प्रदेश
देश में टी.बी को जड़ से खत्म करने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है- राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत देश में वर्ष 2025 तक टी.बी. रोग जड़ से समाप्त करने के लिए सबको एक साथ मिलकर काम करना है। टी.बी. उन्मूलन समुदाय के सहयोग के बिना संभव नहीं है। टी.बी. के प्रति सभी को जागरूक होना होगा। राज्यपाल रमेन डेका ने बुधवार को टी.बी. उन्मूलन के लिए चलाई जा रही एलाइस परियोजना के राज्य स्तरीय प्रसार कार्यक्रम में उक्त बाते कही।
रीच संस्था के सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित देश के चार राज्यों में यह परियोजना चलाई जा रही है। रीच छत्तीसगढ़ में राज्य टी.बी. कार्यक्रम केे साथ एक भागीदार के रूप में कार्य कर रहा है। रीच ने टी.बी. रोग से लड़ कर इससे मुक्त होने वाले टी.बी. चैम्पियंस का एक नेटवर्क बनाया है। एलाइस परियोजना के तहत 904 टी.बी. चैम्पियंस को प्रशिक्षित किया गया है जो सरकार के साथ मिलकर टी.बी. उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। राज्यपाल डेका ने कहा कि हम सभी को मिलकर इस परियोजना के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने कहा कि केन्द्र व राज्य शासन इस बीमारी को देश में जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इसके लिए जनजागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर चलाए जा रहे प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र बनें और एक या एक से अधिक टी.बी. मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार या अन्य सहायता प्रदान कर सकते है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने एलाइस परियोजना से संबंधित रिर्पोर्ट का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन रीच संस्था की सरला सिंघानिया ने किया। टी.बी. रोग से लड़कर चैम्पिंयन बनी दुर्ग की कुमारी चंद्रकला यादव ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूर्व उसे टी.बी. हुआ था लेकिन पूर्ण इलाज से वह ठीक हो गई है और दूसरे टी.बी. रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी वह प्रेरित करती है, साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में भी सहयोग देती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर ने भी अपने विचार रखे।
29 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों व किशोरों को दी जाएगी कृमि की दवा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 29 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के 1 वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। बच्चों व किशोरों के अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण,नियमित शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए कृमिनाशक दवा देना आवश्यक है।
शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. व्ही.आर. भगत ने बताया कि प्रदेश में 1 से 19 वर्ष के 1 करोड़ 7 लाख 97 हजार बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों द्वारा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल 400 एमजी की दवा का सेवन कराया जाएगा। 04 सितम्बर 2024 को मॉप-अप दिवस का आयोजन किया जाएगा जिसमें दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोरों को दवा सेवन कराया जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर, एनीमिया की रोकथाम, बौद्धिक विकास तथा शाला में उपस्थिति में सुधार आएगा।
शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल का सेवन कराकर कृमि नियंत्रण किया जाएगा जिसमें 01 वर्ष से 02 वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर), 02 से 03 वर्ष के बच्चों को एक गोली (पीसकर), 03 से 05 वर्ष के बच्चों को एक गोली चबाकर, 06 से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी।
डॉ. भगत ने बताया कि कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों, किशोरों व किशोरियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। बच्चों के शरीर में कृमि के कारण कुछ सामान्य प्रतिकूल प्रभाव जैसे जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट में हल्का दर्द और थकान का अनुभव हो सकता है। इसके अतिरिक्त जिन बच्चों को तीव्र कृमि संक्रमण होता है, उन्हें आमतौर पर कुछ अस्थायी प्रभाव भी हो सकते हैं, जिनको आसानी से स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में ही देखभाल करते हुए ठीक किया जा सकता है। बच्चों एवं किशोरों में ये लक्षण पाए जाने पर उन्हें पीने का साफ़ पानी दें और उन्हें अपनी निगरानी में रखें।
कृमि की दवा वर्ष में दो बार देना आवश्यक
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में बच्चों को एक-एक अल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। ऐसे बच्चे और किशोर-किशोरी जो स्कूल नहीं जाते हैं उन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार पेट में कृमि होने के कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। कृमि के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता व खाने में रूचि घटती है। बच्चे अधिक भोजन करेंगे, लेकिन शरीर में नहीं लगेगा। अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चे एनीमिया का शिकार होने से बच सकते हैं। इससे मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मानसिक और शारीरिक विकास के लिए 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाना जरूरी है।
आयुष्मान कार्ड से जल्द 10 लाख तक करा सकेंगे इलाज, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी ने कहा – राशि बढ़ाने की चल रही प्रक्रिया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को लेकर मंत्री श्यामबिहारी ने कहा, सरकार किसी का भी हो, कानून अपने हिसाब से काम करता है. विष्णु देव साय की सरकार है. सभी बिंदुओं को देखते हुए हर जगह कार्रवाई भी की जारी है. ऐसा प्रदेश में कहीं भी नहीं है कि पुलिस ने गलत तरीके से लाठीचार्ज किया हो. डायरेक्ट धमकी कांग्रेस के नेता देते रहते हैं. ये वहीं भूपेश बघेल हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी है, जो बर्बरता पूर्वक महिलाओं पर लाठी चार्ज कराई. पत्रकारों को पिटवाने का काम किया. भाजपा के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने का काम किया. पिछले 5 साल में किस प्रकार से इन्होंने कानून को अपने जेब में लेकर काम किया, इनको बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
5 सालों में स्थापित हो चुका था जंगल राज
बढ़ते अपराध पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर श्यामबिहारी ने कहा, विष्णु देव की सरकार में पूरी मुस्तैदी के साथ कानून व्यवस्था चल रही है. पिछले 5 सालों में जंगल राज स्थापित हो चुका था. महिलाएं सुरक्षित नहीं थी, बच्चे सुरक्षित नहीं थी, पत्रकार सुरक्षित नहीं थे, आम जनता परेशान थी. आज पूरे प्रदेश में एक शांति और सुकून का माहौल है. इसे देखकर कांग्रेस के लोगों के पेट में दर्द हो रहा है.
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, हर साल स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों का केस आता है. इस साल भी हजारों की संख्या में केस आए हैं. हमारी हेल्थ की टीम सफलता पूर्वक इसका समाधान किया है. पूरे प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से 12 की माैत हुई है. स्वाइन फ्लू को लेकर जांच और इलाज के पर्याप्त व्यवस्था हैं. साथ ही उचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं.
संजय रूंगटा समूह को भिलाई निगम ने भेजा 23 करोड़ का नोटिस, 2004 से नहीं जमा किया है संपत्ति कर…
भिलाई के जीडीआर रूंगटा कॉलेज को 23 करोड़ 61 लाख 92 हजार रुपए संपत्तिकर जमा करने का नोटिस भिलाई नगर निगम ने जारी किया है. नोटिस में गलत स्व-विवरणी जमा करने पर पेनाल्टी नहीं लगाई गई. संस्थान ने साल 2004 से अब तक संपत्तिकर जमा नहीं किया है.
बता दें कि 25 एकड़ के कैम्पस पर संजय रूंगटा ग्रुप द्वारा संचालित स्कूल, डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग और डेंटल कॉलेज के अलावा आईटीआई, पॉलिटेक्निक और फार्मेसी कॉलेज जैसी संस्थाएं संचालित हैं. वहीं 26 एकड़ में फैले जमीन पर संतोष रूंगटा ग्रुप द्वारा इंजीनियरिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान संचालित किया जा रहा है. इस कैम्पस की गलत स्व-विवरणी देकर कम सम्पत्तिकर जमा करने पर समूह को नोटिस जारी हुआ है.
इसके अलावा गंगाजली एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन आईपी मिश्रा के शंकराचार्य मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज को भी नोटिस जारी हुआ. नोटिस जया मिश्रा, रुद्रांश मिश्रा और नारायणी मिश्रा के नाम से नोटिस जारी हुआ है. इस मामले में पहले निगम के अधिकारियों ने गलत स्व-विवरणी पर 81 हजार रुपए का नोटिस जारी किया था, लेकिन बाद में नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा की शिकायत के बाद 3 लाख 99 हजार का नोटिस जारी किया है.
150 लोगों को जारी हुआ नोटिस
इनके अलावा कई ऐसे बड़े बकायदारों ने पुराने सम्पत्तिकर जमा नहीं कराया है, और नए साल का सम्पत्तिकर जमा करा रहे हैं. जिसकी शिकायत भी की गई है. निगम कमिश्नर देवेश ध्रुव ने बताया कि ऐसे 150 लोगों को सूची हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है. जिससे निगम को सम्पत्ति कर के रूप में करोड़ों रुपए की आय होगी.
मां को गुजारा भत्ता दिए जाने के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट गया बेटा, कोर्ट ने कहा-
बिलासपुर। पति की मौत के बाद मां ने बेटे से गुजारा भत्ते के लिए फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाई, जहां बेटे को हर माह 15 हजार रुपए गुजारा भता देने के आदेश दिया गया था, बेटे ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की बेंच ने बेटे की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि माता-पिता की वजह से ही उसने यह खूबसूरत दुनिया देखी है. वृद्धा मां को गुजारा भत्ते से वंचित करना कानून ही नहीं, नैतिकता के भी खिलाफ होगा.
दरअसल, जगदलपुर में रहने वाली सुनीला मंडल के पति एसपी मंडल राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के कर्मचारी थे. जो वर्ष 2007 में रिटायर हुए. एनएमडीसी की नीति के मुताबिक उन्हें 4 हजार रुपए पेंशन मिल रहा था. वर्ष 2017 में उनकी मौत हो गई. इसके बाद सुनीला मंडल को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा. उनके दोनों बेटे उनकी देखभाल नहीं कर रहे थे. दो साल तक परेशान होने के बाद वर्ष 2019 में जगदलपुर के फैमिली कोर्ट में उन्होंने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत आवेदन लगाया, और बड़े बेटे संजय कुमार मंडल को गुजारा भत्ता देने के निर्देश देने की मांग की.
उन्होंने कोर्ट को दिए अपने आवेदन में बताया, कि वे गृहिणी हैं. वर्तमान में पति द्वारा बनवाए गए मकान में रह रही हैं. बड़ा बेटा 2008-09 से एनएमडीसी में काम कर रहा है, और छोटा बेटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तोकापाल में रेडियोग्राफर है. उनके पास आय का कोई साधन नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें अपनी देखभाल, इलाज आदि के लिए आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है.
मामले की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने मां की अर्जी मंजूर करते हुए हर माह 15 हजार रुपए देने के आदेश दिए थे. जिस पर बेटे ने हाई कोर्ट में पहले पुनरीक्षण अर्जी लगाकर बताया कि उसे हर माह 55 हजार रुपए सैलरी मिलती है. जिसमें से कार लोन के लिए 9 हजार, होम लोन के 14 हजार, बीमा के लिए 20 हजार रुपए देने पड़ते हैं. हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद फरवरी 2020 को सीआरपीसी की धारा 127 के तहत आवेदन पेश करने की छूट देते हुए इसे निराकृत कर दिया था. इसके बाद बेटे ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज कर दी.
कोर्ट ने कहा है कि बेटा किसी भी तरह के विचार के आधार पर वैधानिक दायित्व से छूट नहीं मांग सकता. बेटे की यह सोच घरों की ढहाने, मूल्यों को कमजोर करने, परिवारों को खत्म करने और हमारी भारतीय संस्कृति की नींव को तोड़ने का काम करेगा. कंप्यूटर युग में यह निराशा और विनाश का संदेश है, जिसमें आशा का एक भी शब्द नहीं है. माता-पिता बच्चे को नाम, स्थान, सामाजिक, राष्ट्रीय और धार्मिक पहचान देते हैं. बच्चे को उस समाज से जोड़ते हैं जिसमें वह रहेगा, बड़ा होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय झिंगिया उरांव को श्रद्धांजलि अर्पित की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के ग्राम केंदुडीही पहुंचकर वहां केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव की धर्मपत्नी स्वर्गीय झिंगिया उरांव के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने स्वर्गीय झिंगिया उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जुएल उरांव और उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जब वर्ष 1999 में प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने पहली बार आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। इस मंत्रालय के पहले मंत्री जुएल उरांव बने। उन्होंने श्री उरांव के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को याद करते हुए कहा कि जुएल उरांव उनके बड़े भाई जैसे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय जब सांसद थे, तब श्री उरांव ने उनके संसदीय क्षेत्र में अनेक विकास कार्यों के लिए राशि दी।
मुख्यमंत्री ने झिंगिया उरांव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उनकी धर्मपत्नी का बड़ा योगदान होता है। भाभी जी का स्नेह उन्हें हमेशा मिलता रहा। बीते वर्षों में हमारे भाई जुएल उरांव जी ने जनहित में जो काम किए हैं, उनमें हमेशा भाभी जी सहभागी रहीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री लता उसेंडी भी मुख्यमंत्री के साथ थीं।
प्रदेश के 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी, कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार
रायपुर। प्रदेश में अभी भी मानसून सक्रिय है, इस बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, अगले 3 घंटों में जांजगीर-चांपा, जशपुर, रायगढ़, शक्ति, सारंगढ़ बिलाईगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर बारिश के साथ निचले बादल छाने की संभावना है.
वहीं मौसम विभाग ने 24 घंटे के अंदर कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, रायगढ़ और कोरबा जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आसार है.
प्रदेश में अब तक 892.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 892.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है. राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 27 अगस्त तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1862.9 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 492.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है.
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 895.7 मिमी, बलरामपुर में 1306.8 मिमी, जशपुर में 752.3 मिमी, कोरिया में 914.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 893.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई.
इसी प्रकार, रायपुर जिले में 740.6 मिमी, बलौदाबाजार में 928.0 मिमी, गरियाबंद में 838.2 मिमी, महासमुंद में 680.7 मिमी, धमतरी में 778.3 मिमी, बिलासपुर में 839.7 मिमी, मुंगेली में 938.3 मिमी, रायगढ़ में 855.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 520.0 मिमी, जांजगीर-चांपा में 981.6 मिमी, सक्ती 843.0 मिमी, कोरबा में 1199.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 903.3 मिमी, दुर्ग में 533.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 697.9 मिमी, राजनांदगांव में 869.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 981.3 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 643.4 मिमी, बालोद में 908.3 मिमी, बेमेतरा में 496.2 मिमी, बस्तर में 925.5 मिमी, कोण्डागांव में 849.6 मिमी, कांकेर में 1064.5 मिमी, नारायणपुर में 1002.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 1110.6 मिमी और सुकमा जिले में 1192.2 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई.
गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई है
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को लेकर CM साय का बयान, कहा-
रायपुर। मंगलवार को धरना प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दुर्ग एसपी समेत सरकार को आड़े हाथ लिया था. आज इस मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है. कोई कानून को हाथ में लेगा तो कार्रवाई होगी ही.
ओड़िशा दौरे पर रवाना होने से पहले CM विष्णुदेव साय ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान मंगलवार को हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर बयान दिया है.उन्होंने कहा कि सरकार किस बात से डरेगी. पुलिस अपना काम कर रही है. कोई कानून व्यवस्था को हाथ में लेगा तो कार्रवाई होगी ही.
भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर दुर्ग एसपी को चेतावनी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर कर कहा, एसपी दुर्ग और उनके आका ठीक तरह से समझ लें. सत्ता उलटती-पलटती रहती है, काम ऐसे कीजिएगा कि भविष्य में आंख मिला सकें.
बता दें कि मंगलवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के काफिले रोकने और सुरक्षा कर्मी से धक्का मुक्की करने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर भिलाई 3 थाना का घेराव किया था. भिलाई 3 के सिरसा गेट में कांग्रेस का धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, चरोदा, भिलाई, और दुर्ग निगम के महापौर शामिल हुए थे. इस धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज कर दिया. वहीं प्रदर्शन में कांग्रेस के नगर पालिका कुम्हारी अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर और जामुल थाना के टीआई कपिल पांडेय घायल हो गए.
ऐसे शुरू हुआ विवाद
कुछ दिन पहले मामूली विवाद को लेकर जिम संचालक पुष्पराज सिंह और शकील नामक युवक के बीच मामूली विवाद हुआ था. इस विवाद के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने साथियों को बुलाया और स्थिति हिंसक हो गई. बजरंग दल के नेताओं ने इस घटना के बाद शकील और उसके साथियों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया. वहीं दूसरे दिन 24 अगस्त को बजरंग दल के नेताओं ने शकील और उसके साथीयों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भिलाई 3 सिरसा गेट पर बीच सड़क पर प्रदर्शन किया. इस दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल का काफिले को भी बजरंग दल के द्वारा रोकने और सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का मुक्की करने का आरोप भी लगा. जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने भिलाई 3 थाने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
प्रदेश की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, सिस्टम को सुधारने के लिए यातायात विभाग से मांगा जवाब
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने प्रदेश की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है, इस पर कोर्ट ने जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी.
बिलासपुर समेत प्रदेश भर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई चल रही है. मामले में कोर्ट ने सचिव नगरीय प्रशासन से पूरी राज्य की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर शपथ पत्र पर जवाब तलब किया था. सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि अतिक्रमण और वाहनों के बेतरतीब चालन और पार्किंग के कारण अधिक परेशानी हो रही है.
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक ने कोर्ट में जो शपथपत्र दिया है, उसमें इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम में चौक चौराहों पर लगे हुए सीसीटीवी के माध्यम से मानिटरिंग करने की बात कही गई है. ट्रैफिक नियम के उल्लंघन पर भी कदम उठाए जा रहे हैं, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर ट्रैफिक कर्मी भी लगातार मौजूद रहेंगे. इस बात की जानकारी दी गई. किस पर कोर्ट ने पूरे प्रदेश की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर डीजी ट्रैफिक से शपथ पत्र पर विस्तृत जवाब मांगा है.
साउथ कोरिया 2024 में हुआ राजधानी की बेटी का चयन, होमलेस वर्ल्ड फुटबॉल कप में खेलेंगी संजना छुरा …
रायपुर। राजधानी रायपुर के लिए यह हर्ष और गर्व का विषय है कि कटोरा तालाब निवासी कु संजना छुरा का चयन आगामी सितंबर 21 सितंबर से 28 सितंबर में साउथ कोरिया में होने वाले होमलेस वर्ल्ड कप फुटबॉल मैच में हुआ है. जिससे उत्कल समाज में हर्ष है, कु संजना छुरा बाल्यकाल से ही फुटबॉल खेल रही है जिसने कई सारे राष्ट्रीय फुटबॉल मैचों में अपना बेहतर प्रदर्शन दिखा चुकी है, यही कारण है कि संजना का चयन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है.
कीड़ा विकास संस्थान नागपुर के सीईओ डॉ अभिजीत के द्वारा विगत दिनांक 22 अगस्त 2024 को कु संजना छुरा के नाम से पत्र जारी करते हुए चयन की जानकारी दी है. जिसके बाद उत्कल समाज में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है. इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ नेता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि हमारे की समाज बेटी संजना छुरा का चयन साउथ कोरिया में होने वाले वर्ल्ड कप फुटबॉल के लिए हुआ है, यह सिर्फ एक परिवार या समाज का नहीं बल्कि इससे हमारे शहर, प्रदेश और देश का नाम भी होता है. समाज के युवा नेता आशीष तांडी ने कहा संजना आने वाले समय में फुटबॉल के क्षेत्र में एक बड़ा नाम कमाएगी और भारत का नाम दुनिया में रोशन करेगी ऐसी हम कामना करते है.
होमलेस वर्ल्ड फुटबॉल कप, साउथ कोरिया में संजना छुरा का चयन होने के बाद संजना छुरा को बधाई देने वाले में प्रमुख रूप से अधिवक्ता भगवानू नायक, आशीष तांडी, जितेंद्र नायक, संतोष क्षत्रि, जयलाल नायक, हरीश तांडी, उमा तांडी, पुरुषोत्तम यादव, गोपाल बाघ, मनसू निहाल, शंकर सोना, सुमन छुरा, बिट्टू क्षत्रि, कीर्ति तांडी, जानवी दीप, चांदनी जगत, पारसमणी नायक, पप्पू सागर, देवाशीष नायक, शोभा छुरा, ज्योति जगत, सनी सोनी, कैलाश तांडी, देवेन्द्र जगत, प्रीती जगत, दिशा महानंद, देव महानंद, पूनम जगत आदि शामिल हैं.
जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों और अमानवीय व्यवहार पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी को जारी किया नोटिस
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने जेलों में क्षमता से अधिक कैदी और उनके साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार को लेकर डीजीपी को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जानकारी देने कहा है. मामले में तीन जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में एक साथ सुनवाई हो रही है.
केंद्रीय जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों को लेकर अधिवक्ता शिवराज सिंह चौहान ने एक जनहित याचिका लगाई है. कुछ समय बाद जेलों में कैदियों की अमानवीय परिस्थितियों को लेकर भी एक जनहित याचिका दायर की गई है. इन दो जनहित याचिकाओं के अलावा हाई कोर्ट ने जेल में बंद कैदियों की स्थिति को लेकर स्वत: संज्ञान में लिया और जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की. तीनों जनहित याचिका की एक साथ चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हो रही है. मामले में हाईकोर्ट ने अधिवक्ता रणवीर मरहास को न्यायमित्र नियुक्त किया था. पूर्व की सुनवाई में शासन ने बताया था कि, जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं को लेकर काम किया जा रहा है. रायपुर व बिलासपुर के सेंट्रल जेलों में विशेष जेलों की स्थापना व बेमेतरा में ओपन जेल जल्द प्रारंभ करने की जानकारी राज्य शासन ने दी थी.
मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सुनील पिल्लै ने बताया कि जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 साल पहले आदेश जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का देश के सभी राज्यों में पालन किया जाना था, लेकिन प्रदेश के जेलों में वर्तमान स्थिति उतनी बेहतर नहीं है. जिस पर कोर्ट ने डीजीपी से शपथ पत्र में जवाब मांगा है, जिसमें इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का कितना परिपालन किया जा रहा है.
देर रात बड़ी संख्या में अधिकारियों कर्मचारियों के हुए तबादले, कई अधिकारियों के तबादला आदेश में संशोधन, देखिए लिस्ट
रायपुर। निकाय चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ में तबादलों का दौर जारी है नगरीय प्रशासन विभाग की तरफ से कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। देर रात जारी आदेश में सीएमओ सहित कई अधिकारी कर्मचारी के नाम शामिल है, वहीं कई अधिकारियों के तबादला आदेश को संशोधित भी किया गया है।





सरकार ने मंकी पॉक्स (एम-पॉक्स) बीमारी को लेकर एडवायजरी की जारी, स्वास्थ्य मंत्री ने दिये दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक पालन के निर्देश
रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को मंकी पॉक्स (एम-पॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु जारी एडवायजरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक पालन करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 20 अगस्त 2024 को मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु एडवायजरी जारी की गई है। मंकी पॉक्स (एम पॉक्स) को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 14 अगस्त 2024 को पब्लिक हेल्थ एमरजेन्सी ऑफ इंटरनेशनल कान्स (पीएचईआईसी) को घोषित किया गया है। विभिन्न देशों में संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सर्वेलेंस, जांच एवमं उपचार हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं, जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में भी मंकी-पॉक्स प्रकरणों की सर्वेलेंस, त्वरित पहचान, जांच एवं उपचार हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं।
मंकी-पॉक्स क्या है
मंकी-पॉक्स एक जीनेटिक बीमारी है जो मुख्य रुप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के क्षेत्रों में होता है, परन्तु वर्तमान परिदृश्य में कुछ अन्य देशों में प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं तथा भारत के केरल राज्य में मार्च 2024 में प्रकरण प्राप्त हुए हैं। मंकी-पॉक्स से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, चकत्ते एवं लिम्फ नोड्स में सूजन पायी जाती है। मंकी-पॉक्स एक स्व-सीमित (सेल्फ-लिमिटेड) संक्रमण है, जिसके लक्षण सामान्यतः 2-4 सप्ताह में समाप्त हो जाते हैं। मंकी-पॉक्स संक्रमण के गंभीर प्रकरण सामान्यतः बच्चों में पाए जाते हैं। जटिलताओं एवं गंभीर प्रकरणों में मृत्यु दर 1 से 10 प्रतिशत है। मंकी-पॉक्स संक्रमण होने एवं लक्षण उत्पन्न होने का इनक्यूबेशन पीरियड सामान्यतः 6-13 दिन का होता है, परन्तु यह 5 से 25 दिवस तक हो सकता है। मंकी-पॉक्स का संक्रमण त्वचा में चकत्ते आने के 1-2 दिवस पूर्व से लेकर सभी चकत्तों से पपड़ी के गिरने/समाप्त होने तक मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में फैल सकता है।
मंकी-पॉक्स वायरस का संक्रमण पशु से मनुष्य में एवं मनुष्य से मनुष्य में फैल सकता है। मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण मुख्य रूप से लार्ज रेस्पिरेटरी सिस्टम के माध्यम से लम्बे समय तक संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने से होता है। वायरस का संक्रमण शरीर के तरल पदार्थ घाव के सीधे संपर्क में आने से अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे दूषित कपड़ों, लिनेन इत्यादि के उपयोग से फैल सकता है। पशुओं से मनुष्यों में संक्रमण का प्रसार गांव के सीधे संपर्क में आने से हो सकता है।
मंकी पॉक्स संभावित प्रकरणों के सर्वेलेंस हेतु दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार मंकी पॉक्स के संभावित प्रकरणों का सर्विलांस कर त्वरित पहचान जांच एवं उपचार किए जाने हेतु प्रकरण को आइसोलेट कर संक्रमण का प्रसार रोका जाना, मरीज को उपचार दिया जाना, मरीज के संपर्क व्यक्तियों की पहचान किया जाना, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को संक्रमण से बचाव हेतु आगाह किया जाना एवं संक्रमण के नियंत्रण और प्रसार को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाया जाना आवश्यक है।
मंकी-पॉक्स सर्वेलेंस हेतु इस दिशा-निर्देश में दिए मानक-परिभाषाओं का उपयोग किया जाना, प्रत्येक संभावित प्रकरण की सूचना जिला सर्वेलेंस इकाई/राज्य सर्वेलेंस इकाई में अनिवार्य रूप से दिया जाना आवश्यक होगा। इसके एक भी पुष्टिकृत प्रकरण को माना जाए एवं जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा तत्काल विस्तृत आउटब्रेक इनवेस्टिगेशन कर प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। मंकी-पॉक्स के संभावित प्रकरणों की जांच हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार सैंपल संग्रहण कर जांच हेतु चिन्हांकित लेबोरेटरी में भेजा जाएगा। मंकी-पॉक्स के प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के सभी संपर्क व्यक्ति की पहचान करने हेतु सभी जिलों में जिला सर्वेलेंस अधिकारी के अधीन कांटेक्ट ट्रेसिंग दल का गठन किया जाएगा। संपर्क व्यक्ति को मंकी-पॉक्स मरीज के संपर्क में आने के 21 दिवस तक बुखार या त्वचा में चकत्ते हेतु दैनिक मॉनिटरिंग किया जाएगा। संपर्क व्यक्तियों को 21 दिवस तक ब्लड, ऑर्गन, टिसू, सीमन इत्यादि डोनेशन करने से रोका जाए एवं ऐसे चिकित्सा कर्मी जो बिना प्रतिरक्षा उपकरण के मंकी-पॉक्स मरीज या उसके द्वारा उपयोग किये हुए वस्तुओं के संपर्क में आया हो उसे 21 दिन तक मॉनिटर किया जाए व लक्षण-रहित चिकित्सा कर्मी को चिकित्सा कार्य से ना रोका जाये, ऐसे निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीमारी को सज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी विकासखण्डों एवं विशेष रूप से ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर नागरिकों को एम-पॉक्स बीमारी, इसके संक्रमण व बचाव हेतु उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एडवायसरी में दिए गए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करने कहा है।
मुख्यमंत्री को नुआखाई शोभा यात्रा में शामिल होने का मिला न्योता
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को नुआखाई पर्व शोभायात्रा के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री को समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी 3 सितम्बर को शाम 5 बजे राजधानी रायपुर के ग्रास मेमोरियल खेल मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को नुआखाई पर्व की अग्रिम बधाई देते हुए आमन्त्रण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर से श्री प्रताप, गोपाल सोना, रघुचंद्र निहाल,श्री जितेन्द्र, गणेश हरपाल, श्री वैष्णव, भरत छुरा, चंदु बघेल ,श्री सुरज, श्री पंकज, श्री राजु, रमन ताण्डी उपस्थित रहे ।
छत्तीसगढ़ में सुशासन के 8 माह - विष्णु के सुशासन से सँवर रहा है छत्तीसगढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही वंनाचलों में विकास की रोशनी पहुंचाने, प्रशासन में पारदर्शिता और सुशासन लाने के लिए पहल शुरू की है। बस्तर अंचल के अंदरूनी क्षेत्रों में नए कैम्पों का विस्तार किया जा रहा है। ’नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की गई है। इस शब्द का आशय ’आपका अच्छा गांव’। विशेष पिछड़ी जनजातियों के हितग्राहियों के लिए आरंभ की गई। ’पीएम जनमन योजना’ की तरह इस योजना से कैम्पों के निकट पांच किलोमीटर की परिधि के गांवों में 17 विभागों की 53 हितग्राही मूलक योजनाएं एवं 28 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को दिया जा रहा है।
इस पहल का ही परिणाम है कि राज्य की जनता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गारंटी का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। श्री मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की बागडोर संभालते ही राज्य में फिर से विकास के लिए नया वातावरण बना है। श्री साय का मानना है कि लोकतंत्र का मूलमंत्र सुशासन है। सुशासन के बिना सच्चे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रदेश सरकार ने भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रूपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को अगले 05 सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। प्रदेश सरकार ने अपने वायदों को पूरा करते हुए किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान खरीदी की। प्रदेश में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है।
सौम्य सरल व्यक्तित्व के धनी मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य की बागडोर संभालते ही उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी पर काम करना शुरू किया और मात्र 8 माह में ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिखाया। इतने कम समय में जनता को दी गई गारंटी को पूरा करने के लिए यह उनकी प्रशासनिक कुशलता और सफल नेतृत्व का द्योतक है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 8 माह की अल्पावधि में कई जन हितकारी फैसलों को समाज के हर वर्ग की तरक्की और खुशहाली अनेक कदम उठाए गए हैैं। सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास ध्येय वाक्य को लेकर जनता की दिन-रात सेवा कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने एक और गारंटी को पूरा करने के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ को गढ़ने और संवारने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। महतारी वंदन योजना से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी के जन्म दिवस सुशासन दिवस 25 दिसम्बर को राज्य के लगभग 13 लाख किसानों के बैंक खातें में 2 साल के धान का बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रूपए की अंतर राशि अंतरित की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मोदी की इस गारंटी पर त्वरित अमल करते हुए पिछले सरकार के कार्यकाल में राज्य सिविल सेवा परीक्षा (पीएससी) 2021 में हुई गडबड़ी और अनियमितता की जांच का काम सीबीआई को सौंप दिया है। राज्य सरकार ने जनहित को देखते हुए महादेव सट्टा एप केस भी सीबीआई को सौंपा। इसके अलावा बेमेतरा जिले के बिरनपुर प्रकरण की भी सीबीआई जांच कराने का भी निर्णय लिया है। विष्णु देव सरकार ने मोदी की गारंटी के अनुरूप श्री रामलला दर्शन योजना शुरूआत की है। भारत में अपने आप में यह एक अनूठी और अनुकरणीय योजना है। इस योजना में श्रद्धालुओं को सरकारी खर्च में अयोध्या धाम का दर्शन कराया जा रहा है। प्रभु श्री राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ माना गया है। इस कारण वे हमारे लिए और अधिक पूजनीय है। अपने भांचा राम के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का हर नागरिक उत्सुक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शपथ के कुछ ही घंटो के भीतर 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के आवास दिए जाने का निर्णय लिया। सबको आवास के साथ ही सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जल जीवन मिशन प्रारंभ किया है। प्रदेश में इसके क्रियान्वयन के लिए 4 हजार 500 करोड़ रूपए का बजट रखा है। छत्तीसगढ़ में 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से 39 लाख 31 हजार परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना लागु करने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों योजनाओं से छत्तीसगढ़ के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक दर को 4000 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। इस साल 13 लाख 5 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 855 करोड़ 80 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग द्वारा नई दिल्ली में संचालित यूथ हॉस्टल में यूपीएससी की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को लिए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर की तरह प्रदेश के 13 और नगरीय निकायों में सर्व सुविधा युक्त लाईब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार किया जा रहा है। संभाग स्तर पर एम्स की तर्ज पर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सीआईएमएस) आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करने और अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 को लागू की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा नवा रायपुर को आईटी हब तथा इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। नेशनल केपिटल रीजन (एनसीआर) की तरह राज्य सरकार भी स्टेट केपिटल रीजन विकसित करने जा रही हैं। उद्यमी युवाओं को छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है, जिससे युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकेगा।
बिना अनुमति संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य विभाग की दबिश, 12 को नोटिस
रायपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों की सुविधा के लिए बिना किसी वैध अनुमति से संचालित निजी अस्पताल तथा डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं । इसी कड़ी में आज बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के 12 चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में टीम ने दबिश देकर निरीक्षण किया साथ ही नोटिस देकर विधिवत अनुमति लेने की अंतिम चेतावनी दी गई है।

सीएमएचओ ने बताया की जिले में इस प्रकार के बिना अनुमति के खोले गए संस्थानों के निरीक्षण हेतु टीम का गठन किया गया है। आज इस टीम द्वारा ही दबिश दी गई। परीक्षण के दौरान इन संस्थानों द्वारा बिना नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन संचालन करना पाया गया है। इसके लिए स्थान पर ही उन्हें नोटिस दिया गया। नोटिस में उल्लेख है की बिना अनुमति संस्था का संचालन करने पर प्रथम बार संचालक पर राज्य उपचर्या गृह तथा रोगोपचार सम्बंधी स्थापनाएँ अनुज्ञापन नियम 2010 के अध्याय एक के नियम 4 के अनुसार 20 हज़ार के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि दूसरी बार ऐसा करते पाए जाने पर दोष सिद्ध होने पर 03 वर्ष का कारावास अथवा 50 हज़ार जुर्माना अथवा दोनों के भागी होंगे।
जिन संस्थाओं की जांच की गई उसमें वर्मा पैथोलॉजी कटगी,गायत्री क्लीनिक कटगी, गुप्ता क्लीनिक कटगी , क्योर बे ई क्लीनिक कसडोल,रामगोपाल साहू लैब कसडोल, शर्मा मेटा पैथोलॉजी कसडोल, सिटी डेंटल केयर कसडोल, कबीर पैथोलोजी कसडोल, वासु पैथोलॉजी छांछी, ओम हेल्थ सेंटर छांछी, रत्ना क्लीनिक कसडोल मानस पैथोलॉजी कसडोल शामिल है। सी एम एच ओ के अनुसार आगे भी जिले में यह जांच जारी रहेगी तथा बिना अनुमति संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
29 अगस्त को होने वाला जनदर्शन स्थगित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 29 अगस्त को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।