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हमें यह धरती अपने पूर्वजों से विरासत में नहीं मिली है; बल्कि हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है - सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने छत्तीसगढ़ में प्रमुख नदियों के कायाकल्प के लिए अपनी चल रही रणनीति और रूपरेखा का विस्तृत विवरण दिया है । छत्तीसगढ़ के सांसद द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए, सरकार ने महानदी, शिवनाथ, खारून, अर्पा, हसदेव और केलो नदियों में गंभीर प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की ।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा की गई यह पूछताछ, खारून जैसी नदियों में प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए कायाकल्प परियोजनाओं में देरी को रोकने की तत्काल आवश्यकता पर केंद्रित थी । उन्होंने मल-जल के निर्वहन को रोकने, उपचारित जल के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के मानकों को लागू करने और नदी के तटों पर स्थित गैर-अनुपालक (नियमों का पालन न करने वाली) औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई करने के सरकारी उपायों पर भी सवाल उठाए ।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा: "महानदी से लेकर खारून तक हमारी नदियां छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि कायाकल्प की रूपरेखाओं को लागू करने में बिल्कुल भी देरी न हो। हालांकि नए एसटीपी (STP) का निर्माण होना महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए अर्पा, हसदेव और केलो नदियों में निर्वहन करने वाले सभी औद्योगिक और नगरपालिका निकायों से एनजीटी (NGT) दिशानिर्देशों के पूर्ण और वास्तविक समय (real-time) के दिशानिर्देशों के पूर्ण और वास्तविक समय (real-time) के अनुपालन करना होगा, क्यूंकि हमें यह धरती अपने पूर्वजों से विरासत में नहीं मिली है; बल्कि हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।"
मल-जल शोधन और बुनियादी ढांचे के अपडेट
नदियों में मल-जल के निर्वहन को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए, सरकार शोधन (treatment) के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है:
महत्वपूर्ण रूप से, जिन 16 स्थानों पर एसटीपी अभी भी निर्माणाधीन हैं, वहां अनुपचारित कचरे के निर्वहन को रोकने के लिए एक कार्यात्मक अंतरिम उपाय के रूप में मल-गाद शोधन संयंत्र (एफएसटीपी / FSTP) स्थापित किए गए हैं ।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि औद्योगिक इकाइयां पर्यावरणीय मानकों का पालन करें, सरकार उन्नत वास्तविक समय निगरानी और कानूनी प्रावधानों का उपयोग कर रही है, जबकि केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों को सख्ती से लागू कर रहे हैं ।
17 अत्यधिक प्रदूषणकारी श्रेणियों के सकल प्रदूषणकारी उद्योगों (GPI) और इकाइयों ने सफलतापूर्वक ऑनलाइन सतत बहिस्त्राव निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस / OCEMS) स्थापित कर ली है । संधारणीयता (sustainability) को बढ़ावा देने के लिए, सीपीसीबी (CPCB) ने व्यवहार्य औद्योगिक क्षेत्रों में शून्य तरल निर्वहन (जेडएलडी / ZLD) के लिए दिशानिर्देश भी तैयार किए हैं, जिससे ताजे पानी पर निर्भरता को कम करने के लिए उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके ।
कानून व्यवस्था एवं मुख्यमंत्री कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर की हुई संयुक्त बैठक
रायपुर। कानून व्यवस्था तथा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर आज पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा सर्वाेपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जहां कहीं भी कार्यक्रम हो वहां पर पूर्व से कार्यक्रम प्राप्त कर आयोजन स्थल विजिट करें और आयोजकों से वर्मा कमीशन की रिपोर्ट का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहें। यह आयोजकों से लिखित में लिया जाए। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम चाहे निजी हों या शासकीय, पीडब्ल्यूडी विभाग मंच एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर सीएमएचओ यह सुनिश्चित करें कि कारकेड सहित कार्यक्रम स्थल में चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थित रहें और साथ ही प्रोटोकॉल के अनुरूप आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता भी रहे। जिला सेनानी द्वारा प्रत्येक कार्यक्रम में फायर सर्विस सहित आग बुझाने के उपकरण की व्यवस्थाएं रखें। मुख्यमंत्री के उतरने वाले स्थान में सभी तैयारी पुख्ता रखें।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विशेष रूप से ई एंड एम (E&M) के ईई माइक सिस्टम सहित सभी विद्युत व्यवस्थाओं की पूर्व जांच सुनिश्चित करें। विद्युत विभाग कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था भी रखें, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न हो। सभी अधिकारी एसओपी का पालन करें। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सके।
इस अवसर पर एडीएम उमाशंकर बंदे, एडीसीपी दौलत राम पोर्ते, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, प्रोटोकॉल अधिकारी मुकेश कोठारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता राजीव नशीने एवं नगर निगम उपायुक्त विनोद पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रायगढ़ में फिर अफीम की खेती का खुलासा: 17 दिनों में पांचवां मामला, लैलूंगा के घटगांव में छिपाकर उगाई जा रही थी फसल
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। तमनार के बाद अब जिले के लैलूंगा क्षेत्र के घटगांव में अफीम की खेती पकड़ी गई है। जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। 17 दिनों के भीतर प्रदेश में अफीम की अवैध खेती मिलने का यह पांचवां और बीते दो दिनों के भीतर जिले में दूसरा मामला है।
बता दें कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के घटगांव गांव में सब्जियों की बाड़ी के बीच छिपाकर अफीम उगाई जा रही थी। लैलूंगा से पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा पिछले 10–12 सालों से यहां खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के एक किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था, लेकिन उसकी देखरेख में अफीम की खेती शुरू हुई। मार्शल सांगा झारखंड में अपने साथी के साथ पहले से अफीम की खेती करता आ रहा था और उसी मॉडल को रायगढ़ में अपनाया।
राज्य में पिछले 15 से 17 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने के मामले लगातार सामने आए हैं। इसके विवरण इस प्रकार हैं:
7 मार्च: दुर्ग के समोदा में BJP नेता विनायक ताम्रकर के खेत से 7.88 करोड़ की अफीम जब्त की गई।
10 मार्च: बलरामपुर के कुसमी में 3.67 एकड़ में अफीम की खेती, 7 आरोपी गिरफ्तार।
12 मार्च: बलरामपुर के कोरंधा में ढाई एकड़ में अफीम की फसल, तीन किसानों की जमीन शामिल।
20 मार्च: रायगढ़ के तमनार ब्लॉक के आमाघाट में डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती।
अब रायगढ़ के लैलूंगा में पकड़ाया गया यह मामला प्रदेश में पांचवां हालिया अफीम का मामला बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि अफीम की खेती पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस आपराधिक गतिविधि को रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और जिन लोगों पर प्रशासनिक या राजनीतिक संरक्षण का शक है उनके खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।
रोपवे संचालक कंपनी और दो कर्मचारी पर FIR दर्ज, 8 घायलों को अस्पताल से मिली छुट्टी
महासमुंद। खल्लारी रोपवे हादसे के बाद सख्त हुए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देशानुसार रोपवे संचालक कंपनी रोपवे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता, स्थानीय कर्मचारी बीरबल जंघेल और रामेश्वर यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं घायल 16 में से आठ को उपचार के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
पुलिस ने रोपवे संचालक कंपनी रोपवे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता तथा स्थानीय कर्मचारी बीरबल जंघेल एवं रामेश्वर यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 के अंतर्गत सेक्शन 289 एवं 125 (ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. यह एफआईआर लापरवाही के आरोपों को ध्यान में रखकर की गई है.
यह एफआईआर खल्लारी देवी ट्रस्ट, खल्लारी द्वारा दर्ज करवाई गई है. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
आज हुए हादसे में कुल 16 लोग घायल हुए थे, जबकि एक महिला की मृत्यु हो गई. घायलों में चार की स्थिति गंभीर है. इसके अलावा आठ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है. डिस्चार्ज घायलों में हर्ष साहू, छायांस धावरे, हेमलाल नागेश्वर, कुलसी नागेश्वर, पूर्वी, रतन नागेश्वर, अमलेश और टिया शामिल है. वहीं शेष आठ घायलों का उपचार अभी भी जारी है.
आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत: लापरवाही पर 4 वनकर्मी निलंबित, जांच जारी
अंबिकापुर। नगर स्थित संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत के मामले में मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त दिलराज प्रभाकर ने कार्रवाई करते हुए वन वाटिका के प्रभारी के साथ तीन सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में इन अधिकारियों का मुख्यालय सरगुजा वनमंडल, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है.
मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त दिलराज प्रभाकर द्वारा 21 मार्च को जारी आदेश में शासकीय कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और वन प्राणियों के संरक्षण, संवर्धन में घोर उदासीनता पाए जाने पर उपवनक्षेत्रपाल (एससीएफओ) एवं प्रभारी संजय वन वाटिका अशोक सिन्हा, वनपाल (सीएफओ) सहायक, संजय वन वाटिका ममता परते, वनपाल (सीएफओ) प्रतिमा लकड़ा और वनपाल (सीएफओ) बिन्दु सिंह को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.
कोटरा, चीतल और चौसिंघा की हुई मौत
निलंबन आदेश में बताया गया है कि आवारा कुत्तों के काटने से संजय वन वाटिका में रखे 14 हिरण प्रजाति की मौत हुई है. इसमें एक नर कोटरा, 5 मादा कोटरा, एक नर चीतल, 5 मादा चीतल और दो नर चौसिंघा की मौत हुई है. आदेश जारी होने के बाद आज एक और हिरण की मौत हुई है, जिसका वन विभाग ने पूरी विभागीय प्रक्रिया अपनाते हुए अंतिम संस्कार किया है.

जानिए पूरा मामला
संजय वन वाटिका में दो दिन पहले 4-5 कुत्तों ने बाड़े में घुसकर हिरणों पर हमला किया था, जिसमें 15 हिरणों की मौत हो गई. वाटिका प्रबंधन ने घटना को दबाने के लिए पीछे जंगल में चुपचाप 14 हिरणों के शव को भी जला दिया.
घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ अभिषेक जोगावत मौके पर पहुंचे. बाड़े में एक हिरण का शव पाया गया, वहीं जंगल के पीछे हिरण को जलाने के सबूत सामने आए हैं.
डीएफओ जोगावत ने इस घटना के लिए वाटिका प्रबंधन के साथ-साथ वन विभाग की भी लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए घटना की जांच के लिए एसडीओ के नेतृत्व में जांच टीम का गठन करते हुए दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
औद्योगिक क्षेत्रों में हादसों पर सख्ती: सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं, एसएसपी की चेतावनी
बिलासपुर। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों और आगजनी की घटनाओं पर पुलिस अब सख्त कार्रवाई करेगी है. इससे पहले एसएसपी रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी, तिफरा, सिलपहरी और कोनी क्षेत्र के फैक्ट्री मालिकों और संचालकों की आपात बैठक ली. उन्होंने बैठक में आए सभी उद्योगों के संचालकों को दो टूक कहा कि मुनाफा कमाएं, लेकिन कर्मचारियों की जान की कीमत पर नहीं. सुरक्षा मानकों को पूरा करना उनके लिए कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य है.
बैठक में छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार शाह, उपाध्यक्ष जितेन्द्र गांधी समेत अन्य प्रमुख उद्यमी शामिल हुए. पुलिस विभाग की ओर से एएसपी (सिटी) पंकज पटेल और एएसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह भी उपस्थित रहीं.
सुरक्षा ऑडिट के लिए विशेष टीम का गठन
एसएसपी ने सभी उद्योग संचालकों से कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो समय-समय पर फैक्ट्रियों की जांच करेगी. जांच में उद्योगों के भीतर सुरक्षा मानकों से लेकर किसी भी तरह की न्यूसेंस मिलने पर उद्योग के संचालक समेत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा में हुए शामिल
रायपुर। चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान से यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पावन यज्ञ में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी समाज से थे, जिन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य श्री सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं। ऐसे महान संत समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महाशिव यज्ञ एवं कथा से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया है, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के लोग भगवान श्रीराम को अपना भांचा मानते हैं, इसलिए उन्हें अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत प्रदेश के बुजुर्गों को देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे अपने जीवन में धार्मिक आस्था के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है, जिसे समाज में बढ़ती संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त और स्पष्ट प्रावधानों के साथ यह विधेयक लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन न हो सके। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर भी अब पूर्ण विराम लगेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है, और इसी उद्देश्य के साथ यह विधेयक लाया गया है, ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम के नर्मदा कुंड में स्नान करना, पूजा-अर्चना करना और ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से आस्था और प्रतीक्षा का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल से लोगों की गहरी भावनात्मक और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी श्रीमद्भागवत, शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ जैसे आयोजन होते हैं, तो सभी को इसमें अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर घर के बुजुर्ग ही कथा सुनने आते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सके और उसे आगे बढ़ा सके।
इस अवसर पर पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गंगरेल में पहली बार ‘रिवर बोट चैंपियनशिप’, 52 टीमों के साथ रोमांचक नौकायान उत्सव बना ऐतिहासिक
धमतरी। आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महिला सहभागिता ने बढ़ाया गौरव
इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की चयन बाई, सुमन एवं दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा।
प्रतियोगिता के परिणाम
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—
• प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)
• द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 सत्वंत मंडावी एवं मिथलेश मंडावी,कोलियारी)
• तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा)
इसके अतिरिक्त—
• वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद,तिर्रा)
• सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा)
विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—
• प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
• द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000
• तृतीय पुरस्कार: ₹25,000
साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई।
विधायक ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी।
अन्य प्रमुख गतिविधियाँ
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया।
पर्यटन और विकास की नई दिशा
‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर श्री साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने किया "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया।
इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।
बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर, आईआईएम रायपुर, आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।
श्री साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, संतोष कौशिक, राजेन्द्र चन्द्रवंशी, कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।
धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक से सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा संरक्षण: प्रबल प्रताप जूदेव
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को विधानसभा में धर्म स्वातंर्त्य विधेयक संशोधन पारित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धर्म स्वातंर्त्य विधेयक सर्व समाज के लिए हितकारी है. उन्होंने कहा कि उनके पिता स्व. दिलीप सिंह जूदेव ने हमेशा धर्मांतरण को रोकने का प्रयास किया. प्रदेश की भाजपा सरकार ने धर्म स्वातंर्त्य विधेयक पारित कर उनके सपनों को साकार करने का महती प्रयास किया और उन्हें दी है.
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जूदेव ने कहा कि धर्म स्वातंर्त्य विधेयक पारित होने से न केवल जनजाति समाज बल्कि प्रदेश की पूरी जनता को इसका लाभ होगा. वहीं धर्मांतरण कराने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. इस कानून को पारित होने से अब जनजाति सहित सभी समाज के सांस्कृतिक विरासत और संस्कृति को पुनः सम्मान मिलेगा. साथ ही समाज के लोगों को अब प्रलोभन, दबाव और भ्रमित कर धर्मांतरित नहीं किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी ने आजीवन प्रयास किया और घर वापसी अभियान का जमीनी कार्यक्रम लगातार उनके द्वारा चलाया गया, जो अभी तक चल रहा.
आगे कहा कि धर्म स्वातंर्त्य विधेयक पारित होने के लिए स्व. दिलीप सिंह जूदेव का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा. वनवासी कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहेब देशपांडे और स्वामी अमरानंद के मार्गदर्शन में दिलीप सिंह जूदेव ने घर वापसी अभियान, लम्बी पदयात्राए और सनातन जनजागरण आंदोलन जैसे अनेकानेक कार्यक्रम चलाकर पहले ही इसका संकेत दे दिया था.
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जूदेव ने विधानसभा में इस अत्यधिक प्रतीक्षित और अत्यंत आवश्यक धर्म स्वातंर्त्य संशोधन विधेयक के पारित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त माना. उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने स्व. पिता दिलीप सिंह जूदेव के सपने को साकार करने निरंतर प्रयासरत रहेंगे और घर वापसी कार्यक्रम लगातार सतत जारी रहेगा. सनातन के अनुयायियों के हितों की मजबूती से सुरक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है.
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि पिताजी कुमार दिलीप सिंह जूदेव के आजीवन संघर्षों, समर्पण और धर्म-संरक्षण के लिए उनके अथक प्रयासों को नमन करते हुए यह विधेयक उनके आदर्शों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश में धर्म, आस्था एवं सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के साथ-साथ समाज में विश्वास और संतुलन को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध होगा.
कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत, शव जलाने का आरोप; जांच के आदेश
अंबिकापुर। नगर स्थित संजय वन वाटिका में कुत्तों के काटने से 15 हिरणों की मौत की खबर है. डीएफओ अभिषेक जोगावत ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच के लिए टीम गठित कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले संजय वन वाटिका में 4-5 कुत्तों ने बाड़े में घुसकर हिरणों पर हमला किया था, जिसमें 15 हिरणों की मौत हो गई. वाटिका प्रबंधन ने घटना को दबाने के लिए पीछे जंगल में चुपचाप 14 हिरणों के शव को भी जला दिया.
घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ अभिषेक जोगावत मौके पर पहुंचे. बाड़े में एक हिरण का शव पाया गया, वहीं जंगल के पीछे हिरण को जलाने के सबूत सामने आए हैं.
डीएफओ जोगावत ने इस घटना के लिए वाटिका प्रबंधन के साथ-साथ वन विभाग की भी लापरवाही को जिम्मेदार बताया. उन्होंने घटना की जांच के लिए एसडीओ के नेतृत्व में जांच टीम का गठन करते हुए दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
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कवर्धा-बलौदाबाजार दौरे पर सीएम साय, खल्लारी हादसे को बताया दुखद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिला स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में आज सुबह हुए रोप-वे हादसे को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि घटना की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा और बलौदाबाजार जिले के दौर पर रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कवर्धा में लोधी समाज द्वारा अवंति बाई की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें शामिल होंगे.
इसके अलावा बलौदाबाजार में गोंडवाना समाज की ओर से आयोजित आदर्श विवाह समारोह में शामिल होंगे. वहीं शाम को केरल के दौरे को लेकर कहा कि कल (केरल विधानसभा चुनाव के लिए) बीजेपी प्रत्याशियों का नामांकन है. उसमें शामिल होने जा रहे हैं.
विधानसभा में पारित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर मिल रही लोगों से बधाई पर कहा कि कल हम सरगुजा गए थे, वहां अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने मुलाकात के दौरान विधेयक का स्वागत किया. रायपुर में भी सीएम हाउस पहुंचे लोगों ने धन्यवाद दिया.
सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: तीन शक्तिशाली IED बरामद, नक्सलियों की साजिश नाकाम
सुकमा। सुरक्षाबलों ने सर्चिंग के दौरान तीन शक्तिशाली आईईडी को बरामद कर नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. बरामद 1 किलो, 2 किलो और 4 किलो वजन के आईईडी को सुरक्षित नष्ट किया गया.
जानकारी के अनुसार, 226 बटालियन सर्चिंग के लिए निकली थी, इस दौरान जगरगुंडा-नरसापुरम मार्ग पर माओवादियों द्वारा लगाए गए तीन शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए. सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के ध्येय से लगाए गए इन आईईडी की वजन 1 किलो, 2 किलो और 4 किलो की पाई गई.
आईईडी की बरामदगी के बाद बम निरोधक दस्ता, डीएसएमडी और डॉग स्क्वायड की मदद से उसे मौके पर ही नष्ट करने के बाद सर्चिंग टीम वापस बटालियन में लौट आई. इसी बरामदगी से अभी भी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी साबित हो रही है, जिसे 31 मार्च की तय समय तक खत्म करना सुरक्षाबलों का लक्ष्य है.
खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा: रोप-वे केबल टूटा, ट्रॉली गिरने से कई श्रद्धालु घायल
महासमुंद। जिले के खल्लारी स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में आज सुबह बड़ा हादसा हुआ। मंदिर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। घटना के समय ट्रॉली में श्रद्धालु सवार थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। केबल टूटते ही ट्रॉली झटके के साथ नीचे आई और इसमें बैठे कई श्रद्धालु घायल हो गए।
चैत्र नवरात्र के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इस हादसे से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 5 से 6 श्रद्धालु गंभीर और मामूली चोटों के साथ घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल, महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।