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बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड के छह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, पांच साल से अधिक समय काट चुके हैं जेल में…
रायपुर। बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में आरोपी पूर्व पुलिस अफसर एएस गिल, वीके पांडेय और आरसी त्रिवेदी समेत छह लोगों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. इन आरोपियों को छह माह पहले दोबारा जेल में दाखिल किया गया था. सभी आरोपी पांच साल से अधिक समय तक जेल में बीता चुके हैं.
वकीलों ने बताया कि आरोपियों की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने सुनवाई के बाद मंगलवार को छह आरोपियों की जमानत के आदेश दिए हैं. अब आदेश की मूल प्रति रायपुर की अदालत में जमा की जाएगी, जिसके बाद आरोपियों की जेल से रिहाई के आदेश होगा.
बता दें कि जग्गी हत्याकांड में जमानत निरस्त होने के बाद पुलिसवालों समेत जग्गी हत्याकांड समेत सभी आरोपियों को वापस जेल दाखिल करने के आदेश दिए गए थे. इस आधार पर सभी ने इस साल जून महीने में कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था.
क्र.सं.अभियुक्त का नामधारा के तहत आरोप लगाया गया
1 चिमन सिंह120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
2 याह्या ढेबर120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
3 अभय गोयल120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
4 शिवेंद्र सिंह परिहार120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
5 फ़िरोज़ सिद्दीक़ी120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
6 विक्रम शर्मा (निधन)120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
7 विनोद सिंह राठौड़120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
8 राकेश कुमार शर्मा बाबू120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
9 अशोक सिंह भदौरिया@पिंटू120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
10 संजय सिंह कुशवाह चुन्नू120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
11 राजू भदौरिया120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
12 रवीन्द्र सिंह@रवि120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
13 नरसी शर्मा120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
14 सत्येन्द्र सिंह120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
15 विवेक सिंह भदोरिया120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
16 लल्ला भदौरिया धर्मेन्द्र सिंह120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
17 सुनील गुप्ता120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
18 अनिल पचौरी120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
19 हरिश्चंद्र120-बी(1), 302/34, 427/34 IPC
20 बुल्ठू पाठक@महंत120-बी एवं 193 IPC
21 सुरेश सिंह120-बी एवं 193 IPC
22 सूर्यकान्त तिवारी120-बी एवं 193 IPC
23 राकेश चंद्र त्रिवेदी120-बी, 193 और 218 IPC
24 वी.के.पांडेय120-बी, 193 और 218 IPC
25 अमरीक सिंह गिल120-बी, 193 और 218 IPC
26 अविनाश@लल्लन सिंह120-बी, 302/34, 427 IPC और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1)(ए) और विकल्प में धारा 120-बी, 193/34 IPC के तहत
27 जाम्बवंत@बाबू120-बी, 302/34, 427 IPC और विकल्प में धारा 120-बी और 193/34 IPC के तहत.
28 श्याम सुंदर@आनंद शर्मा120-बी, 302/34, 427 IPC और विकल्प में 120-बी और 193/34 IPC
29 विनोद सिंह@बादल120-बी, 302/34 और 427 IPC और विकल्प में, धारा 120-बी और 193/34 IPC के तहत।
30 विश्वनाथ राजभर120-बी, 302-34, 427 IPC और विकल्प में धारा 120-बी और 193/34 IPC के तहत.
CGPSC घोटाला : 7 दिनों की सीबीआई रिमांड पर टामन सोनवानी और श्रवण गोयल
रायपुर। सीजीपीएससी घोटाला मामले में गिरफ्तार CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी और बजरंग पॉवर इस्पात के डायरेक्टर एसके गोयल को सीबीआई ने आज कोर्ट में पेश किया. विशेष कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 25 नवंबर तक सीबीआई रिमांड पर सौंपा. 7 दिनों की रिमांड में सीबीआई आरोपियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ करेगी. बता दें कि सीबीआई ने दोनों आरोपियों की 12 दिनों की रिमांड मांगी पर, लेकिन कोर्ट ने 7 दिनों की रिमांड की मंजूरी दी है.
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने दोनों ही आरोपियों की 12 दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सात दिनों की रिमांड की मंजूरी दी है. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के प्रत्येक गाइडलाइन का शब्दशह पालन किया जाएगा.
टामन सोनवानी के वकील गणेश गिरी गोस्वामी ने बताया कि सात दिनों की सीबीआई रिमांड दी गई है. हमने अपने पक्षकार की दलीलें रखी है. सीबीआई के आरोप पूर्णतः गलत है. न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर अपना फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन रिमांड के दौरान करने के निर्देश दिए गए हैं. हमने सीबीआई के आरोपों को गलत बताया है. टामन सोनवानी की पूछताछ की प्रक्रिया वकील की मौजूदगी में होनी है. इस मामले पर अगली सुनवाई अगामी 25 नवंबर को होनी है.
बता दें कि CBI ने कुछ महीने पहले ही टामन सिंह सोनवानी के घर पर छापा मारा था, जिसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी की गई है। सोनवानी पर चयन के एवज में अभ्यर्थियों से 45 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इसके अलावा, रायपुर की बजरंग पॉवर इस्पात कंपनी के डायरेक्टर एस.के गोयल को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में एसके गोयल की बहु और बेटे का CGPSC की परीक्षा में चयन हुआ था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन परिसर में लगाया नीम का पौधा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन 241 वाहिनी के परिसर में नीम का पौधा रोपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनूठा प्रयास है, जिसमें सभी लोग स्वस्फूर्त अपनी भागीदारी दे रहे हैं। श्री साय ने सभी से एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से हम न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करते हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण का उपहार देते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद अचानक सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के कैंप पहुंचे थे। वृक्षारोपण के दौरान सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के सुरक्षा बल के जवान उपस्थित थे।
धूल खाते पड़ी है डेढ़ करोड़ की मशीन, दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट में किसी को रुचि नहीं, जनपद अध्यक्ष बोलीं-
गरियाबंद। जनपद के चिखली रीपा में फिजूलखर्ची का बड़ा मामला सामने आया है. यहां डेढ़ करोड़ की लागत से स्थापित दुग्ध प्रसंस्करण इकाई पिछले छह महीनों से बंद पड़ी हुई है. प्रशासन ने ढाई साल पहले इस योजना की शुरुआत की थी, लेकिन इसका संचालन कौन करेगा अब तक जनपद प्रशासन तय नहीं कर पाया है. लिहाजा कथित डेढ़ करोड़ लागत से स्थापित प्लांट धूल खाते पड़ी हुई है.
जनपद अध्यक्ष ने कहा, मलाई खाने किया गया है प्लान तैयार
गरियाबंद जनपद अध्यक्ष लालिमा ठाकुर कांग्रेस सरकार के समय तैयार इस प्लान का शुरू से ही विरोध कर रही थी. पूछे जाने पर अब उन्होंने कहा है कि यह दुग्ध प्रसंस्करण के आड़ में मलाई छानने की योजना बताया. इस स्कीम के प्रोजेक्ट फाइल पर ही जनपद अध्यक्ष ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया. उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट फाइल में तबके अफसरों गाय की संख्या बढ़ा चढ़ा कर दिखाया.

दूध का उत्पादन तीन गुना बताया. रिपोर्ट में यह नहीं बताया कि उत्पादित दूध में विक्रय के लायक कितनी मात्रा है. केवल कागजी रिपोर्ट बनाया गया, महिलाओं के हाथों में काम का सब्जबाग दिखाया गया. कागजों में ही महिलाओं की आर्थिक संबलता की गाथा लिख दिया गया. इसलिए कहना पड़ रहा है कि यह योजना केवल मलाई खाने के लिए बनाई गई.

ना समूह आया न कोई संगठन ने दिखाई रुचि
प्रसंस्करण केंद्र के संचालन के लिए विभाग ने 24 अक्टूबर को निविदा जारी किया था. निविदा आज खुलनी थी, भरने की अंतिम तिथि 18 नवंबर रखा गया था. लेकिन कागजी आंकड़ों पर खड़ा इस इकाई में काम लेने किसी के रुचि नहीं दिखाई.
मामले में गरियाबंद जनपद सीईओ अमजद जाफरी ने कहा कि सारा सेटअप जिला पंचायत से तय हुआ है. संचालन के लिए निविदा जारी किया गया था, अगर कोई नहीं आया तो दोबारा निविदा कोल करेंगे.
विधानसभा परिसर में इंदिरा गांधी को नेता प्रतिपक्ष महंत सहित कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, शीतकालीन सत्र को लेकर कही यह बात
रायपुर। विधानसभा परिसर में आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. इस अवसर पर विधायक संगीता सिन्हा, संदीप साहू, भोलाराम साहू समेत अन्य विधायक और विधानसभा कर्मचारी उपस्थित रहे.

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष महंत ने छत्तीसगढ़ की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, किसी भी प्रशासन या मुख्यमंत्री की पहली जिम्मेदारी राज्य और राजधानी के लोगों को सुरक्षित रखने की होती है. लेकिन बार-बार चेतावनी के बाद भी राजधानी में हत्याएं, लूट, चोरी और नशाखोरी ये सब रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं. यह पूरी तरीके से साय सरकार नाकाम साबित हो रही हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र पर कहा कि इस बार 16 से 20 दिसंबर तक सत्र है. चार दिनों का ये सत्र छत्तीसगढ़ के तमाम मुद्दों को उठाने के लिए कम पड़ सकता है.
CGPSC मामले में तामन सोनवानी की गिरफ्तारी पर नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा, “क्या वास्तव में उसे दोषी पाकर गिरफ्तार किया गया है, या फिर कांग्रेस सरकार को दोष देने के लिए उसे गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में हमें कुछ नहीं कहना है. दूध का दूध, पानी का पानी सामने आएगा. जहां तक हमारी बात है, हम सभी लोग इस मुद्दे पर चिंतित हैं. जितनी भी परीक्षाएं हो रही हैं, जैसे कि इंस्पेक्टर, सिपाही, पीएसी या यूपीएससी की, या छोटे-छोटे संस्थानों द्वारा ली जा रही परीक्षाएं, वे बिना किसी भय, बिना किसी संकोच और बिना किसी सिफारिश के होनी चाहिए. जो विद्यार्थी सही तरीके से पढ़ा लिखा है, उसे ही नौकरी मिलनी चाहिए.”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मण्डावी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।


बेलगाम रेत माफिया पर खनिज विभाग ने कसी लगाम, रेत का अवैध परिवहन कर रहे पांच वाहनों पर की कार्रवाई…
अभनपुर। बेलगाम रेत माफिया की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब रायपुर खनिज विभाग सक्रिय हुआ है. विभागीय टीम ने रेत का अवैध परिवहन कर रहे 5 वाहनों को नवापारा में पकड़कर कार्रवाई की है.
गरियाबंद और धमतरी जिले के रेत घाटों से अवैध तरीके से रेत लेकर प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन नवापारा शहर से गुजरकर रायपुर जाते हैं. दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इन वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग को लेकर नवापारावासी विभिन्न स्तरों पर आवाज उठा चुके हैं, लेकिन संबंधित खनिज विभाग इस दिशा में हमेशा की तरह कुंभकरणी नींद में सोया रहता है.
सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात रायपुर खनिज विभाग अचानक नींद से जागी, और रेत परिवहन कर जा रहे 5 भारी वाहनों को नवापारा में रोककर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें रेत का अवैध परिवहन करना पाया गया. इसके बाद सभी वाहनों के विरुद्ध प्रकरण कायम कर उन्हें थाना गोबरा नवापारा परिसर में खड़ा कराया गया है. यह कार्रवाई रायपुर खनिज विभाग के सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा के नेतृत्व में की गई है.

रेत ही नहीं मुरूम का भी अवैध कारोबार
यहां बताना जरूरी है कि केवल रेत ही नहीं बल्कि अभनपुर क्षेत्र में मुरूम का भी अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है. अभनपुर का एक मुरूम माफिया क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में, पंचायत प्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभाग के साथ सांठगांठ कर ग्राम गिरोला और ग्राम बेल्डीह में चौबीसों घंटे मुरूम का धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहा है. इन ग्रामों के मुरूम खनन स्थल पर जानलेवा गहराई वाले तालाब बन चुके हैं. रेत के अवैध परिवहन के बाद खनिज विभाग के अधिकारी शायद इस ओर ध्यान दें
मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उन्हें किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की 19 नवम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का साहसपूर्वक विरोध किया और जीवन के अंतिम क्षण तक हार नहीं मानी। रानी लक्ष्मी बाई ने अपनी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए प्राण तक न्यौछावर कर दिए। श्री साय ने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई का साहस और शौर्य आज भी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन, हाई कोर्ट जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास अध्यक्ष नियुक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने गृह विभाग के सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन किया है. हाई कोर्ट के सीटिंग जज नरेंद्र कुमार व्यास की अध्यक्षता में गठित बोर्ड में दो सेवानिवृत्त जज नवल किशोर अग्रवाल और विमला सिंह कपूर को सदस्य बनाया गया है. इस संबंध में छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है.


बस्तर प्रवास के दौरान जवानों का उत्साह बढ़ाने मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे सीआरपीएफ कैंप, जवानों के आग्रह पर कैंप में किया रात्रि विश्राम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीआरपीएफ के जवानों से कहा कि पिछले 11 महीनों के दौरान आप लोगों ने जिस तरह नक्सली आतंक को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। आप लोग परिवार से दूर रहकर और सुख-सुविधाओं को त्याग कर बस्तर के विकास में जो योगदान दे रहे हैं, उससे आप लोगों ने यहां के जनजातीय समुदायों के हृदय में अपने लिए हमेशा हमेशा के लिए जगह बना ली है। श्री साय बस्तर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सेडवा कैंप में जवानों को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अचानक सीआरपीएफ कैंप पहुंचने पर आश्चर्यमिश्रित खुशी के साथ ही जवानों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सुरक्षा बलों के जवानों से आत्मीयतापूर्वक संवाद करते हुए कहा कि जब मैं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में चित्रकोट आया था, तो मेरी बड़ी इच्छा थी कि मैं आप सब जवानों से मिलूं। पिछले 11 महीनों में छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर जो सफलता मिली है, उसमें आप सभी का अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान है। मैं आप सभी के साहस को नमन करता हूं। नक्सल अभियान में आप सभी को जो सफलता मिल रही है, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जब भी मेरी मुलाकात होती है तो वे नक्सल अभियान में छत्तीसगढ़ को मिल रही सफलता का जिक्र जरूर करते हैं। गृह मंत्री अमित शाह का नक्सल ऑपरेशन में सतत मार्गदर्शन और सहयोग मिलते रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में हमने नक्सलवाद को वर्ष 2026 तक समूल नष्ट करने का संकल्प लिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का भी यही संदेश है।
बस्तर में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने अल्प अवधि में ही 200 से ज्यादा नक्सलियों को ढेर कर दिया है। 740 से ज्यादा माओवादी कैडर्स ने आत्मसमर्पण कर दिया है। वे हिंसा त्याग कर लोकतंत्र की मुख्य धारा में शामिल हो गए हैं। शासन ने हिंसा का त्याग करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए ऐसी नीति बनाई है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे। सुरक्षा बल के जवानों द्वारा कैंप में रात्रि विश्राम करने के आग्रह पर उन्होंने कैंप में रात्रि विश्राम भी किया।


धान खरीदी केंद्र के कर्मचारी पर गिर सकती है गाज: खरीदी में गड़बड़ी का आरोप लगाकर किसानों ने किया था चक्काजाम
मुंगेली। धान खरीदी कार्य मे लापरवाही के चलते सेवा सहकारी समिति टेमरी के प्रभारी पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। दरअसल नवागढ़ मुख्यमार्ग पर किसानों ने आज धान खरीदी कार्य मे मनमानी और गड़बड़ी का आरोप लगते हुए चक्काजाम कर दिया। टेमरी धान उपार्जन केंद्र के किसानों का आरोप था कि 21 क्विंटल की जगह 16 क्विंटल धान समिति कर्मचारी के द्वारा खरीदा जा रहा है, वहीं किसानों ने यह भी शिकायत थी कि उपार्जन केंद्र में प्रति एकड़ 16 क्विंटल की दर से बारदाना भी दिया जा रहा है
बता दें कि किसानों के विरोध को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया। मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समिति कर्मचारी और किसानों के बीच गलतफहमी हो गई थी, जिसके चलते ऐसी स्थिति निर्मित हुईं थी। शासन की मंशाअनुरूप जिले में कलेक्टर के निर्देश पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी जा रही है। इधर इस मामले को कलेक्टर राहुल देव ने गंभीरता से लेते हुए सेवा सहकारी समिति के प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जिसके बाद सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त हितेश कुमार श्रीवास ने टेमरी सेवा सहकारी समिति के प्रभारी दाऊ सिंह परिहार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का संतोषप्रद जवाब नही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।

धान खरीदी में कोताही बर्दाश्त नही-कलेक्टर
कलेक्टर राहुल देव और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में धान खरीदी से संबंधित अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर राहुल देव ने ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में धान खरीदी होनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने टेमरी में प्रति एकड़ कम धान खरीदने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की ही खरीदी की जाएगी। उन्होंने बताया कि धान खरीदी की पूरी व्यवस्था की सुचारू रूप से निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कमांड सेंटर से हो रही मॉनिटरिंग, हेल्पलाईन नंबर जारी
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासनिक सक्रियता से जिले में धान खरीदी की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। धान खरीदी की व्यवस्था में पारदर्शिता एवं निगरानी के लिए जिला कलेक्टोरेट में कमांड सेंटर बनाया गया है। किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों के धान खरीदी संबंधी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 9406275534 एवं 8641002203 जारी किया गया है। किसान इन नम्बरों पर कॉल कर अपनी धान बेचने में आ रही समस्या को दर्ज करा सकते हैं।
जिले में अब तक धान खरीदी की स्थिति
गौरतलब है कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 640 किसानों से अब तक 29 हजार 56 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसमें 23 हजार 975.20 क्विंटल मोटा, 89.20 क्विंटल पतला और 04 हजार 991.60 क्विंटल सरना धान शामिल है। जिले के 66 सहकारी समितियों के 105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर धान उपार्जन केन्द्रों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके साथ ही अवैध धान खपाने वाले कोचियों-बिचौलियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
आदिवासी अँचलों में 77,292 घरों में बिजली पहुंचाने का कार्य प्रगति पर, मुख्यमंत्री ने योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के दिए निर्देश
रायपुर। आदिवासी अँचलों में बिजली से वंचित रह गए घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 3 अतिविशिष्ट योजनाओं के माध्यम से 77,292 घरों में बिजली पहुंचाने की कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा इस महती कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है जिसमें से 2 योजनाएं केंद्र सरकार की है तथा 1 योजना छत्तीसगढ़ शासन की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 426 करोड़ रुपए से अधिक लागत की इन योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्रता से करने के निर्देश दिए है। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष रोहित यादव ने तीनों योजनाओं की प्रगति की नियमित तौर पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की अति पिछड़ी 7 जनजातियों जिनमें अबुझमाड़िया, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरवा, कमार तथा बिरहोर शामिल हैं, इन 7 जनजातियों के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रिड से विद्युतीकृत गांवों के 7,077 घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 37 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1,087 बसाहटों में 363.24 किलोमीटर 11 के.वी. लाइन, 267 नग 25 के.वी.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफॉर्मर तथा 650 किलोमीटर से अधिक निम्नदाब लाइनें बिछाई जा रही है। पीएम जनमन के तहत अभी तक 4,500 घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है।
प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की घोषणा हाल ही में की गई है जिसके अंतर्गत 919 गांवों के 65,711 अविद्युतीकृत घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 323 करोड़ 63 लाख रुपए की कार्ययोजना को स्वीकृति मिली है। जिसके अंतर्गत 6,863 बसाहटों में 1889.56 किलोमीटर लाइनें, 25 के.वी.ए. क्षमता के 1950 वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाएंगे तथा 5,188 किलोमीटर से अधिक निम्नदाब लाइनें बिछाई जाएंगी।
आदिवासी बहुल गांवों में बिजली पहुंचाने में सबसे बड़ी समस्या वहां के सघन वन क्षेत्र होते हैं। घने जंगलों में बहुत से क्षेत्र पहुंच विहीन होती हैं। इसके अलावा बस्तर के सघन वन क्षेत्रों में विरासत में मिली नक्सलवाद की समस्या भी है जिसके समाधान की दिशा में राज्य सरकार द्वारा केंद्र की मदद से लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस मोर्चे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में बड़ी सफलताएं भी मिल रही हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सुरक्षाबलों की तैनाती केंद्र तथा राज्य शासन द्वारा की गई है। जिसके लिए सुरक्षा कैम्प बनाए गए है। सुरक्षा कैम्पों के समीप 5 किलोमीटर के दायरे में बहु-आयामी विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा नियद नेल्लानार योजना प्रांरभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत 24 सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर के दायरे में 96 गांवों में घरों को रोशन करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसमें ग्रिड से विद्युतीकृत 8 गांवों के 105 आवासों तथा ऑफग्रिड विद्युतीकृत 61 गांवों के 4,399 आवासों को ग्रिड से विद्युतीकृत करने की योजना प्रचलन में है। 61 करोड़ रुपए की लागत से इस योजना के अंतर्गत उपकेंद्रों, वितरण लाइनों की स्थापना की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत बीजापुर जिले के यथागुण्डम तथा चिन्तावागु गांवों का विद्युतीकरण किया गया है तथा 60 आवासों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष रोहित यादव के निर्देशानुसार इन तीनों योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाना है। एम.डी. डिस्ट्रीब्यूशन भीमसिंह कंवर द्वारा नियमित तौर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है।
सेंट्रल जेल से पैरोल पर बाहर गए 70 बंदी नहीं लौटे वापस: हाईकोर्ट में हुई मामले की सुनवाई, DGP जेल से मांगी लेटेस्ट रिपोर्ट
बिलासपुर। हाईकोर्ट में पैरोल पर गए कैदियों की वापसी न होने के मामले में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डबल बेंच ने इस मुद्दे पर सख्ती दिखाई। सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के 30 सितंबर 2024 के आदेश का पालन किया गया है। मुख्य न्यायाधीश ने डीजीपी जेल से ताजा रिपोर्ट शपथ पत्र के जरिए पेश करने को कहा है।
बता दें कि आज सुनवाई के दौरान डीजीपी जेल ने शपथ पत्र के माध्यम से बताया कि 83 कैदी पैरोल पर गए थे। इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 3 की मौत हो चुकी है। शेष 70 कैदी अब भी लापता हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर डीजीपी जेल ने 23 अक्टूबर 2024 को सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया था कि रोजाना रिपोर्ट दी जाए।
मुख्य न्यायाधीश ने डीजीपी जेल से ताजा शपथ पत्र के जरिए रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर 2024 को होगी।
प्रदेश में स्कूलों के पास तंबाकू उत्पाद बिकने पर हाईकोर्ट सख्त: मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र में मांगा जवाब
बिलासपुर। प्रदेश में स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है, कोर्ट ने राज्य सरकार की तरफ से मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि बच्चे ड्रग एडिक्ट हो जाएंगे तो क्या होगा ? उन्होंने पूछा, कि कोटपा कानून है तो उसका पालन होना चाहिए कि नहीं ?
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, मीडिया में आई खबरों को लेकर से पता चला है कि बिलासपुर में सरकारी और निजी स्कूलों के पास सड़क के स्टॉल पर तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इन रिपोर्टों ने बताया कि कैसे इस तरह की गतिविधियाँ स्कूलों के आसपास के वातावरण को खराब कर रही हैं और छात्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव हो है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों से जवाब मांगा। महाधिवक्ता ने सोमवार की सुनवाई में शासन का पक्ष रखते हुए शपथ पत्र में जानकारी दी कि 15 नवंबर 2024 के आदेश का परिपालन करते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर पेनल्टी समेत अन्य कार्रवाई की गई है और गंभीरता से कोटपा कानून का पालन कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने इस पूरे मामले में मुख्य सचिव और बिलासपुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है। इस मामले में अब 5 दिसंबर को सुनवाई होगी।
सीएम साय ने कहा – द साबरमती रिपोर्ट जैसी फिल्म इतिहास के भयावह सच को सामने लाएगा…
रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की सराहना की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, द साबरमती रिपोर्ट जैसी फिल्म इतिहास के उस भयावह सच को सामने लाने के सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए, जिस सच को देश की जनता से हमेशा छुपाने का कुत्सित प्रयास किया गया. इतिहास सबक देता है और उत्तम भविष्य निर्माण का प्रवर्तक बनता है.

धीरज सरना द्वारा निर्देशित और विक्रांत मैसी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म द साबरमती रिपोर्ट ने अपने शुरुआती सप्ताहांत में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया. 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाने की दुखद घटना पर आधारित इस फिल्म में रिद्धि डोगरा और राशि खन्ना भी हैं. यह फिल्म 27 फरवरी, 2002 को गोधरा स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के एस6 कोच में आगजनी की घटना पर आधारित है, जिसमें अयोध्या से लौट रहे कम से कम 59 श्रद्धालु मारे गए थे. इस घटना के कारण गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे. उस समय पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
धान खरीदी की मात्रा में कटौती की फैली अफवाह: कलेक्टर ने दिया स्पष्टीकरण, कहा-
गरियाबंद। खरीदी की तीसरे दिन आज देवभोग अमलीदर तहसील क्षेत्र के खरीदी केन्द्र में किसानों के बीच खरीदी की मात्रा कटौती की चर्चा होती रही। कुछ जगह पर तो किसानो ने आक्रोश तक दिखा दिया, हालांकि यह केवल अफवाह थी। जिनका टोकन कटा था, वो तय मात्रा के आधार पर धान का विक्रय कर रहे थे। जिन्हें टोकन कटाना था वे ऑनलाइन टोकन भी निर्धारित 21 क्विंटल के आधार पर कटाते रहे। बावजूद इसके मात्रा में कटौती की चर्चा दिन भर होती रही। इस बीच कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने इसे अफवाह बताते हुए, इसपर घ्यान न देने की बात कही है।
कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि मात्रा कटौती की खबर अफवाह है और ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। शासन द्वारा तय खरीदी नीति के आधार पर ही धान की खरीदी होगी। प्रति एकड़ तय मात्रा अधिकतम 21 क्विंटल के माप से ही खरीदी की जाएगी।
इसलिए बनी अफवाह की स्थिति
दरअसल, बोगस खरीदी रोकने प्रशासन लगातार कसावट ला रही है। इसी बीच प्रत्येक खरीदी केंद्र को उस क्षेत्र की अनावरी रिपोर्ट भेज दी गई। यह ऑफ लाइन के अलावा एनआईसी में अपलोड भी किया गया। इसके साथ ही पैदावारी के अनुपात में ज्यादा मात्रा बेचने वाले की लिस्ट भी बनाई गई, ताकि जहां संदेह के आधार पर उसका समय रहते सत्यापन किया जा सके।
इस बार सप्ताह भर पहले टोकन कटाने का प्रावधान
आपको बता दे कि धान खरीदी के लिए इस बार टोकन सप्ताह भर पहले कटाने का प्रावधान किया गया है, ताकि बोगस बिक्री या खरीदी के प्रयास का समय रहते निरीक्षण परीक्षण कर उसका निराकरण किया जा सके।
अब तक 6000 से ज्यादा बोरा धान जप्त, 2 दर्जन वाहन भी
गौरलतलब है कि जिला प्रशासन खरीदी के दरम्यान किसानों को सहूलियत देने की दिशा में प्रयास कर रही है, ताकि उत्पादित धान का एक-एक दाना सहूलियत से बेच सके। इसके अलावा आयातित धान पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को देवभोग तहसील में 2 पिकअप के अलावा 1200 बोरा धान जब्त किया गया है। वहीं जिले में अब तक की कार्रवाई की बात करें तो 6000 बोरा धान और अवैध परिवहन में लगे डेढ़ दर्जन वाहनों को भी जब्त किया गया है।
रायपुर नगर निगम के कर्मचारियों ने बनाई कार्यकारी कर्मचारी समिति, समस्याओं को लेकर जल्द महापौर और आयुक्त को सौंपेंगे ज्ञापन
रायपुर। आज नगर पालिका निगम रायपुर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शीघ्र नगर निगम रायपुर में विधिवत कर्मचारी महासंघ का निर्वाचन एवं गठन करने निगम कर्मचारी कार्यकारी समिति का गठन किया है. यह कार्यकारी समिति शीघ्र नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं को लेकर नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे, आयुक्त अबिनाश मिश्रा से मिलेगी एवं उन्हें मांग पत्र एवं ज्ञापन देकर शीघ्र समाधान करवाने अनुरोध करेगी.
आज लगभग 400 निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में सहमति से गठित निगम कर्मचारी कार्यकारी समिति में कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद जाधव, कार्यकारी संरक्षकअरुण दुबे, सुरेन्द्र दुबे, कार्यकारी महामंत्री आशुतोष सिंह, कार्यकारी उपाध्यक्ष मोहित कुमार, श्याम सोनी, कार्यकारी महिला उपाध्यक्ष रुचिका मिश्रा, नलिनी साहू, स्वाती साहू जोन 1 में कार्यकारी प्रभारी इस्माइल खान, जोन 2 में राजश्री श्रीवास, जोन 3 में मोहिब खान, जोन 4 में जितेन्द्र निहाल, जोन 5 में आनंद ताम्रकार, जोन 6 में पुरुषोत्तम यदु, जोन 7 में बमशंकर गुप्ता, जोन 8 में चंदन रगड़े, जोन 9 में विजय शर्मा, जोन 10 में महादेव रक्सेल जोन कार्यकारी प्रभारी बनाए गए हैं.
निगम के सभी विभागों के कर्मचारियों को कर्मचारी कार्यकारी समिति में प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है. कर्मचारी कार्यकारी समिति शीघ्र नगर निगम रायपुर में कर्मचारी महासंघ का विधिवत गठन एवं निर्वाचन करवाने आवश्यक कार्यवाही करेगी. शीघ्र निर्वाचन करवाने सहमति व्यक्त की गई है.