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पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारी और उप निरीक्षकों का हुआ तबादला…
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है. राजनांदगांव जिले के थाना प्रभारियों (टीआई) और उप निरीक्षकों का तबादला किया गया है. कई थानों के इंचार्ज बदले गए हैं. राजनांदगांव एसपी मोहित गर्ग ने आदेश जारी किया है.

छत्तीसगढ़ के प्रभतेज सिंह भाटिया होंगे BCCI के नए कोषाध्यक्ष, 12 जनवरी को मुंबई में होगा औपचारिक ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ (CSCS) का प्रतिनिधित्व कर चुके प्रभतेज सिंह भाटिया को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है। प्रभतेज सिंह भाटिया बीसीसीआई के नए कोषाध्यक्ष बनने जा रहे हैं। शनिवार (4 जनवरी) इस पद के लिए आवेदन की आखिरी तारीख थी, जिसमें एक मात्र आवेदन प्रभतेज सिंह भाटिया की ओर से आया है। ऐसे में 12 जनवरी को मुंबई में होने वाली बैठक में प्रभतेज को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के नए कोषाध्यक्ष के लिए निर्विरोध चुना जाना तय है। इसी दिन औपचारिक रूप से बीसीसीआई के नए कोषाध्यक्ष की घोषणा भी की जाएगी। यह पहली बार है जब CSCS का कोई प्रतिनिधि BCCI में इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाएगा।
बता दें कि BCCI का नया कोषाध्यक्ष बनने के बाद प्रभतेज सिंह भाटिया सितंबर 2025 तक अपना पद संभालेंगे, इसके बाद वे फिर से चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी का कार्यकाल तीन वर्षों का होता है और वे लगातार तीन बार इस पद पर रह सकते हैं। प्रत्येक कार्यकाल के बीच तीन वर्षों का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड भी होता है।
कौन हैं प्रभतेज सिंह भाटिया
साल 1991 में रायपुर में जन्मे प्रभतेज सिंह भाटिया राज्य के दिग्गज उद्योगपति और समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया के बेटे हैं। दोनों में ही क्रिकेट के प्रति काफी जूनून है, यही वजह है कि उन्होंने राज्य क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। प्रभतेज सिंह के पिता बलदेव सिंह भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ (CSCS) के अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रभतेज ने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला से प्राप्त की। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में फाइनेंस का कोर्स किया है।
मंत्री पद संभालने आशिष शेलार ने छोड़ा कोषाध्यक्ष का पद
गौरतलब है कि BCCI के पूर्व कोषाध्यक्ष आशिष शेलार ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद संभालने के लिए पद छोड़ दिया था। इसके बाद नए कोषाध्यक्ष के लिए आवेदन मांगे गए थे।
खेलों को बढ़ावा देने किए जा रहे हर संभव प्रयास: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। राज्य में खेल अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करने के लिए भरपूर मौके मिले। वें आज सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत बरौन्धी में ग्रामीण अंचल आधारकार्ड फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मौका मिलता है। खेल के मैदान में खिलाड़ियों को खेलता देख एक अलग ही अनुभूति होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी तथा ग्रामीणजन मौजूद थे।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण उद्यमिता को मिली रही नई ऊंचाई, ग्रामीण भारत महोत्सव दिल्ली में जशप्योर के उत्पाद को बेहतर प्रतिसाद
रायपुर। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज से शुरू हुए ग्रामीण भारत महोत्सव 2025 में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के जशप्योर ब्रांड के उत्पादों को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग भारत मंडपम में लगाए गए स्टॉल क्रमांक 76 में पहुंचकर जशप्योर के उत्पाद को खरीद रहे हैं। जशप्योर उत्पादों की ऑनलाइन भी खरीदी हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले सहित अन्य जिलों के वनोपज उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के प्रयास से छत्तीसगढ़ में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिला है। छत्तीसगढ़ सरकार इस पहल से युवाओं और महिलाओं को रोजगार सुलभ हुआ है।
ग्रामीण भारत महोत्सव में हरित क्रांति आदिवासी सहकारी समिति मर्यादित छत्तीसगढ़ द्वारा लगाए गए स्टाल में जशपुर जिले में उत्पादित काजू, जीराफूल चावल, रागी और महुआ का बना लड्डू, कुल्थी दाल, मड़वा आटा, रागी से कुकीज, जैकफ्रूट कुकीज, महुआ एनर्जी कैंडी, महुआ नेक्टर, जशपुर की चाय सहित अन्य कई खाद्य उत्पाद प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं, जिसे जशपुर जिले के वनोपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर तैयार किया गया है, जो स्वादिष्ट और सेहत के लिए उत्तम है। जशप्योर के प्रोडक्ट का निर्माण आदिवासी युवाओं और महिलाओं द्वारा पूरी शुद्धता के साथ किया जाता है। यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जशप्योर ब्रांड ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
जशप्योर का मुख्य उद्देश्य महुआ, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों को वैश्विक थाली में लाना है। समर्थ जैन का कहना है कि इन उत्पादों के माध्यम से न केवल पोषण को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि इनके संग्रह और प्रसंस्करण में लगे आदिवासी समुदायों को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण भी हो रहा है। महुआ जशपुर जिले में बहुतायत रूप से पाया जाता है। महुआ पेड़ फूल-फल से लेकर जड़ तक औषधीय गुणों से भरपूर है। महुआ में एंटी बैक्टिरियल गुण होते हैं, इससे शरीर में सूजन कम होती है और घाव जल्दी भरते हैं। महुआ में विटामिन सी होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। महुआ का उपयोग खांसी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा जैसे श्वसन समस्याओं के उपचार में उपयोगी है। यह फेफडों में जमें कफ को दूर करता है। रागी में भरपूर मात्रा में कैल्सियम, विटामिन, फाइबर पाया जाता है। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट तनाव में कमी, डिप्रेशन, एंग्जायटी और अनिद्रा की समस्याओं को दूर करता है। इसके सेवन से खून में आयरन की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। हड्डियां मजबूत होती है। रागी के सेवन से कोलेस्ट्राल और वजन को कम होता है।
गौरतलब है कि ग्रामीण भारत महोत्सव 2025 का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में 4 जनवरी से 9 जनवरी तक किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव का विषय विकसित भारत 2047 के लिए लचीले ग्रामीण भारत का निर्माण है। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमशीलता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
जिलों में सर्वसुविधायुक्त न्यायालय व कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता: मुख्य न्यायधीश रमेश सिन्हा
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज जिला न्यायालय रायगढ़ के रामपुर में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय कालोनी, घरघोड़ा में अतिरिवत न्यायालय भवन एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन का उद्घाटन के साथ ही रायगढ़ के जिला न्यायालय परिसर में न्याय सदन के नवीन भवन का वर्चुअल कार्यक्रम में शिलान्यास किया।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा बिलासपुर से वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक जिले में गुणवत्तायुक्त तथा सर्वसुविधायुक्त न्यायालय व आवासीय भवन उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है और इसके लिए लगातार कार्य भी हो रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज रायगढ़ जिले में उद्घाटन तथा शिलान्यास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे जिला न्यायपालिका को सर्वाेत्तम अधोसंरचना व सुविधाएं मिलेंगी और न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों व अधिववत्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने नवनिर्मित आवासीय भवनों एवं अतिरिक्त कोर्ट रूम का वर्चुअल निरीक्षण किया गया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पोर्टफोलियो न्यायाधीश जिला रायगढ़ न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की वर्चुअल रूप में गरिमामयी उपस्थिति थी।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश रायगढ़ ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के नेतृत्व व मार्गदर्शन में छत्तीसगढ राज्य में न्यायालयीन अधोसंरचना, न्यायालय भवन व कर्मचारी अधिकारी आवास न्यायालयीन परिसर में पोस्ट आफिस व डिस्पेंसरी की स्थापना के संबंध में महत्वपूर्ण अभिवृद्धि व सुधार हुआ है। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल के. विनोद कुजूर सहित अन्य न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
अम्बेडकर अस्पताल और पुलिस की संयुक्त तत्परता से नवजात शिशु चोरी होने से बचा, सीसी टीवी कैमरे के फुटेज की मदद से पुलिस ने दो महिलाओं के साथ स्टेशन से बरामद किया शिशु को
रायपुर। अम्बेडकर अस्पताल प्रबंधन की सजगता और पुलिस की तत्परता से आज एक दिन के बालक शिशु (मेल चाइल्ड) को चोरी होने से बचा लिया गया। अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने वार्ड की सुरक्षा में हुई चूक के लिए वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड को तत्काल हटा दिया है। साथ ही प्रसूति वार्ड में भर्ती सभी लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या अपरिचित लोगों से मेल- जोल ना बढ़ायें। किसी भी प्रकार के संदेहास्पद लोगों की सूचना वार्ड के सुरक्षा गार्ड, नर्स, डॉक्टरों या फिर अस्पताल में स्थित पुलिस सहायता केंद्र को देें ताकि समय रहते किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने शिशु को ढुंढने में शामिल सुरक्षा गार्ड की टीम और पुलिस को बधाई दी कि बेहद ही कम समय में पूरी टीम की सूझबूझ और सक्रियता की बदौलत शिशु को चोरी होने से बचा लिया गया।
घटना की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है कि अम्बेडकर अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के वार्ड नंबर 6 में भर्ती नीता सतनामी पति बेद व्यास सतनामी, ग्राम डोमा, थाना आरंग, रायपुर निवासी के एक दिन के नवजात शिशु के गुम जाने की सूचना अस्पताल प्रबंधन को मिली। इसके साथ ही परिजनों के माध्यम से इसकी सूचना थाना मौदहापारा को दी गई। अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र, सेक्युरिटी टीम एवं पुलिस प्रशासन को जैसी ही इसकी सूचना मिली त्वरित अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज का पड़ताल किया गया। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने स्वयं इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सेक्युरिटी टीम को बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर शिशु की खोज के लिए जाने के निर्देश दिये।
सीसी टीवी फुटेज में एक महिला के द्वारा नवजात शिशु को आयुष्मान गेट से बाहर ले जाते दिखाई दिया। दोपहर 1 बजकर 7 मिनट में आरोपित महिला द्वारा अस्पताल के वार्ड क्रमांक 6 से बच्चे को लेकर 1 बजकर 9 मिनट में आयुष्मान गेट से बाहर निकल जाना दिखाई दिया। तत्पश्चात पुलिस की टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 से दो महिलाओं के साथ शिशु को बरामद किया। शिशु को वापस अस्पताल लाया गया और उसकी डॉक्टरों द्वारा जाँच की गई जिसमें वह स्वस्थ होना पाया गया उसके बाद वापस परिजनों को सौंप दिया गया। शिशु की माता नीता सतनामी ने बताया कि डिलीवरी के लिए अपनी सास, ससुर और ननद के साथ 3 जनवरी को अम्बेडकर अस्पताल आई और शाम 7.30 के लगभग वार्ड नम्बर 6, बेड नम्बर 1 में उसको भर्ती किया गया। जहाँ रात्रि 11.15 बजे उसने बालक शिशु को जन्म दिया। उनकी सास और ननद के साथ रानी साहू और पायल साहू नामक दो महिलाओं ने अपना परिचय बनाया और दूसरे दिन यानी 04 जनवरी को इन दोनों महिलाओं ने सास और ननद के साथ वार्ड नम्बर 6 के गेट के पास साथ में खाना खाया। जब उसकी सास हाथ धोने गई और वापस आई तो नवजात शिशु बिस्तर पर नहीं था। रानी साहू और पायल साहू भी नहीं दिखे। तब शक हुआ। अस्पताल को और पुलिस को सूचना दिये। सूचना के आधार पर अस्पताल प्रबंधन और सिक्युरिटी टीम की सक्रियता तथा पुलिस की कार्यवाही से नवजात शिशु सकुशल वापस मिल गया।
जस्टिस सप्रे की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की ली गई समीक्षा बैठक
रायपुर। माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता तथा मुख्य सचिव अमिताभ जैन की उपस्थिति में न्यू सर्किट हाउस रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के सडक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सडक दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सडक सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी श्री सप्रे ने बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हाकन के पश्चात् यथा शीघ्र सुधारात्मक उपायों, घायलों की त्वरित उपचार देने, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की समुचित जानकारी एवं नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसामान्य को सुरक्षा के लिए वाहन चालन के दौरान सीटबेल्ट, हेलमेट की अनिवार्यता को बढ़ावा देने को कहा। श्री सप्रे ने नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिये विशेष पहल करके सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता सहित सचिवगण एस प्रकाश, डॉ. बसव राजू, डॉ. कमलप्रीत सिंह, सिद्धार्थ कोमल परदेशी, भीम सिंह सहित आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग के.के. पिपरे, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई एम. टी अटारे, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार उपस्थित थे।
महतारी वंदन योजना की 11वीं किस्त जारी : साय सरकार ने 70 लाख महिलाओं को दिया नए साल का तोहफा, बैंक खातों में ट्रांसफर किए 651.62 करोड़ रुपये
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महतारी वंदन योजना की 11वीं किस्त की राशि जारी कर दी गई है. महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की पात्र माताओं एवं बहनों को नववर्ष पर लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना की एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि राज्य शासन द्वारा महिलाओं के बैंक खाते में 01 जनवरी 2025 को अंतरित कर दी है. इस योजना में मार्च 2024 से लेकर जनवरी 2025 तक हितग्राही महिलाओं को 11 मासिक किश्तों में 7181 करोड़ 94 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है.
गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि की जानकारी के लिए महतारी वंदन योजना का मोबाइल एप भी है. जिसे हितग्राही प्ले स्टोर से डाउनलोड कर अपनी जानकारी देख सकते हैं.
महिला एवं बाल विकास से मिली जानकारी के अनुसार माह जनवरी 2025 में कुल 69 लाख 69 हजार 399 हितग्राहियों को 651.62 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान उनके बैंक खाते में किया गया. इन हितग्राहियों में से 60 लाख 65 हजार 160 हितग्राहियों को एक हजार रुपये के मान से 606 करोड़ 51 लाख 60 हजार रुपये की सहायता दी गई है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले 9 लाख 04 हजार 239 महतारियों को 45 करोड़ 10 लाख 76 हजार 400 रुपये इस प्रकार कुल 651 करोड़ 62 लाख 36 हजार 400 रुपये की सहायता राशि जारी की गई है.
खाद्य विभाग के संचालक ने धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण, पूर्व प्रबंधक के पास मिले 9 किसानों के टोकन, जांच के दिए निर्देश…
बिलासपुर। खाद्य विभाग संचालक जितेंद्र शुक्ला ने आज बिलासपुर जिले का दौरा कर कई धान खरीदी केंद्रों और PDS दुकानों- गोदामों में गरीबों को दिए जाने वाले चावल की उपलब्धता और गुणवत्ता का निरीक्षण किया. इस दौरान बिरकोना धान उपार्जन केन्द्र में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि विगत वर्ष कलेक्टर द्वारा हटाए गए प्रबंधक देवारी लाल यादव, पिता कार्तिक राम यादव मौके पर उपस्थित हैं और उनके पास से 9 किसानों के टोकन मिले. इसके अलावा पूर्व में जो लिपिक पद पर कार्यरत था उसे ही वहां प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है.
बता दें, खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 2388 क्विंटल धान (5.7 प्रतिशत) का शॉर्टेज के चलते प्रबंधक समेत वहां के सभी स्टाफ को हटाने के निर्देश दिए थे. वहीं आज निरीक्षण के दौरान प्रबंधक से इन 9 कृषकों का टोकन प्राप्त किया गया- नंद किशोर, रामधन, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अमित द्विवेदी, ईश्वर प्रसाद बरेठ, सुशीला रूद्रकर, आनंद यादव, बहोरन पिता विजय तथा मिलिंद पिता नंदकिशोर.
पूछताछ में हटाए गए प्रबंधक देवारी लाल यादव ने बताया कि वे उपरोक्त 9 किसानों के रकबे में अधिया/रेगहा का कार्य करते हैं. इसके बाद संचालक ने विभागीय कर्मचारियों को बिरकोना धान उपार्जन केन्द्र के तत्काल भौतिक सत्यापन पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं.
बिरकोना धान उपार्जन केंद्र में आज उपार्जित धान की मात्रा 28,532 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 17,500 क्विं० एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव का प्रतिशत 61.33 होना पाया गया है.

बिरकोना से पहले खाद्य विभाग संचालक ने लिंगियाडीह और सेंदरी में भी निरीक्षण किया था. लिंगियाडीह स्थित छ०ग० स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदाम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदाम में चावल की गुणवत्ता के साथ-साथ गोदाम में संलग्न दुकान के लिए 2 महीने के लिए चावल की उपलब्धता का निरीक्षण किया. जांच में गोदाम में निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में चावल भंडारित होना पाया गया.
इसके बाद उन्होंने सेन्दरी गांव में पहुंचकर धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया. जहां धान की मात्रा 39,585 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 22160 क्विंटल एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव 56 प्रतिशत होना पाया गया. इस दौरान उन्होंने केन्द्र में धान विक्रय करने हेतु आये किसानों से भी बातचीत की. रैण्डम रूप से बोरो का तौल कर वजन की जांच की. इसके अलावा आर्द्रतामापी यंत्र द्वारा नमी की मात्रा की भी जांच की गई, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया. उन्होंने केन्द्र प्रबंधक और प्रभारी को शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप धान उपार्जन करने के निर्देश दिये.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं निर्देशक प्रकाश झा ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं पटकथा लेखक प्रकाश झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री प्रकाश झा के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें शाल और स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत और अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में हिंदी फिल्मों के निर्माण और फिल्म उद्योग के विकास की संभावनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। प्रकाश झा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकाश झा उन दिग्गज फिल्मकारों में से एक हैं, जो अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को पर्दे पर बखूबी उतारते हैं।
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण की सराहना, 225 करोड़ रुपये की दी प्रोत्साहन राशि
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण के लिए किए गए प्रयासों की केंद्र सरकार ने सराहना की है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल और इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को 225 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ सरकार को भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को ऑनलाइन करने और इसे भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने के लिए 150 करोड़ रुपये तथा विरासत रजिस्ट्री को डिजिटल कर आम जनता के लिए सर्च सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 75 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य की सराहना और इसके लिए दी गई प्रोत्साहन राशि हमारे लिए उत्साहवर्धक है। यह राशि हमारे डिजिटलीकरण प्रयासों को और तेज करेगी, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के तहत भू-आधार (विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या) जारी करने, कैडेस्ट्रल नक्शों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण तथा कृषक रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को बैंकिंग सेवा, ऋण और सरकारी योजनाओं का सहजता से लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया शहरी नियोजन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के साथ ही मास्टर प्लान तैयार करने में सहायता करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण परियोजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ ही राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा मिली यह सराहना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने में किया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, रायपुर में 8 और 9 जनवरी को होगी आरक्षण की प्रक्रिया
रायपुर। छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही है. इस बीच रायपुर जिले के ग्राम पंचायत के पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया की तारीखों का ऐलान हो गया है. आरक्षण की प्रक्रिया 8 और 9 जनवरी को पूरी की जाएगी. रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी है.
ग्राम पंचायत के पंच पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम पंचायत के पंच पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी. आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 9 जनवरी को दोपहर 11 बजे से होगी. इसके अलावा आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा और जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 8 जनवरी को 11 बजे से होगी.
जनपद पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई 9 जनवरी को
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जनपद पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण और आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा, जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 9 जनवरी को 11 बजे होगी. इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आम सूचना जारी कर दी है.
जिला पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जिला पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई पुराना बस स्टैंड शहीद स्मारक भवन रायपुर में 9 जनवरी को दोपहर 1 बजे से होगी. इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आम सूचना जारी कर दी है.
ग्राम पंचायत के सरपंच पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम पंचायत के सरपंच पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी. आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 8 जनवरी को दोपहर 2 बजे से होगी. इसके अलावा आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा और जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 9 जनवरी को 2 बजे से होगी.
जनपद पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार आरक्षण की कार्रवाई
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत जनपद पंचायत के सदस्य पदों के लिए प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई 8 एवं 9 जनवरी को होगी. आरक्षण एवं आबंटन की कार्रवाई जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा, जनपद पंचायत कार्यालय तिल्दा-नेवरा, जनपद पंचायत कार्यालय अभनपुर में 9 जनवरी को 11 बजे होगी. साथ ही जनपद पंचायत कार्यालय आरंग में 8 जनवरी सुबह 11 बजे होगी.
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर उन्हें किया याद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय लोचन प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए सादर नमन किया है। श्री साय ने कहा कि बिलासपुर जिले के छोटे से गांव बालपुर में जन्मे पाण्डेय जी ने अपनी लेखनी से साहित्य के क्षेत्र में विशेष प्रतिष्ठा हासिल की। उन्होेंने छत्तीसगढ़ी, हिन्दी और उड़िया में कई रचनाएं लिखी। लोचन प्रसाद पाण्डेय ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संयम और चरित्रोत्थान के लिए पाठकों को प्रेरित किया। श्री साय ने कहा कि ‘‘साहित्य वाचस्पति’’ सम्मान से विभूषित लोचन प्रसाद पाण्डेय का नाम छत्तीसगढ़ के साहित्य गौरव के रूप मेें हमेशा आदर से लिया जाएगा।
रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर फ्लाइट को नहीं मिला एक भी यात्री, अब लिया गया ये बड़ा फैसला…
रायपुर। फ्लाई बिग (Fly Big) ने रायपुर-अंबिकापुर- बिलासपुर फ्लाइट (Raipur-Ambikapur- Bilaspur Flight) शुरू करने के बाद उसको तीन दिन से बढ़ाकर छह दिन करने की घोषणा की गई थी. लेकिन अब इस फ्लाइट के संचालन को लेकर कंपनी ने बड़ा फैसला लिया है. इसके पीछे की वजह संभवतः ये है कि विमानन कंपनी को इस रूट के लिए यात्री नहीं मिल रहे है. सोमवार को आलम ये रहा कि उक्त फ्लाइट को एक भी यात्री नहीं मिला, जिसके बाद अब कंपनी ने इसे 6 दिन के बजाए हफ्ते में 5 दिन चलाने का फैसला किया है.
जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर फ्लाइट में गुरूवार को आई और इसमें करीब सात यात्री आए और उतने ही गए. यही कारण है कि अब आगे से यह फ्लाइट रविवार और सोमवार को छोड़कर शेष पांच दिन चलेगी. फ्लाई बिग एयर लाइंस कंपनी ने विगत 19 दिसंबर से उड़ान योजना में शामिल रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर रूट पर हवाई सेवा शुरू कर दी है. पहले सप्ताह में तीन दिन गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को चलाने की घोषणा की गई थी. इसके बाद रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर फ्लाइट रविवार को छोड़कर शेष दिन चलाने की घोषणा कर की गई. सोमवार को उक्त फ्लाइट अंबिकापुर से आई भी, लेकिन एक भी यात्री नहीं मिले. इसलिए खाली आने के बाद फ्लाइट बिना यात्री के वापस हुई. इसके बाद मंगलवार और बुधवार को अंबिकापुर फ्लाइट रद्द रही. अब फ्लाई बिग द्वारा अंबिकापुर उड़ान को सप्ताह में रविवार और सोमवार को छोड़कर शेष पांच दिन मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को चलाने का निर्णय लिया है.
नए शेड्यूल के अनुसार रायपुर से अंबिकापुर की उड़ान सुबह 9 बजे प्रारंभ होगी और 10:15 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी. फ्लाइट 25 मिनट वहां रुकने के बाद 10:40 बजे अंबिकापुर से उड़ान भरकर 11:35 पर बिलासपुर लैंड करेगी और 12:00 दोपहर को बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान भरेगी. 12:55 पर अंबिकापुर पहुंचेगी. वहां से 1:20 पर विमान उड़ कर दोपहर 2:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट वापस पहुंचेगी.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध मदिरा के विनिर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को क्रियाशील रखें। राज्य में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में देशी मदिरा की नवीन बॉटलिंग इकाई हेतु प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाए तथा छत्तीसगढ़ के बाहर निर्मित मदिरा की विनिर्माण इकाईयों को छत्तीसगढ़ में स्वयं के विनिर्माण संयंत्र लगाये जाने के लिये प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए उन्हें कार्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए।
उन्होंने महुआ संग्राहक वनवासियों को आय के बेहतर साधन उपलब्ध हो सकें, इस उद्देश्य से अन्य राज्यों में प्रचलित महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की मुख्यमंत्री ने सराहना की। इसी तरह देशी-विदेशी मदिरा के उपभोक्ताओं को उनकी पसंद अनुरूप मदिरा उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रारंभ किये गये ‘मनपसंद ऐप’ में उपयोगकर्ता के डाटा की गोपनीयता बनाए रखने एवं ऐप में प्राप्त सुझाव एवं शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई रखने, मदिरा के ब्राण्ड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किये जाने तथा निर्धारित पंजियों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी बैठक में दिये गये।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बसंल, राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजू एस., सचिव सह आयुक्त आबकारी आर. संगीता, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
सीमेंट कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ के संसाधनों का दोहन करते हुए सीमेंट कंपनियों द्वारा बार-बार कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इस संबंध में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर सीमेंट की बढ़ी कीमतों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सीमेंट का प्रत्येक महीना लगभग 30 लाख टन (6 करोड़ बैग) उत्पादन किया जाता है जिसकी कीमतों में एकाएक खुले बाजार में 40 रूपये तक की प्रति बोरी के हिसाब से वृद्धि की गई है। प्रदेश में सभी सीमेंट कम्पनियॉ खुले बाजार में नवम्बर 2024 के पूर्व लगभग 260 रू. प्रति बोरी सीमेंट बेच रहे थे जिसे अचानक एक दिन में लगभग 310 रूपये कर दिया गया है। वहीं सरकारी एवं जनहित के प्रोजेक्ट के लिए मिलने वाला सीमेंट 205-210 रूपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 250 रूपये प्रति बोरी कर दिया गया है, जिसमें भी और वृद्धि की तैयारी है। सीमेंट की कीमतों में एकाएक ही लगभग 40-50 रूपये प्रति बोरी की वृद्धि प्रदेश की जनता के उपर सीधा-सीधा आर्थिक बोझ है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि इस वृद्धि का सीधा असर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, शासकीय योजनाओं, और प्रधानमंत्री आवास योजना पर पड़ रहा है। गरीबों के लिए घर बनाना मुश्किल हो रहा है, और शासकीय परियोजनाओं की लागत में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सितंबर में हुई इसी प्रकार की मूल्य वृद्धि पर उनके अनुरोध के बाद कंपनियों को दरें वापस लेनी पड़ी थीं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस बार भी तेजी से प्रभावी कदम उठाकर जनता को राहत प्रदान की जाए।
श्री अग्रवाल ने इस विषय पर गंभीरता दिखाने और आम जनता के हित में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।


राज्य सरकार ने बीएड सहायक शिक्षकों के समायोजन के लिए बनाई कमेटी, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम गठित
रायपुर। बीएड सहायक शिक्षकों की नियुक्ति आदेश रद्द होने के विवाद उसके समायोजन और अन्य संभावनाओं पर विचार के लिए राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का ऐलान किया था. वहीं आज सरकार ने सहायक शिक्षकों की मांगों पर विचार के लिए कमेटी गठित की है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, कमेटी का अध्यक्ष मुख्य सचिव अमिताभ जैन को बनाया गया है. इस कमेटी में प्रमुख सचिव विधि विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव वित्त विभाग और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को सदस्य बनाया गया है. यह समिति सहायक शिक्षकों के अभ्यावेदन पर अपनी रिपोर्ट देगी.
बता दें कि 30 दिसंबर को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों के 2855 पदों पर बीएड धारियों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया है. लोक शिक्षण संचालनालय ने बस्तर और सरगुजा संभाग के इन सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीएड धारियों की चयन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
