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पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति : अब 27 मार्च तक कर सकेंगे आवेदन, तारीख बढ़ने से छात्रों को मिली राहत
रायपुर। जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) के आवेदन हेतु ऑनलाइन पंजीयन की तिथि में वृद्धि की गई है।
जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित वेबसाइट http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन/पंजीयन (नवीन/नवीनीकरण) की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 से बढ़ाकर 27 मार्च 2026 तक कर दी गई है। वहीं संस्थाओं द्वारा प्रस्ताव लॉक करने की अंतिम तिथि 29 मार्च 2026, तथा शासकीय संस्थाओं/जिला कार्यालय द्वारा सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। जिला कार्यालय द्वारा भुगतान प्रस्ताव राज्य कार्यालय को 31 मार्च 2026 तक भेजा जाएगा।
छात्रवृत्ति हेतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय-सीमा 2.50 लाख रुपये प्रतिवर्ष, अन्य पिछडा वर्ग हेतु आय-सीमा 1.00 लाख रुपये प्रतिवर्ष, सक्षम अधिकारी द्वारा स्थाई जाति प्रमाणपत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र एवं विद्यार्थी के अध्ययनरत पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम इत्यादि दस्तावेज अनिवार्य है |
निर्धारित तिथि के पश्चात ऑनलाइन आवेदन पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। वर्ष 2025-26 से संस्थानों के लिए जियो-टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है। जियो-टैगिंग नहीं करने पर संबंधित संस्था के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को NSP पोर्टल के माध्यम से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना भी अनिवार्य होगा। साथ ही नई संस्थाओं के संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक ऑथेन्टिकेशन किया जाना अनिवार्य है।
खल्लारी रोपवे हादसा : एक और घायल की इलाज के दौरान मौत, पत्नी और बेटी की हालत गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार को हुए रोपवे हादसे में एक और घायल ने दम तोड़ दिया है. घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 47 वर्षीय गोविंद स्वामी की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. हादसे में मृतकों की संख्या अब 2 हो गई है.

बता दें कि खल्लारी मंदिर में 22 मार्च की सुबह माता के दर्शन कर रोपवे ट्राॅली में रायपुर राजातालाब निवासी ऋषभ धावरे (29) छायांश धावरे (16), आयुषी धावरे (28), मानसी गोडरिया (12), नमिता स्वामी (45), अंशुमिता स्वामी (10) और गोविंद स्वामी सवार होकर नीचे लौट रहे थे. कुछ दूरी तय करने के दौरान अचानक रोपवे का केबल टूटने से ट्राॅली खाई में जा गिरा. वहीं दूसरी ट्राॅली भी स्टेशन से जा टकरायी, इस हादसे में 16 श्रद्धालु घायल हो गए थे.
इस घटना में पाटन आत्मानंद स्कूल में पदस्थ टीचर आयुषी धावरे की मौत हो गई थी. वहीं उनके पति ऋषभ, छायांश, नमिता अंशुमिता और गोविंद बुरी तरह जख्मी हुए थे. रायपुर के एक निजी अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा था. गोविंद स्वामी की पत्नी नमिता और बेटी अंशुमिता की स्तिथि गंभीर बनी हुई है.
खल्लारी रोप-वे दुर्घटना: मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालु के परिजन को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत : VIP रोड के फुंडहर चौक पर बनेगा ओवरपास, 56 करोड़ से अधिक की मंजूरी
रायपुर। राजधानी के व्यस्ततम मार्गों में शामिल वीआईपी रोड पर ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली है। फुंडहर चौक पर ओवरपास निर्माण के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत ने बताया कि इस परियोजना के लिए 5607.35 लाख रुपये (लगभग 56 करोड़ रुपये) की स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह मार्ग स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट और नया रायपुर को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी रूट है। नया रायपुर, एयरपोर्ट, माना और आसपास के क्षेत्रों से शहर में आने-जाने वाले वाहनों के कारण इस मार्ग पर हमेशा भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है। फुंडहर चौक पर ओवरपास बनने से फुंडहर, माना, टेमरी और धरमपुरा सहित आसपास के इलाकों के 3 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे यातायात सुगम, व्यवस्थित और बाधारहित हो जाएगा, साथ ही जाम की समस्या में भी बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद राजधानी के ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और आम नागरिकों को रोजाना की आवाजाही में राहत मिलेगी।
असम में चुनाव प्रचार के लिए गए कांग्रेस नेता रूपेश ठाकुर का हुआ निधन
बलौदा बाजार। असम में चुनाव की गहमागहमी के बीच एक दुखद खबर सामने आई है. चुनाव प्रचार के लिए छत्तीसगढ़ से गए बलौदा बाजार के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश ठाकुर का निधन हो गया.
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के साथ चुनाव प्रचार के लिए रूपेश ठाकुर असम गए थे. इस दौरान तबीयत खराब होने से उन्हें गुवाहाटी के हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह हार्ट अटैक आने से निधन हो गया.
युवा नेता और युवाओं में लोकप्रिय रुपेश ठाकुर के निधन की खबर आते ही नगर में शोक की लहर दौड़ गई. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रूपेश ठाकुर के असामायिक निधन पर शोक व्यक्त किया है.
पापाराव के सरेंडर से माओवाद की कमर टूटी: डिप्टी CM विजय शर्मा बोले—छत्तीसगढ़ अब लाल आतंक से मुक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ हम तकनीकी रूप से कह सकते हैं. माओवाद का पूरा नेतृत्व समाप्त हो गया है. छत्तीसगढ़ अब लाल आतंक से मुक्त हो गया है.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कुल 18 नक्सलियों ने पापा राव के साथ पुनर्वास किया है, इनमें से 10 पुरुष हैं और 8 महिलाएं शामिल हैं. आत्मसमर्पित नक्सलियों से आठ AK-47, एक SLR, एक INSAS के साथ अन्य ऐसे कई हथियार बरामद हुए हैं.
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पापाराव पर 25 लाख का ईनाम है. उनके आत्मसमर्पण के बाद से इस स्तर का कोई भी नक्सली छत्तीसगढ़ में सक्रिय नहीं रह जाएगा.
छत्तीसगढ़ में हालिया बड़े नक्सली सरेंडर
जनवरी 2024 से अब तक 2,100 से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं. लेकिन इस सात बीते तीन महीनों में खासी सक्रियता देखने को मिली है. शासन-प्रशासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में इस साल नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें बड़ी नक्सली सरेंडर को यहा शामिल कर रहे हैे.
108 नक्सलियों का सरेंडर (11 मार्च 2026): महासमुंद और बस्तर में 3.95 करोड़ रुपये के कुल इनाम वाले 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिसमें 6 डिवीजनल कमेटी सदस्य भी शामिल थे.
15 नक्सलियों का आत्मसमर्पण (1 मार्च 2026): महासमुंद में 25 लाख के इनामी नक्सली विकास उर्फ सुदर्शन (ओसा स्टेट कमेटी सदस्य) समेत 15 नक्सलियों ने हथियार डाले.
कमांडेंट मल्लेश का सरेंडर (फरवरी 2026): कांकेर जिले में BSF कैंप के सामने 25 लाख के इनामी नक्सली कमांडर मल्लेश ने AK-47 के साथ सरेंडर किया. इन नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास और सुरक्षा प्रदान की जा रही है.
अवैध खनन पर सख्ती: 15 मामलों में कार्रवाई, 6 ट्रैक्टर और 3 हाईवा समेत कई वाहन जब्त
जांजगीर-चांपा। जिला प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने माइनिंग माफिया पर कड़ा प्रहार किया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोकथाम के लिए खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल ने जिले के केवा, नवापारा, भादा, पुछेली, पिपरदा, बम्हनीडीह, केराकछार, खोरसी, देवरघटा, शिवरीनारायण आदि क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रेत के अवैध परिवहन करते कुल 15 मामले दर्ज कर गाड़ियों की जब्ती की गई।
खनिज अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान जिले में खनिज रेत के अवैध परिवहन करते कुल 15 प्रकरण दर्ज कर जब्ती की कार्रवाई की गई है। इनमें खनिज रेत अवैध परिवहन के 09 प्रकरण (06 ट्रैक्टर, 03 हाईवा), मिट्टी (ईंट) के 03 प्रकरण (03 ट्रैक्टर) तथा खनिज चूनापत्थर अवैध परिवहन के 03 प्रकरण (03 ट्रैक्टर) शामिल है। जब्त वाहनों को जिले के जांच क्षेत्र अंतर्गत स्थित थाना, शिवरीनारायण, पामगढ़, बिर्रा, पंतोरा तथा पुलिस लाईन जांजगीर में रखा गया है।

खनिजों के अवैध परिवहन के दर्ज प्रकरणों पर अवैध परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध खांन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर महोबे के निर्देशन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के संबंध में खनिज विभाग द्वारा निरंतर जांच कार्रवाई की जा रही है, जो कि आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी।
जनसुविधा के लिए अवकाश में भी खुले रहेंगे निगम के राजस्व कार्यालय, 31 मार्च तक बकाया नहीं जमा करने पर होगी कार्रवाई
रायपुर। नगर निगम के सभी 10 जोन कार्यालय के राजस्व कार्यालय और सभी काउंटर 26 मार्च से 31 मार्च तक पड़ने वाली शासकीय अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे. इस दौरान सम्पतिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपना देय सम्पतिकर अदा कर सकते हैं. नागरिकों की सुविधा के लिए प्ले स्टोर पर नगर पालिक निगम रायपुर के मोर रायपुर एप और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ उपलब्ध है.
बड़े बकायादारों को चेतावनी
रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा एक बार फिर सभी बड़े बकायादारों को अवगत करवाया गया है कि बकाया अदा नहीं किये जाने पर सम्बंधित बड़े बकायादारों पर कुर्की और सीलबंदी करने की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई की परेशानी से बचने सम्बंधित बड़े बकायादार नगर निगम राजस्व विभाग को तत्काल अपना सम्पूर्ण बकाया अदा कर दें.
सभी सम्पतिकरदाता नागरिक अपना देय सम्पतिकर तत्काल नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग को अदा कर दें और अंतिम नियत तिथि 31 मार्च, 2026 तक करों की अदायगी नहीं होने पर नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की जाएगी. अपील की गई कि सभी बड़े बकायादार अपना सम्पूर्ण बकाया तत्काल अदा कर कुर्की, सीलबंदी की कड़ी कार्रवाई की परेशानी से बचें.
SECR पहले नंबर पर कायम, 355 दिन में 29,493.59 करोड़ की कमाई का बनाया नया रिकॉर्ड
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेलवे में अपने नंबर वन की स्थिति काे बरकरार रखा है। जोन ने बेहतर प्रबंधन के चलते वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 10 दिन पहले ही यानी 355 दिन में 21 मार्च को 29,493.59 करोड़ रुपए का सर्वाधिक ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू (मूल माल राजस्व) अर्जित करके नया कीर्तिमान बनाया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेल में सर्वाधिक ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू अर्जित करने वाला जोन बनकर उभरा है। इस वित्तीय वर्ष में भारतीय रेल के कुल माल राजस्व में इसका 17.13% का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साथ ही गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.6% (1026 करोड़ रुपए ) की वृद्धि दर्ज की है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 20 मार्च को मात्र 354 दिनों में अब तक का सर्वाधिक एनटीकेएम (नेट टन किलोमीटर) में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह उपलब्धि भी पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले प्राप्त की गई है। 22 मार्च तक 146.75 बिलियन एनटीकेएम (नेट टन किलोमीटर) का अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा प्राप्त कर भारतीय रेल में प्रथम स्थान हासिल किया है। साथ ही पिछले वर्ष की तुलना में 5.4 बिलियन नेट टन किलोमीटर (3.8%) की वृद्धि की है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अधोसंरचना विकास के काम भी तेजी से किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण रेल खंडों में तीसरी एवं चौथी रेल लाइनों की कमीशनिंग की गई है। इससे माल यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ समयबद्धता में भी सुधार हुआ है। यह उपलब्धि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, कुशल संचालन, उन्नत प्रबंधन प्रणाली एवं माल ढुलाई में निरंतर सुधार का परिणाम है।
यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन भी चलवाई
एसईसीआर में माल यातायात के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। त्योहारों, छुट्टियों एवं विशेष अवसरों पर होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को आरक्षित बर्थ एवं सीट उपलब्ध कराने विशेष ट्रेनें भी चलवाई गई। महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के निर्देशन एवं प्रोत्साहन से ये उपलब्धियां मिली है।
नेशनल ट्राइबल गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, देशभर के 3000 खिलाड़ी लेंगे भाग
रायपुर। नेशनल ट्राइबल गेम्स का 25 मार्च को आगाज होगा. दस दिन तक चलने वाले इस खेल आयोजन के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया मौजूद रहेंगे. इसमें 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 3000 जनजातीय खिलाड़ियों की भागीदारी होगी.
नेशनल ट्राइबल गेम्स के संबंध में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नेशनल ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ कल शाम को होगा. रायपुर में हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, तीरंदाजी और वेट-लिफ्टिंग के आयोजन होंगे, वहीं जगदलपुर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी.
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आयोजन में डेमो गेम्स के रूप में दो परंपरागत खेल कबड्डी और मलखंब को शामिल किया गया है. खेल आयोजन में छत्तीसगढ़ के कुल 164 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिसमें 86 पुरुष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि आयोजन में शामिल खिलाड़ियों के आने का क्रम जारी है. अब तक 500 से ज़्यादा खिलाड़ी आ चुके हैं.
छत्तीसगढ़ में स्वामित्व योजना ने हासिल किया 100% ड्रोन मैपिंग का लक्ष्य; ग्रामीण परिवारों को 1.33 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित
नई दिल्ली। ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार करते हुए, भारत सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सभी 15,791 अधिसूचित आबादी वाले गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.
केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ललन सिंह ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को बताया कि संपत्ति कार्ड तैयार करने और वितरित करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सर्वेक्षण किए गए क्षेत्रों में से 2,709 गांवों के लिए संपत्ति कार्ड पहले ही तैयार किए जा चुके हैं । अब तक कुल 2,07,600 संपत्ति कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 1,33,487 कार्ड उनके सही मालिकों को सफलतापूर्वक वितरित किए जा चुके हैं । इस विशाल अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकों को स्पष्ट "अधिकारों का रिकॉर्ड (Record of Rights)" प्रदान करना है ।
इस पहल के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर देते हुए, बृजमोहन अग्रवाल ने कहा: "पंचायती राज योजनाएं, विशेष रूप से स्वामित्व योजना, ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की रीढ़ हैं। हमारे ग्रामीणों को औपचारिक संपत्ति अधिकार प्रदान करके, हम उन्हें केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं दे रहे हैं; बल्कि हम उनकी वित्तीय क्षमता के द्वार खोल रहे हैं। ये संपत्ति कार्ड हमारे ग्रामीण परिवारों को संस्थागत ऋण तक पहुंचने और मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था में औपचारिक रूप से जुड़ने में सक्षम बनाएंगे, जिससे अंततः हमारी ग्राम पंचायतों की नींव मजबूत होगी।"
योजना का सफल कार्यान्वयन ग्राम पंचायतों और राज्य राजस्व अधिकारियों के बीच सहज समन्वय द्वारा संचालित हो रहा है । ये जमीनी स्तर के संस्थान सटीक जमीनी सीमांकन, मानचित्र सत्यापन और संपत्ति कार्ड के शीघ्र निर्गमन को सुनिश्चित करने के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं ।
मंत्रालय ने उल्लेख किया कि इन संपत्ति कार्डों के साथ, ग्रामीण संपत्ति के मालिक अब बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में वित्तीय समावेशन को काफी बढ़ावा मिलेगा । राज्य में क्रियान्वयन के मामले में महासमुंद जिले ने सबसे अधिक 39,626 कार्ड वितरित किए हैं, जिसके बाद धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा का स्थान है ।
राजीव शुक्ला ने उठाया रेल परियोजनाओं का मुद्दा, जल्द काम शुरू करने की मांग
रायपुर। कई साल से छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाएं फाइलों में दौड़ रही हैं, लेकिन पटरी पर नहीं उतर पा रहीं. सरकार से अनुरोध है कि इस परियोजना का निरीक्षण करवाकर इसका काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए. यह बात सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में कही.
सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा ने कहा कि दल्ली-राजहरा (छत्तीसगढ़) से रावघाट और वहां से आगे जगदलपुर तक की रेल परियोजना बस्तर के विकास और कनेक्टिविटी के लिए जरूरी है. खरसिया से धर्मजयगढ़ और गेवरारोड से पेंड्रारोड की नई लाइनों की घोषणा भी हुई थी, लेकिन आगे कुछ न हुआ.
उन्होंने इसके साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी सारंगढ़-रायपुर-झारसुगुड़ा रेल लाइन परियोजना की तरफ ध्यान ले जाते हुए कहा कि इस परियोजना का सर्वेक्षण 2010 में ही कर दिया गया था, उस समय प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई 310 किलोमीटर थी, और लागत 161 करोड़ रुपए थी, लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी यह परियोजना फाइलों से आगे नहीं बढ़ पा रही है.
सांसद राजीव शुक्ला ने जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक रेल लाइन नहीं है, बल्कि दो राज्यों के बीच आर्थिक व्यवस्था की पटरी है, इसलिए परियोजना का निरीक्षण करवाकर इसका काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए.
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत, मुख्यमंत्री कल लगभग 5 लाख कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे
रायुपर। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि मजदूरों को लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।
गैस सिलेंडर महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, तालाब में किया प्रतीकात्मक विसर्जन
रायपुर। बढ़ती गैस सिलेंडर की कीमतों, एजेंसियों में लंबी कतारों और आम लोगों को हो रही परेशानियों के खिलाफ शहर कांग्रेस के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस ने रायपुर में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा तालाब में प्रतीकात्मक रूप से गैस सिलेंडर का विसर्जन कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही राज्य सरकार पर भी कालाबाजारी रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम जनता चाहे गरीब हो या अमीर, सभी गैस सिलेंडर को लेकर परेशान हैं। सरकार जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने कहा, गैस एजेंसियों में लगातार लंबी कतारें लग रही है। समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द व्यवस्था सुधारने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में सुजीत सिंह, अजीत कुकरेजा, हीरेंद्र देवांगन, अविनय दुबे, महेंद्र कुमार सेन, वेंकट कुमार, मंगल सिंह, जसमीत सिंह, गजेंद्र साहू, राजू यादव, सुरेश बुधवानो और राधे नायक सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संसद में गूंजा रायपुर एम्स में डॉक्टर और स्टाफ की कमी का मुद्दा, सांसद फूलोदेवी नेताम ने बयां किया अस्पताल का हाल…
रायपुर। रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा. कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने शून्यकाल के दौरान अस्पताल की माली हालत बयां करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके.
सांसद फूलोदेवी नेताम ने राज्यसभा में शून्य काल के दौरान रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो वह भी इलाज नहीं देने के समान ही माना जाता है. यही हाल रायपुर स्थित एम्स का है जहां गंभीर बीमारियों से पीडित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है.
उन्होंने बताया कि एम्स, रायपुर में चिकित्सक के 305 पद स्वीकृत हैं, जिसकी तुलना में केवल 190 चिकित्सक ही कार्यरत हैं. 115 पद खाली पडे हैं. सबसे ज्यादा कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग चिकित्सक की कमी से जूझ रहे हैं. नर्स, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में लगे स्टाफ के 3 हजार 884 पद स्वीकृत हैं, 2 हजार 387 स्टाफ कार्यरत है, 1 हजार 497 पद खाली पडे हैं.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि चिकित्सक और सहायक स्टाफ की कमी के कारण ओपीडी में तो लंबी लाइन लगती ही है, बल्कि ऑपरेशन और जांच में भी देरी हो रही है. जब भी किसी गंभीर बीमारी से पीडित को भर्ती कराने के लिए कहा जाता है तो वहां पर बैड नहीं है कहकर मना कर देते हैं. उन्होंने एम्स, रायपुर में चिकित्सक और अन्य स्टाफ के खाली पदों को शीघ्र भरने के साथ बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय से पूरा इलाज मिल सके.
1 अप्रैल से मैनुअल चालान व्यवस्था खत्म, अब सिर्फ ऑनलाइन जमा होंगे चालान
रायपुर। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार राज्य में 1 अप्रैल से मैनुअल सिस्टम से चालान जमा करने का काम पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. जिला कोषालयों में केवल ऑनलाइन ही चालान जमा होंगे.
नई व्यवस्था की अफसरों और कर्मचारियों को जानकारी देने के लिए सोमवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इसमें जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल ने आहरण संवितरण अधिकारियों, स्टांप वेंडर एवं बैंक प्रतिनिधियों को ओटीसी (ओवर द काउंटर ) ऑनलाइन चालान जमा करने की विस्तार से जानकारी दी.
शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक बैरनबाजार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में पटेल ने बताया कि मैनुअल सिस्टम से चालान जमा करने में जो गलती होने की संभावना होती थी, वह ओटीसी ऑनलाइन चालान से नहीं होगी. इसमें सही मद का चयन करना सुविधाजनक होगा, जिससे बैंक एवं कोषालय में पारदर्शिता बढ़ेगी.
कार्यशाला में बताया गया कि संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा नए वित्तीय साल में 1 अप्रैल से मैनुअल चालान सिस्टम को खत्म कर ऑनलाइन चालान जमा करने की सुविधा शुरू की जा रही है. ऑनलाइन चालान ई-कोष ऑनलाइन पोर्टल के अंतर्गत ई-चालान मॉड्यूल से जमा किया जा सकता है. इस प्रक्रिया में चालान का डाटा सीधे बैंक को ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगा.
"जातिवाद और भय की राजनीति को जनता ने किया खारिज, अब विकास ही चुनाव का मुद्दा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल"
रायपुर/ नई दिल्ली। देश की जनता को पूर्ण विश्वास है कि यदि कोई भारत को वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' बना सकता है, तो वह केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृढ़ नेतृत्व ही है। यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का आगामी विधानसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों में भाजपा की स्थिति पर चर्चा करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, कि , "चाहे पश्चिम बंगाल हो, असम हो, तमिलनाडु हो या पुडुचेरी—हर जगह भाजपा का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बंगाल और असम में हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी भाजपा की विकासपरक नीतियों के कारण जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।"
बृजमोहन अग्रवाल ने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अब जातिवाद और भय की राजनीति से बाहर निकल चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अब केवल और केवल 'विकासवाद' की राह पर चल पड़ा है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
श्री अग्रवाल ने कांग्रेस की पुरानी नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा, "एक समय था जब कांग्रेस पार्टी जातिवाद के आधार पर लोगों को बांटकर और समाज में डर पैदा कर चुनाव जीतती थी। लेकिन आज की जागरूक जनता यह समझ चुकी है कि राजनीतिक दुर्भावना के कारण वे विकास से महरूम नहीं रह सकते। जनता अब नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है।"
अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता विकास
भाजपा सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के सुदूर क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई हैं। उन्होंने कहा, "आज देश के हर नागरिक को शुद्ध पानी, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, कुकिंग गैस और बेहतरीन सड़कें चाहिए। मोदी सरकार ने इंटरनेट से लेकर रेल कनेक्टिविटी तक, हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। मिजोरम जैसे राज्य, जो दशकों तक रेल सेवा से कटे हुए थे, आज भारतीय रेलवे के मानचित्र पर गर्व से खड़े हैं।"
बदलती कनेक्टिविटी और वंदे भारत का युग
उन्होंने आगे कहा कि एक्सप्रेस हाईवे, फोर-लेन कॉरिडोर और 'वंदे भारत' जैसी आधुनिक ट्रेनों ने देश की दूरियों को कम कर दिया है। कनेक्टिविटी बढ़ने से न केवल व्यापार सुगम हुआ है, बल्कि आम आदमी का जीवन भी आसान हुआ है। जिसका परिणाम आने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र ध्येय 'अंत्योदय' और 'राष्ट्र निर्माण' है, जिसे जनता का अटूट आशीर्वाद प्राप्त है।
