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कोमल साहू की संदिग्ध मौत मामले की जांच के लिए SIT का गठन, साहू समाज ने गृहमंत्री से की थी मांग
रायपुर। कबीरधाम जिले के ग्राम बिरकोना निवासी कोमल साहू की संदेहास्पद मृत्यु की निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. उप-मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रकरण की विशिष्टता एवं संवेदनशीलता के दृष्टिगत अनुसंधान के लिए 1 पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय विशिष्ट जांच दल तत्काल गठित करने निर्देशित किया था, जिस पर जांच कमेटी गठित की गई है. समिति को त्वरित जांच करने निर्देशित किया गया है. बता दें कि साहू समाज ने गृहमंत्री से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी.
SIT में ये अधिकारी शामिल
1. रामकृष्ण साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला-बेमेतरा ।
2. नेहा पाण्डेय, अति. पुलिस अधीक्षक, खैरागढ़।
3. मोहन पटेल, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, प्रभारी सीन ऑफ काइम यूनिट, जिला-दुर्ग।
4. तनुप्रिया ठाकुर, उपुअ (अजाक), जिला-राजनांदगांव।
5. विजय मिश्रा, निरीक्षक जिला-राजनांदगांव।
6. मयंक मिश्रा, उप निरीक्षक जिला-बेमेतरा
छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत 4 साल का टूटा रिकार्ड, अप्रैल माह में 2 करोड़ 57 लाख एवं मई माह में 3 करोड़ 15 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार के अवसर सृजन कर रचा नया कीर्तिमान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। इसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत 4 साल का रिकार्ड टूटा है। छत्तीसगढ़ में मनरेगा न सिर्फ मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है बल्कि उनके जीवन में व्यापक बदलाव भी ला रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के क्रियान्वयन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह अप्रैल में 2 करोड़ 57 लाख तथा माह मई में 3 करोड़ 15 लाख रोजगर सृजित हुआ इसप्रकार मई तक 5 करोड़ 82 लाख से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजन कर विगत चार वित्तीय वर्ष के माह अप्रैल और मई में हुए सृजित मानव दिवस का आंकड़ा प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में मई माह तक 4 करोड़ 81 लाख, वर्ष 2022-23 में मई माह तक 1 करोड़ 19 लाख, वर्ष 2023-24 में मई माह तक 4 करोड़ 49 लाख तथा 2024-25 में मई माह तक 5 करोड़ 72 लाख रोजगार का सृजन हुआ है। मनरेगा अंतर्गत विगत 6 माह में 10 करोड़ 93 लाख मानव दिवस सृजित हुआ वही 1 लाख 73 हजार निर्माण कार्य पूर्ण हुआ।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक आजीविका संवर्धन एवं रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। अमृत सरोवर के निर्माण में प्रतिदिन लगभग 59 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, जो देशभर में सर्वाधिक है। अमृत सरोवर के क्रियान्वयन में प्रदेश के कार्यों का केंद्र स्तर पर सराहना की गई है। आगामी चार वर्षों में 8966 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायतों को इस योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नियद नेल्लानार योजनान्तर्गत माओवाद प्रभावित ईलाके के 87 ग्रामों को चिन्हित कर मनरेगा योजना से वृहद पैमाने पर कार्यों की स्वीकृति कर नियमित रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं,जिससे उक्त अंदरूनी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार सुलभ हो रहा है। मनरेगा अंतर्गत वनाधिकार पट्टाधारी परिवारों को हितग्राहीमूलक कार्यों के माध्यम से जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश स्तर से विभागीय अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मनरेगा को रोजगार सृजन के साथ आजीविका संवर्धन हेतु दूरगामी मंशा के अनुरूप कार्यान्वयन के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में नियमित समीक्षा और राज्य स्तर से बेहतर क्रियान्वयन रणनीति का परिणाम है कि मनरेगा नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में प्रीमीटिव टाईब्स को मिल रही बुनयादी सुविधाएं और पक्के आवास, पीएम जनमन योजना के लिए बजट में 300 करोड़ रूपए का प्रावधान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना पीएम जनमन योजना से प्रीमीटिव टाईब्स के बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही उन्हें पक्के आवास दिए जा रहे हैं। राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस वर्ष की बजट में 300 करोड़ रूपये की राशि आबंटित की है। आदिवासी अंचलों में इस योजना के तेजी से अमल के लिए सभी जिला कलेक्टरों को विशेष निर्देश दिए गए हैें।
देश में पहली बार इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बनाई गई है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु से शुरू की थी। छत्तीसगढ़ में इस योजना पर तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। पीएम जनमन योजना की क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में रह रहे बिरहोर, पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है। घास-फूस के घरों की जगह इन परिवारों को पक्के घर दिए जा रहे हैं। इन जनजाति परिवारों के बसाहटों में पेयजल, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं भी दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनजाति, आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के तहत वर्ष 2023-24 में 847 करोड़ रूपए की लागत की 1180 कि.मी. लंबाई की 333 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गयी, इन सड़को से 366 विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बसाहटों लाभान्वित होगी। इस योजना के अंतर्गत 15,154 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 1419 कि.मी. लंबाई 346 सड़कों हेतु राशि 349 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
लाभार्थियों की जुबानी
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत हरगवां निवासी श्रीमती भुखना ने बताया कि वह अपने पति और बच्चों के साथ कच्चे के घर में जीवन-यापन कर रही थी। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए भावुकता से बताया कि सोचा नहीं था कि इस जीवन मे कभी पक्के मकान में रह पाऊंगी, उनके लिये पक्के का मकान एक सपने जैसा था, लेकिन पीएम जनमन अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास बनाने के लिए शासन से स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि और स्वयं की बचत राशि को मिलाकर उन्होंने पक्का मकान बना लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
सुचारू रूप से संचालित होने लगा है बलौदाबाजार जिला कार्यालय, ग्रामीण आवेदन लेकर पहुंचने लगे
रायपुर। संयुक्त जिला कार्यालय में लोगों की समस्याओं का निराकरण गंभीरता से किया जा रहा है। दूर दराज से ग्रामीणजन आवेदन लेकर जिला कार्यालय बलौदाबाजार पहुंच रहे हैं। उचित मूल्य दुकानों में प्रत्येक माह लोगों को राशन वितरण किया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राशनकार्ड बहुत जरूरी है। खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवेदन दिया गया हैं। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रूप से राशनकार्ड से संबंधित आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है।
कलेक्टर दीपक सोनी ने लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करके 11 हितग्राहियों को मौके पर ही राशनकार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवनीकरण राशन कार्ड और 3 को आधारकार्ड बनाकर दिया गया। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसड़ोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से दुर्गेश्वरी यादव, छाछी की श्रीमती प्रीति साहू,सेल से गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा को नया राशनकार्ड दिया गया। नवीनीकरण राशनकार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। हितग्राहियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे कुमारी मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने कहा घर में छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप से कराले।
लोकसेवा केंद्र में 2 दिनों में 389 आवेदनों का किया गया निराकरण
इनमें आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञा, विवाह पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र सुधार, सुखद सहारा योजना, न्यायालय आदेश प्रमाण पत्र (राजस्व न्यायालय), जन्म प्रमाण पत्र सुधार, दुकान एवं स्थापना पंजीयन हेतु आवेदन निराकरण किया गया है।
छत्तीसगढ़ में हरियाली को बढ़ाने विशेष अभियान,वन विभाग द्वारा चालू वर्ष के दौरान 4 करोड़ पौधे के वृक्षारोपण का लक्ष्य, वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए तैयारियां जोरों पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हरियाली को बढ़ाने एवं वन संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप तथा वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा तैयारियां जोरों पर है। इसके तहत राज्य में वर्ष 2024 वर्षा ऋतु में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृहद पैमाने पर 03 करोड़ 93 लाख 28 हजार पौधों के रोपण एवं वितरण का कार्य किया जाएगा।
प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि इसके तहत विभागीय योजनांतर्गत 3927 हेक्टेयर तथा 57 किलोमीटर में 38 लाख 68 हजार पौधे, मनरेगा योजना के अंतर्गत 11 किलोमीटर में 4 हजार 900 पौधे, कैम्पा मद के अंतर्गत 2251 हेक्टेयर में 19 लाख 18 हजार पौधे तथा अन्य योजनांतर्गत 238 हेक्टेयर में 8 लाख 63 हजार पौधों के रोपण से राज्य हरितिमा से आच्छादित होगा।
उल्लेखनीय है कि इस वृहद वृक्षारोपण अंतर्गत 28 लाख 51 हजार फलदार पौधे, जिसमें आम, जामुन, बेल, कटहल, सीताफल, अनार, शहतूत, बादाम, बेर, तेंदू, गंगा ईमली आदि प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे वनों में रहने वाले वन्यप्राणियों को सुलभता से आहार प्राप्त हो सके तथा वन्यप्राणी एवं मानव-द्वंद पर नियंत्रण किया जा सके। इसी क्रम में 49 लाख 36 हजार लघु वनोपज एवं वनौषधि पौधे जैसे पुत्राजीवा, काला सिरस, सिंदूरी, गरूड़, रीठा, चित्राक, एलोविरा, गिलोय, अडूसा, अश्वगंधा, सर्पगंधा, तुलसी, छोटा करोंदा आदि प्रजाति तथा 24 लाख 71 हजार बांस के पौधों का रोपण एवं वितरण किया जाएगा, जिससे वनों पर आश्रित आदिवासियों एवं आमजनों को इससे सुलभ रोजगार उपलब्ध हो सके।
इसी तरह नदी तट रोपण के तहत विगत वर्षों की भांति आगामी वर्षाऋतु में भी प्रदेश की हसदेव, महानदी, कुशमाहा, सासू, तेतरिया, बाकी, बोडा झरिया, चनान, रेड़, कोखवा, कन्हर, बनास, जमाड़ नदियों के तटों पर 534 हेक्टेयर रकबा में लगभग 5 लाख 87 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा, जो न सिर्फ मृदा कटाव को रोकेगा साथ ही छायादार, फलदार एवं अन्य बहुउद्देश्यों की पूर्ति भी भविष्य में स्थानीय नागरिकों की आवश्यकता के अनुरूप करेगा। वहीं प्रदेश के मार्गों के किनारे हरियाली को बढ़ाने की दृष्टि से सड़क किनारे वृक्षारोपण अंतर्गत 121 किलोमीटर लम्बाई में 72 हजार 100 पौधों का रोपण भी किया जाएगा। यह वृहद वृक्षारोपण न सिर्फ वनक्षेत्र के अंदर होंगे अपितु वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे- आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, आदि स्थानों में भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री कश्यप के निर्देशों पर विभाग द्वारा अनूठी पहल करते हुए किसान वृक्ष मित्र योजना अंतर्गत हितग्राहियों के निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण, आई.टी.सी. आधारित पेपर मिल, सहयोगी संस्था, निजी कम्पनियों की सहभागिता की स्थिति में उक्त प्रजातियों के वृक्षों का वापस खरीद सुनिश्चित करना है। साथ ही चयनित प्रजातियों के लिए प्रति वर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य का निर्धारण करते हुए उनकी आय में बढ़ोत्तरी करना, काष्ठ एवं प्लाईवुड आधारित उद्योगों को बढ़ावा देते हुए अतिरिक्त कर के रूप में शासन के राजस्व में वृद्धि लाना, रोजगार सृजन करना, वृक्षारोपण कार्य में सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता से शासन के वित्तीय भार को कम करना है।
राज्य में किसान वृक्ष मित्र योजनांतर्गत कुल 28921 कृषकों की निजी भूमियों पर 43423 एकड़ रकबा में 2 करोड़ 77 लाख 66 हजार 611 पौधों का रोपण किया जाएगा जिसमें से प्रदेश में 29051 एकड़ क्षेत्र में 2 लाख 30 क्लोनल नीलगिरी एवं 367 एकड़ क्षेत्र में 1 लाख 54 हजार 973 टिश्यू कल्चर बांस एवं 390 एकड़ 2 लाख 37 हजार 798 साधारण बांस, 4073 एकड़ में 9 लाख 82 हजार 207 टिश्यू कल्चर सागौन, 7944 एकड़ में 29 लाख 12 हजार 474 साधारण सागौन, 1090 एकड़ में 1 लाख 73 हजार 165 चन्दन पौधे, 385 एकड़ में 1 लाख 58 हजार 667 मिलिया डूबिया पौधों का रोपण किया जाएगा।
वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, व्ही. श्रीनिवास राव को वृक्षारोपणों के सतत् अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के निर्देश दिए गए हैं। रोपित किये गये पौधों की सतत सुरक्षा कड़ाई से करने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं तथा भविष्य में इन रोपणों का अंतरवृत्तीय मूल्यांकन किया जाकर आवश्यक कार्यवाही विभाग द्वारा की जाएगी।
इस प्रकार वन विभाग विभिन्न संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सेवी संस्थानों, स्कूल एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, एवं गणमान्य नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से आगामी वर्षाऋतु में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वृहद वृक्षारोपण प्रदेशभर में किया ही जाएगा, भविष्य में वन आधारित निजी जरूरतों की पूर्ति और वनोपज की बिक्री से अतिरिक्त आय का साधन भी प्रदेशभर के निवासियों को प्राप्त होगा।
मत्स्याखेट पर 16 जून से 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंध
रायपुर। राज्य शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मस्योद्योग अधिनियम 1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। अतएव प्रदेश के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं में किये जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा।
‘सुप्रजा‘ कार्यकम योजना से गर्भिणी महिलाएं हो रही लाभान्वित
रायपुर। भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत वर्ष 2023-24 राष्ट्रीय कार्यक्रम सुप्रजा सचालित किया जा रहा है।
सुप्रजा कार्यक्रम गर्भवती, नवजात शिशु की देखभाल एवं सुरक्षा हेतु प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में राज्य के 06 जिलों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, धमतरी) के कुल 28 संस्थाओं में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को भारत सरकार की गाईडलाइन के तहत गतिविधियों जैसे प्रतिमाह गर्भवती जांच, शिशु विकास परीक्षण, गर्भवती महिलाओं को शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। उत्तम गुणयुक्त संतान प्राप्ति के लिए गर्भसंस्कार करवाया जा रहा है। गर्भावस्था अनुरूप आहार-विहार संबंधित सलाह (प्रत्येक माह अनुसार आयुर्वेद आहार) तथा प्रत्येक गर्मीणी को गर्भावस्था में किये जाने वाली उपयोगी योगासन की जानकारी योग प्रशिक्षक एवं आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा दी जा रही है। ज्यादा से ज्यादा गर्मीणी महिला योग का लाभ ले सके इसलिए आयुष संस्थाओं में योगसत्र का आयोजन भी किया जा रहा है। गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को आयुर्वेद औषधियां निःशुल्क प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भावस्था की जटिलताएं कम हुई हैं। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी की संख्या घट रही है। जननी एवं नवजात शिशु की प्रसवोत्तर 06 माह तक चिकित्सक द्वारा फॉलोअप किया जा रहा है तथा नवजात शिशु को स्तनपान करवाने हेतु जननी को सलाह दी जा रही है।
अब तक सुप्रजा कार्यक्रम के तहत विगत 05 माह में चिन्हांकित 28 संस्थाओं में लगभग 945 गर्भिणी महिलाओं ने लाभ प्राप्त किया है। गर्भवती माताओं में आयुर्वेदिक जीवनशैली तथा गर्भ की देखभाल के प्रति रुझान में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, इसलिए छत्तीसगढ़ आयुष संचालक इफ्फत आरा के आदेशानुरूप सुप्रजा कार्यक्रम के द्वितीय चरण में 20 अन्य संस्थाओं में भी यह कार्यकम राष्ट्रीय संचालित करने की योजना है।
ओपी चौधरी ने बैडमिंटन में दिखाये हाथ, 37.75 लाख की लागत से तैयार दो आउट डोर बैडमिंटन कोर्ट एवं बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड का किया लोकार्पण
रायगढ़। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ स्टेडियम में युवाओं व खेल प्रेमियों के लिए दो आउट डोर बैडमिंटन कोर्ट एवं बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद राधेश्याम राठिया ने की। कार्यक्रम में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, निगम कमिश्नर सुनील कुमार चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में पाषर्दगण, खिलाड़ी, खेल प्रेमी एवं शहरवासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड का लोकार्पण फीता काटकर किया गया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ग्राउंड का पूरा निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री श्री चौधरी ने बल्ला लेकर क्रिकेट में हाथ आजमाया। इस दौरान बॉक्स क्रिकेट के ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया की जानकारी भी उन्होंने ली। इस दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग को नि:शुल्क करने और पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर रखने के निर्देश दिए। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बॉक्स क्रिकेट और ओपन बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया है। यह खेल प्रेमियों के खेल को निखारने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि शहर के आठ अलग-अलग जगह पर बॉक्स क्रिकेट और बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। जल्द सभी का लोकार्पण होगा और युवाओं, खेल प्रेमियों का इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से रायगढ़ शहर का विकास होगा। इसके बाद दो आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का भी उद्घाटन उन्होंने फीता काटकर किया। इस दौरान भी बैडमिंटन कोर्ट में मंत्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राठिया सहित अधिकारी एवं उपस्थित जनों ने बैडमिंटन खेल का आनंद लिया।
37 लाख 75 हजार लागत से हुआ निर्माण
दो ओपन बैडमिंटन कोर्ट प्रत्येक का 8 लाख 71 हजार रुपए कुल राशि 17 लाख 42 हजार रुपए लागत से निर्माण हुआ। इसी तरह बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड 20 लाख 33 हजार रुपए लागत से बनकर तैयार हुआ। इस तरह दोनों ग्राउंड कुल 37 लाख 75 हजार रुपए की लागत से तैयार किए गए हैं।
चिलचिलाती गर्मी से आज मिलेगी राहत, रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की चेतावनी, सरगुजा में चलेगी हीट वेव…
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश वासियों को अब जल्द ही गर्मी से राहत मिलने वाली है. मौसम विभाग ने आज बस्तर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है. हालांकि सरगुजा संभाग में लोगों को आज भी हीट वेव का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग के अनुसार 2 दिन बाद यानि 17 जून से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी।
रायपुर में ऐसा रहेगा आज का मौसम
राजधानी रायपुर के कुछ हिस्सों में आज सुबह से ही बादल छाए रहे. देर शाम तक तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
ऐसा रहा प्रदेश का मौसम
बीते दिन शुक्रवार को प्रदेश के सूरजपुर और रायगढ़ में तेज आंधी के साथ बारिश हुई जिससे कई पेड़ धराशाई हो गए। सूरजपुर में बिजली की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई। वहीं रायगढ़ में तेज आंधी बारिश के कारण टूटे बिजली के तार की चपेट में आने से बाइक सवार 2 युवकों की मौत हो गई।
वहीं प्रदेश के कई जिलों में को अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जिससे लोगों को काफी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा. सबसे अधिकतम तापमान बलरामपुर में 42.6 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं वहीं सबसे कम तापमान नारायणपुर में 22.7 डिग्री दर्ज किया गया. रायपुर में तापमान 40 डिग्री, अंबिकापुर में 41 डिग्री, जगदलपुर में 36.6 डिग्री और बिलासपुर में 37.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की पत्नी का निधन, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जताया शोक…
अंबिकापुर। प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की पत्नी इंदिरा सिंहदेव का आज सुबह 8 बजे निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार दोपहर 2 बजे स्थानीय रानी तालाब में किया जाएगा. इंदिरा सिंहदेव के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक जताया गया है।
जानकारी के अनुसार, इंदिरा सिंहदेव का पिछले 6 महीने से कैंसर से जूझ रही थीं. इनका दिल्ली और मुम्बई के प्रमुख अस्पतालों में इलाज चल रहा था. 13 जून को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें मुंबई से अम्बिकापुर लाया गया, जहां 15 जून सुबह 8 बजे निधन हो गया. धरमजयगढ़ राज परिवार से संबंध रखने वाली इंदिरा सिंहदेव का जन्म 12 अप्रैल 1950 में हुआ था.
पूर्व सीएम बघेल ने जताया शोक
टीएस सिंहदेव की पत्नी इंदिरा सिंहदेव के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुःख जताया है. पूर्व CM ने X पर ट्वीट कर कहा- वो लंबे समय से गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रही थीं. हम सब उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए अमरकंटक से रवाना होने की बात कही.
नक्सली हमले की जांच करने पहुंची NIA टीम, पूर्व सरपंच समेत 6 लोग हिरासत में, इधर ग्रामीणों ने घेरा थाना, कहा – पीएम आवास की राशि जब्त कर ले गई टीम
गरियाबंद। नक्सली हमले में शहीद हुए आईटीबीपी के जवान के मामले की जांच करने एनआईए की टीम गरियाबंद जिले के बड़े गोबरा (मैनपुर) पहुंची. टीम ने पूर्व सरपंच समेत 6 लोगों को अपने कब्जे में लिया है. वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि एनआईए की टीम ने प्रधानमंत्री आवास के लिए मिले पैसे को भी जब्त कर लिया.
बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान आईटीबीपी के जवान जोगिंदर सिंह की आईईडी की चपेट में आने से शहादत हुई थी. इस मामले को एनआईए को सौंपा गया था. गुरुवार को इस मामले की जांच को लेकर एनआईए की टीम मैनपुर के बड़े गोबरा पहुंची थी. इधर पूर्व सरपंच सहित कुछ लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में उनके परिजनों और ग्रामीणों ने मैनपुर थाने का घेराव किया.
जांच के दौरान टीम ने आरोपियों के पास से जब्त की गई राशि को ग्रामीणों ने अपने-अपने प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए दी गई राशि बताया है. सूत्रों का कहना है कि तलाशी में टीम ने 2 लाख से अधिक की राशि मोबाइल व अन्य संदिग्ध वस्तुओं को भी कब्जे में लिया. इसका ग्रामीणों ने विरोध किया है. इस मामले में गरियाबंद कोतवाली पहुंचकर टीम ने ग्रामीणों से पूछताछ की. इस दौरान परिजन रातभर कोतवाली में डटे रहे. इस मामले को लेकर एनआईए की टीम ने पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. वहीं स्थानीय पुलिस ने घटना के संबंध में कहा कि मामले की जांच एनआईए की टीम कर रही है, उन्हें कुछ भी मालूम नहीं है।
कोयला घोटाला मामला: EOW ने की बड़ी कार्रवाई, हेमंत और चंद्रप्रकाश जायसवाल को किया गिरफ्तार
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को महेश नवमी पर्व की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माहेश्वरी समाज के उद्भव दिवस और प्रभु शिव-माता पार्वती की उपासना के पर्व महेश नवमी की प्रदेशवासियों विशेषकर माहेश्वरी समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि यह दिन हम सबको जरूरतमंदों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित होने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है।
शराब घोटाला मामला : हाईकोर्ट से अनवर ढेबर को मिली जमानत
बिलासपुर। शराब घोटाला मामले में जेल में बंद अनवर ढेबर को राहत मिली है. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मेडिकल ग्राउंड पर ढेबर को बेल दी है. बता दें कि ED की जांच के बाद कारोबारी अनवर ढेबर रायपुर सेंट्रल जेल में हैं.
बता दें कि ईडी ने अनवर ढेबर को 2 हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाला का दोषी बताया था. पूछताछ के बाद ईडी ने रायपुर निवासी कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया. ईडी ने मई महीने में अनवर ढेबर को अरेस्ट किया और कहा कि साल 2019 से 2022 तक 2000 करोड़ का अवैध धन शराब के जरिए कमाया, जिसे दुबई में अपने साथी विकास अग्रवाल के जरिए खपाया.
ईडी की ओर से कहा गया कि अनवर ने अपने साथ जुड़े लोगों को परसेंटेज के मुताबिक पैसे बांटे. इसके बाद इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी, कारोबारी त्रिलोक ढिल्लन, नितेश पुरोहित और अरुनपति त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया गया था. शराब घोटाला मामले में अब तक प्रदेश में कुल 180 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है.
मुख्यमंत्री से भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपर मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा के महानिदेशक सुब्रत साहू ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के चार अधिकारियों अनुपमा आनंद, तन्मय खन्ना, एम भार्गव और दुर्गाप्रसाद अधिकारी को छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में इन अधिकारियों ने आठ सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात इनकी पदस्थापना रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग व जांजगीर-चांपा जिलों में की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनसे प्रशिक्षण के दौरान हुए अनुभवों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रशिक्षण अवधि का पूरा लाभ उठाकर प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करें ताकि उत्कृष्टता के साथ पदेन दायित्वों का निर्वहन कर सकें। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपके पास राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टीसी महावर और प्रशिक्षण संचालक सीमा सिंह उपस्थित रहीं।
रायपुर में नवनिर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने निकाली विजय आभार रैली, सैकड़ों जगहों पर हुआ उत्साह के साथ स्वागत अभिनंदन
रायपुर। रायपुर लोकसभा में जीत का कीर्तिमान रचने वाले नवनिर्वाचित सांसद एवं राज्य के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की आज विजय आभार रैली निकली।
इस दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह पर श्री अग्रवाल का फूल मालाओं और पटाखों से स्वागत अभिनंदन किया। रामसागर पारा सहित कई स्थानों पर उन्हें लड्डुओं से तौला गया। भव्य आभार रैली के दौरान अपने संक्षिप्त उद्बोधनों में जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि रायपुर सहित छत्तीसगढ़ की संपूर्ण जनता का प्यार और आशीर्वाद पिछले 35 वर्षों से मुझ पर बना हुआ है। रायपुर शहर की जनता ने मुझे आठ बार विधानसभा तो रायपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता ने लोकसभा मुझे भेजा है। इस बार मुझे जीत भी ऐसी दिलाई कि पूरे भारत में रायपुर का डंका बज गया है। उन्होंने कहा कि यह बृजमोहन अग्रवाल हर बार की तरह आपके विश्वास पर खरा उतरेगा और परिस्थितियों चाहे जैसी भी हो 24 घंटे सातों दिन आपकी सेवा में तत्पर रहेगा।
श्री अग्रवाल की विजय आभार रैली रावाभाठा बिरगांव स्थित मां बंजारी मंदिर में पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। जो डीएम टावर उरकुरा, व्यास तालाब, विमल इन्क्लेव, भनपुरी चौक, शांता स्वीट्स, पाटीदार भवन, भनपुरी, खमतराई, गुढ़ियारी, DRM ऑफि, ओम काम्प्लेक्स, पीली बिल्डिंग, फाफाडीह ब्रिज के नीचे, फाफाडीह चौक, क्षत्रिय धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, स्टेशन गुरुद्वारा, तेलघानी नाका, नेमीचंद गली, गंजमंडी, राठौर चौक, मान. बृजमोहन अग्रवाल के घर, सिन्धी स्कूल, दुलार धर्मशाला, ललिता चौक, मौमिनपारा मस्जिद, तात्यापारा चौक, आजाद चौक, आमापारा चौक, सारथी चौक, लाखे नगर चौक, लोहार चौक, लिली चौक, पुरानी बस्ती थाना, कंकाली तालाब, सत्ती बाजार, डॉ. आनंद सक्सेना, AT ज्वेलर्स, नहाटा मार्केट, कोतवाली, छोटा पारा, छोटा पारा मस्जिद, राजीव गांधी चौक (फायर ब्रिगेड), OCM चौक, आकाशवाणी चौक, कबीर चौक, सागौन बँगला, नेताजी चौक, कक्कड़ चौक, केनाल रोड, तारूसिंह चौक, गली नं. 7 छत्तीसगढ़ सिन्धी पंचायत, झुलेलाल मंदिर गली नं. 2, गुरुनानक हार्डवेयर, गुरुनानक द्वार, मरीन ड्राइव, भगत सिंह चौक, दिशा कॉलेज मोड़, अशोका टावर टर्निंग पॉइंट, शक्ति नगर राधा कृष्ण मंदिर के पास, लोधीपारा चौक, मंडी गेट, पंडरी कपड़ा मार्किट, एक्सप्रेसवे ब्रिज, श्याम प्लाजा, कचहरी चौक, शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक पहुंची जहां रैली का समापन हुआ।





बृजमोहन अग्रवाल की विजय आभार रैली में रायपुर पश्चिम के विधायक पूर्व मंत्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण की विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, अशोक बजाज, सुभाष तिवारी, राजीव अग्रवाल, केदार गुप्ता, मोहन एंटी, अमित साहू, मृत्युंजय दुबे, रमेश सिंह ठाकुर, मनोज वर्मा सहित हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।




मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग हर एक योजना की विस्तृत समीक्षा की
रायपुर। प्रदेश के सुपेबेड़ा में लंबे समय से किडनी पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की सुविधा के लिए गरियाबंद में किडनी यूनिट आरंभ की गई है लेकिन इस समस्या के स्थाई निदान पर भी काम करने की जरूरत है। इसके लिए बीमारियों के कारण जानने संबंधी जो भी रिसर्च किया जा सकता है वह किया जाए। इसके साथ ही मरीजों के पर्याप्त इलाज की सुविधा भी हो ताकि सुपेबेड़ा के लोगों को भविष्य में किडनी संबंधी समस्याओं से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। साथ ही पंखाजूर जैसे क्षेत्रों में जहां अधिक मरीज आ रहे हैं, वहां डायलिसिस सेंटर की स्थापना की जाए। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कही। 4 घंटे से अधिक समय तक चली इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी ली एवं उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 महीने में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। पिछली सरकार में जो काम अधूरे रह गए थे उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए मौसमी बीमारियों की आशंका से निपटने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। एंटी वेनम आदि की उपलब्धता भी रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में युक्तियुक्तकरण की जरूरत है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ्य अमले की कमी है वहां पर पर्याप्त स्वास्थ्य अमले की पदस्थापना की जाए। विशेषज्ञ डाक्टरों की पूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पदस्थापना के समय विशेष रूप से यह ध्यान दिया जाए कि कहीं पर गाइनिकोलॉजिस्ट की पदस्थापना की जाती है तो वहां पर एनेस्थीसिया के चिकित्सक भी हो ताकि वहां पर जरूरत पड़ने पर आसानी से सीजेरियन डिलीवरी हो सके।
मुख्यमंत्री ने रिस्पांस टाइम के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108, 102 और शव वाहन जैसी गाड़ियां अच्छी स्थिति में रहे। 108 जैसी गाड़ियों की स्क्रीन में ड्राइवर को पता चल जाए कि उसे मरीज को कौन से निकटतम अस्पताल में ले जाना है। सबसे निकट के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को भी मैसेज के माध्यम से अलर्ट कर दिया जाए ताकि अस्पताल में इमरजेंसी रिस्पांस की तैयारी की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग मुख्यालय में कम से कम 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत प्रसव को शत प्रतिशत करना सबसे अहम कार्य है। इसके लिए नियमित अंतराल पर एएनसी जांच करना सुनिश्चित करें। शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए अस्पताल में न्यू बार्न केयर यूनिटों को बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अधिकतम संख्या में लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में जो खामियां हैं उन्हें दूर करें। नियद नेल्लानार योजना के सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बन जाए, यह सुनिश्चित करें। इसके लिए आधार कार्ड बनाने इन क्षेत्रों में नियमित कैंप लगाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड से लाभ दिया जा रहा है। 6 महीने में 1373 हितग्राहियों ने एक करोड़ 38 लाख रुपए के क्लेम किए हैं।
मुख्यमंत्री ने जन औषधि केंद्रों पर भी विशेष फोकस करने कहा। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र ऐसी जगह पर स्थापित किए जाएं जहां अधिकाधिक संख्या में लोग दवा लेने सुविधा से पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के अभियान में काफी सफलता मिली है लेकिन बस्तर को मलेरिया मुक्त करने इसे और बेहतर करने की जरूरत है।
सिकल सेल के संबंध में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल के मरीजों की नियमित रूप से काउंसलिंग हो और इनका बेहतर उपचार होता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में जहां उपकरण तो है लेकिन आपरेटर नहीं है वहां ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए। कीमोथेरेपी की सुविधा का विस्तार करें। डायलिसिस की सुविधा का लाभ ब्लॉक मुख्यालयों में भी आरंभ करें। मुख्यमंत्री ने मानसिक मरीजों के लिए भी नए अस्पताल आरंभ करने अधिकारियों को निर्देशित किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में अधिकारियों को कहा कि छत्तीसगढ़ लिंगानुपात में बेहतर स्थिति में है। हमें इसे और अच्छा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिरायु योजना शासन की बहुत अच्छी योजना है इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए ताकि इसका लाभ अधिकतर लोग उठा सकें। श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शहरी क्षेत्रों के मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं धन्वंतरी जैसी योजनाओं को स्वास्थ्य विभाग में शामिल कर दिया जाए, ताकि बेहतर समन्वय से इन योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन किया जा सके।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद, डॉ. बसव राजू एस, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक जगदीश सोनकर, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक कुलदीप शर्मा, सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू, आयुष की प्रबंध संचालक इफ्फत आरा,चिकित्सा शिक्षा के संचालक डॉक्टर यू एस पैकरा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।