रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुसार वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पेरी-अर्बन ग्रामों एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में लागू वर्ग मीटर दर को पूर्णतः समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में भूमि का मूल्यांकन केवल हेक्टेयर दर के आधार पर किया जाएगा। इस फैसले से आम नागरिकों, किसानों और भू-धारकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
पूर्व व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 500 वर्ग मीटर तक की भूमि का मूल्यांकन वर्ग मीटर दर से तथा 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि का मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जाता था। चूंकि वर्ग मीटर दर, हेक्टेयर दर की तुलना में अधिक होती थी, इसलिए कम क्षेत्रफल वाली भूमि पर अधिक मूल्य और मुआवजा देय हो जाता था, जबकि बड़े क्षेत्रफल की भूमि पर अपेक्षाकृत कम। यह एक बड़ी विसंगति थी, जिसे समाप्त करते हुए सरकार ने अब सभी ग्रामीण भूमि के लिए एक समान हेक्टेयर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था लागू की है।
इस निर्णय से भू-अर्जन प्रकरणों में अब भूमि के वास्तविक क्षेत्रफल के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा। उदाहरण के तौर पर बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्र देवारभाट में पूर्व व्यवस्था के तहत 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 9 लाख 25 हजार रुपये किया जाता था, जबकि 1000 वर्ग मीटर (0.10 हेक्टेयर) भूमि का मूल्यांकन केवल 3 लाख 67 हजार रुपये होता था। नई व्यवस्था में वर्ग मीटर दर समाप्त होने के बाद 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 6 लाख रुपये तथा 1000 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 12 लाख रुपये किया जा रहा है, जो पूरी तरह तर्कसंगत और न्यायसंगत है।
वर्ग मीटर दर समाप्त होने से स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी आई है। भूमि का मूल्यांकन अब वास्तविक और किफायती दरों पर होने से रजिस्ट्री की कुल लागत घट रही है। इससे ग्रामीण एवं पेरी-अर्बन क्षेत्रों में भूमि खरीदना आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ हो गया है।
उप पंजीयक कार्यालय बालोद में 9 अक्टूबर 2025 को पंजीकृत एक दस्तावेज के अनुसार ग्राम देवारभाट में 15 डिसमिल भूमि के पंजीयन में पूर्व व्यवस्था के तहत बाजार मूल्य 7 लाख 90 हजार रुपये आंका गया था, जिस पर 74 हजार 900 रुपये स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क देय था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उसी भूमि का बाजार मूल्य 4 लाख 80 हजार रुपये निर्धारित हुआ और पक्षकारों द्वारा मात्र 45 हजार 500 रुपये स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क अदा किया गया। इस प्रकार संबंधित पक्षकारों को सीधे 29 हजार 400 रुपये का लाभ हुआ।
सरकार के इस फैसले से किसानों, भू-धारकों और आम खरीदारों को अनावश्यक अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि लागत कम होने से रियल एस्टेट, आवास निर्माण और विकास कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण से नियमों की जटिलता कम हुई है और आमजन के लिए प्रक्रिया अधिक सहज एवं पारदर्शी बनी है।
राज्य सरकार का यह निर्णय ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी जनता के हित में दूरगामी प्रभाव वाला कदम है, जिससे हजारों लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। सरकार का उद्देश्य भूमि एवं आवास से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुलभ, किफायती और जनकल्याणकारी बनाना है और यह सुधार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
रायपुर। बस्तर ओलंपिक का आज भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि रहे। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह ओलंपिक ऐतिहासिक रूप से अत्यंत सफल रहा है। उन्होंने बताया कि विकासखंड स्तर पर लगभग एक लाख, जिलेवार दस हजार और ओलंपिक स्तर पर तीन हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य बस्तर के युवाओं को खेल के माध्यम से मंच प्रदान करना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करना था।
समारोह के शुभारंभ में पद्मश्री मैरीकॉम ने खिलाड़ियों को उत्साहित किया, जबकि समापन में बाईचुंग भूटिया ने उन्हें अपने अनुभव साझा करते हुए खेल की महत्ता और अनुशासन की अहमियत बताई। भूटिया ने कहा कि बस्तर ओलंपिक ने क्षेत्रीय खिलाड़ियों में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने बस्तर के उत्कृष्ट खेल अकादमियों को आमंत्रित किया और खिलाड़ियों के भविष्य में उनकी प्रतिभा निखारने के लिए सहयोग देने की बात कही।
पूर्व कप्तान ने यह भी बताया कि उन्होंने बस्तर में नक्सलवाद के कारण पिछले संघर्षों की कहानियां सुनी थीं, लेकिन वहां आकर खिलाड़ियों में उत्साह और सकारात्मक बदलाव देख कर बेहद प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि अब यहां के कुछ पूर्व नक्सली खेल के माध्यम से अपनी ताकत और क्षमता दिखा रहे हैं।
भूटिया ने खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल में भेदभाव नहीं होता, सभी समान होते हैं और यह युवाओं के विकास का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने जीवन में अनुशासन, मेहनत और समर्पण के अनुभव साझा किए, ताकि युवा खिलाड़ी खेल के माध्यम से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनें।
बस्तर ओलंपिक ने इस क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास जगाने का काम किया है। अधिकारियों ने बताया कि खेल प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जमीनों के डायवर्सन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अब घर बैठे अपने जमीनों का ऑनलाइन डायवर्सन करा सकेंगे। भूमियों के डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की आश्वयकता नहीं है। इसकी अधिसूचना राजस्व विभाग ने राजपत्र में प्रकाशित कर दी है।
नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्र, नगर निगम एवं नगर पालिका की बाह्य सीमाओं से 5 किमी क्षेत्र, नगर पंचायत क्षेत्रों, नगर पंचायत की बाह्य सीमाओं से 02 किमी के क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भूमियों के डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की आश्वयकता नहीं है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित रीति से उक्त भूमियों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस नई ऑनलाइन व्यवस्था से डायवर्सन प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और आसान हो जाएगी। अब गांव से लेकर शहर तक किसानों और भूमि स्वामियों को एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत जमीन का डायवर्सन कराने के लिए भूमि स्वामी को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ क्षेत्र के अनुसार तय भू-राजस्व और प्रीमियम दर का ऑनलाइन भुगतान भी करना होगा। आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम के पास ऑनलाइन ही पहुंचेगा। नियम के मुताबिक एसडीएम को 15 दिनों के भीतर डायवर्सन आदेश जारी करना अनिवार्य होगा।यदि तय समय में आदेश जारी नहीं किया गया तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम से आदेश जारी होकर डायवर्सन स्वतः मान्य हो जाएगा।
एसडीएम दफ्तर के चक्कर से मिलेगी राहत
अब तक डायवर्सन की प्रक्रिया लंबी और जटिल मानी जाती थी। आवेदन के बाद एसडीएम को आदेश जारी करने के लिए 60 दिन तक का समय मिलता था, फिर भी लोगों को बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था। इसी कारण राज्य में डायवर्सन के हजारों प्रकरण लंबित हैं। नई ऑनलाइन व्यवस्था से न सिर्फ लंबित मामलों में कमी आएगी, बल्कि अघोषित लेन-देन पर भी रोक लगने की उम्मीद है।
प्रीमियम दरें होंगी लागू
नए सिस्टम में डायवर्सन के लिए प्रीमियम दरें तय की गई हैं, जो लगभग 3 रुपए प्रति वर्गमीटर से लेकर 25 रुपए प्रति वर्गमीटर तक होंगी। ये दरें नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग होंगी। साथ ही आवासीय, कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा सुविधाएं और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के अनुसार भी अलग-अलग प्रीमियम दरें लागू होंगी।
रायपुर। स्टेट GST की टीम ने बिलासपुर में 3 बड़े कोल कारोबारी महावीर कोल वाशरी, फिल कोल, पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, कारोबारियों ने 27 करोड़ रुपए जीएसटी टीम को सरेंडर किया है। इसमें महावीर कोलवाशरी ने 10 करोड़ रुपए सरेंडर किया है। बता दें कि महावीर कोलवाशरी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे के ससुराल से जुड़ा है।
कारोबारियों के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी टीम की जांच अभी भी चल रही है। लेनदेन और आय का रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। टीम को करोड़ों रुपए के जीएसटी चोरी के खुलासे होने की उम्मीद है. जानकारी के मुताबिक MAHAVIR COAL WASHERIES में VISHAL KUMAR JAIN Director, Arvind kumar Jain Director, Vikash Kumar Jain CEO(KMP), Richa Pahwa Company Secretary, Vinod kumar Jain Whole-time Director हैं।
इसी प्रकार PHIL COAL BENEFICATION PRIVATE LIMITED में LALIT KUMAR JHA Director, PRAVEEN CHANDRA JHA Director और PRADEEP CHANDRA JHA Director हैं. इसी प्रकार PARAS POWER AND COAL BENEFICATION LIMITED में RAHUL SHUKLA Director, PRASHANT KUMAR JAIN Director, SATENDRA KUMAR JAIN Director और SANDEEP KUMAR JAIN Director हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, विधायक विक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।
अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की एक टीम यहां आई है। श्री शाह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। श्री शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।
रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम रेंगालपाली में निर्मित एक करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये की लागत वाले सर्वसुविधायुक्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास एवं प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी की सराहना की।
नव निर्मित विद्यालय भवन को आधुनिक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसमें 9 सुसज्जित कक्षाएँ, स्मार्ट क्लास, दो आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध लाइब्रेरी, प्रिंसिपल एवं स्टाफ कक्ष, बालक-बालिका प्रसाधन कक्ष जैसी प्रमुख सुविधाएँ शामिल हैं। यह भवन 300 से अधिक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराएगा।
उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विकसित भारत की मजबूत नींव- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गुणवत्ता-सम्पन्न शिक्षा ही उन्नत समाज और विकसित भारत का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हों। रायगढ़ जिला शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यालय विकास में मिले एचडीएफसी बैंक के सीएसआर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में जितने शैक्षणिक और विकासात्मक कार्य हुए हैं, उतने एक साथ कई वर्षों में नहीं हो पाए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया और उन्हें कैरियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अमित कश्यप ने भवन निर्माण की लागत, संरचना और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष पुसौर हेमलता चौहान, हेमालिनी गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष मानी सतपथी सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रायपुर। अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा
नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं।
वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से
तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते दो वर्ष शासन के नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जनसहभागिता के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में से एक रहा, क्योंकि इस दौरान उन्हें प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने और उनकी अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के हर कोने तक विकास की रोशनी पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। किसानों की मेहनत को सम्मान दिलाने के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके। कृषि को लाभकारी और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए नई भर्तियों, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए हैं। रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। जिन क्षेत्रों में कभी उम्मीदें धुंधली थीं, वहाँ अब विकास की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं। बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए भी सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे हर परिवार में आत्मविश्वास का वातावरण बना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि आज शासन जनता के और अधिक निकट आया है। प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी घटकर सहभागिता में बदल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास, स्थिरता और सुशासन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, परिश्रम और विश्वास से सरकार का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है और छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची गारंटी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और तेज़ गति से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक युवा को अवसर, किसान को गर्व और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि शासन सदैव उसके साथ खड़ा है।
जशपुर। जशपुर जिले में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एल्यूमिनियम पाउडर से लदी एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई. घटना पत्थलगांव थाना क्षेत्र के एनएच-43 स्थित सुखरापारा की है. ट्रक ओडिशा से उत्तर प्रदेश की ओर जा रही थी.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी. आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया. समय रहते आग बुझा लिए जाने से बड़ा नुकसान और जनहानि टल गई.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
रायपुर। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई, जब विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों के 86 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 9 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 146 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सभी उपाधि प्राप्त शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नवाचार की सदी है और शिक्षा को जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बनाना होगा। विश्वविद्यालय द्वारा ज्ञान, संस्कार और नवाचार का जो प्रसार किया जा रहा है, वह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्राध्यापकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन–2047 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि श्री वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया तथा अपने करकमलों से शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उपाधियां, स्वर्ण पदक एवं डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन विश्वविद्यालय की डायरेक्टर शालिनी चंद्राकर ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एल. तिवारी, मैनेजिंग डायरेक्टर जय चंद्राकर, कुल सचिव बी.के. सक्सेना, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक, शोधकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रायपुर। दिल्ली में कल कांग्रेस वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली निकालेगी, जिसमें शामिल होने पीसीसी चीफ दीपक बैज दिल्ली रवाना हुए। बैज ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, 14 दिसंबर को रामलीला मैदान पर रैली होगी। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया और प्रियंका गांधी समेत देशभर से तमाम बड़े नेता शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ से 5 हजार कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे।
SIR के विरोध में कांग्रेस उतरी है। इस पर बीजेपी के आरोप पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा, घुसपैठिए कहां से आए, कैसे आए, पहले यह बताएं भाजपा। केंद्र में बीजेपी की सरकार फिर घुसपैठिए कैसे आए। जहां-जहां चुनाव वहां घुसपैठिए के नाम पर नौटंकी की जा रही। बिहार में घुसपैठिए खत्म हो गए, अब असम बंगाल में रहेंगे। घुसपैठियों के नाम पर विपक्षियों के वोटर्स के नाम काटे जा रहे। गुलाब कमरो का नाम महेंद्रगढ़ से काटकर रायगढ़ में जोड़ दिए। बिलासपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष का नाम भिलाई में जोड़ रहे। यह सब साजिश है।
सीएम के बयान पर बैज बोले – कांग्रेस खून पसीने से सींची हुई पार्टी
कांग्रेस ने विजन 2047 की चर्चा को लेकर विधानसभा सत्र की कार्रवाई का बहिष्कार करने की घोषणा की है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस खून पसीने से सींची हुई पार्टी है। कांग्रेस चुनाव में हार या प्रताड़ना से नहीं डरती है। लोग अभी भूख से मर रहे, लेकिन चर्चा 2047 की होगी। 2047 तक आप खुद रहेंगे या नहीं यह तय कर लीजिए।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और सफलता मिली है. यहां दो सक्रिय नक्सलियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी का सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. दोनों मूल रूप से बस्तर जिले के निवासी हैं और वर्ष 2010 से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे. इस दौरान वे 10 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं.
अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सलियों ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया है. आत्मसमर्पण के बाद वे अब मुख्यधारा में जुड़कर नया जीवन शुरू करेंगे. पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की पुनर्वास प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख कोल कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई महावीर कोल वाशरी, फिल कोल और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन नामक कंपनियों से जुड़े कुल 11 ठिकानों पर की गई। छापेमारी स्टेट जीएसटी कमिश्नर मुकेश बंसल के निर्देश पर रायपुर से आई विशेष टीम द्वारा की गई, जिसने बिलासपुर में कार्यालय, आवास, कोल वाशरी और प्लांट सहित विभिन्न स्थानों पर जांच की।
जानकारी के अनुसार, 12 दिसंबर की सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई देर रात तक चली। अधिकारियों ने तीनों कारोबारियों के लेन-देन, आय-व्यय, टैक्स रिटर्न, इनवॉइस और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद महावीर कोल वाशरी द्वारा 10 करोड़ रुपये की राशि सरेंडर किए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं, फिल कोल और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के ठिकानों पर जांच अभी भी जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कोल मिक्सिंग और अन्य प्रक्रियाओं में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की हेराफेरी के संकेत मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि कारोबारी टैक्स बचाने के लिए फर्जी खरीद-बिक्री, गलत इनवॉइसिंग और मात्रा में गड़बड़ी जैसे तरीकों का सहारा ले रहे थे। स्टेट जीएसटी विभाग का मानना है कि टैक्स चोरी का यह मामला करोड़ों रुपये का हो सकता है, हालांकि वास्तविक आंकड़े विस्तृत जांच और मात्रा के मिलान के बाद ही सामने आएंगे।
एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे- विक्की जैन के परिवार में भी छापा
महत्वपूर्ण बात यह है कि महावीर कोल वाशरी का नाम चर्चित अभिनेत्री अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे यह मामला और भी सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, इस संबंध में जीएसटी अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है।
अधिकारियों का कहना है कि तीनों कारोबारी लंबे समय से स्टेट जीएसटी विभाग की डायरेक्ट निगरानी में थे। उनके कारोबार का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ है। जब कारोबार से होने वाली आय की तुलना में जमा किए गए टैक्स में भारी अंतर पाया गया, तब रायपुर मुख्यालय से टीम को सीधे बिलासपुर भेजकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान अधिकारियों ने कोयले में मिक्सिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तत्वों की खरीदी और बिक्री से संबंधित सभी दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। फिलहाल इन तत्वों की घोषित मात्रा और वास्तविक उपयोग के बीच मिलान नहीं हो सका है। विभाग का कहना है कि मात्रा का सही आकलन होने के बाद टैक्स चोरी की वास्तविक रकम सार्वजनिक की जाएगी।
स्टेट जीएसटी की टीम शनिवार, 13 दिसंबर को भी सभी ठिकानों पर जांच में जुटी रही। रायपुर से आए अधिकारी दो दिनों से बिलासपुर में डटे हुए हैं और अलग-अलग टीमों द्वारा व्यापार विहार, लिंक रोड स्थित ऑफिस, वाशरी और प्लांट में जांच की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से न केवल बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा होगा, बल्कि अन्य कारोबारियों के लिए भी यह एक कड़ा संदेश साबित होगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो साल उपलब्धियों से भरे रहे हैं. किसानों, युवाओं, महिलाओं, भूमिहीनों और गरीबों सहित हर वर्ग के सपनों को साकार करने का काम किया गया है. मोदी की गारंटी को जमीन पर उतारा गया है और जिस संकल्प के साथ सरकार बनी थी, उसे लगातार पूरा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है.
बता दें, सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करने का निर्णय लिया गया था. बीते दो वर्षों में सरकार ने विकास, सुशासन और जनकल्याण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कई अहम फैसले किए हैं. दो साल पूरे होने के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है.
विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर डिप्टी सीएम साव का बयान
वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर डिप्टी सीएम ने बताया कि रविवार से शीतकालीन सत्र की शुरुआत होगी. इस सत्र में ‘विजन 2047’ पर विशेष चर्चा होगी, वहीं ‘वंदे मातरम्’ पर भी चर्चा संभावित है. विजन 2047 पर विपक्ष के बहिष्कार को लेकर उन्होंने कहा कि बहिष्कार विपक्ष का निजी निर्णय है. विधानसभा चर्चा और संवाद का मंच है, ऐसे में जिम्मेदार विपक्ष को विकसित छत्तीसगढ़ पर होने वाली चर्चा में शामिल होना चाहिए.
बस्तर ओलंपिक के समापन पर अरुण साव का बयान
बस्तर ओलंपिक के समापन को लेकर अरुण साव ने कहा कि समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री शामिल होंगे. बस्तर ओलंपिक में 3.97 लाख युवाओं ने पंजीयन कराया, जबकि तीन हजार से अधिक खिलाड़ी पहुंचे. उद्घाटन समारोह में मैरी कॉम शामिल हुई थीं, वहीं समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया शिरकत करेंगे. उनके आगमन से बस्तर के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी.
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर द्वारा 18 सितंबर को 22 कर्मियों की नियुक्ति निरस्त करने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है. जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने अपने आदेश में याचिकाकर्ता कर्मचारियों को निगम में चपरासी के पद पर बहाल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने साफ किया है, कि याचिकाकर्ता पिछले वेतन के हकदार नहीं होंगे. हालांकि, उनकी वरिष्ठता उनकी नियुक्ति तिथि से बिना किसी सेवा अंतराल के गिनी जाएगी. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से संबंधित सभी विवादित आदेशों को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, कि अनुकंपा नियुक्ति पर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार ही विचार किया जाना चाहिए.
कर्मचारी प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में ही कर रहे काम
10 जनवरी को उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव ने 22 कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति का आदेश दिया था. लेकिन अब तक ये कर्मचारी प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में ही काम कर रहे हैं. नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि नियुक्ति आदेश शासन की स्वीकृति का इंतजार करते हुए दिया गया था. स्वीकृति देर से मिलने के कारण इन कर्मचारियों की सैलरी रुकी हुई थी. इसलिए निगम ने उनकी नियुक्ति निरस्त कर, प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में उनका रुका हुआ वेतन भुगतान कर दिया. हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस मामले में राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा है. शासन के निर्देशों के अनुसार ही कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा. नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति पर 22 कर्मचारी 2018 से निगम में काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी सैलरी प्लेसमेंट कर्मचारी के तौर पर ही मिल रही है.
इन 22 कर्मचारियों की नियुक्त बहाल
इन कर्मचारियों में नीता ठाकुर, रन्नू उर्फ क्षमता, अन्नपूर्णा सोनी, प्रवेश परिहार, लक्ष्मी जानोकर, गीता श्रीवास, हसीना बानो, निलेश श्रीवास, अजीत कुमार, मोहम्मद युनूस खान, मीना पाल, बीना समुद्रे, शेख अमीन, विनोद डागोर, मीना तिवारी, रजनी गुप्ता, प्रदीप बघेल, शेखर मार्को, मो यूनुस, संजय कुमार, रेशमा मलिक शामिल हैं.
रायपुर। डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रतिफल बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय नक्सल उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रभावी प्रयासों की एक मजबूत कड़ी है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और प्रशासनिक समन्वय से जिन क्षेत्रों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाली जनता को पहली बार सुलभ और विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं प्राप्त होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रशासनिक सेवाओं और आपातकालीन संचार की सुविधा सशक्त होगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का यह विस्तार वित्तीय समावेशन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। मोबाइल नेटवर्क के सशक्त होने से बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, यूपीआई, बीमा, पेंशन और अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक सहज रूप से सुनिश्चित हो सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” के उस मूल उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का संकल्प निहित है। इससे स्थानीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस विजन के अनुरूप केंद्र के साथ मिलकर राज्य के प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण स्थल पर शिला-स्थापना कर जिले को एक ऐतिहासिक सौगात दी। इसके साथ ही जिले में चिकित्सा सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे।
शिला-स्थापना के साथ ही कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य मानचित्र में विकास का एक नया अध्याय जुड़ गया है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ विकसित होंगी तथा आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो सकेंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की मांग पर कवर्धा में श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव रिवर फ्रंट निर्माण तथा रवेली में महाविद्यालय की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज भवन की शिला-स्थापना को ऐतिहासिक बताते हुए जिलेवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य गठन के बाद सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रायपुर प्रवास के दौरान मेडिकल कॉलेज भवन का भूमि-पूजन किया था और आज उसी क्रम में इसकी शिला-स्थापना संपन्न हुई है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूर्ण होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कवर्धा जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिली है। सीटी स्कैन और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी सुविधाओं की स्थापना से इलाज और अधिक सुलभ हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं तथा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यभर में रजत जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर को प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर आए थे, जहाँ उन्होंने नए विधानसभा भवन एवं ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय शौर्य और महापुरुषों के बलिदान की स्मृतियों से समृद्ध है, जिसे सभी को अवश्य देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा रहे हैं। किसानों के हितों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि लगातार तीसरे वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना तथा तेंदूपत्ता की दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने जैसे निर्णयों को किसानों और वनांचल के हित में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैगा एवं अन्य जनजातीय समाज निवास करते हैं, जिनके सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारंभ की गई है। यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान प्राप्त करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शिला-स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन कवर्धा के इतिहास में अभूतपूर्व और गौरवपूर्ण है। यह ऐसा क्षण है, जो स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कवर्धा जिले के गठन से लेकर अब तक अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, किंतु मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसा ऐतिहासिक दिन जीवन में एक बार ही आता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों का सम्मान सर्वोपरि है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खातों में दी जा रही है, जिससे परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि कवर्धा को मिली विकास योजनाओं से जिले की दिशा और दशा तेजी से बदली है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हम सभी के लिए ऐतिहासिक सौगात है, जो जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नए आयाम खोलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 4.5 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है और अब तक 814 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तर कर दी गई है तथा 50 क्रिटिकल केयर बेड स्थापित किए गए हैं। पिपरिया और बोड़ला में सोनोग्राफी मशीनें लगाई गई हैं।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नया मेडिकल कॉलेज 40 एकड़ परिसर में निर्मित किया जाएगा तथा 50 सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज तक सुगम पहुँच के लिए घोटिया मार्ग एवं गौरव पथ मार्ग का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि जिले में जगमड़वा जलाशय, बड़ौदा खुर्द एवं रामपुर बरेंडा जलाशय सहित कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की 3.30 करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत 2 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं तथा 8 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की 24 सड़कों, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 28 सड़कों तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 76 सड़कों को स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से अकेले कवर्धा जिले में 50 हजार से अधिक आवास शामिल हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में 50 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं तथा रेंगाखार और पिपरिया में एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कवर्धा क्षेत्र के लिए आज का दिन अत्यंत विशेष है। वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के समय केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जिसे बढ़ाकर 10 मेडिकल कॉलेज तक पहुँचाने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए पाँच अतिरिक्त मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी है। कवर्धा वनांचल और जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहाँ मेडिकल कॉलेज का खुलना क्षेत्र के लिए वरदान सिद्ध होगा।
इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय एवं पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने भी कबीरधाम मेडिकल कॉलेज को जिले के लिए अभूतपूर्व सौगात बताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
कॉलेज के लिए 40 एकड़ भूमि आबंटित, 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मिली स्वीकृति
शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज निर्माण हेतु ग्राम घोठिया में 40 एकड़ भूमि का आबंटन किया गया है। इस परियोजना के लिए 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। यह मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से युक्त होगा तथा राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
मेडिकल कॉलेज की स्थापना के पश्चात कबीरधाम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। आधुनिक और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूरस्थ शहरों पर निर्भरता कम होगी तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं तक सहज पहुँच सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने स्व सहायता समूहों को 7 करोड़ 78 लाख रुपये की राशि का चेक वितरण किया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्व सहायता समूहों को कुल 7 करोड़ 78 लाख रुपये की राशि का चेक वितरण किया। इसमें लखपति दीदी योजना अंतर्गत 1454 स्व सहायता समूहों को 7 करोड़ 63 लाख रुपये तथा 97 स्व सहायता समूहों को 14 लाख 55 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।