प्रदेश
जगदलपुर में 400 लोगों ने किया भाजपा प्रवेश, जिलाध्यक्ष बोले – वार्डों को बनाएंगे कांग्रेस मुक्त
जगदलपुर। निकाय चुनाव के ठीक पहले जगदलपुर में करीब 400 लोगों ने भाजपा प्रवेश किया है. भाजपा में प्रवेश करने वालों में अधिकांश लोग पूर्व महापौर सफीरा साहू के वार्ड से हैं. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सभी को भाजपा का गमछा पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान बीजेपी के बस्तर जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश पांडे ने कहा, सैकड़ों लोगों ने भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थामा है. ये वार्डों को कांग्रेस मुक्त बनाने की ओर हमारा कदम है.
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव के एक साथ होने के बाद आने वाले समय में लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी एक ही चुनाव कार्यक्रम में करवाए जाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिशा में काम कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ इस मामले में मॉडल स्टेट बनेगा. यह पहली बार है जब त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक ही चुनाव कार्यक्रम के दौरान संपन्न करवाए जा रहे हैं.

एक साथ चुनाव होने से धन और समय की होगी बचत : किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि इससे न केवल समय बल्कि भारी मात्रा में सरकारी धनराशि की बर्बादी भी रुकेगी. साथ ही सरकारों को 5 साल पर्याप्त काम करने का वक्त मिलेगा. अलग-अलग चुनाव होने से पूरे 5 साल होने वाले चुनाव से सरकारी कामकाज की गतिविधियां प्रभावित होती है. किरण देव ने कहा कि दुनिया में भारत तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनने जा रहा है, जो अपने आप में महत्वपूर्ण है. आने वाले दिनों में एक देश एक चुनाव से आर्थिक तौर पर सरकारों को मजबूत होने में भी मदद मिलेगी.
आयकर सर्वे में पकड़ी गई 37 करोड़ की कर चोरी
रायपुर। मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय की टीम ने कान्ट्रेक्टर फर्म पीआरए ग्रुप (PRA Group) में की गई आयकर सर्वे की कार्रवाई में करीब 37 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी है. यह कार्रवाई मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करण, प्रधान आयकर आयुक्त प्रदीप कुमार हेडाऊ तथा संयुक्त आयकर आयुक्त वीरेन्द्र कुमार के निर्देश पर की गई. सर्वे टीम का नेतृत्व आयकर उपायुक्त राहुल मिश्रा ने किया. पीआरए ग्रुप रोड कंसट्रक्शन (PRA Group Road Construction), सिविल कंस्ट्रक्शन, ब्रिज के साथ ही रेलवे के लिए भी कार्य करता है.

ग्रुप की विभिन्न परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड तथा राजस्थान में भी संचालित की जाती है. गुरूवार दोपहर रिंग रोड स्थित पीआरए ग्रुप के मुख्य दफ्तर में शुरू की गई कार्रवाई शुक्रवार देर रात पूरी हुई है. कार्यालय में मिले दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक डिवाइस की प्रारंभिक जांच में बोगस खर्चे दिखा कर प्रॉफिट कम दर्शाने के एविडेंस मिले हैं. दो दिनों की जांच में मिले दस्तावेज के साथ ही टीम ने हार्डडिस्क, मोबाइल, लैपटाप का बैकअप लिया है. इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस का बैकअप विशेषज्ञों की टीम ने लिया है.
टीम में कार्यालय में मिले दस्तावेज के आधार पर संचालकों का बयान भी दर्ज किया है. दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का मिलान कर अब सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाएगी. सूत्रों का कहना है कि फर्म के संचालकों ने सर्वे टीम के निर्देश पर एडवांस टैक्स जमा करने की सहमति दी है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट को बताया विकसित भारत का रोडमैप, GYAN सूत्र को किया गया है शामिल…
रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कल 1 फरवरी को बजट पेश किया. इसे लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस ली. पीसी को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि इस बजट में लोकतंत्र को प्राथमिकता दी गई है और यह बजट भारतीय समाज को भविष्य में आगे बढ़ाने के लिए है. उन्होंने भारत की औसत आयु को 29 वर्ष बताते हुए कहा कि भारतीय युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और यह बजट इस दिशा में मददगार साबित होगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात की चिंता है कि समाज का कोई भी वर्ग भविष्य में पीछे न रहे, खासकर मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहित करने के लिए इस बजट में महत्वपूर्ण उपाय किए गए हैं. उन्होंने बताया कि आयकर में 10 लाख से लेकर 12 लाख रुपये तक की छूट दी गई है, जिससे टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी. इसके अलावा, 12 लाख रुपये तक के अन्य प्रतिशत की छूट भी सरकार द्वारा प्रदान की गई है. खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों के लिए 75 लाख रुपये तक की छूट का ऐलान किया गया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि अब तक के इतिहास में इतनी बड़ी छूट कभी नहीं दी गई थी, और इसका लाभ सीधे तौर पर आम जनता को मिलेगा. इस कदम से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का फायदा भारतीय नागरिकों को होगा.
किसानों को मिलेगा लाभ
भारत कृषि प्रधान देश है, और इस बजट में किसानों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं. किसान क्रेडिट कार्ड की अपर लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है, जिससे लगभग 7.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा. इसके अलावा, एक करोड़ डी वर्कर्स को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, जिसमें 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सहायता दी जाएगी.
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने इस बजट को भारत के आर्थिक भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के साथ देश तेजी से प्रगति कर रहा है. उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तीन प्रमुख आधार—डेमोक्रेसी (लोकतंत्र), डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) और डिमांड (मांग)—पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
बजट 2025 में शामिल किया गया GYAN सूत्र
ओ पी चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य हर नागरिक की समृद्धि सुनिश्चित करना है, और इसी सोच के तहत इस बजट में “GYAN” (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) के सूत्र को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि जब भारत विकसित होगा, तो अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी वंचित नहीं रहेगा, यह सरकार का दृढ़ विश्वास है.
सर्विस सेक्टर में छत्तीसगढ़ कमजोर है : वित्त मंत्री चौधरी
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आगे कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में सर्विस सेक्टर कमजोर है. सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाया है. पर्यटन को लेकर जो विकास मोदी कर रहे है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा. इंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में फैसला लिया गया है.
रायपुरवासियों के लिए जरुरी खबर, आज शाम इस इलाके में पानी की सप्लाई रहेगी बाधित
रायपुर। शहर के डंगनिया क्षेत्र में आज पानी की सप्लाई बाधित रहेगी. जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के पानी टंकी सफाई अभियान के तहत आज सुबह डंगनिया टंकी की सफाई की जाएगी. जिसके चलते लोगों को आज शाम पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है. डंगनियां टंकी से पानी सप्लाई आंशिक रूप से बाधित रहेगी.
निगम निगम के अधिकारी के मुताबिक, 1 फरवरी को निगम के जल कार्य विभाग ने ईदगाहभाठा के 3 हजार 200 किलोलीटर क्षमता के ओवर हेड टैंक की सिल्ट की सफाई का काम पूरा किया. इसके बाद रविवार को सुबह पानी सप्लाई के बाद 3 हजार 500 किलोलीटर क्षमता के डंगनिया टंकी की सफाई सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक की जाएगी.
सीएम साय के हेलीकॉप्टर में आई खराबी, जशपुर के लिए नहीं हो पाए रवाना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हेलीकॉप्टर में खराबी आने से वे जशपुर के लिए रवाना नहीं हो पाए. सीएम साय 20 मिनट तक हेलीकॉप्टर के उड़ने का इंतजार करते रहे, लेकिन उड़ान नहीं भर पाया. बताया जा रहा कि टेक्निकल समस्या के चलते हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाया. इसकी सूचना मिलते ही एसएसपी लाल उम्मेद सिंह समेत सुरक्षा बल के अधिकारी पुलिस लाइन हेलीपेड पहुंचे हैं.
मुख्यमंत्री विष्णु साय डेढ़ घंटे से ज्यादा वक्त तक पुलिस लाइन हेलीपैड में बैठकर हेलीकॉप्टर के ठीक होने का इंतजार करते रहे. तकनीकी खराबी ठीक हो पाने पर सीएम एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां से वे दूसरे हेलीकॉप्टर से जशपुर रवाना होंगे.
बता दें कि सीएम साय आज दोपहर 12 बजे जशपुर दौरे पर जाने वाले थे, जहां दुलदुला विकासखंड के जामटोली में आयोजित मां शारदा धाम मेला में शामिल होने का शेड्यूल है. इसके बाद वहां से शाम 4 बजे वापस रायपुर लौटने वाले थे.
निकाय चुनाव 2025 : कांग्रेस ने जारी की चुनाव प्रभारियों की सूची, किसे मिली कहां की जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 49 नगर पालिकाओं के लिए चुनाव प्रभारियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं से लेकर सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है. चुनाव प्रभारी अपने-अपने इलाके में कांग्रेस की पॉलिसी और सरकार की नाकामियों को जनता तक पहुंचाकर पार्टी को जीत दिलाने की कोशिश करेंगे.


निकाय चुनाव : कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जारी किया आरोप पत्र, जानिए एक-एक कर पूरे 25 आरोप…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने प्रदेश की सरकार को दिशाहीन-अनिर्णय वाली रिमोट सरकार करार देते हुए 25 बिंदुओं पर आरोप पत्र जारी किया है. इसमें एक साल के कार्यकाल में प्रदेश की जनता के बदहाल होने और सत्ताधीश भाजपाइयों के मालामाल होने की बात कही गई है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू, पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा, गुरुमुख सिंह होरा, अमितेश शुक्ला, कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान आरोप पत्र जारी किया. इसमें निकाय चुनाव में बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की आम आदमी डरी हुई है. हत्या, लूट, बलात्कार, चाकूबाजी के कारण राज्य का हर शहर असुरक्षित है. राजधानी से लेकर मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र तक गोलियां चल रही है. कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गयी. एसपी-कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हत्याओं का नया रिकॉर्ड बन गया. प्रदेश में मॉब लिंचिंग शुरू हो गई. आरंग में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या हो गई. राजधानी में 5 बार गोली बारी हो गयी. गौ तस्करी की घटनायें शुरू हो गई. महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो गई. पोटा केबिन में बच्ची की जलकर मौत, अबोध बच्ची मां बनी, वहीं नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेड़खानी हो गई. सरकार ने 1 साल में कोई घोषित नक्सल नीति नहीं बनाई.
जानिए क्या है आरोप पत्र
1. पिछले 1 साल में भाजपा की साय सरकार जनता की उम्मीदों पर विफल साबित हो चुकी है. सरकार से युवा, किसान, महिला, मजदूर, विद्यार्थी, अनुसूचित जाति, जनजाति हर वर्ग के लोग निराश है. सब सरकार से अपने आपको ठगा महसूस कर रहे है.
2. भाजपा की विष्णुदेव सरकार 1 साल में विफल साबित हो गई. राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का दौर हावी है. साय सरकार के 1 साल में विष्णु का सुशासन तो दूर विष्णु की सरकार कही नहीं दिख रही.
3. स्थानीय निकायों में किये गये दोषपूर्ण आरक्षण नीति के कारण ओबीसी वर्ग के लोग सरकार से नाराज है.
4. 3100 रू. एकमुश्त एवं धान का बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 112 रू., कुल 3217 रू. नहीं मिलने से किसान हताश है.
5. सरकार के निकम्मेपन के कारण गृहमंत्री के गृह जिले के लोहारीडीह ग्राम में एक व्यक्ति की हत्या कर फाँसी पर टांग दिया गया और दूसरे व्यक्ति को घर में जिंदा जला दिया गया. एक निर्दोष को पुलिस ने मार दिया.
6. लोहारीडीह मामले में प्रशासन ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए गांव के 169 से अधिक निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमा कर जेल में डाल दिया.
7. बलौदाबाजार में सरकार की लापरवाही के कारण पवित्र जैत खंभ में तोड़ फोड़ हुई और बाद में सरकार के निकम्मेपन के कारण कलेक्टर, एसपी कार्यालय जला दिया गया. इस मामले में सतनामी समाज के युवाओं के साथ विपक्ष के नेताओं को षड़यंत्रपूर्वक जेलों में बंद रखा गया.
8. पिछली भाजपा की रमन सरकार की तरह साय सरकार में पुनः एक बार अँखफोड़वा कांड हुआ.लापरवाही पूर्वक मोतियाबिंद का ऑपरेशन किए जाने के कारण दर्जनों बुजुर्गों की आंखों की रोशनी चली गई.
9. भाजपा सरकार में दबाव पूर्वक धर्मांतरण ज़ोर शोर से चल रहा है, धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के कारण अब तक तीन लोग आत्महत्या कर चुके हैं और प्रदेश में विवाद की स्थिति बनी हुई है.
10. वनरक्षकों, पुलिस आरक्षकों तथा सरकारी नौकरी में हुये भ्रष्टाचार एवं सरकारी नौकरियां बेचे जाने के कारण युवा सरकार से नाराज है. विधानसभा चुनाव में 1 लाख नौकरियां देने का वादा किया था एक साल में 20 हजार नौकरियां मिलना था लेकिन एक साल में भर्ती नहीं निकाली गयी. युवा ठगे महसूस कर रहे है.
11. 18.5 लाख आवास देने का वादा विधानसभा में किया था, लेकिन अभी तक आवास देने के मामले में सरकार कोई कार्ययोजना नहीं बना पायी. आवासहीन खुद को ठगा महसूस कर रहे.
12. भाजपा ने 500 रू. में सिलेंडर देने का वादा किया था, 1 साल हो गया 1 भी महिला को सिलेंडर नहीं दिया गया. यहां भी महिलाएं खुद को ठगा महसूस कर रही.
13. गरीबों के मकान, दुकान को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा, सरकारी जमीनों पर भाजपा के चहेते कब्जा कर रहे.
14. डीजल खरीदी में प्रति लीटर 6.50 रू. की छूट सिर्फ उद्योगपतियों को दिया जा रहा है. आम जनता, किसान, ट्रांसपोर्ट, आटो, टेम्पो चालक, बस मालिक, ट्रेक्टर चालक, डीजल भट्ठी उपयोग करने वाले होटल मालिकों को छुट नहीं दिया जा रहा.
15. सत्ता के संरक्षण में जगह-जगह अवैध शराब, गांजा, ड्रग्स, नसीली दवाई बिक रहा है.
16. सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है. अस्पतालों में दवाईयां, चिकित्सकी टेस्टींग की सुविधा नहीं मिल रहा है.
17. स्कूलों में चाक, डस्टर लेने पैसे नहीं.
18. जमीन के रजिस्ट्री की गाईड लाईन दरों में कांग्रेस सरकार के समय किये गये 30 प्रतिशत छूट को समाप्त कर दिया, जिससे गरीबों के मकान, प्लाट का सपना टूट गया.
19. भाजपा सरकार 5 डिसमिल से कम के छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री बंद करने जा रही है. कांग्रेस इसका विरोध करती है. हम नगरीय निकायों और पंचायतों में इसको मुद्दा बनाने जा रहे है.
20. 1 साल में बिजली के दाम 4-4 बार बढ़ाये गये, 400 यूनिट की छूट को अघोषित तौर पर समाप्त कर दिया गया.
21. 1 साल में रेत के दाम 6 गुना, सिमेंट की कीमतें 5-5 बार बढ़ाये गये. भाजपाई सत्ताधीशों और रेत माफियाओं के बीच सांठगांठ हो गयी है, रेत के कारोबार में रोज खून बहाया जा रहा है.
22. 100 दिन में अनियमित/संविदा कर्मियों को नियमित करने की मोदी की गारंटी फेल हो चुकी है. उल्टे बीएड शिक्षकों, विद्यामितान, अतिथि शिक्षक निकाले गये.
23. बेरोजगारी भत्ता बंद, तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना बंद, कोदो, कुटकी, रागी खरीदी बंद.
24. सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन बंद पात्र हितग्राही भटक रहे.
25. बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था इस चुनाव में बड़ा मुद्दा है. प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था से आम आदमी डरा हुआ है. हत्या, लूट, बलात्कार, चाकूबाजी के कारण राज्य का हर शहर असुरक्षित है।
सिविल जज भर्ती : CGPSC ने बढ़ाई आवेदन की तारीख
रायपुर। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से बढ़ा दी गई है. अब 23 फरवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं. पहले फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 24 जनवरी थी. वहीं इस भर्ती के लिए अब ऐसे अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं, जो सिर्फ विधि स्नातक हैं. दरअसल पहले लॉ ग्रेजुएट होने के साथ ही अधिवक्ता के रूप में नामांकित होना भी जरूरी था. अब इस शर्त को हटा दिया गया है.
इस संबंध में सीजीपीएससी की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के परिपालन में यह शर्त हटाई गई है. इसके साथ ही आवेदन की तारीख भी बढ़ाई गई है. कुल 57 पदों पर सिविल जज की भर्ती होगी. इसके लिए 26 दिसंबर 2024 से आवेदन भरे जा रहे हैं.
ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 24 जनवरी 2025 थी, इसे अब 23 फरवरी तक बढ़ा दी गई है. भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा. आवेदन को लेकर विस्तृत जानकारी सीजीपीएससी की अधिकृत वेबसाइट पर जारी की गई है.
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025: गरियाबंद में कांग्रेस के दावेदारों की सूची पर मंथन जारी, इधर पूर्व उपाध्यक्ष संजय नेताम ने दाखिल किया नामांकन
गरियाबंद। गरियाबंद जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस में प्रत्याशियों के नामों पर मंथन जारी है। इसी बीच, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहे कांग्रेस के युवा नेता संजय नेताम ने शनिवार को जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 7 से नामांकन दाखिल किया। उनके साथ उमेश डोंगरे ने भी क्षेत्र क्रमांक 9 से अपना पर्चा भरा।
बता दें कि नामांकन दाखिल करने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में रैली निकाली, जिसमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भवसिंह साहू, युगल पांडेय, नीरज ठाकुर और तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति ठाकुर जैसे बड़े नेता मौजूद रहे। इनकी उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि नामांकन भरने वाले उम्मीदवार कांग्रेस के ही अधिकृत प्रत्याशी हो सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र क्रमांक 1 से होमा देवी सांग, 2 से मालती साहू, 3 से आनंद मतावले, 4 से प्रकाश साहू और योगेश साहू, 5 से रजनी चौरे, 6 से सुरेखा नागेश, 7 से संजय नेताम, 8 से सरस्वती नेताम, 9 से उमेश डोंगरे, 10 से छाया देवी नेताम, 11 से राजकुमार प्रधान और धनसिंह मरकाम के नाम उच्च नेतृत्व को भेजे गए हैं। लेकिन, पार्टी के ही कुछ नेताओं ने इस सूची पर आपत्ति जताई है, जिससे अधिकृत घोषणा रुकी हुई है।
क्या भाजपा को मिल सकता है फायदा ?
गौरतलब है कि अगर कांग्रेस जल्द ही अधिकृत सूची जारी नहीं करती है, तो अन्य दावेदार भी चुनावी मैदान में बने रह सकते हैं, जिससे कांग्रेस के ही वोट कटने की आशंका बढ़ जाएगी। इससे भाजपा को सीधा फायदा मिल सकता है। पार्टी ने भले ही चुनाव परिणाम के बाद विजयी उम्मीदवार को कांग्रेस का प्रत्याशी बताने की योजना बनाई हो, लेकिन समय पर सूची जारी नहीं हुई तो पार्टी के मजबूत दावेदार भी अंदरूनी कलह के कारण हार सकते हैं।
निर्णय आला कमान के हवाले – जिला अध्यक्ष भवसिंह साहू
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भवसिंह साहू ने इस संबंध में कहा कि “सभी संभावित प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बनाकर सूची आलाकमान को भेज दी गई है। अब निर्णय लेना शीर्ष नेतृत्व के हाथ में है।” उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति से सभी नेताओं को अवगत करा दिया गया है और जो भी निर्णय होगा, वह सभी को मान्य रहेगा।
नशे में चुनाव ड्यूटी करना पड़ा महंगा, शराबी पंचायत सचिव को सीईओ ने किया निलंबित
बिलासपुर। शराब के नशे में चुनावी कार्य करने वाले पंचायत सचिव पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरपी चौहान ने उसे निलंबित कर दिया. यह मामला बिल्हा ब्लॉक के खैरखुंडी गांव का है, जहां पंच और सरपंच पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान पंचायत सचिव मनहरण लाल सांडे को नशे की हालत में पाया गया था. इस मामले मको गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने निलंबन की कार्रवाई की है.
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 30 जनवरी की है. जब जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंचायत भवन लखराम का निरीक्षण कर रहे थे, इस दौरान पंचायत सचिव सांडे शराब के नशे में धुत मिला. पंचायत सचिव को छत्तीसगढ़ पंचायत आचरण नियम 1998 और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (1) के तहत निलंबित किया गया है. निलंबन के दौरान परसाही जनपद पंचायत बिल्हा के पंचायत सचिव अशोक कुमार दुबे को ग्राम पंचायत खैरखुंडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
चुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ ST-SC एक्ट के तहत मामला दर्ज, आदिवासी समुदाय के खिलाफ की थी जातिगत टिप्पणी…
कोरबा। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज है. चुनाव से पहले एक भाजपा प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी पवन अग्रवाल के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. आरोप है कि कटघोरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 से भाजपा प्रत्याशी पवन अग्रवाल ने एसडीएम सभाकक्ष में आदिवासी समुदाय के खिलाफ जातिगत टिप्पणी की है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कटघोरा के एसडीएम सभाकक्ष में सभी उम्मीदवारों और दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई गई थी. इसमें कांग्रेस, बीजेपी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ-साथ अन्य दलों व निर्दलीय उम्मीदवार मौजूद थे. इस दौरान जब EVM से मतदान को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा था तब पवन अग्रवाल ने खुद को जानकार बताते हुए अमर्यादित शब्दों का उपयोग करते हुए कहा कि हम समझदार है, हम गोंड गंवार नहीं हैं. जिसके बाद मौके पर मौजूद अन्य दलों के नेताओं ने आपत्ति जताई.
गोंगपा के स्थाई सदस्य लाल बहादुर सिंह कुर्राम ने बताया कि कल 31 जनवरी को एसडीएम सभागार कक्ष में नगरीय निकाय चुनाव के रिटरिंग ऑफिसर के सामने कटघोरा के वार्ड नंबर 6 से भाजपा प्रत्याशी पवन अग्रवाल ने कहा था कि हम समझदार है, हम गोंड गंवार नहीं हैं. मौके पर भी हमने इसका विरोध किया था तो पवन ने कहा कि तुम लोग हमको क्या समझाओगे, हम सत्ताधारी लोग हैं. जिससे हमारे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची.
पहले भी विवादों में फंस चुके
पवन अग्रवाल पहले भी विवादों में फंसे रह चुके हैं. आवेदकों ने सत्ताधारी दल के नेता होने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है. जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुईं, जिस पर अब पुलिस कार्रवाई कर रही है.
CBI ने सेंट्रल GST के दो अधिकारियों को किया गिरफ्तार, कारोबारी से की थी लाखों की डिमांड, टीम ने रिश्वतखोरों को जाल में ऐसे फंसाया
रायपुर। सेंट्रल जीएसटी के राजधानी स्थित कार्यालय में सीबीआई ने शुक्रवार को दबिश दी. इस दौरान सेंट्रल GST के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया जिसमें CGST के अधीक्षक भरत सिंह और विनय राय का नाम शामिल है. बता दें कि CBI की टीम ने दोनों अधिकारियों को देर रात तेलीबांधा इलाके में स्थित करेंसी टावर के पास जाल बिछाकर गिरफ्तार किया गया. जीएसटी अधिकारी विनय राय को कारोबारी लाल चंद अठवानी से 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था. वहीं शनिवार को दोनों अधिकारियों को CBI ने विशेष कोर्ट में पेशकर पूछताछ के लिए 5 दिन की रिमांड पर लिया है. सीबीआई की टीम पूछताछ के लिए कई अन्य लोगों को भी तलब कर सकती है. आरोपियों की अगली पेशी 5 फरवरी को होगी.
जानकारी के अनुसार, सीबीआई द्वारा एक रिश्वत के मामले की जांच की जा रही है. यह मामला 31 जनवरी 2025 को दर्ज किया गया, जिसमें सीजीएसटी रायपुर के अधीक्षक भरत सिंह और उनके साथी विनय राय पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दुर्ग के मेसर्स द वर्ल्ड ऑफ ब्यूटी के मालिक लाल चंद अठवानी से 34 लाख की रिश्वत की मांग की थी. इसके आधार पर 31 जनवरी की देर रात सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और विनय राय को रंगे हाथ ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा. फिलहाल, इस मामले के अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है.
नगरीय निकाय चुनाव : भाजपा का घोषणा पत्र तैयार, कल को होगा जारी
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा कांग्रेस से हर मामले में आगे चल रही है चाहे वो प्रत्याशी के ऐलान, रणनीति या फिर घोषणा पत्र की बात हो. बीजेपी ने अपना घोषणा पत्र तैयार कर लिया है और 3 फरवरी को दोपहर 12 बजे जनता के सामने जारी करेगी. इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव समेत कई मंत्री और अन्य विधायक भी शामिल होंगे.
घोषणा पत्र समिति की फाइनल ड्राफ्ट की बैठक आज भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई। बैठक में घोषणा पत्र समिति के संयोजक पूर्व मंत्री और विधायक अमर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू उपस्थित थे.
बैठक के दौरान अमर अग्रवाल ने कहा कि आज घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया गया. घोषणा पत्र में पार्टी के नेताओं और जनता के सुझाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. घोषणा पत्र में जनता से जुड़े सारे मुद्दे शामिल रहेंगे जो क्षेत्र के विकास को गति देगा. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के विज़न 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को भी विशेष ध्यान में रखते हुए घोषणा पत्र को बनाया गया है जो इस अध्याय को बढ़ाने का काम करेगा.
घोषणा पत्र के लिए व्हाट्सएप, ईमेल और क्यूआर स्कैनर से प्राप्त हुए सुझाव
घोषणा पत्र समिति के संयोजक अमर अग्रवाल ने कहा कि हमने नगरीय क्षेत्र के समग्र विकास के दस्तावेज को अंतिम रूप दे दिया है. शहरों का विकास कैसे हो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में शहरी क्षेत्र के विकास के इस दस्तावेज में प्रदेश वासियों के महत्वपूर्ण सुझाव संकलित किए गए हैं. घोषणा पत्र समिति की ओर से जारी नंबर व्हाट्सएप नंबर 9111014400, ईमेल आईडी और क्यूआर स्कैनर से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए. आंकड़ों के मुताबिक व्हाट्सएप से 1115 ई-मेल से 310 और क्यूआर स्कैनर से 2086 सुझाव पूरे प्रदेश से प्राप्त हुए हैं.
इस मौके पर विधायक मोतीलाल साहू, राकेश सेन, राकेश पांडेय, पूर्व महापौर अंबिका यदु, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रवक्ता दीपक म्हस्के, शशांक शर्मा, उज्जवल दीपक, हेमंत पाणिग्रही मौजूद थे.
डोंगरगढ़ तीर्थ क्षेत्र में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की उठी मांग, मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
डोंगरगढ़। सकल जैन समाज ने डोंगरगढ़ तीर्थ क्षेत्र में मांस विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. समाज का कहना है कि डोंगरगढ़ धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां मां बम्लेश्वरी मंदिर, प्रज्ञागिरि तीर्थ और चंद्रगिरि तीर्थ स्थित हैं. इस तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए मांस विक्रय को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि डोंगरगढ़ में पहले से ही आंशिक मद्य निषेध लागू है, जिसके तहत शहर में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है. इसी तर्ज पर जैन समाज चाहता है कि मांस की दुकानों को शहर से बाहर एक ही स्थान पर शिफ्ट किया जाए या फिर तीर्थ क्षेत्र में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए.

मुख्यमंत्री आज ही विद्यासागर महाराज जी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित महोत्सव में डोंगरगढ़ पहुंचे थे, जहां जैन समाज के प्रतिनिधियों ने उनसे यह मांग रखी. मुख्यमंत्री ने समाज को आश्वासन दिया कि जल्द ही डोंगरगढ़ तीर्थ क्षेत्र में मांस विक्रय पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
जैन समाज की इस मांग को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है. कई धार्मिक संगठनों ने भी इसका समर्थन किया है, जबकि कुछ व्यापारी इस निर्णय को लेकर असमंजस में हैं. स्थानीय लोगों की मानें तो शहर में मांस बिक्री के लिए स्थान तय है, लेकिन कई लोग सड़क पर या अन्य चौक-चौराहों पर मांस की बिक्री कर रहे हैं, जिससे शहर की धार्मिक छवि खराब हो रही है. अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठाती है.
बीजापुर मुठभेड़ में 8 नक्सलियों के मारे जाने पर CM साय ने की सुरक्षाबलों की सराहना, कहा- नक्सलवाद गिन रहा अंतिम सांसे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है. थाना गंगालूर क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में अब तक 08 नक्सलियों के शव सहित इंसास राइफल, वीएलजी लॉन्चर सहित कई हथियार बरामद किए गए हैं. सुरक्षाबलों को आशंका है कि इस मुठभेड़ में कई और नक्सली मारे गए या घायल हुए होंगे. फिलहाल, क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान जारी है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. यह सुरक्षाबल के जवानों की बड़ी सफलता है, उनके साहस को सलाम करता हूं. जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से नक्सलवाद का अंत करेंगे. हम इस संकल्प को पूरा करने में सफल हो रहे हैं, नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है.
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य बस्तर को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाना और आदिवासी समुदाय के विकास को तेज़ करना है. मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने और सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी 2025 को डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 एवं केरिपु 222 वाहिनी की संयुक्त टीम को पश्चिम बस्तर डिवीजन में माओवादियों की उपस्थिति की जानकारी मिली थी. इसी आधार पर सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के लिए निकली. इस दौरान 01 फरवरी की सुबह साढ़े आठ बजे से रुक-रुक कर कई बार मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने 08 नक्सलियों को मार गिराया और उनके ठिकानों से विस्फोटक सामग्री एवं आधुनिक हथियार बरामद किए.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर अंचल के नक्सल प्रभावित ईलाकों में नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना कर वहां के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही नियद नेल्ला नार योजना के तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास और लोगों को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पहुंचा रही है. नियद नेल्ला नार योजना में शामिल गांवों में सड़कों का निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत जैसी सुविधाओं का विकास और रोजगार को बढ़ावा दे रही है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिल रही है.
EOW ने विशेष कोर्ट में आरोपी मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर के खिलाफ 3500 पन्नों की चार्जशीट की दाखिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ EOW ने आज राजधानी रायपुर स्थित विशेष कोर्ट में मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी और राइस मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर के खिलाफ 3500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?
ED ने कस्टम मिलिंग स्कैम में मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी सहित 5 पर FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि 140 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई। इसमें अफसरों से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल हैं। अलग-अलग राइस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है। इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई। जांच में पता चला है कि एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर लेवी वसूलते और अफसरों को जानकारी देते। जिनसे रुपए नहीं मिलते उनका भुगतान रोक दिया जाता।
अक्टूबर 2023 को ED ने मारा था छापा
20 अक्टूबर 2023 को ED ने छापा मारा था। ED ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा कि, 20-21 अक्टूबर को मार्कफेड के पूर्व MD, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स संगठन के कोषाध्यक्ष और कुछ सदस्यों, राइस मिलर्स और कस्टम मिलिंग से जुड़े लोगों के घर पर जांच की गई। चावल घोटाले से जुड़ी इस जांच में कई संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 1 करोड़ 6 लाख कैश मिला। ED ने इनकम टैक्स की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। इस जांच के बाद ED की स्थानीय टीम ने प्रतिवेदन दिया और उसके बाद एफआईआर हुई।
फोर्टिफाइड राइस के भुगतान पर भी वसूली का आरोप
राइस मिलर्स ने फोर्टिफाइड राइस का भुगतान करने पर पैसे मांगने का आरोप लगाया था। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने PDS के जरिए गरीबों को दिए जाने वाले अनाज की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए फोर्टिफाइड राइस की मात्रा बढ़ाने का आदेश दिया था। सरकार के आदेश के मुताबिक, FCI और नागरिक आपूर्ति निगम में जमा होने वाले चावल में फोर्टिफाइड राइस होना चाहिए। 99 किलो सामान्य चावल का पैमाना तय किया गया था। आरोप है कि इसमें कमीशनखोरी और घूसखोरी का खेल चला।
नगरीय निकाय चुनाव 2025: नाम वापसी के बाद रायपुर जिले में महापौर के लिए 16 प्रत्याशी मैदान में, 11 निकायों में अध्यक्ष के लिए 57 में मुकाबला, जानिए 240 वार्डों में पार्षद कैंडिडेट्स की संख्या
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव का रण अब पूरी तरह से सज चुका है. नाम वापसी की अंतिम तिथि बीतने और छंटनी के बाद अब रायपुर नगर निगम महापौर पद के लिए 16 प्रत्याशी मैदान में हैं. कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला तो तय है, लेकिन 6 निर्दलीय प्रत्याशी बाजी पलट सकते हैं. बता दें कि रायपुर महापौर पद के लिए कुल 28 नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें से 12 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया है.

रायपुर जिले के 11 नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 79 नामांकन हुए थे, जिसमें से 22 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया. अब 57 उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे.

240 वार्डों में पार्षद पद के लिए 811 प्रत्याशी
पार्षद पद के लिए भी रायपुर जिले के 11 नगरीय निकायों के 240 वार्डों में 990 नामांकन जमा हुए थे, जिसमें से 178 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद अब 811 प्रत्याशी मैदान में हैं. इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 11 फरवरी को होने वाली वोटिंग में होगा.

