प्रदेश
स्पीकर डॉ. रमन सिंह सीपीए इंडिया रीजन कांफ्रेंस में हुए शामिल, सतत् और समावेशी विकास में विधायिका की भूमिका पर साझा किए विचार
डॉ. रमन सिंह ने बैठक के महत्व पर जोर देते हुए कहा, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ जैसे मंच न केवल विभिन्न राज्यों के बीच ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि सतत् विकास और समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विधायिकाओं के बीच समन्वय बना रहे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं और उनके द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और छत्तीसगढ़ के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सार्थक संवाद किया।
लोहारीडीह कांड : जांच के बाद राज्य महिला आयोग ने भेजी 5 बिंदुओं पर रिपोर्ट, IPS पल्लव पर हत्या का जुर्म दर्ज करने की अनुशंसा
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया, उनके साथ जांच दल भी गए थे, जिसे जेल सुप्रिटेंडेंट ने रोकने की कोशिश की, जो दुर्भाग्यजनक है. विस्तृत रिपोर्ट सही जगह भेज दी गई है, जिसमें जांच दल के निरीक्षण पर जाने के दिन की जांच रिपोर्ट की पूरी जानकारी है और दोषियों पर क्या कार्यवाही होनी चाहिए, उसकी रेकमेन्डेशन रिपोर्ट है.
महिला आयोग की रिकमेन्डेशन रिपोर्ट
1. दुर्ग जिला जेल के महिला बंदनी प्रकोष्ठ में ग्राम लोहारीडीह की बंद सभी 33 महिला बंदियों का डॉक्टरी मुलाहजा और उनकी चोटो की वीडियोग्राफी तत्काल कराई जाए। चोटिल और घायल महिलाओं का तत्काल जांच और उनके चोटों की वीडियोग्राफी कराई जाए। (तथा उक्त वीडियोग्राफी के साथ पूर्व शासकीय अभिभाषक शमीम रहमान, तहसीलदार क्षमा यदु एवं डॉ. कीर्ति बजाज की उपस्थिति में हो)
2. एसपी अमिषेक पल्लव के साथ ग्राम लोहारीडीह में जाने वाले अन्य पुलिस अधिकारी और पुलिस बल में जाने वाले सभी महिला एवं पुरूष पुलिसकर्मियों की शिनाख्ती परेड कराया जाए. लोहारीडीह जेल में बंद 33 महिलाओं को मारने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान identification parade द्वारा कराई जाए।
3. पुरूष जेल में बंद कैदी स्व. प्रशांत साहू की मौत के लिए जिम्मेदार कवर्धा पुलिस, एसपी अभिषेक पल्लव और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
4. कवर्धा जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बिना सर्च वारंट के महिलाओं के घर का दरवाजा तोड़कर की गई गिरफ्तारी और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर प्राणघातक हमला करने वाले सभी पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज किया जाए।
5. दिनांक 14/09/2024 से लेकर दिनांक 20/09/2024 तक एसपी अभिषेक पल्लव के शासकीय मोबाइल व पर्सनल मोबाइल के पूरे कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर ग्राम लोहारीडीह घटना स्थल पर उनकी उपस्थिति की जांच तथा उनके मोबाइल पर लोहारीडीह गांव के किसी व्यक्ति व किस नंबर से फोन आया, इसकी जांच कराई जाए और जांच होते तक उन्हें निलंबित किया जाए।
जानिए लोहारीडीह का पूरा घटनाक्रम
बता दें कि जिले के लोहारीडीह में एक सप्ताह के भीतर 3 लोगों की अलग-अलग कारण से जान चली गई. 14 सितंबर की दरमियानी रात शिव प्रसाद साहू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र में पेड़ से लटकती मिली थी. शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की जलने से मौत हो गई. वहीं इस मामले में पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के शक में गिरफ्तार किया है. इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई. मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है. इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को निलंबित किया. वहीं रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया. वहीं कबीरधाम एसपी और कलेक्टर को भी हटा दिया गया।
भाजपाइयों ने जलाया राहुल गांधी का पुतला: कहा- जब तक मोदी सरकार है आरक्षण को कोई आंच भी नहीं आ सकती’
रायपुर। राजधानी में सोमवार को आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान के विरोध में बीजेपी ने धरना-प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम रायपुर के कलेक्ट्रेट चौक में आयोजित हुआ, जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन भी किया। इस धरने में राष्ट्रीय महामंत्री संगम गुप्ता, पूर्व सांसद सुनील सोनी, रायपुर जिला अध्यक्ष जयंती पटेल, विधायक पुरंदर मिश्रा, महामंत्री संजय श्रीवास्तव, प्रवक्ता सुनील चौधरी सहित एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के बीजेपी नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
रायपुर जिला अध्यक्ष जयंती पटेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, “जिस तरीके से राहुल गांधी इस देश में आरक्षण को भारतीय जनता पार्टी हटाएगी ऐसा कहकर लोगों को भ्रमित कर पिछले चुनाव में जीत हासिल की, उन्होंने अपना सही चेहरा उजागर कर दिया है। अमेरिका में जाकर वह कहने लगे कि आरक्षण खत्म करने वाली हमारी पार्टी हैं। देश में कुछ कहते हैं, विदेश में जाकर कुछ कहते हैं। बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने कहा है कि जब तक नरेंद्र मोदी की सरकार है, आरक्षण को कोई आंच भी नहीं आ सकती है। वह लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा था कि ये 400 सीटें इसलिए चाहिए क्योंकि वह आरक्षण खत्म करना चाहते हैं। यह स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। वह देश से बाहर जाकर अपने मन की बात करते हैं। अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, तो आरक्षण को समाप्त करेगी। इस बयान के विरोध में आज हम आक्रोश प्रदर्शन कर रहे हैं और राहुल गांधी का पुतला दहन किया है।”
यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता – संगम गुप्ता
ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री संगम गुप्ता ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और उसके नेता लगातार एससी, एसटी और ओबीसी के विरोधी रहे हैं। राजीव गांधी ने 1990 में ओबीसी समाज को ‘बुद्धू’ कहा था, यह रिकॉर्ड पर है। इंदिरा गांधी ने मंडल कमीशन को ठंडे बस्ते में डालने के लिए अपने कानून मंत्री को कहा था कि ऐसी रिपोर्ट तैयार करो कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे। जवाहरलाल नेहरू उस समय प्रधानमंत्री थे और उन्होंने भी एससी, एसटी का विरोध किया। अभी हाल ही में अमेरिका के दौरे पर एक यूनिवर्सिटी में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आते ही एससी और एसटी ओबीसी का आरक्षण खत्म कर देंगे। एक तरफ लोकसभा में जनता को गुमराह किया जाता है और दूसरी तरफ विदेश में जाकर आरक्षण खत्म करने का बयान देते हैं। यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता है।”
कांग्रेस का दोहरा चरित्र अब सभी के सामने – पूर्व सांसद सोनी
पूर्व सांसद सुनील सोनी ने कहा, “लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने कहा था कि यदि बीजेपी के 400 सीटें आएंगी तो आरक्षण समाप्त हो जाएगा। वहीं, जिम्मेदार पद पर रहते हुए अमेरिका में जाकर वह कहते हैं कि हम ओबीसी का आरक्षण खत्म कर देंगे और संविधान को हम नहीं मानते। यह कांग्रेस की दोहरी मानसिकता जनता के सामने आ गई है। इस मुद्दे को लेकर आज हम धरना दे रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस का दोहरा चरित्र अब सभी के सामने है। विदेश में राष्ट्रीय विरोधी बातें करने वाले राहुल गांधी का हम आज प्रदर्शन कर पुतला दहन कर रहे हैं।”
अब स्कूलों के पास नशा बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, चलाया जाएगा येलो लाइन अभियान
रायपुर। शासकीय स्कूल और कॉलेजों के 100 गज के दायरे में अब जिला प्रशासन येलो लाइन अभियान चलाने जा रहा. इसमें कोटपा अधिनियम 2003 को सुचारू रूप से लागू किया जा रहा है और प्राधिकृत अधिकारी की ओर से धारा 4 के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई भी की जा रही है.
इस संदर्भ में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्टोरेट परिसर में स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक ली. इस दौरान रायपुर कलेक्टर ने जिले में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले के सभी शासकीय कार्यालय, निजी स्कूलों और ग्राम पंचायतों को तंबाकू मुक्त किए जाने के निर्देश दिए.

अधिनियम की धारा 5 और 6 के अंतर्गत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, सार्वजनिक स्थान सभी कार्यालय को धूम्रपान मुक्त किए समय-समय पर चालानी कार्रवाई की जाएगी. इसी कड़ी में शिक्षण संस्थानों के इर्द गिर्द अब प्रशासन की पैनी नजर रहेगी. सभी विभागों में नोडल अधिकारी नामांकित किए जाएंगे साथ ही विकासखंड स्तर पर अभियान को सुचारू रूप से चलाने प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि शिक्षण संस्थान तंबाकू मुक्त किए जा सके.
भाजपा सदस्यता अभियान: छत्तीसगढ़ में अब तक बनाए गए 19 लाख सदस्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर होगा भव्य कार्यक्रम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 19 लाख भाजपा के सदस्य बनाए जा चुके हैं। 50 लाख का लक्ष्य है। यह जानकारी प्रेसवार्ता में भाजपा सदस्यता अभियान के संयोजक अनुराग सिंह देव ने दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में चल रहे सदस्यता अभियान को लेकर दी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा का भव्य सदस्यता कार्यक्रम होगा।
अनुराग सिंह देव ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्त्ता 24 हजार बूथ में जाएंगे। जिलों में भाजपा कार्यकर्ता बैठक भी हुई है। मोर बूथ मोर अभियान कार्यक्रम का आयोजन होगा। 100 सदस्य का नारा दिया गया। प्रत्येक कार्यकर्त्ता, मंत्री, विधायक सभी को लक्ष्य दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 25 सितंबर तक 11 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री साय कुनकुरी विधानसभा के बगिया बूथ में रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव जगदलपुर विधानसभा के आसना में रहेंगे। डिप्टी CM अरुण साव लोरमी के तुलसाघाट में और विजय शर्मा कवर्धा के एक बूथ में मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि देश में 10 करोड़ का भाजपा सदस्य बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया था अब तक 4 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है।
वहीं प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखकर हमें पूरा विश्वास है कि हम 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे।
रेरा द्वारा बिल्डर ए. के. एस. इंन्फॉटेक को 75.26 लाख रूपए जमा करने के आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता तथा उपभोक्ताओं हितों की रक्षा और विवादो के शीघ्र निपटान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में रेरा प्राधिकरण द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी ग्राम पाहंदा जिला-दुर्ग के रहवासियों और आबंटितियों के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय करते हुए संप्रर्वतक-बिल्डर ए. के. एस. इंन्फॉटेक को अपने प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार विक्रय के लिए तैयार किये गये ब्रोशर विवरण अनुसार स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण रहवासियों के सोसायटी के पक्ष में स्वीमिंग पुल की लागत 25 लाख 17 हजार 400 रूपये तथा क्लब हाउस की लागत 50 लाख 09 हजार कुल 75 लाख 26 हजार 400 रूपये 45 दिन के भीतर फिक्स डिपॉजिट करने का आदेश पारित किया गया है।
अनिता देवी, स्वाति केसरी और शशिकांत भुआल सभी निवासी ए.के.एस. स्मार्ट सिटी पाहंदा ने छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के समक्ष अधिनियम की धारा 31 के अंतर्गत मई 2024 में शिकायत प्रस्तुत किया कि उनके द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में वर्ष 2019 में प्लॉट क्रय किया गया था जिसमें बिल्डर द्वारा मूलभूत सुविधा जिसमें स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस भी है की सुविधा प्रदान करने का उल्लेख किया गया था। बिल्डर द्वारा प्रोजेक्ट में विकास कार्य करते हुए अनुविभागीय अधिकारी पाटन से दिनांक 07.08.2020 को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया परन्तु उनके द्वारा अपने ब्रोशर अनुसार कॉलोनी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाया गया है।
रेरा प्राधिकरण द्वारा इस शिकायत को गंभीरता पूर्वक लेते हुए चार माह के भीतर सुनवाई कर आदेश पारित किया गया जिसमें रहवासी सोसायटी के पक्ष में कुल 75,26,400 रूपये जमा करने हेतु बिल्डर को निर्देशित किया गया है। छत्तीसगढ़ में रेरा प्राधिकरण के गठन के उपरांत रियल एस्टेट सेक्टर में आंबटितियों और प्रमोटरों के शिकायतों का तत्परता पूर्वक निराकरण के प्रयास किये जा रहे है तथा विवाद शीघ्रता पूर्वक निपटाये जा रहें है। अब तक कुल 2370 प्रकरणों का निराकरण रेरा प्राधिकरण के द्वारा किया जा चुका है।
आम नागरिकों को कोई भी भूमि अथवा घर रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट में ही खरीदना चाहिए जिससे की उनके हितों की रक्षा हो सके। घर या प्लॉट खरीदने से पहले केताओं को छ.ग. रेरा की वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ का अवलोकन अवश्य करना चाहिए वहां सभी रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की जानकारी निःशुल्क उपलब्ध है।
सिम्स प्रबंधन की कार्यशैली पर नाराज हुए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल, डीन सहारे और एमएस डॉ. नायक को किया सस्पेंड
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सिम्स के डीन डॉ. केके सहारे और अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुजीत नायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अस्पताल के संचालन में अव्यवस्था और कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें हैं। स्वास्थ्य मंत्री आज सिम्स में स्वशासी समिति की बैठक में उन दोनों के निलंबन की घोषणा की। इसके साथ ही पिछले तीन सालों में हुई खरीदी की जांच के निर्देश भी दिए हैं। सिम्स अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया, सुशांत शुक्ला, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मनोज कुमार पिंगुआ सहित समिति के सदस्य और अधिकारी गण उपस्थित थे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और स्वशासी समिति के अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा की आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। इसमें आड़े आने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उदारतापूर्वक सिम्स को बेहतर बनाने और उपकरणों के लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी। बैठक में स्वशासी खाते से कॉलेज के हिसाब किताब का ऑडिट करने के लिए डेढ़ लाख रुपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया सिम्स परिसर में विद्युत सब स्टेशन के एक नवीन एलटी पैनल स्थापित करने के लिए 42 लाख दिया गया। मेडिकल कॉलेज भवन के लिए एक डीजी सेट खरीदने की अनुमति भी दी गई। डीन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के लिए नए वाहन प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। मेडिकल छात्रों के आने-जाने के लिए एक 52 सीटर बस करें करने की वित्तीय एवं प्रशासकीय मंजूरी दी गई। चिकित्सा कॉलेज में हिंदी मीडियम की पुस्तक खरीदने के लिए भी ₹5 लाख दिया गया। सिम्स छात्रावास में बेड खरीदने के लिए 14 लाख रुपए की राशि के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
बैठक में कहा गया की जेम पोर्टल से नियमानुसार इसकी खरीदी की जाए। कॉलेज के लिए सीसीटीवी रेफ्रिजरेटर बायोमेट्रिक मशीन फोटोकॉपी मशीन की खरीदी के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। सिम्स अस्पताल के मलेरिया वार्ड में फाउल्लर मैट्रेस खरीदने कंसलटेंसी फीस कंप्यूटर सेट फोटोकॉपी मशीन सीसीटीवी कैमरा लगाने की हॉस्पिटल तैयार करने कंप्यूटर ऑपरेटर और स्टाफ नर्स तथा सफाई कर्मचारी की भर्ती के बारे में भी निर्णय लिया गया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संभागायुक्त महादेव कावरे,स्वास्थ्य विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ,सीजी एमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई, एनएचएम के प्रबंध संचालक डॉक्टर जगदीश सोनकर सहित स्वशासी समिति के सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लास कार्यक्रम की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
श्री परदेशी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु अंतर्विभागीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा के अनुसार भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम प्रदेश में स्वीकृत किया गया है। इसके तहत प्रौढ़ शिक्षा एवं जीवंत पर्यांत शिक्षा प्रमुखता से शामिल किया गया है। प्रौढ़ शिक्षा के नाम के स्थान पर अब सबके लिए शिक्षा रखा गया है। कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को शामिल किए जाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी आधारित मानदेय का प्रावधान नही है। एक लाख स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्वयंसेवी कॉलेज, स्कूल के छात्र-छात्राएं, युवा, महिला, डीएड-बीएड के विद्यार्थी एवं अन्य कोई भी स्वयंसेवी शिक्षक बन सकते है। उल्लास कार्यक्रम के तहत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पिछले 8 सितंबर 2024 को उल्लास साक्षर केन्द्रों का वर्चुअल शुभारंभ कर दिया गया है। उल्लास केन्द्रों में शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थित, नवाचारी गतिविधियों से अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उल्लास साक्षरता केन्द्रों के लिए शासकीय भवनों का उपयोग किया जाएगा। सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने विभाग के अतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को शत-प्रतिशत साक्षर करने की जिम्मेदारी लें।
इस कार्यक्रम के प्रमुख घटकों में बुनयादी शिक्षा, जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, मतदान साक्षरता व स्वास्थ्य, स्वच्छता, व्यावसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा एवं सतत् शिक्षा शामिल है। इस कार्यक्रम में राज्य शासन के सभी विभागों का सहयोग जरूरी है। बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में, पंचायत राज संस्थाओं के माध्यम से इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रदेश में वर्ष 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। इस वर्ष करीब 10 लाख असाक्षरों को साक्षर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में उल्लास कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी श्री प्रशांत पांडेय ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। बैठक में उल्लास कार्यक्रम के तहत ग्राम सभाओं में उल्लास शपथ दिलाने और छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों में साक्षरता के लिए विशेष रणनीति बनायी जाएगी।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की उप सचिव फरिहा आलम सिद्धीकी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन, उच्च शिक्षा, आदिम जाति विकास, वित्त, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाज कल्याण, श्रम, उद्योग, वन एवं जलवायु परिवर्तन, कृषि एवं पशुपालन, जनसम्पर्क, सहकारिता, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, परिवहन, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिक एवं विधि एवं विधायी कार्य विभाग और महासमुंद, राजनांदगांव, कांकेर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा के जिला परियोजना अधिकारी और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, लोक शिक्षण संचालनालय, एससीईआरटी और शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए
मुख्यमंत्री श्री साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य इकाई को विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 50 लाख रूपए की मंजूरी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य इकाई के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 13 लाख रूपए की राशि दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रूपए किया जा रहा है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त श्री जनक प्रसाद पाठक, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेवा कार्याें में उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवा स्वयंसेवियों, कार्यक्रम अधिकारियों और संस्थाओं को सम्मानित किया तथा एनएसएस की पत्रिका समर्पण का विमोचन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरूआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सौवीं जयंती पर हुई थी। पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. कलाम को याद करते हुए कहा कि वे अक्सर कहते थे कि अपने लिये मत जियो, ऐसे जियो कि आने वाली पीढ़ी को तुम पर गर्व हो। आने वाली पीढ़ी आप पर गर्व तभी करेगी जब आप अपने रचनात्मक योगदान से समाज को कुछ देकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने जो मशाल हमें सौंपी है, उसे हमें आगे ले जाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ में आयोजित परेड में हमारे राज्य की राष्ट्रीय सेवा योजना की आठ छात्राओं ने हिस्सा लिया। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। यह परेड नारी शक्ति को समर्पित थी और हमारी छात्राओं ने इसमें हिस्सा लेकर प्रदेश का मान बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए बड़े काम कर रही है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान की जा रही है। युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। नये जमाने के ट्रेड्स से उन्हें परिचित कराया जा रहा है। युवा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स का कौशल सीख सकते हैं। युवाओं को प्रोफेशनल पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा दी जा रही है। विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में भर्ती निकल रही है। उद्यम के क्षेत्र में जाने के इच्छुक युवा छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं को उद्योग जगत में अवसर प्रदान करने इंटर्नशिप योजना आरंभ की गई है। इसमें देश की शीर्ष 500 कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को काम सीखने का मौका मिलेगा और इसके लिए भत्ता भी मिलेगा। आप सभी इसका भी समुचित प्रचार-प्रसार करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि मुझे 100 ऊर्जावान युवा मिल जाएं तो मैं देश की दशा और दिशा बदल सकता हूँ। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना से एक लाख छह हजार स्वयंसेवक जुड़े हैं। इस विशाल संख्या और आप लोगों के उत्साह और ऊर्जा को देखकर मैं पूरी तरह आश्वस्त हूँ कि हम विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।










उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से प्रदेश में 7 से 8 लाख युवा वालेंटियर तैयार किए गए हैं, वर्तमान में एनएसएस के एक लाख से अधिक वालेंटियर हैं, जो रचनात्मक कार्याें में योगदान दे रहे हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त जनक प्रसाद पाठक ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम को संचालन एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.पी. अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए एनएसएस से जुड़े विद्यार्थी, अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 35.56 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज चारामा में 35 करोड़ 56 लाख 68 हजार रुपए लागत के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 15 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपए के चार निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। कांकेर के सांसद भोजराज नाग और विधायकगण किरण देव सिंह, विक्रम देव उसेंडी और आशाराम नेताम भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के तहत सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजनांतर्गत कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बोरगांव, आंवराभाठ और माकड़ीसिंगराय तथा चारामा विकासखण्ड के भुईंगांव, तेलगरा, काटागांव, भोथा और रतेडीह में कुल 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए लागत के 12 कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने चारामा में पंडित दीनदयाय उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने चारामा में मुख्य मार्ग के पास आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग पर चलकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों, जवानों और महिलाओं सहित सभी वर्गों का सतत् विकास कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इन दिनों ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत चारामा के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह ने भी नगरवासियों को संबोधित किया। पूर्व सांसद मोहन मंडावी, चारामा नगर पंचायत के अध्यक्ष प्यारेलाल देवांगन, उपाध्यक्ष केशर नागवंशी, मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा और स्थानीय पार्षदों सहित कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे।


उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री साव ने योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिला संसाधन और साधन सम्पन्न जिला है, जिसका सुव्यवस्थित विकास आप सबकी महती जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि हो या प्रशासनिक अधिकारी, सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ नागरिकों तक पहुंचे। आप लोग अपनी क्षमता और कार्य-शैली का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपने सद्व्यवहार, टीम वर्क और समयबद्धता से बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें। कांकेर के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ के विधायक विक्रम देव उसेंडी और कांकेर के विधायक आशाराम नेताम भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी लोक सेवकों को ईश्वर ने लोगों की सेवा का सुअवसर दिया है। उनकी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरे उतरना प्रशासनिक ही नहीं, नैतिक जिम्मेदारी भी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों और पुल-पुलियों के काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करें। श्री साव ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालयीन प्रकरणों का नियमित निपटारा करने अनिवार्यतः समय दें। इसके लिए सकारात्मक कार्य-शैली अपनाते हुए समयबद्ध तरीके से विभागीय दायित्वों का निर्वहन करें। अन्नदाता किसानों को भटकना न पड़े, इसके लिए जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करें।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं, चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की समय पर मौजूदगी की जमीनी हकीकत जानने नियमित और सघन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को वर्तमान में संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा की मैदानी स्थिति जानने नगरीय निकायों का जायजा लेने को कहा। अधिकारी पूरे शहर की सुविधाओं और समस्याओं की चिंता करें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे प्राकृतिक साधनों से परिपूर्ण कांकेर जिले को अग्रणी बनाने और यहां के लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करने हरसंभव सार्थक प्रयास करें।
समीक्षा बैठक में कांकेर के कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने एजेंडावार पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग, समाज कल्याण, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुधन विकास, मछलीपालन और खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। कांकेर जिला पंचायत के अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल और डीएफओ आलोक वाजपेयी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।


वार्डों में डंप हो रहे कचरे, वार्डवासियों ने किया हाईवे जाम, कहा – गंदगी से लोग हो रहे बीमार
जगदलपुर। शहर के वार्डों में नगर निगम द्वारा कचरा डंपिंग का मुद्दा बढ़ता जा रहा है. रविवार को गंगानगर वार्ड के पार्षद और वार्डवासियों ने गीदम रोड पर कचरा डालकर प्रदर्शन किया. वहीं आज छत्रपति और महाराणा प्रताप देव वार्ड में महीनों से चल रहे विरोध के बाद वार्डवासियों ने वार्ड में कचरा डालने पर वन विभाग के सामने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया. यह जाम लगभग एक घंटे तक रहा, जिससे पूरी तरह से आवागमन बाधित रहा. जाम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तहसीलदार को मौके पर भेजा.
तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की. इस दौरान पार्षदों और वार्डवासियों ने मांग की कि शहर का कचरा उनके वार्ड में न डाला जाए. तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि अब वहां कचरा डंप नहीं किया जाएगा, जिसके बाद आवागमन की बहाली हुई. हाल के दिनों में वार्डवासियों ने कचरे के कारण गंभीर समस्याएं झेली है. तालाब में डंप किए गए कचरे के कारण पानी इतना दूषित हो चुका है कि नहाने वाले लोगों को त्वचा पर बड़े दाने निकल रहे हैं. कई लोग कचरे की बदबू से बीमार भी हो चुके हैं.

निगम की उदासीनता पर पूर्व विधायक ने जताई चिंता
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने निगम की उदासीनता पर चिंता जताते हुए कहा कि वार्डवासी परेशान हैं. उन्होंने राज्य सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सोई हुई सरकार को जगाने का कार्य वे कर रहे हैं. जैन ने चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी चक्काजाम और धरने का सहारा लेते रहेंगे. यह मुद्दा न केवल वार्डवासियों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है. अगर प्रशासन इस पर तुरंत ध्यान नहीं देता तो संघर्ष जारी रहेगा.
छत्तीसगढ़ को मिला सेरीकल्चर के क्षेत्र में बेस्ट एचिवर पुरस्कार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों को रेशम पालन के क्षेत्र में एक और बड़ा पुरस्कार हासिल किया है। केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने बैंगलूरु में केन्द्रीय रेशम बोर्ड के 75वें स्थापना दिवस 20 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में टसर कृमिपालक एवं टसर धागाकारक गतिविधि के लिए छत्तीसगढ़ को बेस्ट एचिवर पुरस्कार से नवाजा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसके लिए विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और रेशम पालक किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
ग्रामोद्योग के इस उपलब्धि पर सचिव सह संचालक यशवंत कुमार ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा के उपरांत संतोष कुमार देवांगन, ग्राम-सिवनी, जिला-जांजगीर-चांपा को धागाकारक एवं गणेश राम सिदार, ग्राम-बार जिला-सारंगढ, बिलाईगढ़ को टसर कृमिपालक के रूप में नामांकित करते हुए उक्त कृषकों द्वारा दोनों विधाओं में प्राप्त उत्कृष्ठ उपलब्धि पत्रक एवं हितग्राहियों की जुबानी सफलता की कहानी फोटोग्राफ एवं विडियों सहित पूर्ण संकलन संयुक्त सचिव केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू प्रेषित किया गया था।छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (रेशम प्रभाग) द्वारा ’’प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन’’ में भाग लेने के लिए राज्य की ओर से टसर कृमि पालक और धागाकारक के किसान को प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन में भेजा गया था। इन दोनों विधाओं के प्रतिभागी कृषकों को केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
नियद नेल्लानार से बदल रही बस्तर की तस्वीर, गांवों में लौटी रौनक: सुरक्षा और विकास ने भरे खुशहाली के रंग
माओवादी गतिविधियों के कारण शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का समुचित लाभ भी अंदरुनी इलाकों में स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा था। इस सब समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ (अपका अच्छा गांव) संचालित की जा रही है। जिसमें सुरक्षा कैम्पों के पांच किलोमीटर के दायरे वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शतप्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय हाट बाजार अब गुलजार होने लगे हैं। बंद पड़े हाट बाजार और स्कूल अब फिर से शुरू हो रहे हैं। जिससे बस्तर की तस्वीर बदलती जा रही है और बस्तर में पुनः रौनक लौटी है।
आदिवासी क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा और विकास की नीति को मूल मंत्र बनाया है, इसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही है। बीते 9 महीनों के दौरान मुठभेड़ों में 156 माओवादियों को ढेर किया गया। पिछले 6 महीने में 32 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई। निकट भविष्य में दक्षिण बस्तर एवं माड़ में रि-डिप्लायमेंट द्वारा 29 नए कैम्पों की स्थापना भी प्रस्तावित है।
नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना नक्सल प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों एवं ग्रामीणों को 17 विभागों की 59 हितग्राहीमूलक योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा।
आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। कई ऐसे हाट बाजार जो वीरान हो गए थे, वे अब पुनः गुलजार होने लगे हैं। माओवादी क्षेत्रों में बारहमासी सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण किया जा रहा है, जो दिलों को जोड़ने का काम कर रही है। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पक्की सड़कों के निर्माण, स्कूलों के नियमित रुप से खुलने, उचित मूल्य दुकानों के बेहतर संचालन से बस्तर की तस्वीर बदलने लगी है। केन्द्र सरकार द्वारा नगरनार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है और लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कलेपाल में बारहमासी सड़क का निर्माण किया गया है, बिजली पहुंच गयी है। यहां का साप्ताहिक बाजार जो बंद हो गया था, वह फिर से शुरु हो गया है। दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण से बस्तर जिले के कलेपाल गांव तक पक्की सड़क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। दरभा ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोलेंग में बारहमासी सड़क का निर्माण हुआ है, बिजली पहुंची है, आंगनबाड़ी केन्द्र प्रारंभ हुआ है। लोहंडीगुड़ा विकासखण्ड के ग्राम बोदली में उचित मूल्य दुकान खोली गयी है तथा पहुंच मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।
सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत आने वाले गांव पूवर्ती में बनी राशन दुकान जल्द ही शुरू होगी। इस गांव में राशन दुकान नहीं होने के कारण यहां के लोगों को कई किलोमीटर दूर पैदल चल कर दूसरे गांव में राशन लेने जाना पड़ता है। अब गांव में ही राशन दुकान खुलने से ग्रामीणों को उनके ही गांव में राशन मिलने लगेगा। शासन-प्रशासन की पहुंच से कोंसो दूर बसा, यह गांव दशकों से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा था, लेकिन अब यहां शासन की योजनाएं पहुंचने लगी है।
आखिर क्यों खास है पूवर्ती गांव
सुकमा जिले के अंदरूनी व अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बसा हुआ पूवर्ती गांव एक वक्त नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना हुआ करता था। एक करोड़ रूपए का ईनामी नक्सली हिड़मा तथा टेकलगुड़ा कैंप निर्माण के दौरान नक्सली हमले की घटना का मास्टरमाइंड देवा का यह पैतृक गांव होने के कारण हमेंशा चर्चा में रहा है। माओवादियों का प्रभाव में होने के कारण पूवर्ती गांव में शासन की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन अब इस गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने से यहां के लोगों को तेजी से मूलभूत सुविधाएं सुलभ होने लगी है।
नियद नेल्ला नार योजना का ही यह परिणाम है कि सुकमा जिले के अंदरूनी क्षेत्र के गांव नवापारा एल्मागुंडा में डीटीएच का इंस्टालेशन किया गया है, जिसका लाभ बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण भी उठा रहे हैं। मनोरंजन के साथ ही वे देश-प्रदेश की खबरों से भी रूबरू हो रहे हैं। मोबाइल टॉवर लगने से ग्रामीण अब शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
नियद नेल्ला नार योजना के चलते ही नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के गांवों में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत् 12 हितग्राहियों के मकान बनाने का काम पूर्ण हो चुका है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में यहां के बच्चों को पूरक-पोषण आहार के साथ ही स्कूल पूर्व प्राथमिक शिक्षा मिलेगी। ग्राम मसपुर में नया उचित मूल्य दुकान भी स्थापित किया गया है, जिससे यहां के ग्रामीणों को अब अपने गांव में ही राशन सामग्री प्राप्त होगी। गांव में शुद्ध पेजयल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हैण्डपंप के स्थापना भी तेजी से की जा रही है। कोहकामेटा से कानागांव तक और आकाबेड़ा से कलमानार तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
बीजापुर जिले के चिक्कापल्ली में नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्राथमिक शाला भवन और आंगन बाड़ी भवन का निर्माण प्रक्रियाधीन है। उचित मूल्य दुकान खोलने के लिए गांव में भवन बनाया जा रहा है। पेयजल सुविधा के लिए सोलर ड्यूल पंप स्थापित किया गया है। इसी प्रकार उड़तामल्ला पंचायत के ग्राम यमपुर में ग्रामीणों के लिए 08 नग बोर खनन, सोलर हाई मास्ट की स्थापना की गई है। गांव में प्राथमिक शाला भवन, आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकान का भी निर्माण किया जा रहा है। अतिसंवेदनशील इलाके के इन गांवों की यह बदलती तस्वीर, बदलते बस्तर की बानगी है।





पोषण माह अंतर्गत निकाली गई पोषण रैली, सोहर गीत और पोषण गान के माध्यम से दी गई संगीतमय जानकारी
रायपुर। राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत 1 से 30 सितंबर तक महासमुंद जिले के कुल 1790 आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। पोषण माह के अंतिम सप्ताह में विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आज शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों द्वारा रैली निकालकर जागरूकता संदेश दिया गया। इस रैली का उद्देश्य बच्चों और ग्रामीणों में संतुलित आहार के साथ पोषण आहार की निरंतरता, मात्रा और खाने के तरीके पर लोगो तक जन जागरूकता लाना है। सही मात्रा में पौष्टिक भोजन लेने पर ही हम शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते है ।

महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत सेक्टर 1 में पोषण माह अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में संतुलित आहार एवं खानपान की जानकारी दी गई। विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन कर गर्भवती और शिशुवती माताओं को खानपान के बारे में समझाया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि गर्भवती माताओं के लिए जीवन के सुनहरे एक हजार दिन विशेष होते हैं। इस अवधि में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उन्होंने महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की समझाईश देते हुए कहा कि समय पर पौष्टिक आहार लेवें। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं की जानकारी का भी लाभ उठाएं। इस दौरान बच्चों का वजन लिया गया एवं रैली निकालकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्थानीय भजन मंडली द्वारा सोहर गीत और पोषण गान गाकर बच्चों के आशीष और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। पोषण गीत के माध्यम से भी उनके स्वास्थ्य और मानसिक, शारीरिक विकास हेतु प्रेरित किया गया। परियोजना अधिकारी ने बताया कि महिला को स्वस्थ रहने के लिए 20 मिलीग्राम आयरन प्रतिदिन चाहिए। यदि लंबे समय तक शरीर में पोषण की कमी बनी रहती है तो वही धीरे-धीरे कुपोषण के रूप में दिखाई देता है। 18 से 35 वर्ष की महिलाओं में उनके बैलेंस डाइट पर कार्य करने की जरूरत है महिला जैसे विवाहित होती है उसकी लगातार काउंसलिंग करने से उसके शरीर में खून की मात्रा का पता कर शरीर में खून की कमी ना हो इसके लिए लगातार परामर्श देना प्रारंभ करना अति उत्तम समय होता है। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित महिलाएं एवं बच्चे मौजूद थे।
ज्ञातव्य है कि 23 सितम्बर से 29 सितम्बर तक जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें 24 सितंबर को शाम को कुपोषण मुक्ति हेतु मशाल रैली, 25 सितंबर को बाजार हाट में पोषण जागरूकता, 26 सितंबर को समस्त कार्यकर्ता की पोषण भी पढ़ाई भी पर कार्यशाला, 27 सितंबर को पंचायतों में विशेष पोषण सभा (जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में), 28 सितंबर को स्वच्छता ही सेवा (आंगनवाड़ी और पोषण वाटिका, हितग्राही के पोषण बाड़ी की साफ-सफाई) एवं 29 सितंबर को व्यंजन, रंगोली, मेहंदी और पोषण खेलकूद का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त की, जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में मृतकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने जिला प्रशासन अधिकारियों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने साथ-साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
गौरलतब है कि राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। आकाशीय बिजली गिरने से 5 बच्चे तथा 3 लोगों की मृत्यु हो गई है। इस घटना में एक घायल व्यक्ति का ईलाज अस्पताल में किया जा रहा है, वह खतरे से बाहर है।
लोहारीडीह घटना की दण्डाधिकारी जांच पर बड़ी खबर
रायपुर। कबीरधाम जिले के ग्राम लोहारीडीह में 15 सितंबर 2024 को शिवप्रसाद साहू की मृत्यु उपरांत घटित आगजनी में रघुनाथ साहू की मृत्यु होने के कारण उक्त घटनाक्रम के संबंध में दंडाधिकारी जांच के लिए अतिरिक्त कलेक्टर निर्भय साहू को दंडाधिकारी जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री साहू ने बताया कि इस जांच बिन्दु से संबंधित जानकारी रखने वाले व्यक्ति 24 सितंबर 2024 से 04 अक्टूबर 2024 तक सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर पूर्वान्ह 11 बजे से सांय 5 बजे तक कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम के कक्ष क्रमांक 17 में उपस्थित होकर लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य एवं अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं।
घटना जांच के लिए निर्धारित बिन्दुओं में घटना का सिलसिलेवार विचरण। सम्पूर्ण घटना किन परिस्थितियों में हुई। घटना के क्या कारण थे। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो या अन्य कोई सुझाव या जांच अधिकारी अन्य बिन्दुओं को शामिल करना उचित समझे।