प्रदेश
स्पेशल टीचर्स की नियुक्ति पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, कोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
बिलासपुर। प्रदेश के स्कूलों में स्पेशल टीचर्स की भर्ती मामले में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से इस संबंध में कोई आदेश आता है, तो इसकी जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता दोबारा यहां आए, फिर मामले में सुनवाई की जाएगी.
बता दें कि स्कूलों में विशेष शिक्षकों की भर्ती पर आरसीआई ट्रेंड टीचर्स एसोसिएशन की जनहित याचिका लगाई थी, मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने हाईकोर्ट को जानकारी दी थी कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. जिस पर हाईकोर्ट की डीविजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने कहा है. मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी.
आरसीआई ट्रेंड टीचर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. जिसमें कहा गया है, कि प्रदेश के स्कूलों में राज्य सरकार स्पेशल एजुकेटर नियुक्त नहीं कर रही है. 60 हजार से ज्यादा विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रदेश में 2021 तक सिर्फ़ 888 विशेष शिक्षक ही थे. सरकारी आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में दो हजार से ज्यादा शिक्षकों की जरुरत है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया, कि यही मामला सुप्रीम कोर्ट दायर किया गया है. जिसमें सभी राज्य सरकारों को स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर नियुक्त करने का निर्देश जारी किया था. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो साल पहले देशभर के राज्य सरकारों को स्पेशल एजुकेटर टीचर्स रखने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अब तक राज्य सरकार द्वारा स्पेशल टीचर्स की भर्ती नहीं की गई है. जिससे स्पेशल बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है.
ज्ञात हो, कि आरटीई एक्ट में प्रावधान है कि पहली से आठवीं कक्षा की पढ़ाई के लिए 10 बच्चों के पीछे एक स्पेशल टीचर्स की नियुक्ति होगी. जो कराएंंगे. वहीं कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक 15 बच्चों के पीछे एक स्पेशल टीचर्स की नियुक्ति अनिवार्य है.
डॉ. पामभोई को संचालक महामारी नियंत्रक का प्रभार, आदेश जारी
रायपुर। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संचालनालय के संयुक्त संचालक डॉ. एसके पामभोई को संचालक महामारी नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. इसका आदेश आज लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव मुकेश चौहान ने जारी किया.
देखें आदेश-

छत्तीसगढ़ में सरकारी डॉक्टरों के निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस पर लगा प्रतिबंध, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी डॉक्टर अब निजी अस्पतालों या नर्सिंग होम में जाकर प्रेक्टिस नहीं कर पाएंगे। छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इसके संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, सरकारी डॉक्टरों को केवल कर्तव्य की अवधि के बाहर प्रेक्टिस करने की अनुमति है, लेकिन वे किसी भी निजी अस्पताल या प्राइवेट क्लीनिक में जाकर यह प्रेक्टिस नहीं कर सकते। इस आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
देखें आदेश –

कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ हल्लाबोल, ईडी दफ्तर का किया घेराव, पुलिस के साथ झूमाझटकी
दोपहर 12 बजे कांग्रेसी पचपेड़ीनाका मार्ग में पुजारी पार्क के पास इकट्ठा हुए. इसी मार्ग पर ही ईडी का कार्यालय है. कार्यालय से करीब 2 सौ मीटर दूर ही कांग्रेसियों को प्रशासन ने धरना की अनुमति दी थी. 12 से लेकर 2.30 बजे तक कांग्रेसियों ने धरना दिया और नुक्कड़ सभा को वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया है.
धरना और संबोधन के बाद कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए ईडी दफ्तर का घेराव करने निकले. इस घेराव में युवाओं का जोश भी दिख रहा था और वरिष्ठ नेताओं का अनुभव भी. क्योंकि युवा नेताओं के साथ दीपक बैज, भूपेश बघेल और डॉ. चरणदास महंत भी शामिल थे. न सिर्फ घेराव के निकले, बल्कि बैरिकेटिंग तोड़ने पुलिस से भी जा भिड़े.

करीब 1 घंटे तक पुलिस और कांग्रेसियों के बीच बहस, धक्का-मुक्की, झूमाझटकी और हंगामा चलता रहा. बड़े नेताओं की मौजूदगी से जोश में दिख रहे युवा कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं को कंधे पर उठा लिया. भूपेश बघेल, दीपक बैज और विकास उपाध्याय कार्यकर्ताओं के कंधे पर सवार होकर केंद्र सरकार को ललकारते दिखें. झूमाझटकी और हंगामे के बीच पुलिसवालों का घेरा तोड़कर कई कांग्रेसी दूसरी बेरिकेटिंग तक जा पहुंचे थे. काफी देर बाद कांग्रेसियों का प्रदर्शन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त हुआ.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा ईडी ने देश भर में 5 हजार 422 केस दर्ज किया है. इसमें 300 केस छोड़ दे तो बाकी सभी केस विपक्ष के नेताओं पर दर्ज हैं. विपक्षियों को डरा धमकाकर भाजपा में शामिल कराने का केंद्र सरकार करती है. भाजपा की केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. ईडी, सीबीआई, आईटी से कांग्रेसी डरने वाले नहीं हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से सबसे बड़ा खुलासा हुआ. कांग्रेस संविधान को बचाने, जनता को जगाने और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ती रहेगी.
नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी ने जेपीसी की मांग की है. जेपीसी से जांच कराने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. मेरा तो यह सीधा आरोप है कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के साथ मिलकर देश को बेचना चाहती है. मोदी सरकार की नीति पूरी तरह पूंजीपतियों की नीति है. कांग्रेस ऐसी नीतियों के खिलाफ लड़ती रहेगी.
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि दो महीने के भीतर ही मोदी सरकार चार यूटर्न मार चुकी है. क्योंकि सिर्फ मोदी की नहीं देश में एनडीए की सरकार है. मोदी सरकार विपक्ष को दबाकर अब काम नहीं कर पाएगी. संविधान अनुसार शासन व्यवस्था चलेगी और विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए हर मोर्चें पर लड़ाई के लिए तैयार है. पूंजीपतियों की नीति पर चलने वाली मोदी सरकार को लेकर बड़ा खुलासा हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से हो चुका है. सवालों के घेरे में अब सेबी जैसी संस्था है. सेबी चीफ को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए थे. विपक्ष की मांग जेपीसी जांच की है. लेकिन केंद्र सरकार इसके लिए तैयार नहीं है.
रायपुर के दही हांडी मैदान में 27 अगस्त को मटकी फोड़ प्रतियोगिता, विजेता को मिलेंगे 7.50 लाख
रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित दही हांडी मैदान में 27 अगस्त को मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस बार विजेता टीम को साढ़े 7 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।
इस आयोजन में फेमस शिव भजन गायक हंसराज रधुवंशी और छत्तीसगढ़ की लोक गायिका गरिमा और स्वर्णा दिवाकर परफॉर्मेंस देंगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई नेता शामिल हो सकते हैं। सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति कि ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों से भी शामिल होते है प्रतिभागी
हर साल आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्य झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्यप्रदेश से भी गोविंदाओं की टोली हिस्सा लेने पहुंचती है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है।
पिछले साल था साढ़े 5 लाख रुपए का इनाम
पिछले साल आयोजित इस दही हांडी कार्यक्रम में विजेता को साढ़े 5 लाख रुपए का इनाम दिया गया था। इस आयोजन में आयोजन में 25 से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया था। इस साल आयोजन समिति ने 2 लाख रुपए इनाम की राशि बढ़ाई है। विजेता टीम को साढ़े 7 लाख रुपए देने का ऐलान किया है।
महिलाओं की टोलियां भी लेगी भाग
मटकी फोड़ के आयोजन में महिलाओं का ग्रुप भी हिस्सा लेगा। आयोजन में दही हांडी के साथ ग्रीस खंबा प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। दोनों प्रतियोगिता जीतने वाली टीम को 7 लाख 51 हजार रुपए की इनाम दिया जाएगा।
सभी प्रतिभागियों को मिलेगा 11 हजार का पुरस्कार
सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीम को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। सभी टीमों को 11-11 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। आयोजन समिति ने बताया कि सुरक्षा के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। फर्स्ट एड की भी व्यवस्था की गई है। लेकिन समिति ने ये साफ किया है कि किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी टीमों की स्वयं की होगी।
वंदना ने महतारी वंदन से मिले पैसों से बेटे के लिए खरीदा सोने का लॉकेट, विष्णु के सुशासन से महिलाएं हो रहीं सशक्त
रायपुर। कोरबा जिला के ग्राम कोरकोमा की वंदना राठिया की इच्छा थी कि वे अपने बेटे के गले में सोने का छोटा सा ही सही एक लॉकेट जरूर पहनाएं, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वह अपनी इच्छा पूरी ही नहीं कर पा रही थी। वंदना ने कुछ रूपए बचत कर जोड़े जरूर थे, लेकिन वह इतनी राशि नहीं थी कि उससे उसका लॉकेट आ जाए। इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जब महतारी वंदन योजना लागू की गई तो वंदना की मानों किस्मत खुल गई। अपना नाम जोड़वाने के बाद वंदना के बैंक खाते में भी एक हजार की राशि प्राप्त होने लगी। उन्होंने कुछ महीनों की राशि को जमा कर इतने रूपये जोड़ लिए कि बच्चे के गले का लॉकेट आ जाए। आखिरकार वंदना ने गांव के बाजार में जाकर सुनार से लॉकेट बनवाकर अपने बच्चे के गले में पहनाई। श्रीमती राठिया ने बताया कि महतारी वंदन योजना के लागू होने से हम महिलाओं को हर महीने एक हजार रूपये मिल जाता है। यह हमारे बहुत काम की राशि होती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक हजार की रकम बड़ी राशि होती है। उन्होंने बताया कि पति की कमाई से घर का खर्च चल पाता है। कोरकोमा के साप्ताहिक बाजार में अपने बच्चे के लिए लॉकेट खरीदने आई वंदना राठिया ने योजना को लेकर खुशी जताई और इस राशि का आने वाले समय में सदुपयोग करने की बात कही। महतारी वंदन योजना के तहत राज्य में विवाहित महिलाओं को 1,000 रुपए प्रतिमाह (कुल 12,000 रुपए सालाना) वित्तीय सहायता दी जा रही है, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जा रही है। महिलाएं खुश है कि वो महतारी वंदन योजना से मिली राशि से अपने बच्चों और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर पा रहीं हैं।
गौरतलब है कि महिलाओं के स्वाभिमान और सम्मान के प्रतीक के रूप में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की है। इससे महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जगा है और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।
फिर गिर गया सरकारी स्कूल के छत का प्लास्टर, बाल-बाल बचे बच्चे, सरपंच ने कहा – घटना के बाद भी सोया हुआ है प्रशासन
बालोद। जिले में एक बार फिर स्कूल के छत का पलास्टर गिरने का मामला सामने आया है. इस बार मामला आदिवासी विकासखण्ड डौंडी के ग्राम भर्रीटोला 36 हायर सेकेंडरी स्कूल का है. यहां का स्कूल भवन काफी जर्जर हो गया है. इस स्कूल में 9वीं से 12वीं तक 350 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. यहां कक्षा 12वीं के क्लास रूम के छत का पलास्टर भरभरा कर गिर गया. गनीमत रहा कि उस वक्त क्लास में कोई नहीं था वरना जनहानि भी हो सकती थी.
बताया जा रहा कि बुधवार को भारत बंद के आह्वान पर स्कूल को भी संगठन के लोग बंद करवाने स्कूल गए थे और स्कूल की छुट्टी करवाई थी. स्कूल की छुट्टी होने के ठीक 5 मिनट बाद ही स्कूल भवन का प्लास्ट गिर गया, जिससे बच्चे बाल बाल बच गए. पूरे मामले में सरपंच अनिता पौषार्य ने बताया कि उनके द्वारा कई बार डीईओ, कलेक्टर, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक एवं समय समय पर विभिन्न अधिकारी और जन प्रतिनिधियों को जर्जर भवन के बारे में चिट्ठी देकर बार-बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन सिस्टम ही इतना घटिया है कि आज भी स्कूल जर्जर है. नतीजा स्कूल के छत का पलास्टर गिर गया. अब इस घटना के बाद प्रशासन की नींद खुले तो खुले.
डीईओ ने छोटे कर्मचारी पर फोड़ा घटना की ठीकरा
कल ही कोरगुडा प्राथमिक स्कूल की छत का पलास्टर बच्चों पर गिरा था, जिससे 4 बच्चे गम्भीर रूप से घायल हो गए थे. बच्चों को आनन फानन में जिला अस्पताल लाकर इलाज करवाया गया था. मामले में डीईओ ने दोषी करार देते हुए छोटे कर्मचारियों यानी स्कूल के प्रधानपाठक और संकुल समन्वयक पर पूरे घटना का ठीकरा फोड़ सस्पेंड कर अपने जिम्म्मेदारी से इतिश्री कर ली थी. वहीं इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास मार्कले से उनका वर्जन लेने फोन पर लगातार संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब ही नहीं दिया.
जनता की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से करें : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन
रायपुर। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कोण्डागांव जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। सभी अधिकारी जिले के समग्र विकास के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैठक में जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, विद्युत व्यवस्था, कृषि, खनिज, वन और शहरी विकास सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि केशकाल घाट सड़क के मरम्मत कार्य जल्द कराएं ताकि आम लोगों की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत आम नागरिकों को जल प्रदाय योजना से नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रगतिरत योजनाओं को शीघ्रता से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उद्योग मंत्री ने कहा कि किसानों और अन्य नागरिकों को बिना किसी बाधा के नियमित रूप से बिजली मिलती रहे। प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवास निर्माण कार्य की प्रगति समीक्षा में निर्माणाधीन आवासों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सांसद बस्तर महेश कश्यप ने निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तकनीकी मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वहीं विधायक कोंडागांव लता उसेण्डी ने जल जीवन मिशन के कार्यों को जल्द पूर्ण किये जाने कहा। इस दौरान विधायक केशकाल नीलकंठ टेकाम ने नगरीय निकायों के अंतर्गत स्थापित सोलर लाइटों की मरम्मत पर जोर दिया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बैठक में जिले के विकास कार्यों एवं जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी देते बताया कि जिले के कोंडागांव ब्लॉक के 77 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत सफलतापूर्वक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। मिशन के तहत जिले में 1,26,713 नल कनेक्शन का लक्ष्य रखा गया है,जिसमें से अब तक 98,427 कनेक्शन पूरे किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 15,994 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 11,523 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
बैठक के दौरान खनिज न्यास निधि के कार्यों सहित एक पेड़ मां के नाम, महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं तथा नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के परिसीमन और शहरी आवास के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
नव भारत उत्सव में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया युवाओं से सीधा संवाद दिया सफलता का मूलमंत्र
राजनीति में पद नहीं संबंध महत्वपूर्ण होते हैं : बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। रायपुर सांसद ने गुरुवार को युवाओं को राजनीति में सफल होने का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि, राजनीति में पद तो बहुत लोगों को मिल जाता है लेकिन सफल और लोकप्रिय नेता केवल वही नेता होते हैं जिनके सबसे जीवंत संपर्क होते हैं, चाहे आप सत्ता में हो या न हो। कार्यकर्ता एवं अपने क्षेत्र की जनता के हर सुख-दुःख में साथ देने वाला व्यक्ति ही सफल नेता बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 10 वर्ष पूर्ण होने पर एनआईटी रायपुर में नया भारत उत्सव में मुख्य अतिथि बृजमोहन अग्रवाल ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर ‘विकसित भारत की अमृत यात्रा’ पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 वर्षों के कार्यकाल में भारत ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे एक नए और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है। इन वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य सेवाएं, और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वच्छ भारत अभियान’, ‘आयुष्मान भारत’, और ‘जन धन योजना’ जैसी योजनाओं ने देश के हर वर्ग को सशक्त बनाने का कार्य किया है।
देश की सुरक्षा, विकास, और समावेशी विकास के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। 10 वर्षों में, भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो देश को एक नए और उज्जवल भविष्य की ओर ले जा रहे हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने बृजमोहन अग्रवाल से उनके राजनीति और पारिवारिक जीवन पर भी सवाल किए। युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि चाहे राजनीति हो या कोई दूसरे क्षेत्र, आपको सफल होने के लिए कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास करते रहने की जरूरत है। कोई भी सफलता रातों-रात नहीं मिलती; इसके पीछे लंबे समय तक की गई मेहनत, असफलताओं से सीखा गया अनुभव, और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास होता है।
सफलता की राह में चुनौतियाँ और बाधाएँ आना स्वाभाविक हैं, लेकिन इन्हें पार करने का साहस और दृढ़ निश्चय ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करता है। बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी बताया कि, पहले उन्हें फिल्म देखना काफी पसंद है, लेकिन समय की कमी के कारण अब फिल्म नहीं देख पाते, उन्होंने आखिरी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरला स्टोरी’ देखी थी। स्मिता पाटिल उनकी उनकी पसंदीदा अभिनेत्री थी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मोदी सरकार की योजनाओं पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मानित किया।
इस अवसर पर विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन ने नया भारत उत्सव की जानकारी दी। कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी ने युवा संवाद के संबंध में अपने विचार रखे ।
कार्यक्रम में एनआईटी निदेशक डॉ. रमन्ना राव, आईआईटी डॉ.राजीव प्रकाश, पंडित रविशंकर शुक्ला विश्व विद्यालय, कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला, छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एस के शुक्ला और पेट्रोलियम मंत्रालय के निदेशक दीपक महस्के, विभिन्न सरकारी और निजी उपक्रमों के अधिकारी, बड़ी संख्या में युवा और गणमान्यजन उपस्थित रहे।







गौ तस्करी पर जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 431 पशुओं का किया रेस्क्यू, गृह मंत्री शर्मा बोले- गौवंश की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन शंखनाद की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत जशपुर जिले के रास्ते से झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक की गौवंश तस्करी को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस ऑपरेशन में अब तक 13 पिकअप वाहनों को राजसात किया गया है, जिनकी कुल कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. यह पहली बार है जब प्रदेश में मवेशी तस्करी के वाहनों को राजसात किया गया है. कलेक्टर रवि मित्तल ने इन वाहनों को राजसात करने के आदेश जारी किया है.

गौवंश तस्करी में 36 प्रकरणों में 43 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जनवरी 2024 से अब तक गौ-तस्करों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाकर कुल 36 प्रकरणों में 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर 431 गौवंशों को तस्करी होने से बचाया गया. गौ तस्कर तस्करी करने में पीकअप वाहन और ट्रक का प्रयोग करते है. इस दौरान लगातार पुलिस कार्रवाई में तस्करों से कुल 26 वाहन को जब्त किया गया है. जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपये है. जब्त किये गए वाहनों में अधिकतर वाहन झारखंड के हैं.

7 अगस्त 2024 को पुलिस अधीक्षक, अति. पुलिस अधीक्षक और 125 अधिकारियों की टीम ने सांईटांगरटोली में ऑपरेशन चलाया. इस दौरान 10 तस्कर गिरफ्तार किए गए और 67 गौवंशों को मुक्त कराया गया. एसपी ने जशपुर के द्वारा समस्त थाना और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस प्रकार के अवैध गतिविधि में सम्मिलित व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई करें और उक्त कार्य में लगे व्यक्त्यिों के विरूद्ध निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी.
गौवंश की रक्षा के लिए सरकार ने किए हैं कड़े प्रावधान – विजय शर्मा
गौवंश तस्करी में पुलिस की इस कार्रवाई पर डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने सराहना की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा छत्तीसगढ़ में पशु तस्करी और क्रूरता नहीं चलेगी”. अकेले जशपुर जिले में पशु तस्करी के 10 प्रकरणों में 13 वाहन का राजसात. गौवंश की रक्षा के लिए विष्णुदेव सरकार ने कड़े प्रावधान किए हैं.

रायपुरवासियों के लिए खुशखबरी : राजधानी में शुरू होगी लाइट मेट्रो ट्रेन की सुविधा, मास्को के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और महापौर ढेबर के बीच हुआ MOU साइन
रायपुर। राजधानीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जल्द ही यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी. रायपुर में लाइट मेट्रो ट्रेन जैसी आधुनिक सुविधा शुरू की जाएगी. इसके लिए मास्को के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और महापौर एजाज ढेबर के बीच एमओयू साइन हुआ है.
रायपुर के महापौर एजाज ढेबर रशिया के मास्को शहर में चल रहे इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इस आयोजन के फलित परिणाम के बारे में जानकारी देते हुए महापौर ने कहा, लगातार 2022 से 2024 तक मास्को में हुए इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट में शामिल होकर रायपुर के विकास के विषय में लगातार प्रयास करता रहा हूं, जिसका परिणाम आज मिला है.
महापौर ढेबर ने कहा, 15 देशों के साथ हुए लाइट मेट्रो ट्रेन ज्वाइंट वेंचर ओएमयू में हमारे देश से रायपुर शहर एक है. इस संधि से पूरे देश और खासकर रायपुर को यह जानकारी देते हुए बहुत खुशी हो रही है कि अब रायपुर में भी लाइट मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलने वाली है. इसके लिए मास्को के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर के साथ ओएमयू साइन किया गया है. जल्द ही उनकी टीम रायपुर पहुंचकर आवश्यक रिपोर्ट एवं सर्वे तैयार करेगी.
ज्ञान के स्रोत पुस्तकालय को समाज का अभिन्न हिस्सा बनाएं- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, स्वचालन, नेटवर्किंग, डिजिटलीकरण, ग्रीन लाइब्रेरी और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पुस्तकालय के महत्व जैसे विषयों पर चिंतन और विचार विमर्श जरूरी है। इससे पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और समसामयिक शिक्षा प्रणाली में उनकी उपयोगिता बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त होगा। सूचना प्रौद्योगिकी के कारण बदलते परिवेश में पुस्तकालय समाज में ज्ञान के स्रोत की भूमिका निरंतर निभाते रहें, इसके लिए जरूरी है कि हम सभी पुस्तकालयों को समाज का अभिन्न हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा "बदलते शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में लाइब्रेरी की भूमिका और चुनौतियां" विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस के शुभारंभ सत्र को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
बैंक धन का और पुस्तकालय ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करते हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तकालय मानव इतिहास की बड़ी संपदा है। पुस्तकालय ज्ञान का संरक्षण, संवर्धन और प्रसार ठीक उसी तरह से करते हैं, जैसे बैंक समाज और राष्ट्र की धन संपदा के संरक्षण और संवर्धन की भूमिका निभाते हैं। भारतीय इतिहास में पुस्तकालयों का विशेष महत्व रहा है। नालंदा, विक्रमशिला, तक्षशिला के पुस्तकालय विद्या के केन्द्र और ज्ञान के भंडार थे, दुर्भाग्यवश यह महान केन्द्र विदेशी आक्रांताओं के निशाना बनें। उज्जैन धर्म, आध्यात्म एवं ज्ञान-विज्ञान का संगम रहा है। बाबा महाकाल, काल गणना के केन्द्र बिन्दु में विराजित हैं और उज्जैन का सांदीपनी आश्रम भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का गुरूकुल रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार से शोध अनुसंधान और अध्ययन की गतिविधियां जारी हैं, निश्चित ही उज्जैन भविष्य का ग्रीनविच बनकर भारत का गौरव बढ़ाता रहेगा।
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षण देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित उज्जैन का विक्रम विश्वविद्यालय पुस्तकालय विज्ञान में प्रशिक्षण देने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय था। उज्जैन का सिंधिया ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट अपने विशाल और दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संग्रह के लिए जाना जाता है। भारत में पुस्तकालय विज्ञान के पितामाह पद्मश्री डॉ. रंगनाथन इस विश्वविद्यालय के पहले विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके हैं। मध्यप्रदेश में पुस्तकालय विज्ञान का शिक्षा आरंभ करने का श्रेय डॉ. रंगनाथन को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगोष्ठी में भाग ले रहे सभी विषय-विशेषज्ञों, छात्रों आदि को संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रदेश के 19 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, सभी संभागों में भारी बारिश की संभावना
इन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी:
बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, जीपीएम, केसीजी, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, एमसीबी, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, मुंगेली, रायपुर, राजनांदगांव और सूरजपुर में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
24 अगस्त से बढ़ेगी मानसूनी गतिविधियां
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में नया सिस्टम बन रहा है, जिसकी चलते 24 अगस्त से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है.
बीते दिन ऐसा रहा प्रदेश का मौसम
राजधानी रायपुर में दिनभर धूप की चुभन महसूस होने के बाद शाम से शुरू हुई बारिश ने लोगों को ठंडक पहुंचाई. कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. हालांकि प्रदेश में बीते दिन मानसून गतिविधियां सामान्य से कम रही. सबसे अधिक बारिश बिलासपुर के रतनपुर में 8 से.मी. दर्ज की गई.
ऐसा रहा प्रदेश का तापमान
प्रदेश में बुधवार को दिन का सर्वाधिक तापमान राजधानी रायपुर में 35 डिग्री सेल्सियल और रात का न्यूनतम तापमान नारायणपुर में 21.3 डिग्री सेल्सियल दर्ज की गई.
ED दफ्तर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन: मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले- कांग्रेस को देश की संस्थाओं पर विश्वास नहीं
रायपुर। ईडी के दुरूपयोग और विपक्ष के नेताओं को फंसाने के षड्यंत्र के विरोध में आज कांग्रेस ईडी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इस देश में संविधान और कानून सबके लिए बराबर है. कोई भी कितना भी शक्तिशाली व्यक्ति क्यों न हो जांच होती है और कार्रवाई भी होती है. कांग्रेस को देश की संस्थाओं पर विश्वास ही नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अन्य मुद्दों पर भी जवाब दिया.
कांग्रेस के प्रदर्शन पर मंत्री श्याम बिहारी का पलटवार
कांग्रेस आज ईडी दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी इसपर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि इस देश में संविधान और कानून सबके लिए बराबर है. कोई भी कितना भी शक्तिशाली व्यक्ति क्यों न हो मामले की जांच होती है और कार्रवाई भी निश्चित रूप से होती है. ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है जो भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है. पुलिस भी अपना काम करती है. कांग्रेस को देश की संस्थाओं पर विश्वास ही नहीं है.
कांग्रेस हमेशा करती है प्रेशर पॉलिटिक्स
विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस 24 अगस्त को करेगी प्रदर्शन इसपर मंत्री जायसवाल ने कहा कि बलौदाबाजार घटना के जो वीडियो और फुटेज सामने आए हैं. उसमें सभी ने देखा कि किस तरह से कांग्रेस के लोगों ने भड़काऊ भाषण दिया और बयानबाजी की, जिसके बाद इतनी बड़ी घटना छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार घटी. कांग्रेस को प्रेशर पॉलिटिक्स न करके इस पर सहयोग करना चाहिए. प्रेशर पॉलिटिक्स कांग्रेस हमेशा से करती आई है जो आगे चलके देश और समाज के लिए नुक़सान देह होगा. गुरु घासीदास की धरती पर ऐसी घटना प्रदेश के सम्मान को घटाने वाला है. प्रदेश की जनता हमारी सरकार से खुश है. कांग्रेस मुद्दा विहीन पार्टी है सिर्फ धरना और विरोध प्रदर्शन कर अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करती है.
रायगढ़ सामूहिक दुष्कर्म मामले पर मंत्री जायसवाल का बयान
रायगढ़ में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर कांग्रेस ने गठित की जांच समिति पर मंत्री श्याम बिहारी ने कहा कि प्रदेश में कोई भी आपराधिक कानून की नजर से नहीं बचेगा. अपराधियों की गिरफ्तारी तत्काल और कठोर कार्रवाई कर होती है. कांग्रेस विपक्ष में है उनको अधिकार है यह विरोध प्रदर्शन कर सकती है लेकिन यह कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में कोई भी आपराधिक तत्व हमारे माता और बहनों के खिलाफ बुरी दृष्टि रखेगा तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में काम चल रहा है. अपराधियों के हौसले पस्त है. कांग्रेस मुद्दा विहीन पार्टी है, वो किस दिशा में जा रहे उन्हें ही नहीं पता, ऐसे विषयों में राजनीति नहीं करनी चाहिए.
छत्तीसगढ़ से अमित शाह का विशेष स्नेह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर मंत्री जायसवाल ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का दौरा समय-समय पर विभिन्न राज्यों में होता है. छत्तीसगढ़ से विशेष स्नेह उनका है, उनका यहां स्वागत है. प्रदेश में विगत 7 महीना में नक्सली उन्मूलन की ओर बड़े कदम उठाए गए हैं, बड़ी सफलता मिली, आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है. प्रदेश के लिए अमित शाह का दौरा अच्छा होगा.
नगरीय प्रशासन विभाग में 166 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले











स्कूल में फैला करंट, मचा हड़कंप, शिक्षकों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से बड़ी खबर सामने आई है. यहां तितुरडीह स्थित स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल में आज करंट फैलने की घटना सामने आई, जिससे हड़कंप मच गया. घटना के समय स्कूल में प्राइमरी के 300 से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे थे. करंट फैलने पर शिक्षकों ने सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से स्कूल ग्राउंड में बाहर निकाला. वहीं घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे.
तितुरडीह के स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल में हर दिन की तरह आज भी क्लास लगी. इस दौरान मॉर्निंग स्कूल में 300 से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे थे. तभी स्कूल में अचानक करंट फैल गया. वहीं शिक्षकों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सभी बच्चों को स्कूल ग्राउंड में बाहर निकाला. सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं.
परिजनों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा तो शिक्षकों ने कहा कि मुख्य स्विच ऑफ कर दिया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है. इस घटना की जानकारी लगते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए और घटना की जानकारी ले रहे हैं. वहीं करंट फैलने के कारणों की जांच की जा रही है.
सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश, बच्चों के भविष्य के लिए धरने पर बैठे पालक
स्कूल का वर्तमान हाल

चरगवा ग्राम पंचायत के सरकारी स्कूल में 6 गांवों के 200 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं, जो कक्षा छठवीं से कक्षा दसवीं तक पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल में केवल 4 शिक्षक उपलब्ध हैं. शिक्षकों की कमी के कारण सभी कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
शिक्षा पर पड़ रहा असर
शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर हो रहा है. ग्रामीण और पालक लगातार समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयासरत हैं और अधिकारियों से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बच्चों की शिक्षा पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है.