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साइबर की पाठशाला : CG Police का ऑनलाइन ट्रेनिंग सेशन, छात्रों को दिए टिप्स, जानिए साइबर अपराध से बचने के तरीके…
साइबर कंसल्टेंट और ट्रेनर डॉ. रक्षित टंडन ने इस विशेष लाइव सत्र में साइबर वर्ल्ड में सर्फिंग के दौरान बच्चों से जुड़े खतरों और सुरक्षित सर्फिंग टिप्स दिए। लाइव सेशन के दौरान डॉ. रक्षित टंडन ने बच्चों से ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल पर गेम्स खेलने के दौरान होने वाली गलतियों के बारे में बात की। पहले उन्होंने बच्चों से पूछा कि कौन सा गेम खेलते हो। फिर उस गेम को सबके सामने गूगल प्ले स्टोर पर दिखाया तो सभी दंग रह गए। दरअसल, उस गेम के लिए एक आयु सीमा निर्धारित थी, जिसका ध्यान किसी ने नहीं रखा।

प्ले स्टोर पर ऐसे कई सारे गेम्स है, जिनके एक्सेस के लिए तय किमत देनी होती है। कुछ इन्हें खेलने के लिए किसी वेबसाइट से apk फाइल डाउनलोड करते लेते है. इस पर साइबर ट्रेनर ने कहा कि फ्री गेम्स के चक्कर में फेक .apk file download करने से बचना चाहिए। साइबर हाइजीन पर बात करते हुए उन्होंने आगे सभी बच्चों से गेम खेलने के दौरान और डाउनलोड करने के दौरान कई बार दिखने वाले आपत्तिजनक वीडियो पर भी बात की तथा शिक्षकों अभिभावकों से बच्चों के मन मस्तिष्क को मिलने वाली ऑनलाइन डाइट पर भी ध्यान रखने सलाह दी।

बच्चों ने पूछे डॉ रक्षित टंडन से अहम सवाल

आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सेजस से 8वीं की छात्रा आकांक्षा और गौरेला मां कल्याणिका स्कूल के 11वीं के छात्र मयंक ने साइबर फिशिंग से बचने के तरीके के बारे में पूछा। साथ ही ऐसे ऐप्स, लिंक के बारे में पूछा जिससे किसी भी ऐप, लिंक का सेफ या खतरनाक पता चल सके। जिसके बाद डॉ रक्षित टंडन ने बच्चों को बताया कि फिशिंग लिंक्स में न फंसे और फेक.apk फाइल से बचने के लिए ऐसे ऐप और लिंक की जांच करने के लिए www.virustotal.com की जालकारी दी। ऑनलाइन स्क्रीन शेयर करते हुए कुछ फेक लिंक्स के खतरों और मालवेयर को भी दिखाया। साथ ही www.sancharsathi.gov.in के बारे में भी बताया गया। डायल 1930 की उपयोगिता और www.cybercrime.gov.in पर जाकर रिपोर्टिंग करने और खुद को प्रशिक्षित करने के लिंक्स को भी ऑनलाइन दिखाया गया।

सेजस इंग्लिश मीडियम स्कूल की आठवीं के छात्र आर्यन ने पूछा, क्या हैकर्स मोबाइल या लैपटॉप का वेब कैमरा, फ्रंट कैमरा भी हैक कर सकते हैं। इस सनाल पर डॉ रक्षित टंडन ने बताया कि कुछ ऐसे हैकर्स हैं जो ये करते हैं। इसलिए वेब कैमरा जब इस्तेमाल में नहीं हो तब वेब कैम कवर लगाए। वहीं कुछ ऑनलाइन प्रोडक्ट्स भी स्क्रीन पर साझा किए, जिससे वेब कैम को कवर किया जा सकता है।
धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा: बेचा 84 कट्टा धान, भुगतान हुआ 220 कट्टे का, किसान ने समिति पदाधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
मोहला-मानपुर। जिले के औंधी तहसील स्थित धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. ग्राम डोमिकला निवासी किसान कन्हैया लाल ने औंधी सहकारी समिति के एक पदाधिकारी पर उसके नाम से धान बिक्री में फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं किसान ने इस संबंध में समिति के प्रभारी प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर समिति पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है.
किसान कन्हैया लाल के मुताबिक उसने केवल 84 कट्टा धान केंद्र में बेचा है, लेकिन उसके नाम से समिति के दस्तावेज में 220 कट्टा धान विक्रय दर्ज हुआ है. यही नहीं 220 कट्टा धान विक्रय के एवज में उसे राशि का भुगतान भी हुआ है. कन्हैया लाल की माने तो उसे 220 कट्टा धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त हुआ था. कन्हैया लाल के मुताबिक औंधी सहकारी समिति के पदाधिकारी ने उससे कहा कि तुम्हारे टोकन में बाकी का 136 कट्टा धान मै बेच दूंगा तुम दस्तखत बस कर देना.
धान बेचे जाने के बाद 220 कट्टा धान का भुगतान भी किसान कन्हैया लाल के बैंक खाते में हो गया. भुगतान उपरांत समिति पदाधिकारी द्वारा जब किसान कन्हैया लाल से अतिरिक्त 136 कट्टा धान बेचने के एवज में पैसा मांगा गया तो किसान कन्हैया लाल ने किसी गड़बड़ी की आशंका वश समिति के प्रभारी प्रबंधक संतराम से धान विक्रय को लेकर जानकारी ली. तब जाकर खुलासा हुआ कि किसान कन्हैया लाल के टोकन से केवल 84 कट्टा धान ही कन्हैया द्वारा खुद बेचा गया है. वहीं कन्हैया लाल के टोकन से अतिरिक्त 136 कट्टा धान बेचने की बात कहने वाले समिति पदाधिकारी द्वारा अतिरिक्त 136 कट्टा धान बेचा ही नहीं गया. बल्कि बिना अतिरिक्त धान बेचे किसान के धान विक्रय दस्तावेज में 84 कट्टा धान विक्रय की जगह 220 कट्टा धान विक्रय अंकित कराया गया. जिसके चलते 84 कट्टा धान बेचने वाले किसान कन्हैया लाल को कुल 220 कट्टा धान का भुगतान हुआ.
इस मामले में आरोप ये भी लग रहे हैं कि उक्त समिति पदाधिकारी के बेटे को धान उपार्जन केंद्र में धान की गिनती के काम में नियुक्त किया गया है. तथा पदाधिकारी के बेटे द्वारा ही कन्हैया लाल के धान की गिनती विक्रय के दौरान की थी. जो इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि समिति पदाधिकारी व उसके बेटे ने गिनती में हेरफेर कर 84 की जगह 220 कट्टा धान विक्रय दस्तावेज में अंकित करवा दिया. और अब बिना अतिरिक्त धान बेचे उक्त पदाधिकारी द्वारा किसान कन्हैया लाल से अतिरिक्त 136 कट्टा धान का पैसा मांगा जा रहा है.
दूसरी ओर औंधी सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक संतराम कृषान ने किसान कन्हैया लाल द्वारा उक्ताशय के संबंध में शिकायती आवेदन देने की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्होंने तमाम जानकारियों से उच्च प्रबंधन को वाकिफ करा दिया है. प्रबंधक ने इस बात की भी पुष्टि की है कि धान विक्रय के दरमियान कन्हैया लाल के धान कट्टे की गिनती फर्जी धान बिक्री के आरोप में घिरे समिति पदाधिकारी के बेटे द्वारा ही किया गया. प्रभारी प्रबंधक संतराम के मुताबिक कन्हैया लाल ने बताया है कि 220 कट्टा धान के टोकन में उसने केवल 84 कट्टा धान ही बेचा है. शेष 136 कट्टा धान समिति पदाधिकारी द्वारा खपाने की बात कही है. लेकिन 136 कट्टा धान द्वारा केंद्र में नहीं दिया गया है.
महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने ली शपथ, मुख्यमंत्री साय ने CM फडणवीस और डिप्टी सीएम को दी बधाई
रायपुर। महाराष्ट्र में आज महायुति सरकार का शपथग्रहण समारोह बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ. दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित इस समारोह में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. महायुति सरकार का शपथग्रहण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बधाई दी है.
सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को बधाई देते हुए लिखा, देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री एवं एकनाथ शिंदे व अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और आप सभी के दूरदर्शी नेतृत्व में महाराष्ट्र के विकास की यात्रा अनवरत जारी रहेगी. निश्चित ही, डबल इंजन सरकार की दोगुनी ऊर्जा महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले कर जाएगी.

मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया. वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शपथ से पहले बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे को याद किया. शिंदे महाराष्ट्र के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जो मुख्यमंत्री के बाद डिप्टी सीएम के पद पर पहुंचे हैं. इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी.
एनसीपी नेता अजित पवार ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अजित पवार का यह छठा मौका है जब वह उपमुख्यमंत्री बने हैं. वे महायुति और महाविकास अघाड़ी की सरकारों में इस पद पर रह चुके हैं.
मुख्यमंत्री ने बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 06 दिसम्बर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि बाबा साहब बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। अनेक भाषाओं के जानकार होने के साथ ही वे विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और कुशल राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छूआ-छूत के विरूद्ध अभियान चलाया और सबके लिए समान अधिकार, स्वतंत्रता और व्यवहार की वकालत की। बाबा साहब का देश की उन्नति के लिए दिया गया अतुलनीय योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जनजातीय समुदायों के हितों का मुद्दा लोकसभा में उठाया
नई दिल्ली। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र निवासी अनुसूचित जनजाति समुदायों के अधिकारों को लेकर लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) 2006 के तहत जनजातीय समुदायों को उनके अधिकार देने की प्रगति और लंबित मामलों पर प्रश्न किया।
जिस पर जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उड़के ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों को मान्यता देने का कार्य राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2024 तक राज्य में 4,22,101 व्यक्तिगत अधिकार पत्र और 47,685 सामुदायिक अधिकार पत्र को मान्यता दी जा चुकी है।
मंत्री ने यह भी बताया कि मंत्रालय को मासिक प्रगति रिपोर्ट (एमपीआर) के माध्यम से राज्य सरकारों से अद्यतन जानकारी प्राप्त होती रहती है। छत्तीसगढ़ में अधिनियम के तहत कार्यान्वयन की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए यह अधिनियम महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार से लंबित मामलों में तेजी से निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि वंचित समुदायों को उनके अधिकार शीघ्र प्रदान किए जा सकें।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय आबादी का सामाजिक और आर्थिक उत्थान उनके अधिकारों के सम्मान और उन्हें सशक्त बनाने से ही संभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।
स्कूल के समीप तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान
बिलासपुर। हाई कोर्ट में बिलासपुर के स्कूलों के आस-पास और अन्य सार्वजनिक जगहों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर संज्ञान में लेकर जनहित याचिका की सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ के सामने मुख्य सचिव और बिलासपुर निगम आयुक्त ने हलफनामा पेश किया. मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी, 2025 को होगी.
दरअसल, मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 नवंबर 2024 को छुट्टी के दिन हाई कोर्ट की बैठक हुई. मुख्य न्यायाधीश ने रजिस्ट्रार जनरल को मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले को जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया. इसके बाद लगातार सुनवाई जारी है.
महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने आज सुनवाई के दौरान शासन का पक्ष रखते हुए शपथ पत्र में जानकारी दी कि आदेश का परिपालन करते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन ने कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर पेनल्टी और अन्य कार्रवाई की है. वही गंभीरता से कोटपा कानून का पालन कराया जा रहा है.
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार और बिलासपुर नगर निगम को निर्देश देते हुए सतत् निगरानी करने कहा है. वहीं कोटपा कानून 2003 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में बिलासपुर निगम आयुक्त को अपना व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी 2025 को रखी गई है.
देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की ली शपथ, एकनाथ शिंदे और अजित पवार बने डिप्टी सीएम
मुंबई। महाराष्ट्र को अपना नया मुख्यमंत्री मिल चुका है। देवेंद्र फडणवीस ने आज महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ले ली है। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र के आजाद मैदान में किया गया। आजाद मैदान के बाहर भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के होर्डिंग्स भर-भर कर लगाए गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत कई वीवीआईपी शामिल हुए।
एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने ली शपथ
इसके बाद दूसरे स्थान पर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और तीसरे स्थान पर एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बता दें कि महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में महायुति को बंपर जीत मिली थी। ऐसे में कई बैठकों के बाद यह तय हुआ कि एकनाथ शिंदे सीएम पद छोड़ेंगे। कयास लगाए जा रहे थे कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे। हालांकि महायुति घटक दलों के नेताओं और शिवसैनिकों के अनुरोध पर एकनाथ शिंदे ने डिप्टी सीएम के पद को स्वीकार कर लिया। बुधवार को इसे लेकर एकनाथ शिंदे ने कहा था कि इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने मेरी मदद की थी सीएम बनने में। आज मैं देवेंद्र फडणवीस की मदद कर रहा हूं। वहीं अजित पवार ने कहा था कि महायुति की सरकार चलाने में हम अपना शत प्रतिशत देंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन पहुंचा?
देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार के शपत ग्रहण समारोह में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कैबिनेट मंत्रियों व अन्य नेताओं के अलावा फिल्मी, खेल जगत व उद्योग जगत के सितारे भी पहुंचे। इस कार्यक्रम में मुकेश अंबानी, अनंत अंबानी, देवेंद्र कुमार उपाध्याय, श्रीराम नेने, माधुरी दीक्षित, विक्की कौशल, खुशी कपूर, रूपा गांगुली, शालिनी पिरामल, सिद्धार्थ रॉय, नीता अंबानी, राधिका अंबानी, नोअल टाटा, दीपक पारीख, कुमार मंगलम बिरला, अजय पीरामल, उदय कोटक, शाहरुख खान, सलमान खान, सचिन तेंदुलकर, अंजलि तेंदुलकर, दिलीप संघवी, अनिल अंबानी, रणबीर कपूर, रणबीर सिंह, गीतांजलि किरलोस्कर, मानसी किरलोस्कर, बीरेंद्र सराफ, रोहित शेट्टी, बोनी कपूर, एकता कपूर, श्रद्धा कपूर, जय कोटक, विक्रांत मैस्सी, जयेश शाह शामिल होने के लिए पहुंचे।
राज्य में आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करें: राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह
रायपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत के आम निर्वाचन 2024-25 हेतु शासन स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग,नगरीय प्रशासनएवं पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारिओं की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अटल नगर नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय के सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विशेष सचिव तारण सिन्हा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने राज्य में आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रियाएं चुनाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जिससे समय पर और निष्पक्ष चुनाव कराया जा सके। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को सुचारू और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए तैयारियों का मूल्यांकन किया गया। मतदान दलों के मानदेय एवं उनके परिवहन हेतु वाहनों के किराये के संबंध में समीक्षा की गई।
बैठक में चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने कहा कि निर्वाचन कार्य की आवश्यकता को देखते हुए आयोग एवं जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रिक्त पदों तथा जिलों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी-जनपद पंचायत एवं तहसीलदार/नायब तहसीलदार के रिक्त पदों की पूर्ति हो।
इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप सचिव डॉ. नेहा कपूर, डॉ. अनुप्रिया मिश्रा एवं आलोक कुमार श्रीवास्तव सहित सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।
बकाया राशि के भुगतान के लिए धरने पर राइस मिलर्स, धान खरीदी प्रभावित होने से किसान परेशान…
कांकेर। प्रदेश के राइस मिलर्स बकाया राशि के भुगतान को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मिलर्स का आरोप है कि अधिकारी नई शर्तें लगाकर प्रोत्साहन राशि कम कर रहे हैं, जिसके विरोध में उन्होंने रजिस्ट्रेशन और बारदाना जमा करने से मना कर दिया है. इससे समितियों में धान खरीदी प्रभावित होने लगी है.
कांकेर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर रोड के समीप धरने पर बैठे राइस मिलर्स कस्टम मिलिंग नहीं करने की चेतावनी दे रहे हैं. छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान ने बताया कि विभागीय अधिकारियों का रवैया राइस मिल कारोबार को बर्बाद करने वाला है.
उन्होंने कहा कि अफसर पैसा जारी नहीं कर रही हैं, जिससे उनका कारोबार बर्बाद हो रहा है. वर्तमान में मिलिंग 120 रुपए दिया जा रहा था, उसे कम कर 60 रुपए कर दिया गया है. ऐसे में कई कारोबारी दिवालिया होने के कगार पर हैं, तो कुछ कर्ज लेकर कारोबार चला रहे हैं. ऐसी स्थिति में मिलर्स सरकार से जल्द पिछला भुगतान करने की मांग कर रहे हैं.
मृत शिक्षाकर्मियों के आश्रितों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति देने का दिया निर्देश, पर रखी यह शर्त…
बिलासपुर। मृत शिक्षाकर्मियों के आश्रितों को हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने 13 सितंबर 2021 में गठित समिति से निर्णय लेकर दो माह के भीतर योग्यता के अनुसार आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है.
याचिकाकर्ता खिलेश्वरी साहू, सिद्धार्थ सिंह परिहार, अश्वनी सोनवानी, त्रिवेणी यादव, बिंद्रा आदित्य के पति प्रदेश के विभिन्न जिला में शिक्षाकर्मी के पद में पदस्थ थे, जिनका सेवा काल के दौरान निधन हो गया. आश्रितों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन विभाग ने आवेदकों के पास बीएड, डीएड डिग्री व शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं होने के आधार पर आवेदन को निरस्त कर दिया. इस पर आवेदकों ने अधिवक्ता योगेश चंद्रा, सी जयंत राव सहित अन्य के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका लगाई.
मामले में जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की. याचिका में बताया गया कि विवादित अनुकंपा नियुक्ति के मामले में निराकरण करने 13 सितंबर 2021 को कमेटी बनाई गई थी, लेकिन उसने आज तक कोई निर्णय नहीं लिया.
कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ताओं के पति/पिता/बड़े भाई शिक्षाकर्मी ग्रेड I और III के पदों पर नियुक्ति थे. सेवाकाल के दौरान उनकी मौत पर आश्रितों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया, लेकिन उनके पास अपेक्षित योग्यता नहीं होने के कारण आवेदन स्वीकार नहीं किया गया. वर्तमान में विभाग में शिक्षाकर्मियों के पद उपलब्ध नहीं हैं. इस पर कोर्ट ने विवाद के समाधान के लिए 13 सितंबर 2021 को गठित समिति से निर्णय लेकर दो माह के भीतर आश्रितों को नौकरी देने का निर्देश दिया.
छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों का धान खपाने कोचिए सक्रिय, अब तक 33 हजार 54 क्विंटल अवैध धान जब्त …
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी जोरों पर है. किसान अपने धान को लेकर खरीदी केंद्र पहुंच रहे हैं. इस बीच छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों के धान को खपाने के लिए कोचिए सक्रिय हो चुके हैं. दरअसल, छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और प्रति क्विंटल 3100 की दर से खरीदी की जा रही है. ऐसे में दूसरे राज्यों के धान को खपाने की कोशिश जारी है. इसपर रोक लगाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है.
अब तक प्रदेश में 33 हज़ार 54 क्विंटल धान जब्त कर टास्क फोर्स ने कार्रवाई की है. साथ ही 86 गाड़ियों को अवैध परिवहन करते हुए जप्त किया गया है.
बता दें कि प्रदेशभर में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए 273 अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट बनाए गए हैं. जहां चेक पोस्टों पर खाद्य, राजस्व, मंडी, कृषि विभाग की अधिकारी की टीम संयुक्त कार्रवाई कर रही है. सबसे ज्यादा 5 हजार 7 सौ 60 क्विंटल अवैध धान महासमुंद जिले से जप्त हुआ है. वहीं धमतरी जिले से 2 हजार 4 सौ 80 क्विंटल अवैध धान जप्त किया गया है.
इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है. इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल हैं. इस वर्ष 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है. खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 4 दिसंबर को 58468 किसानों से 2.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है. इसके लिए 66453 टोकन जारी किए गए थे. आगे की खरीदी के लिए 44349 टोकन जारी किए गए हैं. छत्तीसगढ़ में अब तक 26.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है. धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी.
इस हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं किसान
राज्य सरकार धान उपार्जन केंद्रों में शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिसका नं. 0771-2425463 है. धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं.
निकाय चुनाव पर सियासत : पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव बोले – PM और CM इनडायरेक्ट चुना जा सकता है तो निकायों में क्यों नहीं?, OBC आरक्षण पर भी दिया ये बड़ा बयान…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने ओबीसी सर्वे में गड़बड़ी का संदेह जताते हुए कहा कि सर्वे में ओबीसी की आबादी कम बताई गई है. सरगुजा में ओबीसी सर्वे में अनारक्षित वर्ग के लोगों ने अपना नाम जुड़वाया है. ऐसे में कई इलाकों में ओबीसी का प्रतिनिधित्व नहीं होगा. वहीं निकाय चुनाव को लेकर भाजपा नेता अजय चंद्राकर के बयान पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को यदि इनडायरेक्ट चुना जा सकता है तो निकायों में क्यों नहीं?
सिंहदेव ने कहा है कि हॉर्स ट्रेडिंग नीचे हो सकता है, लेकिन ऊपर नहीं, ये कैसा तर्क है. इसमें वन नेशन वन प्रक्रिया क्यों नहीं करते. दशकों से हम देखते आ रहे हैं कि प्रणाली बदलती रही है. आजकल ऑपरेशन लोटस चलन में है. नियम कानून आए, लेकिन रुक नहीं रहा है. सभी असफल रहा. जीतने कड़े कानून बना सके बनाना चाहिए. यदि कोई दल बदलता है तो आगे कुछ समय तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा देना चाहिए.
एकलव्य विद्यालय मामले में केदार कश्यप के बयान को बताया शर्मनाक
नारायणपुर के एकलव्य विद्यालय के वायरल वीडियो को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने शर्मनाक बताया है. वन मंत्री केदार कश्यप के वीडियो बनाने वाले पर कार्रवाई करने के बयान पर सिंहदेव ने कहा, यदि व्यवस्था ऐसी है तो अमानवीय है. इसे एक्सेप्ट करना चाहिए और सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.
‘शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में नहीं हुई कोई प्रगति’
बीजेपी के जनादेश दिवस को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह ने कहा है कि काम नहीं के बराबर हुआ है. एक महतारी योजना ही लागू किया. बिजली से लोग परेशान हैं. शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई प्रगति नजर नहीं आ रहा है. कई क्षेत्रों में स्थिति और खराब हुई है.
शिक्षक की कमी के विरोध में बच्चों और पालकों ने किया धरना प्रदर्शन, स्कूल में जड़ा ताला…
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक के टिटहीपाली प्राथमिक शाला में आज शिक्षक की कमी को लेकर विद्यार्थियों और उनके पालकों ने विरोध प्रदर्शन किया है. स्कूल के विद्यार्थियों और पालकों ने मिलकर स्कूल में ताला जड़ दिया और बाहर बैठ कर बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस मामले की जानकारी मिलने पर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर ने तुरंत संज्ञान लिया और एक शिक्षक की व्यवस्था की गई, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया.
BMO की मनमानी से तंग आकर डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी
गरियाबंद। फिंगेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा विशेषज्ञों ने लामबंद होकर खंड चिकित्सा आधिकारी (BMO) डॉ. वीरेंद्र हेरोदिया की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. डॉक्टरों ने कहा है कि जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी शिकायत जिला चिकित्सा अधिकारी गरियाबंद और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से भी की गई थी.

शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज चिकित्सा अधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है. वहीं इस संबंध में डॉक्टरों ने आज राजिम विधायक रोहित साहू से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया और लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
विधायक अजय चंद्राकर ने मंत्री पद को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार
रायपुर। पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ के सियासत में उबाल आ गया. विधायक चंद्राकर ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की है. चर्चा है की मंत्री के दो खाली पड़े पद में एक नाम अजय चंद्राकर का भी हो सकता है.
विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मंत्री बनना, नहीं बनना कब बनना और कैसे बनना है. यह विशुद्ध रूप से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. इस बारे में मुझे ना कुछ बोलना है. ना ही कुछ कहना है. खाली विभाग जो है. वे विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं.
क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे दिल्ली
दिल्ली दौरे को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि हम निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गए थे. कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर जा सकते हैं, जो केंद्र सरकार से संबंधित है. मैंने अपने सांसद से लेकर छत्तीसगढ़ के मंत्री तोखन साहू के साथ में क्षेत्र की जो समस्याएं थी, केंद्र सरकार के समक्ष उसके बारे में ही चर्चा हुई.
धान खरीदी को लेकर विधायक का बयान:
कांग्रेस के धान खरीदी केंद्रों को लेकर प्रेस वार्ता को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- कोई गंभीर बात वो नहीं बता सके हैं. सुचारू रूप से काम चल रहा है. वहीं धान खरीदी कम होने को लेकर कहा, धान की कटाई पूरी तरह हुई नहीं है. समय बढ़ाने के आवश्यकता नहीं पड़ेगी. निर्धारित समय में पूरी खरीदी हो जाएगी.
नगरीय निकायों में विकास को लेकर कांग्रेस पर पलटवार
बीजेपी की सरकार बनने के बाद निकायों में विकास नहीं होने के बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विकास जिसका होना है, उसका तो पूरा विकास हो गया. रायपुर में कितने तालाबो का सौंदर्यीकरण हुआ है देखिए. ये कांग्रेस का विकास है रायपुर में.
बढ़ते अपराध और धान को लेकर कांग्रेस के आंदोलन पर दिया बयान
अपराध और धान को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है. इस सवाल पर विधायक चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस हमलावर रहेगी. एक प्रेस वार्ता लेकर एक बार क्रोध में उन्होंने आंदोलन किया. टोल नाका के लिए टोल नाका में 15 से 20 कांग्रेसी थे, कुछ पुलिस वाले थे. पहले जन समर्थन लेना चाहिए, उसके बाद करें. केवल समाचार पत्रों में, मीडिया भर में वे आंदोलित हैं. जमीन में कहीं कांग्रेस की उपस्थिति नहीं है.
कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता चरण दास महंत
विधायक अजय चंद्राकर ने आगे कहा कि कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेता हैं, चरण दास महंत. उनके अनुभव का ही कांग्रेस उपयोग करती, तो यह गति नहीं होती. जिस गति में आज कांग्रेस है.
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गरियाबंद सबसे आगे, 21351 किसानों से 234 करोड़ की हुई खरीदी…
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में इन दिनों समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दौर जारी है. ऐसे में गरियाबंद जिला सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. गरियाबंद में अब तक 21351 किसानों से 234 करोड़ की धान खरीदी की जा चुकी है. वहीं धान विक्रय करने वाले 94 फीसदी किसानों ने ऑनलाइन टोकन की सुविधा का लाभ उठाया है.
अन्नदाता के सहूलियत में कोई कमी नहीं रहेगी बाकी : कलेक्टर
गरियाबंद जिले के 90 धान खरीदी केंद्र में से 50 का बफर लिमिट महज 13 दिन की खरीदी में पार हो गया है. खरीदी लिमिट ओवर होने से भले केंद्रों को रख रखाव के लिए मशक्कत उठानी पड़ रही है, पर यह एक सुखद खबर है कि प्रदेश भर में गरियाबंद जिला खरीदी में अव्वल स्थान पर है.
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 21351 किसानो के 28236 हेक्टेयर में 101740 मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है जो कुल पंजीयन के 25.43 फीसदी है. गरियाबंद के किसान अब तक 234 करोड़ के धान बेच चुके हैं. भुगतान की प्रकिया भी संतोष जनक बताई जा रही है.

खरीदी को लेकर कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि शुरू से ही हमने किसानों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लगातार नोडल, खरीदी प्रभारियों की बैठक लिया गया. खरीदी में हर उस कमजोर कड़ी को हटाने की कोशिश की गई, जिससे पहले खरीदी प्रभावित हो रही थी. हमारी टीम सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में पूरी तल्लीनता से लगी हुई है.

मिलर्स के हड़ताल खत्म, उठाव में आयेगी तेजी
अपनी मांगो को लेकर प्रदेश भर के मिलर्स हड़ताल पर थे, जिसके चलते उठाव की समस्या हो रही थी. हालांकि जिला प्रशासन ने सरकारी संग्रहण केंद्र के लिए उठाव शुरू कर दिया था. डीएमओ मार्कफेड अमित चंद्राकर ने बताया कि जिले में 59 मिलर्स हैं, जिसमें से 11 ने पंजीयन के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि मिले निर्देश के मुताबिक जिन मिलरों ने पिछले साल के एफसीआई मिलिंग या समायोजन 80 फीसदी कर दिया है उन्हें ही नए सीजन में मिलिंग हेतु पंजीयन किया जाना है.
जानिए वर्ग वार लाभान्वित कृषकों का प्रतिशत (रकबा अनुसार):
राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ सभी वर्ग के किसानों तक पहुंच रहा है। अब तक योजना के तहत अलग-अलग रकबे के किसानों को इस प्रकार से लाभान्वित किया गया है:
ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक
ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक
पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक
10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने की जनसुनवाई, कई मामलों में हुई कार्रवाई, जानें पूरी जानकारी…
मुंगेली। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, मनियारी, मुंगेली में जनसुनवाई की. उनके साथ सदस्य सरला कोसरिया और लक्ष्मी वर्मा भी मौजूद रहीं. जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से संबंधित 11 मामलों पर सुनवाई की गई.
बता दें, डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर यह 292वीं और मुंगेली जिले में चौथी जनसुनवाई थी. सुनवाई के दौरान कुछ मामलों को नस्तीबद्ध किया गया, तो कुछ मामलों में आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
इन मामलों में हुई सुनवाई
(1) बकाया राशि की वसूली के लिए निर्देश:
एक मामले में आवेदिका ने अनावेदक पर बकाया राशि का दावा किया. पिछले सुनवाई में अनावेदक ने वॉयस रिकॉर्डिंग में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की थी. आयोग ने आवेदिका को अपने दस्तावेजों के आधार पर दीवानी न्यायालय में मामला दर्ज करने का सुझाव देते हुए प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया.
(2) सुसाइड नोट मामले में एसपी दुर्ग से मांगी गई रिपोर्ट:
एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि उसके पति सौरभ सोनी ने आत्महत्या कर ली थी. उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में अनावेदिका को जिम्मेदार ठहराया गया था. आयोग ने इस मामले में जीआरपी थाना दुर्ग से अब तक हुई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा. रायपुर में इस प्रकरण की सुनवाई की जाएगी.
(3) जमीन और संपत्ति विवाद सुलझा:
एक मामले में आवेदिका और अनावेदक (ससुर) के बीच संपत्ति विवाद को सहमति से सुलझा लिया गया. आवेदिका को खेती की जमीन में 1/4 हिस्सा और लोरमी स्थित मकान में हिस्सेदारी देने पर दोनों पक्ष सहमत हुए. मामला नस्तीबद्ध किया गया.
वन विभाग के मामले में होगी जांच
एक प्रकरण में आवेदिका ने वन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. आयोग ने इस मामले में डीएफओ मुंगेली को पत्र भेजकर जांच कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. रिपोर्ट मिलने के बाद अगली सुनवाई रायपुर में होगी.
अनुपस्थित आवेदिका के मामले नस्तीबद्ध
एक अन्य मामले में आवेदिका की लगातार अनुपस्थिति के कारण प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया.
महिला आयोग ने जनसुनवाई में आए मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने उम्मीद जताई है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सामने आएंगी और उनके लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.

