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छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक सदन में बहुमत से पारित, विपक्ष की मांग पर हुआ मत विभाजन, पक्ष में 47 तो विपक्ष में 27 पड़े मत…
रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2024 बहुमत से पारित हुआ. विपक्ष ने संशोधन विधेयक पर मत विभाजन की मांग की थी, जिसके बाद हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 47 और विपक्ष में 27 मत पड़े. इसके साथ ही सदन में संशोधन विधेयक पारित हो गया.
इससे पहले संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंडी फीस के जगह कृषक कल्याण कह दिया. जियो जब शुरू हुआ तो फ्री में दिया गया था. आज पूरे मार्केट में सबसे ज्यादा कब्जा इनका है, और अब सबसे महंगा यही है. हिमाचल में क्या हुआ. वही बड़े लोग रेट खोल रहे हैं. औने-पौने दाम में हिमाचल में सेव बेचने के लिए किसान मजबूर हैं.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कुरुद में 20 ई-मंडी संचालित हैं. यह संशोधन इसलिए आया है, ताकि प्रदेश के मंडी के किसान भी राष्ट्रीय कृषि बाजार में व्यापार कर सकें. किसानों का कहीं से अहित नहीं है.
इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि इस संशोधन विधेयक में यह जोड़ दीजिए कि समर्थन मूल्य से नीचे कोई नहीं खरीद सकेगा. छत्तीसगढ़ का पशुधन बाहर जाएगा. यहां से ट्रकों में भरकर पशु बाहर जा रहे हैं. बांग्लादेश के अलावा यूरोप जाएगा. बड़े व्यापारी और कॉरपोरेट हाउस पहले बेहतर दाम दे देंगे, बाद में यहां के किसानों की स्थिति बदतर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि अगले सत्र में (संशोधन विधेयक) ले आइएगा. जल्दबाजी क्या है.
कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि संशोधन करके बड़े कॉरपोरेट व्यापारी को यहां लाने की क्या जरूरत है. ऐसा न हो कि केंद्र के कृषि कानून की तरह बाद में इसे भी वापस लेना न पड़े. किसानों को आंदोलन न करना पड़े. किसान कुटीर बने, गोदाम, शेड की व्यवस्था हो ताकि किसानों को परेशानी न हो.
भाजपा विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कृषक कल्याण शुल्क के संशोधन से इसकी भावना स्पष्ट है. गांव के छोटे किसान को यह अनुमति नहीं है कि वो दूसरे मंडी में अपनी उपज बेच सके. इसमें संशोधन से वो दूसरे मंडी में जा सकेगा. मंडी बोर्ड का जब विषय आता है. उसके फंड से सीसी रोड और नाली बनाने की बात होती है. मंत्री जी सुनिश्चित करें कि मंडी शुल्क का पैसा किसानों के कल्याण पर खर्च होगा.
कांग्रेस विधायक द्वारकाधीश यादव ने कहा कि इसी तरह की व्यवस्था केंद्र के विधेयक में भी था. पहली बार मोदी सरकार को इसे वापस लेना पड़ा. अंबानी और अदानी आएंगे तीन चार साल रेट देंगे. बाद में छोटे व्यापारी खत्म हो जाएंगे.
भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि इससे उपज का सही मूल्य मिलेगा. मंडी शुल्क संशोधन के बाद कृषक कल्याण शुल्क कहलाएगा. यानी किसानों के कल्याण के लिए यह राशि खर्च की जायेगी. आज भी मंडी में छाया और शेड की व्यवस्था नहीं है. धान भीग जाते हैं. निश्चित रूप से कस्टम मिलिंग ठीक से होगी. हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा खुशहाल छत्तीसगढ़ का किसान है.
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सदस्यों ने कई तरह की चिंताएं व्यक्त की हैं. आप कैसे सोच सकते हैं कि हमारी सरकार किसानों के हित की चिंता नहीं करेगी. भूपेश बघेल तो ऐसा बोलने लगे कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के लोग आ जाएंगे. मंडी अधिनियम में पशुपालन, मछलीपालन शामिल नहीं है. इसके बावजूद यदि कहीं भी यदि इसके परीक्षण की जरूरत होगी तो परीक्षण कराऊंगा. यदि ऐसा कुछ होगा तो इसे संशोधन से बाहर करूंगा.
मंत्री ने कहा कि मार्केट ओपन होना चाहिए ये तो आप चाहते हैं न. प्रदेश के किसानों को गुमराह करने की कोशिश न करें. प्रदेश की जनता आपके बातों में आने वाली नहीं है. ई नाम में कोई भी जुड़कर अपना सामान बेच सकता है. इसे सर्वसम्मति से पारित किया जाए.
स्काई-वॉक का निर्माण होगा पूरा, शारदा चौक से तात्यापारा चौक सड़क चौड़ीकरण के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाकर मुआवजा और चौड़ीकरण के लिए जमीन की जरूरत का कराया जाएगा परीक्षण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में रायपुर के अधूरे स्काई-वॉक के निर्माण को पूर्व निर्धारित ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार पूर्ण करने का निर्णय लिया गया है। रायपुर के शारदा चौक से तात्यापारा चौक के बीच बहुप्रतीक्षित सड़क चौड़ीकरण के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनाकर मुआवजा और चौड़ीकरण के लिए जमीन की जरूरत का परीक्षण कराकर काम आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व सांसद सुनील सोनी, रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण के विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व विधायक नंदकुमार साहू, श्रीचंद सुंदरानी और शहर के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक में चर्चा के दौरान स्काई-वॉक के निर्माण के बारे में जानकारी दी गई कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर शास्त्री चौक पर पैदल चलने वाले यात्रियों की गणना की गई थी। उस समय अक्टूबर-2016 में पाया गया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय चौक पर 14 हजार और शास्त्री चौक पर 27 हजार पैदल चलने वाले यात्री निकलते हैं। मई-2019 में दोबारा गणना के दौरान डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सालय चौक पर पैदल निकलने वाले यात्रियों की संख्या 25 हजार 095 और शास्त्री चौक पर 35 हजार 920 थी जो कि पहले की गणना से चलने वाले यात्रियों की संख्या से अधिक थी। राज्य में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अधूरे स्काई-वॉक के संबंध में सुझाव समिति का गठन किया गया था। सुझाव समिति ने भी यह सुझाव दिया था कि स्काई-वॉक का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्काई-वॉक निर्माण के संबंध में विस्तृत चर्चा और उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव की सहमति के बाद इसे पूर्व अनुमोदित ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार पूर्ण करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक में शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक के सड़क के चौड़ीकरण के संबंध जानकारी दी गई कि जयस्तंभ चौक से शारदा चौक तक फोरलेन मार्ग निर्मित है। साथ ही तात्यापारा चौक से आगे आजाद चौक की ओर भी फोरलेन मार्ग निर्मित है। शारदा चौक से तात्यापारा चौक के बीच मात्र 510 मीटर लम्बाई के फोरलेन नहीं होने के कारण प्रतिदिन चारपहिया एवं दोपहिया वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है जिससे आम लोगों को बहुत परेशानी होती है। यह रायपुर की लम्बे समय से लंबित मांग है। दोनों ओर की सड़कों के चौड़ीकरण होने के बाद बीच के छूटे हिस्से का चौड़ीकरण किया जाना आवश्यक हैं। विस्तृत चर्चा के बाद बैठक में निर्णय लिया गया कि शास्त्री चौक से तात्यापारा चौक के मध्य की सड़क को तात्यापारा चौक से आजाद चौक तक सड़क चौड़ीकरण जिस रूपांकन एवं चौड़ाई में किया गया है, उसी प्रकार शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क चौड़ीकरण किया जाए, ताकि मार्ग में एकरूपता बनी रहे।
बैठक में रायपुर के कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। यह समिति 30 दिनों के भीतर शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक वास्तविक रूप से कुल कितनी भूमि का अर्जन और अतिक्रमण मुक्त किया जाना है, अर्जन या विस्थापन में कितने भू-स्वामी व अतिक्रमणकर्ता प्रभावित हो रहे हैं, आबादी (शासकीय) भूमि एवं निजी भूमि (परिसंपत्ति सहित) के सम्पूर्ण विवरण तथा चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने हेतु विकल्प एवं अनुशंसा प्रस्तुत करेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस समिति का गठन किया जाएगा।
अमृत 2.0 योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 2541 करोड़ रुपए लागत की 111 परियोजनाओं का अनुमोदन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर मंत्री तोखन साहू ने दी जानकारी
रायपुर। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की 111 परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया है। लोकसभा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवालों का जवाब देते हुए आवासन और शहरी कार्य मंत्री तोखन साहू ने जानकारी दी कि, छत्तीसगढ़ में 2541 करोड़ रुपए की 111 परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया है जिसमे से 18 परियोजनाओं के लिए 772.5 करोड़ रुपए प्रदत किए गए है और 1769 करोड़ रुपए लागत की 93 परियोजना, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट/ निविदा चरण में हैं।
छत्तीसगढ़ में जनजातीय परिपथ के तहत जशपुर-कुनकुरी -मैनपाट- कमलेशपुर- महेशपुर कुरदार- सरोधदादर -गंगरेल- कोंडागांव- नथियानवगांव के विकास के लिए 94.23 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
बिलासपुर और जगलपुर को स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत चिन्हित किया गया
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रहा है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल पर पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जानकारी दी है। जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ समिति संपूर्ण भारत में घरेलू पर्यटन 2020 कोरोना महामारी से पहले के स्तर पर पहुंच चुका है विदेशी पर्यटकों की संख्या भी इस वर्ष महामारी पूर्व के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में जनजातीय परिपथ के तहत जशपुर-कुनकुरी -मैनपाट- कमलेशपुर- महेशपुर कुरदार- सरोधदादर -गंगरेल- कोंडागांव- नथियानवगांव के विकास के लिए 94.23 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। साथ ही स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत राज्य में बिलासपुर और जगलपुर को चिन्हित किया गया है।
बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर जानकारी देते हुए पर्यटन मंत्री ने बताया कि देश की समृद्ध विरासत और संस्कृति के बारे में नागरिकों में जागरूकता पैदा करने और देश के भीतर नागरिकों को यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से देखो अपना देश पहल शुरू की गई है। इतना ही नहीं बेहतर सेवा मानक प्रदान करने के लिए जनशक्ति को प्रशिक्षित एवं उन्नत करना। पर्यटकों की सहायता के लिए देश भर से सूप प्रशिक्षित पेशेवर पर्यटक सुविधा कर्ताओं का समूह बनाकर ऑनलाइन शिक्षक मंच तैयार करना, 24×7 बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन की शुरुआत की गई है।
विदेशी पर्यटकों के लिए ई वीजा पर्यटक, बिजनेस, मेडिकल, मेडिकल अटेंडेंट, कॉन्फ्रेंस समेत 7 श्रेणियों में प्रदान किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत देश में 14 थीम आधारित परिपथों के तहत 76 परियोजनाओं को 4865 हजार करोड़ रुपए जारी किए है।
विधानसभा में विधायक भावना ने उठाया ट्रैक्टर आवंटन में असमानता का मुद्दा
भावना बोहरा ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहा जाता है हमारे छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र भी है जहां वन उपज संग्रहण से अधिकांशत आदिवासी समाज के लोग जीवन यापन करते हैं ऐसे में आज जब छत्तीसगढ़ राज्य उपज मंडी अधिनियम 1972 क्रमांक 24 की धारा 2 की उप धारा 1 में महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखा गया है तब मैं संशोधन का स्वागत करती हूं। है। इस संशोधन के उपरांत राज्य सरकार को मंडी शुल्क की बात ही कृषक कल्याण शुल्क से भी छूट दिए जाने की शक्तियां होगी इस दृष्टि से यह संशोधन किसानों के कल्याण में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही इस संशोधन के उपरांत मंडियों द्वारा संग्रहित कृषक कल्याण शुल्क का राज्य शासन द्वारा निर्धारित परिषद बोर्ड को छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में भुगतान करने और छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि को सहकारी बैंक या डाकघर या राज्य शासन द्वारा निर्देशित पत्र बैंकों में जमा किया जा सकेगा। जिससे न केवल यह राशि सुरक्षित रहेगी बल्कि इस राशि पर ब्याज का लाभ भी प्राप्त होगा। हमारे छोटे किसानों की जितनी लागत फसल को उपजाने में लगती है, उतना ही संघर्ष उन्हें अपने उपज को मंडी तक ले जाने के परिवहन में भी करना पड़ता है। इस संशोधन के उपरांत प्रदेश के किसान निकटतम मंडी एवं जहां उन्हें ज्यादा मूल्य प्राप्त हो ऐसी मंडी में अपनी उपज विक्रय कर सकेंगे जो कि स्वागत योग्य है। छत्तीसगढ़ राज्य उपज मंडी अधिनियम 1972 क्रमांक 24 की धारा 2 की उप धारा 1 में यह संशोधन अन्नदाताओं के हित और उनका आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भावना बोहरा ने कहा कि किसानों को शासन द्वारा जो ट्रैक्टर आवंटन किया जाता है उसमें असमानता है, जिसे गंभीरता से लिया जाए। जानकारी के अनुसार की हर ब्लॉक एवं विकासखंड में अलग-अलग ट्रैक्टर आवंटन किया जा रहा है। किसी ब्लॉक में पहले आवेदन करने वाले किसानों को अभी तक ट्रैक्टर आवंटित नहीं हुआ है और बाद में आवेदन करने वालों को ट्रैक्टर आवंटित करने की भी सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने पूछा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत तीन वित्तीय वर्षों एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिनांक 30 जून, 2024 तक किस योजना के तहत, कितने हितग्राही कृषकों को अनुदान पर ट्रैक्टर स्वीकृत किये गये? कितने किसानों को कितनी अनुदान राशि स्वीकृत की गई है एवं कितने आवेदन प्राप्त एवं निरस्त हुए हैं? विभागीय मंत्री रामविचार नेता ने बताया कि पंडरिया विधानसभा के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 167, 2022-23 में 403, 2023-24 में 54 और 2024-25 में एक भी ट्रैक्टर आवंटित नहीं किया गया इस प्रकार अबतक कुल ६२४ किसानों को ट्रैक्टर आवंटित किया गया है। ट्रैक्टर के आवंटन हेतु अनुसूचित जाती,अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों तथा महिलाओं को ट्रैक्टर के मॉडल आधार पर अधिकतम 2 लाख से 5 लाख तक एवं अन्य वर्ग के लिए अधिकतम 1 लाख 60 हजार से 4 लाख तक अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 30 जून 2024 तक कृषि विभाग द्वारा किन-किन योजनाओं के तहत कितनी लागत के कितने कार्य कराये गये एवं कौन-कौन से कृषि उपकरण एवं अन्य सामग्री की खरीदी की गई, लाभान्वित कृषकों की संख्या की जानकारी के संबंध में प्रश्न किया वहीं खरीदी गयी सामग्री/उपकरण, हितग्राहियों के चयन और वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के विषय में भी जानकारी मांगी और यदि अनियमितता हुई है तो उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है इस विषय में भी जानकारी मांगी। प्रदेश में किसानों को हो रही खाद वितरण के संबंध में प्रश्न किया कि सरकार द्वारा प्रदेश में किसानों को वितरित किए जाने वाले खाद की कुल आवश्यकता प्रतिवर्ष कितनी होती है? आवश्यकता के अनुरूप खाद की उपलब्धता की मात्रा क्या है? एवं पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान समय कितने किसानों को वितरित किये गए हैं और जिन किसानों को खाद नहीं मिला है उन्हें कबतक उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके सन्दर्भ में विभागीय मंत्री ने कहा कि अभी इस विषय में जानकारी संकलित की जा रही है जानकारी मिलते ही उपलब्ध कराई जाएगी।
पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक एवं बालिका छात्रावास/आश्रम के संबंध में भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि कितने आश्रम किन स्थानों पर संचालित हैं? 2021 से जून 2024 तक छात्रावास को कितनी राशि उपलब्ध कराई गई और उन राशि का किन कार्यों में व्यय हुआ इसके साथ ही प्रतिमाह प्रति छात्र कितनी राशि खर्च होती के संबंध में प्रश्न उठाया।
बस्तर विश्वविद्यालय अध्ययन शाला के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 31 जुलाई तक मिलेगा प्रवेश
रायपुर। शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर (जगदलपुर) द्वारा पहली बार अपने विश्वविद्यालय के अध्ययन शाला में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बीए, बीएससी, बीकॉम सहित एमए, एमएसी एवं एमकॉम में सीधे प्रवेश की सुविधा प्रदान किया जा रहा है। प्रवेश के इच्छुक छात्र-छात्राएं न्यूनतम 975 रुपए शुल्क में ग्रेजुएशन और 3650 रुपये के शुल्क में पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं। कोई भी छात्र-छात्रा सीधे विश्वविद्यालय आकर 31 जुलाई 2024 तक प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश से संबंधित समस्त जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://smkvbastar.ac.in पर देखी जा सकती है।
बस्तर अंचल के अंदरूनी ईलाके के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अभिप्रेरित करने के उद्देश्य से अलग-अलग छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही छात्र-छात्राओं की अध्ययन के प्रति रूझान को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए 24×7 लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। प्रवेश सम्बन्धी अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 87122-27321, 87122-29289 अथवा ई-मेल helpdesk@gmail.com पर सम्पर्क कर सकते हैं।
ज्ञातव्य है कि राज्य शासन द्वारा शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर को 20 नवीन शिक्षण विभागों में 33 नवीन स्नात्तक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही भारत सरकार द्वारा बस्तर विश्वविद्यालय को पीएम उषा बहुविषयी शिक्षा एवं शोध योजनांतर्गत अनुदान भी स्वीकृत किया गया है। उक्त प्रोजेक्ट के अन्तर्गत विश्विद्यालय को बहुविषयक शिक्षा आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन एवं सभी अध्ययनशाला में महत्वपूर्ण विषयों पर शोध को भी प्रारंभ किया गया है।
बस्तर यूनिवर्सिटी पीएम उषा विश्वविद्यालय होने के कारण सम्पूर्ण बस्तर अंचल के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के युवाओं को अपने अध्ययनशाला में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने एवं युवाओं के रुचिकर व्यवसाय एवं रोजगार चुनने का अवसर प्रदान करना चाहता है। लेकिन वर्तमान में बस्तर क्षेत्र की उच्च शिक्षा में ग्रास इनरोलमेंट रेशियो (जीईआर) लगभग 11 प्रतिशत है, जो कि बहुत कम है। इसे मद्देनजर रखते हुए नवपदस्थ कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह ने बस्तर विश्वविद्यालय के उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु सभी शासकीय एवं गैर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में सत्र 2023-24 के तहत कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में कक्षा बारहवी उत्तीर्ण करने वाले समस्त छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय अध्ययनशाला में प्रवेश हेतु मार्गदर्शन कर उच्च शिक्षा हासिल करने हेतु प्रोत्साहित किये जाने के निर्देश सयुंक्त संचालक स्कूल शिक्षा और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही बस्तर संभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं गैर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के समस्त प्राचार्यों के माध्यम से इस दिशा में अंदरूनी ईलाके के विद्यालयों से उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने हेतु प्राथमिकता के साथ अभिप्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग के 2 अफसरों का तबादला
रायपुर। राज्य सरकार ने वित्त सेवा के दो अफसरों का तबादला किया है। संयुक्त संचार और उप संचालक का तबादला किया गया है।
रायपुर परिसीमन; 2 वार्ड खत्म कर दूसरे में मर्ज, 70 वार्डों की बदली तस्वीर
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव से नगर निगम रायपुर का परिसीमन हो गया है। परिसीमन के बाद ज्यादातर वार्डों के नंबर और तस्वीर बदल गई है। परिसीमन से 2 वार्ड तो पूरी तरह से अलग-अलग वार्डों में मर्ज हो गए। हालांकि रायपुर में कुल वार्डों की संख्या 70 ही है।
बाकी वार्डों में भी परिसीमन का खासा असर पड़ा है। किसी वार्ड में नए इलाके शामिल हुए तो किसी इलाके से कई हिस्से कम हो गए। शहर के आउटर एरिया को मिलाकर 2 नए वार्ड बनाए गए है। मोवा,सड्डू,आमा सिवनी वाले क्षेत्र को मिलाकर एक नया वार्ड बनाया गया है।
ये वार्ड विलोपित हुआ
पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड जहां से MIC सदस्य आकाश तिवारी पार्षद है उस वार्ड को विलोपित कर दिया गया है। इसे आस-पास के वार्ड में मर्ज कर दिया गया है। 2011 जनगणना को आधार बनाते हुए यह परिसीमन किया गया है। इसमें प्रत्येक वार्डों की जनसंख्या 12 हजार से 16 हजार के बीच है। वार्डों का भूगोल बदलने से एक वार्ड के मतदाता दूसरे वार्ड में शिफ्ट हो गए हैं, जिससे पार्षदों की चिंता भी बढ़ गई है।
एक सप्ताह में दावा आपत्ति
परिसीमन के पहले प्रकाशन के साथ ही सात दिन के भीतर दावा-आपत्ति मंगवाई है। नगर निगम मुख्यालय के चौथे फ्लोर में कमरा नंबर- 502 में इसे चस्पा किया गया है। कोई भी व्यक्ति वार्डों के नए सीमा निर्धारण के इस प्रस्ताव को समझकर दावा-आपत्ति पेश कर सकता है।
वार्ड क्रमांड- 51 अब पंडित रवि शंकर शुक्ला वार्ड
रायपुर नगर निगम ने वार्ड क्रमांक 35 जिसका नाम पूर्व में रविशंकर शुक्ल था उसे विलोपित कर दिया। अब वार्ड क्रमांक 51 को इसी नाम से रखा गया है। इस वार्ड में ऐश्वर्या अंपायर छोकरा नाला के पीछे से होते हुए विशाखापट्टनम रेलवे लाइन अमायरा कॉलोनी, सिल्वर स्प्रिंग से पीछे एक्सप्रेस-वे मिलन बिंदु छोकरा नाला होते हुए गौरव गार्डन VIP रोड और VIP रोड चौक करंसी टावर का क्षेत्र होगा।
बस्तर अंचल की महिला कृषक को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए मिला लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार
रायपुर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 20 से 22 जुलाई तक सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मेले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बस्तर अंचल के महिला कृषक को लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वहीं उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के पांच कृषकों को भी सम्मानित किया गया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उद्यानिकी के क्षेत्र में वनांचल क्षेत्रों सहित प्रदेश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय मेले में अवार्ड मिलने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि बस्तर के सुदूर अंचल के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में 1000 महिला कृषकों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली महिला कृषक वेदेश्वरी (बिंदु) शर्मा को उक्त एक्पो में लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बस्तर की जैविक महिला की पदवी प्राप्त श्रीमती शर्मा के मार्गदर्शन में जिला-कोंडागांव के ग्राम कोकोड़ी एवं आस पास के गांवों के 1000 महिला कृषक, जैविक खेती अपनाकर विगत 6 वर्षों से अधिक आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 5 एकड़ खेत में श्रीमती शर्मा द्वारा पूर्ण जैविक खेती ली जा रही है, इनके कठिन परिश्रम के परिणामस्वरूप इन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों से पहले भी सम्मानित किया जा चुका है।
जिला-बिलासपुर के ग्राम मल्हार के कृषक यदुनंदन प्रसाद वर्मा को विगत 5-6 वर्षों से 2.5 एकड क्षेत्र में केला, सब्जी आदि की जैविक खेती करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। जिरेनियम की खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं राज्य में इसकी खेती को बढावा देने वाले जयराम नगर जिला-बिलासपुर के कृषक लोकेश बालकृष्ण पताडे को तकनीकी नवाचार के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। जय किसान नर्सरी, ग्राम बम्हनी चारपारा, जिला राजनांदगांव के कृषक जसवंत कुमार साहू के कुशल मार्गदर्शन एवं अथक प्रयासों से ग्राफ्टेड सब्जी पौध तैयार करने तथा उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार करने हेतु प्रशस्ति पत्र से नवाज़ा गया। पुष्प की खेती में अपना नाम रोशन करने वाली महिला कृषक अंकिता वर्मा, जिला-रायपुर को ग्रीन हाउस में गुलाब के फूलों की उत्कृष्ट खेती हेतु प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि 3 दिवसीय एक्सपो में छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा स्टॉल लगाकर पुष्प, फल, सब्जी आदि की प्रदर्शनी लगाई गयी तथा विभागीय योजनाओं, गतिविधियों एवं प्रगतिशील कृषकों की सफलता की कहानी को बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया था। साथ ही मशरूम के उत्पाद, प्रसंस्करण उत्पाद, महुआ तथा जामुन का जूस आदि भी स्टाल में प्रदर्शनी एवं विक्रय हेतु रखा गया था। स्टाल में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा जरेनियम की खेती, पॉली हाउस में आर्किड की खेती, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती, ड्रैगन फ्रूट, कालीमिर्च एवं चाय की खेती की विस्तृत जानकारी के साथ लगे डिस्प्ले जिसे पढने और उसकी अधिक जानकारी प्राप्त करने विभिन्न राज्यों के किसानों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा। प्रदर्शनी में आये विशेष अतिथियों एवं अधिकारियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ उद्यानिकी के स्टाल में लगाई गयी उत्कृष्ट प्रदर्शनी की प्रशंसा की गयी एवं ‘‘प्रमोशन ऑफ़ बेस्ट हॉर्टिकल्चर एंड फार्म फॉरेस्ट्री प्रैक्टिसेज‘‘ के केटेगरी में भी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
बस्तर के हरा सोना संग्राहकों को बैंक मित्र एवं बैंक सखियों से सीधे मिल रही पारिश्रमिक राशि
रायपुर। बस्तर अंचल में तेंदूपत्ता को हरा सोना माना जाता है, जो वनांचल के संग्राहकों की अतिरिक्त आय का मुख्य जरिया है। गर्मी के दिनों में जब ग्रामीणों के पास न तो खेतों में काम होता है और न ही घर में कुछ काम, तब इसी तेंदूपत्ता यानी हरा सोना का संग्रहण उन्हें मेहनत एवं संग्रहण के आधार पर भरपूर पारिश्रमिक देता है। वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों के लिये तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा की दर में हुई वृद्धि भी खुशियां जगा दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा राशि 5500 रुपए किए जाने के बाद संग्राहकों में अपार खुशी है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि स्थानीय स्तर पर बैंक सखियों के माध्यम से भुगतान होने के फलस्वरूप विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के संग्राहकों को बहुत सहूलियत हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में जिले के अंदरूनी इलाके के संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान बैंक मित्र और बैंक सखियों के माध्यम से किया जा रहा है। तेंदूपत्ता सीजन 2024 में संग्रहित तेंदूपत्ता का 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों द्वारा की जा रही है।
लोहण्डीगुड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम कुथर के तेंदूपत्ता संग्राहक आयतू और बैसू तेंदूपत्ता संग्रहण कर उसे समिति में बेचने का कार्य वर्षों से कर रहे हैं। एक सीजन में तीन से पांच से आठ हजार रूपए तक कमाई करने वाले इन संग्राहकों का कहना है कि वे सुबह से शाम तक पत्ते तोड़कर उसे गड्डी तैयार करते हैं, फिर फड़ में ले जाकर विक्रय करते हैं। उनका अधिकांश समय वन में ही गुजरता है। मुख्यमंत्री द्वारा 04 हजार रूपए प्रति मानक बोरा राशि की दर को 05 हजार 500 रूपए किए जाने पर खुशी जताते हुए बैसू ने कहा कि इससे उसके जैसे अनेक संग्राहकों को अच्छा लाभ मिला है।
दरभा ब्लॉक के ग्राम पखनार की रहने वाली संग्राहक मासे मंडावी एवं सुकली मंडावी का कहना है कि वह कई साल से तेंदूपत्ता तोड़ने का कार्य कर रही है। संग्राहकों के हित में 4000 की राशि 5500 रूपए प्रति मानक बोरा होने पर गरीब संग्राहकों को इससे फायदा होने की बात कही। बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल निवासी सुकरी नेताम ने बताया कि वह खेती-किसानी के साथ-साथ तेंदूपत्ता संग्रहण का काम कई वर्षों से कर रही हैं। गांव में तेंदूपत्ता संग्रहण से गर्मी के दिनों में कुछ कमाई हो जाती है। एक-एक पत्तों को तोड़कर बण्डल बनाने में मेहनत लगता है। शासन ने संग्राहकों के परिश्रम का महत्व को समझते हुए राशि बढ़ाई है जो सराहनीय है।
इन ग्रामीण संग्राहकों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर 4000 रुपए से बढ़ाकर 05 हजार 500 रूपये किए जाने से संग्राहकों को राहत मिल रही है। बकावंड डिमरापाल के संग्राहक सैयतो यादव ने बताया कि गांव के पास ही मरहान और जंगल है। आसपास के क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण आसानी से हो जाता है। तेंदूपत्ता संग्रहन से राशि मिलती है तो घर-परिवार की जरूरतें होती है। यह ग्रामीण संग्राहकों के लिए अतिरिक्त आमदनी का मुख्य जरिया है। इस प्रकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि से जिले के वनांचल में रहने वाले सभी तेंदूपत्ता संग्राहकों को सुखद अनुभूति हुई है।
बैंक मित्र पखनार रामो कुंजाम ने बताया कि वह ईलाके के 05 ग्राम पंचायतों के 250 से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान कर चुके हैं। वहीं लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के कस्तूरपाल के बैंक मित्र सामू कश्यप ने 50 से अधिक संग्राहकों तथा बस्तर विकासखण्ड के भानपुरी की बैंक सखी जमुना ठाकुर ने 56 से ज्यादा संग्राहकों को भुगतान किया है। वहीं बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल की बैंक सखी तुलेश्वरी पटेल अब तक डिमरापाल एवं छिंदगांव के 90 से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान कर चुकी हैं।
जिले के 15 समितियों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बैंक सखियों ने किया भुगतान
वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला सहकारी यूनियन जगदलपुर उत्तम गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी 07 विकासखण्डों के अंतर्गत 15 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के कुल 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों से भुगतान किया जा रहा है। जिसके तहत लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के 13 ग्राम पंचायतों के 1947 संग्राहकों को 79 लाख 47 हजार 665 रुपए, तोकापाल विकासखण्ड के एक ग्राम पंचायत के 76 संग्राहकों को 03 लाख 36 हजार 193 रुपए,बास्तानार ब्लॉक के 22 ग्राम पंचायतों के 1831 संग्राहकों को 79 लाख 69 हजार 995 रुपए,बस्तर विकासखण्ड के 65 ग्राम पंचायतों के 10 हजार 78 संग्राहकों को 02 करोड़ 68 लाख 72 हजार 736 रुपए, दरभा ब्लॉक के 21 ग्राम पंचायतों के 1782 संग्राहकों को एक करोड़ 37 लाख 71 हजार 934 रुपए तथा बकावंड विकासखण्ड के 86 ग्राम पंचायतों के 16 हजार 510 संग्राहकों को 05 करोड़ 45 लाख 47 हजार 614 रुपए पारिश्रमिक राशि का भुगतान स्थानीय बैंक सखियों द्वारा किया जा रहा है। जिससे जहां ग्रामीण संग्राहकों को भुगतान प्राप्त करने में सुविधा हुई, वहीं इन बैंक सखियों को भी अच्छी कमीशन राशि मिली।
GAD ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर नया निर्देश किया जारी, सभी विभाग प्रमुख व कलेक्टर को कहा…
रायपुर। अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने नया पत्र जारी किया है। सभी विभाग प्रमुखों और कलेक्टर को जीएडी सेकरेट्री मुकेश बंसल ने पत्र जारी कर कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति को लेकर तत्परता के साथ काम करे। उन्होंने लिखा है कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के समुचित परीक्षण एवं निराकरण करने की दृष्टि से अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश में हुए समस्त संशोधनों को शामिल करते हुए अद्यतन एकजाई संकलन 15 अप्रैल 2024 को जारी किया गया है।
प्रकरणों के तुरंत निपटारे के लिए चीफ सेकरेट्री ने 29 अप्रैल 2024 के माध्यम से समस्त विभागों को लेख करते हुए निर्देश जारी किया था कि अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण का निपटारा करें। अब एक बार फिर से विभाग प्रमुखों व कलेक्टर को निर्देश जारी कर जीएडी ने कहा है कि अनुकम्पा नियुक्ति दिवंगत परिवार के सदस्यों को तत्काल सहायता प्रदान करने हेतु प्रावधानित किया गया है। तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु 10 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति का प्रावधान है. जबकि चतुर्थ श्रेणी में ऐसी कोई बंधनकारी सीमा नहीं है।
इसलिए लंबित अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों की समीक्षा करें। समीक्षा के बाद लंबित प्रकरणों में दिवंगत परिवार के आवेदनकर्ता को अगर तृतीय श्रेणी के पद रिक्त है तो उनकी मांग अनुरूप अनुकम्पा नियुक्ति दें। अगर पद खाली नहीं है, तो चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति प्रस्तावित करें एवं लिखित में उनको जानकारी दें।
लोकसभा में एक्शन मोड में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, देश के विकास के लिए विभिन्न मंत्रालयों से पूछा सवाल
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जानकारी दी है कि, भारत सरकार के कुशल भारत मिशन (सिम) का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग प्रासंगिक कौशल से लैस कर भविष्य के लिए तैयार करना है।
दरअसल रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री जयंत चौधरी से पूछा था कि, सरकार ने युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार करने तथा नई नौकरियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी। साथ ही पूछा था कि क्या सरकार स्किल इंडिया डिजिटल पहल के अंतर्गत नए डिजिटल पाठ्यक्रमों की योजना बना रही है। साथ ही सरकार द्वारा शुरू की गई कि स्किल इंडिया डिजिटल की मुख्य विशेषताएं एवं अन्य जानकारी मांगी थी। जिसपर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री ने बताया कि, स्किल इंडिया मिशन (सिम) के अंतर्गत विभिन्न स्कीमों जैसे प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से शिल्पकार प्रतिक्षण स्कीम के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों और संस्थानों के एक व्यापक नेटवर्क के माध्यम से देश भर में समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोनयन प्रतिक्षण प्रदान करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की आवश्यकताओं के अनुरुप बनाने तथा प्रशिक्षुओं की नियोजनीयता में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की स्कीमों के अंतर्गत प्रस्तुत प्रशिक्षण कार्यक्रम बाजार मांग को ध्यान में रखते विकसित किए जाते हैं। इतना ही नहीं भविष्य के लिए तैयार जॉब रोल, ड्रोन, कृत्रिम मेधा, रोबोटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स आदि जैसे उभरते क्षेत्रों को पीएमकेवीवाई के तहत प्राथमिकता दी गई है। उभरती प्रौद्योगिकियों में भविष्य की जॉब रोल की मांग को पूरा करने के लिए आधुनिक युग के पाठ्यक्रम विकसित किए गए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से मिला ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड
बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री ने बताया है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने स्वच्छ भारत मिशन के लिए ग्लोबल गोलकीपर पुरुस्कार से नवाजा है।
देश में क्षेत्रीय संपर्क योजना और 'उड़ान' के तहत 13 हेलीपोर्टो और 02 वाटर एयरोड्रोमों समेत 579 हवाई मार्ग कार्यरत
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश में हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए विमानपत्तनों के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए बनाई गई योजनाओं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और पर्यटकों के आकर्षण वाले अल्पसेवित क्षेत्रों और जिलों में विमान यात्रा को सुलभ बनाने के लिए की गई पहल का ब्यौरा मांगा था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बगीचा में शुरू होगा अपेक्स बैंक की शाखा, किसानों को मिलेगी बड़ी सुविधा
रायपुर। जशपुर जिले के बगीचा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जल्द ही अपेक्स बैंक की शाखा का शुभारंभ होगा। रायपुर स्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रिय बैंक ने बगीचा में अपेक्स बैंक की शाखा शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद जल्द ही अपेक्स बैंक बगीचा में काम करना प्रारंभ होगा। इस बैंक के शुरू हो जाने से बगीचा ब्लाक के किसानों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अपेक्स बैंक का प्रयोग किसानों के समर्थन मूल्य में फसलों की खरीदी के भुगतान के लिए किया जाता है। इस बैंक में जमा होने वाली राशि को निकालने के लिए किसानों को जशपुर और कुनकुरी तक दौड़ लगाना पड़ता था। अपेक्स बैंक की शाखा खुल जाने किसानों को इस दौड़ से मुक्ति मिल जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किये गए वायदों को पूरा करते हुए पंजीकृत किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर, बोनस सहित धान का मूल्य किसानों के खाते में डाल चुकी है। इससे किसानों में प्रसन्नता व्याप्त है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विधानसभा आवासीय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के आवासीय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी मां के सम्मान में वहां बेल का पौधा लगाया। विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सीताफल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने हनुमान फल और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नीम के पौधे का रोपण किया।
विधानसभा आवासीय परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने रामफल, वन मंत्री केदार कश्यप ने महुआ, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आंवला, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने हर्रा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लक्ष्मण फल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बेल तथा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने पीपल का पौधा लगाया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधायकों और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी मां की स्मृति और सम्मान में पौधे लगाए। कार्यक्रम में आज विभिन्न प्रजाति के सौ से अधिक पौधे लगाए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा के आवासीय परिसर में 50 एकड़ क्षेत्र में इकोलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

नल जल योजना से जल संकट वाले गांवों में दूर होने लगी है पेयजल की समस्या
कोरबा। यह कोरबा जिले के कोरबा विकासखण्ड के अंतर्गत पहाड़ों से घिरा विमलता गाँव है। भले ही इन गांव में रहने वाले परिवारों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन पानी को लेकर यहाँ की समस्या बहुत बड़ी है। गर्मी क्या आई ? गाँव का हैंडपंप जलस्तर नीचे जाने से जवाब दे जाता था। इस गांव के लोगों ने ऐसे कई गर्मी के मौसम देखे हैं, जो उन्हें पानी के बूँद-बूँद के लिए मोहताज करते हुए उनकी आँखों से आँसुओं के बूँद गिराए हैं। अब जबकि गाँव में जल जीवन मिशन से घर-घर नल लग गया है तो यहाँ पीने के पानी के लिए गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को आँखों से आँसुओं की बूंद नहीं गिराना पड़ता। गाँव में लगे नल और घरों के कनेक्शन से उन्हें गर्मी और बरसात में स्वच्छ पानी की धार मिल जाती है। उन्हें लगभग एक किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे मुसीबत मोल लेकर खतरनाक ढोढ़ी में पानी भरने नहीं जाना पड़ता।
कोरबा ब्लाक के नकिया पंचायत अंतर्गत ग्राम विमलता में जल जीवन मिशन के माध्यम से नल कनेक्शन घर-घर लगाया गया है। जल संकट वाले इस ग्राम में हर साल गर्मी के दिनों में पानी की समस्या विकराल हो जाती थी। बारिश के समय जान जोखिम में लेकर पहाड़ के चट्टानों के बीच ढोढ़ी का पानी निकालना पड़ता था। इस दौरान पत्थरों के फिसलन होने से गिरने का खतरा भी बना रहता था। वे मटमैला पानी पीने मजबूर थे। ग्राम विमलता की महिला रामवती बाई, फुसुन्दरी बाई ने बताया कि गर्मी आते ही सभी को पानी के लिए जूझना पड़ता है। जलस्तर नीचे चले जाने के बाद समस्या और भी बढ़ जाती थी। बारिश के समय बहुत कम पानी से काम चलाना पड़ता था। अब घर में नल का कनेक्शन लग जाने से सुबह शाम पानी उपलब्ध हो जाता है। उन्हें 01 किलोमीटर दूर ढोढ़ी से पानी नहीं लाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में पानी की समस्या देखकर रोना आ जाता था। ग्रामीण दिलमती बाई ने बताया कि पास का हैण्डपम्प से लगातार पानी निकालने से हैंडपंप भी बिगड़ जाते थे। गांव में सोलर ड्यूल पंप लगा है, जिससे गांव वालों को आसानी से पीने का पानी मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि घरों में पेयजल के लिए सबसे ज्यादा महिलाओं को ही परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्हें ही दूर कहीं से पानी लाना पड़ता था। अब ऐसी समस्या दूर हो गई है। गाँव के जनेऊ सिंह का कहना है कि घर-घर नल लगाना बहुत अच्छी पहल है। इससे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। घरों में नल का कनेक्शन भी लगा है। पानी की सप्लाई से गाँव वालों को राहत मिलने लगी है। सोलर ड्यूल पंप लग जाने से 24 घण्टे पानी की सुविधाएं मिल गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव द्वारा हर घर पेयजल पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। जिला कलेक्टर के निर्देश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा दूरस्थ ग्रामों में क्रेडा के सहयोग से सोलर ड्यूल पंप स्थापित कराकर घरों में नल कनेक्शन दिया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या कम हो गई है। उन्हें घर पर ही पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजनों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
रायपुर। नक्सली हिंसा में मृतक के परिजनों को छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी वर्गाें के विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन कर लाभांवित किया जा रहा है। आज बीजापुर जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों के 58 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कुल 58 पात्र आवेदकों को प्रथम चरण में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। पूर्व में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए 19 जुलाई तक दावा आपत्ति आमंत्रित की गई थी, बाद में इस तिथि में वृद्धि करते हुए 24 जुलाई 2024 को निर्धारित की गई। उक्त तिथियों में प्राप्त दावा आपत्तियों का निराकरण करते हुए समिति के निर्णय के आधार पर विभिन्न विभागों में चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति हेतु अंतिम रूप से 58 आवेदक प्रथम चरण में पात्र पाए गए हैं, जिन्हें यह नियुक्ति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने विधानसभा में की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों ने मुलाकात की। राजनांदगांव से आए रॉयल किड्स कॉन्वेंट के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने आज विधानसभा परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत से भी मुलाकात की।
रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने पहली बार विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान जिज्ञासा वश कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे और विधानसभा की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छात्रों को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी का राजनीति और सरकारी कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही और उसकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने विद्यार्थियों को राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी के महत्व पर बल दिया। यह भम्रण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा साबित हुआ, जिसमें उन्होंने न केवल विधानसभा की कार्यवाही को देखा, बल्कि प्रदेश के प्रमुख नेताओं से भी बातचीत करने का अवसर पाया।
स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के सहायक अधीक्षक निलंबित, रिश्वत लेते रंगे हाथों हुआ था गिरफ्तार
रायपुर। रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार सूरज कुमार नाग सहायक अधीक्षक संचालनालय स्वास्थ्य सेवा को निलंबित कर दिया गया है. इसका आदेश संचालनालय स्वास्थ्य ने बुधवार को जारी किया. निलंबन अवधि में नाग को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रायपुर कार्यालय में सेवा देंगे.
बता दें कि हाल ही में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सहायक अधीक्षक सूरज कुमार नाग को 20,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. इसे अब निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें मूलभूत जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी.
