प्रदेश
सरकार का बड़ा फैसला : RTE के जरिए बड़े निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों के मेंटर होंगे कलेक्टर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा प्रणाली को लेकर साय सरकार मोड में आ गई है। सीएम विष्णुदेव साय सरकार ने राइट टू एजुकेशन के तहत दाखिला लेने के बाद 50 परसेंट बच्चों के स्कूल छोड़ देने की कलेक्टरों की रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। जिसको लेकर सरकार ने अब प्रायवेट स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
सीएम श्री साय ने स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छत्तीसगढ़ में प्रायवेट स्कूलों के ड्रॉप आाउट पर किसी भी सूरत में अंकुश लगाया जाए। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने जिले वार कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम कमिश्नर, नगर पालिका अधिकारी की नौ सदस्यीय कमेटी बना दी है।
कलेक्टर प्रायवेट स्कूलों में रखें निगरानी
स्कूल शिक्षा सचिव ने कलेक्टरों को पत्र लिख कहा है कि, प्रायवेट स्कूलों में राइट टू एजुकेशन पर कड़ी निगरानी रखें। साथ ही प्रायवेट स्कूल प्रबंधन को बुलाकर मीटिंग करें और उन्हें आवश्यक निर्देश दें। अगर प्रायवेट स्कूलों में महंगी फीस, महंगी पुस्तकों की वजह से ड्रॉप आउट हो रहा तो उन स्कूलों पर कार्रवाई करें। विष्णुदेव सरकार ने आज इसमें एक और पहल करते हुए तय किया है कि, प्रायवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रताड़ना और ड्रॉप आउट से बचाने मेंटर नियुक्त किया जाए। प्रदेश में इस समय 3 लाख 35 हजार विद्यार्थी राइट टू एजुकेशन के तहत ऑन पेपर दाखिला लिए हैं।
स्कूलों के साथ कोआर्डिनेट करें
जिलों के कलेक्टरों से कहा गया है कि, वे अफसरों को उनके मेंटर नियुक्त करें। किसी जिले में राइट टू एजुकेशन के तहत दो हजार बच्चे होंगे और जिले के सभी विभाग मिलाकर 100 होंगे, तो 20 बच्चों पर एक अफसर को मेंटर बनाया जाएगा। प्रायवेट स्कूलों में राइट टू एजुकेशन के तहत दाखिला लिए गरीब बच्चों को ये मेंटर सलाहकार और संरक्षण का कार्य करेंगे। स्कूल में अगर कोई दिक्कत होगी तो मेंटरों का काम होगा कि, वे स्कूलों के साथ कोआर्डिनेट करें। वे बच्चों से सतत संपर्क में रहेंगे कि उन्हें स्कूलों में कोई मानसिक परेशानी का सामना तो नही करन पड़ रहा है। ड्रॉप आउट लेने वाले बच्चों की भी वे निगरानी करेंगे और पता लगाएंगे कि किन परिस्थितियों में बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में मानसून की बौछारों के साथ खेती-किसानी का काम शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की बौछारों के साथ खेती-किसानी का काम शुरू हो गया है। हाल ही में केन्द्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानों को किसान सम्मान निधि मिलने और धान का समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों में नया उत्साह दिख रहा है। किसान गांव में खेतों की जोताई-बुआई आदि के कार्यों में जुट गए हैं। राज्य की कुछ हिस्सों में बोनी का काम भी शुरू हो गया है। चालू खरीफ वर्ष में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने अपने सरकार के 06 माह पूर्ण होने के बाद कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के किसानों को सुगमता से उनके मांग के अनुरूप किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज भण्डारण करने को कहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 23.59 लाख से अधिक किसानों को उनके बैंक खातें में 483.85 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की। इससे किसानों में खुशी और उत्साह का वातावरण दिख रहा है। किसानों के उत्साह उस समय दुगुना हो गया जब केन्द्र सरकार ने चालू खरीफ सीजन में धान का समर्थन मूल्य 117 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का का निर्णय लिया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2024 के लिए प्रदेश में 9.78 लाख क्विटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 7.46 लाख क्विटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.64 लाख क्विटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। जो मांग का 47 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2023 में प्रदेश में कुल 9.43 लाख क्विटल प्रमाणित बीज वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 13.68 लाख मेट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 11.23 लाख मेट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 6.22 लाख मेट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। जो लक्ष्य का 46 प्रतिशत है। जबकि गत् वर्ष खरीफ 2023 में कुल 13.41 लाख मेट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1232.7 मि.मी. है। 18 जून 2024 की स्थिति में राज्य में औसत वर्षा 27.2 मि.मी. दर्ज की गई है जो इसी अवधि की 10 वर्षों की तुलनात्मक दृष्टिकोण से औसत वर्षा 68.4 मि.मी. से 41.2 मि.मी. कम है। गतवर्ष इसी अवधि में 3.3 मि. मी. वर्षा दर्ज की गई थी।
धान खरीदी की आरंभिक तैयारियों के लिए मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न
रायपुर। आगामी विपणन वर्ष 2024-25 में धान उपार्जन की प्रारंभिक तैयारी के संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान उपार्जन की आरंभिक तैयारी की समीक्षा की गई। मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक में धान उपार्जन हेतु बारदाने की व्यवस्था और किसान पंजीयन खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में खाद्य विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., कृषि विभाग की सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, सचिव राजस्व अविनाश चंपावत, सचिव सहकारिता सी.आर.प्रसन्ना, विशेष सचिव खाद्य के.डी.कुंजाम, प्रबंध संचालक मार्कफेड रमेश शर्मा, खाद्य विभाग के संचालक जितेन्द्र शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राजस्व प्रशासन में हो रहा नवाचार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के कैडस्ट्रल नक्शों का जियो रिफ्रेंसिंग एवं डिजिटाइजेशन परियोजना भी संचालित की जा रही है। जिसमें राज्य का सम्पूर्ण हिस्सा सर्वेक्षित हो जाएगा और एक डिजिटल डेटा बेस तैयार किया जा सकेगा। यह जियो रिफ्रेंसिंग कार्य डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) सर्वेक्षण से किया जा कर सैटेलाईट ईमेज से किया जा रहा है।
राज्य में संचालित की जा रही कैडस्ट्रल नक्शों का जियो रिफ्रेंसिंग एवं डिजिटाईजेशन परियोजना के अंतर्गत 20 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में भूमि का सर्वेक्षण का काम होगा। अब तक महासमुंद, धमतरी, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बलौदाबाजार, कोरबा सहित 9 जिलों के 4375 गांवों की भूमि का जियो रिफ्रेंसिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस परियोजना में छत्तीसगढ़ में भू-सर्वे को त्रुटि रहित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक जिओ रिफ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक में छोटी से छोटी भूमि का लॉन्गीट्यूड और एटीट्यूड के माध्यम से वास्तविक भूमि चिन्हांकित करना आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस नई तकनीक के इस्तेमाल को अपनी मंजूरी दी गई है, इसके लिए बजट में प्रावधान भी कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जियो रिफ्रेंसिंग एवं डिजिटाईजेशन परियोजना में राज्य का सम्पूर्ण हिस्से का सर्वेक्षण किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम की सीमा का सेटेलाईट इमेज पर त्रुटि रहित चिन्हांकन होगा। इससे प्रत्येक ग्राम का राजस्व अभिलेख की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण किया जाना संभव हो सकेगा।
परियोजना के माध्यम से भू-सर्वे का कार्य त्रुटि रहित होने के साथ-साथ बंदोबस्त त्रुटि सुधार प्रकरणों का तेजी से निराकण किया जा सकेगा। सीमांकन कार्य में भूमि संबंधी विवादों का सही-सही निराकरण किया जा सकेगा। जियो-रिफेरेसिंग कार्य से वर्तमान में उपलब्ध पटवारी नक्शा तथा स्थल पर भिन्नता का आंकलन कर उनका निराकरण भी किया जा सकेगा। सीमांकन-नामांतरण, बटवारा संबंधी न्यायालयीन प्रकरणों में कमी आएगी। प्रधानमंत्री गति सक्ती योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण और जल संसाधन आदि विभागों की परि-सम्पत्तियां को आसानी से चिन्हांकित किया जा सकेगा।
भू-सर्वे सत्यापन की प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जा रहा है, कलेक्टर को सर्वेक्षण अधिकारी के रूप में अधिकृत किया गया है। सर्वेक्षण अधिकारी के मार्ग-दर्शन में उप-सर्वेक्षण अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सहायक सर्वेक्षण अधिकारी तहसीलदार कार्य करेंगे। राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी कलेक्टर के परिवेक्षण में तथा एसडीएम, तहसीलदार के निर्देश में जारी प्रपत्र अनुसार सत्यापन कर नक्शे एवं स्थल के मध्य की भिन्नता को दूर करेंगे। पटवारियों द्वारा ऐसे 15-20 अनडिस्पियूड ग्राउंउ कंट्रोल प्वाइंटस को मिलान किया जाएगा जो खसरा मैप और सेटेलाईट इमेज में समान रूप से मिलते हैं। जियो-रिफ्रेंसिंग खसरा नक्शों में खसरा नंबर मूल पटवारी नक्शों से मिलान किया जाएगा, प्रत्येक खसरा के रिकॉर्ड एरिया एवं जीआईएस एरिया का मिलान किया जाएगा, ग्राम के सीमा से लगे अन्य ग्रामों की सीमा की ओवरलेपिंग एवं गेप की जांच एवं निराकरण किया जाएगा।
अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट तैयार करने जनप्रतिनिधियों एवं जनसामान्य से लिए जा रहे सुझाव, सेक्टरवार वर्किंग ग्रुप्स गठित - बैठकों का सिलसिला जारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बजट सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य को वर्ष 2024 तक विकसित राज्य बनाने की घोषणा को अमल में लाने के लिए इसकी रूपरेखा एक विजन डाक्यूमेंट के रूप में तैयार करने में जुट गयी है। राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट के लिए विधायकगणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं उद्यमियों सहित जनसामान्य से सुझाव लिए जाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ नामक पोर्टल के माध्यम से भी सुझाव प्राप्त किए जा रहे है। इस एप का ज्यादा से ज्यादा उपयोग लोग सुझाव देने के लिए कर सके इसके लिए इसका अधिकाधिक प्रचार विभिन्न माध्यमों से किया जा रहा है।
राज्य नीति आयोग द्वारा विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष कंसल्टेंसी संस्था का चयन किया गया है। इन संस्थाओं को देशीय और अंतरदेशीय विजन डाक्यूमेंट जैसे गुजरात, आंध्रप्रदेश और गोवा पर काम करने पर अनुभव है। नीति आयोग द्वारा सेक्टोरल विजन तैयार करने के लिए शासकीय विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही सेक्टरवार विजन तैयार करने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ आठ सेक्टरवार वर्किंग गु्रप गठित किए गए हैं। वर्किंग गु्रप्स में विजन को लेकर चर्चा की जा रही है। आठ वर्किंग गु्रप्स की प्रथम चरण की बैठकें हो चुकी है। द्वितीय चरण की बैठकें आज 19 जून से शुरू हो गई है, जो 9 जुलाई तक चलेंगी। आने वाले दिनों में युवा, कृषक, महिला, एवं प्रबुद्धजनों से भी छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट को लेकर संवाद किया जाएगा। कॉलेज के फैकल्टीज और विद्यार्थियों एवं सीआईआई, फिक्की आदि संस्थाओं और उनके प्रतिनिधियों से भी चर्चा की जाएगी।
रेलवे स्टेशन में पार्किंग ठेकेदार और ऑटो ड्राइवरों के बीच पार्किंग के पैसे को लेकर बवाल, 350 ऑटो ड्राइवरों ने की हड़ताल
रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन में पार्किंग ठेकेदार और ऑटो ड्राइवरों के बीच पार्किंग के पैसे को लेकर बवाल हो गया है। करीब 350 ऑटो ड्राइवरों ने विरोध के चलते हड़ताल कर दी है। जिससे रेलवे स्टेशन में सवारियों को तकलीफों का सामान करना पड़ रहा है। इस मामले में रेलवे के अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत करके मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर ऑटो संघ के पदाधिकारी कमल पांडेय और राजेश स्वामी ने बताया कि ऑटो संघ 40 सालों से सरकारी रेट पर सवारियों को सुविधाएं दे रहा है। अब तक रेलवे ने कभी भी पार्किंग शुल्क नहीं लिया है। लेकिन अब पार्किंग ठेकेदार ऑटो वालों से पार्किंग वसूलने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम हमेशा रेलवे को सहयोग करते आये है। लेकिन उसके बावजूद ऑटो वालों के साथ ऐसा रवैया हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, फिलहाल रेलवे स्टेशन में करीब 350 ऑटो ड्राइवरों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी है। रेलवे के अफसर ऑटो ड्राइवर और पार्किंग ठेकेदार दोनों पक्षों से बातचीत करने ने जुटे है। उधर, ऑटो संघ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति इसी प्रकार की रही तो जल्द ही उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल रेलवे स्टेशन में यात्रियों को ऑटो न मिलने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
धान के एमएसपी में केंद्र के बाद क्या राज्य सरकार करेगी वृद्धि?, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिया यह जवाब…
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसके साथ धान के एमएसपी पर कांग्रेस के बयान पर कहा कि देश-प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को जवाब दे दिया है. जब इनकी सरकार थी, तब किसानों के साथ कैसी नाइंसाफी हुई. राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी, किसानों की दुर्दशा कैसी थी, सबको पता है.
वहीं हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस के समीक्षा टीम का गठन किए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक नेतृत्व विहीन और एक परिवार के हित के लिए काम करने वाली पार्टी है. कांग्रेस का अपना अंदरुनी काम है. समीक्षा करें, जो करना है करे, कांग्रेस पार्टी नेतृत्व विहीन है. कांग्रेस केवल एक परिवार के पार्टी बनकर रह गई है.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में खाद-बीज की आपूर्ति को लेकर कहा कि किसानों को सही बीज, पर्याप्त मात्रा में खाद मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी की है. गुणवत्ता विहीन काम और काम में लापरवाही पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित तीन उप अभियंताओं और लेखपाल के निलंबन पर डिप्टी सीएम ने कहा कि जहां पर भी अनियमित, लापरवाही पाई जाएगी, कार्रवाई होगी.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसके साथ 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले आयोजन को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है. राज्य सरकार ने सभी जिलों और कई विभागों में अलग-अलग आयोजन किए हैं. योग जीवन के लिए महत्वपूर्ण है. सभी मंत्रीगण अलग-अलग जिलों के कार्यक्रम में रहेंगे. नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नगरीय निकायों में अलग-अलग आयोजन निर्धारित किया है.
कांग्रेस विधायक ने डिप्टी सीएम को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस के खुज्जी विधायक भोलाराम साहू उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर रोड, नाली, पानी, डामरीकरण से जुड़े मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा. उन्होंने स्वीकृति काम को शुरू करने की मांग की. इसके साथ ही जल्द काम शुरू नहीं होने पर विधानसभा के मानसून सत्र में इन मुद्दों को उठाने की बात कही.
ED ने पूर्व सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में पेश किया 5 हजार 710 पन्नों का चालान, 19 जुलाई को होगी मामले की सुनवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दो हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने बुधवार को पूर्व सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा के खिलाफ ईडी की स्पेशल कोर्ट में 5 हजार 710 पन्नों का चालान और 220 पन्नों का अभियोजन दस्तावेज पेश किया है. ईडी के वकील ने कोर्ट को टूटेजा की 205 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति के साथ एक हार्ड डिस्क जब्त करने की जानकारी दी.
ईडी द्वारा कोर्ट में पेश चालान के मुताबिक अनिल टूटेजा, अनवर ढेबर के साथ मिलकर सिंडिकेट बनाकर घोटाले को अंजाम दिया. अनिल टूटेजा, अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी, निरंजन दास तथा अन्य के साथ मिलकर नकली होलोग्राम के माध्यम से नकली शराब बेचने का आरोप है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 19 जुलाई को होगी.
गौरतलब है कि भूपेश सरकार के दौरान 2 हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में EOW ने पूर्व सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और उनके बेटे यश टूटेजा को पूछताछ के लिए बीते अप्रैल माह में तलब किया था. पूछताछ के बाद ईओडब्लू के ऑफिस से निकलते ही ED ने दोनों को हिरासत में लेकर अपने साथ ईडी कार्यालय ले आई. इस दौरान पूछताछ के बाद ED ने यश को छोड़ दिया. जबकि, अनिल टूटेजा को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश कर पूछताछ करने रिमांड पर ले आई. तब से अनिल टूटेजा न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं.
पुलिस विभाग में फेरबदल, ASI, प्रधान आरक्षक समेत 23 पुलिसकर्मियों को मिली नवीन पदस्थापना
सरगुजा। लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर से तबादलों का सिलसिला शुरू हो गया है. प्रदेश के सरगुजा रेंज के पुलिस विभाग में पदस्थ ASI और प्रधान आरक्षक समेत 23 पुलिसकर्मियों को नवीन पदस्थापना दी गई है. सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक ने इस संबंध में आदेश और पुलिस कर्मचारियों के नामों की लिस्ट जारी कर दी है.
AICC ने चुनाव में हार की समीक्षा के लिए किया फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन, छत्तीगढ़ में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
रायपुर। देशभर में हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा और इसके पूर्व छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. अब इस साल के अंत में प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव होने वाले है. इस बीच कांग्रेस हाई कमान ने चुनाव में मिली हार की समीक्षा के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है, जो ग्राउंड लेवल पर जाकर हार की समीक्षा करेंगे.
आल इंडिया कोंग्रे कमेटी के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी किया है. छत्तीसगढ़ की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में वीरप्पा मोइली और हरीश चौधरी होंगे. जो हार की वजहों का पता लगाने के बाद रिपोर्ट आईसीसी को सौंपेंगे. कमेटी की रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी.
शराब के कारोबार को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने साय सरकार का एक और बड़ा निर्णय
रायपुर। शराब के कारोबार को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए विष्णु देव साय की सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है. कैबिनेट की बैठक में विदेशी शराब की थोक खरीदी के लिए लायसेंसी-व्यवस्था को समाप्त करते हुए शराब निर्माताओं से सीधे शराब की खरीदी करने का निर्णय लिया गया है, इसके लिए छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को जिम्मेदारी दी गई है.
बता दें कि राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने सत्ता में आते ही पिछली सरकार पर लगे व्यापक भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों की जांच शुरू कर दी थी, साथ ही सभी क्षेत्रों में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने का वादा राज्य के नागरिकों से किया था. पिछली सरकार पर जिन घोटालों के गंभीर आरोप लगे थे, उनमें शराब घोटाला प्रमुख था. कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई आबकारी नीति में संशोधन कर एफएल-10 लायसेंस का नियम बनाया और अपने चहेते फर्मों को सप्लाई का जिम्मा दे दिया. इससे राज्य में जहां अवैध शराब, नकली शराब की बिक्री धड़ल्ले से होने लगी वहीं नकली होलो ग्राम चिपकाकर बोतलों की स्कैनिंग किए बिना घटिया शराब बेची गई. इससे राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ और शराब उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को भी गंभीर क्षति हुई.
राज्य में शराब कारोबार में मनमानी पर अंकुश लगाने के क्रम में भारतीय जनता पार्टी की विष्णु देव साय सरकार ने हाल ही में शराब कांउटरों पर यूपीआई के माध्यम से भुगतान सुविधा शुरू की है, ताकि शराब की मनमानी कीमत पर बिक्री पर रोक लगाई जा सके और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपभोक्ताओं को मिल सके. इसके बाद आज कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय से विदेशी शराब की खरीदी के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की पुरानी व्यवस्था को फिर से स्थापित कर दिया गया है. इसके मुताबिक विदेशी शराब की खरीदी सरकार एजेंसी द्वारा की जाएगी और उसी की आपूर्ति शराब कांउटरों पर की जाएगी. इससे जहां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलना सुनिश्चित होगा, वहीं वे अपनी पसंद के ब्रांड के उत्पाद हासिल कर सकेंगे.
योग दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी जांजगीर-चांपा जिला के योग कार्यक्रम में होंगे शामिल
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुक्रवार 21 जून को आयोजित जांजगीर-चांपा जिला के योग कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी जिलों में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग कार्यक्रम के लिए मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को नामांकित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार ’’एसडीजी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023’’ एवं ’’एसडीजी स्टेट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023’’ का किया विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष, राज्य नीति आयोग विष्णुदेव साय ने मंत्रालय, नवा रायपुर में आयोजित कैबिनेट की बैठक के बाद सतत् विकास लक्ष्य (SDG) जिला स्तर तक स्थानीयकरण एवं सतत् प्रभावी मॉनिटरिंग की सुनिश्चितता हेतु छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई ’’एसडीजी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023़’’ एवं ’’एसडीजी स्टेट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह द्वारा इस अवसर पर जानकारी दी गई कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार किये गये ’’एसडीजी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023़’’ के 82 इंडिकेटर एवं ’’एसडीजी स्टेट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023’’ के 275 इंडिकेटर में प्रगति के आधार पर विभाग एवं जिला कलेक्टर व विभाग विभिन्न सतत् विकास लक्ष्यों के प्रगति का मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं अनुशीलन कर सकेंगे। रिपोर्ट में सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं अन्य पहलुओं संबधी इंडिकेटर में प्राप्त प्रगति के आधार पर जिलों को ’स्कोर’ व ’रैंकिंग’ प्रदाय की गई है।
रिपोर्ट अंतर्गत जिलों की प्रगति के डाटा को आई.टी. प्लेटफार्म ‘एसडीजी डैशबोर्ड’ के माध्यम से भी देखा जा सकता है, जिससे संबंधित विभाग एवं प्रत्येक जिला समय-समय पर तुलनात्मक प्रगति से अवगत होकर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्यवाही कर सकते हैं।
वित्त एवं नीति, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि राज्य नीति आयोग द्वारा सतत् विकास लक्ष्य (एसडीजी) हेतु प्रभावी फ्रेमवर्क का निर्माण, आवश्यकतानुसार नीति प्रारूप का निर्धारण, नीतिओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु अनुशंसा प्रदाय का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई ’’एसडीजी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023’’ एवं ’’एसडीजी स्टेट प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2023’’ तैयार की गई है, जो छत्तीसगढ़ राज्य का सतत विकास लक्ष्य में वर्षवार लक्ष्य (गोल) आधारित एवं जिला आधारित विश्लेषण करती है।
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, आदिम जाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा सहित राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, सदस्य सचिव अनूप कुमार श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सचिव, नीति, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग अंकित आनंद,, डॉ. नीतू गौरडिया, संयुक्त संचालक, राज्य नीति आयोग भी उपस्थित थे।
निवेशकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर छत्तीसगढ़ में निवेश करने में दिखाई रूचि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय में निवेशकों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश करने में रूचि दिखाई। इन निवेशकों में इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और आईटी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी टेलिपरफॉर्मेंस शामिल हैं। इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने जशपुर में ग्रीन फील्ड सोलर प्लांट की स्थापना तथा नवा रायपुर अटल नगर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब स्थापित करने में रूचि दिखाई है। कंपनी की योजना जशपुर में 400 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करने की है। इसी तरह टेलिपरफॉर्मेंस कंपनी आईटी एवं आईटीज के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है, जिसने नवा रायपुर अटल नगर में 500 सीटर क्षमता का बीपीओ स्थापित करने में रूचि दिखाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों से चर्चा के दौरान कहा कि कंपनियों की जरूरत के मुताबिक छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनकी स्किल बढ़ाई जाए और उन्हें स्थापित की जाने वाली इकाईयों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराया जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति के तहत छत्तीसगढ़ में निवेश करने वाले उद्यमियों और कंपनियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उद्योगों को प्रदेश में प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे प्रदूषण नहीं हो। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने चर्चा के दौरान कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया है। यहां निवेश करना निवेशकों के लिए काफी सुविधाजनक होगा।
निवेशकों ने भी नवा रायपुर में विकसित किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, डॉ. बसवराजु एस., आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव आर. संगीता, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय से छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के सदस्यों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार पिंगुआ ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और आईएएस एसोसिएशन के सचिव प्रसन्ना आर. मौजूद रहे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून : राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग द्वारा भारत सरकार आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दशम् संस्करण के अवसर पर 21 जून 2024 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान पर किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग करेंगी।
कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 07.00 से 08.00 बजे तक आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार छत्तीसगढ़ योग आयोग के प्रशिक्षित एवं अनुभवी योग प्रशिक्षकों द्वारा योगाभ्यास का प्रशिक्षण प्रदान किया जावेगा। जिसमें राज्य के जन-प्रतिनिधिगण, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं पंतजलि योग संस्थान छत्तीसगढ़, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी संस्थान छत्तीसगढ़, आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान छत्तीसगढ़, अखिल भारतीय गायत्री परिवार संस्थान छत्तीसगढ़, हार्टफुलनेंस योग संस्थान छत्तीसगढ़, हास्य योग संस्थान छत्तीसगढ़ के योग साधक सहित लगभग 35 हजार जन सामान्य सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व की प्राचीनतम् विधा ‘योग‘ को जन समान्य के दिनचर्या का अंग बनाना एवं राज्य के प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ जीवनशैली एवं निरोग जीवन जीने के लिए योग से परिचित कराना तथा प्रतिदिन योगाभ्यास करने हेतु प्रोत्साहित करने के साथ-साथ योग के माध्यम से नशामुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उक्त कार्यक्रम की आवश्यक तैयारी विभाग द्वारा पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मंत्रिगणों ने सांसद बनने पर बृजमोहन अग्रवाल को किया सम्मानित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री एवं नवनिर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बृजमोहन अग्रवाल को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अग्रवाल को सांसद निर्वाचित होने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बृजमोहन अग्रवाल देश में सर्वाधिक वोटों से जीतने वाले सांसदों में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा की वे सतत रूप से आम जनता की सेवा करते आ रहे हैं। जनता ने उन्हें ढेर सारा प्यार दिया है। इस बार उन्होंने रिकार्ड मतों से विधानसभा और लोकसभा चुनाव जीतकर जनता के बीच अपनी लोकप्रियता साबित की है।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा सहित मंत्री परिषद के सदस्यों ने श्री अग्रवाल को सम्मानित किया। बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि आप लोगों के साथ मेरा हमेशा आत्मीय और अटूट रिश्ता रहेगा। उन्होंने सम्मान के लिए सभी के प्रति आभार प्रकट किया।