प्रदेश
छत्तीसगढ़ के प्रेम राजन रौतिया ने इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में दिलाया स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री से की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में स्वर्ण पदक विजेता पावरलिफ्टर प्रेम राजन रौतिया ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।
उल्लेखनीय है कि प्रेम राजन रौतिया महासमुंद जिले के पिथौरा के निवासी हैं। उन्होंने 31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 तक नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स में अंडर-30 कैटेगरी में भाग लेते हुए 735 किलोग्राम भार उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दिलाई है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे, जिन्होंने श्री रौतिया को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
विधानसभा सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक आज
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। आगामी विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की अहम बैठक कल होने जा रही है। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास में शाम 7:00 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का किस तरह जवाब दिया जाए, इस पर विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही नीतिगत मुद्दों, विकास कार्यों की प्रगति, और जनहित के विषयों को भी बैठक में प्राथमिकता के साथ रखा जाएगा।
सभी विधायक रहेंगे मौजूद
इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ-साथ डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री और सभी भाजपा विधायक उपस्थित रहेंगे। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि मानसून सत्र के दौरान सरकार की छवि मजबूती से पेश की जाए और विपक्ष के हर सवाल का तथ्यों के साथ प्रभावी जवाब दिया जाए।
मानसून सत्र होगा गरमागरम
जानकारों का मानना है कि इस बार का मानसून सत्र काफी गरमागरम और मुद्दों से भरा हुआ रहने वाला है। कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए बेरोजगारी, बिजली दर वृद्धि, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में भाजपा की यह रणनीतिक बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को मिलेंगे राष्ट्रीय पुरस्कार, मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री ने चयनित निकायों को दी बधाई
रायपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले (Big Cities) शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले (Small Cities) शहरों की श्रेणी में तथा बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले (Very Small Cities) शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा।
स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत तथा बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।
"छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा।"
– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रोजगार मेले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, दी शुभकामनाएं
रायपुर। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 47 स्थलों पर आयोजित 16वें 'रोजगार मेला' में विभिन्न विभागों में चयनित 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए।
राजधानी रायपुर में डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (जनजातीय कार्य मंत्रालय) दुर्गा दास उइके के साथ रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी सहभागिता की और नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे।





इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, ‘समर्थ युवा - विकसित भारत’ का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है, उसे मूर्त रूप देने की दिशा में रोजगार मेला एक सशक्त पहल है। आज का युवा आत्मनिर्भर भारत का आधार स्तंभ है और उन्हें अवसर देना हमारा कर्तव्य है।"
उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करते हुए सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, वरिष्ठ नेता पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, रेलवे और अन्य विभागों के अधिकारीगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
आरक्षक की बहाली का आदेश का पालन नहीं करने पर उच्च न्यायालय ने एसपी को अवमानना नोटिस किया जारी
बिलासपुर। आरक्षक की सेवा बहाली के आदेश का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने महासमुंद पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह को अवमानना नोटिस जारी कर तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने न्यायालय अवमानना अधिनियम के तहत् दण्डित करने की मांग की गई थी.
जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी नरेन्द्र यादव को महासमुन्द में पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर रहते हुए सेवा से पृथक कर दिया गया था. मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के पश्चात छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 21 फरवरी 2025 को सेवा से पृथक करने का आदेश निरस्त करते हुए सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था. लेकिन निर्धारित 90 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी महासमुंद एसपी आशुतोष सिंह के याचिकाकर्ता को आरक्षक पद पर ज्वाईनिंग नहीं दिए जाने से क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ता नरेन्द्र यादव ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की थी.
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं स्वाति कुमारी ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन ना कर पीड़ित पक्षकार को लगातार प्रताड़ित एवं परेशान किया जाता है. इसके साथ ही उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना करने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध 6 माह का कारावास या 2000 रुपए. जुर्माना या दोनों दण्ड एक साथ दिए जाने का प्रावधान किया गया था.
रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भू-अधिग्रहण की प्रकिया ने पकड़ी रफ्तार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रस्तावित रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक गांव की सभी संबंधित जमीनों पर क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री और नामांतरण (म्यूटेशन) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
11 खसरों की जमीन घोषित हुई अधिसूचित क्षेत्र
प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण कार्य से जुड़े इस रेलवे प्रोजेक्ट के तहत बोदरी गांव की 11 खसरा नंबर की जमीनों को अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है. इस अधिसूचना के बाद अब इन जमीनों पर किसी भी तरह का लेन-देन या दस्तावेजी प्रक्रिया वैध नहीं मानी जाएगी.
किसानों को मिलेगा मुआवजा और पुनर्वास लाभ
प्रशासन का कहना है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और इससे प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास पैकेज प्रदान किया जाएगा.
कलेक्टर का सख्त निर्देश: आदेश उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
बिलासपुर कलेक्टर द्वारा आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
देखें आदेश की कॉपी:



बच्चे अब कर पाएंगे डीपीएस, डीएवी और शंकराचार्य विद्यालय में पढ़ाई, हाईकोर्ट 74 बच्चों के निष्कासन के आदेश को किया खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए आदेश दिया है, कि डीपीएस रिसाली, शंकराचार्य विद्यालय सेक्टर-10, एवं डीएवी हुडको, माइलस्टोन से निष्कासित किए गए 74 विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत तत्काल विद्यालय में पुनः अध्ययन की अनुमति दी जाए. इस आदेश के साथ ही कोर्ट ने डीईओ के आदेश को निरस्त कर दिया है. हाईकोर्ट के फैसले से 74 बच्चों एवं उनके परिजनों को राहत मिली है.
दरअसल, दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बीते 3 जुलाई 2025 को इन विद्यालयों को आदेश देते हुए शिक्षा के अधिकार अधिनियम RTE के अंतर्गत नामांकित विद्यार्थियों को विद्यालय से निष्कासित करने की कार्रवाई की गई. इस फैसले से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया था और पालकों में गहरा आक्रोश था.
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में सांसद विजय बघेल की पहल की, और पालकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टीके झा एवं अधिवक्ता सौरभ चौबे के नेतृत्व में एक विशेष अधिवक्ता टीम गठित की गई, जिसने इस मामले में उच्च न्यायालय में पैरवी की.
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार है तथा इसे किसी भी परिस्थिति में छीना नहीं जा सकता. न्यायालय ने विद्यार्थियों को वर्ष पर्यंत नियमित शिक्षा देने का निर्देश देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के निष्कासन आदेश को अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया.
सरकारी गाड़ी के बोनट पर केक काटने का मामला: DSP की पत्नी समेत 6 पर FIR, लगाया 27 हजार का जुर्माना
अंबिकापुर। सोशल मीडिया पर वायरल एक बर्थडे सेलिब्रेशन वीडियो अब भारी पड़ गया है। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 12वीं बटालियन में पदस्थ डीएसपी तस्लीम आरिफ की पत्नी ने नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी का गलत इस्तेमाल करते हुए खुलेआम बर्थडे मनाया, लेकिन यह दिखावा अब कानून की गिरफ्त में आ गया है।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और हाई कोर्ट के सख्त रुख के चलते पुलिस को भी मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने डीएसपी की पत्नी सहित वाहन में मौजूद कुल छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चालान पेश कर दिया है। साथ ही सभी पर ₹27,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला रामानुजगंज का है, जहां डीएसपी की पत्नी ने अपने जन्मदिन के मौके पर नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी के बोनट पर बैठकर केक काटा और दोस्तों के साथ जश्न मनाया। इस दौरान गाड़ी की नीली बत्ती भी चालू थी। यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो आम लोगों से लेकर कोर्ट तक में इस पर नाराजगी देखी गई।
शुरुआत में पुलिस ने केवल वाहन चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामूली कार्रवाई की थी, लेकिन जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा और राज्य के मुख्य सचिव ने इस संबंध में शपथ-पत्र दाखिल कर कोर्ट को पूरी जानकारी दी, तो जांच में तेजी आई। इसके बाद पुलिस ने विवेचना करते हुए डीएसपी की पत्नी और उसकी सहेलियों को भी आरोपी बनाया।
अब इस मामले में सभी छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। यह घटना कानून के दुरुपयोग और वीआईपी संस्कृति के प्रदर्शन की एक और मिसाल बन गई है, जो यह बताती है कि चाहे कोई भी हो, कानून सबके लिए बराबर है।
हाई कोर्ट के हस्तक्षेप और सख्ती से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी पद और संसाधनों का निजी उद्देश्यों में उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला अब उन लोगों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है, जो सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग कर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
आंगनबाड़ियों में घटिया सामान की आपूर्ति का मामला, छह सप्लाई एजेंसियां ब्लैक लिस्टेड
रायपुर। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए भेजी गई सामग्रियों की गुणवत्ता पर उठे सवालों पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने त्वरित और सख्त रुख अपनाया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के निर्देश पर राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया। जिसमें संयुक्त संचालक (वित्त), सीएसआईडीसी और जीईसी रायपुर के तकनीकी प्रतिनिधि, संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक (आईसीडीएस) और दो तकनीकी निरीक्षण एजेंसियों SGS इंडिया और IRCLASS सिस्टम्स के विशेषज्ञ शामिल थे। समिति ने सभी जिलों में सामग्री की गुणवत्ता का भौतिक परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट संचालनालय को सौंप दिया।
रिपोर्ट के आधार पर दोषी प्रदायकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए छह सप्लायरों मेसर्स नमो इंटरप्राईजेस, मेसर्स आयुष मेटल, मेसर्स अर्बन सप्लायर्स, मेसर्स मनीधारी सेल्स, मेसर्स ओरिएंटल सेल्स, मेसर्स और सोनचिरिया कॉर्पाेरेशन एजेंसियों को जेम पोर्टल से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, भविष्य में ये एजेंसिया किसी भी प्रकार की सामग्रियों की शासकीय सप्लाई भी नही कर पाएगी। विभाग द्वारा इन सभी से घटिया सामग्रियों को वापस मंगाकर मानकों के अनुरूप सामग्री की आपूर्ति कराई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई राज्य सरकार की दृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति और पारदर्शिता का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वयं बार-बार यह दोहरा चुके हैं कि बच्चों, महिलाओं और गरीबों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2024-25 में कुल 23.44 करोड़ रुपये की सामग्री जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे 40 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसे विभाग ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने बताया कि पूरी क्रय प्रक्रिया पारदर्शी रही और सभी सामग्रियों की सप्लाई से पहले और सप्लाई के बाद गुणवत्ता जांच कराई गई।
राज्य स्तरीय जांच समिति द्वारा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जशपुर, सरगुजा और जांजगीर-चांपा जिलों में जाकर प्रदाय की गई सामग्रियों का गहन निरीक्षण किया गया। समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ टेबल स्थानों पर असेंबल नहीं हुए थे, जिन्हें बाद में सही कराया गया। अनाज कोठी भारतीय मानक (BIS) के अनुरूप नहीं मिलने पर मेसर्स नमो इंटरप्राइजेस और आयुष मेटल से सामग्री बदली गई और दोनों को जेम से प्रतिबंधित किया गया। स्टील ट्रे की साइज और वजन में भिन्नता पर मेसर्स अर्बन सप्लायर्स, मनीधारी सेल्स व ओरिएंटल सेल्स से रिप्लेसमेंट कराया गया। तवा की गुणवत्ता कम मिलने पर मेसर्स सोनचिरैया कॉर्पाेरेशन को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। कढ़ाई हल्की वजन भिन्नता को छोड़कर अधिकांश मापदंडों पर ठीक पाई गई। अन्य सामग्रियां जैसे अलमारी, कुकर, चम्मच व गिलास अधिकतर स्थानों पर मानकों के अनुरूप पाई गईं।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खराब सामग्री के लिए ऐजेंसियों को कोई भुगतान नहीं किया गया है। विभाग की नीति के तहत भुगतान केवल गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही होता है, जिससे प्रदायकर्ताओं की मनमानी की कोई गुंजाइश नहीं रहती। सभी दोषपूर्ण सामग्रियों को वापस लेकर मानक सामग्री दी जा चुकी है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पूरे मामले पर कहा, “बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हमने तत्परता और पारदर्शिता के साथ जांच पूरी कर दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की है। हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों तक केवल सुरक्षित, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही पहुंचे।”
बिजली दरों में वृद्धि पर मुख्यमंत्री ने दिया बयान, कहा- “बेहद ही मामूली बढ़ोतरी है, इससे घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को फर्क पड़ने वाला नहीं है”
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि बिजली दरों में की गई वृद्धि बेहद मामूली है और इससे आम जनता या किसानों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हाफ बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह राहत देती रहेगी, वहीं किसानों को बिजली बिल में बड़ी सब्सिडी मिल रही है, जिससे उनके हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री यह बात पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान समारोह के दौरान कही। इस मौके पर शिक्षा और चित्रकला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। सीएम ने कहा, “उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान देना सिर्फ उनका उत्साह बढ़ाता है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बनता है।”
सालेम इंग्लिश स्कूल ने हासिल की उपलब्धि "पीएसआरएआर राष्ट्रीय उत्कृष्टता 2025" से हुए सम्मानित, प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस के प्रयासों की मुख्यमंत्री ने सराहना
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसआरएआर राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह 2025 में, सालेम इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल, रायपुर को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता पदक एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन शैक्षणिक संस्थानों को दिया जाता है जो बाल कल्याण, नैतिक मूल्यों, शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विद्यालय को यह सम्मान विशेष रूप से प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस के प्रभावशाली नेतृत्व, अनुशासित प्रशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए सतत प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धर्मलाल कौशिक, एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने स्कूल की उपलब्धियों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान रुपिका लॉरेंस पारिवारिक यात्रा पर थीं, परंतु उन्होंने अपने प्रतिनिधियों के.के. सिंह एवं जितेश श्रीवास को मंच पर भेजा। मंच पर बैठे सभी अतिथियों ने प्रभारी प्राचार्य को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की तथा कहा कि ऐसे शिक्षक व प्राचार्य ही किसी संस्थान की पहचान बनाते हैं।
सम्मान प्राप्ति के उपरांत, प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय, समस्त मंचासीन अतिथियों, पीएसआरएआर संगठन तथा अपने स्कूल परिवार के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा,
"यह सम्मान केवल मेरा नहीं, पूरे सालेम स्कूल परिवार का है। यह हमारे शिक्षकों की मेहनत, बच्चों की लगन, और अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है। मैं इस सम्मान को राष्ट्रनिर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में स्वीकार करती हूँ।"
पीएसआरएआर की ओर से कार्यक्रम संयोजिका शुभा शुभलता मिश्रा ने मंच का संचालन करते हुए मुख्य योजना समन्वयक के तौर पर यह सम्मान प्रदान किया। यह उपलब्धि न केवल सालेम स्कूल के लिए, बल्कि पूरे रायपुर व छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक जगत के लिए गर्व की बात है।
सुकमा में 1.18 करोड़ रुपये के 23 इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे, बीते 15 महीनों में 1521 ने छोड़ी हिंसा, मुख्यमंत्री बोले - ‘बंदूक की गोली नहीं, अब विकास की बोली गूंज रही है’
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में बदलाव की बयार बह रही है। बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं और लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है। इसी परिवर्तनशील वातावरण में आज सुकमा जिले में ₹1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हें मिलाकर पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास जताया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अभूतपूर्व घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की उस जीत का प्रतीक है, जो हमारी सरकार ने 'नियद नेल्ला नार' जैसी जनउन्मुख योजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया है। अब यहां बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की पहुंच और विश्वास निरंतर बढ़ा है। यह सफलता राज्य सरकार की ‘नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ की सकारात्मकता को भी दर्शाती है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को न केवल सामाजिक सम्मान, बल्कि पुनर्वास और आजीविका का अवसर भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में चल रहे सुशासन के विजन का सजीव उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा प्रदेश तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।
श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।
विधायक धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।
कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार महेंद्र गुप्ता, सीईओ शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
छोटे व्यापारियों को मिलेगा प्रोत्साहन: दस साल से अधिक लंबित 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियां होगी खत्म, 40 हजार से अधिक व्यापारियों को मिलेगा लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।
एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा। जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।
कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी। विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।
कुएं की सफाई करने उतरे दो भाइयों की डूबने से हुई मौत
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां कुएं की सफाई के दौरान दो सगे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची बेलगहना पुलिस की जांच में जुट गई है। यह घटना कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत करही कछार के आश्रित मोहल्ला डिपरापारा में हुई है।
जानकारी के अनुसार, बेलगहना चौकी क्षेत्र के डिपरापारा में रहने वाला दिलीप पटेल शुक्रवार की शाम घर के कुएं की सफाई के लिए कुएं में उतरा। सफाई के दौरान वह पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका सगा भाई दिनेश पटेल भी कुएं में उतर गया। ऐसी आशंका है कि कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों भाइयों की मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कुएं से निकाला गया। पुलिस का कहना है कि मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल सकेगा।
15 जुलाई से फिर शरू होगी कोरोना काल में बंद हुई लोकल मेमू-डेमू ट्रेनें
डोंगरगढ़। कोरोना काल में सुरक्षा कारणों से बंद की गई लोकल मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू होने जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 15 जुलाई से इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का निर्णय लिया है, जिससे दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, कटंगी, रायपुर, डोंगरगढ़ और बालाघाट समेत छोटे-बड़े स्टेशनों पर यात्रा करने वालों को काफी सहूलियत मिलेगी.
सांसद संतोष पांडेय ने इसे यात्रियों के लिए सुखद समाचार बताते हुए कहा कि कोरोना काल के बाद इन लोकल ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को रोजाना आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
सांसद पांडेय ने कहा कि मैंने इस विषय को लेकर लगातार केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया और जून माह में हुई मंडल स्तरीय रेलवे बैठक में भी इन ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू करने की मांग प्रमुखता से रखी थी. आज यह मांग पूरी हुई है. इसके लिए यात्रियों को बधाई देता हूं. इसके साथ ही मैं केंद्रीय रेल मंत्री और रेलवे मंडल के अधिकारियों का आभार व्यक्त करता हूं.

