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छत्तीसगढ़ के नए राज्यपाल बनाए गए रामेन डेका, जानिए उनका पूरा परिचय
जानिए कौन हैं रामेन डेका
रामेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को हुआ था. उनकी गिनती असम के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में होती है. भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल डेका 1980 के आसपास राजनीति में प्रवेश किया. 70 वर्षीय रामेन डेका असम के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे और भाजपा में राष्ट्रीय स्तर पर कई जिम्मेदारियों को संभाला. वह पहली बार 2009 में असम की मंगलदोई सीट से सांसद चुने गए. उसके बाद 2014 में लगातार दो बार सांसद बने.
रामेन डेका असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. भाजपा में कार्य करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं. वर्तमान में वे भाजपा के राष्ट्रीय सचिव हैं.
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति की है. जिसमें राजस्थान, तेलंगाना, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, मेघालय, महाराष्ट्र, पंजाब, चंडीगढ़, असम और मणिपुर में नए राज्यपाल नियुक्ति किये गए हैं.
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से उनके निवास में की सौजन्य मुलाकात
विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह के निवास पर इस औपचारिक मुलाक़ात में समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मंत्री नेता रामविचार नेताम, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन समेत अन्य मंत्री भी मौजूद थे.

बता दें कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान मनसुख मांडविया को चुनाव प्रभारी बनाया गया था. उनके नेतृत्व में राज्य में भाजपा ने चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करते हुए प्रदेश की सत्ता में एक बार फिर वापसी की थी.
बजट संवाद कार्यक्रम में मनसुख मांडविया का संवाद
आज बजट संवाद कार्यक्रम में मनसुख मांडविया ने कहा-” पीएम मोदी का यह बजट युवा और एम्प्लायमेंट पर आधारित है, छत्तीसगढ़ के विकास के लिए अहम है. यह बजट वन उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने वाला बजट है. उन्होंने मोदी टोकन में नहीं टोटल में सोचते हैं. 2047 तक देश को विकसित भारत बनाना है. नरेंद्र मोदी ने 2047 के विकास के मॉडल को रखा है. साल 2047 में देश आजादी का 100 साल मना रहा होगा उस समय देश के विकास को क्या गति मिलेगी वह मोदी के विधान में है. पीएम मोदी ने 2047 के विकास के लिए 4 जाति का पिलर रखा है. गरीब, अन्नदाता, महिला और युवाओं का विकास. इस चारों का विकास करके हम 2047 तक विकसित भारत का संकल्प रख सकते हैं.”
बजट में किसान और खेती पर खास फोकस: “मोदी ने इस बार के बजट में कुल 9 प्राथमिकताएं तय की हैं. इस बार के बजट में मोदी ने किसान और खेती को फोकस किया है. किसान सम्मन निधि. देश के विकास के लिए हम काम कर रहे हैं. 1लाख 52 हजार करोड़ का बजट दिया गया है. किसान के विकास से ही देश की इकोनॉमी को रफ्तार दी जा सकती है. हमारी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तरफ ले जाने का काम कर रही है. 10000 ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे जहां से किसानों को ऑर्गेनिक खेती के लिए जानकारी दी जा सके.”
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने बताया कि अपॉइंटमेंट के लिए 1लाख 48000 करोड़ इंसेंटिव के द्वारा दिया जाएगा. 12 हजार केंद्र सरकार EPFO को देगी, नौकरी देने वाला 12 हजार देगा. स्किल बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है. नौकरी देने वाले लोग आ रहे हैं लेकिन उनको स्किल लोग नहीं मिल रहे हैं. स्किलिंग के लिए हब एंड पब के माध्यम से स्किल मैनपावर तैयार करेंगे. 1 करोड़ युवाओं को हर साल इंटर्नशिप कराएंगे और 4 सालों में चार करोड़ स्किल्ड युवा तैयार करके रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे.
प्रदेश के ईएसआईसी अस्पतालों की व्यवस्थाएं होंगी दुरूस्त: केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया
रायपुर। केंद्रीय रोजगार, खेल और श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा है कि राज्य के रायगढ़, कोरबा, भिलाई और रायपुर में संचालित ईएसआईसी अस्पताल में चिकित्सक सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त की जाएगी। उन्होंने श्रम विभाग के प्रस्ताव पर रायगढ़ जिले के लारा और खरसिया में ईएसआईसी औषधालय प्रारंभ किए जाने की सहमति भी दी। इस अवसर पर बैठक में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खेल मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक किरण देव और सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रायपुर पहुंचे केंद्रीय रोजगार, खेल और श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने केंद्रीय मंत्री श्री मंडाविया को प्रदेश के ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ की कमी के संबंध में अवगत कराया।
मंत्री श्री देवांगन ने बताया की प्रदेश में ईएसआईसी द्वारा रायपुर, भिलाई, कोरबा और रायगढ़ में क्रमशः 100-100 बेड के अस्पतालों का निर्माण कराया गया है। सभी जगह स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन कोरबा, भिलाई और रायगढ़ में अब तक आईपीडी की सुविधा शुरु नही हुई है। उक्त दोनों जिलों में क्रमशः 40 हजार और 50 हज़ार श्रमिक परिवार पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ नहीं होने से श्रमिक परिवारों को अन्य शहर रेफर करना पड़ता है। मंत्री श्री देवांगन ने ईएसआईसी के सभी चारों अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर व अन्य सुविधाएं प्रारंभ करने का अनुरोध किया।
इस पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने ईएसआईसी के अधिकारियों को अस्पताल की सारी कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग के प्रस्ताव पर लारा, खरसिया में ईएसआईसी के औषधालय की सहमति दी। बैठक में ईएसआईसी में ईपीएफओ में पंजीकृत श्रमिक समीक्षा हुई। केन्द्रीय श्रम मंत्री ने ईपीएफओ के अधिकारियों पर नाराजगी भी जाहिर की और अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर श्रमिकों को पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।


केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती ठाकुर ने रायपुर में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आज रायपुर पहुंची केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर ने नया रायपुर स्थित विश्राम गृह में महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की समीक्षा और उनके प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना था। बैठक के दौरान, श्रीमती ठाकुर ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
श्रीमती ठाकुर ने कहा कि अधिकारी जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति का नियमित निरीक्षण करें और महिलाओं और बच्चों की बेहतरी के लिए हरसंभव मदद करें। उन्होंने कहा कि हमारे देश का भविष्य बच्चों और महिलाओं के हाथ में है, और उनके सर्वांगीण विकास के लिए हमें प्रतिबद्ध रहना होगा। बैठक में महतारी वंदन योजना, एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम, बाल संरक्षण योजना, आंगनवाड़ी सेवाएं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई। श्रीमती ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं और उन्हें योजना के लाभ से अवगत कराएं।
इस अवसर पर सचिव एवं आयुक्त शम्मी आबिदी ने राज्य में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और उनकी अद्यतन प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संचालक, महिला एवं बाल विकास तुलिका प्रजापति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के पहले ही दिन 4241 आवेदनों का मौके पर निराकरण, नगरीय निकायों में आज से शुरू हुए शिविरों में मिले कुल 7757 आवेदन
रायपुर। प्रदेश के नगरीय निकायों में आज से प्रारंभ हुए जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के पहले ही दिन लोगों के 4241 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में आयोजित शिविरों में आज जन समस्याओं और जन सुविधाओं से संबंधित कुल 7757 आवेदन प्राप्त हुए। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज स्वयं जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के पहले दिन सभी नगर निगमों के आयुक्तों और संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालकों से फोन पर बातकर शिविरों के सुचारु संचालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ शहरवासियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने को कहा है।
10 अगस्त तक चलेगा जनसमस्या निवारण पखवाड़ा
नगरीय निकायों में आज से शुरू जनसमस्या निवारण पखवाड़ा 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का निदान किया जाएगा। इन शिविरों में स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निदान किया जाएगा और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने छत्तीसगढ़ के खेल प्रतिभाओं को सराहा
रायपुर। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ के जैवलिन थ्रो के 16 वर्षीय खिलाड़ी विजय यादव की तारीफ की और ओलंपियन नीरज चोपड़ा से प्रेरणा लेने कहा। उन्होंने श्री यादव को शाबासी देते हुए कहा कि इतने कम उम्र में यह उम्दा प्रदर्शन है। सरगुजा जिले के इस खिलाड़ी ने 68 मीटर से अधिक की लंबी दूरी तक भाला फेंककर अपना दम दिखाया। केन्द्रीय खेल मंत्री राजधानी रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में खिलाड़ियों से मुलाकात करने पहुंचे थे।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉलर सुश्री किरण पिस्दा का भी उत्साहवर्धन किया। किरण ने क्रोएशिया के फर्स्ट क्लास टीम डब्ल्यूएफसी डिनामो जाग्रेब की ओर से प्रोफेशनल खिलाड़ी के तौर पर यूरोपियन फुटबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी है। पिछले पांच वर्षों से वह रायपुर फुटबाल अकादमी ट्रेनिंग ले रही थी। सुश्री किरण केरला बालस्टर्स वुमन और सेतु एफसी के लिए भी खेल चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी देश की बेटिया इसी तरह खेल का प्रदर्शन कर देश का नाम रौशन करेंगे।
केन्द्रीय खेल मंत्री ने खेलों इंडिया लघु केंद्र में वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों से मुलाकात की और खेलों में उनके प्रदर्शन को सराहा। राज्य के अलग-अलग जिलों से खेल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाते हुए उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। तीरंदाजी, फुटबॉल, एथलेक्टिक्स के खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खेल मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक सुशांत शुक्ला, खेल सचिव हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा व खेल संचालक तनुजा सलाम और बड़ी संख्या में खिलाड़ी भी उपस्थित थे।




केन्द्रीय मंत्री ने खेलों इंडिया सेंटर में दिए जा रहे खेल सुविधाओं और श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की
रायपुर। केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दो जिलो में जल्द ही खेलों इंडिया सेंटर की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा खेलों इंडिया सेंटरों में अधोसंरचना निर्माण के लिए भरपूर मदद दी जाएगी। केन्द्रीय खेल मंत्री न्यू सर्किट हाउस में खेल एवं श्रम विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव सिंह, सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 31 जिलों में खेलों इंडिया सेंटर का संचालन किया जा रहा है। दो जिलों में खेलों इंडिया सेंटर की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के सभी जिलों में खेलों इंडिया सेंटर प्रारंभ हो जाएंगे। इससे राज्य के खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा। इन सेंटरों में 1181 खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।
केन्द्रीय खेल मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के संवर्धन और विकास के लिए राज्य में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए। राज्य में स्थापित उद्योगों से खेलों के लिए सीएसआर मद से राशि उपलब्ध कराने के प्रयास किया जाए। खेलों इंडिया के तहत राज्य में स्थापित सभी सेंटरों में खेलों के लिए आवश्यक सभी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
श्रम विभाग की समीक्षा करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री मांडविया ने कहा कि राज्य के श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही केन्द्रीय एवं राज्य योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाए जाएं। औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए औषधालयों में आवश्यक उपकरण और विशेषज्ञों के साथ-साथ आवश्यक दवाईयों का भण्डारण पर्याप्त रूप से हो। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों को उनके कौशल के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराएं। श्रमिकों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ सिकलसेल के परीक्षण एवं उपचार की भी व्यवस्था की जाए।
वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम विभाग मंत्री लखन लाल देवांगन और खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने राज्य में खेलों के विकास के लिए स्कूल स्तर से ही बच्चों को सुविधाएं और प्रशिक्षण की व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि खेल मैदान में आवश्यक संसाधन एवं सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
श्रम विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. ने अवगत कराया कि राज्य के श्रमिकों का पंजीयन कर श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य के प्रवासी श्रमिकों के लिए विभिन्न राज्यों में प्रवासी संसाधन केन्द्र अर्थात मोर चिन्हारी भवन का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल सकेगा। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव तारन प्रकाश सिन्हा, खेल संचालक तनुजा सलाम सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
धरसीवां में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मतदाताओं का जताया आभार
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मतदाताओं का आभार व्यक्त करने शनिवार को धरसीवां पहुंचे। जहां उन्होंने मतदाता अभिनंदन समारोह में स्थानीय मतदाताओं एवं पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया और लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
कृषि उपज मण्डी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, लोकसभा चुनाव में मिली जीत पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की जीत हैं। जिन्होंने मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने जनता के बीच में भ्रम फैलाने की कोशिश की कि, भाजपा सरकार आने पर संविधान को बदल देगी। लेकिन कांग्रेस की इन चालबाजियों को रायपुर की जनता अच्छे से समझ गई और उनके झांसे में नहीं आई।
बृजमोहन अग्रवाल ने आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस को सबक सिखाने और सभी सीटों पर कमल खिलाने की पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को धरसीवां में मतदाता अभिनंदन समारोह के स्थानीय मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का मंत्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक देव जी भाई पटेल, अशोक बजाज, जिला अध्यक्ष ग्रामीण श्याम नारंग, महामंत्री अनिल अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष के के वर्मा, भरत सोनी, नरेंद्र ठाकुर समेत पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।






लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम पर आयोजित हुई कार्यशाला
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर में शुक्रवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 (द पब्लिक एक्जामिनेशन, प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मींस, एक्ट 2024) पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में केन्द्र सरकार द्वारा पारित नये कानून के प्रावधानों के संदर्भ में आयोग के पैनल अधिवक्ता डॉ. सुदीप अग्रवाल, अधिवक्ता उच्च न्यायालय द्वारा उक्त कानून के संबंध में व्याख्यान दिया गया। विदित हो कि उक्त कानून 21 जून 2024 से भारत सरकार द्वारा लागू किया गया है, जिसके तारतम्य में उत्तरप्रदेश तथा बिहार सरकार द्वारा भी इस कानून को राज्य की परीक्षाओं में लागू करने का अध्यादेश पारित किया गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य में इस कानून को लागू करने के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा शासन को पत्र प्रेषित किया गया है। कार्यशाला में आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण वर्मा, सदस्य डॉ. सरिता उईके, सदस्य संतकुमार नेताम एवं आयोग के सचिव पुष्पेन्द्र कुमार मीणा, विधिक सलाहकार सुधीर कुमार, परीक्षा नियंत्रक लीना कोसम एवं विधि अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में स्किल्ड-बेस्ड एजुकेशन, प्राकृतिक औषधालय और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की नौवीं बैठक में राज्य की विकास योजना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की प्राथमिकताओं और विकास के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी, जिसमें शिक्षा, मानव संसाधन विकास , स्वास्थ्य, और तकनीकी उन्नति पर जोर दिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रस्तावित योजनाओं को साझा किया, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में राज्य की भूमिका को स्पष्ट करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि , छत्तीसगढ़ 2047 तक विकसित भारत में प्रमुख भूमिका निभाएगा। वर्तमान में राज्य का GSDP 5.05 लाख करोड़ रुपये है, जिसे अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और लक्ष्यों पर काम शुरू किया गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के विकास में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का मुख्य फोकस स्किल्ड मानव संसाधन तैयार करने पर है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा को व्यावसायिक कौशल और ट्रेनिंग से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसी क्षमताएँ देना है जो उन्हें रोजगार के लिए तैयार करें। राज्य में प्रत्येक छात्र के लिए 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी कार्ड' ( APAAR आईडी ) बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें छात्र के शैक्षणिक अनुभव से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप में मौजूद होंगी।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता, सतत विकास, और राज्य की संस्कृति व परंपरा के संरक्षण की योजना साझा की। आर्थिक सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ सुपर फूड्स की पैदावार और प्राकृतिक औषधालयों का निर्माण किया जाएगा। स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी सेक्टर के विस्तार के साथ-साथ सड़कों, इमारतों जैसी भौतिक संरचनाओं और इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क जैसी डिजिटल सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए केंद्र से सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि छतों पर सौर ऊर्जा लगाने की प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है और 100 गांवों को पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित बनाने की योजना बनाई है। सरकारी भवनों में रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है, और नया रायपुर के अधिकांश सरकारी भवनों में ये संयंत्र स्थापित कर दिए गए हैं, जिनसे विद्युत आपूर्ति ग्रिड में की जाती है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में मार्च 2026 तक 96 प्रतिशत घरों में पेयजल पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक केवल विकसित ही नहीं, बल्कि जल-सुरक्षित भारत 2047 भी होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से तकनीकी और आर्थिक सहयोग की उम्मीद जताई। इसके अलावा, रायपुर में नेशनल ग्राउंड वाटर ट्रेनिंग और रिसर्च इंस्टीट्यूट को और मजबूत करने के साथ-साथ वर्षा-जल संरक्षण अनुसंधान केंद्र की स्थापना की भी मांग की। उन्होंने कहा कि, इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ में बारिश के पानी को सही से संचित और इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे जल संकट कम होगा और किसानों को ज्यादा मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की तैनाती की गई है। अब छत्तीसगढ़ के सबसे दुर्गम इलाकों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। इन मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने भूमि और संपत्ति के मुद्दों पर कहा कि छत्तीसगढ़ में सभी भूमि रिकॉर्ड डिजिटल किए जा रहे हैं। इस तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगेगा। उन्होंने बताया कि इस सुधार से भूमि विवादों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा, जिससे राज्य में निवेश और विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के प्रति समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार की सहायता से छत्तीसगढ़ राज्य अपने विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करेगा और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर समस्त केन्द्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केन्द्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर्स, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, गवर्निंग काउन्सिल के सदस्य व छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन उपस्थित रहे।
झरिया के पानी पीने से मिली मुक्ति, घर तक पहुंचा नल जल का पानी, वनांचल गांव तुपेंगा के ग्रामीण जल जीवन मिशन से हो रहे लाभान्वित
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना जल जीवन मिशन के तहत गरियाबंद जिला के वनांचल गांव तुपेंगा के ग्रामीणों को अब पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। उन्हें पेयजल के लिए झरिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। ग्राम पंचायत मोंहदा के आश्रित ग्राम तुपेंगा में घर-घर तक नल जल का कनेक्शन पहुंच गया है। अब महिलाओं को लंबी दूरी तय कर पानी लेने नहीं जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों को सदियों के बाद पानी लाने की झंझट से मुक्ति मिली है। घर में पानी मिल जाने से लोगों को काफी आराम एवं राहत मिली है। इसके लिए ग्रामीणों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जल जीवन मिशन को कारगर बताते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया है।
उल्लेखनीय है कि खेतों एवं जंगलों के बीच बसे इस गांव में कुल घर 12 हैं। जल जीवन मिशन के पहले ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के जल की पूर्ति के लिए एक मात्र शासकीय हैण्डपम्प एवं झरिया पर निर्भर रहना पड़ता था। ग्राम में मुख्यतः आदिवासी वर्ग निवास करते है। जिनका मुख्य आय स्त्रोत वनोपज संग्रहण एवं कृषि हैं। पहले दूर से पानी लाने के लिए अन्य कार्यों को छोड़कर पैदल दूर जाना पड़ता था। गर्मी, सर्दी, बरसात में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इससे घर के सदस्यों पर विपरीत स्वास्थ्य प्रभाव भी पड़ता था। गांव की रहने वाली जयमति की बताती है कि दूर दूर से पानी लाकर थक जाते थे। जल जीवन मिशन के द्वारा प्रत्येक घरों में नल लगने से सभी के स्वास्थ्य में सुधार एवं शारीरिक कार्य क्षमता में वृध्दि हुई है। साथ ही छोटे बच्चों के साथ खेलने एवं समय बिताने का मौका मिल रहा है। गांव की रहने वाली श्रीमोतिन, रोमिन एवं जयमति जल जीवन मिशन के तहत घर में ही मिल जा रहे पेयजल के बचत पानी के सदुपयोग के लिए अपनी बाड़ियों में साग भाजी भी लगाने का फैसला किया है। साथ ही अच्छे उदाहरण के रूप में अपने आपको पेश कर अन्य ग्रामीणों को भी पानी के सदुपयोग एवं संरक्षण करने को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का शुभारंभ किया
रायपुर। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए वचनबद्ध और उसके निवारण के लिए लगातार कार्यरत है। यह कहना है रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को राजधानी के टिकरापारा स्थित हरदेवलाला मंदिर में नगर निगम द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जहां नगर निगम, बिजली विभाग, परिवार कल्याण, श्रम विभाग आदि से संबंधित जनता की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर त्वरित गति से हो सकेगा। यह शिविर जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिविर में आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड, स्वास्थ्य बीमा कार्ड की त्रुटि संशोधन करवाया जा सकता है। तथा नए कार्ड के लिए आवेदन भी किया जा सकता है। इससे जनता को विभागों के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे।
इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने जनता से पीएम सूर्योदय योजना के तहत घर में सोलर पैनल लगवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत आप अपने बिजली बिल को शून्य कर सकते हैं तथा ज्यादा बिजली उत्पादन होने पर उसे सरकार को बेच भी सकते हैं जिससे यह आपकी आमदनी का जरिया रहेगा जो लोग पीएम सूर्योदय योजना के तहत सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं वह इस शिविर में आकर जानकारी ले सकते हैं उसका लाभ उठा सकते हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में चॉइस सेंटर का भी स्टॉल लगाएं तथा यह भी सुनिश्चित करें कि, जिन समस्याओं का निवारण इस शिविर में नहीं हो सकता है जनता से उसका प्रार्थना पत्र लेकर अधिकारियों से चर्चा के बाद उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
शिविर में नगर निगम कमिश्नर अविनाश मिश्रा, पार्षद चंद्र पाल धनगर, पार्षद सरिता वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष सालिक सिंह ठाकुर समेत विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



सरकार ने खत्म कीं बाधाएं, EOW और ACB अब जुआ एक्ट की सभी धाराओं में कर सकेंगी जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ में EOW और ACB की जांच का दायरा अब राज्य सरकार ने बढ़ा दी है। दोनों एजेसियां अब जुआ एक्ट की सभी धाराओं में जांच और कार्यवाही कर सकेगी। राज्य सरकार ने एजेंसियो को यह अधिकार देने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। इसको लेकर बाकायदा राज्य सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है। विभागीय अफसरों की मानें तो EOW और ACB अब जुआ एक्ट 2022 के तहत राज्य में जांच और कार्यवाही कर सकेगी। राज्य सरकार ने दोनों एजेंसियो के अधिकार क्षेत्र में यह बढ़ोतरी महादेव सट्टा एप केस की जांच के लिए की है।
महादेव सट्टा एप में जांच में हो रही थी दिक्कत
उल्लेखनीय है कि, पूववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उजगार हुए इस मामले की जांच EOW और ACB को सौंपी गई है। बताया जाता है कि, ईओडब्ल्यू-एसीबी के पास अर्थिक अनियमितता और भ्रष्टाचार की ही जांच का अधिकार हैं। ऐसे में महादेव सट्टा की जांच में दिक्कत हो रही थी। इसे देखते हुए यह बदलाव किया गया है।
EOW और ACB नहीं है राज्य पुलिस का हिस्सा
आपको बता दें कि, EOW और ACB राज्य पुलिस का हिस्सा नहीं है। बल्कि यह सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन काम करता है। इस वजह से यह एजेंसी पुलिस को प्राप्त सभी अधिकारियों का प्रयोग नहीं कर पाती है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने केंद्रीय बजट की बताईं विशेषताएं, कहा- विकसित भारत के संकल्प को दिखा रहा मोदी 3.0 का पहला बजट…
रायपुर। मोदी सरकार का 3.0 का पहला बजट विकसित भारत के संकल्प को दिखा रहा है. मोदी जी की सोच इस बजट मे दिखती है. देश के आज़ादी के वक्त रोटी, कपड़ा और मकान का नारा था. जो अब पूरा हो चुका है. देश को विकसित बनाने के लिए मोदी काम कर रहे हैं. यह बात केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकारों से चर्चा में कही.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि हमारी सरकार इस बजट में नौ प्राथमिकता तय की है. देश में किसानी खेती में सुविधा देने की व्यवस्था की गई है. किसान सम्मान निधि से छह हज़ार रुपए देने का कार्य हो रहा है. मोदी सरकार ने एक लाख बावन हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. हमारी सरकार ने प्राकृतिक खेती के लिए बढ़ावा देने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि इस देश में रोजगार बहुत आवश्यक है. 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपए का ऐम्प्लॉयमेंट लिंक से जोड़ा जाएगा. EPFO के माध्यम से युवाओं के खातो में 12 हजार रुपए दिया जाएगा. हमारी सरकार स्किल डेवलपमेंट के लिए हर राज्य सरकार द्वारा योजनाएँ बनाई जाएगी. हब और स्पॉक के मॉडल से ITI बनाई जाएगी. स्किल पॉवर को डेवलप कर हमारे युवाओं को दिया जाएगा. एक करोड़ युवाओं की स्किलिंग कर इंटर्नशिप कराना है. हमारी सरकार अगले पांच साल में चार करोड़ युवाओं को नौकरी दिलाने में सहयोग करेंगे.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सिटी प्लानिंग पर हमारी सरकार काम कर रही है. इस प्लानिंग पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करने की तैयारी है. सरकार का बजट किसी भी सरकार की विजन की जानकारी देती है. शहरी क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 1 करोड़ शहरी आवास बनाया जाएगा. मेरे चुनाव के वक्त शहरी आवास की लाभार्थी महिला मेरी नॉमिनी बनी थी.
मनसुख मंडाविया ने कहा कि हमारी सरकार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेक्टर पर 11 लाख करोड़ रुपए इन्वेस्ट करने जा रही है. इस देश में विकास की गति तीन गुना बढ़ चुकी है. आज 30 से 32 किलोमीटर हर दिन नेशनल हाईवे बन रहा है. इसी गति से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर कार्य किया जा रहा है. हमारी सरकार 2047 के विजन को पूरा करने के लिए कार्य कर रही है. रिसर्च और इन्वेस्टमेंट पर सरकार काम कर रही है. जो आने वाले समय के लिए बहुत लाभदायक रहने वाला है.
नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शुरू
रायपुर। राज्य के सभी नगरीय निकायों में आज से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा प्रारंभ हो गया है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों और विभाग के पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालकों से फोन पर बात कर गंभीरता से नागरिकों की समस्याएं निराकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान वार्डवार आयोजित शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, नल कलेक्शन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने तथा नामांतरण व स्वरोजगार के प्रकरणों का निपटारा करने भी कहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगर निगम आयुक्तों और संयुक्त संचालकों को वार्डवार आयोजित शिविरों के सतत निरीक्षण और इनके सुचारू संचालन के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व मामलों के निराकरण के साथ ही संपत्ति कर और अन्य करों की वसूली की भी व्यवस्था बनाने को कहा है।
10 अगस्त तक चलेगा जनसमस्या निवारण पखवाड़ा
प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में आज से शुरू जनसमस्या निवारण पखवाड़ा 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का निदान किया जाएगा। इन शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निदान होगा और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का आयोजन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण का आयोजन प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आज 27 जुलाई से 10 अगस्त तक किया जाएगा। इस दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर समस्याओं का त्वरित निदान किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा में नागरिकों की समस्याओं को हल करने विभागीय अधिकारियों, नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को समुचित इंतजाम के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वार्डों में आयोजित शिविरों में महापौरों, अध्यक्षों, पार्षदों और अन्य जन प्रतिनिधियों से उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि इनमें आमजन की ज्यादा से ज्यादा सहभागिता हो सके।
राज्य शासन द्वारा जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के लिए नगरीय निकायों को परिपत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि स्थानीय रहवासियों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना निकाय का मुख्य दायित्व है। नल कलेक्शन, राशन कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामांतरण, स्वरोजगार के प्रकरण तथा कई विविध छोटे-छोटे कार्य होते हैं, जिनका निराकरण शीघ्र अपेक्षित होता है। इनके साथ ही जलापूर्ति में लीकेज, नलों में पानी न आना, नालियों व गलियों की सफाई, सार्वजनिक नलों के प्लेटफार्म से पानी बहना, कचरे की सफाई व परिवहन, टूटी-फूटी नालियों की मरम्मत, सड़कों के गड्ढे पाटना, स्ट्रीट लाइट्स का बंद रहना जैसी समस्याएं भी होती हैं। वार्डवार जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य इन समस्याओं के निराकरण के साथ ही नागरिकों को जरूरी जनसुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में करदाताओं को करों के भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिक शिविर का पूरा लाभ प्राप्त कर सके।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य की सभी 184 नगरीय निकायों में लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए वार्डवार शिविर आयोजित कर उनका मौके पर ही निराकरण के निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को दिए हैं। उन्होंने कहा कि वार्डवार शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निदान होगा और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से होने से शहरी सरकार के प्रति लोगों में सद्भाव भी बढ़ेगा।
राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर का तबादला
रायपुर। राज्य सरकार ने संयुक्त कलेक्टर दीपक कुमार निकुंज का तबादला किया है। उन्हें मंत्रालय वापस बुला लिया गया है। 2016 बैच के अफसर दीपक कुमार को GAD में पदस्थ किया गया है।