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ACB का बड़ा एक्शन: अचानकमार में रेंजर-डिप्टी रेंजर 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
मुंगेली। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज ACB बिलासपुर की टीम ने मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए रेंजर और डिप्टी रेंजर को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने एक प्रकरण में चालान जल्द पेश करने और जब्त वाहन को छोड़ने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
यह है पूरा मामला
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने शिकायत की थी। दिसंबर 2025 में वह अपने साथियों के साथ सुरही रेंज में घूमने गया था, जहां बनाई गई एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लिया और संबंधित लोगों को करीब 18 दिन जेल भी जाना पड़ा। जेल से छूटने के बाद जब अजीत कुमार ने चालान जल्द पेश करने के लिए डिप्टी रेंजर से संपर्क किया, तो उससे 4-5 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई। वहीं वाहन छोड़ने के नाम पर 70 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई।
ऐसे जाल में फंसे रिश्वतखोर
शिकायत का सत्यापन कराने पर मामला सही पाया गया, जिसके बाद ट्रैप की योजना तैयार की गई। 26 मार्च 2026 को प्रार्थी को रिश्वत की राशि देने के लिए कोटा स्थित मित्र मिलन रेस्टोरेंट भेजा गया। यहां प्रार्थी ने डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को मांगी गई रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए। जैसे ही उन्होंने राशि ली, एसीबी टीम ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर रेंजर पल्लव नायक भी मौजूद थे, जिनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई और उनके द्वारा भी प्रार्थी से रिश्वत की मांग करना सामने आया। प्रार्थी से ली गई 50 हजार रुपये की राशि आरोपी मनीष श्रीवास्तव से बरामद कर ली गई है।
एसीबी ने आरोपी मनीष श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 7 तथा पल्लव नायक के खिलाफ धारा 7 और 12, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई कर रही है।
दो साल में एसीबी ने की 45 कार्रवाई
गौरतलब है कि एसीबी द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में यह बड़ी कार्रवाई की गई है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल एसीबी बिलासपुर को सूचित करें। पिछले दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर की यह 45वीं ट्रैप कार्रवाई है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बस्तर में नक्सलियों को 72 घंटे की मोहलत: सरेंडर करें या कार्रवाई के लिए रहें तैयार
जगदलपुर। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की तय समयसीमा अब बेहद नजदीक आ गई है। इस डेडलाइन को पूरा होने में महज कुछ दिन ही शेष हैं। ऐसे में बस्तर में माओवाद के खिलाफ कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। माओवादी कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने अब बचे हुए नक्सलियों के लिए सख्त रुख अपना लिया है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने सक्रिय माओवादियों को 48 से 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ कहा है कि अब समय बहुत कम बचा है या तो हथियार छोड़ दें, या फिर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
आईजी सुंदरराज ने दो टूक कहा कि बस्तर में अब गिनती के ही सक्रिय माओवादी बचे हैं और उनके पास भी सीमित समय है। डेडलाइन से पहले आत्मसमर्पण ही उनके लिए एकमात्र रास्ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समयसीमा के बाद एंटी-नक्सल ऑपरेशन और तेज व आक्रामक होगा। जो भी माओवादी सामने नहीं आएंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
बस्तर पुलिस का यह अल्टीमेटम साफ संकेत है कि अब “सरेंडर या एंड” की स्थिति बन चुकी है और जंगल में छिपे माओवादियों के लिए हर गुजरता घंटा भारी पड़ने वाला है।
बता दें कि बुधवार को दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के अहम सदस्य पापा राव ने अपने 17 साथियों के साथ प्रदेश के डीजीपी, एडीजी नक्सल, बस्तर आईजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया है।
गोंडी में भावुक अपील: सरेंडर कर लौटी स्वरूपा ने साथियों से कहा—हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटो
कांकेर। धीरे-धीरे कर तमाम सक्रिय नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्य धारा में लौट रहे हैं. लेकिन अब भी कई नक्सली बचे हुए हैं, जिन्होंने सरेंडर नहीं किया है. ऐसे ही साथियों के लिए आत्मसमर्पित नक्सली स्वरूपा ने गोंडी भाषा में मार्मिक पत्र लिखा है.
एक दिन पहले ही नक्सलवाद से नाता तोड़ मुख्यधारा में हुई स्वरूपा ने परतापुर एरिया कमेटी के कामरेड चंदर रूपी के नाम गोंडी भाषा में पत्र लिखा है, जिसमें बचे हुए माओवादियों को मरने से बचने के लिए मुख्यधारा में लौटने अपील की है. बता दें कि कांकेर जिले में अभी भी 19 माओवादी सक्रिय हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि स्वरूप से पत्र से प्रेरित होकर शेष नक्सलियों भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे.
कांकेर जिले में पिछले दो दिनों के भीतर 6 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करते हुए मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. इनमें राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 5 माओवादी कैडर और PLGA कंपनी-05 के 1 कैडर शामिल हैं.
आत्मसमर्पण करने वालों में ACM रैंक के मंगेश पोडियमी, गणेश वीके, मंगती जुर्री, हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, राजे और PPCM स्वरूपा उसेंडी शामिल हैं. इन माओवादियों ने कुल 3 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है, जिनमें एक SLR और दो .303 राइफल शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार, इन कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में लाने के प्रयास जारी हैं. पुलिस ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता दी जाएगी.
IAS रजत बंसल को जनसंपर्क आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार, मित्तल PMO के लिए रिलीव
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए आईएएस अधिकारी रजत बंसल को मुख्यमंत्री सचिवालय में नई जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के पद पर पदस्थ करने के साथ ही जनसंपर्क आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नियुक्ति आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगी।
वर्ष 2012 बैच के अधिकारी रजत बंसल अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ सीईओ ‘संवाद’, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म और प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम का अतिरिक्त दायित्व भी संभालेंगे।
इधर, वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रवि मित्तल को केंद्र सरकार के आदेश के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली में उप सचिव पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए भेजा गया है। उन्हें 31 मार्च 2026 की अपराह्न से कार्यमुक्त किया जाएगा। उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि चार वर्ष या अगले आदेश तक निर्धारित की गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों से संबंधित ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।


एशियन गेम्स का पदक जीतना मेरा अधूरा सपना – केआईटीजी उद्घाटन पर बोलीं मीराबाई चानू
रायपुर। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सपना अब भी उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में पदक अब तक उनसे दूर रहा है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 वर्ष की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। इसके बाद 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप की चोट ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया।

31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि – “एशियन गेम्स मेरे लिए बेहद खास है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, और यही इसे सबसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। मेरा सपना है कि मैं वहां पदक जीतूं।” हालांकि, इस लक्ष्य की राह आसान नहीं है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 किलोग्राम और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा। वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं 48 किलोग्राम में खेलूंगी, लेकिन एशियन गेम्स के लिए फिर से 49 किलोग्राम वर्ग में आना होगा, जो एक बड़ी चुनौती है। मीराबाई ने हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इस अवसर पर उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है, खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों में जहां बहुत टैलेंट है, लेकिन मंच की कमी रहती है।
मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, इन संस्थानों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, पोषण और सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कुम्हारी खारुन ब्रिज एक अप्रैल से महीनेभर के लिए रहेगा बंद, आने-जाने वालों के लिए रूट डायवर्सन प्लान तैयार…
दुर्ग। कुम्हारी स्थित खारून नदी पर बने ब्रिज को एक महीने से लिये बंद किया जा रहा है. मेन्टेनेन्स के लिए नेशनल हाइवे 53 पर बने इस ब्रिज को 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक के लिए बंद किया जाएगा. इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने रूट डायवर्सन कर व्यवस्था बनाने जिले के तमाम पुलिस, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बीएसपी और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बैठक की.
दुर्ग पुलिस के यातायात विभाग की ओर से एक माह तक चलने वाले इस मरम्मत कार्य मे व्यापक डायवर्सन योजना के तहत हल्के, मध्यम और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं. दुर्ग से रायपुर जाने वाले हल्के वाहनों को नेवई-उतई-सेलूद-पाटन- अभनपुर मार्ग और सुपेला-रिसाली क्षेत्र से जाने वालों को उतई-सेलूद-ढौर-अमलेश्वर मार्ग उपयोग करने की सूचना जारी की गई है.

वहीं रायपुर से दुर्ग आने वाले वाहनों को चंदनीडीह-पुराना रपटा पुल या रायपुरा-महादेवघाट-अमलेश्वर मार्ग से गुजरने की सलाह दी गई है. भारी वाहनों के लिए भी विशेष समय और मार्ग निर्धारित किए गए हैं. कुछ मार्गों पर सुबह और शाम के समय भारी वाहनों की आवाजाही सीमित या प्रतिबंधित रहेगी.

राजनांदगांव और महासमुंद की ओर से आने वाले वाहनों को निर्धारित समय पर टोल प्लाजा और प्रमुख पॉइंट्स पर रोका जाएगा. निर्माण एजेंसी को 24 घंटे वालेंटियर तैनात करने, क्रेन उपलब्ध रखने और डायवर्सन पॉइंट्स पर स्पष्ट संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही यातायात पुलिस द्वारा प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त विशेष बल भी तैनात रहेगा.
आईपीएस रतनलाल डांगी सस्पेंड, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। IPS रतनलाल डांगी को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। महिला के साथ कथित अश्लील चैट वायरल होने के मामले में राज्य सरकार ने ये कार्रवाई की है।आदेश में कहा गया है कि अधिकारी ने अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं किया और गरिमापूर्ण पद पर रहते हुए नैतिकता के प्रतिकूल व्यवहार किया।
उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और स्थापित सामाजिक व सांस्कृतिक मानकों का उल्लंघन किया।यह कृत्य अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के नियम 3(1-क) (i), नियम 2(ख) (vii) और नियम 17-क (दो) का उल्लंघन माना गया है।
महिला के साथ रतनलाल डांगी की कथित अशोभनीय चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। मामला सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया और प्रारंभिक जांच में आचरण नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले।राज्य सरकार ने प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की मुलाकात: जनजातीय कल्याण और खेल विकास को लेकर हुई सार्थक चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।
“दुर्ग-हरिद्वार समर स्पेशल ट्रेन शुरू, यात्रियों को मिलेगी राहत”
रायपुर। ग्रीष्मकाल के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए उन्हें कंफर्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने दुर्ग-हरिद्वार-दुर्ग के मध्य 11-11 फेरों के लिए समर स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 08743 दुर्ग-हरिद्वार साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन, दुर्ग से 19 अप्रैल से 28 जून तक 11 फेरे के लिए प्रत्येक रविवार को चलेगी.
इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08744 हरिद्वार-दुर्ग साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन, हरिद्वार से दिनाँक 20 अप्रैल से 29 जून 2026 11 फेरे के लिए प्रत्येक सोमवार को चलेगी. इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, उसलापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया स्टेशनों में दिया गया है.
गाड़ियों की समय सारिणी
08743 दुर्ग-हरिद्वार साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन दुर्ग से प्रत्येक रविवार को 11.00 बजे रवाना होगी.
रायपुर आगमन 11.36 बजे, प्रस्थान 11.41 बजे, भाटापारा आगमन 12.28 बजे, प्रस्थान 12.30 बजे, उसलापुर आगमन 13.45 बजे, प्रस्थान 13.55 बजे, पेंड्रारोड आगमन 15.13 बजे, प्रस्थान 15.15 बजे, अनूपपुर आगमन 15.53 बजे, प्रस्थान 15.55 बजे, शहडोल आगमन 16.35 बजे, प्रस्थान 16.45 बजे एवं उमरिया आगमन 17.33 बजे, प्रस्थान 17.35 बजे तथा मार्ग के मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये होते हुये दूसरे दिन सोमवार को 11: 25 बजे हजरत निजामुद्दीन एवं 17.30 बजे हरिद्वार स्टेशन पहुंचेगी.
इसी प्रकार 08744 हरिद्वार-दुर्ग साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन हरिद्वार से प्रत्येक सोमवार को 18.55 बजे रवाना होकर होगी.
23:10 बजे हजरत निजामुद्दीन तथा इस मार्ग के मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन उमरिया आगमन 18.44 बजे, प्रस्थान 18.46 बजे, शहडोल आगमन 19.45 बजे, प्रस्थान 19.55 बजे, अनूपपुर आगमन 20.33 बजे, प्रस्थान 20.35 बजे, पेंड्रारोड आगमन 21.10 बजे, प्रस्थान 21.12 बजे, उसलापुर आगमन 23.40 बजे, प्रस्थान 23.50 बजे, तीसरे दिन भाटापारा आगमन 00.40 बजे, प्रस्थान 00.42 बजे, रायपुर आगमन 01.40 बजे, प्रस्थान 01.45 बजे तथा बुधवार को 03.00 बजे दुर्ग पहुंचेगी.
इस स्पेशल ट्रेन में 2 एसएलआरडी, 4 जनरल, 10 स्लीपर, 2 एसी-III सहित कुल 18 आइसीएफ कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
वाणिज्यिक ठहराव
रास्ते में ये गाड़ी दोनों दिशाओं में रायपुर, भाटापारा, उसलापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी, ग्वालियर, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा, कोसीकलाँ, निज़ामुद्दीन, मेरठ नगर, रुड़की स्टेशनों पर रुकेगी.

CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 3921 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने CGPSC प्री परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें मेंस परीक्षा के लिए 3921 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, मेंस की परीक्षा 16 से 19 मई तक होगी।
CGPSC प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी 2026 को किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न 20 सेवाओं के लिए कुल 265 पदों पर नियुक्ति की जानी है। विज्ञापित पदों के 15 गुना के अनुसार 3975 अभ्यर्थियों को चयनित किया जाना था, लेकिन वर्गवार/उपवर्गवार पात्र अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर कुल 3921 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित किया गया है।
मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। इसके अलावा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का परिणाम भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर जारी कर दिया गया है, जिसमें अभ्यर्थियों के अंक, कट-ऑफ और अन्य विवरण उपलब्ध हैं।
“नक्सलवाद खत्म होने के बाद आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचेगी सुविधाएं: सांसद बृजमोहन अग्रवाल”
रायपुर। देश-प्रदेश के नक्सलवाद की समाप्ति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बधाई दी. इसके साथ कहा कि पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प पूरा होने की ओर है. छत्तीसगढ़ बनने के बाद विकास की किरणें पहुंचीं, लेकिन नक्सलवाद अवरोध बना रहा. नक्सलवाद खत्म होने के बाद प्रदेश तेजी से विकसित राज्य बनेगा. सुदूर और आदिवासी क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचेगी.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा में मिडिल ईस्ट युद्ध पर विपक्ष की राजनीति को लेकर कहा कि हर स्थिति का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा. कोरोना की तरह पूरे देश ने एकजुट होकर जीत हासिल की, वैसे ही आगे भी करेंगे. आपदा में अवसर तलाशने वाले, ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. देश एक है. विपक्ष को राजनीति छोड़कर जनता का हौसला बढ़ाना चाहिए.
वहीं बस्तर में फोर्स की तैनाती को लेकर केंद्र द्वारा राशि मांगे जाने पर कांग्रेस के सवाल उठाए जाने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के समय में तो स्थिति ठनठन गोपाल की थी. आज डबल नहीं, ट्रिपल इंजन सरकार चल रही है. अगर कहीं दिक्कत होगा तो मिलकर समान करेंगे. कांग्रेस को चिंता करने की जरूरत नहीं है. पैसा देश का है, केंद्र जरूरत पड़ने पर कंपनसेट करेगा. पहले प्रदेश को कुछ नहीं मिलता था, अब 50 हजार करोड़ तक की राशि मिल रही है.
वहीं विधानसभा में गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों को लेकर सांसद ने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाना चाहिए. कार्रवाई विधायकों की सजगता और सक्रियता पर निर्भर है. गलत जानकारी देने वालों को ठिकाने लगाया जा सकता है. मंत्री और विधायकों को जागरूक और सतर्क रहना होगा. गुमराह करने या गलत जानकारी देने पर कड़ी कार्रवाई संभव है. अन्य राज्यों में तो अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया जाता रहा है.
“छत्तीसगढ़ में करप्शन पर कार्रवाई जारी, कांग्रेस ने फैलाया अराजकता: उपमुख्यमंत्री अरुण साव”
रायपुर। आबकारी विभाग में मैनपावर का ठेका एक ही एजेंसी को देने के आरोप पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, कांग्रेस ने राज्य में अराजकता पैदा किया, क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर करप्शन किया, उन्हें हर जगह वही दिखता है। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की सरकार है। जहां जो भी टेंडर कार्रवाई हो रही है, नियम के अनुसार है। कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करे।
महादेव सट्टा एप मामले में हो रही कार्रवाई पर डीसीएम अरुण साव ने कहा, छत्तीसगढ़ को बर्बाद करने का काम कांग्रेस में हुआ था। लगातार कार्रवाई हो रही है। इन्वेस्टिगेशन का हिस्सा है प्रॉपर्टी का सीज होना, करप्शन के नए तौर-तरीके कांग्रेस ने अपनाए थे। हमारी सरकार मजबूत कार्रवाई कर रही है। नए साइबर थाने भी बनाने का काम चल रहा है।
नक्सलवाद के खात्मे पर डीसीएम साव ने कहा, देश को नक्सलमुक्त बनाने का संकल्प है, जिस पर सरकार काम कर रही है। बस्तर में खुशहाली और तरक्की आएगी। लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। घड़ी चौक, तेलीबांधा, गौरव पथ और पंडरी में फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर साव ने कहा, इस तरह की कोई बात नहीं है। योजना स्वीकृत है, रायपुर में तरक्की हो, यातायात सुगम हो, इसके लिए सरकार ठोस और मजबूत योजना बनाकर काम कर रही है।
गांधी उद्यान–तेलीबांधा फ्लाईओवर पर ब्रेक, मंत्रालय बैठक के बाद प्रोजेक्ट निरस्त
रायपुर। गांधी उद्यान से तेलीबांधा तक नया फ्लाईओवर बनाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है. इस संबंध में कुछ हफ्ते पहले ही मंत्रालय में बैठक हुई थी, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ा विरोध जताया था. इसके बाद ही इस प्रोजेक्ट को निरस्त करने का फैसला लिया गया.
दरअसल, इस फ्लाईओवर के विरोध में विभाग के अफसरों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी थे. उनका शुरू से यही कहना था कि गांधी उद्यान वाली सड़क पहले से ही चौड़ी है. यहां सुबह से रात तक जाम भी नहीं लगता है. ऐसे में यह फ्लाईओवर बनाने का कोई औचित्य नहीं है. शहर के कुछ विधायकों ने यह बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी है. बताया जा रहा है कि सीएम भी इस योजना से खुश नहीं हैं. यही वजह है कि अब यह फ्लाईओवर नहीं बनेगा. इस योजना पर 173 करोड़ खर्च होने थे.
सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में मंत्रालय में हुए बैठक में फाइल पर केवल हस्ताक्षर होना बाकी था. लोक निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर के लिए तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली थी. विभाग ने ड्राइंग- डिजाइन भी तैयार कर लिया था. इस इलाके के मिट्टी की भी जांच कर ली गई थी. ड्राइंग-डिजाइन को मंजूरी की मंजूरी भी मिल गई थी. इतना ही नहीं पीडब्ल्यूडी ने इसका टेंडर भी निकाल दिया था.
173 करोड़ के फंड का था प्रावधान
जानकारी के अनुसार, वित्तीय साल 2025-26 के बजट में इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 173 करोड़ के फंड का प्रावधान किया गया था. इसकी लंबाई डेढ़ किमी और चौड़ाई 16.61 मीटर होची. यह फोर लेन फ्लाईओवर होता . इससे दोनों तरफ ट्रैफिक आसानी से स्मूथ चलता रहता. शंकरनगर चौक, केनाल रोड क्रॉसिंग चौक से होते हुए तेलीबांधा तालाब के आखिर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस चौक के पास इस फ्लाईओवर को उतारा जाता. नए फ्लाईओवर से तेलीबांधा चौक से पहले बांई ओर से अटल एक्सप्रेस-वे से सीधे एयरपोर्ट तक आवाजाही आसान होती.
दो साल पहले बजट में मिली थी मंजूरी
शासन ने इस प्रोजेक्ट को करीब दो साल पहले बजट में मंजूरी दी थी. इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने स्वाइल टेस्टिंग कराकर फाइल मुख्यालय भेजी और कई बार पत्राचार के बाद ड्राइंग डिजाइन तैयार किया गया. अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है. लेकिन मंत्रालय में हुई बैठक के बाद स्थिति बदलती जा रही है.
15 ठेका एजेंसियों ने लिया था भाग
पीडब्ल्यूडी ने बंद की तकनीकी जांच पीडब्ल्यूडी के अनुसार इस फ्लाइओवर की टेंडर प्रक्रिया में 15 ठेका एजेंसियों ने भाग लिया था. इन कंपनियों के ड्राइंग डिजाइन की जांच हो चुकी है. अभी दस्तावेजों की जांच होनी है. जैसे कंपनी का टर्न ओवर कितना है. कंपनी ने इतना बड़ा प्रोजेक्ट किया है या नहीं, यदि किया है तो कहां किया है. पीडब्ल्यूडी को इसकी जांच कर टेंडर फाइनल करना था. लेकिन प्रोजेक्ट के रद्द होने की खबर हवा की तरफ विभाग में फैल गई है. इसलिए अफसरों ने तकनीकी जांच शुरू ही नहीं की.
कमर्शियल एलपीजी पर लिमिट तय: खपत के 20% तक ही सप्लाई, रिफिल के लिए समयसीमा भी निर्धारित
रायपुर। कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी दिया जाएगा. इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके.
यह फैसला प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले की समीक्षा बैठक में लिया गया. बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
बैठक में जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने. साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं. इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं.
बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी.
इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश-आंधी और वज्रपात की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का रुख धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। फिलहाल प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई है। इसके साथ ही कई इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।
प्रदेश में दिन और रात के तापमान में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.0°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 16.7°C अंबिकापुर रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि अभी मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर हल्की गतिविधियां जारी है।
द्रोणिका के असर से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल से ओडिशा होते हुए दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से करीब 1.5 किमी ऊपर एक द्रोणिका (ट्रफ) सक्रिय है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेश में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ: गरज-चमक, वज्रपात की संभावना है। 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दो दिन बाद मौसम की गतिविधियां और बढ़ सकती है।
रायपुर में आज साफ रहेगा मौसम
राजधानी रायपुर में 26 मार्च को मौसम मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। हालांकि दोपहर या शाम के समय आंशिक बादल छा सकते हैं। अधिकतम तापमान: 38°C और न्यूनतम तापमान: 24°C तक रहेगा।ब
लक्ष्मी कमर्शियल और SRS ट्रेडर्स के ठिकानों पर जीएसटी का छापा
रायपुर। राजधानी रायपुर में स्टेट जीएसटी ने बड़ी कार्रवाई की है। भैंसथान स्थित अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स में GST की टीम ने लक्ष्मी कमर्शियल और एसआरएस ट्रेडर्स पर छापेमारी की है। मिली जानकारी के अनुसार, करीब 10 अधिकारियों की टीम जांच में जुटी हुई है। यह कार्रवाई दोनों फर्मों के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ की गई है।
बताया जा रहा है कि GST चोरी और बोगस बिलिंग की शिकायत के आधार पर यह रेड कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान टीम ने बड़ी संख्या में फर्जी बिल, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी फिलहाल गहन जांच की जा रही है।
शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल GST विभाग की कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पहले दिन कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा, छत्तीसगढ़ ने भी खोला पदकों का खाता
रायपुर। कर्नाटक के धनीश एन और ओडिशा की अंजलि मुंडा ने बुधवार को यहां इंटरनेशनल स्विमिंग कॉम्प्लेक्स में पुरुष और महिला 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए.
स्विमिंग पूल में पहले दिन कर्नाटक का दबदबा रहा, जहां उसने छह में से पांच स्वर्ण पदक जीते. वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी महिला और पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीतकर अपने अभियान की शुरुआत की.
इस पहले संस्करण में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भाग ले रहे हैं, जिसमें करीब 3800 खिलाड़ी नौ खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है.
पहले दिन के बाद कर्नाटक सात पदकों पांच स्वर्ण सहित के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर है. ओडिशा चार पदकों एक स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि मेजबान छत्तीसगढ़ दो पदकों के साथ चौथे स्थान पर है.
पुरुष 200 मीटर फ्रीस्टाइल फाइनल में धनीश ने 2:03.55 सेकंड का समय निकालकर अपने ही राज्य के कीर्तन शरथ 2:10.99 सेकंड को लगभग सात सेकंड से पीछे छोड़ा. महाराष्ट्र के भक्तिश कुमरे 2:14.73 सेकंड ने कांस्य पदक जीता.
धनीश ने कहा यह मेरा पहला खेलो इंडिया गेम्स है और इन खेलों का पहला स्वर्ण जीतना मेरे लिए बेहद खास है. मुझे लगता है कि मैं इससे बेहतर समय निकाल सकता था, लेकिन मैं खुश हूं.
महिला 200 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा ने स्वर्ण और कांस्य जीता अंजलि मुंडा ने 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर बेहद करीबी मुकाबले में कर्नाटक की निधि एस 2:39.09 सेकंड को पछाड़ा. ओडिशा की श्रिया पडियामी (2:49.04 सेकंड) तीसरे स्थान पर रहीं.
इसके बाद कर्नाटक ने बाकी स्पर्धाओं में दबदबा कायम रखा, जहां मणिकांत एल और मेघांजलि ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में दो-दो स्वर्ण पदक जीते.
मणिकांत ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 1:07.41 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण जीता। महाराष्ट्र के पलाश ठाकुर (1:11.69 सेकंड) दूसरे स्थान पर रहे, जबकि छत्तीसगढ़ के निखिल झालको (1:11.77 सेकंड) ने कांस्य पदक जीतकर मेजबान राज्य का खाता खोला.
मणिकांत ने इसके बाद 50 मीटर बटरफ्लाई में भी 27.06 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. असम के फिरमिनो एमोन लालुंग (27.69 सेकंड) और त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा (28.48 सेकंड) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते.
महिला वर्ग में मेहानजलि का भी शानदार प्रदर्शन रहा. उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 1:25.81 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत (1:29.10 सेकंड) ने रजत पदक हासिल किया.
इसके बाद मेघांजलि ने 50 मीटर बटरफ्लाई में 34.67 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया. त्रिपुरा की तिलुत्तम जमातिया (34.85 सेकंड) और ओडिशा की रितिका मिन्ज (35.54 सेकंड) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं.

परिणाम (फाइनल)

तैराकी

महिला वर्ग : 200 मीटर फ्रीस्टाइल : स्वर्ण – अंजलि मुंडा (ओडिशा) 2:39.02 सेकंड; रजत – निधि एस (कर्नाटक) 2:39.09 सेकंड; कांस्य – श्रिया पडियामी (ओडिशा) 2:49.04 सेकंड.


100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक : स्वर्ण – मेघांजलि (कर्नाटक) 1:25.81 सेकंड; रजत – अनुष्का भगत (छत्तीसगढ़) 1:29.10 सेकंड; कांस्य – रिंकी मुर्मू (ओडिशा) 1:34.70 सेकंड.
50 मीटर बटरफ्लाई : स्वर्ण – मेघांजलि (कर्नाटक) 34.67 सेकंड; रजत – तिलुत्तम जमातिया (त्रिपुरा) 34.85 सेकंड; कांस्य – रितिका मिन्ज (ओडिशा) 35.54 सेकंड.
पुरुष वर्ग : 200 मीटर फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – धनीश एन (कर्नाटक) 2:03.55 सेकंड; रजत – कीर्तन शरथ (कर्नाटक) 2:10.99 सेकंड; कांस्य – भक्तिश कुमरे (महाराष्ट्र) 2:14.73 सेकंड.
100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक : स्वर्ण – मणिकांत एल (कर्नाटक) 1:07.41 सेकंड; रजत – पलाश मनोज ठाकुर (महाराष्ट्र) 1:11.69 सेकंड; कांस्य – निखिल झालको (छत्तीसगढ़) 1:11.77 सेकंड.
50 मीटर बटरफ्लाई : स्वर्ण – मणिकांत एल (कर्नाटक) 27.06 सेकंड; रजत – फिरमिनो एमोन लालुंग (असम) 27.69 सेकंड; कांस्य – रियाज त्रिपुरा (त्रिपुरा) 28.48 सेकंड.
