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पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के स्वास्थ पर सरकार की नजर, डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की लगाई ड्यूटी, आदेश जारी
दुर्ग। पद्म विभूषण और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई के स्वास्थ की नियमित जांच के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट और एएनएम की ड्यूटी लगाई है। इसका आदेश जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी किया है। बता दें कि तीजन बाई एक साल से लकवे से पीड़ित हैं और गनियारी स्थित अपने निवास में ही रहकर उपचार करवा रही है।
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बता दें कि एक साल पहले अपने बेटे की मौत के बाद सदमे से वह अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही हैं। उनकी खराब सेहत को देखते हुए सरकार ने उनके इलाज की प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछली भूपेश बघेल सरकार में जब तीजन बाई के बीमार होने की खबरें सामने आई थीं, तो पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने फोन पर उनसे बात की थी और उसी के बाद उनका इलाज शुरू किया गया था।
अब वर्तमान भाजपा सरकार ने उनकी नियमित देखभाल के लिए डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की टीम तैनात की है, जो प्रतिदिन उनकी सेहत की जांच करेगी। तीजन बाई का हालिया स्वास्थ्य उनके चाहने वालों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
शहर में सरकारी और नजूल भूमि की होगी जांच: कलेक्टर ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए गठित की विशेष टीमें, 15 अक्टूबर तक सौंपेगी रिपोर्ट
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने बिलासपुर शहरी क्षेत्र में स्थित शासकीय एवं नजूल भूमि की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। एसडीएम बिलासपुर जांच टीम का नेतृत्व करेंगे। उनकी अध्यक्षता में गठित टीम में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 9 दल बनाये गये है। ये टीमें विस्तृत रूप से भू-अभिलेख की जांच कर 15 अक्टूबर तक रिपोर्ट देगी। मुख्य रूप से शासकीय भूमि एवं नजूल भूमि का मिशल बंदोबस्त एवं अधिकार अभिलेख से भौतिक सत्यापन करेगी। इस आधार पर वर्तमान अभिलेख की स्थिति एवं भूमि स्वामी दर्ज होने का कारण सहित विवरण देना होगा। जांच टीम अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे एवं भौतिक सत्यापन का कार्य करेगी।
जानकारी के मुताबिक कलेक्टर द्वारा गठित प्रत्येक टीम में पांच सदस्य होंगे। टीम का नेतृत्व संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी करेंगे। संबंधित क्षेत्र के नगर निगम के जोन अफसर एवं राजस्व निरीक्षक, राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक एवं हलका पटवारी इसके सदस्य होंगे। इनमें पहली टीम का नेतृत्व नजूल अधिकारी एसएस दुबे, दूसरी टीम में तहसीलदार अतुल वैष्णव, तीसरे टीम में अतिरिक्त तहसीलदार मुकेश देवांगन, चौथे टीम में अतिरिक्त तहसीलदार गरिमा ठाकुर, पांचवे टीम में अतिरिक्त तहसीलदार सिद्धी गबेल, छठें टीम में नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा, सातवें टीम में नायब तहसीलदार राहुल शर्मा, आठवें टीम में तहसीलदार संकरी अश्विनी कंवर और नवें टीम में नायब तहसीलदार रूचिका अग्रवाल नेतृत्व करेंगी।
कलेक्टर ने प्रतिबंध की बावजूद कुछ मामालों में पंजीयन किये जाने की जांच के निर्देश भी दिए हैं। इस आधार पर ठोस प्रस्ताव बनाकर उप पंजीयक के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जायेगा। मुख्यमंत्री की कलेक्टर कॉन्फरेंस में दिए गए निर्देशों के अनुरूप टीएल बैठक में आज राजस्व मामले को लेकर सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
हड़ताल पर जाएंगे रायपुर नगर निगम के ठेकेदार : तीन माह से लंबित है भुगतान, आयुक्त को पत्र लिखकर दी चेतावनी
रायपुर। तीन महीने से लंबित भुगतान को लेकर रायपुर नगर निगम के अंतर्गत कार्यरत ठेकेदारों ने निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा को पत्र लिखा है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो 22 सितंबर से लगभग 4000 कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे. ठेकेदारों का भुगतान लंबित होने से अब सवाल उठ रहे हैं कि रायपुर नगर निगम में 300 करोड़ से अधिक राजस्व वसूली हुई है. वहीं नगरीय निकाय के कर्मचारी भी अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं. इसके चलते कामकाज ठप हो गया है.
दरअसल निगम के 70 वार्डों के 4 हजार से अधिक सफाई , प्लम्बर, ड्राइवर कर्मचारियों के तीन महीने का लगभग 15 से 18 करोड़ रुपए ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया गया है. ठेकेदार आयुक्त से मुलाकात करने निगम दफ्तर के चक्कर काटने पर मजबूर हैं, जहां आयुक्त से मुलाकात नहीं होने की वजह से अब ठेकेदार निगम के विरोध में मोर्चा खोलने को तैयार हैं.
एक महीने पहले मिला था आश्वासन, अब तक भुगतान नहीं
ठेकेदारों ने बताया कि एक महीने पहले आयुक्त से मुलाकात कर लंबित भुगतान करने की मांग रखी थी, जिस पर एक हफ्ते का आश्वासन मिला था. महीना बीत जाने के बाद भी अब तक लंबित राशि का भुगतान नहीं किया गया है. इसकी वजह से अब ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हो चुके हैं. उन्होंने यी भी बताया कि 26 अगस्त से आयुक्त अबिनाश मिश्रा से मुलाकात का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन निगम कार्यालय में उनकी उपस्थिति नहीं होने से अब तक कोई बातचीत नहीं हो पाई है.
आयुक्त ने दिया था आश्वासन, उपायुक्त ने बिल का दे दिया हवाला
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र गुप्ता ने ठेकेदारों द्वारा बिल पेश नहीं करने को भुगतान नहीं होने का कारण बताया है, जिससे फाइल प्रस्तुत नहीं किया गया है, लेकिन ठेकेदारों से एक माह पहले मुलाकात में आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने करोड़ों की लंबित राशि के कुछ हिस्से का भुगतान करने का आश्वासन दिया था. इससे अधिकारियों के बीच समन्वय का अभाव नजर आता है. वहीं इस पर ठेकेदारों का कहना है कि जून महीने का चालान पेश कर बिल लगाया गया था. इसके बावजूद भी अब तक जून माह का भी भुगतान नहीं किया गया है.
कमिश्नर के संज्ञान में डाला जाएगा : महापौर
महापौर एजाज़ ढेबर के मुताबिक पहले भी कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं, जिनसे बातचीत करके हड़ताल ख़त्म किया गया है. अब एक बार फिर यही स्थिति बन रही है. ठेकेदारों के लंबित भुगतान की जानकारी मिलने के बाद आयुक्त अबिनाश मिश्रा और अपर आयुक्त से चर्चा की गई, जहां 2 महीने का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था. वर्तमान में चार हज़ार से अधिक कर्मचारी ठेकेदारों की अंतर्गत कार्यरत हैं. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वच्छता सर्वेक्षण पर बड़ा असर पड़ेगा. ऐसे में कमिश्नर के संज्ञान में डाला जाएगा. यदि फिर भी कोई समाधान नहीं निकलता तो सख्त रुख अपनाया जाएगा.
मामले में जल्द संज्ञान लें अफसर : उपनेता प्रतिपक्ष
उप नेता प्रतिपक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि इस विषय पर निगम के अधिकारियों को जल्द से जल्द संज्ञान लेने की आवश्यकता है. चूंकि अब चार महीने से ठेकेदारों को भुगतान नहीं हुआ है. ऐसे में यदि ठेकेदार कर्मचारियों को ही वेतन देना बंद कर दें तो निगम के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है.
आज इतने बजे से होटल-बार, क्लब समेत सभी शराब दुकानें रहेगी बंद, जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश
रायपुर। राजधानी रायपुर में आज 19 सितंबर को गणेश झांकी निकाली जाएगी। इसके मद्देनजर जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने रायपुर नगर निगम और बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के सभी देशी और विदेशी शराब की फुटकर दुकानों, रेस्टॉरेंट-बार, होटल-बार, क्लब, और अन्य संबंधित स्थानों को आज शाम 4 बजे से बंद रखने का आदेश जारी किया है।
बता दें कि यह आदेश छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 24 (1) के तहत जारी किया गया है। कलेक्टर ने इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात की है, ताकि गणेश विसर्जन का आयोजन शांति और व्यवस्था के साथ किया जा सके।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नेतृत्व में केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जताया आभार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय कैबिनेट में जनजातीय समुदाय के उत्थान, किसानों और उपभोक्ता कल्याण के संबंध में लिए गए निर्णयों के लिए छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार प्रकट किया है। केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा आज ’प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ को स्वीकृति और प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना को वर्ष 2025-26 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा है कि इन निर्णयों का लाभ प्रदेशवासियों को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार करते हुए कहा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान की दिशा में ’प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ को मिली स्वीकृति ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री जी के इस मिशन से देश के 63,000 से अधिक आदिवासी बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों के आदिवासी गांवों के लोगों जीवन-स्तर में सुधार एवं समृद्धि आएगी। निश्चित ही इसका लाभ हमारे प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों को मिलेगा। जनजातीय समुदाय के उत्थान की दिशा में इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी का सहृदय आभार और देश-प्रदेश के समस्त जनजातीय भाई-बहनों को ढेरों शुभकामनाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा ’प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना’ को वर्ष 2025-26 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जो अत्यंत सराहनीय है। इस योजना के तहत 35,000 करोड़ रूपए के कुल वित्तीय व्यय से अन्नदाता किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करने और उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। निश्चित ही हमारे प्रदेश के अन्नदाताओं और उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। कृषक और उपभोक्ता कल्याण को समर्पित इस निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्नदाता किसान भाई-बहनों को निरंतर सस्ती दरों पर खाद की आपूर्ति के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को स्वीकृति प्रदान की है। 2024 के रबी सीजन हेतु फॉस्फेटिक और पोटाश (पी एंड के) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरें तय करने के इस पहल से किसानों को किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। जिसका लाभ हमारे प्रदेश के अन्नदाताओं को मिलेगा। किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का सहृदय आभार।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों की भी सराहना की है। उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चंद्रयान - 4 मिशन को स्वीकृति दी है। इस मिशन का उद्देश्य स्पेसक्राफ्ट को चंद्रमा पर उतारना, सैंपल कलेक्ट करना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वीनस ऑर्बिटर मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) की स्थापना सहित गगनयान फॉलो-ऑन मिशन को भी स्वीकृति दी है। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में यह सभी निर्णय भारत की सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है। इस निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आभार और समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं।
मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन कल
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में 19 सितंबर को जनदर्शन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनदर्शन में लोगों से सीधे रुबरु होकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। जनदर्शन का आयोजन सबेरे 11:00 बजे से 1:00 बजे तक किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय में सहायक मार्शल पदों की लिखित परीक्षा 6 अक्टूबर को
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय के अंतर्गत सहायक मार्शल पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 6 अक्टूबर 2024 को किया जाएगा। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा इस परीक्षा का संचालन किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक होगी।
सहायक मार्शल पद हेतु छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय के वेबसाईट पर पहले ही ऑनलाइन आवेदन जमा किया गया था, जिसमें विभागीय शारीरिक नाप-जोख एवं दक्षता परीक्षण उपरांत पात्र अभ्यर्थियों को अब व्यापम की वेबसाइट पर जाकर पंजीयन करना होगा। पंजीयन प्रक्रिया 9 सितंबर 2024 से शुरू हुई और 22 सितंबर 2024 तक चलेगी। इसके साथ ही, अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा जिले का चयन करना अनिवार्य होगा।
नियंत्रक छत्तीसगढ़ व्यावसायिक शिक्षा मंडल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापम पंजीयन नंबर व परीक्षा जिला के चयन के आधार पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को 30 सितंबर 2024 को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा, जिस अभ्यर्थी द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट में पंजीयन नहीं किया जायेगा। उन्हें संचालक, छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय के निर्देशानुसार लिखित परीक्षा से वंचित माना जायेगा व जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी के स्वयं की होगी तथा इस सम्बंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में जमा किये गये ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान पर जारी होगा स्मारक डाक टिकट
रायपुर। भाजपा सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के अनुरोध पर केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी है कि पारसनाथ भगवान के 2900वें जन्मोत्सव और 2800वें निर्वाणोत्सव उत्सव वर्ष के अवसर पर भारत सरकार द्वारा स्मारक डाक टिकट जारी किया जाएगा।

श्री सिंधिया ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि विभाग ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और शीघ्र ही 23वें तीर्थकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का डाक टिकट जारी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर राष्ट्रीय पोषण अभियान बना जन आंदोलन, राष्ट्रव्यापी उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है पोषण माह अभियान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुपोषण छत्तीसगढ़ बनाने के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित है, उन्होंने राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से अपील करते हुए कहा है कि पोषण माह की गतिविधियों में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने में सहभागी बने। महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए है जन प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला स्वसहायता समूह, प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जन समुदाय को शामिल किया गया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सितंबर माह के प्रथम दिवस से पोषण माह 2024 मनाया जा रहा है, जो पोषण जागरूकता को बढ़ावा देने और एक स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में समर्पित एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है। इस वर्ष अपने 7वें चरण में, पोषण माह अभियान एनीमिया की रोकथाम, विकास निगरानी, सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रभावी सेवा वितरण, पोषण भी पढ़ाई भी और पूरक पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत् छत्तीसगढ़ के लगभग 52 हजार आंगन बाड़ी केन्द्रों में महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उनके पोषण संबंधित देख-भाल के लिए समझाईश दी जा रही है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ को एनीमिया और कुपोषण मुक्त बनाने के लिए गांवों में महिला बाल विकास विभाग द्वारा सुुपोषण रथ के माध्यम से जागरूकता लाई जा रही।
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रो में प्रतिदिन पोषण व स्वच्छता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। साथ ही जिले में 23 सितंबर 2024 तक सभी केंद्रों में वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापना, पोषण स्तर की जांच एवं उनके अभिभावकों को पोषण संबंधित जानकारी दी जा रही है। राज्य में राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत अब तक डैशबोर्ड में 29 लाख 60 हजार 333 गतिविधियों की एंट्री की जा चुकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तूलिका प्रजापति ने विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को की जा रही शत-प्रतिशत गतिविधियों की ऑनलाइन एंट्री करने के निर्देश दिए हैं।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समूह बैठक में वजन त्यौहार के बारे में चर्चा की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं से चर्चा के दौरान 0 से 06 साल के बच्चे, किशोरी बालिकाओं को खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बताया जा रहा है। महिला बाल विकास की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही गर्भवती महिलाओं से पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है।
राष्ट्रीय पोषण माह के साथ ही 12 से 23 सितम्बर तक प्रदेश की आंगनबाड़ियों में वजन त्यौहार भी मनाया गया। जिसके अंतर्गत बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही सामुदायिक जागरूकता का कार्य भी किया गया। वजन त्यौहार के दौरान बच्चों के वजन सहित अन्य विवरण महिला और बाल विकास विभाग के मोबाइल ऐप पर दर्ज किया गया। इसी तरह, पोषण माह के दौरान सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन, स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत ग्राम पंचायत के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों और शालाओं में पोषण वाटिका भी विकसित की जा रही है।





राष्ट्रीय पोषण माह 2024 सिर्फ़ एक अभियान नहीं है – यह एक आंदोलन है। किशोरियों को शामिल करके ’एनीमिया मुक्त भारत’ कार्यक्रम के लिए निरंतर समर्थन देकर और सामुदायिक भागीदारी का लाभ उठाकर, भारत कुपोषण मुक्त भविष्य की ओर अपनी यात्रा को तेज़ कर रहा है।
पोषण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता सतत विकास के लिए उसकी महत्वाकांक्षा का आधार है। आइए हम सब मिलकर काम करने का संकल्प लें, ताकि भारत में हर बच्चे, माँ और परिवार को पौष्टिक भोजन और स्वस्थ भविष्य मिल सके। इस अभियान में हम सभी शामिल हों। साथ मिलकर हम कुपोषण मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
माधवराव सप्रे स्कूल को सांसद बृजमोहन अग्रवाल का तोहफा, स्मार्ट क्लास समेत विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा
रायपुर। संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी है। केवल ज्ञान या कौशल से समाज का समुचित विकास नहीं हो सकता। संस्कार ही व्यक्ति को सच्चा नागरिक बनाते हैं, जो समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान दे सकता हैं।
यह बात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को राजधानी रायपुर के सुप्रसिद्ध माधवराव सप्रे शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में आयोजित पुस्तक वितरित समारोह के दौरान कहीं। इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यार्थियों को स्वच्छ और शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए लगाई वाटर कूलर का लोकार्पण भी किया। साथ ही स्कूल में 5 अतिरिक्त रूम, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।




कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, शिक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, शिक्षा के बिना हम आगे नहीं बढ़ सकते, शिक्षा, व्यक्ति और समाज के विकास की आधारशिला होती है। इसके बिना व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय उन्नति असंभव है। कार्यक्रम में स्कूल के छोटे छोटे बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में प्राचार्या अनुपमा श्रीवास्तव, हरत मालू, महादेव नायक, संतोष सोनी, नवरतन गोलछा, संजय सोनी समेत स्कूली विद्यार्थी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
विश्व बांस दिवस पर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बेमेतरा में तैयार विश्व के सबसे ऊंचे बैम्बू टॉवर का किया लोकार्पण
रायपुर। विश्व बांस दिवस पर आज केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बेमेतरा में तैयार विश्व के सबसे ऊंचे बांस के टॉवर (Bamboo Tower) का ऑनलाइन लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह भी लोकार्पण कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में भव्य सृष्टि उद्योग द्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे बांस के टॉवर का निर्माण किया गया है। करीब 11 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस टॉवर की ऊंचाई 140 फीट और वजन 7400 किलोग्राम है। पेरिस के एफिल टॉवर जैसी डिजाइन वाला यह टॉवर भव्य सृष्टि उद्योग के फाउंडर और बांस प्रौद्योगिकी से जुड़े गणेश वर्मा ने बनाया है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बांस-टॉवर का लोकार्पण करते हुए कहा कि भव्य सृष्टि उद्योग बांस पर लगातार अनुसंधान कर इसकी नई-नई खासियतों को सामने ला रहा है। अपनी नई सोच और पहल से उन्होंने 140 फीट ऊंचा यह टॉवर बनाया है। यह टॉवर वजन में हल्का है और इसका जीवन काल कम से कम 25 वर्षों का है। वॉच टॉवर, टेलीकॉम टॉवर, ट्रांसमिशन टॉवर और रेडियो टॉवर के रूप में इसका उपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि भव्य सृष्टि उद्योग बांस के उपयोग और इससे निर्मित सामग्रियों की नई-नई डिजाइन और परिकल्पना पर लगातार काम कर रहा है। हम लोग उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनके इस कार्य के लिए मैं उन्हें बहुत बधाई देता हूं।
श्री गडकरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार यदि बांस के उपयोग के बारे में कोई नीति बनाती है और उसे प्रोत्साहित करती है, तो वहां के आदिवासियों का जीवन बदल जाएगा। छत्तीसगढ़ के हैंडलूम्स, हैंडीक्रॉफ्ट्स और मेटल-क्रॉफ्ट्स में नए डिजाइन बनेंगे तो उनकी अच्छी बिक्री होगी। मैं डॉ. रमन सिंह के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार से अनुरोध करूंगा कि बांस से फर्नीचर और अन्य सामग्रियों के नए-नए डिजाइन उनकी उपयोगिता के आधार पर तैयार करने के लिए डिजाइन सेंटर बनेंगे तो राज्य में निर्यात करने लायक उत्पाद भी तैयार हो सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि 140 फीट के इस नवनिर्मित टॉवर से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। दुनिया के सबसे ऊंचे 140 फीट के बांस के टॉवर को देखकर मैं गौरवान्वित हुआ हूं। इसके लिए मैं भव्य सृष्टि उद्योग से जुड़े सभी साथियों को बधाई देता हूं। छत्तीसगढ़ का यह नया स्टार्ट-अप धरती से जुड़ा है, किसान से जुड़ा है और हमारे वनवासियों से जुड़ा है। सांसद विजय बघेल तथा विधायकद्वय दीपेश साहू और ईश्वर साहू भी कठिया में बांस-टॉवर के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।
भव्य सृष्टि उद्योग के फाउंडर गणेश वर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी के उत्पादों को नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, भारतीय रेलवे, भारतीय सड़क कांग्रेस और अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा मान्यता प्राप्त है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस पर्यावरण अनुकूल और अभिनव समाधान को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय देश के 25 राज्यों में सैकड़ों किलोमीटर की लंबाई में बांस क्रैश बैरियर्स लगाने की परीक्षण परियोजनाएं शुरू करने के लिए तैयार है, जिनका क्रियान्वयन अगले कुछ महीनों के भीतर किया जाएगा। इसके आधार पर बांस क्रैश बैरियर्स की व्यापक स्थापना की संभावनाओं का आंकलन किया जाएगा, जो किसानों, गांवों की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए वरदान साबित हो सकता है।


सांसद बृजमोहन ने कहा – वन नेशन वन इलेक्शन से देश के विकास में आएगी तेजी
रायपुर। वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इस मामले में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, इससे देश का विकास तेजी से होगा. देश में एक साथ चुनाव हो सकेंगे. आचार संहिता के कारण विकास के कार्य रुकते हैं. कांग्रेस पिछले 77 सालों में देश का विकास नहीं चाहती थी. एक देश एक चुनाव का मसला लंबे समय से टलता रहा है. मोदी जी का यह निर्णय स्वागत योग्य है.
बता दें कि आज वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में बनाई गई कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. खबर ये है कि सरकार शीतकालीन सत्र में इस पर एक बिल ला सकती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव की वकालत करते आए हैं. पीएम मोदी ने कहा था,’मैं सभी से एक राष्ट्र एक चुनाव के संकल्प को हासिल करने के लिए एक साथ आने का अनुरोध करता हूं, जो समय की मांग है. पीएम मोदी ने कहा था, ‘मैं सभी से एक राष्ट्र एक चुनाव के संकल्प को हासिल करने के लिए एक साथ आने का अनुरोध करता हूं, जो समय की मांग है.’ लोकसभा चुनाव से पहले आजतक से विशेष बातचीत में पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कहा था कि सरकारों के पूरे पांच साल के कार्यकाल के दौरान चुनाव ही नहीं होते रहने चाहिए. उन्होंने कहा था, ‘मैं हमेशा कहता हूं कि चुनाव सिर्फ तीन या चार महीने के लिए होने चाहिए. पूरे पांच साल राजनीति नहीं होनी चाहिए। इससे चुनावों का प्रबंधन करने वाले खर्च में कटौती होगी.
CM साय की अध्यक्षता में 20 सितंबर को होगी कैबिनेट बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार 20 सितंबर सुबह 11:30 बजे से नवा रायपुर में महानदी भवन स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक होगी। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी विभाग सचिवों से कैबिनेट में मंजूरी योग्य प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह बैठक करीब एक माह बाद हो रही है, जिसमें राज्योत्सव आयोजन, धान खरीदी की शुरुआत, नई औद्योगिक नीति, और नक्सलवाद खत्म करने के लिए पुनर्वास नीति समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
बता दें कि इस बार भाजपा सरकार के सत्ता में वापसी के बाद पहला राज्योत्सव है, इस बार 1 नवंबर दीपावली के दूसरे दिन पड़ रहा है, इसलिए सरकार की 3 से 5 दिनों तक भव्य रूप से इसे आयोजित करने की योजना है। जिलों में भी एक या दो दिन के राज्योत्सव कार्यक्रमों का आयोजन संभव है। कैबिनेट की बैठक में 1 नवंबर से खरीफ सीजन की धान खरीदी की शुरुआत की घोषणा भी हो सकती है। इसके अलावा “विकसित छत्तीसगढ़” का विजन डाक्यूमेंट पेश किया जाएगा, जिसमें अगले पांच वर्षों के विकास का खाका तैयार किया जाएगा। साथ ही, नई औद्योगिक नीति और नक्सलवाद खत्म करने के लिए पुनर्वास नीति भी पेश की जा सकती है।
विधायक देवेंद्र यादव से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे एमपी के पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, कहा –
रायपुर। मध्यप्रदेश के पीसीसी चीफ जीतू पटवारी विधायक देवेंद्र यादव से मुलाकात करने रायपुर के सेंट्रल जेल पहुुंचे हैं. इसके बाद वे कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय जाएंगे. प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज समेत बड़ी संख्या में कॉंग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सेंट्रल जेल में मौजूद हैं. बता दें कि बलौदाबाजार हिंसा मामले में करीब महीनेभर भिलाई विधायक देवेंद्र यादव जेल में बंद हैं.
इस दौरान जीतू पटवारी ने कहा, 2023 में जिस भावना से छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार को चुना गया. मोदी की गारंटी को लेकर लोगों के बीच में गए थे. पिछले 8 महीने में एक भी काम उस भावना से नहीं हुआ है. छत्तीसगढ़ में तानाशाही, बदलापुर चल रही है, जिसकी वजह से देवेंद्र यादव जेल में हैं. कांग्रेस उस विचार की पार्टी है, जो गांधीवादी तरीके से लड़ती है.
एमपी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा, देश में बदलाव की लहर है. राहुल गांधी को लेकर जिस तरह से वक्तव्य आए हैं, भाजपा के नेता और भाजपा लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि को खराब करने का काम कर रहे हैं. मध्यप्रदेश में 500 थानों में गिरफ्तारी के लिए आवेदन दिए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक का कहना है कि कांग्रेस भाजपा शासित प्रदेशों में सरकार को अस्थिर करने का काम कर रही है, इस पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस से बीजेपी को खतरा नहीं है. बीजेपी से बीजेपी को खतरा है. आप ही के अंदर इतनी अंतरकलह है कि आप एक दूसरे को हटाने चाहते हैं.
हड़ताल में बैठे नगरीय निकाय के कर्मचारी, पुरानी पेंशन योजना बहाली, नियमितीकरण समेत ये हैं मांगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना समेत 6 सूत्रीय मांग को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं. इसके चलते निकायों में कामकाज ठप हो गया है. इन कर्मचारियों की मांग है कि नगरीय निकायों के कर्मचारियों को प्रतिमाह 1 तारीख को वेतन भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए.
कर्मचारियों की ये भी मांग है कि नगरीय निकायों में ठेका पद्धति समाप्त करते हुए प्लेसमेंट कर्मचारियों को नगरीय निकाय के माध्यम से वेतन भुगतान किया जाए. 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले निकाय के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितिकरण किया जाए. नगरीय निकायों में अन्य विभाग की भाति पुरानी पेंशन योजना शीघ्र ही लागू किया जाए. सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश निर्देश जिस तिथि से जारी हो उस तिथि से आदेश निर्देश सभी नगरीय निकायों में पूर्णतः लागू किया जाए.
नगरीय निकायों में मृतक कर्मचारी के परिवारों को शीघ्र ही संभाग स्तर में रिक्त पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किया जाए. नगरीय निकायों में कार्यरत नियमित कर्मचारियों को 12 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर चैनल निर्धारित करते हुए संभाग स्तर में रिक्त पद पर पदोन्नति की कार्यवाही शीघ्र की जाए. नगरीय निकायों के कर्मचारियों को 6 वें व 7वें वेतनमान की एरियर्स की राशि का भुगतान के लिए शीघ्र ही आदेश निकाला जाए. इन मांगों को लेकर निकाय के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं.
न्यायधानी की सफाई व्यवस्था ठप, हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी, जानिए क्या है वजह…
बिलासपुर। नगर निगम के सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने से न्यायधानी बिलासपुर की सफाई व्यवस्था बुधवार को ठप रही. दो महीने से तनख्वाह नहीं मिलने से परेशान सफाई कर्मचारी आज से हड़ताल पर हैं.
बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में सफाई का ठेका दिल्ली की लायन्स सर्विस कंपनी के पास है, जिसके करीब 800 सफाईकर्मियों पर न्यायधानी की सफाई व्यवस्था टिकी हुई है. इन सफाई कर्मियों का कहना है कि दो महीने का वेतन बकाया है, जिसकी वजह से उन्हें परिवार चलाने में दिक्कत हो रही है.
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि इन्हें महज 8 हजार रुपए वेतन मिलता है, ऐसे में अपनी तनख्वाह बढ़ाने को लेकर भी आवाज़ उठा रहे हैं. सफाई कर्मियों के हड़ताल में चले जाने से सड़कों पर झाड़ू नहीं लगा है, वहीं वार्डों में नालियों की सफाई नहीं हुई है. सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक सफाई व्यवस्था ठप रहेगी.
मनरेगा के माध्यम से हुआ ग्राम पंचायत पीपरबहरा में हुआ शिक्षा में सुधार, इंटरलॉकिंग सड़क बनने से शिक्षा में आया सुधार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ने क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। इस योजना का उद्देश्य न केवल गरीब ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करना है, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाना है। ऐसी ही एक कहानी है छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत पीपरबहरा की जहाँ मनरेगा के माध्यम से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का कार्य किया गया और इसका सीधा लाभ विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों को मिला।
मनरेगा से शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन की शुरुआत
ग्राम पंचायत पीपरबहरा, एक ऐसा गाँव है जहाँ वर्षों से विद्यालय और आंगनबाड़ी तक जाने का मार्ग बेहद कठिन था। मुख्य मार्ग से मझपारा आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला तक का रास्ता कच्चा था, जिससे बारिश के दिनों में बच्चों और शिक्षकों के लिए आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता था। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती थी कि कीचड़ और पानी भरने की वजह से स्कूल की गतिविधियाँ प्रभावित होती थीं। आखिरकार मनरेगा के तहत इस समस्या का समाधान किया गया। शासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत पीपरबहरा को सड़क निर्माण हेतु कुल स्वीकृत राशि 8 लाख 69 हजार 571 रुपए की मंजूरी प्राप्त हुई थी, जिससे ग्राम पंचायत पीपरबहरा में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मझपारा आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला तक एक सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग प्रदान करना था। कार्य शुरू होते ही गाँव के लोगों और विशेष रूप से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। सड़क का निर्माण तेजी से हुआ और कुछ ही महीनों में यह सड़क बनकर तैयार हो गई। अब बच्चों और शिक्षकों के लिए यह सड़क न केवल आसान पहुँच प्रदान करती है, बल्कि उनके दैनिक जीवन में भी कई सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। पहले जहाँ बरसात के दिनों में कीचड़ और पानी भरने की समस्या थी, अब वहाँ एक साफ और सुंदर मार्ग है, जिससे विद्यालय तक पहुँचना बहुत आसान हो गया है।

इंटरलॉकिंग सड़क बनने से शिक्षा में आया सुधार
इस सड़क निर्माण का सबसे बड़ा प्रभाव गाँव के शिक्षा स्तर पर पड़ा है। जहाँ पहले बच्चों का स्कूल आना-जाना असुविधाजनक होने के कारण उनकी उपस्थिति कम होती थी, अब बच्चों की उपस्थिति में स्पष्ट सुधार देखा गया है। उनके चेहरे पर पढ़ाई के प्रति उत्साह साफ दिखाई देने लगा है। इसके अलावा स्कूल के शिक्षक भी अब बच्चों को और अधिक ध्यान देकर पढ़ाने में सक्षम हैं, क्योंकि वे बिना किसी कठिनाई के स्कूल पहुँच सकते हैं। इस प्रकार मनरेगा के तहत सड़क निर्माण ने गाँव के शिक्षा स्तर को सुधारने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्राम पंचायत पीपरबहरा की यह सफलता केवल एक सड़क निर्माण की कहानी नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना ने न केवल बच्चों और शिक्षकों के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि गाँव के समग्र विकास में भी एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ग्राम पंचायत पीपरबहरा में मनरेगा के तहत इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण केवल एक भौतिक संरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि यह गाँव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सड़क ने न केवल बच्चों और शिक्षकों के जीवन को बेहतर बनाया है, बल्कि पूरे गाँव के लिए एक नई उम्मीद जगाई है।