प्रदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने दिए सरगुजा जिले में एल्युमिनियम प्लांट में हुई हादसे की जांच के आदेश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले ग्राम सिलसिला में संचालित एल्युमिनियम प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे पर संवेदना प्रकट करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिसके परिपालन में कलेक्टर सरगुजा द्वारा जांच दल का गठन किया गया है।
गौरतलब है कि सरगुजा जिले के जनपद पंचायत लुण्ड्रा के ग्राम सिलसिला में संचालित मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम प्लांट में 8 सितंबर की सुबह औद्योगिक हादसे में 04 लोगों की मृत्यु हुई थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को घटना की त्वरित जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर सरगुजा द्वारा गठित जांच दल में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लुण्ड्रा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लुण्ड्रा, जिला श्रम पदाधिकारी अंबिकापुर, प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र अंबिकापुर और औद्योगिक एवं सुरक्षा अधिकारी अंबिकापुर को शामिल किया गया है। जांच दल के द्वारा घटना स्थल पर जाकर जांच कर प्रतिवेदन दो दिवस के भीतर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
लैब ऑन व्हील्स के द्वारा दूरस्थ ग्रामीणों की घर बैठे होगी स्वास्थ्य जांचः मंत्री लखन लाल देवांगन
रायपुर। जिले के सुदूर वनांचलों मे निवासरत ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन की पहल से लैब ऑन व्हील्स कार्यक्रम का शुभांरभ आज कोरबा जिले में वाणिज्य, उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा किया गया। मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में प्रारंभ किए गए नवाचार – लैब आन व्हील्स के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को अनेक बीमारियों की जांच की निःशुल्क सुविधा अपने घर बैठे प्राप्त होगी। जिससे ग्रामीणों को अपनी बीमारियों की जांच के लिए दूर शहर तक नहीं जाना पड़ेगा एवं इससे उनकी धन व कीमती समय की भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को समय रहते होने वाली बीमारियों की जानकारी मिलने से इलाज में आसानी होगी एवं व्यक्ति के बीमारियों से ग्रसित होकर गंभीर स्थिति निर्मित्त होने से बचा जा सकेगा। इस कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संग्रहित सैंपल को लैब ऑन व्हील्स राइडर्स द्वारा अपने विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया जाएगा। जहां सैंपल की जांच की जाएगी एवं रिपोर्ट तैयार होने के बाद राइडर्स द्वारा रिपोर्ट को प्राथमिक स्वास्थ्य केद्र तक पुनः वापस पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, कलेक्टर अजीत वसंत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार कलेक्टर कोरबा के द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हेतु अनेक प्रयास किए जा रहे है। इससे पहले डीएमएफ से स्वास्थ्य केद्रों में चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में आगे कदम बढ़ाते हुए लैब ऑन व्हील्स कार्यक्रम का प्रारंभ किया जा रहा है। इसी तरह जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार हेतु डीएमएफ की राशि से जर्जर स्वास्थय केद्रों के मरम्मत एवं नए भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रो में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों को सुविधा देने के लिए के लिए आवास का निर्माण एवं सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवाल का भी निर्माण किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र में सुधार हेतु जर्जर आश्रम छात्रावास, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी का मरम्मत एवं भवन विहीन स्कूल आंगनबाड़ी के लिए भवन निर्माण की भी स्वीकृति दी गई है। कार्यक्रम में श्री देवांगन ने क्षेत्रवासियों की मांग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र कटघोरा में डीएमएफ मद से 2 चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति करने की घोषणा की। जिसमें एक मेडिसिन चिकित्सक एवं एक सर्जन चिकित्सक शामिल है।
विधायक कटघोरा श्री पटेल ने कार्यक्रम के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन की पहल से जिलेवासियों को बड़ी सौगात मिली है। इससे आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। लोगों को बीमारियों की जांच के लिए शहर नहीं जाना पडेगा, उन्हें उनके गांव में ही स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी एवं घर बैठे जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में आमजनों के स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च पर कमी लाने, एवं कम खर्च पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इससे ग्रामीणों का समय व धन की बचत होगी। डीएमएफ से यह सुविधा जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रारंभ की गई है। प्रारंभ में यह सुविधा जिले के दूरस्थ तीन विकासखंड कटघोरा पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा में लागू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के लोगों को यह सुविधा देने के लिए रूट चार्ट तैयार किया गया है। राइडर्स द्वारा निर्धारित रूट अनुसार सैंपल पीएचसी से कलेक्ट कर सीएचसी में जमा किया जाएगा। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की शुभकामनाएं दी।
इस दौरान मंत्री श्री देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सीएचसी कटघोरा बायो केमेस्ट्री लैब का शुभांरभ किया। जहां पीएचसी से आए सैंपलों की जांच की जाएगी। साथ ही अतिथियों द्वारा लैब ऑन व्हील्स के राइडर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होने सभी राइडर्स को बधाई देते हुए अच्छे से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।







मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बादलों की गरज के दौरान लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बरसात में बादलों की गरज के दौरान लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आकाशीय बिजली से बचने का सावधानी ही उपाय है। इसलिए सतर्क रहें और वज्रपात से बचाव के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ऐसी घटनाओं से बचने नागरिकों से सभी जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर आकाशीय बिजली और वज्रपात से बचाव के लिए स्थानीय भाषा में सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन करने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नगरीय निकायों, पंचायतों और गैर-सरकारी संगठनों को भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने तेज बिजली चमकने या बिजली गिरने की आशंका पर अपनी और अपनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इससे बचाव के उपायों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बादलों की गरज के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें, घर के अंदर रहें तथा पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर रहें। उन्होंने इस दौरान धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने, बरसात के समय धातु की चीजें जैसे छाता, छड़ और तार को नहीं छूने को कहा है क्योंकि ये बिजली को आकर्षित कर सकते हैं।
श्री साय ने बादल गरजने के समय दौरान लोगों को जलाशयों, तालाबों, नदियों और स्विमिंग पूलों से दूर रहने की अपील की है क्योंकि पानी में बिजली की संवेदनशीलता अधिक होती है जिस कारण वह आसानी से पानी में फैल सकती है। उन्होंने इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं करने के साथ ही कंप्यूटर, फोन, टीवी आदि के उपयोग से बचने और अपने उपकरणों में इंटरनेट को बंद रखने की हिदायत दी है। उन्होंने बिजली गिरने के दौरान घर से बाहर रहने और कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिलने पर दोनों एड़ियों को आपस में मिलाकर उखड़ू बैठने और अपने कानों को ढंकने के उपाय पर अमल करने को कहा है।
हार्ट के ऊपर स्थित बहुत ही दुर्लभ मेडिस्टाइनल ट्यूमर की अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में सफल सर्जरी
रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबध्द डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में क्रमश: दो मरीजों के छाती के अंदर और हार्ट के ऊपर स्थित दुर्लभ मेडिस्टाइनल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन डॉ. कृष्णकांत साहू (विभागाध्यक्ष) एवं टीम द्वारा किया गया। डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में एवं कुछ दिन के अंतराल में ही एक के बाद एक मेडिस्टाइनल ट्यूमर की ऐसी दुर्लभ तथा क्रिटिकल सर्जरी कर इस विभाग ने कीर्तिमान रच दिया। सर्जरी के बाद दोनों ही मरीज स्वस्थ हैं। इसमें से एक मरीज की उम्र 32 साल है तथा दूसरे मरीज की उम्र 05 वर्ष है।
डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार, पहले केस में 32 वर्षीय मरीज को 10 महीने से छाती में भारीपन, खाँसी एवं सांस लेने में तकलीफ थी। दो साल पहले मरीज को इस बीमारी के बारे में पता चला परन्तु ऑपरेशन के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। यह ट्यूमर (कैंसर) हार्ट के ऊपर स्थित था, एवं बांयें फेफड़े और फेफड़े की मुख्य नस (मेन पल्मोनरी आर्टरी) से चिपका था जिसके कारण इस ट्यूमर को निकालना बेहद ही क्रिटिकल था। ट्यूमर का वजन लगभग 1.5 किलोग्राम था और यह दिल के आकार से भी बड़ा करीब 12X10X10 सेमी का था।
जांजगीर-चांपा निवासी और CSEB में वेल्डर का काम करने वाले व्यक्ति को लगभग 10 माह से सीने में भारीपन, सांस फूलने एवं सूखी खाँसी की शिकायत थी। सीटी स्कैन कराने पर पता चला कि इसके हृदय के ऊपर बहुत बड़ा ट्यूमर (कैंसर गांठ) है, जो कि हृदय फेफड़ा एवं मेन पल्मोनरी आर्टरी (Main Pulmonary artery) से बुरी तरह चिपका हुआ है। जब मरीज को ऑपरेशन के रिस्क के बारे में बताया गया तो मरीज बहुत अधिक घबरा गया, परन्तु समझाने के बाद ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया। मरीज के हार्ट के ऊपर से लगभग 1.5 किलोग्राम का ट्यूमर निकाला गया। ट्यूमर के साथ ही साथ आस-पास फैले हुए लिम्फ नोड को भी अच्छी तरह से निकाला गया जिससे पुनः कैंसर होने की संभावना न रहे। यह मरीज पूर्ण स्वस्थ्य होकर अस्पताल से आज डिस्चार्ज हो गया है।
डॉ. कृष्णकांत साहू दूसरे केस के संबंध में जानकारी देते हुए बताते हैं कि कुछ दिन पहले रायगढ़ के 05 साल के बच्चे के हृदय के ऊपर स्थित लगभग 2.5 किलोग्राम के मेडिस्टाइनल ट्यूमर को जटिल सर्जरी द्वारा निकाला गया। यह ट्यूमर आकार में बहुत ही बड़ा लगभग आधा छाती के बराबर था एवं फेफड़े, महाधमनी, पल्मोनरी आर्टरी और हार्ट से इतना ज्यादा चिपका हुआ था कि इसे कई अन्य सेंटरो में ऑपरेशन के लिये मना कर दिया गया था।
मेडिकल भाषा में इस मेडिस्टाइनल ट्यूमर को इमैच्योर टेरैटोमा (Immature teratoma) कहा जाता है। बच्चे के माता-पिता का कहना था कि इसके ऑपरेशन के लिए बच्चे को कई बड़े-बड़े अस्पतालों में ले गए थे परन्तु वहाँ सबने मना कर दिया एवं अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में रिफर कर दिया। ट्यूमर इतना विशाल और फैला हुआ था कि इसका ऑपरेशन बिलकुल नामुमकिन सा लग रहा था इसलिए मरीज के माता-पिता को यह भी बता दिया गया था कि हो सकता है यह ट्यूमर न निकल पाये और वैसे ही उसी स्थिति में छोड़ना पड़ेगा। फिर भी मरीज के माता-पिता आपरेशन के लिए तैयार हो गए। ट्यूमर को निकालने के लिए सीना (Sternum) एवं छाती (पसली Thoracotomy) में दोनों ओर से चीरा लगाकर ऑपरेशन करना पड़ा। इस बच्चे के लिए हार्ट लंग मशीन को भी तैयार करके रखना पड़ा था, क्योंकि यदि आपरेशन करते-करते कहीं बड़ी नस या हार्ट फट जाती तो इस मशीन से जान बचाने में सहायता मिल जाती। ट्यूमर को बहुत प्रयास करके पूरी तरह निकाल दिया गया। सर्जरी के बाद यह बच्चा एकदम स्वस्थ है और स्कूल जाना भी प्रांरभ कर दिया है।
विष्णु के सुशासन में रामविलास को मिला नया जीवन, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत मिली राशि से हार्ट की हुई सफलतापूर्वक सर्जरी
रायपुर। प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी रामविलास पाठक को नया जीवन मिला है। श्री पाठक को इस वर्ष जून माह की शुरूआत में अचानक से हार्ट अटैक आया। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ डाक्टरों द्वारा उन्हें हार्ट अटैक के बेहतर इलाज हेतु रायपुर स्थित एम्स में रिफर किया गया। एम्स में उनके स्वास्थ्य जाँच के पश्चात् डॉक्टरों ने उनके हार्ट की सर्जरी कराने तथा सर्जरी में लगभग 05 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई। रामविलास पाठक के पुत्र रजनीश कुमार ने बताया कि हम सभी संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। हार्ट सर्जरी की लागत लगभग 05 लाख रुपये आने की जानकारी मिलने पर हम पिताजी की सर्जरी का खर्च वहन नहीं कर सकते थे। हमारे परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी, कि अब कभी हमारे पिताजी स्वस्थ्य हो पाएंगे।
रजनीश कुमार ने बताया कि ऐसे विकट परिस्थिति में हमें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली और पिताजी के हार्ट की सर्जरी संभव होने की उम्मीद की एक किरण नजर आई। हमने रायपुर एम्स के डॉक्टर द्वारा इलाज में आने वाले खर्च का प्रस्ताव बनवाया और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास पहुँचकर उनसे इलाज हेतु मदद के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। हमारे द्वारा दिए गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा पिताजी की हार्ट की सर्जरी हेतु कुल 05 लाख 29 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई। जिसके पश्चात् हमारे पिता श्री रामविलास पाठक के हार्ट की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। सर्जरी पश्चात् अब हमारे पिताजी अपने घर आ चुके हैं। वे पहले की तरह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हमारा परिवार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता है, उनके सुशासन में यह संभव हो पाया है कि उम्मीद छोड़ चुके हमारे संयुक्त परिवार में एक पति, पिता और दादा रामविलास पाठक को नया जीवन मिला है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का हो रहा सार्थक पहल, जिले के लगभग 4315 आंगनबाड़ी केंद्र में चलाया जा रहा है पोषण माह अभियान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। जशपुर जिले के लगभग 4315 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह अभियान चलाया जा रहा है और कार्यकर्ता पालकों को व्यंजन प्रतियोगिता के माध्यम से पौष्टिक आहार के संबंध में जानकारी दी जा रही है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का वजन किया जा रहा है। भोजन में हरी साग-सब्जियॉ, पौष्टिक आहार के रूप में शामिल करने के लिए पालकों को बताया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों को विभिन्न गतिधिविधयों में शामिल कर उनका बौद्धिक विकास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का आयोजन राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में किया जा रहा है। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत पोषण अभियान योजना का 1 सितम्बर 24 से संचालन किया जा रहा है। जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधी व्यापक प्रचार एवं प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास के निर्देश अनुसार इस वर्ष भी 01 सितम्बर 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक पोषण माह का आयोजन किया जाना है।


जीएसटी परिषद की 54वीं बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। नई दिल्ली में आज केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी (माल और सेवा कर) परिषद की 54वीं बैठक आयोजित की गई। जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी भाग लिया। बैठक में जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय जैन समाज के सिद्धिशिखर विजय उत्सव में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जैन समाज द्वारा आयोजित सिद्धितपकी पूर्णहुति पर सिद्धिशिखर विजय उत्सव में बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जैन समाज में तपस्या की परंपरा है ऐसे तपस्या से छत्तीसगढ़ में खुशहाली आएगी और सुख-समृद्ध होगा। 11 साल के बेटे, 13 वर्ष की बेटी से लेकर 80 वर्ष की माता सहित कुल 114 तपस्वियों ने 44 दिन तक जैन परंपरा के अनुसार 4500 तरह के व्रत रखकर कठोर साधना की। जिनका आज हमने सम्मान किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जैन समाज के संत-मुनि बिना चरण पादुका के हजारों मील पैदल यात्रा करते हैं। खान-पान का सयंम रखकर मानव समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि जैन धर्म एक ऐसा धर्म है, जहां पर गलतियों को स्वीकार करने और क्षमा मांगने की महान परंपरा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु राम के ननिहाल और माता कौशल्या की पुण्य भूमि पर पधारे संतों के चरणों को शत-शत नमन करता हूं। छत्तीसगढ़ को उनका आशीर्वाद हमेशा से मिलते रहा है, मैं ऐसी कामना करता हूं कि उनके आशीर्वाद से प्रदेश में खुशहाली आए हर घर में सुख-समृद्धि रहे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को संतो का आर्शीवाद हमेशा से मिलता रहा है। संतों की प्रेरणा से यह आध्यात्मिक तपस्या संभव हुई। गुरूओं के आर्शीवाद से हमेशा ताकत और प्ररेणा मिलती रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रभु राम का ननिहाल हमेशा से शांति का टापू रहा है और यहां सुख-समृद्धि रहे ऐसी कामना है। ऐसे तपस्वी के बीच में आने का आज सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जैन समाज के तपस्वियों को बहुत-बहुत बधाई। श्री अग्रवाल ने कहा कि उनकी तपस्या से छत्तीसगढ़ की धर्मभूमि, कर्मभूमि सुखशाली, समृद्धिशाली बने। सभी संतों के प्रवचनों को जीवन में आत्मसात करें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने तपस्वियों का अभिनंदन किया।
पूज्य जयपाल विजयजी महाराज ने भी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि जैन धर्म अहिंसा और करूणा में विश्वास रखता है। उपभोक्तावाद को एक प्रकार की हिंसा मानता है। हमारे संत-मुनियों की तपस्या विश्व और राष्ट्र के कल्याण के लिए होती है। जैन धर्म के अचार-विचारों में एवरेस्ट की उंचाई और अंटलंटिक की गहराई भी है। उन्होंने कहा कि 114 तपस्वियों में अपनी कठिन तपस्या से सिद्धि शिखर पर विजय पताका लहराई है। इस अवसर पर पूज्य प्रियदर्शी विजय जी महाराज और पूज्य तीर्थ प्रेम विजय जी महाराज भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, गजराज पगारिया, स्वरूप चंद जैन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक समाज एवं चर्तुमास समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर सकल जैन समाज के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।







महतारी वंदन योजना: जशपुर जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को मिला लाभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तहत् महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि दी जा रही है। योजना से महिलाओं को आर्थिक सम्बल और हाथों में एक निश्चित राशि मिल रही है, जिसका उपयोग महिलाएं परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों के उपयोग में कर रही हैं। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल समय का सहारा बन गई है। साथ ही निर्भय होकर अपने जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर पा रही हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की अब तक सातवीं किस्त जारी कर दी गई है। जशपुर जिले की 2 लाख 32 हजार 760 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है।
महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह एक-एक हजार मिल रही है, जिससे वे बहुत खुश हैं और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिए हैं। महिलाओं ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगाएंगें। प्रति माह 1000 राशि खाते में आने से राहत मिलने के साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य गढ़ने में मदद मिल पाएगी। कुछ महिलाओं ने बताया कि राशि का उपयोग अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करेंगे, जिससे आने वाले समय में उनके काम आ सके।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए महतारी वंदन योजना एक कारगर कदम है। जशपुर सहित प्रदेश भर की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की गई है। गांव से लेकर शहर तक महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महिलाओं को इस योजना से प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि दी जाएगी। साल में कुल 12 हजार की राशि भी मिलेगी।


उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने 1.20 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की रखी आधारशिला
रायपुर। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज कोरबा शहर में 1.20 करोड़ रूपए से होने वाले विकास कार्यों की नींव रखी। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा की कोरबा नगर निगम क्षेत्र के हर वार्ड के समुचित विकास और जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी कटिबद्धता के साथ कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। आने वाले पांच साल में एक भी गली कच्ची नहीं रहेगी। हर एक गली को पक्की की जाएगी।
उक्त बातें वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री देवांगन ने रूद्रनगर में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के अवसर पर कही। मंत्री ने संबोधित करते हुए कहा की हमारी कोशिश है कि शहर के हर वार्ड में सड़क, नाली, पेयजल के कार्य एक साथ शुरु हो, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा विकास कार्यों के लिए राशि भी तत्काल स्वीकृत की जा रही है। प्रदेश विष्णु देव सरकार द्वारा गरीब कल्याण की योजना का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा है, माताओं-बहनों को गैस चूल्हा का वितरण, पीएम आवास की योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन योजना का लाभ आज हर महिला को मिल रहा है।
अब कोरबा नगर निगम क्षेत्र की किसी भी जरुरत के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आएगी। वार्डों में सड़क और नाली निर्माण की सबसे अधिक जरुरत है। प्राथमिकता के आधार पर सड़क, नाली निर्माण कराया जा रहा है। ताकि आवागमन और पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर हो सके।इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए भी राशि जारी कर दी गई है।
पोड़ीबहार वार्ड में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में विधि विधान से पूजा अर्चना कर किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान यहां की जनता ने सड़क व नाली निर्माण कार्य की मांग की गई थी, मुझे हर्ष है की आज 43.24 लाख रुपए के लागत से कार्य का शुभारंभ किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन, कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा, वॉर्ड क्रमांक 31 के पार्षद सुकुंदी यादव, पार्षद अजय गौड, पार्षद प्रदीप जायसवाल, फेकूराम देवांगन, अनिल वस्त्रकार , शिव जायसवाल, संजू शर्मा, राजेन्द्र साहू, रामकुमार राठौर, दिनेश वैष्णव, रमा मिरी, गुड़िया यादव, गोपलाल यादव, रामकुमार पटवा, चंदन सिंह समेत अधिक संख्या में वार्ड वासी उपस्थित रहे।
इन कार्यों की मंत्री श्री देवांगन ने दी सौगात
वॉर्ड क्रमांक 31 में इंडस्ट्रियल एरिया में नाली निर्माण कार्य, अवधेश सिंह के घर से प्रकाश यादव के घर एवम खरमोरा हाऊसिंग बोर्ड के पास यादव घर से मरावी घर तक सीसी रोड एवम् आरसीसी नाली निर्माण लागत राशि 11.22 लाख, रुद्र नगर में सीसी रोड एवम् नाली निर्माण कार्य लागत 42 .07 लाख, खरमोरा में एसएलआरएम सेंटर का निर्माण कार्य लागत 23.52 लाख, कुल 76. 81 लाख व वॉर्ड 29 पोड़ीबहार में बुधेश्वर सिंह घर से शांति बाई के घर तक, सोसाइटी गली के पास एवं जमीला खान से राठौर किराना दुकान तक भागवत नगर में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य लागत 43.24 लाख के कार्य की सौगात मंत्री श्री देवांगन ने दी।



मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आजादी के कई दशकों बाद भेस्की कोरवा पारा हुआ रौशन
रायपुर। किसी भी क्षेत्र के बुनियादी विकास में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा की सुव्यवस्था और आवागमन की सुलभता मुख्य मानक माने जाते है। वर्तमान दौर में हमें बिना विद्युत व्यवस्था के रहने की कल्पना भी असाध्य प्रतीत होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयास से अंधेरे में डूबे बस्तियों को रोशन करने का कार्य किया जा रहा है। इन्ही प्रयासों का परिणाम है कि आजादी के कई दशकों बाद बलरामपुर जिला के भेस्की ग्राम के कोरवा पारा में बिजली की पहुंच ने लालटेन और दीए के युग का अंत कर दिया है और ग्रामीणों के लिए विकास का उजाला लेकर आया है। बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के चेहरों पर खुशियों की चमक साफ झलक रही है। अब वे अपने भविष्य को अधिक उज्ज्वल और संभावनाओं से भरा हुआ देख रहे हैं।
बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम भेस्की के कोरवापारा के ग्रामीण कई साल से अंधेरे में रहने के लिए विवश थे। पर आज परिस्थितियां बदली और परेशानियों के बादल भी आखिरकार छंट ही गए। आज भेस्की ग्राम के कोरवा पारा रोशनी से जगमगा रहा है और कोरवा पारा में रहने वाले 10 परिवार के घर रोशन हो उठे है, भेस्की के कोरवापारा में विद्युतीकरण हो चुका है। इस प्रकार पारा में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के चेहरे खुशी है। पूर्व में बिजली न होने से होने वाली दिक्कतों के संबंध में ग्रामीण बताते है कि उन्हें शाम ढलने तक अपने पूरी दिनचर्या काम धाम निपटाकर घरों में बंद हो जाना पड़ता था और रात में मजबूरीवश कहीं आने-जाने के लिए लालटेन और दिए का ही सहारा था। अब वह स्थिति बदल चुकी है। विद्युतीकरण होने से पूरे क्षेत्र को राहत मिली है।


गौरतलब है कि कलेक्टर रिमिजियुस एक्का के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल बलरामपुर द्वारा पीएम जनमन अन्तर्गत निवासरत पहाड़ी कोरवा क्षेत्रों को शत-प्रतिशत विद्युतीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। पहाड़ी कोरवा ग्राम भेस्की में ग्रामीणों के लिए विद्युतीकरण होना विकास को दर्शाता है।
पीएम जनमन योजना : रेवती बाई कमार के पक्के मकान का सपना हुआ सच
रायपुर। केंद्र शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) का लाभ प्रदेश के पीव्हीटीजी बसाहट वाले सुदूर अंचलों तक पहुंच रहा है। जिले के नरहरपुर विकासखंड में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) समूह के लोगों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में काफी सुधार हो रहा है। कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम-बादल निवासी रेवती बाई ऐसी हितग्राही हैं, जिनका प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) से उनका पक्का मकान का सपना साकार हो गया है।
कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड से लगभग 8 कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम बादल की रहने वाली रेवती बाई ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ कच्चे एवं पुराने मकान में निवास करती थीं, जिसमें बरसात के दिनों में जीवन-यापन करने में अत्यधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। साथ ही मिट्टी एवं खपरैल का घर होने के कारण बारिश में पानी का टपकना, जमीन में सीलन आने के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता था। योजना के तहत् अब पक्का मकान बनने के बाद इन सभी परेशानियों से निजात मिल गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत् ग्राम पंचायत स्तर पर वर्ष 2011 की सर्वे सूची एवं ग्रामसभा के माध्यम से आवास निर्माण हेतु वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुआ। इसके बाद उन्हें 02 लाख रुपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में मिली तथा मनरेगा के माध्यम से 95 दिवस की मजदूरी की राशि भी प्राप्त हुई।
श्रीमती रेवती ने बताया कि कच्चा जर्जर मकान में अपने परिवार के साथ बड़ी मुश्किल से गुजारा कर रही थीं, किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) जनमन योजना से आवास में एक कमरे सहित एक किचन, बरामदा एवं शौचालय का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे पहले से बेहतर जीवन यापन कर रही हैं। रेवती बाई ने पक्का आवास का सपना पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय के एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन पर दी बधाई
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय को एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन हासिल होने पर बधाई और शुभकामना दी है। उन्होंने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा कि बिलासपुर जिला चिकित्सालय को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र (NQAS), प्रसूति सुविधाओं के लिए लक्ष्य (LaQshya) प्रमाण पत्र तथा नवजात एवं बाल रोग देखभाल के लिए मुस्कान (MusQan) प्रमाण पत्र जारी किए जाने पर मैं अस्पताल प्रबंधन और पूरे स्टॉफ को बधाई देता हूं। बिलासपुर जिला चिकित्सालय में पिछले सात-आठ महीनों में इलाज की व्यवस्थाएं बेहतर हुई हैं। मरीजों को वहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अच्छी प्रसूति सुविधाएं तथा नवजात व बाल रोगों का बेहतर उपचार मिल रहा है, इसे भारत सरकार द्वारा जारी ये तीन गुणवत्ता प्रमाण पत्र रेखांकित कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बिलासपुर जिला अस्पताल में सभी विभागों में अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना मजबूत करने के साथ ही जांच व इलाज के लिए आधुनिक उपकरण एवं मशीनें, दवाईयां और मेडिकल स्टॉफ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने जिला अस्पताल से जुड़े सभी लोगों को शुभकामना देते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी अपनी उत्कृष्ट सेवाएं जारी रखेंगे और बिलासपुर जिले के लोगों को अच्छी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे।
गौ-आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती खोलेगी किसानों के लिए खुशहाली का रास्ता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि गौ-आधारित प्राकृतिक खेती किसानों के लिए खुशहाली और समृद्धि का रास्ता खोलेगी। जैविक खेती से जुड़कर धान के कटोरे के किसान समृद्ध होंगे। जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर स्थानीय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर भगवान श्री बलराम जी की जयंती भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि को हर वर्ष किसान दिवस के रूप मनाने का आह्वान भी किया। गौ-आधारित जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले तथा इस क्षेत्र में किसानों को प्रेरित करने वाले उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया।
कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को भगवान श्री बलराम जी जयंती की बधाई और शुभकनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों की समृद्धि को प्राथमिकता में रखते हुए कृषक कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ। इस मंत्रालय के माध्यम से खेती-किसानी की बेहतरी और किसानों की आय बढ़ाने पर काम हो रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उद्यानिकी, मछलीपालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में किसानों की भागीदारी बढ़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। भगवान श्री बलराम जी की जयंती के मौके पर राजधानी सहित प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों में किसान दिवस का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती-किसानी पर निर्भर है। आज कृषि के क्षेत्र में अनेकों नवाचार हो रहे हैं, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान साहूकार और महाजनों से अत्यधिक ब्याज दर पर पैसे लेने को मजबूर थे। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किसानों की पीड़ा को समझा और किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की व्यवस्था की। किसानों को आज निःशुल्क अथवा बहुत की कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए किसानों को दिए। 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपए से अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के बढ़ने से किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही हम पुराने सिंचाई परियोजनाओं को दुरस्त करने का भी काम कर रहे है।
अखिल भारतीय किसान संघ के दिनेश कुलकर्णी ने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जरूरत है। मांग के अनुरूप प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए वैचारिक रूप से परिपक्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ-आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में गीता में उल्लेख है। उन्होंने कहा गौ पालन के लिए भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं गौपालन कर लोगों को प्रेरित किया है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के बीते इन 10 वर्षों में कृषि के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेकर किसान हित में नीतिगत् फैसले लिए हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दौर में हमें मांग अनुरूप हमें गौ-आधारित जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की जरूरत हैं, ताकि किसान की आर्थिक स्थिति और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व नीतिगत् फैसलों और कार्यों से प्रदेश के किसान आज सामर्थवान बन रहे है। किसान अब खेती-किसानी को व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों में अच्छा वातावरण का निर्माण हुआ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्री बलराम जी द्वारा कृषि के क्षेत्र में योगदान का स्मरण कराती है। वर्तमान दौर में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर इस जयंती समारोह उद्देश्य को पूरा करने दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें कृषि वैज्ञानिकों के रिसर्च और वैज्ञानिक तकनीकियों और सहयोग से गौ-आधारित प्राकृतिक खेती की और आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती के फायदे के बारे में भी किसानों को जानकारी होगी तभी भगवान श्री बलराम जी के जयंती का उद्देश्य भी पूरा होगा। स्वागत भाषण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल ने दिया। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, अखिल भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।



बैटरी चलित ट्रायसिकल मिलने से दिव्यांग लक्ष्य की खिल उठी मुस्कान
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों की जीवनचर्या को आसान बनाने लगातार कार्य कर रहीं है। समाज कल्याण विभाग की ओर से उन्हें सहायक उपकरण एवं अन्य सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है। कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम हाराडुला निवासी कक्षा 8वीं के छात्र लक्ष्यजीत कोर्राम के चेहरे पर तब मुस्कान खिल उठी, जब कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने उन्हें कलेक्टोरेट परिसर में बैटरीचलित ट्रायसिकल की चाबी सौंपी। दिव्यांग लक्ष्यजीत के पिता बीरचंद कोर्राम ने बताया कि इससे उनके बेटे को स्कूल व अन्य जगहों पर आने-जाने में काफी आसानी होगी। साथ ही अपने दैनदिनी कार्य संपादित करने में भी सहूलियत होगी। इसके पहले लक्ष्यजीत के पास पुरानी ट्रायसिकल थी, जिसे हाथों से चलाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी। श्री कोर्राम ने कहा कि अब उनका बेटा बैटरीचलित ट्रायसिकल का एक बटन दबाकर व हैण्डल घुमाकर कही भी आ-जा सकेगा। दिव्यांग लक्ष्यजीत और उनके पिता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।
बारिश के समय में राहत कार्यों में तेजी लाने के वनमंत्री केदार कश्यप ने जिला कलेक्टरों को दिया निर्देश
रायपुर। नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में अति वर्षा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई लोगों के घरों में जलभराव से नुकसान हुआ है वहीं बड़ी संख्या में किसानों की फसल नुकसान हुई है। ऐसे में वनमंत्री केदार कश्यप ने इन जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी कर समय पूर्व सभी तैयारियां पुख्ता कर लेने को कहा है।
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि समय रहते बचाव के उपाय भी किए जाएं। उन्होंने कहा की बरसात के मौसम में कई मौसमी बीमारियों का भी खतरा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दवाओं के छिड़काव के साथ अन्य जरूरी उपाय किए जाएं। जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। बांधों, जलाशयों, पुलों से संबंधित अमला पूरे समय अलर्ट रहे। उन्होंने कहा जल भराव की स्थिति पर आवश्यक व्यवस्थाएं तत्परता से कराई जाए।
मंत्री श्री कश्यप ने अत्यधिक वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टर से बात कर स्थिति पर नज़र रखने का निर्देश दिये है ताकि खरीफ सीजन की चल रहे कृषि कार्य में कोई व्यवधान न हो।
मुख्यमंत्री श्री साय तीज मिलन कार्यक्रम में हुए शामिल, बहनों को दिया आशीष
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी में छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सबसे बड़े पारंपरिक पर्व तीज के मौके पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए और बहनों को आशीष दिया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के राजधानी रायपुर स्थित निवास में आयोजित इस समारोह में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आयी महिलाएं शामिल हुई। राजस्व मंत्री ने महिलाओं का परंपरागत रूप से स्वागत किया। इस अवसर पर लोक कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीज मिलन के इस अवसर पर आईं माता, बहनों को तीजा की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बहुत खुशहाली का अवसर है। तीज मिलन के इस अवसर पर बहनें यहां आईं हैं, मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। तीजा में सुहागन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु जीवन की कामना लेकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे धर्म में मान्यता है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः इसी मान्यता का अनुसरण करते हुए हमारी सरकार महिलाओं को हर महीने महतारी वंदन योजना की राशि जारी कर रही है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में आयी माताओं-बहनों को तीज मिलन की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहारों की परंपरा काफी समृद्ध है। यहां की महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेत-खलिहानों में काम करके देश और प्रदेश की समृद्धि में योगदान दे रही हैं। छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ की महिलाओं में तेजी से शिक्षा और साक्षरता का प्रसार हुआ है। राज्य सरकार द्वारा भी महिलाओं को सशक्त करने के लिए अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इससे राज्य की महिलाएं सशक्त हो रही हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महिलाओं को तीज पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्व मंत्री ने न्यौता देकर तीज मिलन हेतु अपने घर पर बुलाया है। यह पूरे मातृ शक्ति का सम्मान है। इस मौके पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ के लोक कवि भैय्या लाल हेड़ाऊ के गीत ’धन-धन तै मोरे किसान’ गाकर सुमधुर प्रस्तुति दी।
तीज मिलन के लिए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास की विशेष सजावट की गई थी। इस अवसर पर परम्परागत ग्रामीण परिवेश की झलक दिखाई दी। राजस्व मंत्री के निवास में आयोजित तीज मिलन में राजनांदगांव के धरोहर सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति पर माता-बहनों ने जमकर नाच गाकर तीज मिलन का लुफ्त उठाया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी उपस्थित रहे।



