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रविशंकर विश्वविद्यालय ने फिर की गड़बड़ी, BA LLB की परीक्षा में बांट दिया गलत पेपर, छात्र मचा रहे हंगामा…
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक बार फिर परीक्षा में गड़बड़ी कर दी है. BA-LLB की परीक्षा में दूसरा प्रश्नपत्र बांटे जाने से नाराज छात्र सुबह आठ बजे से परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा मचा रहे हैं.
छात्रों के अनुसार, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की BA LLB की परीक्षा में आज पोलिटिकल साइंस थर्ड पेपर था, जिसके स्थान पर फोर्थ पेपर का प्रश्न पत्र बांट दिया गया. दूसरे प्रश्न पत्र दिए जाने से नाराज छात्रों ने इस पर परीक्षा केंद्र के बाहर मचाना शुरू कर दिया. अपनी गड़बड़ी को दबाने के लिए विश्वविद्यालय दूसरे दिन परीक्षा आयोजित करने बाबत पत्र मांग रहा है, जिसे देने से छात्र इंकार कर रहे हैं.
पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है. इसके पहले विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिका गायब होने पर और उसके बाद उत्तर पुस्तिका को गलत तरीके से जांचने पर प्रदर्शन हुआ है. और अब परीक्षा में गलत प्रश्न पत्र बांटने का मामला सामने आया है. छात्र इंतजार कर रहे हैं कि इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रबंधन क्या रूख अपनाता है.
कुलसचिव ने दी सफाई
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेंद्र पटेल ने कहा है कि पहली बार ऐसी गड़बड़ी हुई है, जो एक गंभीर लापरवाही है. सिलेबस में इस नाम के और भी प्रश्नपत्र भी होते हैं, इसलिए ये घटना हुई. इसका परीक्षण कराया जाएगा और कार्यवाई भी की जाएगी. आज का पेपर निरस्त किया गया है, जो 10 जुलाई के बाद ही होगा. साथ ही बीए एलएलबी के जो प्रश्नपत्र आज बंटे उसे भी कैंसिल कर परीक्षा की नई तारीखें जारी की जाएंगी.
कलेक्टर ने की जिला पंचायत के कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिला पंचायत के कार्यों की समीक्षा की. इस समीक्षा बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने जल संवर्द्धन, गांवों में स्कूल और श्रमिकों की मजदूरी और कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं समेत कई विषयों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार रायपुर जिले में मनरेगा कार्यों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ड्रोन दीदी के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो. इसके अलावा मनरेगा के श्रमिकों के मजदूरी का भुगतान समय-सीमा में करने और कार्यस्थल पर छाया की व्यवस्था, पेयजल और मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है. साथ ही ग्राम पंचायतों में पंजी और अभिलेख के जानकारी अपडेट रखने और विभिन्न कार्यों की डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करने को कहा है.
पानी बचाने बनाएंगे सोखता, मुक्तिधाम किये जाएंगे विकसित
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान गांवों में जल संवर्द्धन की दिशा में कार्य करते हुए जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए नल से बहने वाले पानी के लिए सोखता पीट बनाने के भी निर्देश दिए है. साथ ही गांवों के मुक्तिधाम को विकसित करने और स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में फेंसिंग कर पौधे रोपे जाने के लिए ही निर्देश दिए है. बता दें कि इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, अतिरिक्त सीईओ एच.के. जोशी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.
विश्व रक्तदान दिवस : रक्तदान महादान है और रक्तदाता समाज और मानवता के अनमोल सेवक हैं : विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व रक्त दान दिवस के अवसर पर खासकर युवाओं से रक्त दान कर लोगों का जीवन बचाने की अपील की है। श्री साय ने कहा है हर साल 14 जून को विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित पूरी दुनिया रक्तदान को बढ़ावा देने और रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व रक्त दान दिवस मनाती है।
श्री साय ने कहा कि आपात स्थितियों, बीमारी, दुर्घटना सहित प्रसव मामलों में जीवन रक्षा के लिए रक्त अति आवश्यक होती है। कई बार आकस्मिक परिस्थितियों में लोगों को सरलता से रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता है। श्री साय ने कहा कि रक्तदान महादान के महत्व को जन-जन समझें। रक्त देने में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता। रक्तदान महादान है और रक्तदाता समाज और मानवता के अनमोल सेवक हैं।
मैराथन बैठकों के पहले ही दिन मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा - पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य
रायपुर। आचार सहिंता की अवधि समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की गति तेज करने के लिए आज से विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकें लेनी शुरू कर दी। आज उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों से इसकी शुरूआत करते हुए अधिकरियों से उनकी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और खेती किसानी से जुड़े स्वयं के व्यवहारिक अनुभवों को भी साझा किया। श्री साय स्वयं भी कृषक है और उनका परिवार अपनी आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती किसानी पर ही निर्भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम किया जाना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हमें इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जो किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। परंपरागत खेती में हर आवश्यक सहायता उन तक तत्परता से पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक खेती और देश भर में हो रहे नवाचारों से भी उन्हें अवगत कराने की आवश्यकता है। राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोत्तरी हो। अधिकारियों को अपने अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में पशुओं को होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ काम किया जाना आवश्यक है। श्री साय ने पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और मछली पालन विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मछली पालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसे व्यवसाय किसानों और पशुपालकों के आय का बड़ा स्त्रोत हैं, इनसे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित रूप से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान के कहा कि प्रदेश में गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए सभी संभागों के एक-एक जिले में गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में पशुधनों की संख्या और वार्षिक दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन एवं उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति अंडा, दुग्ध और मांस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा काल में पशुओं को संक्रामक बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नस्ल सुधार के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। साथ ही पशुधन विभाग की राज्य और केन्द्र के प्रवर्तित योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने को कहा। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं दूध उत्पादन करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाए किए जाएं। उन्होंने दुग्ध महासंघ के ब्रांड देवभोग की बिक्री और आमदनी बढ़ाने के लिए आउटलेट की संख्या में वृद्धि और अन्य विकल्पों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान से विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी मार्केटिंग और ब्रांडिंग जैसी व्यवसायिक पद्धतियों का सहारा भी लिया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रोसेस फ्लो चार्ट के माध्यम से दुग्ध संकलन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मछलीपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण देें। श्री साय ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाबों का निर्माण कराया जाता है और गर्मियों में तालाब सूखने के कारण अनुपयोगी हो जाते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर इन तालाबों में पानी की आपूर्ति के लिए सोलर पंप की व्यवस्था की जाए ताकि सभी मौसमों में मछली पालन किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने मछली उत्पादन के लिए केज कल्चर जैसे बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों का बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजु एस और राहुल भगत, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।
मुख्यमंत्री से सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
बलौदाबाजार हिंसा मामले की जांच के लिए सरकार ने किया आयोग का गठन, इन 6 बिंदुओं पर करेगा जांच, आदेश जारी
रायपुर। जैतखाम क्षतिग्रस्त होने के मामले की जांच के लिए सरकार ने एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है. सेवानृवित्त न्यायाधीश सीबी बाजपेयी की अध्यक्षता में गठित यह जांच आयोग छह बिंदुओं पर इस मामले की जांच करेगा.
बलौदाबाजार हिंसा पर सरकार सख्त: तत्कालीन कलेक्टर और एसपी निलंबित किए गए
रायपुर। बलौदबाजार हिंसा मामले पर साय सरकार सख्त है. सरकार ने तत्कालीन कलेक्टर के एल चौहान और एसएसपी रहे सदानंद को निलंबित कर दिया है. बुधवार को ही कलेक्टर और एसएसपी का तबादला कर दिया था. बताया जा रहा है कि घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने निलंबन की कार्रवाई की है.
निलबंन अवधि में आईएएस केएल चौहान का मुख्यालय महानदी भवन होगा. वहीं निलबंन अवधि में एसपी पी सदानंद का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय रायपुर रहेगा.
बता दें, 15 और 16 मई की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे. इस बीच सोमवार को गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की. वहीं जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया. जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया. जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में वहां मौजूद 20-30 पुलिसकर्मी घायल हो हुए. फिलहाल, शहर में 16 जून तक धारा 144 लागू है.


ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना को यथावत रखा जाए : अमर पारवानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज चेम्बर का प्रतिनिधि मंडल चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी के नेतृत्व में माननीय मो. अबु समा जी (आई.आर.एस), कमिश्नर, सेन्ट्रल टैक्स, रायपुर से मिलकर चेंबर द्वारा पत्र के माध्यम से ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना क्रमांक क्रमांक 10-31/2018/वाक/पांच(46) को यथावत रखने हेतु निवेदन किया।
जिस पर मो. अबु समा जी (आई.आर.एस), कमिश्नर, सेन्ट्रल टैक्स, रायपुर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उचित कदम उठाने की बात कही। चेंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी जी ने बताया कि ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना को यथावत रखने चेंबर ने पत्र के माध्यम से कमिश्नर, सेन्ट्रल टैक्स, रायपुर को ज्ञापन सौंपा।
पारवानी ने कहा कि वर्तमान मे दिनाँक 24 मई 2024 को जारी अधिसूचना क्रमांक 202 के कारण ई- वे बिल की संख्या एवं अनुपालन से संबंधित जटिलताएं बढ़ जाएगी , जिससे इज ऑफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्य को क्षति भी होगी। उन्होंने कमिश्नर, सेन्ट्रल टैक्स, रायपुर से आग्रह किया कि दिनाँक 24 मई 2024 को जारी अधिसूचना पर पुनः विचार करते हुए पूर्व मे जारी अधिसूचना को यथावत रखा जावे। इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, उपाध्यक्ष-नरेंद्र हरचंदानी, टी. निवास रेड्डी, जय नानवानी, मंत्री-शंकर बजाज, नीलेश मुंधड़ा, गोल्डी लुनिया एवं चेम्बर टेक्नीकल टीम के सदस्य सी.ए.मुकेश मोटवानी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
हल्बा हल्बी आदिवासी समाज के स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित
रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित मॉडल ब्लड बैंक सेंटर एवं अखिल भारतीय हल्बा हल्बी आदिवासी समाज के द्वारा 84वें स्थापना दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह के उपलक्ष्य में जरूरतमंद मरीजों के लिए ग्राम पिनकापार तह देवरी जिला बालोद में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर में 44 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस रक्तदान शिविर की एक खास बात यह रही कि इसमें पिता और बेटी द्वारा एक साथ रक्तदान किया गया। यह अन्य लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायक पहल रहा जिसकी सभी लोगों ने सराहना की।
अखिल भारतीय हल्बा हल्बी आदिवासी समाज की तरफ से कैंप का कार्यभार घनश्याम धलेंद्र ने संभाला। मॉडल ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ. विजय कापसे के मार्गदर्शन में एवं डॉ. अविरल मिश्रा के सहयोग से यह रक्तदान कार्यक्रम संपन्न हुआ।
रक्तदान शिविर की टीम में डॉ. रविन्द्र , डॉ. रविशंकर, गिरीश, झूल सिंह, मनोज दास, शोभाराम साहू, राकेश बंजारे एवं राकेश शर्मा शामिल थे। सभी के विशेष सहयोग से रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की समीक्षा की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में विकास की गति को तेज करने आज विभागवार समीक्षा बैठकों का सिलसिला शुरू किया। बैठकों की शुरूआत अन्नदाताओं से जुड़े कृषि और उद्यानिकी विभाग की समीक्षा से हुई। बैठक में कृषि विकास, किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लंबे समय तक खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर खेती-किसानी का कार्य किया है और इससे अपने परिवार का भरण-पोषण भी किया है। खेती-किसानी में उनके वृहद अनुभव की झलक समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों में स्पष्ट रूप से सामने आयी। अपने खेती-किसानी के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एक बार पहले जब उन्होंने डीएपी खाद की मांग की थी, तब उन्हें दूसरी खाद मिली, खाद के बोरे में डीएपी की मार्किंग थी, लेकिन बोरे में दूसरी खाद थी, हमारे किसान भाईयों के साथ यह न हो, यह सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता खेती-किसानी की बेहतरी को लेकर है। अतः किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। भण्डारण और वितरण की स्थिति की लगातार निगरानी की जाए। किसानों को खाद-बीज के वितरण के समय इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद और बीज मिले।
मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों की ज्यादा आमदनी के लिए प्रदेश में सुगंधित और महीन धान की किस्मों को ढूंढ कर इनके उत्पादन के लिए पूरे प्रदेश के किसानों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुगंधित धान की लगभग 200 किस्में हैं। इनकी बाजार में अच्छी मांग है। इन किस्मों का विदेशों में निर्यात भी किया जा सकेगा। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि जशपुर जिले में आम, लीची, कटहल का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। चाय का उत्पादन भी प्रारंभ हुआ है। इनके प्रसंस्करण इकाई की स्थापना भी की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ का सीजन आ गया है। मानसून भी इस वर्ष पहले आने की संभावना है। मानसून आते ही खेती-किसानी का कार्य तेज गति से शुरू हो जाएगा। अधिकारी खरीफ मौसम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि खाद्य बीज का वितरण किसानों को मांग के अनुरूप दिया जाए। साथ ही वितरण का नियमित रूप से मॉनिटरिंग हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों को जैविक खेती, आधुनिक खेती से जोड़ने तथा किसानों के लिए कृषि उपकरणों की उपलब्धता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि क्लस्टर बनाकर कृषि यंत्र थ्रेसर और हार्वेस्टर आदि कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खेती-किसानी में टेक्नालॉजी के प्रयोग पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने इस संबंध में हुए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन जिलों- महासमुंद, धमतरी और कबीरधाम में जल्द ई-गिरदावरी का कार्य प्रारंभ होगा। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। राज्य में एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत ई-गिरदावरी के संबंध में बताया कि इसमें किसानों और भू-नक्शों का डिजिटल डाटा बेस तैयार किया जाएगा। किसानों की रजिस्ट्री तथा नक्शों की जियो रिफ्रेंसिंग की जाएगी। इससे जीआईएस डिजिटल फसल सर्वेक्षण का काम मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। इससे गिरदावरी का कार्य आसान होगा और उसका डाटा भी तुरन्त योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उपलब्ध हो जाएगा। छत्तीसगढ़ के तीन जिलों महासमुंद, धमतरी और कबीरधाम में यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि फूलों की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने सोयाबीन, सेब, पॉम ऑयल, चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि फसल चुनते वक्त क्षेत्र की जलवायु के आधार पर निर्णय लें।
बैठक में जानकारी दी गई कि उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए ‘सेंटर फॉर एक्सिलेंस’ की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति अधिक से अधिक किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। इसी तरह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जल ग्रहण क्षेत्र विकास को भी बढ़ावा देने पानी को रोेकने स्ट्रक्चर बनाए जाते हैं और आजीविका मूलक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। इस पर अधिकाधिक काम हो। श्री साय ने आदिवासी बहुल जिलों में विश्व बैंक की सहायता से संचालित चिराग परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस योजना में समुदाय और परिवारों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, परिवार के आहार पोषण स्तर में सुधार, भूमि एवं जल संरक्षण आदि के कार्य किए जाते हैं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2024 के सभी आवश्यक तैयारियां विभाग द्वारा कर ली गई है। राज्य में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों की मांग के अनुरूप खाद बीज का भण्डारण किया जा रहा है। खरीफ सीजन 2024 के लिए किसानों द्वारा 544 लाख टन बीज के मांग के अनुरूप 431 लाख टन का भण्डारण कर लिया गया हैं। वहीं 261 लाख टन बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। जबकि पिछले वर्ष आज की स्थिति में 402 लाख टन बीज का भण्डारण कर 165 लाख टन बीज का वितरण किया गया था।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2024 के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों के लिए 13.68 लाख मेट्रिक टन खाद की उपलब्धता को लक्ष्य लेकर तैयारी की गई है। इसमें यूरिया 6.50 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3.40 लाख मेट्रिक टन, एसएसपी 2 लाख मेट्रिक टन, एनपीके 1.20 लाख मेट्रिक टन और एनओपी उर्वरक 58 हजार मेट्रिक टन शामिल है। लक्षित रासायनिक खाद के विरूद्ध 10.38 लाख मेट्रिक टन (76 प्रतिशत खाद) का भण्डारण हो चुका है, वहीं 4.98 लाख मेट्रिक टन (36 प्रतिशत) खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। खाद बीज वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की जानकारी बैठक में अधिकारियों से ली। उन्होंने कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को योजना के तहत दी जाने वाले भुगतान की राशि की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि योजना में 26 लाख 66 हजार 489 किसान पंजीकृत है। 13 हजार 287 करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को हो चुका है। खाता संबंधित त्रुटि के कारण 280 किसानों का लगभग 2 करोड़ रूपए का अंतरण शेष है। जल्द ही इन खातों का केवाईसी कर अंतरण कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि सरगुजा के बलरामपुर में मक्का उत्पादन तथा प्रोसेसिंग के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसवराजु एस., राहुल भगत, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन की प्रगति की समीक्षा की
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन, विधायक विश्रामगृह एवं विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए बन रहे आवासों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि निर्माण कार्य अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें। समय-समय पर प्रगति की समीक्षा की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, संसदीय कार्य मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी उपस्थित थे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बैठक में कहा कि विधानसभा भवन का निर्माण आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर किया जाना है। हमारा प्रयास यह हो कि पूरा विधानसभा सौर ऊर्जा से संचालित हो। यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि पूरा परिसर हरित वातावरण से सुसज्जित हो इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने परिसर में बागवानी के पौधों के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्य वृक्षों महुआ, कुसुम, साल और सागौन जैसे वृक्षों का रोपण किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ ही ऐसी व्यवस्था अपनाने की बात कही जिससे पानी का पुनः उपयोग सिंचाई में भी किया जा सके। उन्होंने परिसर में एक प्राकृतिक तालाब भी निर्मित करने की बात कही जिससे पानी की उपलब्धता बनी रहे। निर्माण कार्य में तीव्रता और कसावट लाने के लिए अध्यक्ष डॉ. सिंह ने मुख्य सचिव को प्रति माह बैठक आयोजित कर समीक्षा करने की भी बात कही।
संसदीय कार्य मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण में उच्च एवं आधुनिक गुणवत्ता के सामान का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा देश भर में अनूठा बने इसका ध्यान रखते हुए निर्माण करें क्योंकि देश भर से लोग विधानसभा भ्रमण के लिए आते हैं। यह छत्तीसगढ़ की बड़ी पंचायत है तो इसकी छटा पूरे देश में दिखाई पड़नी चाहिए। छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक के साथ ही सिरपुर जैसे धरोहरों की रेप्लीका भी दिखाई पड़नी चाहिए।
गौरतलब है कि नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-19 में लगभग 20.78 हेक्टेयर भूमि पर 217.12 करोड़ की लागत से नवीन विधानसभा भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नवीन विधानसभा भवन, विधायक विश्रामगृह एवं विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण हो रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिसम्बर 2024 तक सिविल कार्य और जून 2025 तक इंटीरियर से संबंधित कार्य पूर्ण कर लिए जायेंगे। नवीन विधानसभा भवन 200 विधायकों की क्षमता के हिसाब से निर्मित किया जा रहा है। यह भवन विधानसभा सचिवालय, 03 मीटिंग हॉल, कैंटीन, सेन्ट्रल हॉल, दर्शक दीर्घा, मीडिया लाऊंज, 1 सभागृह, आर्ट गैलरी, चिकित्सालय, बैंक और पोस्ट ऑफिस जैसी मूलभूत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। नवीन भवन में संसद भवन के तर्ज पर कैबिनेट मीटिंग हॉल का भी निर्माण किया जा रहा है। भवन को छत्तीसगढ़ की संस्कृति बस्तर आर्ट, जशपुर आर्ट के साथ ही कंटेम्पररी अर्बन आर्ट से भी सुसज्जित किया जायेगा।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त सचिव रजत बंसल, वन एवं पर्यावरण सचिव संगीता आर. सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट : केन्द्रीय नीति आयोग की सलाहकार निधि छिब्बर ने ली प्रगति की जानकारी
रायपुर। भारत सरकार के नीति आयोग की सलाहकार निधि छिब्बर ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में बनाए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट 2047 के संबंध में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। राज्य नीति आयोग के अधिकारियों ने उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए लघु, मध्यम और दीर्घ अवधि के सुझाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। विजन डॉक्यूमेंट बनाने का दायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। राज्य नीति आयोग द्वारा पिछले लगभग एक माह से लगातार विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकों का आयोजन कर विस्तृत विचार विमर्श किया जा रहा है। विशेषज्ञों के सुझाव को एकत्र किया जा रहा है। राज्य नीति आयोग द्वारा विजन डॉक्यूमेंट बनाने के लिए 8 वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर हाल में ही रायपुर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैंनेजमेंट में सुशासन और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर देश के जाने माने विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विचार-विमर्श किया। छत्तीसगढ़ के परिस्थितियों के मद्देनजर विशेषज्ञों और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के लिए विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर राज्य के सभी विधायकों और मंत्रिगणों से भी अपने सुझाव देने का आग्रह किया है। यह भी बताया कि विजन डॉक्यूमेंट को लेकर नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से सुझाव लेने की भी पहल की जाएगी। इसके लिए जनसंवाद का भी आयोजन करने की योजना है।
बैठक में योजना आयोग और सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित राज्य नीति आयोग की सलाहकार संस्थाओं के प्रतिनिधि और राज्य नीति आयोग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बृजमोहन अग्रवाल ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में अजय जामवाल और पवन साय से की मुलाकात, मंत्री पद से इस्तीफे को लेकर कही ये बात…
रायपुर। लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के साथ ही छत्तीसगढ़ के साय कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है. रायपुर लोकसभा सीट से शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रचंड बहुमत से चुनाव जीता और अब संसद में पहुंचने के बाद उनके मंत्री पद से इस्तीफे को लेकर भी चर्चा तेज है. ऐसे में मंत्री और सांसद बृजमोहन अग्रवाल आज शाम कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में क्षेत्रीय संघठन महामंत्री अजय जामवाल और संघठन महामंत्री पवन साय से मुलाकात करने पहुंचे. इस दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने अपने मंत्री पद या सांसद पद से इस्तीफे को लेकर मीडिया से बातचीत की.
बृजमोहन अग्रवाल कौन से पद से इस्तीफा देंगे इस पर उन्होंने कहा कि मंत्री तो मैं 6 महीनों तक रह सकता हूं. मुख्यमंत्री जब कहेंगे तब मंत्री पद से इस्तीफा दूंगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा कौन से पद से देना यह तो पार्टी निर्देश के बाद तय करूंगा.
बता दें, मंत्री अग्रवाल और क्षेत्रीय संघठन महामंत्री अजय जामवाल और संघठन महामंत्री पवन साय से बंद कमरे में पिछले आधे घंटे से उनकी चर्चा जारी है. बता दें, कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्री और सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
गुरुकुल परंपरा प्राचीन शिक्षा का गौरवशाली इतिहास है : बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। गुरुकुल परंपरा, शिक्षा का एक प्राचीन भारतीय दर्शन है, जो ज्ञान और चरित्र निर्माण पर केंद्रित है। गुरुकुल शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं था, बल्कि छात्रों को आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का भी शिक्षण देना था। गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ने सदियों से ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को पाटन जिला दुर्ग में सहजानंद अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल नूतन गुरुकुल के भूमिपूजन के अवसर पर कही। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हमे शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने की आवश्यकता है। जिसमे गुरुकुल परंपरा अहम भूमिका निभायेगी।
भारत की गुरुकुल प्रणाली शिक्षा और संस्कृत का एक अनूठा संगम रही है। जिसके चलते भारत की दुनिया भर में अलग पहचान रही है। गुरुकुल परंपरा से ही संस्कार, संस्कृति, शिष्टाचार, समाजिक जागरुकता, मौलीक व्यक्तित्व, बौद्धिक विकास जैसे अमूल्य गुणों को अपनी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में दे सकता हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि, यह छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि, भारत की इस दिव्य विरासत जीवित रखने के लिए यहां गुरुकुल की स्थापना की जा रही है जिसके लिए वो शास्त्री घन श्याम प्रकाश दास एवं कृष्णवल्लभदासजी स्वामीजी का हृदय से आभार प्रकट करते हैं जिनके मार्गदर्शन में गुरुकुल का निर्माण होने जा रहा है।






जनता की सेवा के लिए तत्पर रहें अधिकारी-कर्मचारी : कलेक्टर दीपक सोनी
बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले के नवनियुक्त कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा है कि आमजनता की सेवा के लिए अधिकारी-कर्मचारी तत्पर रहें। ग्रामीणों और आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के संबंध में आवेदन देने के लिए भटकना नहीं पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। मैदानी स्तर पर निराकरण नहीं हो सकने वाले आवेदनों को तत्काल जिला स्तर पर विभागीय अधिकारियों के पास भेजा जाए।
कलेक्टर श्री सोनी ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में अधिक समस्याएं प्राप्त होंगी वहां अभियान चलाकर समस्याओं का निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारी की रोकथाम पर विशेष ध्यान रखा जाए, पहले से एहतियात कदम उठाएं जाए। पेयजल स्त्रोतों का शुद्धिकरण कर लिया जाए। बरसात के पूर्व सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में नालियों की साफ-सफाई आदि के कार्य किए जाए। जिले के जिन-जिन क्षेत्रों में समस्या प्राप्त होगी वहां का भ्रमण कर समस्या का त्वरित निराकरण किया जायेगा। उन्होनें कहा कि सभी जिला अधिकारी मैदानी क्षेत्रों का सतत भ्रमण करे और अपने विभागीय योजनाओं से ग्रामीणजनों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।
बगैर अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा है कि विभागों के मैदानी अमले मुख्यालय में रहकर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों के जिला अधिकारियों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि बगैर अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बलौदाबाजार कलेक्टोरेट में काम-काज सामान्य दिनों की तरह फिर से शुरू, क्षतिग्रस्त वाहनों की बीमा क्लेम के लिए जनसुविधा केन्द्र स्थापित
रायपुर। बलौदाबाजार कलेक्टोरेट में सामान्य दिनों की तरह काम-काज फिर से शुरू हो गया है। सभी विभागों के अधिकारी आम दिनों की तरह ही अपने-अपने विभागों का काम-काज कर रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर बलौदाबाजार स्थित कलेक्टर परिसर स्थित संयुक्त कार्यालय में गत दिनों हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में क्षतिग्रस्त वाहनों के बीमा क्लेम दिलाने के लिए जनसुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है। इस केन्द्र में बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए कोई भी आम नागरिक और शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जिनका स्वयं का वाहन इस घटना में क्षतिग्रस्त हुआ है, इस जन सुविधा केन्द्र में आवेदन जमा कर सकते हैं।
नवनियुक्त कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा घटना में क्षतिग्रस्त हुए वाहन के स्वामियों को बीमा क्लेम दिलाने में सहयोग दिया जा रहा है, ताकि क्षतिग्रस्त वाहन स्वामियों को बीमा की राशि प्राप्त करने में आसानी हो। उन्होंने बताया कि जनसुविधा केन्द्र में बीमा क्लेम के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित बीमा कंपनियों को भेजा जाएगा, जिससे क्षतिग्रस्त वाहनों के स्वामियों को बीमा राशि मिल सके। उन्होंने बताया कि कलेक्टोरेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-07 में जनसुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है। बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए वाहन मालिकों को आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करना होगा। जनसुविधा केन्द्र के नोडल अधिकारी जिला कोषालय अधिकारी को नोडल अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी तथा लीड बैंक मैनेजर को सदस्य बनाया है।
कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कलेक्टोरेट में काम-काज सामान्य दिनों की तरह चालू हो गया है। सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभागों का काम-काज सुचारू रूप से कर रहे हैं। आम जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि जिले में शांति, सदभाव बनाये रखने में जिला प्रशासन को सहयोग करें।
डिजिटल क्रॉप सर्वे की जानकारी एग्री स्टैक पोर्टल में होगी दर्ज, पोर्टल के जरिए किसानों को सामयिक सलाह से बाजार उपलब्ध कराने तक मिलेगी सहायता, मास्टरों ट्रेनरों का हुआ प्रशिक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में फसल आच्छादन का अब डिजिटल सर्वे होगा। सर्वे में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां एग्री स्टैक पोर्टल में दर्ज होंगी। किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञो की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में भारत सरकार का एग्री स्टैक पोर्टल से मदद मिलेगी।
कृषि विभाग दिल्ली से आये अधिकारियों ने नया रायपुर इंद्रावती भवन में राजस्व विभाग के मास्टर ट्रेनरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे 2024 प्रशिक्षण देते हुए बताया कि जिओ रेफ्रेंसिंग तकनीक के माध्यम से इस वर्ष से डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाना है। डिजिटल सर्वे की जानकारी एग्री स्टैक पोर्टल में ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
एग्री स्टैक पोर्टल में किसानों का पंजीयन होने के बाद उन्हें एक फार्मर आईडी दी जाएगी। इस पोर्टल में किसानों द्वारा लगाई गई फसल के साथ-साथ उन्हें आवश्यक खाद और पानी की मात्रा की भी जानकारी मिलेगी। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के किसानों को अब न केवल जमीन अपितु जमीन में लगाये फसल और उत्पादन के लिए आवश्यक बाज़ार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
संचालक भू-अभिलेख रमेश शर्मा ने प्रशिक्षण में कहा कि इस पोर्टल के जरिए किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य कृषि उत्पादकों (किसानों) और नीति निर्माताओं-केंद्र सरकार और राज्य सरकार को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाना है।
अपर आयुक्त भू-अभिलेख डॉ. संतोष देवांगन ने बताया कि इस प्रशिक्षण से राज्य के किसानों को लाभ मिलेगा। एग्री स्टेक में किसान का पंजीयन हो जाने से उन्हें जरूरत का खाद और बीज मिल सकेगा। इसके साथ ही किसानों को आवश्यकतानुसार बैंक ऋण लेने की भी सुविधा मिलेगी। प्रशिक्षण में सभी जिलों के भू-अभिलेख अधिकारी और भू-अभिलेख अधीक्षक शामिल हुए।