरिज़्म को बढ़ावा दिया जा सकता है.
ग्रामीणों के लिए जरूरी हिदायत
खैरागढ़ डीएफओ आलोक तिवारी ने ग्रामीणों के लिए जरूरी हिदायत जारी करते हुए कहा कि रात के समय बाहर न निकलें. अकेले या सुनसान इलाकों में न जाएं. अगर बाघ दिखे या उसकी मौजूदगी के संकेत मिलें, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें. इसके साथ अफवाह फैलाने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को लिखा पत्र, मतदान के दिन छुट्टी देने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव पत्र लिखकर मतदान के दिन मंत्रालय सहित रायपुर क्षेत्र में स्थित सभी शासकीय कार्यालयों में अवकाश घोषित करने की मांग की है.
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत ने कहा, रायपुर क्षेत्र में 11 फरवरी को मतदान होना है. इस दिन नगरीय निकाय क्षेत्रों में छुट्टी घोषित है. मंत्रालय और अन्य नवा रायपुर स्थित कार्यालय नगरीय निकाय क्षेत्र से बाहर है. मंत्रालय एवं अन्य कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी नगरीय निकाय क्षेत्र के निवासी मतदाता हैं, इसलिए मतदान के दिन मंत्रालय सहित नवा रायपुर अटल नगर के कार्यालयों में भी अवकाश घोषित किया जाए. छुट्टी होने से अधिकारी-कर्मचारी अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे.

रायपुर में आईटी का छापा, सराफा कारोबारी के ठिकानाें पर जांच कर रही टीम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार आईटी की छापेमार कार्रवाई जारी है. राजधानी रायपुर के सदर बाजार स्थित ए.एम ज्वेलर्स में सेंट्रल आईटी की टीम ने दबिश दी है, जहां कार्रवाई जारी है. बता दें कि मंगलवार को आयकर विभाग की टीम ने धमतरी के इतवारी बाजार स्थित सेठिया ज्वेलर्स में भी छापा मारा था. बताया जा रहा कि यह कार्रवाई इनकम टैक्स चोरी की शिकायत पर की जा रही है.
निकाय चुनाव 2025 : मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को बताया भाजपा के अटल संकल्प पत्र का कॉपी-पेस्ट
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर जारी कांग्रेस के घोषणा पत्र को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा के ‘अटल संकल्प पत्र’ का कॉपी-पेस्ट बताया है. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर पिछले नगरीय निकाय चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा में दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि निश्चित रूप पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी. अरविंद केजरीवाल के 10 साल के छल को जनता जान चुकी है. भाजपा के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है. लोगों ने मोदी जी के काम को देखा है.
निकाय चुनाव 2025 : कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र, जानिए महिलाओं, युवाओं और शहरवासियों के लिए क्या है खास…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने आज राजीव भवन रायपुर में घोषणा पत्र जारी किया, जिसका नाम “जन घोषणा पत्र” दिया गया है. कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, महापौर प्रत्याशी दीप्ति दुबे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, प्रमोद दुबे, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे.
जानिए कांग्रेस के घोषणा पत्र में क्या है खास
- तालाबों का संरक्षण व सौंदर्यीकरण की विषेश पहल की जाएगी।
- घाटों एवं तालाबों में महिलाओं के लिए चेजिंग रूम बनाए जाएंगे।
- शहरी व्यापारिक क्षेत्रों में महिला प्रसाधन की व्यवस्था की जाएगी।
- महिला सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कंट्रोल रूम के साथ सामंजस्य कर सभी चौक-चौराहों व स्कूल-कॉलेज के समीप में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा।
- सर्व-सुविधायुक्त ऑटो रिक्शा/ई-रिक्शा के लिए पार्किंग व चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी।
- श्रद्धांजली राशि योजना के तहत बीपीएल कार्डधारियों को 2000 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए दिया जाएगा।
- निगमों के अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
- सम्पत्तिकर, समेकितकर एवं जल उपभोक्ता शुल्क का घर बैठे भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
- आगामी 6 माह में जहां-जहां ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा नहीं है वहां सुविधा दी जाएगी।
- मकान आबंटन प्रक्रिया को और सरलीकृत एवं पारदर्शी करते हुए सभी आवासहीनों को पात्रतानुसार मकान दिया जाएगा।
- प्रत्येक वार्ड में कार्यरत सफाई कर्मी की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी।
- प्रत्येक निकाय में विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सर्व-सुविधायुक्त निःशुल्क लायब्रेरी खोला जाएगा।
- नगरीय निकाय द्वारा आमजनों को दशगात्र, बेटी विवाह जैसे अन्य कार्यक्रमों में पानी टैंकर निःशुल्क प्रदाय किया जाएगा।
- यूजर चार्ज का युक्ती-युक्तकरण किया जाएगा।
शहर को धुल मुक्त बनाने आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- पौनी-पसारी योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी एवं स्थान को सर्व सुविधायुक्त बनाया जाएगा।
- चलित ठेले व्यवसायियों को संरक्षण दिया जाएगा एवं वार्डों के प्रमुख स्थानों पर वेंडिग-जोन चिन्हांकित कर व्यवसाय के लिए उचित स्थान दिया जाएगा।
- विकास कार्य में पारदर्शिता सामूहिक जिम्मेदारी एवं कसावट की दृष्टि से निकायों के अध्यक्षों के पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दिए गए अधिकार वापस करते हुए प्रत्येक भुगतान में नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों के चेक हस्ताक्षर करने के अधिकार वापस दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
- कन्या विवाह के लिए सभी निकाय क्षेत्रों में सामुदायिक भवन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
- सामुदायिक भवन की ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम लागू करेंगे।
- शासकीय भूमि पर काबिज भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि धारण करने के लिए धारणा अधिकार दिया जाएगा।
- सभी को पात्रतानुसार वृध्दा, दिव्यांग एवं निराश्रित लोगों को पेंशन सुविधा प्राप्त हो सुनिश्चित किया जाएगा।
- सभी सरकारी स्कूल एवं आत्मानंद स्कूल में मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया जाएगा।
- सभी वार्डों में सर्व-सुविधायुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण।
- स्कूली एवं महाविद्यालयीन छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी नेपकीन देंगे।
- जन्म-मृत्यु एवं मैरिज सर्टीफिकेट को घर पहुंच सुविधा प्रदान की जाएगा।
- युवाओं को रोजगार देने के लिए सभी निकाय क्षेत्रो में यूथ हब बनाया जाएगा।
- महिला स्वसहायता समूहो को रोजगार देने विशेष पहल।
- सार्वजनिक स्थलों पर मुफ्त वाई-फाई सुविधा प्रदान करेंगे।
- कांग्रेस शासित सभी निकायों में जनता को उनके कार्यों के पूर्ण होने की समय सीमा निर्धारित कर सिटीजन चार्टर बनाया जाएगा।
- संपत्तिकर की राशि नियमित समयावधि पर पर भूगतान करने पर विषेश छूट प्रदान की जाएगी।
- सभी नगर निगमों में पत्रकारों के लिए हाईटेक रेस्ट रूम बनाया जाएगा।
- प्रत्येक वार्ड में सब्जी बाजार बनाया जाएगा।
- नगरों को आवारा पशुओं से मुक्ति दिलाया जाएगा।
निकाय चुनाव में जीत के लिए भाजपा आश्वस्त, एक्स पर पोस्टर जारी कर लिखा – नगरीय निकाय में खिलेगा कमल, अटल संकल्प पत्र के साथ होगा सबका विकास…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव में जीत के लिए भाजपा पूरी तरह आश्वस्त है. बीजेपी ने एक्स पर पोस्टर पोस्ट कर लिखा है कि नगरीय निकाय में खिलेगा कमल, सबको है विश्वास. अटल संकल्प पत्र के साथ सबका समुचित विकास होगा.

जानिए अटल संकल्प पत्र में क्या है खास
नगर विकास के क्षेत्र में
नजूल भूमि के स्वामित्व के लिए नया कानून बनाएंगे और सभी पट्टा धारकों को भू-स्वामी बनाएंगे।
रुकी हुई पीएम आवास-शहरी परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करेंगे और वर्तमान में स्वीकृत 3 लाख PMAY-U घरों का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।
जो लोग बिजली बिल और समेकित कर चुकाते हैं उन्हें आवास बनाने की पात्रता दी जाएगी।
अवैध कॉलोनियों के लंबित आवेदनों का एक साल में निराकरण करेंगे।
नगरीय सेवाओं में सुधार
सिकल सेल एनीमिया मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए निगम क्षेत्रों में स्क्रीनिंग केंद्र स्थापित करेंगे और सभी मरीज़ों को सिकल सेल एनीमिया पहचान पत्र जारी करेंगे।
नगर निगम की सेवाओं को डिजिटल और सरल बनाने के लिए ‘माई सिटी ऐप’ लॉन्च किया जाएगा, जिसमें सभी ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध होंगी।
‘सरकार तुंहर द्वार’ योजना के तहत शासकीय सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करेंगे।
हर जोन में एकीकृत सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि नागरिकों को बार-बार नगर निगम कार्यालय न जाना पड़े।
निदान हेल्पलाइन के माध्यम से जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
संपत्ति कर समय पर चुकाने वाले नागरिकों को 10% की विशेष छूट और महिलाओं के नाम पर पंजीकृत संपत्तियों पर 25% विशेष छूट दी जाएगी।
जल आपूर्ति और स्वच्छता
हम शुद्ध पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए ‘नल से जल’ योजना को सुदृढ़ करेंगे, नए जल टैंक बनाएंगे और पुराने कुओं का संरक्षण और पुनरुद्धार करेंगे।
शहरी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक घर में कचरा बाल्टी प्रदान की जाएगी और स्मार्ट वेस्ट मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से कचरा संग्रहण मार्गों की ट्रैकिंग की जाएगी।
तालाबों की सफाई और जल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उन्हें एस.टी.पी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से जोड़ा जाएगा।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
महिलाओं और छात्राओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों और महाविद्यालयों में मुफ्त सैनिटरी नैपकिन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
बाजार क्षेत्रों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे वे साफ और सुरक्षित सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
इसके अतिरिक्त, महतारी वंदन योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) लाभार्थियों को ₹2.5 लाख तक का ऋण और मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।
रोजगार और शिक्षा का विस्तार
प्रमुख नगर निकाय में नालंदा परिसर पर आधारित सार्वजनिक अध्ययन केंद्र शुरू करेंगे और पुस्तकालयों में सीटों की संख्या भी बढ़ाएंगे।
रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हम राज्यभर में रोजगार मूलक स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स स्थापित करेंगे, जो युवाओं के लिए उद्यमशीलता, व्यक्तित्व विकास और रोजगार के अवसर को बढ़ाएंगे।
यू.पी.एस.सी. मुख्य परीक्षा (MAINS) उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए प्रत्येक नगर निगम में ‘महापौर सम्मान निधि’ की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा, हम विद्यालयों और महाविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा सुनिश्चित करेंगे, जिससे छात्र डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन संसाधनों का लाभ उठा सकें। यह कदम केंद्र सरकार के हालिया बजट में घोषित स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लक्ष्य के अनुरूप रहेगा।
स्ट्रीट वेंडर्स और व्यापारिक केंद्रों का विकास
स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत ₹30,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। इसके साथ ही, स्मार्ट वेंडिंग ज़ोन और फूड स्ट्रीट्स की स्थापना करेंगे.
सड़क व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए एक समुचित नीति बनाएंगे।
प्रत्येक नगर निकाय के व्यावसायिक केंद्रों में बिजली, सड़क, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
न्याय संगत कर प्रणाली
उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) से जुड़ी समस्याओं का वाजिब समाधान करेंगे।
समाधान योजना के माध्यम से बिना जुर्माना या ब्याज लगाए पुराने संपत्ति कर के लिए एकमुश्त निपटान की सुविधा देंगे।
चरणदास महंत के बयान पर टीएस सिंहदेव बोले- जैसे 2018 में लड़े थे, वैसे ही हम सब मिलकर 2028 में लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
सरगुजा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत के अंबिकापुर में टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में अगला विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान से सियासी गलियारे में हलचल मच गई है. हालांकि, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने इस बयान को नहीं सुनने की बात कही, लेकिन 2028 में कांग्रेस सरकार बनने का विश्वास जताया है. भाजपा ने महंत के इस बयान पर चुटकी भी ली. वहीं अब इस पर टीएस सिंहदेव का भी बयान सामने आया है.
टीएस सिंहदेव ने चरण दास महंत के बयान पर कहा कि चरण दास महंत ने मेरे नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कही है. सरगुजा से बाबा बस्तर से कोई और, कांग्रेस के नेतृत्व में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और सीएलपी लीडर चरण दास महंत नेतृत्व करेंगे. हम सब मिलकर 2028 में चुनाव लड़ेंगे.
टीएस सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने (चरण दास महंत) कहा कि यहां से बाबा, बस्तर से कोई और कहीं से कोई. कांग्रेस की जो परंपरा है पार्टी के नेतृत्व की जिम्मेदारी पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और सीएलपी लीडर चरणदास महंत की है. हम लोग अगुवाई वाले हैं. वे जहां पे आए थे उन्होंने कांग्रेस के साथी को बढ़ावा दिया.
उन्होंने आगे कहा कि पिछला चुनाव हम नहीं जीते. मीडिया में भी आकलन किया गया था कि कांग्रेस की सरकार बन रही है, पर वह नहीं हुआ. कहीं न कहीं कुछ कमियां रही होंगी. उन कमियों को दूर करके, एक साथ जैसे 2018 में हम लोग चुनाव लड़े थे, वैसे ही 2028 में लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि मेरे लिए भी एक ही लक्ष्य है कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए जो भी सहयोग कर सकता हूं, करूंगा.
चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर को एम.सी.एच. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की 03 सीटों की मंजूरी
रायपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के कैंसर विभाग (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) को राष्ट्रीय कैंसर दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (चिकित्सा शिक्षा -1) ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एन.एम.सी.) को निर्देशित किया है कि चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विषय में सुपर स्पेशलाइजेशन पाठ्यक्रम (एम.सी.एच.) के लिए 03 सीटों की स्वीकृति प्रदान की जाए। इससे यह महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किया जा सकेगा।
प्रदेश में कैंसर उपचार को मिलेगा नया आयाम
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा महाविद्यालय के कैंसर विभाग में पहले से एम.डी. (रेडियोथेरेपी) की 6 मान्यता प्राप्त सीटें पहले से संचालित की जा रही हैं। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विषय में सुपर स्पेशलाइजेशन पाठ्यक्रम की स्वीकृति के बाद अब प्रदेश के कैंसर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी।
मध्य भारत का पहला शासकीय चिकित्सा संस्थान बना रायपुर मेडिकल कॉलेज, जहां विशेष पाठ्यक्रम होगा संचालित
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी और सर्जिकल आंकोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि रायपुर मेडिकल कॉलेज मध्य भारत का पहला शासकीय चिकित्सा संस्थान है, जहां यह विशेष पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। महाविद्यालय के एन.एम.सी. सेल के चेयरमैन डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि गत वर्ष इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन कुछ कमियों के कारण एन.एम.सी. ने एल.ओ.पी. (लेटर ऑफ परमिशन) जारी नहीं किया था। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा इन कमियों को दूर कर दो बार पुनर्विचार के लिए अपील की गई। हाल ही में एन.एम.सी. के निर्देशानुसार सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष गुप्ता को व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली भेजा गया, जहां स्टाफ, अधोसंरचना, उपकरण, क्लिनिकल सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की गई। संतोषजनक मूल्यांकन के बाद एन.एम.सी. ने एम.सी.एच. पाठ्यक्रम की स्वीकृति प्रदान की।
कैंसर मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं
एम.सी.एच. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी पाठ्यक्रम के शुरू होने से:
✔ कैंसर के मरीजों को उन्नत शल्य चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
✔ प्रदेश को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सुपर-विशेषज्ञ मिलेंगे।
✔ चिकित्सा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के कैंसर रोगियों को अत्याधुनिक उपचार की सुविधा मिलेगी और चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर कैंसर उपचार और शोध के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।
पीएम कृषि सिंचाई योजना से छत्तीसगढ़ के किसानों को लाभ, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया महत्वपूर्ण मुद्दा
नई दिल्ली/रायपुर। 4 फरवरी छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों की पैरवी करते हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत किसानों को दिए जाने वाले अनुदान और सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत छोटे एवं सीमांत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की इकाई लागत का 55%, जबकि अन्य किसानों को 45% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
छत्तीसगढ़ में सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2015-16 से अब तक छत्तीसगढ़ में 1.56 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई से जोड़ा गया है, जिससे किसानों को पानी की बचत और अधिक उत्पादन में सहायता मिली है। यह योजना प्रदेश के किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिससे कम जल संसाधन में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किसानों के लिए रखी मजबूती से आवाज
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में यह भी पूछा कि क्या सरकार ने अनुदान राशि में कोई कटौती की है। जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि, केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को मिलने वाली निधियों में कोई कटौती नहीं की गई, बल्कि सूक्ष्म सिंचाई को और बढ़ावा देने के लिए सहायता राशि में वृद्धि की गई है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को सूक्ष्म सिंचाई का अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि छत्तीसगढ़ में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र के विस्तार के लिए और अधिक धनराशि उपलब्ध कराई जाए ताकि प्रदेश के किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों का पूरा लाभ मिल सके।
मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 5800.99 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान की गई है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1916.21 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सरकार जल संकट वाले क्षेत्रों में सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए निधियों में पर्याप्त वृद्धि कर रही है।
CGMSC घोटाला : करोड़ों के घोटाले में इन आईएएस अफसरों की बढ़ी मुश्किलें, ACB-EOW ने पूछताछ के लिए किया तलब
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) में करोड़ों रुपये के घोटाले में अब तीन आईएएस अधिकारी भी लपेटे में आ गए हैं. ACB-EOW ने इन तीनों अफसरों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. इसके अलावा मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता के साक्ष्य भी मिले हैं.
सीजीएमएससी का चार्ज देते समय की तस्वीरजानकारी के मुताबिक, ACB-EOW ने आईएएस अफसर भीम सिंह, चंद्रकांत वर्मा और सीजीएमएससी की एमडी पद्मिनी भोई को पूछताछ के लिए तलब किया है.
बता दें कि ACB-EOW ने CGMSC घोटाले में हफ्ते भर पहले मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर रिमांड में लिया था. वहीं आज आरोपी की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उसे फिर से ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 6 दिन की पुलिस रिमांड पर EOW को सौंप दिया है. अब आरोपी शशांक चोपड़ा को 10 फरवरी को वापस कोर्ट में पेश किया जाएगा. जांच एजेंसी ने दवा खरीदी घोटाले में प्रदेश के बड़े सप्लायर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार किया है. उससे पूछताछ के बाद कई नए तथ्य सामने आई हैं. दवा खरीदी का यह घोटाला अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है. यह घोटाला 400 करोड़ से अधिक का है.
दो साल के ऑडिट में खुली थी पोल
लेखा परीक्षा की टीम की ओर से CGMSC की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था. ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया. जिस हॉस्पिटल में जिस केमिकल और मशीन की जरूरत नहीं वहां भी सप्लाई कर दिया गया. प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सप्लाई की गई, जिनमें से 350 से अधिक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे हैं, जिसमें कोई तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा उपलब्ध ही नहीं थी. ऑडिट टीम के अनुसार DHS ने स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं में बेसलाइन सर्वेक्षण और अंतर विश्लेषण किए बिना ही उपकरणों और रीएजेंट मांग पत्र जारी किया था.
स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के खिलाफ भी दर्ज है मामला
ईओडब्ल्यू ने अपनी एफआईआर में स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारियों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है. एफआईआर में स्वास्थ्य संचालक और सीजीएमएससी की एमडी पर गंभीर टिप्पणी की गई है. इस एफआईआर के बाद यह माना जा रहा है कि जांच की जद में कई आला अफसर आ सकते हैं. चर्चा है कि इस घोटाले में शामिल रहे लोगों की जल्द गिरफ्तारियां होंगी. ईओडब्ल्यू की शुरुआती जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अफसरों की मिलीभगत से सरकार को अरबों रुपए की चपत लगाई गई.