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मलेरिया, डायरिया, जनजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाएं : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मौसमी बीमारियों की रोेकथाम और बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश स्वास्थ्य महकमा और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में मलेरिया, डायरिया, जनजनित बीमारी सहित मौसमी बीमारियों की जानकारी मिलने पर त्वरित रूप से स्वास्थ्य अमला स्वास्थ्य शिविर लगाकर प्रभावितों का उपचार करना सुनिश्चित करें। श्री साय ने निर्देश दिए है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित कर सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों को आवश्यक दवाओं के साथ त्वरित रूप से रवाना कर उपचार सुनिश्चित करे, जिससे संभावित जनहानि को बचाया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा गत दिवस कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल, सोनवाही का भ्रमण कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने ग्राम सोनवाही पहुंचकर ग्रामीणों सहित डायरिया पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की और राज्य शासन से हर संभव दिलाने के लिए भरोसा दिलाया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम सोनवाही में गत दिवस हुई दो ग्रामीणों की आकस्मिक मृत्यु पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने ग्राम सोनवाही के आदिवासी बालक छात्रावास में बनाएं गए अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और मरीजों से चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वनांचल सहित मैदानी क्षेत्रों में मौसमी बीमारी, डायरिया, उल्टी दस्त और जलजनित बीमारियों का संक्रमण ना हो इसके लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने की जरूरत है। उन्होंने कलेक्टर को वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और और मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सुदूर वनांचल क्षेत्र चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल के शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमफ़ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनांचल के सभी गांवो में स्वास्थ्य शिविर, जल स्त्रोतो का क्लोनिएशन कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि बोड़ला एसडीएम और सीएमएचओ को घर-घर पहुंच कर सर्वें करने के निर्देश दिए गए थे। सोनवाही में पांच ग्रामीणों की मौत अलग-अलग कारणों से और अलग-अलग जगह में हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि सोनवाही में डायरिया की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला के चिकित्सक और स्वास्थ्य अमला 10 जुलाई को पहुंचकर गांव के आदिवासी बालक आश्रम छात्रावास में अस्थायी रूप से स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू किया गया। दूसरे दिन 11 जुलाई को कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तर और चिल्फी के और अतिरिक्त स्वास्थ्य टीम को भेजकर ग्राम सोनवाही में तैनात किया गया।
सीएमएचओ डॉ राज ने बताया कि सोनसिंह अपने खेत से काम कर घर लौटा था, उन्होने अपने तबियत खराब होने की जानकारी अपने घर वालो को दी। इसके बाद उन्होने उल्टियां शुरू हुई और तीन से चार घंटे के दौरान उनकी घर पर ही मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक इसी प्रकार महिला फूलबाई की मृत्यु भी उल्टी से हुई। दो ग्रामीणों की अकास्मिक मृत्यु के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की गई। जांच और पूछताछ के प्रथम दृष्टयता जहरीले मशरूम खाने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 194 घर है, जिसकी कुल आबादी 580 है। इस गांव में 12 कुंआ और 02 हैंडपंप है। एक मितानिन भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बीमारी के लक्षण मिलने पर गांव में लोगों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। 11 जुलाई को 194 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें 08 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया, इनमें 07 लोगों को मौसमी बुखार के लक्षण और 01 को उल्टी हो रही थी। इसी प्रकार 12 जुलाई को 144 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 12 को मौसमी, सर्दी बुखार के लक्षण पाएं गए है, जिनकों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के निर्देश दिए।
पुष्पा के हौंसलों को मिली उड़ान, लखपति दीदी बनने का सपना हुआ साकार, कभी स्कूटी नहीं चला पाती थी पुष्पा, अब ड्रोन उड़ाकर खेतों में कर रही स्प्रे
रायपुर। मजबूत इरादे और भरपूर आत्मविश्वास से ग्रामीण महिलाओं के लखपति दीदी बनने का सपना साकार हो रहा है। एक समय था जब मेरे लिए स्कूटी चलाना भी संभव नहीं था, घर के कामकाज तक ही सीमित थी, लेकिन मुझे ड्रोन चलाने के लिए चयन किया गया। यकीनन मेरे के लिए एक बड़ा अवसर था, मैने यह कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कोई काम कर पाउंगी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद अब मैं ड्रोन चलाने के लिए प्रशिक्षित हो गई हूं। यह कहना है आरंग के ग्राम गुल्लू की पुष्पा यादव का।
श्रीमती यादव कहती है कि गांवों के खेतों में फसलों के ऊपर ड्रोन चलाकर कीटनाशक का छिड़काव कर रही हूं। अप्रैल माह में 20 दिनों का ड्रोन पायलेट का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद श्रीमती यादव ने यह कार्य प्रारंभ किया है। वह कहती है कि प्रति एकड़ कीटनाशक के छिड़काव करने पर उन्हें 300 रूपए की आय होती है। विगत डेढ़ माह में ही वह 26 हजार रूपए की आय अर्जित कर चुकी है। वे कहती है कि केंद्र सरकार की योजना एन.आर.एल.एम बिहान की सदस्य हूं। साथ ही महिला किसान भी हूं। खेती-बाड़ी कार्य कर अपना जीवन यापन कर रही हूं। बिहान योजना इफ्को के सहयोग से ड्रोन पायलेट का सफल प्रशिक्षण के बाद ग्रामीण किसानों को सेवा प्रदाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हूं। वे कहती है कि स्वयं की खेती, पशुपालन, नरेगा मैट, ड्रोन पायलेट का कार्य कर सालभर में 1 लाख 50 हजार रूपए से अधिक कमा रही हूं। श्रीमती यादव कहती है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए कारगर है और मेरे जैसी कई गरीब महिलाओं के लखपति दीदी बनने का सपना भी साकार हो रहा है। इसके लिए श्रीमती यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया।
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा नेे नेशनल लोक अदालत के अवसर पर राज्य के सभी 23 जिलों का वर्चुअल मोड के माध्यम से किया निरीक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह- मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी 23 जिला एवं सत्र न्यायालयों से वर्चुअल मोड के माध्यम जुडकर लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण किया गया। सभी जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीशों व अन्य खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारियों से संवाद व चर्चा की गई और लोक अदालत की प्रगति का जायजा लिया। मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए मार्गदर्शन करते हुए प्रोत्साहित किया।
मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा लोक अदालत का वर्चुअल मोड में निरीक्षण के दौरान जिला न्यायालय रायगढ़ के एक प्रकरण में जहां एक उम्रदराज पति पत्नी के मध्य घरेलु हिंसा का विवाद था और वे अलग अलग रह रहे थे और लोक अदालत के दौरान उनका समझौता हुआ और वे एक साथ रहने के लिये तैयार हो गये। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा पक्षकारों के प्रयासों की सराहना की गई और दम्पत्ति को भविष्य के खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गई।
मुख्य न्यायाधिपति के द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में नेशनल लोक अदालत के संबंध में गठित दो खण्डपीठों का भी भ्रमण किया गया और लोक अदालत कार्यवाहियों का जायजा लेते हुए अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों को निराकृत कराये जाने की बात कही गई।
गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधिपति की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में पहली बार उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तिगणों द्वारा भी अपने पोर्टफोलियो जिलों में भ्रमण कर नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण किया गया और लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को अधिक से अधिक मामले निपटाने के लिये प्रोत्साहित किया गया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गणों के द्वारा नेशनल लोक अदालत के दिन अपने पोर्टफोलियो जिले में उपस्थित रहना लोक अदालत व्यवस्था की विश्वसनीयता को पारदर्शी व विश्वसनीय बनायेगा और इसे एक नई उंचाई प्रदान करने वाला होगा।
मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा सभी 23 जिलों का वर्चुअल मोड से निरीक्षण जहां आधुनिक तकनीक का न्यायालयीन कार्यवाहियों में उपयोग को दर्शाता है। वहीं मुख्य न्यायाधिपति की यह पहल लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहित करने के साथ साथ पक्षकारों में विश्वास सृजित करेगा और लोक अदालत को और विश्वसनीयता और प्रमाणिकता प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में आज 13 जुलाई को आयोजित नेशनल लोक अदालत में सात लाख तिहत्तर हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन प्रकरण तथा चौंसठ हजार पांच सौ से अधिक लंबित मामलों सहित लगभग आठ लाख से अधिक मामलों का निराकरण करते हुए लगभग 199 करोड़ रूपये का अवार्ड पारित किया।
मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तिगण जो लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अपने पोर्टफोलियो के जिलों में लोक अदालत के अवसर पर गए थे, उनका विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है। साथ-ही-साथ मुख्य न्यायाधिपति द्वारा उच्च न्यायालय में गठित लोक अदालत की दो खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्तिगण व सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा राज्य के सभी सम्मानित प्रधान जिला न्यायाधीशगणों और नेशनल लोक अदालत के संबंध में राज्य में गठित सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों और खण्डपीठ के सदस्यों सभी न्यायालयीन कर्मचारियों के साथ-साथ सभी पैरालीगल वालेण्टियर, अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पक्षकारों तथा अन्य सभी लोगों जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को एतिहासिक रूप से सफल बनाने में योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया है, जिन्होनें इस लोक अदालत के प्रचार-प्रसार व लोगों के मध्य जागरूकता फैलाने में विशेष योगदान दिया।
रामलला के दर्शन कर लौटा साय मंत्रिमंडल, कांग्रेस के सवाल पर मंत्रियों ने कहा- कांग्रेस ने प्रभु राम के अस्तित्व को ही नकारा, इसके लिए पहले देश से मांगे माफी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने मंत्रिमंडल के साथ अयोध्या पहुंचे, जहां हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रामलला के दर्शन किए. मुख्मयंत्री साय ने रामलला के दर्शन कर भगवान राम को बेर की पोटली अर्पित की. दर्शन करके राजधानी रायपुर लौटने पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा आज मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सब मंत्रिमंडल के साथी भगवान श्रीराम के दर्शन करने गए थे. उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है. हम प्रधानमंत्री को बधाई और धन्यवाद देते हैं. मंत्री कश्यप ने कांग्रेस के उठाए सवाल का जवाब दिया और कहा कि कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया था.
मंत्री कश्यप ने कहा कि छत्तीगसढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है. भगवान राम का वनवास का अधिकतम समय छत्तीसगढ़ के वनों में बीता है. हमारा प्रभु श्रीराम के साथ आत्मीय संबंध है. भांजा के रूप में मानते हैं. पैर पखारते हैं. मंत्री कश्यप ने कहा कि हम यहां से बेर, चिरौंजी, महुआ लेकर गए थे और प्रभु श्रीराम को भेंट किए हैं.
उन्होंने कहा कि 500 साल के बाद पूर्वजों ने तपस्या, बलिदान और संघर्ष किया, लंबी लड़ाई लड़ी उसके पश्चात प्रभु श्रीराम का मंदिर बन पाया. छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए रामलला दर्शन योजना बनाई हैं. आम जनता भी इसका ज्यादा ज्यादा लाभ लेगी. प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद और कृपा हम सब पर बनी रहे.
कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल कि अयोध्या से पहले चंदखुरी जाकर माता कौशल्या के मंदिर दर्शन के जवाब में मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को पहले देश से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया था. यहीं कांग्रेस ने मंदिर के शुभारंभ कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया था. इसका जवाब कांग्रेस को देना चाहिए.
वहीं रामविचार नेताम ने कहा अयोध्या धाम को इतिहास के पन्नों से गायब करने का काम पूर्व की सरकारों ने किया था. आज वही सब गायब हो गए. विरासत को बचाने उसे लौटाने का काम भाजपा ने किया. हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा को पुर्नजीवित करने का काम किया. पीएम नरेंद्र मोदी का हम सब आभार जताते हैं कि उन्होंने भगवान श्रीराम मंदिर का भव्य मंदिर निर्माण कराने का किया है. हम सबके लिए गौरव की बात.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हम सबने रामलला का आशीर्वाद लिया है. कांग्रेस के मित्रों से दो सवालों का जवाब चाहता हूं. पहला, कांग्रेस के लोगों ने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने का काम किया, इस पर क्या कहेंगे ? दूसरा, श्रीराम मंदिर के लोकार्पण समारोह का बहिष्कार करके क्या मैसेज दिया ?. इन दो सवालों का जवाब कांग्रेस पहले दे फिर सवाल करे?.
राम के शरण में साय सरकार : छत्तीसगढ़ के CM अपने मंत्रिमंडल के साथ पहुंचे अयोध्या, रामलला के किए दर्शन
अयोध्या। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल के साथ आज अयोध्या पहुंचे. उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रामलला के दर्शन किए.
मुख्मयंत्री विष्णुदेव साय ने रामलला के दर्शन कर भगवान राम को बेर की पोटली अर्पित की. साथ ही छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना की. सीएम साय ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे, सह्स्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने, अवधपुरी धाम में छत्तीसगढ़ के भांचा, प्रभु श्री रामलला के दर्शन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ. दशरथ नंदन श्रीराम से 3 करोड़ छत्तीसगढ़वासियों के खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की.
करोड़ों सनातनियों की आस्था को मिला बल – CM साय
सीएम साय ने लिखा कि श्री रामलला के चरणों में माता शबरी की पवित्र धरती शिवरीनारायण के बेर, जल, महुआ का फल, विष्णुभोग चावल, कोसा वस्त्र, करी लड्डू, अनरसा और सीताफल अर्पित किया. प्रभु श्रीराम के साक्षात दर्शन पाकर धन्य महसूस कर रहा हूं, साथ ही अलौकिक आनंद की अनुभूति हो रही है. सियावर रामचंद्र की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे. यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पित प्रयासों से इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है, जिससे करोड़ों सनातनियों की आस्था को बल मिला है. इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय का भी सानिध्य प्राप्त हुआ. जय श्री राम.
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने कही ये बात
सीएम साय के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी मौजूद है. ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदू किसी सेट का नाम नहीं है. यह एक विचार है. जिसे मानने वाला हर व्यक्ति, चाहे वह किसी मजहब का हो, अयोध्या धाम की माटी छूना उसके लिए सौभाग्य की बात है. ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान रामलला का ननिहाल है. वहां माता कौशल्या का मंदिर है. मैं सौभाग्यशाली समझता हूं कि यहां आने का मौका मिला.
जे.आर. दानी स्कूल को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी सौगात, सभागार निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा
रायपुर। समग्र रूप से, छात्राओं की शिक्षा न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को सुधारती है बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना हम सभी की अहम जिम्मेदारी है यह बात रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को जे आर दानी में कही।
बृजमोहन अग्रवाल जे.आर. दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय के शाला प्रवेश उत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ बृजमोहन अग्रवाल ने स्कूल परिसर में पूज्यनीय माता जी की स्मृति में 'एक पेड़ मां के नाम' लगाकर किया। अपने संबोधन की शुरुवात बृजमोहन अग्रवाल ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के साथ की उन्होंने कहा कि, मां के नाम पर पेड़ लगाना, मां की सेवा, त्याग, प्रेम और उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करने का एक तरीका है। यह एक स्थायी स्मारक है जो मां के प्रति सम्मान और प्रेम को दर्शाता है।
"एक पेड़ मां के नाम" न केवल पर्यावरण और समाज के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह व्यक्तिगत और भावनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि हमारी सबसे ज्यादा चिंता करने वाली और हमें सबसे ज्यादा प्यार देने वाली मां होती है। यह धरती भी हमारी मां है जिसको बचाना हम सबका कर्तव्य है। आज ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे इंसानों के साथ-साथ यहां रहने वाले पशु पक्षियों के ऊपर भी खतरा मंडराने लगा है। और इससे बचने का एकमात्र तरीका है कि हम ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर इस पृथ्वी को बचा सके। उन्होंने छात्राओं से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और दूसरों को भी पौधा लगाने के लिए प्रेरित करने का आहृवाहन किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, जे आर दानी स्कूल पूरे छत्तीसगढ़ में लड़कियों का सबसे उत्कृष्ट स्कूल है और आप सभी सौभाग्यशाली है कि आपको यहां पर पढ़ने का मौका मिल रहा है। यहां की पढ़ी हुई छात्राएं आज देश दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रही हैं। यह स्कूल केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्रों के बहुमुखी विकास को ध्यान में रखते हुए काम करता है, जिसके कारण यहां की छात्राएं खेल-कूद, गीत-संगीत और दूसरे क्षेत्रों में भी अपना नाम रोशन करती आ रही हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने सालों पहले मंत्री पद पर रहते हुए यहां पर छात्रावास का निर्माण कराया था। जिसका फायदा आज हजारों छात्रों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि, छात्राओं में शिक्षा का महत्व अत्यधिक महत्वपूर्ण है और समाज के संपूर्ण विकास के लिए अनिवार्य है। शिक्षा न केवल व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करती है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति को भी बढ़ावा देती है। शिक्षित महिलाएं अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रखती हैं।वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाती हैं। शिक्षा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करती है।
श्री अग्रवाल ने स्कूल प्रबंधन को नई शिक्षा नीति के तहत काम करने को कहा जिससे छात्राओं का बहुमुखी विकास हो सके और पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास के जरिए भी उनको आत्मनिर्भर बनाया जा सके। श्री बृजमोहन ने स्कूल में सभागार निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल ने 10वीं और 12वीं की मेघावी छात्रों के साथ ही शिक्षा, खेलकूद, संगीत, एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया तथा छात्राओं को गणवेश एवं पुस्तक और साइकिल भी वितरित की। बृजमोहन अग्रवाल के हाथों सम्मान मिलने पर छात्राएं काफी खुश नजर आईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम सुभाष तिवारी ने की, पार्षद डॉ सीमा कंदोई, जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल, प्रभारी प्राचार्य हितेश दीवान, मनोज वर्मा, मृत्युंजय दुबे, सरिता वर्मा, सविता दुबे समेत शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बरसते पानी के बीच पहुंचे बैगा बाहुल्य गांव, उल्टी-दस्त से मौतों पर सरकार को घेरा…
कवर्धा। कबीरधाम जिला के बैगा बाहुल्य क्षेत्र सोनवाही गांव में बीते तीन दिनों में उल्टी-दस्त से दो बैगा आदिवासियों की मौत हो गई थी. मौत की सूचना पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल बरसते बारिश में सोनवाही पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर नाकामी का आरोप लगाया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वनांचल क्षेत्र के ग्राम झलमला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से मरीजों के बारे में जानकारी ली. इसके साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने की बात कही. इस दौरान भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा कि ग्राम सोनवाही में 5 बैगा आदिवासियों की उल्टी-दस्त से मौत को जिला प्रशासन छुपाने की कोशिश कर रहा है. सोनवाही गांव में उल्टी-दस्त से मौत होने के बाद स्वास्थ्य कैम्प लगाया, और कल 94 लोगों की स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जिसमें 25 ग्रामीण मलेरिया पॉजिटिव पाए गए है. स्वास्थ्य विभाग मरीजों के घर में ही आज मच्छरदानी वितरण किए, जबकि सोनवाही गांव के सभी घरों में मच्छर दानी वितरण करना चाहिए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता जिले के बैगा बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग, पीएचई को पानी का सेंपल लेकर जांच किया जाना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते ग्राम सोनवाही में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की मौत हो रही है.
जिले के बदले गए डीईओ, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
बलौदाबाजार। शिक्षा विभाग में प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय का रायगढ़ तबादला किया गया है. वहीं अब जिले में शिक्षा विभाग की कमान विजय कुमार लहरे संभालेंगे. इसका आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया है. बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी बनने से पहले विजय लहरे नवागढ़ जांजगीर चांपा में बीईओ थे.
’धरती माँ का श्रृंगार और हरियाली का जतन: एक पेड़ माँ के नाम’
रायपुर। भारतीय संस्कृति में माँ सदैव पूजनीय रही हैं। माँ की महिमा को अलग-अलग धर्मों में विभिन्न तरीकों से वर्णित किया गया है। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों से आह्वान किया है कि आइए माँ के नाम एक पेड़ लगाइए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुधारना और धरती माँ को हरियाली से सजाना है।
भारत भूमि पर पेड़-पौधों का महत्व हमारे धर्मग्रंथों में व्यापक रूप से वर्णित है। जिस तरह अलग-अलग अंचलों में विभिन्न बोली-भाषाओं का चलन है, उसी प्रकार यहाँ विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे भी पाए जाते हैं। प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल को साकार करने के लिए हर व्यक्ति माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाए।
धरती माँ का श्रृंगार हरियाली में निहित है। हमारी धरती को माँ के रूप में माना गया है और माटी को भी माँ का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने अनुपम सौगात दी है, जहाँ लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। सरगुजा संभाग हरियाली का मुकुट धारण किए हुए है और बस्तर अंचल हरियाली के श्रृंगार से सजा हुआ है। यहाँ के मोहला और गरियाबंद के जंगल भी मन को मोह लेते हैं।
इस समय प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के लिए वन विभाग सहित शासकीय, अशासकीय संस्थाओं और समितियों द्वारा पौधारोपण जोर-शोर से किया जा रहा है।
धरती को उर्वरा, मौसम को खुशनुमा, स्वच्छ पर्यावरण, प्रदूषण रहित हवा, जलस्रोत को बढ़ावा और जल-जमीन-जंगल और जीवों के जतन की जिम्मेदारी हम सबकी सहभागिता से पूरी होगी। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को फिर से बेहतर बनाने के लिए हमें ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान में हिस्सेदारी करते हुए पौधे लगाना होगा।
परिवार के हर सदस्य को एक पौधा रोपण करने की आवश्यकता है इनकी देखभाल छोटे बच्चों की तरह देखभाल करनी होगी। जब यह पौधा पेड़ बनेगा, तो यह प्राणवायु के साथ फल देगा, माँ के आँचल की तरह इसके पत्ते लह-लहाएँगे, पेड़ों में चिड़ियों का वास होगा और उनकी चह-चहाहट सुनने को मिलेगी। इससे वर्तमान और नई पीढ़ी पेड़-पौधों की महत्ता को समझ सकेगी।
आओ, हम सब मिलकर इस पहल में भाग लें और धरती माँ को हरियाली का श्रृंगार पहनाएँ। एक पेड़ माँ के नाम लगाकर हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएँ। इससे न केवल धरती हरी-भरी होगी, बल्कि हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
राम मंदिर में गूंजा नारा, छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम
रायपुर। अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में श्री रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान श्री राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी। वही साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा आज पूरी हो गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित उनके कैबिनेट के सदस्यों ने आज अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भाँचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर तथा पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू तथा कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रभु श्री राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए आज अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं।
फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है। हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे।
उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूँ। रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश के बहुत से श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ ले चुके हैं। उन सबसे श्रीरामलला के भव्य मंदिर और उनकी मंजुल मूर्ति की प्रशंसा सुनकर मन बहुत प्रसन्न होता था। आज हमें भी रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के कैबिनेट के सहयोगी उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही किरण देव, अजय जामवाल एवं पवन साय भी मौजूद रहे।
डायरिया से 5 बैगा आदिवासियों की मौत, मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने बनाई कमेटी
रायपुर। कवर्धा जिले में डायरिया से बैगा आदिवासियों की मौत मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने जांच कमेटी गठित की है. डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू के नेतृत्व में 7 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है. यह कमेटी गांव का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेंगे.
जांच कमेटी में विधायक इंद्रशाह मंडावी, जनकध्रुव, पूर्व विधायक ममता चंद्राकर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष होरी राम, नेता महेश चंद्रवंशी, नीलकंठ चंद्रवंशी शामिल हैं. बता दें कि सोनवाही और बोड़ला में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है. डायरिया से 5 बैगाओं की मौत हुई है.
एक पेड़ मां के नाम : कलेक्टर दीपक सोनी ने आंगनबाड़ी केंद्र में मां के नाम लगाया आम का पौधा…
बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी आज ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अंतर्गत ग्राम सोनपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में अपनी मां सुमन सोनी के नाम आम का पौधा लगाया. इसके साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटी अरायना एवं अनाइशा के नाम आवला व बरगद के पौधे लगाए. इस दौरान उन्होंने महिलाओं और बच्चों को जल संचय के लिए शपथ भी दिलाई.
कलेक्टर दीपक सोनी का ग्राम सोनपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचने पर बच्चों ने गुलदस्ते के साथ स्वागत किया. केंद्र में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से केंद्र में मिलने वाले पूरक पोषण आहार, कुपोषित बच्चों की संख्या आदि की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने खेल-खेल में पढ़ाई के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने के लिए पालकों को जागरूक करने कहा.
कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाए जा रहे है. इसी तारतम्य में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटियों के सम्मान में भी पौधे लगाए जा रहे है. उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे भी अपनी मां और बेटियों के नाम से पौधे जरूर लगाएं.
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी टिकवेन्द्र जाटवर, सहायक जिला अधिकारी आदित्य शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने 21 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के 21 जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. अगले 24 घंटे उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, बलरामपुर और जशपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट एवं 19 जिलों में 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
जशपुर, सूरजपुर, गौरेला पेंड्रा मारवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़, बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के कुछ स्थान के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
प्रदेश में अब तक औसत से 31 फीसदी कम हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कोरबा जिले में 95 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई है. वहीं सरगुजा जिले में 75.7 मिमी, बलरामपुर जिले में 70, दंतेवाड़ा में 63.1, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 47.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश में अब तक औसत से 31 फीसदी बारिश कम हुई है.
केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया तथा वित्तआयोग के सदस्यों को स्वामी विवेकानंद विमानतल पर स्मृति चिन्ह भेंट कर दी गई बिदाई
रायपुर। वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया तथा आयोग के अन्य सदस्यों को नई दिल्ली रवाना होने के पहले रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर प्रतीक चिन्ह भेंट कर बिदाई दी गई। इस अवसर पर वित्त सचिव मुकेश बंसल, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगरीय विकास विभाग के संचालक कुंदन कुमार, वित्त कोष लेखा विभाग के संचालक महादेव कावरे सहित अन्य अधिकरी उपस्थित थे।
16 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष सहित सदस्यों ने पंचायत प्रतिनिधियों से की चर्चा
रायपुर। 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और आयोग के सदस्यों ने पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए पंचायतों के तेजी से समग्र विकास का खांका खींचा। बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
पंचायत प्रतिनिधियों के सुझावों पर वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री पनगढ़िया ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग का कार्यकाल 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेगा l इस अवधि को ध्यान में रख कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरुप हमें विकास की आगामी कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने बस्तर के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जो सुझाव दिए गए हैं, वे सभी वित्त आयोग के कार्यक्षेत्र से संबंधित हैं तथा इन पर निश्चित ही कार्यवाही की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जनसरोकार से जुड़े ऐसे मुद्दों पर बात की गई, जिनका यथासंभव समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि 15 वें वित्त आयोग अन्तर्गत 90 प्रतिशत जनसंख्या एवं 10 प्रतिशत क्षेत्रफल के आधार पर आवंटन जारी किया जाता है। बस्तर जिला अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में आश्रित ग्राम एवं पारा दूर-दूर तक फैले हुए हैं, इस कारण क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए 16 वें वित्त आयोग अन्तर्गत 70 प्रतिशत जनसंख्या एवं 30 प्रतिशत क्षेत्रफल के आधार पर आबंटन प्रदाय किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा हमारा बस्तर संस्कृति से भरपूर है,चाहे देवगुड़ी हो. मेला, मंडई हो. बस्तर में इसकी अत्यधिक मान्यता है। इसे ध्यान में रखते हुए देवगुड़ी, मेला, मंडई एवं खेलकूद क्षेत्र के लिए भी आबंटन का प्रावधान किया जाना चाहिए। बस्तर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप ने कहा बस्तर में पेसा एक्ट लागू होने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। 16 वें वित्त आयोग अन्तर्गत जनसंख्या, क्षेत्रफल के साथ-साथ नक्सल एवं पेसा जिले को अतिरिक्त आबंटन प्रदान करने की बात कही। साथ ही बस्तर की अधिकांश आबादी इन वन क्षेत्र में रहती है तथा अधिकांश आदिवासियों के आय का मुख्य स्त्रोत लघु वनोपज होता है। लघु वनोपज की सामग्री को वैल्यू एडिशन कर सह उत्पाद की श्रेणी में लाने की व्यवस्था करने हेतु अतिरिक्त आबंटन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
इसके साथ ही अन्य पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा बस्तर जिले में पथरीली एवं पहाड़ी जमीन को देखते हुए कृषि एवं सिंचाई क्षेत्र में कार्य करने के लिए, पेयजल एवं स्वच्छता के सेक्टर की बाध्यता को समाप्त कर अन्य 09 थीम से सेक्टर चुनने की स्वतंत्रता प्रदान करने, ऑनलाईन भुगतान प्रणाली के सरलीकरण, किसानों को सामूहिक फेंसिंग एवं नलकूप की स्थापना हेतु सहायता प्रदान करने, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता देने, ग्राम पंचायतों में अधोसंरचनाओं के विकास हेतु आश्रित ग्रामों के आधार पर आबंटन प्रदान करने के संबंध में सुझाव दिए गए। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अंचल के जनजाति संस्कृति के आस्था केन्द्र देवगुड़ी, मातागुड़ी, मृतक स्मारकों का संरक्षण करने, पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विकास करने के संबंध में भी सुझाव दिए गए। इसके साथ ही आधुनिक सूचना तकनीक के माध्यम से लोगों को त्वरित सेवा प्रदान करने के लिए भी आवश्यक उपकरण एवं मानव संसाधन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए भी गए। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरदाज पी ने इस दौरान वामपंथियों से हुई जनहानि के साथ ही क्षेत्र के विकास में पड़े विपरीत प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने इसके साथ ही इस समस्या के निदान के लिए बनाई गई रणनीतियों के संबंध में भी बताया तथा क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, मूलभूत संरचना के लिए तेजी से कार्य किए जाने हेतु अतिरिक्त आर्थिक सहायता के संबंध में आयोग के समक्ष अपनी प्रस्तुति दी।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने इस अवसर पर बस्तर की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक परिस्थितियों से अवगत कराते हुए वामपंथी उग्रवाद, तकनीकी, प्रशासनिक, आर्थिक भौगोलिक चुनौतियों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने पंचायतों के आय के रुप में वित्त आयोग के अनुदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इसके साथ ही विगत वित्त आयोगों की राशि से बस्तर में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के संबंध में जानकारी भी दी तथा बस्तर में तेजी से विकास हेतु मानव संसाधन, सूचना तकनीकी उपकरण, अंचल के लिए विशेष सहायता तथा जनजातीय कल्याण के कार्य को प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया।
अध्यक्ष ने प्रजेंटेशन की प्रशंसा कर व्यवस्थाओं को सराहा
केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया ने जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रजेंटेशन पूरी तरह से स्थानीय आधारभूत जरुरतों पर केंद्रित कर तैयार किया गया था। प्रजेंटेशन से बस्तर को समझने के साथ ही विकास के आगे बढ़ाने वाले कदमों की जानकारी भी मिलती है। इसके साथ ही उन्होंने आउटकम डाटा को भी जिला स्तर में संग्रहण संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने इसके साथ ही आयोग के अध्ययन भ्रमण हेतु बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इस दौरान जिला प्रशासन तथा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता को बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कलेक्टोरेट परिसर में किया वृक्षारोपण
इस अवसर पर 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया सहित उपस्थित सदस्यों ने कलेक्टोरेट परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। यहां आम, कदम, खम्हार आदि पौधे लगाए गए। इस दौरान आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पाण्डा, डॉ.सौम्यकांति घोष तथा आयोग के सचिव ऋत्विक पाण्डेय, संयुक्त सचिव कमल कुमार मिश्रा, संयुक्त संचालक राघवेन्द्र सिंह, कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैगा बाहुल्य गांवों में डायरिया, मलेरिया और मौसमी बीमारियों रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा कल शुक्रवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम सोनवाही पहुंचकर ग्रामीणों सहित पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम सोनवाही में 10 जुलाई को हुई दो ग्रामीणों की आकस्मिक मृत्यु पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने ग्राम सोनवाही के आदिवासी बालक छात्रावास में बनाए गए अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जिस तरह से प्रधानमंत्री जनमन योजना पर जिस तरह से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उस पर तेजी से कारवाई करते हुए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि वनांचल सहित मैदानी क्षेत्रों में मौसमी बीमारी, डायरिया, उल्टी दस्त और जलजनित बीमारियों का संक्रमण न हो इसके लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने की जरूरत है। उन्हांने कलेक्टर को वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और और मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सुदूर वनांचल क्षेत्र चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल के शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमएफ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनांचल सभी गांवों में स्वास्थ्य शिविर, जल स्त्रोतो का क्लोनिशेन कराने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पूरे घटना की विस्तृत जानकारी भी ली। कलेक्टर श्री महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 10 जुलाई को दो ग्रामीणों की मौत हुई है। पांच ग्रामीणों की मृत्यु होने की बात सामने आई थी। इस विषय पर बोड़ला एसडीएम और सीएमएचओ को जांच और घर-घर पहुंच कर सर्वें करने के निर्देश दिए गए थे। सोनवाही में जो पांच ग्रामीणों की मौत की खबर थी, वह अलग-अलग कारणों से और अलग-अलग जगह में हुई है। सभी का मृत्यु का कारण डायरिया या उल्टी-दस्त नहीं हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि 10 जलाई को गांव में दो ग्रामीणों की मृत्यु होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला के चिकित्सक और स्वास्थ्य अमला 10 जुलाई को पहुंचकर गांव के आदिवासी बालक आश्रम छात्रावास में अस्थायी रूप से अस्पताल बनाया गया और वहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू किया गया। दूसरे दिन 11 जुलाई को कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तर और चिल्फी के और अतिरिक्त स्वास्थ्य टीम को भेजकर ग्राम सोनवाही में तैनात किया गया।
सीएमएचओ डॉ राज ने बताया कि 10 जुलाई को गांव के सोनसिंह पिता ईतवारी उम्र लगभग 45 वर्ष और एक महिला श्रीमती फूलबाई पति मंगल सिंह उम्र लगभग 35 वर्ष की मृत्यु की सूचना मिली। ग्रामीणों के मुताबिक सोनसिंह अपने खेत से काम कर घर लौटा था, उन्होंने अपने तबियत खराब होने की जानकारी अपने घर वालों को दी। इसके बाद उन्होने उल्टियां शुरू हुई और तीन से चार घंटे के दौरान उनकी घर पर ही हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक इसी प्रकार महिला फूलबाई की मृत्यु भी उल्टी से हुई। दो ग्रामीणों की अकास्मिक मृत्यु के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की गई। जांच और पूछताछ के प्रथम दृष्टयता में जहरीले मशरूम से फूड पायजिनिंग की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों से पूछताछ और चर्चा के दौरान तीन और ग्रामीणों की मौत की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों के मुताबिक 8 जुलाई को सुरेश कुमार की मृत्यु अज्ञात करणों से हुई है। इसी प्रकार 8 जुलाई लिलेश्वरी पति पुसु राम की मृत्यु मध्यप्रदेश के ग्राम लालखार में हुई है। ग्राम सोनवाही मृतक का ससुराल था। जचकी होने के बाद उनके परिवार के लोग अपने घर लालखार ले गए, वहां उनकी मृत्यु हुई है। 4 जुलाई को शांति बाई पति राजकुमार की मृत्यु सहसपुर लोहारा के पड़की पारा में हुई है। मृतक महिला का ससुराल ग्राम सोनवाही था। ग्रामीणों द्वारा इन सभी की मौत को उल्टी-दस्त या डायरिया से बताई जा रही थी। सभी मृतकों की मृत्यु की वजह अलग-अलग है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य केन्द्र का किया निरीक्षण, उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के दिए निर्देश
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 194 घर है, जिसकी कुल आबादी 580 है। इस गांव में 12 कुंआ और 02 हैंडपंप है। एक मितानिन भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बिमारी के लक्षण मिलने पर गांव में लोगों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। 11 जुलाई को 194 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें 08 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया। इनमें 07 लोगों को मौसमी बुखार के लक्षण और 01 को उल्टी हो रही थी। जांच के दौरान 19 मलेरिया पॉजिटीव पाए गए। इसी प्रकार 12 जुलाई को 144 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें 12 को मौसमी, सर्दी बुखार के लक्षण पाए गए है, जिनक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान 10 मलेरिया पॉजिटीव पाएं गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के निर्देश दिए।
जयसिंह के वर्षों का घर बनाने का सपना हुआ साकार, पक्के मकान में एकल बत्ती कनेक्शन की दी गई सुविधा
रायपुर। अपने खुद के घर का सपना सभी देखते हैं। स्वयं का एक पक्का मकान हो, जिसमें वह परिवार के साथ सुख से जीवन यापन करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में इस दिशा में बेहतर कार्य करते हुए सुकमा जिले में जरुरतमंदों के लिए पीएम आवास योजना के तहत पहली प्राथमिकता के साथ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसके परिणामस्वरुप पूरे सुकमा जिले में तेजी से पीएम आवास योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। पीएम आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के तहत हजारों लाभार्थियों को बकाया किश्त जारी होने के बाद अब अधिकांश लोगों का मकान पूर्ण हो गया है।
सुकमा जिले के जनपद पंचायत छिन्दगढ़ के ग्राम पंचायत किन्दरवाड़ा निवासी लाभान्वित हितग्राही जयसिंह उर्फ राजूराम ने बताया कि पहले अपने परिवार में पत्नी श्यामबती नाग और पुत्र अमित नाग के साथ पुराने कच्ची छत और मिट्टी की दीवार वाले झोपड़ी में रहते थे। जिसमें रहने के लिए परिवार के साथ काफी कठिनाई का सामना करना पडता था, कच्ची छत होने के कारण हमेशा बारिश के समय छत से पानी टपकने के कारण हम पूरे परिवार कई रात ठीक से सो भी नहीं पाते थे। उन्होंने बताया कि हमारी आय खेती एवं गांव में ही मजदूरी पर निर्भर है। साीमित आय होने के कारण आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम पक्का बना पाये। उन्होंने बताया कि गांव में ही ब्लॉक कोर्डिनेटर नेहा मंडावी ने पीएम आवास के बारे में जानकारी दी।
हितग्राही श्री जयसिंह ने बताया कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास की स्वीकृति पश्चात् देखते ही देखते पूरी किश्त मिलने से हमारे बरसों का घर बनाने का सपना पूरा हुआ। अपने पक्के आवास का निर्माण कर लिया एवं अपने पक्के मकान में मनरेगा से मजदूरी भुगतान पाए साथ ही स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत एकलबत्ती कनेक्शन से बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मिली है। पक्के मकान में अपने परिवार के साथ खुशी से जीवन यापन करते हैं। श्री जयसिंह ने स्वयं के पक्के आवास में निवास कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद व्यक्त किया।