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मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से सिकलसेल से जूझ रही आशा को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए मिली 20 लाख की आर्थिक सहायता
रायपुर। जब जीवन में हर तरफ अंधेरा दिखाई देने लगे तब उम्मीद के एक छोटी सी रोशनी भी पूरे जीवन को प्रकाशवान कर जाती है। ऐसी ही कहानी है कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत रेमते में रहने वाली 15 साल की आशा चक्रेश की। सिकलसेल से पीड़ित आशा के जीवन में कई उतार चढ़ाव आये पर कहीं भी उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दे रही थी। यहां पर आशा के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना एक नई उम्मीद बन कर आई।
आशा को जन्म से ही सिकलीन की बीमारी है। यह जानकारी मजदूर माता पिता के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। चिकित्सकों ने बताया था कि आशा को सिकलसेल की बीमारी का वह प्रकार है जो 10 लाख लोगों में एक व्यक्ति को होने वाली बीमारी है। इस संबंध में आशा की माता बिमला बाई चक्रेश ने बताया कि आशा के पिता स्व. मंगलराम चक्रेश उसके स्वास्थ्य और इलाज के लिए हमेशा चिंतित रहा करते थे। आशा के ईलाज के लिए दंपत्ति ने अपनी छोटी सी बचत और आयुष्मान भारत योजना की सहायता से कई अस्पतालों का चक्कर लगाया। रायपुर से लेकर इंदौर, मुंबई सभी जगह आशा की जांच कराने के बाद भी निराशा ही हाथ लगी थी।
बचपन से हर महीने आशा को खून चढ़ाने अस्पताल का चक्कर लगाना ही पड़ता था और इसका खर्च भी वहन करना पड़ता था। ऐसे में एक दिन एक दुखद दुर्घटना में पिता मंगलराम का भी निधन हो गया। इस हालात में आशा का आगे का इलाज असंभव लगने लगा था। एक दिन जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कैम्प आयोजित किया गया था जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। हमारे लिए इसका खर्च उठा पाना संभव नहीं था तब जिला प्रशासन से जांच हेतु 01 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई, जिससे रायपुर जाकर जांच संभव हो सका। परन्तु महंगे ईलाज की समस्या अभी भी बनी हुई थी।
चिकित्सकों ने उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी दी। जहां से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवेदन को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यालय भेजा गया। त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकृति प्रदान करते हुए ईलाज के लिए 20 लाख रुपये प्रदान किया गया। जिसके बाद रायपुर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दाता की पहचान की गई। दाता का सैम्पल मैच होने पर आशा का बोन मैरो ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद आशा को नया जीवन प्राप्त हुआ। इस नए जीवन के लिए आशा और उनकी माता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि यदि मुख्यमंत्री से सहायता ना मिलती तो शायद आशा का जीवन बचा पाना उनके लिए संभव नहीं होता।
CG सिविल सोसाइटी ने नवजोत सिंह सिद्धू के नाम जारी किया लीगल नोटिस, 7 दिनों के भीतर कैंसर के इलाज के डॉक्यूमेंट पेश करें, नहीं तो देने होंगे 850 करोड़…
सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी के असाध्य कैंसर रोग के सम्बंध में अमृतसर स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस व मीडिया में बोलते हुए खुलासा किया कि उनकी पत्नी का स्टेज 4 कैंसर को लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव कर मात दे दी है. उन्होंने दावा किया कि, सिर्फ डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके उनकी पत्नी 40 दिन में कैंसर को मात दे दी है. जिसे सुनकर देश विदेश के कैंसर ग्रसित मरीजों में भ्रम व एलोपेथी मेडिसिन के विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है. इसलिए हम इस लीगल नोटिस के जरिये सिद्धू परिवार से स्पष्टीकरण व दस्तावेज की मांग कर रहे हैं.
CG सिविल सोसाइटी ने पत्र में पूछे ये सवाल:
1. जो दावा नवजोत सिद्धू ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर किया है, क्या श्रीमती सिद्धू उनके बयान का पूर्ण समर्थन करते हैं?
2. क्या श्रीमती सिद्धू को लगता है कि एलोपेथी मेडीसिन का जो इलाज आपने विभिन्न अस्पतालों में करवाया है उनके इलाज उपचार से आपको कोई भी लाभ नहीं हुआ है?
3. क्या आपके कैंसर फ्री होने में सिर्फ आपकी डाइट, नीम पत्ता, नींबू पानी, तुलसी पत्ता, हल्दी का ही सेवन किया है किसी भी एलोपेथी मेडीसीन का उपयोग नहीं किया है?
4. यदि आप अपने पति के दावे के समर्थन करती हैं तो वे सभी प्रमाणित दस्तावेज हमें 7 दिनों के भीतर उपलब्ध करावें, जिनसे यह साबित हो सके कि आपने महज 40 दिनों में बिना मेडिसिन लिए, बिना चिकित्सकीय सहायता के मात्र डाइट को बदलाव करके स्टेज 4 के कैंसर को समाप्त कर आप कैंसर फ्री हो गए हैं.
CG सिविल सोसाइटी ने इसके साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी को लिखा- अगर आप अपने पति के दावों के समर्थन में कोई प्रमाणित दस्तावेज और मेडिकल प्रमाण नहीं रखते हैं तो आप फिर से एक प्रेस वार्ता कर स्पष्टीकरण देवें. क्योंकि अन्य कैंसर मरीजों को भ्रम हो रहा है और वे अपनी मेडिसिन, इलाज, चिकित्सकीय उपचार छोड़कर आपके व आपके पति के कहे बातों पर भरोसा कर के अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं जिनके जिम्मेदार आप होंगे.
उन्होंने पत्र में आगे लिखा- प्रेस वार्ता में आपकी (सिद्धू दंपत्ति) तरफ से दिए गए बयानों से एलोपेथी पद्धति, एलोपेथी मेडिसिन, उसके चिकित्सकों व चिकित्सकीय मापदंडों के लिए भ्रम फैला गए हैं जिससे होने वाले सभी जनहानि, स्वास्थ्य की क्षति, मानहानि और मरीजों के जीवन के साथ होने वाले खिलवाड़ के साथ ही मरीजों के बिगड़ने वाले हालातों के जवाबदार आप दंपत्ति होंगे. इस स्थिति में 100 मिलियन डॉलर (Rs 850 crores) की राशि भी कम ही आंकलित होगी.
CG सिविल सोसाइटी ने शो कॉज नोटिस में लिखा कि (सिद्धू दंपत्ति) आप 7 दिनों के भीतर सभी स्वास्थ्य दस्तावेज भेज कर 40 दिनों में में ठीक होने वाले कथन को प्रमाणित करें, या प्रेस कांफ्रेंस कर अपने बयान (झूठे दावों) को वापिस ले और कथनों से फैले भ्रम को दूर करें, ताकि लोगों को किसी प्रकार की स्वास्थ्य हानी या जन हानि न हो.
वहीं 7 दिनों के भीतर ऐसा नहीं करने पर आप (सिद्धु दम्पत्ति) आपके कारण फैले भ्रम से होने वाली सभी घटना, दुर्घटना, जन-हानि, धन-हानि, सभी प्रकार की क्षति के लिए जिम्मेदार होंगे. इसके लिए आप पर 100 मिलियन डॉलर यानि 850 करोड़ रुपए का विधिवत क्षतिपूर्ति दावा किया जाएगा.
हाईकोर्ट ने पुलिस बल आरक्षक संवर्ग भर्ती 2023-24 पर लगाईं रोक, जानें पूरा मामला
बिलासपुर। पुलिस बल आरक्षक संवर्ग 2023-24 के पदों पर होने वाली भर्तियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के जिलों में आरक्षकों के अलग-अलग पदों पर भर्तियां होने वाली थीं। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई।
बता दें कि हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता बेदराम टंडन द्वारा दाखिल याचिका के मुताबिक यह आरक्षक संवर्ग 2023-24 भर्ती प्रक्रिया का पूरा मामला है, जिसके तहत राज्य के सभी जिलों में अलग-अलग पदों पर भर्ती होनी थी। इसमें याचिकाकर्ता के पुत्र ने राजनांदगांव में होने वाले कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के लिए आवेदन दिया था। राजनांदगांव जिले में इस श्रेणी के तहत 143 पद जारी किए गए थे, लेकिन विज्ञापन जारी होने और फॉर्म भरने के बाद डीजी पुलिस ने सचिव को इस नियुक्ति प्रक्रिया में पुलिस विभाग में कार्यरत/EX SERVICEMEN कर्मचारियों के बच्चों को छूट देने संबंधी पत्र लिखा था।
पत्र में सुझाव देते हुए लिखा गया था कि भर्ती नियम 2007 की कंडिका 9(5) के तहत भर्ती प्रक्रिया के मापदंडों को शिथिल किया जा सकता है, जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान सीने की चौड़ाई और ऊंचाई जैसे कुल 9 बिंदुओं में शामिल थे। अवर सचिव ने इस सुझाव को स्वीकार भी कर लिया। इससे आहत होकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि केवल अपने विभाग के कर्मचारियों को छूट देना आम नागरिकों के साथ भेदभाव है, इसलिए इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। मामले में वकील द्वारा पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरक्षक संवर्ग 2023-24 के अलग-अलग पदों पर होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि क्योंकि नियमों को शिथिल करने का लाभ सभी पदों पर मिलता है, इसलिए सभी पदों पर होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी गई है।
निर्वाचन कार्याे की तैयारी के संबंध में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
रायपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता मे बिलासपुर कलेक्टोरेट के मंथन सभाकक्ष मे स्थानीय निकायों के निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों संभाग के संभाग आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बैठक में चुनाव संबंधी सभी तैयारियां समय पूर्व सुनिश्चित करने के दिए।
बैठक में मुख्य रूप से चुनाव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की स्थिति, और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण विषयों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक के माध्यम से चुनाव के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, मतदाता जागरूकता बढ़ाने, और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने कहा कि निर्वाचन नामावली का कार्यक्रम जारी है। कल 27 नवंबर तक नाम जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा की 01 अक्टूबर 2024 की स्थिति मे 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची मे आवश्यक रूप से दर्ज होना चाहिए। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के पूर्व यह सुनिश्चित कर ले की भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता सूची मे सम्मिलित सभी नाम स्थानीय निकाय चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में शामिल हो। मतदाता सूची की शुद्धता से समस्याएं नहीं आती है। उन्होंने कहा की समय-समय पर निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गए, उन्हीं निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों के निर्वाचन की तैयारी की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने कहा कि आप सभी अपनी तैयारियों की समीक्षा करते रहें। आगामी 29 नवम्बर को रायपुर और दुर्ग संभाग तथा 4 दिसंबर को जगदलपुर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। अभी आरक्षण की कार्यवाही भी होनी है। आगामी समय में राज्य स्तर की बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक शामिल होंगे। इसके बाद निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सुरक्षा उपायों और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती, और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और सहयोग बना रहे ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को समय पर सही जानकारी प्रदान करें। इस अवसर पर बिलासपुर संभाग के संभागायुक्त महादेव कावरे, सरगुजा संभाग के जी आर चुरेन्द्र, सरगुजा संभाग के आईजी अंकित गर्ग, बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे सहित सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।
समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नवा रायपुर स्थित नवीन शासकीय आवास में किया गृह प्रवेश, मुख्यमंत्री ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नया रायपुर स्थित नवनिर्मित शासकीय आवास में अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े को उनके नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
गृह प्रवेश समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, किरण देव, इंद्र कुमार साहू, धर्मजीत सिंह, पुरंदर मिश्रा, योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण ने भी महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी।
‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में वन मंत्री और वित्त मंत्री हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में जल्द इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू की जाएगी। वन विभाग द्वारा इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा, जहां इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होगी। अभी तक देश के एक मात्र राज्य केरल में यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के लागू होने से राज्य में वनों का संवर्धन, जल स्त्रोतों का संरक्षण, मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
यह जानकारी वनमंत्री केदार कश्यप एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज नया रायपुर के मेफेयर में ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए दी। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में जलवायु अनुकूलता और लो कार्बन आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उससे निपटने के महत्व पर चर्चा की। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘जनजाति समुदाय सदैव जल, जंगल, और जमीन का संरक्षक रहा है। उन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज ने अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। श्री कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सरकार के सतत विकास लक्ष्यों का अभिन्न हिस्सा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कैलाश पर्वत और भगवान शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ उनके वाहन नंदी, बाघ, मूषक और मोर सबके एक साथ रहने के उदाहरण देते हुए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन केवल चर्चा का विषय नहीं है; यह हमारे राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है।’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौधरी ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण नवाचारों और हरित निवेश में भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति दी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नेटिव स्पीशीज के पौधों के रोपण, वन क्षेत्रों के विकास और वेटलैंड संरक्षण की योजनाओं पर जोर दिया। कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माताओं ने व्यापक चर्चा की।
इस कार्यशाला में पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात मिश्रा, सीड के डायरेक्टर डॉ. मनीष राम, क्रेडा के अभिषेक शुक्ला, झारखंड वन विभाग के रवि रंजन, पश्चिम बंगाल सरकार के चीफ एनवायरनमेंट ऑफिसर धर्मदेव राय, ठाकुर प्यारेलाल इंस्टीट्यूट निमोरा के डायरेक्टर पी. सी. मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अनिल श्रीवास्तव, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन, आईआईएम रायपुर के डॉ. राहुल बी. हीरेमथ, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निनाद बोधनकर, सीजी कास्ट के साइंटिस्ट और कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिंह सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के विभागीय पोर्टल को किया लॉन्च
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए विभागीय पोर्टल www.cguadfinance.in को लॉन्च किया। उन्होंने पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे शहरी प्रशासन और विकास के कार्यों को ज्यादा पारदर्शी बनाने, निर्माण कार्यों के प्रभावी व त्वरित मॉनिटरिंग तथा उनकी प्रगति की समीक्षा में सहूलियत होगी। यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और 2047 तक विकसित भारत के विजन की दिशा में बड़ा कदम है। इससे हम पेपरलेस प्रशासन और डिजिटल सशक्तिकरण की ओर तेजी से आगे बढ़ेंगे।
विभाग द्वारा इस पोर्टल को विशेष रूप से नगरीय निकायों में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं व कार्यों की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग के लिए विकसित किया गया है। यह पोर्टल निकायों के कार्यों की निगरानी को सरल और प्रभावी बनाएगा। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का पूरा लाभ नागरिकों तक पहुंचे। यह पोर्टल डिजिटल इंडिया का दायरा बढ़ाने के साथ ही विभाग को आधुनिक कार्यप्रणाली से जोड़ता है। इस पोर्टल के उपयोग से न केवल विभाग की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि कार्यों की त्वरित मॉनिटरिंग में भी हो सकेगी। पोर्टल की लॉन्चिंग के दौरान मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
पोर्टल से इन कार्यों में मिलेगी मदद
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए शुरू हुए पोर्टल www.cguadfinance.in से विभागीय प्रक्रियाएं डिजिटल और पेपरलेस होंगी, जिससे संसाधनों और समय की बचत होगी। इससे विभाग और नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। इस पोर्टल के माध्यम से अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की मॉनिटरिंग एवं निकायों को जारी राशि की समीक्षा की जाएगी। इससे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने में सहायता मिलेगी जिसका लाभ निकायों के रहवासियों को मिलेगा। पोर्टल से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ ही निकायों के आय-व्यय, संपत्ति कर और अन्य करों की वसूली की स्थिति की जानकारी मिलेगी। इसके माध्यम से विभाग के न्यायालयीन प्रकरणों और उनके समाधान की प्रगति की ट्रैकिंग भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री की पहल पर मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के निर्माण कार्यों के लिए 109 करोड़ रूपये की स्वीकृति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के शेष निर्माण कार्यों हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 109 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिली है। राशि स्वीकृत होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सांसद चिंतामणि ने आभार व्यक्त किया है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि द्वारा क्षेत्र में आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराने हेतु बजट स्वीकृति का प्रयास किया जा रहा था। मुख्यमंत्री के पहल पर यह प्रयास सफल हुआ है। विगत डेढ़ सालों से बजट की कमी से मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण अवरूद्ध हुआ था। बजट स्वीकृत होने से अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण पूरा करने में आसानी होगा।
भोरमदेव शक्कर कारखाना ने गन्ना किसानों को 6.52 करोड़ का किया भुगतान
कवर्धा। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना ने पेराई सत्र 2024-25 के तहत गन्ना किसानों को 6.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. यह राशि 22 नवंबर 2024 तक गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 315.10 रुपये के हिसाब से जारी की गई है.
डिप्टी सीएम के निर्देश पर हुआ भुगतान
बता दें, डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निर्देश और कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में यह भुगतान किया गया. कारखाना प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि किसानों को नियमित अंतराल पर भुगतान किया जाएगा.
गन्ना उत्पादन और शक्कर निर्माण का आंकड़ा
वर्तमान पेराई सत्र में अब तक 26,787 मीट्रिक टन गन्ना की पेराई की जा चुकी है, जिससे 23,338 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है.
किसानों के लिए अपील
कारखाना प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे परिपक्व, साफ-सुथरा, बिना अगवा और बिना जड़ वाला गन्ना कारखाने में आपूर्ति करें. इससे शक्कर की रिकवरी प्रतिशत बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा.
किसानों को राहत
इस भुगतान से गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है. प्रशासन का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मोदी की हर गारंटी पूरा कर रही विष्णु देव साय सरकार – उपमुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव सोमवार को अपने जन्मदिन पर बिलासपुर, मुंगेली और लोरमी प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुंगेली नगर पालिका के विभिन्न वार्डों के लिए 20 करोड़ 25 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। श्री साव ने पार्किंग सहित नगर पालिका के नए भवन, वार्ड क्रमांक-8 में गौरव पथ के जीर्णोद्धार, सड़क डिवाइडर के निर्माण व सौंदर्यीकरण तथा वार्ड क्रमांक-6 में बुधवारी बाजार के जीर्णोद्धार एवं स्वामी विवेकानंद चौक के पुनर्विकास के लिए राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने वार्ड क्रमांक-8 में स्टेडियम परिसर में स्वीमिंग पुल के निर्माण, पुष्प वाटिका उद्यान के पुनर्विकास और मुंगेली शहर में पांच स्वागत द्वारों के लिए राशि मंजूर करने की घोषणा की।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी और मुंगेली में अपने जन्मदिन पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में क्षेत्र के विकास के लिए राशि की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में सक्रियता से विकास के कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हर एक गारंटी को पूरा करने का काम विष्णु देव साय की सरकार कर रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सोमवार को लोरमी नगर पालिका में नौ करोड़ 84 लाख रुपए से अधिक के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें मानस मंच उन्नयन, रानीगांव तालाब सौंदर्यीकरण, कार्यालय में प्रथम तल एवं पार्किंग निर्माण, तुलसाघाट में सीसी रोड एवं नाली निर्माण, मुंगेली रोड और पंडरिया रोड में प्रवेश द्वार, कर्मा माता चौक वार्ड क्रमांक-11 और अम्बेडकर चौक वार्ड क्रमांक-15 में अटल परिसर एवं मूर्ति स्थापना के काम शामिल हैं। उन्होंने लोरमी में विभिन्न मदों से सीसी रोड व नाली निर्माण, वार्ड क्रमांक-10 में आरसीसी पुलिया और वार्ड क्रमांक-8 रानीगांव में पुलिया निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कौशल विकास से छत्तीसगढ़ के युवाओं की होगी आर्थिक उन्नति: बृजमोहन अग्रवाल
बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से उनके आत्मनिर्भर बनाने को लेकर लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय से जानकारी मांगी थी कि, छत्तीसगढ़ के युवाओं विशेषकर गरीब रेखा से नीचे श्रेणी में आने वाले युवाओं के कौशल विकास हेतु केंद्र सरकार ने कोई योजना तैयार की है? योजना के तहत कुल कितने राशि व्यय की गई और कितने युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
जिसपर कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि, केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 से 2024 तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत छत्तीसगढ़ में 127 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके है और JSS के तहत 30 करोड़ से अधिक रुपए जारी किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत अभी तक करीब 1,99,419, जन शिक्षण संस्थान के तहत 1, 10, 819, शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम के रहता 1,08,764 तथा जन शिक्षण संस्थान के तहत 16,632 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सांसद श्री अग्रवाल ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कौशल विकास एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न केवल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, बल्कि उन्हें रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य भी कर रही है। मैं आशा करता हूं कि भविष्य में इस योजना का विस्तार होगा और और भी अधिक युवाओं को इसका लाभ मिलेगा।”
छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के इस प्रयास में बृजमोहन अग्रवाल का योगदान और उनकी सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से लगातार आग्रह कर युवाओं के लिए और अधिक अवसरों की मांग की है।
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में योजनाओं की जानकारी
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि, छत्तीसगढ़ में हाथी परियोजना, बाध परियोजना के लिए 2023-24 में 2.93 करोड़ दिए हैं। वहीं मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ ग्रीन इंडिया मिशन, जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, दावानल निवारण एवं प्रबंधन प्रणाली, वन्य जीव पर्यावासों का विकास की योजनाओं का संचालन कर रहा।



गरीबों को नहीं मिल रहा अनाज: मंत्री के गृह ग्राम में राशन दुकान का चक्कर काटते ग्रामीण हुए परेशान
जगदलपुर। नारायणपुर जिले के फरसगुड़ा गांव में राशन वितरण में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राशन दुकान महीने में तय 26 दिन खुलने के बजाय अक्सर बंद रहती है. इस लापरवाही को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें ग्रामीण अपनी परेशानी बताते नजर आए हैं.
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें बार-बार चावल लेने के लिए दुकान पर आना पड़ता है, लेकिन दुकान समय पर नहीं खुलती. शिकायत है कि राशन वितरण का कार्य महीने की पहली तारीख से शुरू होना चाहिए, लेकिन कई बार यह 10-12 दिनों के बाद ही शुरू होता है. वर्तमान में 22 तारीख तक भी दुकान बंद होने से ग्रामीणों को उनका हक का राशन नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि राशन दुकान की इस लापरवाही से पूरे गांव का राशन जल्द खत्म हो जाता है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
पूर्व विधायक का बयान
पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा. चंदन कश्यप ने कहा, “अगर कैबिनेट मंत्री के गृह ग्राम की यह स्थिति है, तो अन्य क्षेत्रों की हालत कैसी होगी?” उन्होंने इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
इस मामले ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, और वे अपने अधिकार के लिए आवाज उठा रहे हैं.
नशीली दवाओं के विक्रय करने वालों पर होगी कठोर वैधानिक कार्यवाही: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में नशीली दवाओं के सेवन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण हो यह सुनिश्चित किया जाए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में नशीली दवाओं के विक्रय एवं सेवन पर वैधानिक कार्यवाही करने और नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में इस आशय के निर्देश दिए गए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। श्री शर्मा ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा है कि नशीली दवाओं के नियंत्रण के लिए मेडिकल दुकानों का नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करें तथा ऐसे मेडिकल शॉप जो वैधानिक नशीली दवाओं के कारोबार में संलग्न है उन पर त्वरित एवं कठोर कार्यवाही करें। ऐसे दुकानदारों पर एफआईआर करें तथा गिरफ्तारी की भी कार्यवाही करें। उपमुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों का सहयोग लेने की भी बात कही है।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि को पुलिस अधिकारियों से समन्वय कर ड्रग इंस्पेक्टर की टीम बनाकर लगातार दवाई दुकानों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुवा, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास निहारिका बारीक, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. प्रियंका शुक्ला, विशेष सचिव वित्त एवं सामान्य प्रशासन तथा नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन चंदन कुमार सहित पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में छत्तीसगढ़ पवेलियन का भ्रमण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन का भ्रमण कर प्रदर्शित वस्तुओं और उत्पादों की जानकारी ली। राज्यपाल ने पवेलियन में उपस्थित शिल्पकारों और उद्यमियों से बातचीत की एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने कहा कि व्यापार मेला छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का एक बेहतरीन मंच है। उन्होंने राज्य की कला और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और विकास की झलक इस पवेलियन में देखने को मिलती है।
छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, और औद्योगिक विकास को प्रदर्शित किया गया है। छत्तीसगढ़ के शिल्पकार एवं कलाकारों द्वारा बेलमेटल शिल्प, कोसा सिल्क व जैविक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। पवेलियन में राज्य की नई औद्योगिक योजनाओं और निवेश की संभावनाओं को भी यहां दिखाया गया। इस दौरान नई दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई फैसले : राजनीतिक प्रकरणों के 54 मामले होंगे निरस्त, हाउसिंग बोर्ड के फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखंडों पर नहीं लगेगा शुल्क
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के लिए आगामी कार्यवाही करने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया.
- मंत्रिपरिषद द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण हेतु नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई।
- विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने हेतु आगामी कार्यवाही किए जाने का अनुमोदन किया।
- खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य में मक्का फसल तथा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत दलहन-तिलहन और रबी विपणन मौसम 2025-26 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन हेतु नेफेड एवं एनसीसीएफ को प्रोक्योरमेंट एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों को नवीन उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आज महत्वपूर्ण फैसला लिया। इसके तहत भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी से आवश्यकतानुसार सीधे बीज क्रय किया जा सकेगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 4 में छूट देने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्प स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2023 में परियोजना विकासकर्ता को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से प्रथम पांच वर्षाें के लिए प्रति वर्ष 01 लाख रूपए प्रति मेगावाट की दर से लिए जाने वाले हरित ऊर्जा विकास शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। हरित ऊर्जा शुल्क में प्रत्येक पांच साल के बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान था, इसे भी समाप्त कर दिया गया है। इससे राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं एवं ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
- कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं को केन्द्रीकृत किये जाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया है।
- छत्तीसगढ़ राज्य में हाउसिंग एण्ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (हुडको) से आवास, नगरीय विकास एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता प्राप्त करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हुडको द्वारा आगामी 5 वर्षो में एक लाख करोड़ रूपए तक की वित्तीय सहायता, परामर्श, क्षमता विकास सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है।
- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब तक तथा भविष्य में प्राप्त होने वाली भूमि को आवासीय प्रयोजन में व्यपवर्तित करने पर राज्य शासन द्वारा लागू व्यपवर्तन शुल्क प्रीमियम, अर्थदण्ड एवं भू-राजस्व के पुनः निर्धारण से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे हाउसिंग बोर्ड के मकान क्रेताओं को लाभ होगा।
- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
शिवनाथ नदी में दिनदहाड़े हो रहा अवैध रेत खनन, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सांवतपुर इलाके में शिवनाथ नदी से दिनदहाड़े रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं का हौसला बुलंद दिख रहा है. महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरगांव थाना क्षेत्र में यह अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही.
रेत माफिया बेखौफ, ट्रैक्टर-ट्रालियों से जारी उत्खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार, आधा दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियां प्रतिदिन नदी से रेत भर रही हैं. तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि मनियारी नदी में खुलेआम रेत का उत्खनन हो रहा है.
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
ग्रामीणों ने इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार सरगांव थाने में की है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया. इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हैं. उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मौन स्वीकृति इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रही है.
वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें
सांवतपुर के सरपंच प्रतिनिधि मनोज उइके का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे मनियारी नदी पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकने की मांग कर रहे हैं.
इस मामले को लेकर सरगांव थाना प्रभारी संतोष शर्मा ने कहा, “मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है. मैं फिलहाल मुंगेली में हूं. जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.” वहीं एसडीएम बी.आर. ठाकुर ने कहा, “नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.”
मालगाड़ी डिरेल होने के बाद कई ट्रेनें रद्द
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही (GPM) जिले में आज सुबह हुए रेल हादसे के चलते रेलवे ने कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया है और कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है. बता दें, आज सुबह भंनवारटोंक रेलवे स्टेशन में बिलासपुर से आ रही कोयले से लोड मालगाड़ी के 23 डब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं और डिरेल हो गए. इस घटना के चलते बिलासपुर-पेंड्रारोड-कटनी रेलवे मार्ग की सभी ट्रेनें ठप्प हो गई है. पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन में शहडोल-बिलासपुर मेमू हादसे के बाद खड़ी हो गई है. रेलवे की टीम लगातार रेलवे ट्रैक को क्लियर करने में जुटी हुई है.
रद्द की गई गाड़ियां
- दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18258 चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
- दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18257 बिलासपुर- चिरमिरी एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
- दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18242 अम्बिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
- दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18241 दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.
गंतव्य से पहले रद्द की गई गाड़ियां –
- गाड़ी संख्या 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू को आज दिनाँक 26 नवंबर 2024 को पेंड्रारोड स्टेशन में समाप्त किया गया है.
- गाड़ी संख्या 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू को आज दिनाँक 26 नवंबर 2024 को शहडोल स्टेशन में समाप्त किया गया है.