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छत्तीसगढ़ में 13 डिप्टी कलेक्टरों को मिली नियुक्ति, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट
देखे आदेश –

कांग्रेस के प्रदेश बंद का मिला-जुला असर, छत्तीसगढ़ बंद को सफल बनाने राजधानी की सड़क पर घुमते रहे पीसीसी चीफ दीपक बैज, कहा –
बस्तर संभाग में कांग्रेस के बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला. कांकेर में चेंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद का समर्थन नहीं किया, वहीं बीजापुर में कुछ दुकानें बंद रहीं और कुछ खुली रहीं. जगदलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही रैली की शक्ल में निकलकर चाय और नाश्ते की दुकानों को बंद करवाते नजर आए.
बंद के दौरान विवाद की स्थिति ना बने, इसके लिए चौक-चौराहों और बाजारों में पुलिस बल की तैनाती की गई. इसके अलावा कांग्रेस की रैली के साथ-साथ पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां भी चल रही थीं, ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.

कवर्धा में बंद का व्यापक असर
कांग्रेस के प्रदेश बंद का कवर्धा में व्यापक असर देखने को मिल रहा है. शहर में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी हैं. सराफा लाइन से लेकर बस स्टैंड, मेन मार्केट और रायपुर रोड की सभी दुकानें बंद हैं. केवल आपातकालीन सुविधाएं, मेडिकल दुकानें और इक्का-दुक्का दुकानें खुली नजर आ रही हैं.

दुकान बंद करने से मना करने पर भड़के कांग्रेसी
बिलासपुर में बंद का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है. शहर में सुबह-सुबह खुलने वाले ठेले, किराना की अधिकतर दुकानें आम दिनों की तरह खुली थीं. बंद को सफल बनाने निकले कांग्रेस नेताओं की जूना बिलासपुर में दुकान बंद करने से मना करने वाले दुकानदार से बहस हो गई. हो-हंगामा देख पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया.

कांग्रेसी नेता शहर के अलग-अलग इलाकों में बंद को लेकर समर्थन मांगने पहुंच रहे हैं. कांग्रेस नेताओं के आग्रह पर दुकानदारों ने दुकान तो बंद कर दी, लेकिन नेताओं के जाने कुछ देर बाद ही शटर फिर से खोल दिए. बंद को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी है, और पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं.

सरगुजा में बंद का दिखा असर
सरगुजा जिले में कांग्रेस के बंद का असर देखने को मिला. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्त्ता सड़कों पर उतरे और दुकानदारों से प्रदेश बंद को सफल बनाने अपील की. अंबिकापुर के व्यापारियों ने कांग्रेस के बंद का समर्थन करते हुए दुकानों को बंद किया.

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने ही नहीं किया समर्थन
कांग्रेस के प्रदेश बंद का सक्ती में बंद का असर देखने को नहीं मिला. व्यापारियों ने कांग्रेस के बंद को समर्थन नहीं दिया, यहां तक कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने अपने खुद के प्रतिष्ठान वंदना इंजीनियरिंग और वंदना इलेक्ट्रिक खुले रखे. कांग्रेस जिला अध्यक्ष की देखा-देखी अन्य व्यापारियों ने भी अपनी-अपनी दुकानें खुली रखीं.

लोहारीडीह हिंसा: पीड़ित परिवार से मिलने रवाना हुए डिप्टी सीएम अरुण साव, कहा- पीड़ितों को मिलेगा न्याय, कांग्रेस के बंद को लेकर कही यह बात
रायपुर। डिप्टी सीएम अरुण साव कवर्धा के लोहारीडीह कांड के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रवाना हो गए हैं. उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों से मुलाकात करेंगे और उनकी बातें सुनेंगे. साव ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार के साथ न्याय किया जाएगा. इसके साथ ही अरुण साव ने कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद समेत अन्य मुद्दों पर बयान दिया है.
घटनाओं पर राजनीति करना कांग्रेस की आदत
कांग्रेस के बंद को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि घटनाओं पर राजनीति करना कांग्रेस की आदत रही है. हमने बार-बार आंकड़े पेश किये हैं. हमारी सरकार कानून व्यवस्था को लेकर कठोर है. कानून व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की है, जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई की होगी. सरकार के पास कानून व्यवस्था की सर्वोच्च व्यवस्था है. मैंने आपसे कई बार कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को सुधारना होगा और सरकार इसके लिए व्यवस्था करेगी.
एसपी और कलेक्टर के ट्रांसफर पर प्रतिक्रिया
अरुण साव ने एसपी और कलेक्टर के ट्रांसफर को लेकर कहा कि कांग्रेस राजनीति कर रही है. सरकार सर्वोच्च कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई भी बड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी.
सरकार ने कई भर्तीया निकाली है उसको लेकर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि सरकार लगातार काम कर रही है. पीएचई में अभी भर्ती की प्रक्रिया करेंगे आगे भी भर्तियां निकालेंगे.
नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर पर प्रतिक्रिया
नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर अरुण साव ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी है, सरकार के स्तर पर निकाय चुकाव का काम शुरू हो चुका है. सरकार भी तैयार है, पार्टी भी तैयार है. कांग्रेस को जनता ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नकारा है.
लोहारीडीह कांड : दुर्ग जेल में बंद महिलाओं से मिले गृहमंत्री विजय शर्मा, पूर्व सीएम के बयान पर बोले –
दुर्ग। गृह मंत्री विजय शर्मा केंद्रीय जेल दुर्ग में बंद कवर्धा मामले के आरोपियों से मुलाकात करने पहुंचे हैं. लगभग 30 महिला आरोपी दुर्ग जेल में बंद हैं. गृहमंत्री ने महिला कैदियों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनी और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया. गृह मंत्री के साथ दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाडा, जेल डीजी हिमांशु गुप्ता, दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, आईजी रामगोपाल गर्ग, एसपी जितेंद्र शुक्ला भी मौजूद रहे.
कांग्रेस द्वारा लोहारडीह हत्याकांड मामले में बंद बुलाने और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों का जवाब देते हुए गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आखिर भूपेश बघेल बिरनपुर क्यों नहीं गए थे, हरचरण बैगा की जब मौत हुई थी तब क्यों वहां नहीं गए थे. किसको सस्पेंड किया था, किसको हटाया गया था. आज वे राजनीति, नेतागिरी करने जा रहे हैं. गांव हमारा है और हम सम्भाल रहे हैं. आरोप लगाने से पहले अपने पुराने बीते दिनों को वे याद कर लें.
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा में जब लोगों को पीटा गया था, तब किसको सस्पेंड किया था. उन्हें पुरस्कृत किया गया था, जिन्होंने डंडे मारे थे. हमने मुख्यमंत्री से भी कहा कि किसी को भी वहां जाना चहिए तो जरूर जाएं. गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिस वालों से भी कहा है कि वे इस मामले की जांच करें, क्योंकि मामला गंभीर है. इसमें पूरी तरह से मजिस्ट्रीयल जांच होगी. जो निर्दोष हैं उन्हें छोड़ा जाएगा. उन्होंने अपना नम्बर जेलर को दिया और कहा, अगर कोई भी महिला बंदी उनसे बात करना चाहे तो उनसे बात कराएं.
बता दें कि महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक भी आज दुर्ग जेल में बंद महिलाओं से मुलाकात करने वाली हैं. लोहारीडीह हिंसा मामले में दुर्ग जेल में बंद आरोपियों के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में महिला आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लिया है. राज्य महिला आयोग ने पुलिस महानिदेशक को पत्र जारी कर कहा है कि जेल में बंद आरोपियों के साथ हुए दुर्व्यवहार मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक शनिवार को जेल जाकर कवर्धा की महिलाओं से मुलाकात करेंगी.
जानिए लोहारीडीह का पूरा घटनाक्रम
बता दें कि जिले के लोहारीडीह में एक सप्ताह के भीतर 3 लोगों की अलग-अलग कारण से जान चली गई. 14 सितंबर की दरमियानी रात शिव प्रसाद साहू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र में पेड़ से लटकती मिली थी. शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की जलने से मौत हो गई. वहीं इस मामले में पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के शक में गिरफ्तार किया है. इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई. मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है. इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को निलंबित किया. वहीं रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया. वहीं आज देर रात कबीरधाम एसपी और कलेक्टर को भी हटा दिया गया.
पीएम जनमन योजना से पीवीटीजी समुदाय के लोगों का पक्के आवास का सपना हो रहा साकार
रायपुर। प्रधानमंत्री जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ इन समुदाय के लोगों को मिल रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की खुद के पक्के मकान के सपने को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
पीएम जनमन योजना अंतर्गत कोरबा जिले के दूरस्थ क्षेत्र पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के गुडरूमुड़ा के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय बिरहोर वर्ग के हितग्राही पूरन सिंह के खुद के पक्के आशियाने का सपना साकार हुआ है। हितग्राही ने आवास पूर्ण होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना ने उनकी दशा और दिशा बदल दी है। योजना के तहत वर्ष 2023-24 में उन्हें आवास की मंजूरी मिली। पंचायत स्तर पर दस्तावेजों की पूर्ति होने के साथ ही आवास निर्माण प्रारंभ किया गया। जिसमें पहली किश्त के रूप में 40 हजार रुपये मिलते ही उनकी मकान निर्माण की उम्मीद पक्की होने लगी। उनके द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर आवास निर्माण कार्य शुरू किया गया। मकान निर्माण आगे बढ़ने के साथ ही प्रगति के आधार पर किश्त की राशि मिलती गई और देखते ही देखते उनके सपनों का आशियाना पूरा होकर तैयार हो गया। हितग्राही ने बताया कि आवास निर्माण में कार्य करने पर मनरेगा के तहत उन्हें मजदूरी का भुगतान भी किया गया।
हितग्राही अपने पुराने दिनों की कठिनाई याद करते हुए बताते हैं कि वह एक खेतीहर मजदूर हैं। रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आवास निर्माण से उनका परिवार कच्ची झोपड़ीनुमा घर में निवास करते थे। जहां जीवन व्यतीत करना बहुत कठिन था। मौसम के अनुसार अनेक कष्टों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों में सीलन आना, साथ ही सर्दी के समय रात में ठण्ड के कारण नींद नहीं आती थी। साथ ही साल भर जहरीले कीड़े, सांप, बिच्छू इत्यादि का डर बना रहता था। अब पक्का मकान मिलने से उनकी ये समस्याएं दूर हो गई हैं। अब वे अपने परिवार के साथ पक्के आवास में चैन की नींद सो रहे हैं। पक्की छत वाली घर होने से उनकी समाज में प्रतिष्ठा बढ़ी है। नए आवास में परिवार के साथ हंसी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हितग्राही पूरन सिंह ने बताया कि शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ उनके परिवार को मिल रहा है। जिसके अंतर्गत महतारी वंदन योजना के तहत उनकी पत्नी को प्रतिमाह 01 हजार रूपए की सहायता राशि मिल रही है। इसी प्रकार रोजगार गारंटी योजना मनरेगा में कार्य, तेंदूपूत्ता संग्रहण, किसान पेंशन योजना, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड जैसी अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं। जिससे उनके परिवार की आय बढ़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को अपने आर्थिक एवं सामाजिक वृद्धि हेतु आभार व्यक्त करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के आशियाने के सपने को पूरा करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया।
गौरतलब है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से शत्-प्रतिशत लाभान्वित करने के लिये प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरूआत की है। इसके तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, नलजल, आजीविका, कौशल विकास, उज्जवला सहित अन्य योजनाओं से प्राथमिकता से लाभान्वित किया जा रहा है।
SI भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को हटाने पहुंची पुलिस, देर रात आश्वासन के बावजूद गृहमंत्री बंगले के बाहर दे रहे थे धरना
रायपुर। SI भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी रिजल्ट जारी करने को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा के निवास के बाहर शुक्रवार सुबह से धरने पर बैठे हैं, जिसे हटाने पुलिस पहुंची है. देर रात गृहमंत्री शर्मा अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर 2 सप्ताह में रिजल्ट जारी करने की बात कही थी. इसके बावजूद अभ्यर्थी धरने पर बैठे रहे. आज सुबह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अभ्यर्थियों को हटाने पहुंची है.
इससे पहले परीक्षार्थियों से 4 सितम्बर को गृह मंत्री विजय शर्मा ने मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने 15 दिनों के अंदर रिजल्ट जारी करने का आश्वासन दिया था. अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई थी कि परिणाम अब घोषित किए जाएंगे, लेकिन हर बार की तरह मायूसी ही हाथ आई. रिजल्ट जारी नहीं हाेने पर फिर गृह मंत्री बंगले के बाहर धरने पर बैठे हैं.
कई परीक्षार्थी भूख हड़ताल पर
धरने पर बैठे एक अभ्यर्थी ने बताया कि 11 दिनों से 22 अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर हैं. कुछ लोग तूता धरना स्थल में धरने पर रहे, जिनकी कमजोरी इतनी है कि आने की स्थिति में ही नहीं है. 2 ऐसे भी अभ्यर्थी रहे, जिनकी अनशन से तबियत खराब होने पर प्रशासन जबरदस्ती इलाज के लिए आपताल ले गए. अभ्यर्थी ने कहा, सरकार सुध लेने के लिए तूता तक नहीं जाती. बात सुनने के लिए मंत्री जी नहीं आए इसलिए माता-पिता के साथ यहां आना पड़ा.
विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष की हुई नियुक्ति
रायपुर। राज्य शासन ने विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। गोमती साय, विधायक -विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
गुरु खुशवंत साहेब, विधायक, विधानसभा क्षेत्र आरंग को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लता उसेण्डी विधायक -विधानसभा क्षेत्र कोण्डागांव को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। प्रणव कुमार मरपच्ची, विधायक- विधानसभा क्षेत्र मरवाही को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्ति किया गया है। ललित चन्द्राकर विधायक - विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनाए गए है।
मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर आदिवासी क्षेत्र में युवाओं का संवर रहा भविष्य
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में युवाओं का भविष्य संवर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश के बाद जिला प्रशासन की ओर से रोजगार एवं कौशल विकास को लेकर अनेक कार्य हो रहे है। जिससे विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए सार्थक पहल किया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिला प्रशासन ने अभिनव पहल की है, इससे युवाओं का जीवन बदल रहा है। यहां युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए जशपुर में आवासीय नवसंकल्प शिक्षण संस्थान संचालित है। जहां आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा दूरस्थ अंचल के बच्चों को वर्तमान में राज्य सेवा परीक्षा, उप पुलिस निरीक्षक, आरक्षक, शिक्षक भर्ती एवं नेट, सेेट, व्यापमं द्वारा आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाएं, बैकिंग, अग्निवीर और एसएससी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री निःशुल्क दी जाती है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे प्रतियोगी परीक्षा की तैयार करके अपना भविष्य संवार सके। नवसंकल्प शिक्षण संस्थान में रहकर तैयारी कर एसएससी जीडी उत्तीर्ण कर चुके जशपुर बेलडीपा के युवा नेहरूलाल ने बताया कि पहले क्षेत्रवासियों को सेंट्रल लेवल परीक्षा की तैयारी के लिए दूर जाना पड़ता था। अब जशपुर में ही उन्हें निःशुल्क पढ़ाई की सुविधा मिलने लगी है।
सोगड़ा के सोनकश्यप प्रधान ने कहा कि मेरे घर वाले इतना फीस नही दे पाते थे कि कही और जाकर एसएससी जीडी की तैयारी कर सकू। नवसंकल्प शिक्षण संस्थान द्वारा हमें प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के साथ-साथ हॉस्टल और मेस की सुविधा प्रदान की जाती है। एसएससी जीडी उत्तीर्ण शेखरपुर की अमीना ने कहा कि वे नवसंकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में रहकर तैयारी करते हुए उन्हें एसएससी जीडी में सफलता मिली है।
नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह संस्था आवासीय है। जिसमें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की बच्चों को तैयारी कराई जाती है और अब तक इसमें से करीब 150 बच्चें विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए सेलेक्ट हो चुके हैं। उन्होंने ने कहा कि संस्था में युवाओं का परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ सर्वांगीण विकास हो रहा है। विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयार कर रहे युवाओं ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए धन्यवाद दिए।

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पंडो जनजाति ने खोला मोर्चा, 12 घंटे तक डटे रहे सड़क पर
कोरबा। अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर बैठे पोड़ी उपरोड़ा के तीन पंचायतों के आदिवासी ग्रामीणों ने 12 घंटे के आंदोलन को समाप्त कर दिया है। एसडीएम के आश्वासन के बाद आंदोलनकारी माने हैं और सड़क से उठे हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों को जल्द समस्या का हल करने का भरोसा दिया है।
दरअसल ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग बिंझरा चौक पर सुबह 11 बजे से चक्काजाम किया, जिससे पेंड्रा रोड तक हड़कंप मच गया है। पंडो जनजाति के आदिवासी समुदाय के तीन गांवों के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर सड़क पर कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत की तस्वीर लेकर अगरबत्ती से पूजा पाठ कर आंदोलन पर बैठे थे। चक्का जाम में राहगीर और आमजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम में यात्री बस और चार पहिया वाहन फंस गए। चक्का जाम के बाद सड़क के दोनों तरफ लगी वाहनों की कतार लगी रही।
लोहारीडीह कांड के बाद साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, कवर्धा कलेक्टर-एसपी हटाए गए
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवर्धा जिले में ग्राम लोहारीडीह में 15 सितंबर को शिवप्रसाद साहू की मृत्यु के उपरांत घटित आगजनी में रघुनाथ साहू की मृत्यु की दुर्भाग्यजनक घटना के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस घटना के परिप्रेक्ष्य में पुलिसकर्मियों द्वारा ग्रामीणों से मारपीट किए जाने की घटना के चलते रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कबीरधाम जिले के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया गया है। कबीरधाम के कलेक्टर जन्मेजय महोबे के स्थान पर गोपाल वर्मा को कबीरधाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव को हटाकर उनके स्थान पर राजेश कुमार अग्रवाल को पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम द्वारा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी निर्भय कुमार साहू को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा उन्हें 30 दिवस के भीतर निर्धारित बिन्दुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भविष्य में इस तरह की किसी भी प्रकार की घटना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर और पर्यावरण संरक्षण मंडल से डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई की मांग
रायपुर। वाहनों में स्पीकर और डीजे बजाने वालों पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग डॉ. राकेश गुप्ता ने कलेक्टर, पर्यावरण विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को पत्र लिख कर की है।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने 27 अप्रैल 2017 को ध्वनि प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका के निर्णय में कहा है कि कानूनों के तहत कोर्ट में शिकायत करने की शक्ति प्राथमिक रूप से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों के पास है। जिला प्रशासन की भी भूमिका है। मामले में किसी भी अधिकारी की ओर से किसी नागरिक के टेलीफोन का इंतजार करने का कोई सवाल ही नहीं है। राज्य शासन के आदेश 11 सितंबर 2024 में भी यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों को भी शिकायत दर्ज करना है।
कौन कोर्ट में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं
डॉ. गुप्ता ने अधिकारियों को याद दिलाते हुए लिखा है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत जारी अधिसूचना के अनुसार जिला कलेक्टर, पर्यावरण विभाग के सचिव, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष, सदस्य सचिव पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के तहत कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने के लिए सक्षम घोषित किए गए हैं।
क्या कहता है ध्वनि प्रदूषण नियम
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत अधिसूचित ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के अनुसार (1) लिखित अनुमति प्राप्त किए बिना लाउडस्पीकर उपयोग नहीं किया जा सकता, (2) लाउडस्पीकर उपयोग रात में (रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच) बंद परिसरों को छोड़कर नहीं किया जा सकता (3) इसके अलावा साइलेंस जोन (अस्पताल, एजुकेशन इंस्टिट्यूट, कोर्ट) में या मानक से अधिक ध्वनि विस्तार के लिए ध्वनि एम्पलीफायर का उपयोग करने पर या कोई भी साउंड इंस्ट्रूमेंट नहीं बजाया जा सकता।
क्या है साउंड लिमिटर का प्रावधान
4 नवंबर 2019 को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के तहत जारी अधिसूचना के अनुसार किसी भी ध्वनि प्रणाली को किराए पर देने वाले और उपयोग या किराए पर लेने वाले को बिना साउंड लिमिटर के ध्वनि प्रणाली का उपयोग नहीं करना है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत ध्वनि प्रदूषण नियमों, आदेशों, दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर प्रत्येक उल्लंघन पर 5 साल की सजा या रुपए एक लाख का जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
क्या मांग की गई है
(1) गणेश त्यौहार के दौरान, गणेश मूर्ति स्थापना और गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान जिन लोगों ने स्पीकर और डीजे सिस्टम किराए पर देकर और लेकर, (2) त्यौहार के दौरान सड़कों पर रख कर, (3) गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान सड़क पर मंच पर रखकर या वाहनों में रखकर बजाए गए हैं उनके विरुद्ध पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि कुछ जिलों में खानापूर्ति कर डीजे छोड़ने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मुख्य सचिव को भी सभी जिला कलेक्टर को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश देने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होने पर वे अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर करेंगे।
लोहारीडीह हिंसा मामला : घटना को लेकर साहू समाज में आक्रोश, कांग्रेस के बंद को समर्थन देने से किया इंकार
कवर्धा। लोहारीडीह आगजनी हत्याकांड मामला अब तूल पकड़ता जा रहा. इस घटना को लेकर साहू समाज में भारी आक्रोश है. गांव में 03 लोगों की मौत के बाद जिला साहू संघ की बड़ी बैठक हुई. 8 सूत्रीय मांग को लेकर समाज के लोगों ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. वहीं कांग्रेस द्वारा लोहारीडीह मामले में प्रदेश बंद के आवाह्न का जिला साहू संघ ने समर्थन देने से इंकार किया है. मांगें पूरी नहीं होने पर साहू समाज ने उग्र आंदोलन का चेतावनी दी है.
ये हैं साहू समाज की प्रमुख मांगें
- पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी व जेलर को निलंबित कर एफआईआर दर्ज की जाए.
- मृतक शिवप्रसाद साहू, रघुनाथ साहू और प्रशांत साहू के परिजन को 01-01 करोड़ मुआवजा राशि दी जाए.
- मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाए.
भारत स्काउट्स और गाइड्स हीरक जयंती पर रायपुर में होगा जम्बूरी का आयोजन
जनजातीय प्रदर्शनी थीम पर आधारित होगी जम्बूरी: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स और गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी’ और प्रथम ’विश्व गर्ल गाइड्स जम्बूरी’ की मेजबानी करने जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
यह जानकारी छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के राज्य अध्यक्ष एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान श्री अग्रवाल ने बताया कि, यह कार्यक्रम भारत स्काउट्स और गाइड्स के हीरक जयंती वर्ष के दौरान आयोजित किया जाएगा जो सेवा और युवा सशक्तिकरण के 75 वर्षों की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है।
हीरक जयंती उत्सव ’नवंबर 2024’ से शुरू होकर ’नवंबर 2025’ में ’हीरक जयंती समापन समारोह ’’19वें राष्ट्रीय जम्बूरी और प्रथम ’विश्व गर्ल गाइड्स जम्बूरी के साथ समाप्त होगा। जम्बूरी का आयोजन नवंबर 2025 में किया जाएगा। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत समेत करीब 125 देशो के 35ए000 से अधिक प्रतिभागियों’ के शामिल होने की संभावना है।
जंबूरी का उद्देश्य मुख्य रूप से स्काउट्स और गाइड्स को राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मंच उपलब्ध कराना है जहां गाईडस एक साथ रहकर अपने अनुभवों को साझा करते हैै जिससे उनमें सेवा भाव और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा साथ ही सांस्कृति क्षमता का अदान-प्रदान होगा इसके अलावा कौसल विकास, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही हस्तकला में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
जम्बूरी देश और दुनिया भर के स्काउट्स और गाइड्स को एकता और सीखने की भावना सें एक साथ लाता है। यह वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को चरितार्थ करता है। वैश्विक स्तर और भारत में, राष्ट्रीय जम्बूरी हर चार साल में आयोजित की जाती है। जनजातीय प्रदर्शनी थीम पर आधारित होगी जम्बूरी बृजमोहन अग्रवाल
छत्तीसगढ़ में जम्बूरी का मुख्य आकर्षण जनजातीय प्रदर्शनी होगी, जो छत्तीसगढ़ के हृदय और आत्मा का उत्सव होगा। आगामी जम्बूरी में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की ’आदिवासी धरोहर’ और ’युवा नेतृत्व’ पर जोर दिया जाएगा। जम्बूरी के माध्यम से छ.ग. की सांस्कृतिक विरासत (लोक नृत्य, लोक-गीत, तीज त्यौहार) और समृद्व आदिवासी कला (धोकरा कला, गोंड चित्रकला, माटी शिल्प) हस्तशिल्प को वैश्विक मंच मिलेगा। जिससे राज्य के ग्रामीण और आदिवासी रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे।
भारत स्काउट गाइड की शुरूआत 7 नवंबर 1950 को हुई थी। पहली जम्बूरी साल 1953 में हैदराबाद में हुआ था और 18वी. जंबूरी का आयोजन 2003 में राजस्थान के पाली जिले में हुआ था।
जंबूरी के आयोजन को लेकर कल माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के साथ हुई बैठक भी हुई थी जिसमें मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी पेश की जिस पर मुख्यमंत्री जी ने इस जम्बूरी की मेजबानी को सहमती देते हुए युवा विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नेतृत्व प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया था।
छत्तीसगढ़ सरकार से इस आयोजन की सफलता के लिए ’₹25 करोड़’ के बजट को मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है, जिससे राज्य की संस्कृति और प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके।प्रेस वार्ता में भारत स्काउट्स एंड गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद को नहीं मिला चेंबर ऑफ कॉमर्स का समर्थन, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने कही ये बात…
प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन ने बताया कि 21 सितम्बर को प्रस्तावित बंद को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का 19 सितंबर का पत्र 20 सितंबर को दोपहर 12 बजे चेंबर कार्यालय को प्राप्त हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कराए जा रहे बंद को समर्थन देने का आग्रह किया गया है। बंद का समर्थन करना केवल कार्यकारिणी का क्षेत्राधिकार है। इतने अल्प समय में प्राप्त सूचना में कार्यकारिणी की बैठक बुलाना संभव नहीं है।
इसके अतिरिक्त चूंकि चेंबर से प्रदेश के छोटे-छोटे व्यापारी, रेहड़ी पटरी, एवं व्यापारिक संगठन जुड़े हुए हैं, जो फल-सब्जी, दूध और अन्य कच्चे सामान का व्यवसाय करते हैं। बिना पूर्व सूचना के आकस्मिक बंद से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इतने अल्प समय में बिना पूर्व सूचना अथवा व्यापारिक संघों की बैठक लिए बगैर ”छत्तीसगढ़ बंद” का समर्थन करने में चेंबर असमर्थ हैं।
प्राइवेट स्कूल एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि इस तरह के आंदोलन में बसें संचालित करने वाले स्कूल आम तौर पर बंद रहते हैं। कांग्रेस के बंद में समर्थन देने पर कहा कि सुरक्षा को ध्यान में देखते हुए निजी स्कूल संचालक अपना निर्णय ले सकते हैं।
बता दें कि कवर्धा जिले के बोडला विकासखण्ड अंतर्गत रेंगाखार थाना क्षेत्र के ग्राम लोहारीडीह में विगत दिनों हुई हत्या, आगजनी एवं पुलिस की बेरहम पिटाई से लगातार हुए तीन मौतों से पूरे प्रदेश में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। प्रदेश में बढ़ती गंभीर अराजकता तथा कवर्धा में पुलिस प्रताड़ना से हुई मौतों के दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ ने 21 सितम्बर को सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक एकदिवसीय छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है।
पीएचई में इंजीनियर्स सहित 181 पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभाग ने दी स्वीकृति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में इंजीनियर्स सहित अन्य पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 181 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। नई भर्ती से विभाग के कामकाज की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था भी बेहतर होगी।
पीएचई विभाग में उप अभियंता, अनुरेखक, सहायक ग्रेड-3 सहित विभिन्न रिक्त पदों को भरने के प्रस्ताव को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इसमें उप अभियंता (सिविल) के 118, उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10, अनुरेखक के 37, सहायक ग्रेड-3 के 02, केमिस्ट के 12 और वाहन चालक के 02 पद शामिल हैं।
नई भर्तियां न केवल विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि इससे नागरिक सेवाओं में भी सुधार होगा एवं योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सकेगा। पेयजल की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था भी बेहतर होगी। नल जल जैसी फ्लैगशिप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को निरंतर एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में सुगमता होगी।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण
माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है।
मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है।
बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।
- मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।
- राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है।
प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।
मतदाता सूची की शुद्धता ही चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता का आधार है : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्थानीय निकायों के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग में कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता ही चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता का आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए आज विशेष ब्रीफिंग का आयोजन किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य नामावली में संभावित त्रुटियों को दूर करना और सभी योग्य मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज करना है ताकि चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से आयोजित हो सके। आयुक्त अजय सिंह ने निर्धारित समय सीमा में मतदाता सूची शुद्ध एवं त्रुटि रहित बनाने के निर्देश दिए।
आयुक्त अजय सिंह ने सभी प्रेक्षकों से कहा कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में ई आर ओ तथा ए ई आर ओ द्वारा किए जा रहे कार्यों का समय पर निरीक्षण करते रहें और यदि आपको आवंटित जिले में पुनरीक्षण कार्यक्रम में किसी भी चरण में जिले में नियमों, निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो इसकी सूचना संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी तथा आयोग को तत्काल प्रदान कर समाधान प्राप्त करें।
ब्रीफिंग में निर्वाचक प्रेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी अहम भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रेक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे मतदाता सूची की जांच और सुधार प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरतें। यह सुनिश्चित किया जाए कि सूची में कोई नाम दोहराया न जाए, मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं, और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएं। आयोग द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया की 1 जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाता का नाम सूची में आवश्यक रूप से जोड़ा जाए तथा जिला स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
आयोग के सचिव डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की समस्या आने पर राज्य निर्वाचन आयोग से संपर्क कर समाधान लिया जा सकता है।आयोग द्वारा जारी निर्देशों एवं निर्धारित प्रक्रिया का शत प्रतिशत पालन करें तथा किसी भी प्रकार की वाद विवाद की स्थिति निर्मित ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा दी गई जिम्मेदारी का गंभीरता पूर्वक पालन करें। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग की उपसचिव डॉ. नेहा कपूर एवं आलोक श्रीवास्तव उपस्थित थे।


