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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में खाद्य विभाग ने आज कस्टम मिलिंग में लापरवाही करने वाले राइसमिलरों पर ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई की है. कलेक्टर के निर्देशन पर खाद विभाग ने पामगढ़ क्षेत्र में दो राइसमिल पर छापा मारा है. खाद्य विभाग ने आज सुबह-सुबह राज एग्रो इंडस्ट्रीज पामगढ़ में दबिश दी. जांच में आवश्यक दस्तावेज नहीं पेश करने पर खाद्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रोपराइटर सुनील कुमार के कब्जे से 1 हजार 2 सौ 96 क्विंटल धान जब्क कर लिया है.
वहीं केटी एन्ड संस इंडस्ट्रीज पामगढ़ में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. केटी एन्ड संस इंडस्ट्रीज में खाद्य निगम के स्टेट का आवंटन के 15 दिन बाद भी चावल जमा नहीं होने पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए 354 क्विंटल धान और 620 क्विंटल चावल जप्त किया है.

रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के सभागार में आयोजित समारोह में नव निर्वाचित विधायक सुनील सोनी को विधायक पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मंत्रीगणों और विधायकों ने श्री सोनी को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी।
विधायक सुनील सोनी ने शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं अपने क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करूंगा और उनकी सेवा में समर्पित रहूंगा।
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, किरण सिंह देव, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहब एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
बिलासपुर। पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है. मामले में हाई कोर्ट ने निचली अदालत के अग्रिम जमानत नहीं देने के फैसले को बरकरार रखते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जवाब तलब किया है. मामले की अगली एक हफ्ते बाद होगी.
जस्टिस रविंद्र अग्रवाल के सिंगल बेंच में आज सुनवाई हुई. पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा की ओर से मामले में ईओडब्ल्यू पर झूठे आपराधिक केस में फंसाने का आरोप लगाया गया है, जिस पर उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका लगाई है. जस्टिस ने एफआईआर पर स्टे देने से इंकार करते हुए एसीबी-ईओडब्ल्यू से जबाव तलब किया है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7क, 8, और 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 182, 211, 193, 195-ए, 166-ए, और 120बी के तहत अपराध दर्ज किया था.
ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, पूर्व आईएएस डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा से पद का दुरूपयोग करते हुए लाभ लिया. दोनों अफसरों ने तत्कालीन महाअधिवक्ता वर्मा को लोक कर्तव्य को गलत तरीके से करने के लिए प्रेरित किया था.
ईओडब्ल्यू का आरोप है कि इसके बाद तीनों ने मिलकर एजेंसी (ईओडब्ल्यू) में काम करने वाले उच्चाधिकारियों से प्रक्रियात्मक दस्तावेज और विभागीय जानकारी में बदलाव करवाया, ताकि नागरिक आपूर्ति निगम के खिलाफ 2015 में दर्ज एक मामले में अपने पक्ष में जवाब तैयार कर हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रख सकें और उन्हें अग्रिम जमानत मिल सके.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में युवाओं की भर्ती का सिलसिला वृहद पैमाने पर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर अब तक लगभग 19 विभागों में 8971 पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री श्री साय की मंशानुरूप विभागों में भर्ती की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर वित्त विभाग ने आज नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में 96 पद, विद्युत निरीक्षक कार्यालय में 27 और न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक अधिकारी के 28 रिक्त पदों पर भर्ती को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस तरह तीनों विभागों में कुल 151 विभिन्न पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में कुल 96 रिक्त पदों के तहत प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) और प्रबंधक (जनसंपर्क) के 1-1 पदों पर एवं सहायक अभियंता (सिविल/लो.स्वा.या) के 8, सहायक अभियंता (विद्युत), सहायक अभियंता (यांत्रिकी) तथा सहायक अभियंता (आईटी/कम्प्यूटर साइंस) के 1-1 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा सहायक योजनाकार/वास्तुकार के कुल 4, सहायक प्रोग्रामर के 3, सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के 2, उप अभियंता (सिविल/लो.स्वा.या) के 21, उप अभियंता (यांत्रिकी) और उप अभियंता (आईटी/कम्प्यूटर साइंस) के 1-1 शीघ्रलेखक (हिन्दी/अंग्रेजी) के 13, लेखापाल के 3, सहायक मानचित्रकार के 4, अनुरेखक के 4 और सहायक ग्रेड-03 के 26 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
इसी तरह मुख्य विद्युत निरीक्षक कार्यालय में कुल 27 पदों पर भर्ती को वित्त से स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें उपअभियंता के 13, सहायक ग्रेड-3 के 6, विद्युतकार के 5 और जांच अनुचर के 3 पद शामिल हैं। इसी तरह राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक अधिकारी के 28 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, एनआरडीए, विद्युत विभाग अपने-अपने विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगे हैं। नई भर्ती से विभागों की दक्षता में वृद्धि के साथ विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को नई दिशा एवं गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में नए अवसर प्रदान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय भर्तियों में युवाओं के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट का लाभ भी युवाओं को मिल रहा है।
रायपुर। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम कोदापाखा में स्थित धान उपार्जन केंद्र में किसानों को धान बेचने के बाद मौके पर ही नकद राशि का भुगतान माइक्रो एटीएम के जरिए किया जा रहा है। इस सुविधा से स्थानीय किसानों को अब 10-12 किलोमीटर ब्लॉक मुख्यालय दुर्गूकोंदल जाना नहीं पड़ रहा है। कोदापाखा केंद्र में धान बेचने के बाद ग्राम बंगाचार से आए किसान मिलाप राम पटेल ने यहां उपलब्ध माइक्रो एटीएम का उपयोग किया और एक हजार रुपए निकाले। उन्होंने बताया कि माइक्रो एटीएम का उपयोग बहुत ही आसान है। आधार नंबर और फिंगर प्रिंट के माध्यम से नगद राशि प्राप्त की जा सकती है। किसान श्री पटेल ने कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी केंद्रों में दी जा रही यह सुविधा वरदान साबित हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार की इस नवाचारी पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा धान उपार्जन केंद्रों में ही अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उनमें से एक है- धान खरीदी केंद्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों में स्थित धान खरीदी केंद्रों में भी किसानों को त्वरित नकदी प्रदाय करने के उद्देश्य से माइक्रो एटीएम मशीन उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सभी 2058 सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा दी जा रही है। धान बेचने केन्द्रों में पहुंचे किसान अब वहां माइक्रो एटीएम से दो हजार रूपए से लेकर दस हजार रूपए तक की राशि निकाल रहे हैं। किसानों ने अब तक माइक्रो एटीएम के जरिए लगभग 2.21 करोड़ रूपए की राशि निकाली है। किसानों के लिए माइक्रो एटीएम के जरिए पैसा जमा करने व पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा दी गई इस सुविधा से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है, इससे किसानों को तत्काल राशि की जरूरत पूरी हो रही है।
अपेक्स बैंक के अधिकारियों ने बताया कि 1 नवम्बर से 30 नवम्बर के मध्य किसानों ने अपेक्स बैंक से जुड़े समितियों से 4.59 लाख, रायपुर जिला सहकारी बैंक से 83.87 लाख, दुर्ग जिला सहकारी बैंक से 44.12 लाख, राजनांदगांव जिला सहकारी बैंक से 15.28 लाख, बस्तर (जगदलपुर) जिला सहकारी बैंक से 3.27 लाख, बिलासपुर जिला सहकारी बैंक से 68.83 लाख, सरगुजा(अंबिकापुर) जिला सहकारी बैंक से 0.80 लाख रूपए निकाली गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था भी शासन ने सुनिश्चित की है। परन्तु किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 10 हजार रूपए तक की राशि माइक्रो एटीएम से तुरन्त प्रदान किए जाने की सुविधा दी है। किसानों को धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्र तक उसके परिवहन के लिए किराए पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली-मजदूरी का भुगतान करने के लिए अब न तो किसी से राशि उधार लेने की जरूरत होगी, न ही बैंक का चक्कर लगाना होगा।




रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस 28 नवम्बर के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई सन्देश में कहा है कि “छत्तीसगढ़ी भाखा म हमर माटी के महक आथे । छत्तीसगढ़ी भाखा हमर अभिमान ए। सब अपन भाखा ला मान देहू तभे वो आघू बढ़ही”।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा ह कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हमे अपने पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ उनका परिचय नई पीढ़ी से कराना भी जरूरी है।
बता दें कि मंत्री तोखन साहू ने बैठक के दौरान स्थानीय युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी भावना को प्रेरित करने के लिए खेल अवसंरचना में निवेश के महत्व पर जोर दिया। मंत्री तोखन साहू ने इससे पहले केंद्रीय मंत्री मंडाविया को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने बिलासपुर और मुंगेली जिलों में खेल सुविधाओं के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर प्रकाश डाला था।
मंत्री तोखन साहू ने बताया कि खेल के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं स्थापित करने से युवाओं को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे एथलीटों की नई पीढ़ी तैयार होगी। श्री साहू ने कहा कि “हमारे युवाओं की अद्भुत क्षमता को सामने लाने के लिए जमीनी स्तर पर खेल अवसंरचना में सुधार करना महत्वपूर्ण है।” “सही समर्थन और सुविधाओं के साथ, छत्तीसगढ़ उभरती हुई खेल प्रतिभाओं का केंद्र बन सकता है और ‘खेलो इंडिया’ के तहत यह पहल उस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंत्री तोखन साहू को क्षेत्र में खेल अवसंरचना के विकास में सहयोग देने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया योजना के तहत कुल 7 खेल अवसंरचना, 31 खेलो इंडिया केंद्र और 4 मान्यता प्राप्त अकादमियों को पहले ही मंजूरी दे दी है। मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को विश्व स्तरीय सुविधाओं और विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करने में अटूट सहयोग के लिए युवा मामले और खेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
जगदलपुर। देशभर में हो रहे ईवीएम मशीनों से चुनाव और बस्तर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर पूर्व मंत्री व कोंटा विधायक कवासी लखमा ने बड़ा बयान दिया है. प्रेसवार्ता में लखमा ने कहा, आगे होने वाले विधानसभा में ईवीएम मशीन से चुनाव होता है कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ेगी. कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने जा रहा है. बैलेट पेपर से ही चुनाव होना चाहिए. कांग्रेस को किसी का डर नहीं है. भाजपा के नेता डरने वाले हैं.
विधायक लखमा ने कहा, कांग्रेस ने देशभर में ईवीएम मशीन के खिलाफ आंदोलन करने की योजना बनाई है. विश्व के बड़े-बड़े देशों अमेरिका जैसे देशों में बैलेट पेपर से चुनाव हो रहा है. इस चुनाव में वर्तमान में डोनॉल्ट ट्रंप ने चुनाव जीता है. पहले के नेता पंडित जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के समय में भी इतने वोटों का अंतर नहीं रहा. जिस प्रकार से आज के चुनावों में वोटों का अंतर देखने को मिल रहा है.
कवासी लखमा ने कहा, चाहे महाराष्ट्र का चुनाव हो या केरल का चुनाव हो, केवल कांग्रेस के लोग ही नहीं बल्कि देश के अलग अलग राज्यों की जनता भी कह रही है कि कांग्रेस को वोट दे रहे हैं, लेकिन मशीन अलग चल रहा है. ऐसी स्थिति में देश में क्यों सरकार बैलेट पेपर से चुनाव नहीं करा रही है. बैलेट पेपर से चुनाव को लेकर पूरे इंडिया गठबंधन द्वारा विरोध प्रदर्शन की चर्चा चल रही है. बस्तर के नेता भी विरोध का समर्थन कर रहे हैं.
बिलासपुर। बिलासपुर के कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक के बाद उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कांग्रेस के बिलासपुर लोकसभा प्रभारी सुबोध हरितवाल और वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर राजेश पांडे के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. घटना के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी मौजूद थे.

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर कांग्रेस भवन में आज नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के संबंध में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें मुख्य रूप से पीसीसी चीफ दीपक बैज भी शामिल हुए थे. इसी बैठक पूर्व मेयर राजेश पांडे को बोलने का मौका नहीं दिया गया. जिसके बाद राजेश पांडे और सुबोध हरितवाल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. वहीं बैठक में उपस्थित कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने हस्तक्षेप कर दोनों नेताओं के बीच सुलह कराई. विवाद शांत होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज रायपुर के लिए रवाना हो गए.
मंत्री तोखन साहू ने मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार उस भूमि के बदले आवश्यक राशि जमा करने के लिए तैयार है, जो पहले सेना को दी गई थी लेकिन उसका उपयोग नहीं किया गया है। सेना की भूमि का हस्तांतरण और उसके बाद बिलासपुर हवाई अड्डे का विस्तार छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी बढ़ाने, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने और समग्र आर्थिक संभावनाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुलाकात के दौरान ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि वह संबंधित अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और हस्तांतरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं और शेष प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दें, ताकि हवाई अड्डे के विस्तार को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाया जा सके।

कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई है. यह टीम सड़कों के किनारे खड़ी वाहनों और अतिक्रमण पर कार्रवाई करेगी. आज से शुरू कार्रवाई में पुलिस ने दो ऑटो को जब्त किया है और अन्य वाहनों पर भी कार्रवाई की है. नगर निगम की टीम ने सड़कों के किनारे ठेले लगाने वालों पर भी कार्रवाई करते हुए उनका ठेला जब्त किया. साथ ही अन्य वाहन चालकों को समझाइश भी दी गई. जिन-जिन स्थानों पर अवैध तरीके से पार्किंग होने पर यातायात बाधित हो रहा है, उन स्थानों पर भी कार्रवाई की गई है.

सड़कों के किनारे वाहन खड़ी होने और अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें सकरी हो रही है. इस वजह से सुबह और शाम के समय में शहर में यातायात बाधित हो रहा है. इस यातायात बाधित होने की वजह से जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है. साथ ही जहां बड़े-बड़े बेसमेंट में पार्किंग पर अवैध तरीके से गोदाम बनाया गया है, उन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए है जैसे नयापारा चैक इत्यादि. साथ ही गोदाम में कचरा फैलाने पर भी कार्रवाई की जाएगी. जिन सड़कों से आगे बढ़ाकर होर्डिंग्स लगाई गई है, उसे भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. शहर के उन स्थानों भीड़-भाड़ हो वहां से अवैध ठेलों की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी. सड़कों के किनारे खड़ी कंडम गाड़ियों की भी जब्ती की जाएगी.
एसएसपी संतोष सिंह एवं नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सड़कों पर अवैध अतिक्रमण और यातायात बाधित करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है. यह टीम प्रतिदिन यातायात बाधित होने वाले सड़कों पर पहुंचेगी और कार्रवाई करेगी. आज कार्रवाई के दौरान डीएसपी गुरजीत सिंह एवं नगर निगम की टीम उपस्थित रहे. अब निरंतर कार्रवाईयां भी की जाएगी और वाहनों पर जुर्मानें भी किए जाएंगे.
रायपुर। रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे ने मादक पदार्थ (गांजा) तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए PIT एनडीपीएस एक्ट, 1988 की धारा 10 के तहत चार आरोपियों को जेल भेजने का आदेश जारी किया है। इनमें उदय जैन (थाना खमतराई) और बाबू उर्फ देंगा सरदार (थाना माना कैंप) को 6-6 महीने के लिए, जबकि अजीत सिंह (थाना आमा नाका) और बैशाखू ध्रुव (थाना उरला) को 3-3 महीने के लिए जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई नशा तस्करी पर रोक लगाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
पिट यानी PIT एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है जो लगातार उस अपराध में शामिल पाए जाते हैं। यह कार्रवाई शासन की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है जिनका जेल में बंद किया जाना बेहद जरूरी हो जाता है।
PIT NDPS एक्ट के तहत ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है, जिनके द्वारा लगातार अवैध रूप से मादक पदार्थों का व्यापार, गतिविधि की जा रही है। तथा निरुद्ध के बिना ऐसे कार्य को रोकने के अन्य कोई विकल्प नहीं हो।
छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर की 289वीं एवं रायगढ़ जिले में 8वीं सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष को विस्तार से सुना गया. जिला मुख्यालय स्थित स्व. लखीराम मेडिकल काॅलेज की छात्राओं ने एक डाॅक्टर पर पढ़ाई के दौरान अश्लील छेड़छाड़ की शिकायत महिला आयोग से की थी. इस पर महिला आयोग की टीम ने छात्राओं से अलग-अलग चर्चा करने के बाद शाम तक पूरे प्रकरण को नस्तीबद्ध किया.

छात्राएं जनसुनवाई में उपस्थित हुई थी. उन्होंने अपने साथ कोई छेडछाड़ नही होने की बात कही और इस सुनवाई में 7 से 8 छात्राएं अनुपस्थित थीं. महिला आयोग की टीम ने मेडिकल काॅलेज के डीन को इस मामले में गंभीरता बरतने के निर्देश देने के साथ-साथ काॅलेज में आंतरिक परिवाद समिति का डिस्पले लगाने की बात कही।
आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने पत्रकारों को बताया कि पहले भी जो शिकायत मिली थी उस पर आयोग के सदस्यों ने मेडिकल काॅलेज जाकर जांच की थी. जांच के बाद हमारे पास फीडबैक आया था कि हमको इतना अधिक दबाव में रखा गया था कि कोई भी कुछ बोलेगा तो कैरियर खराब कर देंगे. चूंकि 60 प्रतिशत नंबर प्रैटिकल के जरिये मिलता है और रिर्टन के भी नंबर होते हैं इसलिए इस प्रकरण को फिर से रखा गया था. बंद कमरे में काॅलेज की छात्राओं से बात की. इस दौरान 19 छात्राएं मौजूद थी और 7 छात्राएं बाहर होने की वजह से नही पहुंच सकीं.
अध्यक्ष किरणमयी नायक ने बताया कि हमारी सदस्य कोसरिया और जूदेव ने एक-एक छात्राओं से अलग-अलग बात करके उनकी समस्याओं को सुना, ताकि कोई यह शिकायत न कर सके कि उनकी सुनवाई नहीं हुई. सभी छात्राओं ने यह कहा कि उनके द्वारा शिकायत इस संबंध में नहीं की गई. आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि 2022 में उनके पास जब शिकायत आई थी तब शिकायत करने वाली छात्राएं फस्ट ईयर की छात्राएं थी. अब दो साल बाद वहीं छात्राएं फायनल ईयर में पहुंच गई है. अब उनकी शिकायत को हम दिरकिनार नहीं कर सकते. छात्राओं से बातचीत के बाद इस प्रकरण को समाप्त कर रहे हैं.
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि वर्तमान में दोनों पक्षों के मध्य सुलह हो गई है. आवेदिका प्रकरण वापस लेना चाहती है. अब 2 माह से साथ रह रहे हैं. इसके बाद इस मामले को नस्तीबद्ध किया गया. अन्य प्रकरण में आवेदिका डीएलएड की पढ़ाई कर रही थी. अनावेदक सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत है. अनावेदक द्वारा आवेदिका को फीस जमा नहीं किये जाने की बात कहकर परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया. चूंकि आज अनावेदक अनुपस्थित था. इस पर थाना चक्रधर नगर के माध्यम से आगामी सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को 16 जनवरी 2025 को रायपुर बुलाया गया.
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि ससुराल पक्ष (पति, ससुर, सास) ने जहर खिलाया था. आवेदिका मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी. 04-05 दिन बाद आवेदिका के पिता ने थाना जूटमिल में शिकायत की, परंतु एफआईआर दर्ज नहीं किया गया. पुलिस ने काउंसलिंग करके न्यायालय जाने की सलाह दी. दोनों पक्ष को सुनने के बाद महिला आयोग की टीम ने कहा, मामला दहेज प्रताड़ना एवं जहर देकर मारने का लग रहा है. पुलिस अधीक्षक को डीपीओ के माध्यम से ऑर्डरसीट व शिकायत आवेदन आज ही भेजे जाने और एक माह के अंदर आयोग को रिपोर्ट भेजने कहा गया.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने ट्रांसफर आर्डर का पालन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किये है। GAD ने इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को अलग-अलग 7 बिंदुओं में दिशा निर्देश जारी किये है। इसके अलावा आदेश का पालन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ ब्रेक-इन-सर्विस” की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
(1) स्थानांतरित किए गए शासकीय सेवक को स्थानातरण आदेश जारी होने के 10 दिवस के भीतर कार्यमुक्त किया जाए। यदि संबंधित शासकीय सेवक निर्धारित समयावधि में कार्यमुक्त नहीं होता है तो उसे सक्ष्म अधिकारी द्वारा एकक्षीय भारमुक्त करने के आदेश दिए जाए तथा स्थानांतरण आदेश क्रियान्वित हुआ माना जाए। यदि शासकीय सेवक द्वारा स्थानातरण आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।
(2) शासकीय सेवकों द्वारा 07 दिवस के भीतर स्थानांतरण आदेश का पालन न किए जाने की स्थिति में संबंधित शासकीय सेवक के विरुद्ध निलम्बन की कार्यवाही की जाए और अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित व्यक्ति के विरूद्ध ब्रेक-इन-सर्विस” की कार्यवाही की जाए।
(3) स्थानांतरित शासकीय सेवक यदि 07 दिनो से अधिक अवधि के लिए लघुकृत अवकाश लेता है तो उसे मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा जाए। यदि मेडिकल बोर्ड द्वारा अनुशंसा नहीं की जाती है अथवा शासकीय सेवक अन्य अवकाश के लिए आवेदन करता है या अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहता है तो ऐसी अवधि को अनाधिकृत अनुपस्थिति मानकर इसे “डाईज नॉन” किया जाए।
(4) स्थानांतरित किए गए शासकीय सेवक का अवकाश नई पदस्थापना बाले कार्यालय से ही स्वीकृत किया जाएगा।
(5) यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताव है, तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जी गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्तियों का जो असंतुलन (इमबैलेंस) है, उसे सतुलित (बेलेस) करने का विशेष ध्यान रखा जाए।
(6) अनुसूचित क्षेत्र से गैर अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरित किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को उसके कार्यालय प्रमुख या नियंत्रण अधिकारी द्वारा तब तक कार्यमुक्त न किया जाए, जब तक कि उसका एवजीदार कार्य पर उपस्थित न हो जाए, तथापि अत्यावश्यक परिस्थितियों में यदि संबंधित कार्यालय में दो तिहाई पद यदि भरे हो तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्थानांतरित शासकीय सेवक को कार्यमुक्त करने पर विचार किया जा सकता है।
(7) यदि एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिये निवास स्थान में परिवर्तन के बिना स्थानांतरण हुआ है. तो शासकीय सेवक के कार्यमुक्त पश्चात् एक दिन से अधिक पदग्रहणकाल की पात्रता नहीं होगी। स्थान से तात्पर्य नगरपालिका वा नगर निगम की सीमा से आने वाले क्षेत्र से है, जिसमें उपनगरीय नगरपालिकायें, अधिसूचित क्षेत्र, केन्टोनमेन्ट और उसी नगर पालिका के आस-पास का क्षेत्र सम्मिलित है। स्थानांतरण के फलस्वरूप मुख्यालय परिवर्तन होने पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए संबंधित विभाग/कार्यालय दूरी के आधार पर पदग्रहण काल की सीमा निर्धारित करने के लिए सक्षम है तथापि यह सीमा किसी भी स्थिति में एक सप्ताह से अधिक नहीं होना चाहिए।
राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को एक पत्र जारी कर नायब तहसीलदार और तहसीलदारों को तत्काल भारमुक्त करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही 10 दिनों के भीतर जॉइनिंग करने के निर्देश दिए है.
पत्र में कहा गया है कि 13 सितंबर 2024 को तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों का स्थानांतरण कर विभिन्न जिलों में पदस्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को पूर्व में भी स्थानांतरित किया गया है। शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ अधिकारियों ने अपने नवीन पदस्थापना स्थान में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसके अलावा कुछ तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने उक्त स्थानांतरण के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसका न्यायालय के निर्णय के परिपालन में अधिकारियों द्वारा विभाग में अभ्यावेदन प्रस्तुत किये गए थे। प्राप्त अभ्यावेदनों में विभाग द्वारा माननीय न्यायालय के निर्णय का पालन कर विभागीय पत्र 25 नवंबर 2024 को निराकरण किया गया है।
गौरतलब है कि स्थानांतरित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को जिले से भारमुक्त करने और नवीन पदस्थापना स्थान में कार्यभार ग्रहण करने के साथ सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 25.11.2024 के निर्देश का पालन किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव अन्वेष घृतलहरे ने इसका निर्देश जारी किया है।

रायपुर। हमारा संविधान दुनिया का सबसे सुंदर संविधान है। दुनिया के 60 देशों के संविधान का अध्ययन कर हमारे संविधान का निर्माण हुआ है। संविधान को केवल पढ़े नहीं बल्कि इसे समझे और इसका पालन करें। यह उद्गार राज्यपाल रमेन डेका ने आज संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किया।
श्री बालाजी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल एवं कॉलेज रायपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित संगोष्ठी मे राज्यपाल श्री डेका बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। श्री डेका ने संगोष्ठी में भारत के संविधान के संबंध में अपने प्रासंगिक विचार रखे। उन्होंने संविधान की विभिन्न धाराओं के तहत उल्लेखित नियमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते 75 वर्षाे की यात्रा में बहुत चुनौतियां रही, इसलिए समय-समय पर संविधान में कई संशोधन किए गए जो देश की बदलती जरूरतों के अनुसार आवश्यक थे। किन्तु इन परिवर्तनों के बावजूद संविधान की मूलभावना, समानता, स्वतंत्रता और न्याय अक्षुण्ण रही। यह हमारे संविधान की अद्वितीय विशेषता है कि यह स्थिरता और लचीलापन दोनों का संतुलन बनाए रखता है।
राज्यपाल ने कहा कि भाषण की स्वतंत्रता हमारे संविधान ने हमें दी है। लोकतंत्र में राजनीति का बहुत महत्व है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संविधान में प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को राजनीति में भागीदारी करना चाहिए। महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और सही निर्णय लेने की क्षमता तथा ज्ञान होना आवश्यक है जिससे महिलाएं सशक्त होंगी।
संगोष्ठी में उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने भी अपना उद्बोधन दिया। उन्होेंने कहा कि लंबी लड़ाई के बाद देश आजाद हुआ और संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा बनाई गई। सभा के 284 सदस्यों ने संविधान के प्रारूप का अनुमोदन किया फिर 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया। मूल संविधान अंग्रेजी में था, छत्तीसगढ़ के श्री घनश्याम दास गुप्ता के नेतृत्त्व में उसका हिन्दी अनुवाद हुआ। यह हमारे लिए गर्व की बात है। श्री साव ने कहा कि आज भारत दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है इसका मूल कारण हमारा संविधान ही है।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता ‘‘हमारा संविधान भाव एवं रेखांकन‘‘ तथा ‘‘संविधान की जन्म कथा‘‘ पुस्तकों के लेखक लक्ष्मीनारायण भाला ने संविधान निर्माण के इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने के सरकार के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता धनीराम पटेल ने दिया।
इस अवसर पर बसना के विधायक संम्पत अग्रवाल, पवन साय, बालाजी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. देवेन्द्र नायक, एमडी डॉ. नीता नायक, संचालक डॉ. वीरेन्द्र पटेल, डॉ. नितिन पटेल,एवं अन्य अधिकारी, प्रबुद्धजन तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी रायपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया जा रहा है। खेल प्रतियोगिताएं 15 से 19 दिसंबर तक होंगी। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की मेजबानी इस बार छत्तीसगढ़ को मिली है। इन खेलों के सफल आयोजन के लिए आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आयोजन के लिए गठित राज्य स्तरीय आयोजन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। श्री जैन ने खेल प्रतियोगिताओं के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने, खिलाड़ियों के ठहरने, आवागमन, खेल स्थलों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली पानी सहित अन्य व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि अनुसूचित जनजाति के छात्रों की खेल प्रतिभा को पहचानना, निखारना एवं प्रोत्साहित करना है, ताकि उन्हें विभिन्न मंचों पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिले और खेल-कूद की संस्कृति को बढ़ावा देते हुए उनकी प्रतिभा को एक नया आयाम प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं में करीब 23 खेलों का आयोजन होगा। इनमें तीरंदाजी (आर्चरी), एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज (चेस), जिमनास्टिक, जूडो, योग, टेनिस, निशानेबाजी (शूटिंग), तैराकी (स्वीमिंग), टेबल टेनिस, ताईक्वाण्डो, भारोत्तोलन (वेट लिफ्टिंग), कुश्ती (रेसलिंग) फ्रीस्टाईल, बास्केटबॉल, फुटबाल, हैंडबाल, हॉकी कबड्डी, खो-खो, एवं व्हालीबाल शामिल है। खेल प्रतियोगिताओं में व्यक्तिगत एवं युगल के 15 तथा 7 सामूहिक खेलों का आयोजन होगा। राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं राजधानी रायपुर में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं एवं खेल विभाग के खेल मैदानों में होगी। प्रतियोगिता में 25 राज्यों के करीब 6 हजार खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगियों का पंजीयन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों की करीब 26 समितियां गठित कर ली गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, पर्यटन, संस्कृति और भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने दिल्ली में इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की. उषा ने नई कार्यकारिणी को मान्यता देते हुए सभी को बधाई दी. मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले नेशनल गेम्स के लिए किए गए एमओयू पर चर्चा की गई. साथ ही डॉ. सिसोदिया और सीओए के कोषाध्यक्ष संजय मिश्रा को नई जिम्मेदारी मिली. उन्हें उत्तराखंड में होने वाले 38वें नेशनल गेम्स के लिए कोआर्डिनेशन कमेटी का सदस्य बनाया गया है.
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