रायपुर। छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव समेत सत्ता और संगठन के तमाम बड़े चेहरे शामिल हुए। सदस्यता अभियान को लेकर विधायकों और सांसदों को दिए गए टारगेट कितने पूरे हुए, इसकी समीक्षा की गई। साथ ही सक्रिय सदस्यता अभियान में विधायकों और सांसदों को जिम्मेदारी सौंपने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बीजेपी प्रदेश में सक्रिय सदस्यता अभियान शुरू कर चुकी है, जिसमें मंत्री, विधायक समेत सैकड़ों लोगों को पार्टी की सक्रिय सदस्यता दी जा चुकी है।
भाजपा मनाएगी संगठन पर्व:
भारतीय जनता पार्टी आगामी 26, 27 और 28 अक्टूबर को सर्वश्रेष्ठ सर्वाधिक सदस्यता अभियान (संगठन पर्व) मनाने वाली है। इस अभियान में पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता और पदाधिकारी तीन दिनों तक महिलाओं, पुजारियों, थर्ड जेंडर समेत अन्य कई क्षेत्रों के लोगों तक पहुँचकर भाजपा की सदस्यता दिलाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने आज जानकारी देते हुए कहा, “ये दिवाली सदस्यता वाली, दिल से जुड़े, दल से जुड़े कमल से” का नारा दिया। किरण सिंहदेव ने बताया कि भाजपा ने केवल 46 दिनों में 50 लाख से ज्यादा सदस्य बनाकर प्रदेश में इतिहास रचा है।
सुदूर अंचलों तक जुड़े हजारों सदस्य:
भाजपा सदस्यता अभियान के संयोजक अनुराग सिंहदेव ने बताया कि प्रदेश के कोने-कोने से बीजेपी के सदस्य बनाए जा रहे हैं। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा तक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सदस्य बनाए जा रहे हैं। हमारे कार्यकर्ता सुकमा में अब तक 11 हजार से अधिक ऑनलाइन सदस्य बना चुके हैं। इसी तरह दंतेवाड़ा में 10 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ा जा चुका है। हम एक-एक गाँव तक पहुँचकर जहाँ नेटवर्क नहीं पहुँचता है, वहाँ के ग्रामीणों को एकत्रित कर नेटवर्क वाले स्थान में पहुँचाकर सदस्य बना रहे हैं।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दो दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंची। इस दौरान रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में राष्ट्रपति मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई। इस बीच छत्तीसगसढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजभवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की, जिसकी तस्वीर उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर साझा की है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजभवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की तस्वीर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा- ”आज राजभवन में माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका छत्तीसगढ़ की पुण्य धरती पर स्वागत किया।
अब जबकि जल्द ही हमारा छत्तीसगढ़ अपने 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है तब इस आत्मीय मुलाकात के दौरान आदरणीय द्रौपदी मुर्मु जी को हमारे प्रदेश के विधानसभा प्रांगण और आदिवासी संस्कृति से रचे-बसे बस्तर में माता दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आमंत्रित भी किया।”
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्भीक पत्रकार,प्रबुद्ध लेखक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री गणेश शंकर विद्यार्थी की 26 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। राष्ट्र के लिए उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए श्री साय ने कहा कि भारत के स्वाधीनता संग्राम में विद्यार्थी जी का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से लोगों में राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का प्रयास किया। उन्होंने कई पत्रिकाओं में लेखन,संपादन करने के साथ स्वयं का हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र प्रताप भी शुरू किया। उन्होंने अपनी कलम की ताकत से अंग्रेज़ी शासन की नींव हिला दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यार्थी जी को उनकी देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय प्रवास पर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंची। प्रवास के पहले दिन राष्ट्रपति मुर्मू रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई। इस बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने राजभवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत छत्तीसगढ़ बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से भी मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात के दौरान सभी नेताओं ने राष्ट्रपति मुर्मू के साथ ग्रुप फोटो भी ली।
बता दें कि छत्तीगसढ़ प्रवास के पहले दिन राष्ट्रपति रायपुर एम्स और एनआईटी रायपुर के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई और छात्रों को डिग्री और मेडल का वितरण किया। इसके बाद उन्होंने नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में सरगुजा प्रखण्ड का लोकार्पण किया और साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को 9वीं किस्त की राशि भी जारी की। वहीं कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आदिवासी समुदाय के लोगों से भी चर्चा। राष्ट्रपति मुर्मू राजभवन में रात्रि भोज और फिर विश्राम करेंगी।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार एसीबी की कार्रवाई जारी है. सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एसीबी की टीम ने शुक्रवार को फिर बड़ी कार्रवाई की. RTE प्रभारी अरुण दुबे ने निजी स्कूलों से काम करवाने के बदले पैसे मांगे थे. एसीबी की टीम ने प्लान बनाकर अरुण दुबे को 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
दरअसल RTE प्रभारी अरुण दुबे ने निजी स्कूल संचालकों से RTE की फाइल को आगे बढ़ाने के लिए मोटी रकम की मांग की थी. एक लाख से नीचे की फाइल पर 3 हजार और एक लाख से उपर की फाइल पर 5 हजार कुल 44 फाइल की 2 लाख 16 हजार रुपए की मांग स्कूल संचालकों से की जा रही थी.
निजी स्कूल संघ ने मामले की शिकायत एसीबी की टीम से की थी. शिकायत के बाद टीम ने प्लान बनाकर कार्यवाही की और RTE प्रभारी अरुण दुबे को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में सरगुजा प्रखंड का लोकार्पण किया। लगभग 5 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित सरगुजा प्रखंड में छत्तीसगढ़ राज्य के विशेष रूप से सरगुजा अंचल के आदिवासी समुदाय की जीवनशैली और उनकी सांस्कृतिक व पुरातात्विक धरोहरों को प्रदर्शित किया गया है।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं श्री रोहित साहू उपस्थित थे।
सरगुजा प्रखंड में सरगुजा अंचल के जनजातियों की अनुठी संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत और पुरावैभव को प्रदर्शित किया गया है। सरगुजा अंचल के विभिन्न जनजातियों के निवास स्थल व उनकी जीवनशैली को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे हम एक ही स्थल में विभिन्न आदिवासी समुदायों के रहन-सहन, संस्कृति से बेहतर तरीके से रूबरू हो सकते हैं।
सरगुजा प्रखंड में पण्डो जनजाति के पारंपरिक जीवन शैली को दर्शाते बांस और छिंद के पत्तों से बने घर को प्रदर्शित किया गया है। इन घरों में देवताओं के पूजा का विशेष स्थान होता है। इसी तरह पहाड़ी कोरवा जनजाति का आवास लकड़ी से बना होता है, जिसमें देवी-देवताओं की आकृतियां नक्काशी की जाती है। यह उनकी धार्मिक आस्था का प्रतीक है। प्रखंड में निर्मित सामत सरना शिव मंदिर डीपाडीह में प्राचीन मंदिरों के भग्नावेश की प्रतिकृति हैं, जो 7वीं-13वीं शताब्दी के हैं। यह स्थल पुरातात्विक और धार्मिक महत्व रखता है। इसी तरह कोरिया का बैकुण्ठपुर महल भारतीय वास्तुकला का उदाहरण है। यह महल 1946 में पूर्ण हुआ है, इसकी अपनी ऐतिहासिक महत्ता है, जिसको पुरखौती मुक्तांगन के सरगुजा प्रखंड में प्रतिकृति के रूप में निर्मित किया गया है।
इसी प्रखंड में प्रदर्शित मड़िया खंबा आदिवासियों के सामुदायिक समारोह में उपयोग होता है। यह मड़िया जनजाति की पहचान का प्रतीक है, इसे पूजा स्थल के रूप में उपयोग किया जाता है। इसी तरह रामगढ़ की पहाड़ी पर सीताबेंगरा गुफा के प्राचीन नाट्यशाला के अवशेष को प्रदर्शित किया गया है। यह भरत मुनि का नाट्यशाला माना जाता है। रामगढ़ की पहाड़ी में महाकवि कालीदास ने मेघदूतम् की रचना की है।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा द्वारा आज उच्च न्यायालय के कर्मचारी लक्ष्मण सिन्हा, वाहन चालक को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण व उत्कृष्ट सेवा के लिए स्मृति चिन्ह, शॉल व श्रीफल प्रदान करते हुए सम्मानित किया गया तथा उनके भावी स्वस्थ्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय है कि लक्ष्मण सिन्हा इसी माह 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1998 में राज्य प्रशासनिक अधिकरण से अपनी सेवा प्रांरभ की थी तथा उसके भंग होने के पश्चात् वर्ष 2005 से इस उच्च न्यायालय में अपनी सेवायें प्रदान कर रहे थे। इस अवसर पर संयुक्त रजिस्ट्रार कम पीपीएस एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम, डिप्टी रजिस्ट्रार (प्रोटोकॉल) हिमांशु कुमार विश्वास व प्रोटोकॉल अधिकारी आर.एस. नेगी उपस्थित रहे।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों क्रमशः ‘आदि नारी: आदिवासी महिलाओं की अस्मिता और गौरव गाथा, वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शिका’ एवं पोदड़गुमा पेन करसाड का विमोचन किया। इस मौके पर राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रपति को उक्त तीनों पुस्तकों की प्रथम प्रतियां ससम्मान भेंट की। यह तीनों पुस्तकें छत्तीसगढ़ राज्य की जनजातीय संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और वन अधिकारों की सुरक्षा पर केंद्रित हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं रोहित साहू उपस्थित थे।
आदि नारी: आदिवासी महिलाओं की अस्मिता और गौरव गाथा पर आधारित पुस्तक में छत्तीसगढ़ की जनजातीय महिलाओं के दशकीय सामाजिक और आर्थिक विकास की यात्रा का उल्लेख किया गया है। इसमें उनकी शैक्षणिक प्रगति, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान, और लिंगानुपात जैसे मानव विकास सूचकांक के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।
इसी तरह वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शिका’ में वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक रूप-रेखा के संबंध में विस्तार से बताया गया है, ताकि राज्य में अनुसूचित जनजाति के लोगों को वन अधिकार अधिनियम का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सकें। इस मार्गदर्शिका में वन अधिकारों के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के उपाय भी शामिल किए गए हैं।
‘पोदड़गुमा पेन करसाड़’ पुस्तक में गोंड जनजाति की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित है। इसमें ग्राम टेमरूपानी में हर 7 वर्ष में आयोजित होने वाले 75 दिवसीय धार्मिक आयोजन ‘पोदड़गुमा पेन करसाड़‘ के विधि-विधान, नृत्य, संगीत, और वाद्ययंत्रों का विस्तृत वर्णन किया गया है। यह आयोजन गोंड समुदाय की पेन पूजा परंपरा और उनकी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की 9वीं किश्त का अंतरण किया। इस योजना के तहत दीवाली से पहले राज्य की 69 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए के मान से कुल 651 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि ऑनलाईन अंतरित की गई। योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका , मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं रोहित साहू उपस्थित थे।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस मौके पर महतारी वंदन योजना के हितग्राही ममता कश्यप और सत्यवती ध्रुव से इस योजना के लाभ के बारे में चर्चा की। महतारी वंदन योजना के राशि वितरण के इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों जैसे रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर और सरगुजा से पारंपरिक वेशभूषा में लगभग 120 महिलाएं आयी थीं।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु से बातचीत के दौरान ममता कश्यप और सत्यवती ध्रुव ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से वो अपने बच्चों को लिए राशन खरीदने के साथ ही उनकी जरूरत का अन्य सामान खरीदने के लिए उपयोग करती है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली मदद का लाभ उठाकर अपने बच्चों को खूब पढ़ाने-लिखाने और उन्हें अफसर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़ेंगे, तभी परिवार और समाज आगे बढ़ेगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
राष्ट्रपति से संवाद कर अभिभूत हुई ममता
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से बात करना मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। मुझे देश की प्रथम महिला से बात करने का अवसर मिला, यह मेरा सौभाग्य है। ये कहना है बस्तर से पहुंची ममता कश्यप का। ममता बस्तर क्षेत्र की एक आदिवासी महिला है और महतारी वंदन योजना की हितग्राही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मुझे आर्थिक सुरक्षा का अहसास होता है। हर महीने मुझे मोबाइल में नोटिफिकेशन का इंतजार रहता है। इस बार मिली राशि से मैं दीवाली में बच्चों के लिए कपड़े और मिठाई खरीदूँगी। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा कक्षा नवमी मे पढता है। मैं इस राशि का उपयोग उसकी ट्यूशन फीस देने मे करती हूँ। उन्होंने बताया कि मेरे परिवार मे कुल पांच लोग है। दो एकड़ खेती है। रोजी मजदूरी के साथ जीवन चल रहा है। ऐसे मे महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रूपए मिलना, बहुत ही सुखद और राहत देने वाला होता है। उन्होंने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर के लिए आज 25 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज संस्थान के 14वें दीक्षांत समारोह में अपनी गरिमामय मौजूदगी दी और 12 होनहार विद्यार्थियों को उनकी बेहतरीन शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए अपने हाथों से स्वर्ण पदक प्रदान किया। राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित एनआईटी के दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023-24 में संस्थान से ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी किए 1439 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें बी.टेक. और बी.आर्क. प्रोग्राम के 1044, एमसीए और एम.टेक. प्रोग्राम के 225 और पीएचडी के 170 विद्यार्थी शामिल थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विद्यार्थियों को एनआईटी जैसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान से शिक्षा ग्रहण कर डिग्री प्राप्त करने पर हृदय से बधाई दी। उन्होंने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि आज आप अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण को पूरा कर दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं। आप लोगों ने अपने परिश्रम और प्रतिभा के बल पर विशिष्ट मान्यता प्राप्त की है। विद्यार्थियों की सफलता में परिवार के प्रोत्साहन तथा प्राध्यापकों के मार्गदर्शन की निर्णायक भूमिका होती है। मैं सभी विद्यार्थियों के परिवार-जनों तथा प्राध्यापकों को भी बधाई देती हूं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीक का विकास विज्ञान पर निर्भर होता है। इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के बारे में जानकारी बनाए रखना आप सब के लिए सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इनक्लुजन (Digital Inclusion) के क्षेत्र में भारत की सफलता ने पूरे विश्व को आश्चर्यचकित कर दिया है। हमारे देश में ऐसे अन्य उदाहरण प्रस्तुत करने की संभावनाएं और क्षमताएं विद्यमान हैं। एनआईटी रायपुर जैसे उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों और आप जैसे युवाओं में यह उत्साह होना चाहिए कि ऐसी संभावनाओं को समझें और उन्हें कार्यरूप प्रदान करें। आप अपने योगदान का दायरा जितना अधिक विस्तृत करेंगे, उतना ही अधिक आपका व्यक्तिगत विकास होगा। बड़ी सोच, बड़ी आकांक्षाओं को जन्म देती है। बड़ी आकांक्षाएं ही प्रभावशाली यथार्थ का रूप लेती हैं।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपना काम पूरी निष्ठा, नैतिकता और कुशलता के साथ निरंतर करते रहते हैं, उन्हें सहज ही लोगों का सम्मान प्राप्त होता है। आप सभी लगन के साथ कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते रहिए। सफलता और प्रतिष्ठा आपका अनुसरण करेंगी। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करना व्यक्तिगत जीवन को सार्थक और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाता है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम ने विज्ञान और तकनीक का देश की सुरक्षा और समाज कल्याण के लिए उपयोग करते हुए अपार यश अर्जित किया।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने दीक्षांत समारोह में कहा कि भारत सरकार ने देश को ग्लोबल सेमीकंडक्टर मेनुफैक्चरिंग हब बनाने तीन वर्ष पहले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का शुभारंभ किया है। आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और टेक्नोलॉजिकल सेल्फ-रिलायंस (Technological Self-reliance) की दृष्टि से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री बहुत महत्वपूर्ण है। इस उद्योीग में युवा इंजीनियरों को रोजगार तथा स्टार्ट-अप्स के अनेक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रतिभाशाली इंजीनियर्स ने ऐसे अनोखे उद्यम स्थापित किए हैं, जिनके बारे में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। आप जैसे इंजीनियरिंग टैलेंट पूल (Engineering Talent Pool) के बल पर देश में महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई जा रही हैं, उनको कार्यरूप दिया जा रहा है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि युवा विकसित भारत का निर्माण करेंगे। युवाओं के प्रयासों से भारत विश्व में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाएगा।
राज्यपाल रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब मिलकर एक ऐतिहासिक अवसर का जश्न मना रहे हैं जो कि विद्यार्थियों की सालों की कड़ी मेहनत, धैर्य और लगन का नतीजा है। यहाँ उपस्थित हर विद्यार्थी ने शैक्षिक चुनौतियों का सामना किया, सहपाठियों से मित्रता की और साथ मिलकर बेहतरीन अनुभव के दौर से गुज़रे, जिसने उन्हें आज इस मुक़ाम पर पहुँचाया है। उन्होंने आज डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि आज यहाँ विद्यार्थी सिर्फ़ ज्ञान लेकर नहीं जा रहे, बल्कि आपसी समन्वय, संघर्ष करने और डटे रहने का कौशल भी लेकर जा रहे हैं। ये गुण उन्हें संस्थान की चार दीवारी से बाहर की दुनिया में मार्गदर्शन देंगे। विद्यार्थी एक ऐसी अनोखी दुनिया में प्रवेश करेंगे जो अभूतपूर्व परिवर्तन का समय है, जहाँ उनकी रचनात्मकता और जुनून महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। पूरा विश्व इन विद्यार्थियों की तरफ़ टकटकी लगाए देख रहा होगा कि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कौशल का उपयोग करके जलवायु परिवर्तन, ग़रीबी, वैश्विक भूखमरी, लिंग भेद, असमान आय, बेरोज़गारी जैसी अनसुलझी वैश्विक समस्याओं का हल निकाल सकें।
राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सफलता के लिए नैतिक और शैक्षिक मूल्यों को अपनाएं और नई ऊँचाइयों को छुएँ। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र और राज्य की सरकार ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतरीन प्रयास किए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कुशल नेतृत्व वाली सरकार ने शैक्षणिक अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए काफ़ी कार्य किए हैं। साथ ही तकनीकी संस्थाओं में शोध और नवाचार को भी छत्तीसगढ़ में बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की मौजूदा साय सरकार ने विभिन्न प्रयास किए हैं जिससे कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा मिले। साथ ही कार्य बल को उद्योगों की ज़रूरत के हिसाब से ढाला जा सके। तकनीकी क्षेत्र में विकास और अनुसंधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों की साझेदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे कि क्षेत्रीय समस्याओं का स्थानीय हल भी ढूंढा जा सके।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रथम आगमन पर इसे संस्थान के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं और नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने अपने क़ीमती समय में दो दिनों का बहुमूल्य समय प्रदेश को दिया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से डिग्री प्राप्त करने वाले सभी ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल डिग्री हासिल करने का दिन नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए अपने ज्ञान व कौशल को भविष्य में योगदान देने के लिए भी तैयार होने का दिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ की बड़ी आबादी गांवों और जंगलों में निवास करती है। ये वर्ग आज भी कई तरह के अभावों का सामना कर रही है। सुविधा और संपन्नता की दृष्टि से पीछे रह गए इन लोगों के जीवन में आपका ज्ञान और कौशल बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहाँ पर औद्योगिक विकास के लिए बहुत संभावना है। इस क्षेत्र में भी आपका ज्ञान और कौशल राज्य के लिए बहु उपयोगी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी के अनुरूप हम लोगों ने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लिया है। यह संकल्प आप लोगों के योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा देश दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करते हुए हम लोग भी इसमें बड़े बूस्ट की तैयारी कर रहे हैं। देश और प्रदेश को आप जैसे युवा प्रतिभाओं से बहुत उम्मीद है। आज प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। यह छात्र-छात्राओं में ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ज़ोर देती है। हमारी आने वाली पीढ़ी तकनीकी रूप से कुशल और उद्यमिता से भरपूर पीढ़ी होगी। प्रदेश के 160 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का भी हम आधुनिकीकरण कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, हवाई और संचार नेटवर्क का विस्तार बहुत तेज़ी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारे पास युवाओं की बहुत बड़ी टीम होगी जो इस प्रदेश को अपने ज्ञान, कल्पनाशीलता और प्रतिभा से विकास की नई उंचाईयों पर स्थापित करने में सक्षम होगी। रायपुर एनआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हवारे और निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। एनआईटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संस्थान के संकाय सदस्य भी समारोह में मौजूद थे।
राष्ट्रपति ने इन टॉपर्स को अपने हाथों से दिया स्वर्ण पदक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एनआईटी के वर्ष 2023 के विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के 11 टॉपर्स को स्वर्ण पदक प्रदान किया। उन्होंने कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियिरिंग तथा एनआईटी के ओवर-ऑल टॉपर यश बंसल को दो स्वर्ण पदक प्रदान किए। राष्ट्रपति ने बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर के टॉपर अंकित महोबिया, बायो मेडिकल इंजीनियरिंग की टॉपर ईशिका जैन, बायो टेक्नोलॉजी के टॉपर सिब्बू कुमार सिंह, केमिकल इंजीनियरिंग की टॉपर शिखा राय, सिविल इंजीनियरिंग की टॉपर मुस्कान अग्रवाल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के टॉपर शुभम अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के टॉपर अभिषेक कुमार, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की टॉपर दिशा जैन, मेटा एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग के टॉपर प्रखर जाधव और माइनिंग इंजीनियरिंग के टॉपर प्रियांशु कुमार को स्वर्ण पदक प्रदान किया।
रायपुर। रायपुर नगर (दक्षिण) उप निर्वाचन-2024 अंतर्गत कुल 46 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।
आज 25 अक्टूबर 2024 को भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी से विक्रम अडवानी, हमर राज पार्टी से मनीष कुमार ठाकुर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से गोपीचंद साहू, भारतीय जनता पार्टी से सुनील कुमार सोनी, बहुजन मुक्ति पार्टी से कृष्णा चिंचखेड़े, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से फरीद मोहम्मद कुरैशी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार से बृजनारायण साहू, निर्दलीय आशीष पाण्डेय, नीरज दुबे, मो. शान अहमद, अब्दुल अजीम, चन्द्र प्रकाश कुर्रे, प्रकाश कुमार उरांव, अदनान शाहीद, संतोष वर्मा, जयंत अग्रवाल, रमीज अलमास, मोहम्मद वसीम रिजवी, मो. इरफान खान, सलमान खान, अब्दुल शौकत गनी, रूबीना अंजुम, दीन बंधु गुप्ता ने अपना नाम निर्देशन पत्र जमा किया। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को की जाएगी। उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक अपना नामाकंन वापस ले सकेंगे।
रायपुर। श्रमिकों के बच्चे भी अब संपन्न परिवार के बच्चों के साथ बड़े स्कूलों में पढ़ाई कर पाएंगे. ऐसे बच्चों के लिए विष्णुदेव सरकार राज्य स्थापना के अवसर पर एक नवंबर से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना के साथ निर्माण श्रमिकों के लिए दो नई योजनाओं का अनुमोदन किया गया.
श्रम मंत्री सह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में शुक्रवार को संचालक मंडल की बैठक हुई. इसमें अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के साथ निर्माण मजदूर परिवार सशक्तिकरण योजना और निर्माण मजदूर परिवार सशक्तिकरण योजना को मंजूरी दी गई.
निर्माण मजदूर परिवार सशक्तिकरण योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों को उच्च शिक्षा आईआईटी, जेईई, नीट, सीए की परीक्षा के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना की शुरुआत होगी. साथ ही प्रदेश के 26.68 लाख निर्माणी श्रमिकों और उनके बच्चों को कौशल उन्नयन के लिए निर्माण मजदूर परिवार सशक्तिकरण योजना शुरू की जाएगी.
बैठक में श्रम विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल वर्मा, बीओसी की सचिव सविता मिश्रा, मुख्य निरीक्षक सह श्रमायुक्त एसएस पैकरा सहित अन्य उपस्थित रहे.
अन्य जिलों में शुरू होगी श्रम अन्न योजना
संचालक मंडल की बैठक में श्रम मंत्री सह अध्यक्ष लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की श्रमिक सम्मेलन में घोषणा अनुरूप शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना अंतर्गत सभी जिलों में योजना शुरू करने के निर्देश दिए गए. वर्तमान में नौ जिलों में कुल 33 भोजन केंद्र संचालित हैं.
निर्माण श्रमिकों का होगा स्वास्थ्य परीक्षण
बोर्ड की बैठक में निर्माणी श्रमिकों और उनके परिवार जनों के निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराएं जाने पर भी मुहर लगी. स्वास्थ्य विभाग, ईएसआईसी से भी परीक्षण कराएं जाने का निर्णय लिया गया. इससे 26 लाख से अधिक अधिक श्रमिकों को लाभ मिलेगी.
बिना पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर भी मंडल देगा 1 लाख
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत बूथ पंजीकृत निर्माण श्रमिक को कार्यस्थल में दुर्घटना मृत्यु पर 5 लाख, स्थाई दिव्यांगत में ढाई लाख, सामान्य मृत्यु पर उनके वैध उत्तराधिकारी को एक लाख की राशि दी जाती है, लेकिन अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मृत्यु उपरांत राशि देना का प्रावधान नहीं है. बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे श्रमिक की कार्यस्थल पर अगर मृत्यु होती है तो उनके परिवार को 1 लाख की सहायता राशि दी जाएगी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के सभी जिलो के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली गई। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 अंतर्गत निर्वाचक नामावली तैयार/पुनरीक्षित किए जाने संबंधी तैयारी की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से चुनाव की तैयारी, निर्वाचक नामावली को अद्यतन और पुनरीक्षित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक जिले में निर्वाचक नामावली को सही और अद्यतन किया जाए ताकि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल हो सके। पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाए और जिन मतदाताओं का स्थानांतरण या मृत्यु हो चुकी है उनके नाम हटाए जाए। राज्य के सभी जिलों के नगरीय निकायों में नाम जोड़वाने के लिए अब तक कुल 22 हजार 182, संशोधन के 1 हजार 182 तथा विलोपन के लिए 4 हजार 779 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को जांच करने कहा गया। इसके लिए फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड और अन्य सरकारी प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाए ताकि मतदाता सूची त्रुटि रहित और पूरी तरह से सही बन सके। नगरीय निकाय तथा पंचायत के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया जा चुका है। इस संबंध में आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार दावा आपत्ति का निर्धारित समय में निराकरण करने निर्देशित किया गया।
समीक्षा बैठक में सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों से उनके जिले में चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान की जानकारी ली गई तथा विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा गया।
सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि आगामी चुनाव में सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त हो सके। इस अवसर उपसचिव डॉ नेहा कपूर एवं आलोक श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। रायपुर दक्षिण की जनता ने 8 बार मुझे विधायक बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्ण विश्वास है कि नौवीं बार सुनील सोनी जी को प्रचंड मतों से विजयी बनाएगी। आज नामांकन रैली में क्षेत्र की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का जनसैलाब बता रहा है कि, जनता एक बार पुनः कमल खिलाने को तैयार है। यह बात रायपुर सांसद एवं 8 बार के पूर्व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को रायपुर दक्षिण उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुनील सोनी की नामांकन रैली के दौरान कही।
भाजपा कार्यालय से गाजे बाजे के साथ निकली नामांकन सांसद बृजमोहन अग्रवाल के साथ ही सुनील सोनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, मंत्री राम विचार नेताम, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, दयाल दास बघेल, लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब समेत हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कलेक्ट्रेट में नामांकन दाखिल करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, इस नामांकन रैली के साथ ही रायपुर दक्षिण एक नया इतिहास रचने जा रहे है।
आज की रैली में कार्यकर्ताओं के जोश और जनता के उत्साह ने साबित कर दिया है कि, वो यहां एक बार फिर कमल का फूल खिलाने को तैयार है। आप लोगों ने 8 बार कमल पर विश्वास जताया है। आप लोगों से आह्वान करता हूं कि, नौवीं बार पुनः भाजपा को वोट दें और पार्टी प्रत्याशी सुनील सोनी को प्रचंड मतों से विजयी बनाकर नया इतिहास रचें।
उन्होंने कहा कि, भाजपा सरकार में गरीब, महिला, युवा किसान सभी के हितों के लिए काम हो रहा है। महिलाओं को महतारी वंदन का 1000 रुपए महीना मिल रहा है तो किसानों को धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य मिल रहा है। वहीं गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास और मुफ्त राशन के साथ ही आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि, मैं आपका परमानेंट विधायक हूं जब तक जिंदा हूं आपके लिए कार्य करता रहूंगा। रायपुर दक्षिण के तेज गति से विकास के लिए अधिकृत रूप से आप लोग सुनील सोनी को जिताएं।
जिन्होंने महापौर और सांसद रहते हुए शहर के विकास में बहुत काम किया आज करीब 480 करोड़ रुपए से अधिक से रायपुर रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाया जा रहा है जो एयरपोर्ट से भी सुंदर लगेगा। इसके अलावा सोनी जी ने ही गौरव पथ, जेल रोड चौड़ीकरण, केनाल लिंक रोड, बूढ़ा तालाब को नया रूप देकर राजधानी को सुंदर बनाने का काम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि, सुनील सोनी ने शहर में 33 पानी की टंकी बनाकर हर घर पीने का पानी पहुंचने का काम किया। यात्रियों की सुविधा के लिए नया बस स्टैंड बनवाया, आज रायपुर जैसा भी दिखता है वो सुनील सोनी के महापौर और सांसद कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का परिणाम है। क्षेत्र में तेज रफ्तार विकास के लिए आप खुद भी और अपने रिश्तेदारों दोस्तों, मित्रों को भी भाजपा को वोट देने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, मंत्री राम विचार नेताम, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, दयाल दास बघेल, लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
रायपुर। भाजपा ने केवल 46 दिनों में 50 लाख से ज्यादा सदस्य बनाकर छत्तीसगढ़ में इतिहास रचा है. भाजपा के सर्वस्पर्शी, सर्वाधिक सदस्यता अभियान के तहत अब 26, 27, 28 अक्टूबर को महिलाओं, थर्ड जेंडर, पुजारियों और अन्य कई क्षेत्रों के लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई जाएगी. यह जानकारी आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भाजपा कार्यालय एकात्मक परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी.
पत्रकार वार्ता में किरण सिंहदेव ने कहा कि भाजपा से जुड़ना राष्ट्रशक्ति को मजबूत करना है, इसलिए अधिक-से-अधिक लोग दिल से, दल से, जुड़ें कमल से. भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह दीपावली सदस्यता वाली दीपावली है. भाजपा सदस्यता अभियान की अब तक की प्रगति और ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को देते हुए किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गांरटी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन ने भाजपा सदस्यता अभियान का यह इतिहास रचा है.
सदस्यता अभियान में कार्यकर्ताओं ने परिश्रम की पराकाष्ठा की. छत्तीसगढ़ में रहने वाले हर वर्ग, हर क्षेत्र के लोगों में भाजपा से जुड़ने को लेकर उत्साह का माहौल रहा. किरण देव ने कहा कि मोदी की गारंटी और भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार के कार्यों की वजह से जनता में भाजपा से जुड़ने के लिए और अधिक उत्साह दिखाई पड़ा. साय सरकार ने केवल 10 महीनों के कार्यकाल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सबसे कम समय में 70 लाख महिलाओं को 1000 रुपये, 18 लाख प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, धान का बकाया बोनस के 3,716 करोड़ रुपए, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रु. में, श्री रामलला दर्शन योजना, पीएससी परीक्षा घोटाले की जांच, नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता आदि प्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियां देश के सभी प्रदेशों के सामने एक मिसाल रही है.
भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक व प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सदस्यता अभियान के तहत कई प्रकार के घटनाक्रम भी हुए, जिसमें छत्तीसगढ़ की दिल्ली की बैठकों में भी तारीफ हुई. हमारे कार्यकर्ता राधे लाल नाग का सदस्यता अभियान के कार्य के लिए बाढ़ में फंस जाना कांग्रेस से आए हुए कार्यकर्ता का अपने रेफरल कोड से 13 हजार से ज्यादा सदस्य बना लेना और केवल 46 दिनों में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए भाजपा के 50 लाख सदस्य बनना यह जनता के भाजपा के प्रति विशेष स्नेह का बड़ा प्रमाण है.
वहीं अनुराग सिंह देव ने कहा कि भाजपा को अधिकतम वोट पिछले चुनाव में 79 लाख मिले थे. 79 लाख वोटों के बाद 60 लाख का सदस्यता लक्ष्य रखना एक बहुत बड़ा काम है जिसे भारतीय जनता पार्टी जल्दी पूरा करने जा रही है.
इस पत्रकार वार्ता में अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कंडेय, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी और सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी मौजूद रहे.
रायपुर। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने आज एम्स रायपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संस्थान के 10 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं पदोपाधि तथा 514 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है, उनके निर्णय जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से उत्तीर्ण चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल छात्र इस जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी तन्मयता और क्षमता के साथ करेंगे। उन्होंने उपाधि एवं पदोपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देेते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा, एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल सहित एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि जब आप सबने मेडिकल को अपना कार्यक्षेत्र चुना होगा, तो आपके मन में दया और संवेदना का भाव रहा होगा। आपको यह हमेशा याद रखना होगा कि दया, करूणा, संवेदना मानवीय मूल्य को मजबूत बनाते हैं। इसलिए हमेशा अपने कार्य क्षेत्र में इन जीवन मूल्यों के साथ कार्य करें।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार देश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। पिछले एक दशक में देशवासियों को यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाए गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाई उपलब्ध हो रही है। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस और पीजी की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है। नए एम्स भी स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ कुपोषण को दूर करने तथा सिकलसेल क्लिनिक का संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाना चाहिए। एम्स रायपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चलित क्लीनिकल डिसीज और सपोर्ट सिस्टम पर भी कार्य कर रहा है। इससे दूर दराज के क्षेत्र के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में रियल टाइम मदद तथा सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। आपके कार्य विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर सभी स्नातक छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनके सफल करियर की कामना की। उन्होंने कहा कि आज से आप, लोगों के लिए आशा की किरण होंगे। उन्होंने एम्स रायपुर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है। एम्स रायपुर का 2024 में राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वां स्थान प्राप्त करना इसकी एक मिसाल है। इस संस्थान ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान यहां के मरीजों को मिले उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की भी उन्होंने प्रशंसा की। राज्यपाल ने आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इस योजना ने संस्थान की गरिमा को और बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि इस आदिवासी प्रदेश में स्थित मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थाओं की प्रतिभाएं आपकी उपस्थिति में दीक्षा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में देश की लगभग सभी ख्यातनाम संस्थाएं स्थित हैं। ये संस्थाएं राज्य के भविष्य को रास्ता दिखाने वाली मशालें हैं। इनमें से ज्यादातर संस्थाएं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूचि और पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली हैं। एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र और ओडिशा के लोगों के लिए भी वरदान है। इस संस्थान ने अपनी व्यवस्था और विशेषज्ञता के लिए पूरे देश में नाम कमाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भर्तियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। अस्पताल भवनों को बेहतर बनाया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और सिम्स बिलासपुर में भवन विस्तार तथा सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के 4 नये मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण के लिए 1020 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में भी कराने का निर्णय लिया है, इससे विशेष रूप ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का मेडिकल हब बनाने में अपना योगदान देने के लिए हमारे शासकीय अस्पताल भी पूरी तरह तैयार हैं। हम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा ने स्वागत भाषण तथा कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल ने एम्स रायपुर का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार, 28 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी. यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर में दोपहर 12 बजे होगी. इस बैठक में सरकार कई अहम फैसलों पर मुहर लग सकती है.
रायपुर। वित्त विभाग ने तमाम मंडल, निगम और स्वशासी संस्थाओं को आदेश जारी किया गया है, जिसमें शासन के सहमति के बिना दी जा रही अन्य सुविधाओं पर तत्काल रोक लगाएं, साथ ही समीक्षा कर विभाग को जानकारी उपलब्ध कराने कहा गया है.
जारी आदेश में कहा गया है कि बिना शासन की अनुमति के निगम, मंडल और स्वशासी के कर्मचारियों को मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए. कर्मचारियों को वेतन भत्ते समेत अन्य सुविधाएं राज्य शासन की ओर से दी जा रही है. राज्य शासन के अनुमति के बिना कोई भी अतिरिक्त सुविधाएं न दें.