प्रदेश
महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक
रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाए रखा।
दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए छत्तीसगढ़ की कप्तान किरण पिस्दा ने एक महत्वपूर्ण गोल किया और 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने अपनी इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा। अंततः छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार खेल कौशल और टीमवर्क का परिचय दिया। यह मुकाबला पूरे समय दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल एवं युवा कल्याण तनुजा सलाम, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
जनजातीय जड़ों से अंतर्राष्ट्रीय फलक तक: छत्तीसगढ़ की स्टार फुटबॉलर किरण पिस्दा के संघर्ष की कहानी
रायपुर। जब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान किरण पिस्दा ने गोलकीपिंग के दस्ताने पहने, तब वह अपने अब तक के अनुभवों पर भरोसा कर रही थीं। उन अनुभवों पर, जिन्होंने चुनौतियों और निराशाओं के बीच उन्हें और अधिक मजबूत बनाया।
24 साल की उम्र में किरण अपने खेल कौशल के शिखर पर नजर आती हैं। वह यूरोप में लीग फुटबॉल खेल चुकी हैं और अब बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की दहलीज पर हैं।
हालांकि, उनका यह सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा, भले ही उन्हें स्कूल और परिवार से शुरुआती समर्थन मिला। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं, उनके लिए प्रेरणा बने।
किरण ने साई मीडिया से कहा, “मुझे स्कूल में काफी सपोर्ट मिला। वहीं से मुझे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के मौके मिले और हर चयन के साथ मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया।” इसके बाद किरण शारीरिक शिक्षा में डिग्री हासिल करने के लिए रायपुर आईं। छत्तीसगढ़ महिला लीग के दौरान उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें राष्ट्रीय शिविर के लिए बुलावा मिला।
किरण बताती हैं, “उस समय मैं शारीरिक रूप से उतनी फिट नहीं थी और मेरा मानसिक स्तर भी सीनियर खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार नहीं था।” यही कारण रहा कि उस राष्ट्रीय शिविर में उन्हें भारतीय टीम के लिए चयन नहीं मिला। वह कहती हैं, “मुझे एहसास हुआ कि वहां जो अनुभव मिला है, उस पर मुझे काम करना होगा।”
इसके बाद उनके जीवन में आत्म-सुधार का एक कठिन दौर शुरू हुआ। उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया, मैचों का विश्लेषण करना शुरू किया और अपनी पोज़िशनल समझ को बेहतर बनाया। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव उनकी मानसिकता में आया।
वह कहती हैं, “मैंने खुद से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं नकारात्मक नहीं सोचूंगी। अगर आप नकारात्मक हो जाते हैं, तो उसका सीधा असर आपके प्रदर्शन पर पड़ता है।” इस बदलाव में उनके मेंटर और कोच योगेश कुमार जांगड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। किरन ने कहा,“जब भी मुझे लगता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हूं या मन खराब होता है, तो मैं उनसे बात करती हूं। वह हमेशा मुझे सकारात्मक रहने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।”
किरण की मेहनत का असर धीरे-धीरे दिखने लगा। घरेलू स्तर पर उनके प्रदर्शन ने केरल ब्लास्टर्स जैसे क्लबों के दरवाजे खोले, जहां उन्होंने खुद को और निखारा। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुमुखी प्रतिभा बन गई। वह कहती हैं, “मैंने स्ट्राइकर के रूप में शुरुआत की, फिर मिडफील्ड में खेली और अब राष्ट्रीय टीम के लिए फुल-बैक के रूप में खेलती हूं। एक फुटबॉलर के रूप में आपको अपनी टीम के लिए कई पोज़िशन पर खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
किरण कई बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2022 के सैफ़ चैंपियनशिप स्क्वाड का हिस्सा रही हैं और क्रोएशियन महिला लीग में डिनामो ज़ाग्रेब के लिए भी खेल चुकी हैं। फिर भी, इस मुकाम पर भी असफलताएं उनके सफर का हिस्सा रही हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एएफसी (AFC) महिला एशियन कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन न होना उनके लिए एक और परीक्षा थी।
किरण कहती हैं, “बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन न होना दुख देता है। हर खिलाड़ी इसे महसूस करता है। लेकिन अब मैं इसे अलग नजरिए से देखती हूं। इसे मैं और मेहनत करने और मजबूत वापसी करने की प्रेरणा मानती हूं।” दबाव को संभालना उनकी पहचान बन चुका है। चाहे टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा हो या अहम मैचों में प्रदर्शन, उन्होंने खुद को संयमित रखना सीख लिया है। वह कहती हैं, “ऊंचे स्तर पर खेलते समय दबाव हमेशा रहता है। आपको उसे संभालना सीखना पड़ता है।”
किरण टीम के प्रदर्शन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने कहा, “अगर टीम अच्छा कर रही होती है, तो हर खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरा होता है। लेकिन जब टीम हार रही होती है, तो व्यक्तिगत प्रदर्शन भी प्रभावित होता है।” जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाली किरण दूर-दराज के इलाकों के खिलाड़ियों की चुनौतियों को अच्छी तरह समझती हैं। उनका मानना है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच इस अंतर को पाटने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
वह कहती हैं, “जनजातीय इलाकों में बहुत प्रतिभा है, लेकिन खिलाड़ियों को हमेशा मौके नहीं मिलते। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है। इससे उन्हें आत्मविश्वास और राज्य तथा देश के लिए खेलने का सपना देखने की प्रेरणा मिलती है।” जहां तक किरण का सवाल है, उनका फोकस फिलहाल इंडियन वुमेंस लीग जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने पर है। लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है।
वह कहती हैं, “मैं लगातार खुद को बेहतर बनाना चाहती हूं, नियमित प्रदर्शन करना चाहती हूं और बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं। अगर आपका चयन नहीं होता, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं—इसका मतलब है कि आपको और मेहनत करनी होगी।”
अमित जोगी को हाईकोर्ट का सरेंडर आदेश, पुरंदर मिश्रा बोले— “कर्मों का फल मिलता ही है”
रायपुर। एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी मानते हुए 3 हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया. हाईकोर्ट के निर्णय पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने रामचरित मानस की प्रसिद्ध चौपाई पढ़ते हुए इसे कर्मों का फल बताया.
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस के अयोध्याकांड की एक अत्यंत प्रसिद्ध चौपाई “कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करहि सो तस फल चाखा” पढ़ते हुए कहा कि जो जैसा करेगा, वैसा पाएगा. हाई कोर्ट ने कुछ प्रमाण देखा होगा तभी दोषी माना है. अमित जोगी दोषी नहीं हैं, तो सुप्रीम कोर्ट जाकर गुहार लगानी चाहिए. पक्षकार को बधाई देता हूं, दिन-रात न्याय पाने लगे रहें.
मंत्रालय का अधिकारी बनकर निजी अस्पतालों से उगाही से जुड़े मामले में कांग्रेस के आरोप पर पुरंदर मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कहीं यह अधिकारी कांग्रेस सरकार के समय का तो नहीं था. पुलिस की जांच जारी है, इसकी भी जांच होना जरूरी है. मैं अनुरोध करता हूं यह कब से चल रहा था उसकी जांच हो.
वहीं छत्तीसगढ़ में पेट्रोल की कीमत बढ़ने पर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि रजत जयंती पर पिछले साल सरकार ने वैट कम किया था. छूट की मियाद खत्म होने से पेट्रोल की कीमत 1 रुपए बढ़ी है. मैं मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर जनता को राहत देने का अनुरोध करूंगा.
पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम डॉ. मोहन, बोले-
भोपाल/बांकुरा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में जादू बिखेरा। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता को भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बांकुरा में आज हमारे सभी प्रत्याशियों का नामांकन भरने का मौका है। यह धरती सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर, सुप्रसिद्ध मूर्तिकार राम किंकर की धरती। आज चुनाव का शंखनाद हो रहा है। ममता दीदी के राज में सब परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ममता अब दीदी नहीं है, ये अप्पी हो गई हैं। ये बात पूरे देश में सुनाई दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ममता दीदी बंगाली मानुष के अधिकारों को बांग्लादेश को देने पर तुली हुई हैं। इसलिए यह चुनाव नहीं धर्म युद्ध है। इस माहौल में श्री राम का मंत्र हम सभी को ताकत दे रहा है। आज हमारे बंगाल में यहां का युवा-महिला-गरीब-किसान, सभी लोग बदलाव के लिए खड़े हो गए हैं। सब अपनी आन-बान-शान के लिए लड़ रहे हैं। आज दुनिया की कोई ताकत बीजेपी को बंगाल में सत्ता हासिल करने से रोक नहीं सकती। बांकुरा जिले में 15 साल से सत्ता पर कायम ममता दीदी के राज में लोग पलायन कर रहे हैं। कोई ओडीशा जा रहा है, कोई महाराष्ट्र जा रहा है, कोई झारखंड जा रहा है। वर्तमान में बंगाल का युवा कंगाल हो रहा है और बांग्लादेशी मालामाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत का कद-उसका मान बढ़ता देख रही है। बांग्लादेश से घुसपैठिए आ रहे हैं और हमारे अधिकारों पर कब्जा कर रहे हैं। बांग्लादेश के लोगों के लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है।
भाजपा जीतने वाली है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपके चेहरे का नूर बता रहा है कि रिजल्ट आने वाला है, भाजपा जीतने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के मंत्र पर चल रहे हैं। आज हमारे देश में अनूसूचित जनजाति की बहन राष्ट्रपति पद पर आसीन है। इससे भाजपा की नीति और काम करने का तरीका पता चलता है। वामपंथी-कांग्रेस और ममता की पार्टी ने कभी एससी-एसटी को महत्व नहीं दिया। गरीब से गरीब आदमी की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए, उसे पक्का मकान दिलाने का कलेजा केवल भाजपा के पास है। आज गरीब को पक्का मकान, राशन मिल रहा है। आज एससी-एसटी वर्ग को दस लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक के लोन स्टैंडअप योजना के माध्यम से मिले हैं। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं।
मजबूत स्थिति में है हमारा देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज दुनियाभर में हाहाकार मचा हुआ है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा देश फल-फूल रहा है। वो जमाना गया जब आतंकवादी महानगरों में विस्फोट करके चले जाते थे, आज भारत पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों को खत्म करता है। 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना का हौसला बढ़ा है। आज ममता दीदी ने 77 समुदाय की ओबीसी लिस्ट में मुस्लिम जातियां जोड़ दीं, हिंदुओं को नहीं जोड़ा। मैं पूछना चाहता हूं कि वोट के लिए ऐसा पागलपन क्यों करना। इसलिए बंगाल के लोगों ने कसम खाई है भाजपा को सत्ता में लाने की। अब ममता दीदी को बाय-बाय करने का टाइम आ गया है।
हिसाब चुकता करने का समय आ गया है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ये माहौल बता रहा है कि भाजपा ही भाजपा जीतेगी। ममता दीदी की सरकार में शिक्षक घोटाला हुआ, 26 हजार नियुक्तियां रद्द की गईं। उनके शासनकाल में प्रधानमंत्री आवास घोटाला, मनरेगा घोटाला हुआ। ममता ने केवल हिंदुओं का अपमान किया है। उन्होंने 24788 से ज्यादा मुकदमे दायर कर बहनों को लज्जित किया है। ये सारी परेशानियां खत्म करने का समय आ गया है। अब बंगाल को आगे बढ़ाने का समय आ गया है। आजादी के पहले से बंगाल में सबसे ज्यादा प्रतिभाएं थीं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि पहले कम्युनिस्ट और बाद में ममता की पार्टी ने राज्य का भट्टा बैठा दिया है। आज हिसाब चुकता करने का समय आ गया है। हम सब जान की बाजी लगाकर भाजपा को जिताने वाले हैं। हमें एक-एक के घर जाना है, 24 घंटे काम करना है, हम बंगाल में कमल खिलाकर रहेंगे, भाजपा को जिताकर रहेंगे। जब तक एक-एक वोट भाजपा के पक्ष में न डल जाए, तब तक चैन से नहीं बैठना है।
ममता के राज में सब परेशान
दूसरी ओर, मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किआज बंगाल की धरती पर बांकुरा जिले से हमारे पांच प्रत्याशियों के नामांकन जमा करने के लिए मैं मध्यप्रदेश से आया हूं। जिस प्रकार से यहां हमारे कार्यकर्ताओं के बीच माहौल दिखाई दे रहा है मुझे इस बात की प्रसन्नता है इस पूरे क्षेत्र के अंतर्गत हर एक कार्यकर्ता जोश और उत्साह से भरा हुआ है। बंगाल में ममता दीदी की सरकार से सभी लोग परेशान हैं, बांग्लादेशी घूसपेठियों को जिस तरीके से बढ़ावा दिया गया, हिंदुओं को अपमानित किया गया। आज वह सारा हिसाब चुकता करने का लोकतंत्र में सबसे बड़ा अवसर चुनाव का होता है। ऐसे में निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब देश आगे बढ़ रहा है और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सभी घुसपेठियों सहित सभी प्रकार के आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जनता का रुझान भाजपा के साथ है और निश्चित रूप से बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। आज 21 से ज्यादा राज्यों में हमारी या हमारे सहयोगी दलों की सरकार हैं, ऐसे समय में लोकतंत्र का यह पावन मंदिर बंगाल में खिलता कमल मांगता है। हम सब मिलकर के भाजपा की जीत की कामना करें, मेरी अपनी ओर से नॉमिनेशन फॉर्म भरने वाले पांचो प्रत्याशियों को बधाई।

शराब घोटाला मामला: पूर्व आबकारी मंत्री लखमा समेत 59 लोगों की हुई पेशी, सभी के दर्ज किए गए बयान, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले से जुड़े कुल 59 आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों की मौजूदगी में कोर्ट की कार्यवाही पूरी की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
बता दें कि कोर्ट में धारा 88 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी कोर्ट में पेश हुए। वहीं इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल, सौम्या चौरसिया और निरंजन दास समेत आबकारी विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी भी अदालत में उपस्थित रहे.
सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जानकारी के अनुसार, अदालत इस मामले में कुछ ही देर में अपना फैसला सुना सकती है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं और इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
हाईकोर्ट के फैसले पर अमित जोगी ने कहा – मेरे साथ अन्याय हुआ, सर्वोच्च न्यायालय से न्याय जरूर मिलेगा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ा झटका लगा है। आज इस केस में हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच (डीबी) ने मुख्य आरोपी रहे अमित जोगी को तीन हफ्ते में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि साल 2003 में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। इस मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
आज से शुरू होगी अंबिकापुर–कोलकाता हवाई सेवा, सप्ताह में दो दिन चलेगी फ्लाइट, जानिए शेड्यूल और किराया…
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से कोलकाता के लिए हवाई सेवा गुरुवार यानि आज से शुरू हो जाएगी। एलायंस एयर सप्ताह में दो दिन अंबिकापुर और कोलकाता के बीच उड़ान संचालित करेगी। इसी सप्ताह एलायंस एयर ने अंबिकापुर-दिल्ली के लिए भी हवाई सेवा शुरू की है।
अंबिकापुर से कोलकाता के लिए नई फ्लाइट गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। गुरुवार को फ्लाइट बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी और फिर कोलकाता के लिए रवाना होगी, जबकि शनिवार को अंबिकापुर से बिलासपुर होते हुए कोलकाता के लिए उड़ान भरेगी। अंबिकापुर-कोलकाता रूट पर पहली फ्लाइट गुरुवार सुबह 10:25 बजे उड़ान भरेगी।
एलायंस एयर ने अपने विंटर शेड्यूल में अंबिकापुर से दिल्ली और कोलकाता की हवाई सेवाएं जोड़ी है। अंबिकापुर से दिल्ली फ्लाइट का वर्चुअल शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 30 मार्च को किया था। दोपहर 12 बजे मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा (अंबिकापुर) से पहली फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हुई थी, जिसमें सांसद चिंतामणी भी सवार हुए थे।
अंबिकापुर से दिल्ली के लिए फ्लाइट सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार संचालित होगी। अंबिकापुर-दिल्ली का किराया 6,500 रुपए तय किया गया है। वहीं अंबिकापुर-कोलकाता फ्लाइट का बेस फेयर करीब 6,000 रुपए रखा गया है। हालांकि यह रिजर्वेशन नियमों के तहत बढ़ भी सकता है।
अंबिकापुर-कोलकाता फ्लाइट शेड्यूल
गुरुवार-कोलकाता से उड़ान 7.05 बजे- बिलासपुर पहुंच 8.55 बजे, बिलासपुर से छूट 9.20 बजे, अंबिकापुर पहुंच 10 बजे, अंबिकापुर से छूट 10.25 बजे, कोलकाता पहुंच 12.15 बजे।
शनिवार – कोलकाता से छूट 11.20 बजे, अंबिकापुर पहुंच 13.10 बजे अंबिकापुर से छूट-13.35 बजे, बिलासपुर पहुंच 14.15 बजे बिलासपुर से छूट-14.40 बजे, कोलकाता पहुंच- 16.30 बजे
रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी के लिए हवाई सेवा शुरू करने की मांग
अंबिकापुर से दिल्ली फ्लाइट सेवा शुरू करने के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सांसद चिंतामणि महाराज एवं मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर से अंबिकापुर होते हुए वाराणसी हवाई सेवा शुरू करने की मांग रखी है। सांसद चिंतामणि महाराज ने इसके लिए इंडिगो से भी चर्चा की है। इस सेवा के भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
छात्रावासों में भोजन गुणवत्ता पर सवाल, 21 जिलों की रिपोर्ट पर आयोग नाराज
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं. इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं. आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई. निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था.
बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई. 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें. आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति पोषण ट्रैकर में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया.
उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए. मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई. आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है. इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को मेस प्रभारी बनाने का सुझाव दिया गया. साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं. वहां जल्द सुधार करना जरूरी है. बैठक में आयोग के सदस्य राजेंद्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर - राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे।
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है।
राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता की उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।
समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव निधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है जिसकी सराहना करते हुए श्री डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ को मिली 15वें वित्त आयोग की 404 करोड़ की राशि, नगरीय निकायों में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
रायपुर। वित्तीय वर्ष के आखिरी 48 घंटों में छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने एक शानदार रिकॉर्ड कायम किया है. विभाग ने मिशन मोड में काम करते हुए राज्य के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्राप्त कर दिखाया.
दरअसल, लगातार प्रयासों से वित्तीय वर्ष खत्म होने के ठीक पहले 30 मार्च 2026 को भारत सरकार से 202.33 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुई. उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग द्वारा सभी निकायों को तुरंत राशि अंतरित की गई, और अगली किश्त की पात्रता के लिए GTC तैयार कर त्वरित मांग प्रस्तुत किया गया. नियमानुसार ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट समय सीमा में प्रस्तुत होने से केंद्र से अगले किस्त की राशि की पात्रता प्राप्त कर ली गई और कुछ ही घंटों में राशि भी प्राप्त हो गई.
महज 24 घंटे में हुआ पूरा प्रोसेस
मात्र एक दिन के भीतर कोषालय ट्रेजरी से राशि निकाली गई, निकायों को ट्रांसफर की गई और ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट’ GTC तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया.
तुरंत मिली दूसरी किश्त
इस त्वरित कार्रवाई और केंद्र सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ बेहतरीन समन्वय का नतीजा यह रहा कि बिना समय गंवाए 202.33 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी तुरंत मंजूर हो गई. इस प्रकार उप मुख्यमंत्री के लगातार मानिटरिंग एवम केंद्र से बेहतर समन्वय से कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए प्राप्त कर ली गई. इस फंड के आने से अब प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को एक नई रफ्तार मिलेगी.
सामाजिक पेंशन में देरी पर भड़की कांग्रेस, हजारों हितग्राहियों के साथ जोरदार प्रदर्शन
रायपुर। सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली पेंशन महीनों से रुकी होने और हितग्राहियों को न मिलने पर आज शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। वृद्धजन, विधवा महिलाएं और दिव्यांगजन पेंशन न मिलने से परेशान हैं और कांग्रेस ने इनके पक्ष में आवाज उठाई।
हजारों हितग्राहियों में से कई ने बताया कि उन्हें ९ महीने से पेंशन नहीं मिली। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर ने कहा कि अगर 14 दिन में पेंशन वितरण की नीति नहीं बनाई गई तो डायरेक्टर कार्यालय का पुनः घेराव किया जाएगा।
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारियों का हाल इतना बेहाल है तो आम जनता की स्थिति क्या होगी। पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने सेक्रेटरी भुनेश्वर यादव से बातचीत कर पेंशन वितरण में देरी का कारण केंद्र सरकार के सॉफ़्टवेयर को बताया।
इसके अलावा कांग्रेस ने जिलाधीश कार्यालय स्थित खाद्य फूड ऑफिस में मिट्टी तेल वितरण व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि केवल 2 पेट्रोल पंप से पूरे शहर को मिट्टी तेल उपलब्ध कराने से आम जनता को दूर-दूर से आने की दिक्कत होगी और मिलावटखोरी बढ़ सकती है। कांग्रेस ने मांग की कि केरोसिन राशन दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाए, जैसा पहले किया जाता था। खाद्य अधिकारी ने आश्वासन दिया कि आगे से वितरण इसी व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
कांग्रेसजन दोनों कार्यालयों में करीब 2 घंटे तक प्रदर्शन कर ठोस आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त किया। इस दौरान पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, आकाश तिवारी, प्रकाश जगत, सत्यप्रकाश नायक, श्रीनिवास, राज देवांगन, डॉ. अनुराम साहू, मो. ताहिर, हीरेंद्र देवांगन, महेंद्र सेन, सुशांत डे, दीपक चौबे, अविनय दुबे, सुनील भुवाल, देवकुमार साहू, कमल धृतलहरे, मिलिंद गौतम, सुरजीत सिंह, सुयश शर्मा, सुरेश बुधवानी, ईश्वर चक्रधारी, वेंकट कुमार, गंगा निषाद, पिंकी बाग, लक्ष्मण सेन, सागर टांडी और सत्तू सिंह सहित कई नेता उपस्थित थे।
एलपीजी बुकिंग संख्या में आई कमी, आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे हो रही सामान्य
रायपुर। पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी परिलक्षित हुई है।
खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। इसके तहत पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है।साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।
प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।
बड़े पैमाने पर थाना प्रभारियों का तबादला, DGP ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट
रायपुर। रायपुर पुलिस विभाग में कसावट लाने के लिए बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है. बड़ी संख्या में थाना प्रभारियों का तबादला हुआ है. सूची में 29 थाना प्रभारी और 1 उपनिरीक्षक का नाम शामिल है. डीजीपी अरुण देव गौतम ने यह आदेश जारी किया है.
देखें लिस्ट


मंत्री रक्षा खडसे ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के दौरान जगदलपुर का दौरा किया और 2500 से अधिक आदिवासी एथलीटों को 'भविष्य का ओलंपियन' बताया
रायपुर। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है।

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से ज्यादा एथलीट अलग-अलग खेलों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे हैं। श्रीमती खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं और यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है।
युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा, '' एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय माना जाता था। आज, मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से, इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं और देश के लिए खेल सकते हैं।''
खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, गृह मंत्री अमित शाह (जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है), कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को दिया। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे।
युवा मामले और खेल राज्य मंत्री, श्रीमती रक्षा खडसे ने 'अस्मिता लीग' के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान व अवसर प्रदान करना है।
युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री, श्रीमती रक्षा खडसे ने कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में, नतीजे ज़बरदस्त रहे हैं। हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां ‘अस्मिता लीग’ खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं। इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं। तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, ''हमारा प्रयास जारी है कि हम ‘अस्मिता लीग’ को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।''
छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने फाइनल में बनाई जगह, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन
रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के सेमीफाइनल मुकाबलों में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
खेले गए एक रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 3-2 से हराया। मैच की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और पहले हाफ की समाप्ति तक 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में अरुणाचल प्रदेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन छत्तीसगढ़ ने बढ़त कायम रखते हुए मैच 3-2 से अपने नाम किया। इसी प्रकार पहले खेले गए सेमीफाइनल मैच में पश्चिम बंगाल ने गोवा को 5-2 से हराकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।

इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव एवं खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्री–पॉलिटेक्निक परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, इस दिन तक भर सकेंगे फॉर्म
रायपुर। प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने कर दी है. व्यापम ने प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा कार्यक्रम जारी किए हैं. जारी परीक्षा शेड्यूल के अनुसार 17 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकते हैं.
पॉलिटेक्निक कॉलेजों में डिप्लोमा में प्रवेश के लिए प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा ली जाती है. व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने 17 अप्रैल तक इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं. दसवीं पास विद्यार्थी प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा दिलाने के लिए पात्र हैं. अभ्यर्थी vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाकर ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं और आवेदन करने के लिए जानकारी और सिलेबस का विस्तृत डिटेल भी प्राप्त कर सकते हैं.
आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना अनिवार्य होगा. छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा में सम्मिलित होंगे, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा. यह राशि उसी बैंक खाते में वापस की जाएगी जिससे अभ्यर्थी ने शुल्क का भुगतान किया है.
17 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. इसके बाद 18 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार के लिए समय निर्धारित किया गया है. अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 27 अप्रैल 2026 को व्यापम की वेबसाइट में जारी कर दिए जाएंगे. परीक्षा का आयोजन 7 मई 2026 गुरुवार को सुबह 10 से दोपहर 12.15 बजे तक किया जाएगा. राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाए गए है.
छत्तीसगढ़ की नई आबकारी नीति को चुनौती, हाईकोर्ट ने नहीं पाई कोई त्रुटि, स्टे आवेदन किया रद्द
बिलासपुर। राज्य सरकार के नए आबकारी नीति को चुनौती देते हुए लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस नरेश चंद्रवंशी की कोर्ट ने स्टे वाले आवेदन को रद्द कर दिया है. हाईकोर्ट ने शासन की पॉलिसी में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं पाया. साथ ही याचिका में प्लास्टिक की बोतल से स्वास्थ्य को नुकसान होने का जिक्र किया गया था, उसमें हाईकोर्ट ने शासन से दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
दरअसल, ऋषि इंटरप्राइजेस ने शासन की नई आबकारी नीति के खिलाफ याचिका दायर कर प्लास्टिक बॉटलिंग पर सवाल उठाया था, साथ ही इस पॉलिसी पर रोक लगाने की मांग की थी. याचिकाकर्ता ने इस पॉलिसी को लोगों के स्वास्थ्य को हानि होना बात कहते हुए उस पॉलिसी में रोक लगाने की मांग की थी. अब मामले में दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी.
