प्रदेश
दो डिप्टी इंजीनियर सहित एक सीएमओ निलंबित, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को दो डिप्टी इंजीनियर सहित एक सीएमओ को अनुशासन हीनता और काम में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया है. यह आदेश नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के अवर सचिव दानिएल एक्का ने जारी किये हैं.
बता दें, बसंत कुमार बुनकर (सीएमओ) और भूमिका शास्त्री नगर पंचायत कोतबा में उप अभियंता के पद पर पदस्थ थीं. दोनों को आदर्श आचार संहिता के दौरान स्वीकृति लिए बिना ही अनुपस्थित रहने और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने के लिए राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है. वहीं दीपक अग्रवाल (उप अभियंता) जो मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत स्वच्छता रेटिंग गिरने के लिए जिम्मेदार पाये गये. इस पर संतोषपूर्ण जवाब ना मिलने पर दीपक को भी निलंबित कर दिया गया है.


जलजीवन मिशन ने बदली भुईगांव के ग्रामीणों की जिंदगी, पेयजल की समस्या से मिली निजात, ग्रामीणों की आजीविका में हुआ सुधार
रायपुर। ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र शासन द्वारा शुरू की गई योजना जल जीवन मिशन से कई गांवों में पेयजल की समस्या दूर हो रही है। इससे न केवल शुद्ध पेयजल मिल रहा है बल्कि ग्रामीण जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार पूरे छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम भुइगांव जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित एक ऐसा गांव है, जहां वर्षों से पीने के साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत् पेयजल की समस्या से निजात मिली है। पहले गांव के लोग, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, हर दिन लंबी दूरी तय कर पानी लाते थे, जिससे उन्हें शारीरिक श्रम के साथ-साथ समय भी अधिक लगता था। ग्रामीणजन और सरपंच इस समस्या से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। कई ग्रामीण पानी की कमी के कारण बोर खुदवाने को भी मजबूर थे। ऐसे में गांव का भूजल स्तर भी कम होने लगा था।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्रदाय कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संभाग कांकेर द्वारा जलजीवन मिशन के तहत ग्राम भुइगांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए योजना बनाई गई और सबसे पहले, गांव में पानी की कमी की सही स्थिति का आंकलन किया गया। इसके बाद नल से जल आपूर्ति के लिए कार्य शुरू किया गया और गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन प्रदाय करने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई। पानी टंकी का निर्माण कर गांव के पास स्थित एक जलस्रोत से पाईपलाइन के माध्यम से पानी गांव तक पहुंचाया गया और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की व्यवस्था की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांचने का प्रशिक्षण देकर जल परीक्षण किट्स वितरित की गई है, जिससे ग्रामीण स्वयं पानी को परख कर सकें।
ग्रामवासियों को जलजीवन मिशन के महत्व और लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया। गांव में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और जागरुकता रथ से ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया, साथ ही जल प्रबंधन, जल संरक्षण और स्वच्छता पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांच करने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी इस टंकी ने गांव में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद भी लाई। गांव के लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ और वे आत्मनिर्भर बनने लगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एक गैर शासकीय संगठन के सहयोग और प्रयासों से ग्रामीणों को जागरूक करने में काफी हद तक सफलता मिली। ग्राम भुइगांव के सभी ग्रामीण अब गर्व से कहते हैं कि गांव में जलजीवन मिशन ने उनकी जिंदगी बदल दी।


प्राकृतिक आपदा पीड़ित 11 परिवारों को 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता स्वीकृत की जा रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. द्वारा प्राकृतिक आपदा पीड़ित 11 परिवारों को 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत इन परिवारों को आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। जिनमें तहसील बस्तर अन्तर्गत दुबे उमरगांव निवासी गुली उर्फ इच्छा कश्यप की सांप काटने से मृत्यु होने के कारण उनके पिता श्री मिठूराम को, ग्राम भोण्ड के निवासी फुलबती की मृत्यु पानी में डूबने से उसकी नानी श्रीमती रूकमनी को, बस्तर निवासी देवेन्द्र की नहर नाली में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री कमलू को, ग्राम घाटकवाली निवासी अन्तुराम की मृत्यु नदी के पानी में डूबने से होने पर उसकी पुत्री सुश्री लच्छमनी को, तहसील तोकापाल के कुरेंगा निवासी सदा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उसकी पत्नी श्रीमती रयमती को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार तहसील लोहण्डीगुड़ा के कोड़ेनार निवासी दयाराम की नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी माता श्रीमती दशसाय को, तहसील भानपुरी अन्तर्गत ग्राम सिवनी निवासी गुड्डूराम की नारंगी नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उसकी पत्नी श्रीमती सुकरी को, ग्राम कावंड़गांव निवासी लखन की मृत्यु नदी में डूबने से होने के कारण उसकी पत्नी श्रीमती उर्मिला को, ग्राम केशरपाल निवासी गौतम की पानी में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री सुकनाथ को, तहसील बकावण्ड के बेलपुटी निवासी धनसिंग की नदी में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती सुहागी को और ग्राम कोसमी निवासी परमेश्वर की मृत्यु पानी में डूबने से होने के कारण उनके पिता श्री दयनु को आर्थिक सहायता स्वीकृत किया गया है। प्रत्येक पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
कृषि मंत्री और वन मंत्री छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोड़ महासभा में हुए शामिल
रायपुर। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि वर्तमान परिवेश में सबकी सहभागिता से ही समाज का विकास होगा। आदिवासी समाज की समृद्ध इतिहास और परंपरा है, उनके रीति-रिवाज और दैनिक-दिनचर्या व रहन-सहन है। इस समृद्ध, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही नई पीढ़ियों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराना होगा। उन्होंने कहा कि इन्हीं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण आदिवासी समाज की एक अलग पहचान है। इस परम्परा को बनाएं रखना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि समाज का विकास अच्छे कार्यों का अनुकरण और अपने सांस्कृतिक विरासतों को अन्य समाजों तक पहुंचाकर किया जा सकता है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज को रचनात्मक कार्याें की दिशा में आगे आना चाहिए। दिग्भ्रमित करने वाले लोगों से बचते हुए समाज को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, राज मोहिनी देवी, शहीद वीर नारायण सिंह, बिरसा मुण्डा, वीर गुण्डाधूर सहित अन्य महापुरूषों के बताए हुए मार्गों पर चल हमें समाज के उत्थान के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा काम करें जिससे समाज का गौरव हो, नई पीढ़ी उसके कार्यों का अनुकरण करें। मंत्री श्री नेताम ने साहित्यिक और सामाजिक तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के लोगों को प्रोत्साहन देने उनका सम्मान करने की बात कही। उन्होंने शासन की योजनाओं का शत्-प्रतिशत लाभ लेने के लिए समाज को आगे आने की अपील की।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने गोंडवाना गोड़ महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के सभी तबको के विकास के लिए हमें सर्व आदिवासी हित में काम करने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति जो कई वर्षों से समाज के उत्थान में अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति परंपरा, रीति-रिवाज सहन-सहन को संरक्षित करने, समाज के महापुरूषों के बारे में आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने की दिशा में भी कारगर कदम उठाने की जरूरत है। मंत्री श्री कश्यप ने मेले-मड़ई सहित आदिवासियों की जीवन शैली को संरक्षित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के पदाधिकारियों ने आदिवासी समाज के विकास के लिए अपने-अपने सुझाव भी दिए। मंत्री द्वय श्री नेताम और श्री कश्यप ने इस मौके पर धमतरी के लेखक श्री डुमन लाल धु्रव द्वारा छत्तीसगढ़ के परंपरिक आभूषणों पर आधारित किताब ”छत्तीसगढ़ का लोक आभूषण” का विमोचन किया।
कार्यक्रम में विधायक नीलकंठ टेकाम, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोड़ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता पवन साय, एम.डी.ठाकुर, बी.पी.एस. नेताम, विकास मरकाम सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के गोंडवाना राज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
साय सरकार का किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला
रायपुर। नवा रायपुर के महानदी भवन स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में जारी साय कैबिनेट की बैठक ख़त्म हो गई है. बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024 का अनुमोदन, नगरीय क्षेत्रों में भूमि प्रबंधन, छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2024 और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं।
बता दें कि किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो, इसके लिए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन
- अन्य प्रदेशों के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे. इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल पाएगा.
- संशोधन प्रस्ताव के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर “मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क” शब्द जोड़ा जाएगा।
- मंडी बोर्ड अपनी सकल वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा। इस निधि का उपयोग नियमों में शामिल प्रयोजनों के लिए किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024
मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
नगरीय क्षेत्रों में भूमि प्रबंधन
छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन और भूमि स्वामी को हक प्रदान करने के संबंध में मंत्रिपरिषद ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इस संबंध में पूर्व में जारी निर्देश और परिपत्रों को निरस्त कर दिया है.
भूमि आबंटन संबंधी निर्देश
- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन, शासकीय भूमि के आबंटन एवं वार्षिक भू-भाटक के निर्धारण एवं वसूली प्रक्रिया संबंधी 11 सितम्बर 2019 को जारी परिपत्र, नगरीय क्षेत्रों में प्रदत्त स्थायी पट्टों का भूमिस्वामी हक प्रदान किए जाने संबंधी 26 अक्टूबर 2019 को जारी परिपत्र, नजूल के स्थायी पट्टों की भूमि को भूमिस्वामी हक में परिवर्तित किए जाने के लिए 20 मई 2020 को जारी परिपत्र तथा नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन और भूमि स्वामी हक प्रदान करने के संबंध में 24 फरवरी 2024 को जारी परिपत्र शामिल हैं।
- इन प्रपत्रों के अंतर्गत जारी आदेशों के तहत आबंटित भूमि की जानकारी राजस्व विभाग की वेबसाइट में प्रदर्शित की जाएगी और इस विषय में कोई भी आपत्ति और शिकायत प्राप्त होने पर संभागीय आयुक्त द्वारा इसकी सुनवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2024
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जीएसटी कॉउंसिल द्वारा इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर के संबंध में आगत कर प्रत्यय लिये जाने के प्रावधान को युक्तियुक्त बनाने और पान मसाला, गुटखा इत्यादि के विनिर्माण में लगने वाले मशीनों के रजिस्ट्रीकरण के लिए अधिनियम में कुछ संशोधन का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में केन्द्रीय माल और सेवा कर संशोधन अधिनियम 2024, 15 फरवरी 2024 अधिसूचित है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम 2017 में भी तद्नुसार संशोधन किया जाना प्रस्तावित है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का 22वां वार्षिक प्रतिवेदन (01 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक की अवधि के लिए) विधानसभा के पटल पर रखे जाने के लिए अग्रिम आवश्यक कार्यवाही के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया है।
आईएएस अफसरों का तबादला
रायपुर। प्रदेश में आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर के बीच राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों का तबादला किया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है. जारी आदेश के अनुसार 4 आईएएस अफसरों के प्रभार में बदलाव किया गया है और साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
जगदलपुर में बना संभाग का सबसे बड़ा तहसील कार्यालय, पुराने तहसील को बनाया जा रहा हेरिटेज ग्राउंड…
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर संभाग का सबसे बड़ा तहसील कार्यालय बनकर तैयार हो चुका है. लगातार बढ़ते राजस्व के मामलों को देखते हुए और वर्तमान तहसील कार्यालय में सीमित जगह के चलते प्रशासन के द्वारा नए तहसील कार्यालय का प्रस्ताव रखा गया था. इसके बाद मां दंतेश्वरी कॉलेज के जर्जर हो चुके हॉस्टल भवन को नए सिरे से तहसील भवन के लिए तैयार किया गया है.
बस्तर कलेक्टर ने बताया कि इस तहसील कार्यालय में राजस्व तहसीलदार, नजूल तहसीलदार, नायाब तहसीलदार सहित अनुविभागीय अधिकारी का भी कोर्ट संचालित किया जाएगा. इसे पहले तहसील और एसडीएम कार्यालय अलग जगह होने के कारण लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब एक ही छत के नीचे राजस्व के सभी अधिकारी बैठेंगे वहीं दूसरी तरफ पुराने तहसील कार्यालय को बस्तर हेरिटेज ग्राउंड के रूप में तब्दील किया जाएगा.
बस्तर दशहरा के दौरान विभिन्न रस्मों में हिस्सा लेने बस्तर के कोन- कोने से देवी-देवता यहां पंहुचते हैं. उनके साथ आने वाले पुजारियों और ग्रामीणों के रुकने की व्यवस्था भी अब इस हेरिटेज ग्राउंड में ही होगी.
राज्य सरकार ने IPS अफसरों के किये ट्रांसफर
रायपुर। राज्य सरकार ने IPS अफसरों के तबादले किये हैं। बलरामपुर के एसपी लाल उमैद सिंह का तबादला हुआ है, उसमें सीएम सुरक्षा में एसपी बनाया गया है। वहीं राजेश अग्रवाल बलरामपुर के नये एसपी होंगे।
स्टेडियम उद्घाटन पर गरमाई सियासत: विधायक ने समर्थकों के साथ काटा फीता, प्रशासन पर खिलाड़ियों के साथ अन्याय का लगाया आरोप
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने शुक्रवार को बागबाहरा नगर पालिका का घेराव किया. उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में पसरी गंदगी, विद्युत कटौती, विद्युत दर में बढ़ोतरी, अधूरे प्रधानमंत्री आवास की राशि ना मिलने और कई मुद्दों को लेकर सैकड़ो समर्थको के साथ का घेराव किया. इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों के उपस्थिति में क्षेत्र के नव निर्मित स्टेडियम का भी रिबन काट कर उद्घाटन किया है.
आक्रोशित विधायक ने नगर पंचायत के सीएमओ पर खिलाड़ियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुवे कहा कि खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके स्टेडियम का लोकार्पण नहीं कराया जा रहा है. उनका कहना है कि स्टेडियम को बने हुए काफी समय बीत चुका है लेकिन सीएमओ की जिद है कि केवल मुख्यमंत्री साय के हाथों ही स्टेडियम का उद्घाटन किया जाएगा. इसकी वजह से जो खिलाड़ी वहां खेलना चाहते हैं, उनको अब तक रोका जा रहा है. यह खिलाड़ियों के साथ अन्याय है.
उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार विधायक भी स्टेडियम का उद्घाटन कर सकते हैं. इसलिए हमने वहीं पर रिबन काट कर स्टेडियम का उद्घाटन कर दिया है. विधायक ने आगे कहा कि आज खिलाड़ियों के हक के लिए हमने यह घेराव किया है. अगर नगर पंचायत सीएमओ जल्द ही स्टेडियम की चाबी खिलाड़ियों के हाथों में नहीं सौंपते हैं, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी.
कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने पाली में कन्या छात्रावास एवं शासकीय उद्यान रोपणी पोड़ी का किया निरीक्षण
रायपुर। प्रदेश के मंत्री आदिम जाति व अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग रामविचार नेताम ने कल कोरबा जिले के विकासखण्ड पाली में अपने प्रवास के दौरान कन्या छात्रावास पाली एवं शासकीय उद्यान रोपणी पोड़ी का आकस्मिक निरीक्षण कर सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभागीय योजनाओं से आमजनों को प्राथमिकता से लाभांवित करने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग श्रीकांत कसेर, जनपद सीईओ पाली भूपेंद्र सोनवानी, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी सहित अन्य खण्ड स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
छात्रावास परिसर का अवलोकन कर सुविधाओं का लिया जायजा -
मंत्री श्री नेताम ने पाली में आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत संचालित प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास परिसर में छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियॉ, परिसर की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओ से हॉस्टल में मिलने वाली सुविधा, भोजन एवं उनकी पढ़ाई के बारे में चर्चा की। मंत्री श्री नेताम ने अधीक्षिका को मेनू अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने एवं अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया।
पोड़ी के शासकीय उद्यान रोपणी में योजनाओं के क्रियान्वयन की ली जानकारी -
इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री नेताम द्वारा शासकीय उद्यान रोपणी पोड़ी (लाफा) का औचक निरीक्षण कर रोपणी में उपलब्ध पौधे एवं आगे की तैयारी के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रोपणी परिसर का जायजा लेते हुए परिसर में लगे पुराने पेड़ो को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह रोपणी काफी अधिक क्षेत्रफल में विस्तृत है। यहां उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने रोपणी में सुविधाओं की विस्तार हेतु आवश्यक कार्याे का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री नेताम ने विभागीय योजनाजों से पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता से लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री नेताम को उद्यान अधीक्षक ने रोपणी के कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि रोपणी में इस वर्ष आम से लगभग साढ़े सात लाख एवं लीची से 50 हजार की आमदनी हुई है।
कलेक्टर ने डायरिया से बचाव के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वर्षाकाल में होने वाली जनजनित बीमारी डायरिया, मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य केंद्र में सभी जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भण्डारण और आवश्यकतानुसार मरीजों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में जांजगीर-चांपा कलेक्टर आकाश छिकारा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में डायरिया से बचाव के लिए सभी जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने डायरिया रोकने के लिए अधिकारियों को जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव-गांव में कोटवारों के माध्यम से मुनागी कराने, मितानिनों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सभी संबंधित अधिकारी मैदानी स्तर पर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि सभी ग्रामवासियों को ओआरएस, जिंक टेबलेट का वितरण एवं उबाल कर पानी पीने के लिए प्रेरित करें। डायरिया के मरीज़ों को नियमित अंतराल पर जाँच किया जाए एवं गंभीर स्थिति होने पर हायर सेंटर में रेफ़र किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में डायरिया के प्रकरण निकल रहे हैं वहां अगले 15 दिवस तक प्रतिदिन मितानिनों के द्वारा प्रत्येक घर में जाकर डायरिया पीड़ित मरीज़ का सर्वे कर जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य अमलों से कहा कि यदि आपके किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में किसी गाँव से कोई डायरिया का मरीज़ आता है, तो तुरंत उस गाँव के सेक्टर सुपरवाइज़र, आरएचओ एवं मितानीन को डोर टू डोर जाकर सभी घरों की जानकारी संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार कोरिया जिला कलेक्टर ने ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मौसमी बीमारियो को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के परिपालन में कोरिया जिला पंचायत के मंथन कक्ष में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की है। श्री लंगेह ने स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ावा देने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य के विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप कार्य किया जाना हम सबकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
श्री लंगेह ने जिले के सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चल रहे निर्माण कार्यो के प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग करने तथा गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। उन्होनें जिला चिकित्सालय में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए की जा रही प्रक्रिया शीध्र पूर्ण कर विज्ञापन प्रकाशित कराने के निर्देश दिये।
बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने जिले में गर्भवती माताओं की जांच पंजीयन, संस्थागत प्रसव, बच्चों एवं गर्भवती माताओं को टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केन्द्र, एनीमिया, जन्म दर, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, कुपोषण, सिकल सेल स्क्रीनिंग आदि के बारे में विस्तृत समीक्षा की। उन्होनें लैब तकनीशियन व अन्य कर्मचारी जो कार्य के प्रति लापरवाही करने वाले को नोटिस जारी करते हुए उनके विरूद्व कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। बैठक में उन्होनें मौसमी बीमारी डायरिया, मलेरिया व डेंगू के प्रकोप पर सतत् निगरानी रखने तथा आपातकालीन परिस्थिति से निपटने हेतु सभी तैयारी पूर्ण रखने को कहा। उन्होनें विभागीय अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शिविर का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करें और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने नक्सल हमले में शहीद जवान भरत लाल साहू को पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज चौथी बटालियन माना पहुंचकर गत दिवस बीजापुर जिले के तर्रेम में माओवादियों द्वारा किये आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए जवान भरत लाल साहू के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर को कंधा देकर ससम्मान निवास रायपुर के सड्डू के लिए रवाना किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कहा कि बीजापुर जिले के तर्रेम में हुए आइईडी ब्लास्ट में हमारे वीर जवानो ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमारी सरकार बनते ही हमने माओवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी है और हम निर्णायक लड़ाई लड़ रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान शहीद जवान भरत लाल साहू के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
गौरतलब है कि एसटीएफ के शहीद आरक्षक भरत लाल साहू रायपुर जिले के रहने वाले थे। पिछले 17 जुलाई को बीजापुर जिले के तर्रेम में एसटीएफ का बल नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुआ था। अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गये आईईडी ब्लास्ट में सुरक्षाबल के दो जवान शहीद और 4 जवान घायल हुए।
इस मौके पर वनमंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, डीजीपी अशोक जुनेजा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शहीद जवान के परिजन मौजूद थे।
नया ट्रांसफार्मर लगने से रौशन हुआ बारो गांव, सीएम कैंप कार्यालय बगिया की पहल पर ग्रामीणों को मिली अंधेरे से मुक्ति
रायपुर। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बारो के उरांव पारा के ग्रामीणों को अब अंधेरे से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय को निर्देशित किया था कि नया ट्रांसफार्मर लगाना सुनिश्चित करें। सीएम कैंप कार्यालय बगिया के निर्देश पर वहां के खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है।
उरांव पारा का ट्रांसफार्मर बीते 9 जुलाई को खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। चूंकि फरसाबहार क्षेत्र नागलोक के नाम से विख्यात है, ऐसे में रात को घर में अंधेरा होने से हमेशा जहरीले सांपों व अन्य जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस परेशानी को लेकर गांव के लोग सीएम कैंप कार्यालय बगिया में जाकर आवेदन दिए थे। सीएम कैंप कार्यालय से विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने बारो पंचायत के उरांव पारा में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया है। ट्रांसफार्मर के लगने और विद्युत की समस्या का समाधान हो जाने से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।
उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में सुबह 10 बजे से 3 बजे तक जनदर्शन लगाकर ग्रामीणों की समस्या सुनी जा रही है और उसका त्वरित समाधान भी किया जा रहा है। जिससे सीएम कैंप कार्यालय लोगों की आस का केंद्र बन चुका है और लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचकर अपनी समस्याएं रख रहे हैं।
कांग्रेस ने बनाई 24 जुलाई को विधानसभा घेराव की रणनीति, बैज ने कहा- ऐतिहासिक होगा आंदोलन…
रायपुर। 24 जुलाई को विधानसभा घेराव करने की रणनीति बनाने कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं की कांग्रेस भवन में बैठक हुई. पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने 20 हजार से अधिक भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदहाल है. जनता सड़क पर उतर प्रदर्शन करेगी. मंडी गेट में आमसभा के बाद विधानसभा घेराव के लिए निकलेंगे. कांग्रेस का आंदोलन ऐतिहासिक होगा.
इस दौरान डॉ. खूबचंद बघेल के नाम की योजना बदले जाने को लेकर दीपक बैज ने कहा कि योजना का नाम बदलना ठीक नहीं है. समाज ही नहीं प्रदेश के लोगों में भी इसे लेकर नाराजगी है. भाजपा सरकार समाज को बांटने का काम कर रही है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का निर्देश, स्वास्थ्य मामलों में न हो कोई लापरवाही
रायपुर। बारिश की मौसम में बीमारियों का प्रकोप रहता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्वास्थ्य के मामले में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री साय ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील गांवों का भ्रमण कर हालत पर नजर रखने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के कलेक्टर अवनीश शरण ने कोटा विकासखण्ड के मलेरिया प्रभावित कुरदर, छुईहा, टेंगनमाड़ा सहित अनेक ग्रामों का दौरा किया। कलेक्टर ने बारिश के कारण कीचड़ एवं दलदल से सने छुईहा एवं चिखलाडबरी सड़क मार्ग का बाईक में सवार होकर निरीक्षण किया और गांव के पहुंच मार्ग को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुरदर में मलेरिया चौपाल लगाकर वहां के हालात की समीक्षा की। उन्होंने गांव के चौक पर मलेरिया चौपाल लगाकर स्वयं मितानिन से मलेरिया जांच कराकर परीक्षण किया।
इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों से हालात की जानकारी ली। कुरदर के सरपंच राजकुमार पैकरा से भी चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को रोज शाम को जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है। उन्होंने एक बाईक एम्बुलैंस को कुरदर में चौबीसों घण्टे रखने के निर्देश दिए। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने को कहा है। कैंदा अस्पताल को एक 108 वाहन उपलब्ध कराने एवं कुरदर में पानी एवं बिजली की समस्या के निदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने टेंगनमाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया है कि यदि फेल्सिफेरम मलेरिया कन्फर्म होती है तो स्थानीय स्तर पर इलाज न करके सीधे जिला अस्पताल अथवा सिम्स में भर्ती के लिए रिफर किया जाये। उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रार्थना के उपरांत बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया से बचने के उपाय बताएं। कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि एक अलग कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर मरीजों के घर का फोन नम्बर लेकर लगातार बीमारी की मॉनीटरिंग की जाये।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर दो दिव्यांग को मिला बैटरी चलित ट्राई सायकल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांग को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राई सायकिल उपलब्ध कराया गया है। बैटरी चलित ट्राई सायकिल पाकर दिव्यांग टिकेश्वर और गौरी ने मुख्यमंत्री श्री साय और जिला प्रशासन का आभार जताया है।
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम अठारहगुड़ी के रहने वाले 34 वर्षीय दिव्यांग टिकेश्वर पटेल और ग्राम रेमडा निवासी 30 वर्षीय गौरी खंडेल कलेक्टर प्रभात मिलक के हाथों ट्राई साइकिल पाकर वे दोनों बहुत खुश हैं। दोनों दिव्यांगों को पहले आने-जाने के लिए परिजन या किसी व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। मोटराईज्ड ट्रायसायकल मिल जाने से अब उन्हें गांव या गांव से बाहर आने-जाने में आसानी होगी। दिव्यांग टिकेश्वर पटेल ने बताया कि अब उन्हें अपने व्यवसाय के द्वारा आर्थिक स्थिति में और सुधार करने का मौका मिलेगा। इसी तरह गौरी खंडेल ने कहा कि मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने से मुझे अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला है।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक संगीता सिंह ने बताया कि दोनों 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं, इसलिए ऑटोमेटिक ट्राई साइकिल समाज कल्याण विभाग द्वारा दी गई है। ताकि वे अपने रोजमर्रा के काम सरलता से कर सके तथा स्व रोजगार से अपना जीवन यापन कर सकें।