रायपुर। खाद्य नियंत्रक एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 9 ज़िलों में छापेमार कार्रवाई कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए दवाओं के सैंपल लिए. शासकीय अस्पतालों एवं स्कूलों में बांटने वाली दवाइयों की सैंपल ली.
नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन कुलदीप शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर प्रदेश क़े मातृ एवं स्कूली बच्चों मे हीमोग्लोबिन स्तर मे निरंतर सुधार के लिए व्यापक स्तर पर दवाओं की गुणवत्ता परिक्षण किया जा रहा है. प्रदेश के नौ जिलों से शासकीय अस्पतालों एवं स्कूलों में आपूर्ति किए जाने वाले क़े आयरन और फोलिक एसिड टेबलेट का नमूना लिया गया है.
उन्होंने बताया, औषधि निरिक्षकों ने राज्य क़े जिला अस्पतालों, स्कूलों और दवा निगम क़े वेयर हाउस से आयरन और फोलिक एसिड क़े विभिन्न फार्मूलेशन का नमूना संकलन कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए कालीबाड़ी रायपुर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजी है. यहां दवाओं की गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा और जांच रिपोर्ट क़े आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी.
जानिए कहां-कहां से लिया गया सैंपल
1. ड्रग वेयर हाउस जशपुर
2. ड्रग वेयर हाउस कोरिया
3. ड्रग वेयर हाउस जगदलपुर
4. जिला अस्पताल राजनांदगाव
5. जिला अस्पताल रायपुर
6. जिला अस्पताल अंबिकापुर
7. कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी दुर्ग
8. कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी धमतरी
9. कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर (बिलासपुर)
10. कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी कोटा (बिलासपुर )
दवाएं जिनके नमूना लिए गए
1. आई एफ ए – विफ़्स जूनियर
2. आई एफ ए – विफ़्स रेड
3. आई एफ ए – विफ़्स ब्लू
उप नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन बसंत कौशिक ने बताया, दवाइयां गर्भवती महिलाओं और बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी दूर करती है. हीमोग्लोबिन, गर्भवती महिलाओं में शिशु विकास में बहुत सहयक होती है. साथ ही बच्चों क़े मानसिक एवं शारीरिक विकास क़े लिए अतिआवश्यक है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासियों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान क्रांतिकारी जननायक बिरसा मुण्डा को उनकी पुण्यतिथि 9 जून के अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने श्री मुण्डा को नमन करते हुए कहा कि श्री मुण्डा आदिवासी चेतना के प्रणेताओं में से एक थे। उन्होंने आदिवासियों को एकत्र कर जल, जंगल और जमीन पर अधिकारों के लिए आंदोलन चलाया। उनके शौर्य और बलिदान की गाथा आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करती हैें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुण्डा ने हमें सिखाया कि सामूहिक इच्छाशक्ति, हथियारों की शक्ति पर भी भारी पड़ती है। उनका अदम्य साहस हम सबके लिए प्रेरणादायी है। श्री साय ने कहा कि आदिवासियों को उनका अधिकार दिलाना और स्वाभिमान की रक्षा बिरसा मुंडा जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक नमो इंपैक्ट राष्ट्र प्रथम की एक प्रति छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट की। पुस्तक में केंद्र सरकार की नीतियों का खूबसूरत विश्लेषण किया गया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन और शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ-साथ प्रदेश के नवनिर्वाचित सांसद भी उपस्थित रहे। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक की सराहना करते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं। जबकि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जिस प्रकार से राष्ट्र प्रथम की भावना को आगे रखकर चलते हैं, इस भावना के दृष्टिगत इस पुस्तक को तैयार किया गया है। यह कॉफी टेबल बुक जनउपयोगी है। वही लेखक अतुल सिंघल ने बताया कि बहुत शीघ्र ही वह कॉफी टेबल बुक का अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुए हादसे में घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए एक टीम रवाना किया है।
छत्तीसगढ़ से धार्मिक यात्रा पर गए श्रद्धालुओं से भरी बस उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर आज सुबह पलट गई थी। दुर्घटना में तीन के निधन सहित 40 लोग घायल हो गए।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली से ही घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने व उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय हेतु विधायक प्रबोध मिंज के नेतृत्व में एक टीम गठित कर लखनऊ भेजा है। टीम में अन्य विधायकों सहित आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया हादसे में घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद और फिरोजाबाद मेडिकल कालेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन से बात कर डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए गए हैं एवं उच्चाधिकारियों को भी इस बाबत आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों के किराये पर ली गई गाड़ियों में ब्रेक लगा दी है. फाइनेंस सेक्रेटरी मुकेश बंसल ने राज्य सरकार के सभी विभागों, निगम, मंडल और उपक्रम निकाय में अब गाड़ियां किराये से लेने पर रोक लगाने के आदेश जारी करते हुए 22 शर्तों के नीति निर्देश जारी किये हैं.
बता दें, विभागों के वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन की पुस्तिका में वाहन किराये पर लेने संबंधी अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं. इसके साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि विशेष उद्देश्य के साथ निर्धारित समय के लिए ही वित्त विभाग की अनुमति लेकर गाड़ी किराए पर ली जा सकती है.
वित्त विभाग की तरफ से जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि, कौन से स्तर के अधिकारी को किस स्तर की गाड़ी किराए पर लेने की पात्रता होगी. इसके साथ ही बताया गया है कि विभिन्न विभागों और उनके अंतर्गत आने वाले कार्यालयों/ निगम/मंडल और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में गाड़ियां किराये पर लेकर उपयोग किया जा रहा है. लेकिन इनके किराये की दरों में एकरूपता नहीं है. इसलिए इसमें एक समान दरों के अनुसार गाड़ियां किराये पर लेने के लिए शर्त निर्धारित की गई है.
जारी नीति निर्देश में एकरूपता की दृष्टि से परिशिष्ट-अ अनुसार वाहनों / समतुल्य वाहनों के किराया हेतु दर तथा परिशिष्ट-ब अनुसार किराये की शर्त निर्धारित की गई है. किराये के वाहन की दरें राज्य मद से किराये पर लिये जाने वाले वाहनों के साथ केन्द्र पोषित अथवा अन्य मदो से वित्त पोषित योजनाओं के तहत किराये पर भी लिये जाने वाले वाहनों पर समान रूप से लागू होगें.
वित्त विभाग की अनुमति के साथ इन शर्तों पर किराये पर ले सकेंगे वाहन:
1. किराये पर उपलब्ध कराये जाने वाले वाहन का मॉडल वर्ष 2020 या उसके बाद का होना चाहिए. इन वाहनों के पंजीयन संबंधी दस्तावेज की प्रतिलिपि अनिवार्यतः ली जाये.
2.वाहन के समस्त दस्तावेज जीवित बीमा (कम्प्रेहेन्सिव) तथा फिटनेस प्रमाण पत्र आदि होना अनिवार्य है. उपरोक्त सभी का भुगतान वाहन मालिक द्वारा किया जावेगा. बीमा संबंधी दस्तावेज की प्रतिलिपि जमा किया जाये.
3. वाहन मुख्यालय पर रहने एवं मुख्यालय से बाहर रहने पर कोई अतिरिक्त राशि देय नहीं होगा.
4. किराये की अवधि में वाहन आबंटित अधिकारी के आधिपत्य में रहेगा तथा फर्म के द्वारा अपने निजी प्रयोजन अथवा कार्यालय से हटकर अन्य कार्य हेतु वाहन का उपयोग किया जाता है, तो तत्काल प्रभाव से वाहन हटा दिया जावेगा.
5. वाहन की मरम्मत, रख-रखाव, दुर्घटना दावा एवं समस्त अन्य खर्चे वाहन मालिक द्वारा वहन किया जाएगा.
6. उपयोग के दौरान वाहन के खराब होने की स्थिति में समतुल्य वाहन तत्काल उपलब्ध कराना होगा. वाहन तत्काल उपलब्ध न कराये जाने पर उक्त दिवस की राशि कटौती की जाएगी. यदि कार्यालय द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाती है, तो व्यय पूर्ति की जवाबदारी फर्म की होगी.
7. वाहन का उपयोग अवकाश दिवसों पर भी किया जावेगा. यदि उक्त दिवसों पर वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मासिक दर के आधार पर प्रति दिवस राशि की गणना कर कटौती की जावेगी.
8. फर्म के द्वारा वाहन चालक के संबंध में जानकारी (आधारकार्ड, वैध ड्रायविंग लाइसेंस, अनुभव प्रमाण पत्र की प्रति) उपलब्ध करायी जाए. वाहन चालक यातायात नियमों का ज्ञान रखने वाला होना चाहिए. कम से कम 03 वर्ष वाहन चलाने का अनुभव हो तथा वाहन चालक के विरूद्ध किसी प्रकार का आपराधिक / दुर्घटना प्रकरण दर्ज न हो.
9. वाहन की लॉग बुक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से वाहन चालक को संधारित करना होगा एवं उपयोग करने वाले अधिकारी / कर्मचारी से प्रतिदिन हस्ताक्षर लिया जाना होगा.
10. लॉग बुक की सत्यापित छायाप्रति के साथ देयक एक प्रति में प्रस्तुत करना होगा. फर्म द्वारा बैंक खाते का विवरण कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा.
11. देयक के भुगतान में नियमानुसार आयकर एवं जी.एस.टी. की कटौती की जावेगी.
12. वाहन चालक का समस्त व्यय (वेतन, भत्ता आदि) फर्म द्वारा देय होगा.
13. वाहन चालक के अवकाश पर रहने या अस्वस्थ होने पर फर्म के द्वारा तत्काल दूसरे अर्हताधारी वाहन चालक की व्यवस्था की जायेगी.
14. दर निर्धारण पश्चात् नियत अवधि हेतु कार्यादेश दिया जावेगा. कार्यादेश में उल्लेखित शर्तों का एजेंसी के द्वारा उल्लंघन करने पर सेवाएं समाप्त कर दी जावेगी. किसी भी समय कार्यादेश रद्द करने का अधिकार कार्यालय प्रमुख के पास सुरक्षित होगा.
15. नियत अवधि में पेट्रोल / डीजल के दर/टैक्स/जी.एस.टी. में वृद्धि होने पर बढ़े हुए दर के भुगतान का दायित्व वाहन आपूतिकर्ता फर्म का होगा.
16. उपयोग किए जाने वाले वाहन के प्रकार का निर्धारण करने का अधिकार कार्यालय को होगा.
17. वाहनों के दरों के निर्धारण पश्चात् फर्म द्वारा राशि 1,00,000/- रू. का सावधि जमा, किराये से वाहन प्राप्त करने वाले अधिकारी के पदनाम से धरोहर / अमानत राशि के रूप में जमा करना होगा. उक्त फर्म का वाहन जब तक कार्यालय में उपयोग किया जाएगा, तब तक उक्त राशि जमा रहेगी. फर्म के द्वारा कार्यालय से वाहन हटाये जाने के पश्चात् ही अमानत राशि फर्म को वापस की जावेगी. शर्त के उल्लंघन पर अमानत राशि जब्त किया जायेगा.
18. स्वीकृत दर पर आवश्यकतानुसार वाहन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित ट्रेवल्स एजेंसी / फर्म की होगी. अनुपलब्धता की स्थिति में उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी तथा अन्य एजेंसी / फर्म से वाहन प्राप्त किया जायेगा.
19. वाहन किराये पर उपलब्ध कराने के संबंध में किसी भी प्रकार के विवाद होने की स्थिति में अंतिम निर्णय कार्यालय प्रमुख द्वारा लिया जाएगा. उनका निर्णय अंतिम व उभय पक्ष को मान्य होगा.
20. मासिक किराया दर में वाहन अधिकतम 2000 कि.मी. चलित दौरा सम्मिलित है, जिसमें पेट्रोल/डीजल फर्म के द्वारा देय होगा. मासिक 2000 कि.मी. से अधिक चलने पर निर्धारित दर से अतिरिक्त किराया देय होगा.
21. वाहन में फास्टेग की सुविधा अनिवार्य होगी तथा इसका रिचार्ज अनुबंधकर्ता फर्म द्वारा किया जावेगा.
22. वाहन उपलब्ध कराने वाले फर्म को कार्यालय प्रमुख के साथ शर्तों के अनुरूप अनुबंध निष्पादित करना होगा.
रायपुर। आरक्षण विवाद सुलझाने छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. कृषि मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में बनाई गई समिति दो साल के भीतर एसटी-एससी, ओबीसी आरक्षण पर राज्य सरकार को अपना सुझाव देगी.
समिति के अध्यक्ष मंत्री राम विचार नेताम ने बताया कि मामले में पहले से ही समिति बनना था. समय-समय पर बैठकें होनी थी, लेकिन नहीं हुई. बहुत सारे मुद्दे हैं, चाहे आरक्षण का हो, पदोन्नति का हो. तमाम विषय जस के तस पड़े हुए हैं. हमारे मुख्यमंत्री ने समिति के गठन का त्वरित निर्णय है. सदस्यों के साथ जब हम बैठेंगे, तब तमाम अधिकारी इस समिति की प्रक्रिया तय करेंगे.
समिति की समयावधि को लेकर कांग्रेस के आरोप पर नेताम ने कहा कि आरोप बेबुनियाद है. कोई भी कमेटी बनती है तो उसको समय सीमा दिया जाता है. जो भी निर्णय लिया जाएगा वह न्याय संगत होगा. समिति में विधायक गोमती साय, गुरु खुश्वंत सिंह, नीलकंठ टेकाम, गजेंन्द्र यादव व संगीता सिन्हा को शामिल किया गया है.
मानसून के समय खाद-बीज की संकट पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि समय-समय पर इस विषय को उठाया गया है. अधिकारियों से लगातार संपर्क में हूं. विभिन्न जिलों में और संभागों में अधिकारियों को भेजा गया है. सभी को जिले और संभाग में विशेष बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं. सेक्रेटरी लेवल के सभी अधिकारी निगरानी कर रहे हैं. दिल्ली से लौटकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी.
मोदी के तीसरे बार पीएम बनने से उत्साह
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर रामविचार नेताम ने कहा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन रहे हैं. भाजपा नेताओं में भारी उत्साह है. इस वक्त का इंतजार था कि वह तीसरी बार शपथ लेंगे. सभी विधायक, मंत्री, पदाधिकारी शपथ में शामिल रहेंगे. इनके अलावा सभी क्लस्टर प्रभारी, जिला अध्यक्ष, मोर्चा और प्रकोष्ठ अध्यक्ष की उपस्थिति में शपथ होगा.
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं छात्रों से संवाद कर उन्हें सफलता के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, आदिम जाति अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज भी साथ रहे।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हॉस्टल की सुविधाओं का जायजा लिया और देखा कि छात्रों को किस प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी प्रकार की कमी को तुरंत दूर किया जाए। मुख्यमंत्री ने हॉस्टल की सफाई, सुरक्षा और खानपान की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
छात्रों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि यूपीएससी अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए यूथ हॉस्टल में 50 बच्चों के सीटों को बढ़ाकर अब 200 बच्चों को तैयारी कराने का प्रावधान बजट में किया गया है। उनके लिए हॉस्टल व पीजी की व्यवस्था की जाएगी। यह कदम छात्रों की शिक्षा और करियर को बेहतर बनाने की दिशा में कारगर सिद्ध होगा। वहीं छत्तीसगढ़ के ज्यादा से ज्यादा बच्चे सिविल सेवा में सलेक्ट हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हमेशा छात्रों के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे ही प्रयासों से हम अपने राज्य के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
छात्रों को प्रेरित करते हुए श्री साय ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं, अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें। छात्रों से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा करते हुये उनका मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने हॉस्टल के अधिकारियों से बातचीत में छात्रों की हर जरूरत का ध्यान रखने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को छात्रों के शैक्षिक और मानसिक विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और कार्यशालाओं का आयोजन करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने छात्रों में नया उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया है। छात्रों ने मुख्यमंत्री से खुलकर अपनी बातें साझा की एवं उन्हें धन्यवाद दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जगदलपुर। इस बार नीट (NEET) क्वालीफाई करने वाले बच्चों में दंतेवाड़ा के विधायक रहे भीमा मंडावी की जहां हत्या हुई थी, उस गांव का लखूराम पोड़ियामी और बस्तर के पहले बारूदी विस्फोट वाले गांव बंगोली का समीर मरकाम भी शामिल है.
जिला प्रशासन द्वारा संचालित ज्ञानगुड़ी कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करने वाले 76 बच्चों में 64 ने नीट क्वालीफाई किया है. इनमें 36 बच्चे रेगुलर क्लास के हैं, जबकि अन्य ने क्रैश कोर्स व समय-समय पर कोचिंग ली है.
नीट क्वालीफाई करने वाले बच्चों से कलेक्टर विजय दयाराम ने मुलाकात करने के साथ चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई लक्ष्य नहीं होता. कर्तव्य करते रहें, सफलता कदम चूमती है. आपकी सफलता से बस्तर गौरवान्वित हुआ है. कलेक्टर ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि बस्तर के बच्चों ने डॉक्टर बनने नीट क्वालीफाई किया. उन्होंने कहा कि ‘ज्ञानगुड़ी’ का मकसद यही है कि विकास को पंख मिले. आपकी सफलता को देखकर और हजारों बच्चों को प्रेरणा मिलेगी.
इस दौरान मौजूद एसपी शलभ सिन्हा ने कहा कि किसी ने कल्पना नहीं की थी कि इतनी बड़ी संख्या में बस्तर से बच्चे डॉक्टर के लिए क्वालिफाई करेंगे. प्लेटफॉर्म मिलता है तो आगे बढ़ने का मौका भी मिलता है. उन्होंने बच्चों से कहा कि डॉक्टर बनने के बाद अपने क्षेत्र का ख्याल रखें और बस्तर के प्रति गंभीर रहें. उन्होंने कहा कि बस्तर को पिछड़ा क्षेत्र के नाम से देखा जाता है. इस भ्रांति को हमें बदलना है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोग जम्मू से माता वैष्णोदेवी के दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में यूपी के फिरोजाबाद में यात्रियों से भरी बस हादसे का शिकार हो गए। यह हादसा तड़के साढ़े तीन बजे हुआ। जब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई। इस हादसे में मासूम बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं 35 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर दुख जताया है।
मिली जानकारी के अनुसार, 28 मई को श्रद्धालुओं से भरी बस छत्तीसगढ़ से जम्मू स्थित मां वैष्णों देवी के दर्शन के लिए गई थी। बस में 65 लोग सवार थे और सभी यात्री छत्तीसगढ़ के ही निवासी थे। सभी श्रद्धालु मां वैष्णों देवी के दर्शन करके वृंदावन पहुंचे थे। जहां से रात तक़रीबन 1 बजे प्रयागराज होते हुए वापिस लौट रहे थे। इसी बीच ड्राइवर को झपकी आ गई और बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस वे से नीचे जाकर पलट गई। सूचना के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन घायलों में 7 साल और 14 साल की दो बालिकाएं भी शामिल हैं। जिन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बस पलटने की सूचना मिलते ही एक्सप्रेस वे पर मौजूद कर्मचारी और नसीरपुर इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। जहां तुरंत घायलों को निकालकर संयुक्त चिकित्सालय और फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जहां इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई और 35 लोग घायल हो गए हैं। इसमें कई व्यक्तियों की हालत गंभीर है। उन्हें सैफई के लिए रेफर कर दिया गया है और बचे हुए घायलों का इलाज जारी है।
इन यात्रियों के नाम शामिल
हादसे में भूषण कुमार साहू निवासी छत्तीसगढ़ पटोरा, नूतन साहू निवासी आरकार जिला बालोद थाना सनोल, भाग्य लक्ष्मी, नेमा निवासी आमा लोरी जिला दुर्ग, कांति यादव, पुष्पेंद्र निवासी आमा लोरी जिला दुर्ग, गीता ठाकुर निवासी आमा लोरी, परशराम निवासी मर्रा थाना उदई जिला दुर्ग, आरती साहू निवासी रायपुर, कारती ठाकुर निवासी आमा लोरी, पुलेस्वर प्रसाद साहू निवासी रायपुर, प्रतिभा निवासी बतौरा जिला दुर्ग, तामेस्वरी निवासी आमा लोरी, विमला बाई निवासी आमा लोरी, पूर्णिमा निवासी आमा लोरी, चेतन लाल मटियारा, लक्ष्मी मटियारा निवासी आमा लोरी, लक्ष्मी साहू निवासी पतोरा, कामती निवासी गुण्डरदयी, जिवराखन पटेल निवासी आमा लोरी, ललिता निवासी ऊतई, पिंगला निवासी दुर्ग, रूपा साहू निवासी निवासी दुर्ग, धिरोपति निवासी मर्रा थाना उतयी घायल हुए हैं। अब तक दोनों मृतकों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।
मुंगेली। जिले के ग्राम अखरार के सेवा सहकारी समिति में 39 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी एवं गबन का मामला सामने आया है. धान खरीदी प्रभारी दिलीप जायसवाल और कम्प्यूटर ऑपरेटर राजेन्द्र जायसवाल के विरूद्ध थाना चिल्फी में एफआईआर दर्ज कराई गई है. बता दें कि कलेक्टर ने समितियों से शेष बचे धान का शीघ्र उठाव करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है. सहायक आयुक्त सहकारिता हितेश कुमार श्रीवास ने बताया कि सेवा सहकारी समिति मर्यादित अखरार में भौतिक सत्यापन के दौरान कुल 1268.10 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी कुल राशि 39 लाख 31 हजार 110 रुपए है. उन्होंने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में धान उठाव के लिए विभागीय टीम लगी हुई हैं. उसी क्रम में अखरार खरीदी केंद्र की शिकायत मिलने पर सहकारिता विस्तार अधिकारी एनके कश्यप एवं पर्यवेक्षक विजय कुमार रात्रे ने मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन व जांच की. इसमें अनियमितता की शिकायत सही पाई गई और लगभग 1268.10 क्विंटल धान की अनियमितता के लिए खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर को दोषी पाया गया. इसके बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए आदेश जारी किया गया. शाखा प्रबंधक डिंडौरी गौकरण सिंह चतुर्वेदी के लिखित आवेदन पर धान खरीदी प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरूद्ध धोखाधड़ी एवं गबन करने के संबंध में थाना चिल्फी में अपराध पंजीबद्ध कराया गया है।
विपणन विभाग जिम्मेदार नहीं ?
समिति कर्मचारियों का कहना है कि विपणन विभाग की ओर से 72 घंटे के भीतर धान का उठाव कराने संबंधित अनुबंध किया जाता है लेकिन ऐसा होता बिल्कुल नही है. महीनों बीत जाने के बावजूद डीएमओ की ओर से धान का उठाव नही कराया जा सका. यहां तक जब हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल तक हाल में धान उठाव कराने निर्देश दिए इसके बावजूद अप्रैल और पूरा महीना गुजर गया लेकिन अभी भी जिले के 77 उपार्जन केंद्रों में करीब 90 हजार क्विंटल धान उठाव के लिए शेष है. उनका कहना है कि शॉर्टेज की भरपाई केवल समिति कर्मचारियों से कराई जा रही है जबकि धान उठाव कराने में लेटलतीफी करने वाले डीएमओ की क्या कोई जवाबदेही तय नही होती.
मिलर्स पर शिकंजा नहीं ?
समिति कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है डीएमओ की ओर से बीच मे तीन-से चार माह डीओ ही नही काटा गया. इसके अलावा कुछ राइस मिलरों ने डीओ कटने के बावजूद निर्धारित समय पर गाड़ी नहीं लगाई, जिससे भी धान जाम होने की बात कही जा रही है. ऐसे में जिम्मेदार अफसरों को चाहिए कि राइस मिलरों पर निर्धारित समय अवधि के भीतर गाड़ी लगवाई जाए,यदि ऐसा नहीं कर मनमानी की जाती है और मनमाफिक गाड़ी लगाई गई हो तो दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई जरूर हो.
खैरागढ़। नैक टीम की ओर से इंदिराकला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ काे सी रैंक दिए जाने का मामला थमा नहीं है की एक और मामला सामने आया है. छुईखदान के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक बीआर यादव ने विवि के कुलपति ममता चंद्राकर पर फर्जी नौकरी करने का आरोप लगाया है. कुलपति को हटाने की मांग को लेकर बीआर यादव अब अनशन में बैठे हैं. उनका कहना है कि जब तक मांग पूरा नहीं होगा तब तक यह जारी रहेगा.
बीआर यादव ने बताया कि राजभवन की ओर से जारी विज्ञापनों के अनुसार कुलपति पद पर नियुक्त होने वाला व्यक्ति अकादमिक हो और संबंधित के पास प्राध्यापक प्रोफ़ेसर पद पर 10 वर्षों का कार्यानुभव होना आवश्यक है, लेकिन ममता के पास एक दिन का भी अनुभव नहीं है. कुलपति ममता चंद्राकर की नियुक्ति असंवैधानिक है. उनका कार्यकाल 2 दिसंबर 2023 तक समाप्त हो गया है. उसके बाद भी इसका एक्सटेंशन नहीं हुआ है. पहले इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को A वर्ग की मान्यता थी पर अब वह C वर्ग हो गया है. इस स्थिति में बाहर से बच्चे कैसे आएंगे, क्योंकि उसकी रेटिंग गिर गई है. ये सब कुलपति के कारण हुआ है.
बीआर यादव ने जनसूचना अधिकारी इंदिराकला संगीत विश्वविद्यालय को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 4 जनवरी 2024 को आवेदन प्रस्तुत कर जानकारी मांगी थी, लेकिन जनसूचना अधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम का अवहेलना करते हुए जानकारी नहीं दी. उन्होंने बताया, हम चार बार कुलपति को हटाने के लिए अपना आपत्ति प्रस्तुत किए हैं. इसके बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिसके कारण हम अनशन में बैठे हैं. जब तक मांग पूरा नहीं होगा तब तक यह जारी रहेगा.
रायपुर। नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है। बच्चों का स्कूलों में बसों के माध्यम से आना-जाना शुरू हो जाएगा। ऐसे में स्कूली बसों का फिटनेस दूरूस्त रहें जिससे दुर्घटना से बचाव हो, इसके लिए परिवहन आयुक्त, अपर परिवहन आयुक्त के निर्देश पर और वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशीष देवांगन के मार्गदर्शन में पुराना बस स्टैण्ड पंडरी में जांच शिविर लगाई गई। यह शिविर 18 मई, 25 मई, 29 मई और 01 जून को लगाई गई। शिविर में 516 बसें जांच के लिए आई जिसमें 86 बसों में खामियां पाई गई। जिसके लिए संबंधित संस्था प्रबंधकों को जल्द कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
देवांगन ने बताया कि इन स्कूली बसों में सभी वाहनों के दस्तावेजों, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्कूल बसों के लिए दिये गये दिशा-निर्देशों के पालन तथा मैकनिकल जांच किया गया। साथ ही जिला अस्पताल रायपुर के अनुभवी चिकित्सकों द्वारा वाहन जांच शिविर में चालक एवं परिचालकों का निःशुल्क नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें रक्तचाप, मधुमेह, दृष्टि क्षमता, मोतियाबिंद आदि की भी जांच की गई। उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह वाले चालकों को लगातार मेडिसीन का उपयोग करने की सलाह दी गई।
दस्तावेज सहित मैकनिकल फिटनेस की हुई जांच
शिविर में बसों की बारिकी से जांच की गई। यह देखा गया कि हैण्ड ब्रेक सही ढंग से लग रही है या नहीं, क्लच एक्सीलेटर सही काम कर रहें है या नहीं। ब्रेक लाईट, हेड लाईट, पार्किंग लाईट की भी जांच की गई। इसके अलावा स्टेयरिंग, हार्न, सीट, रिफ्लेक्टर भी जांचे गये। साथ ही वाहन के आर.सी.बुक, मोटरयान कर, वाहन के परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, वाहन के बीमा प्रमाण पत्र, वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र, चालक का अनुज्ञा पत्र, जैसे दस्तावेज जांचे गये एवं स्पीड गवर्नर का परीक्षण किया गया।
अनुपस्थित बसें को 15 जून को उपस्थित होने का दिया गया निर्देश
देवांगन ने बताया कि जांच शिविर में उपस्थित नहीं होने वाले वाहनों के लिए 15 जून, शनिवार को जांच शिविर आयोजित की गई है। देवांगन ने बताया कि इस दिन उपस्थित नहीं होने वाले बसों की जांच रोड पर की जाएगी। वाहनों में खामी पाये जाने पर स्कूल-कॉलेज बस के चालक एवं मालिक तथा स्कूल-कॉलेज प्रबंधक के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। रोड पर जांच होने से विद्यार्थियों को असुविधा हो सकती है इसको ध्यान में रखते हुए स्कूल-कॉलेज प्रबंधक 15 जून को वाहन जांच शिविर में आवश्यक रूप से उपस्थित हो।
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में बने छत्तीसगढ़ के नए अतिथि गृह छत्तीसगढ़ निवास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज भी साथ रहे।
देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका में छत्तीसगढ़ के अतिथियों के ठहरने के लिए 60 करोड़ 42 लाख की लागत से छत्तीसगढ़ निवास का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री आज अतिथि गृह पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुविधाओं का गहन निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छत्तीसगढ़ निवास में ठहरने वाले अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाए।
बता दें द्वारका के सेक्टर 13 में छत्तीसगढ़ के अतिथियों के लिए नए अतिथि गृह छत्तीसगढ़ निवास का निर्माण किया गया है। छत्तीसगढ़ निवास में 10 स्यूट रूम, 67 कमरे, डाइनिंग हॉल एंड वेटिंग सहित मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिए टावर का निर्माण किया गया है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव। लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आते ही छत्तीसगढ़ में ईडी (केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय) एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में एक्टिव हो गई है. ED ने आज शनिवार को रायपुर और राजनांदगांव जिले के धर्म नगरी डोंगरगढ़ में दबीश दी है. ईडी ने मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और डोंगरगढ़ राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के रायपुर और डोंगरगढ़ स्थित ठिकानों पर ईडी की छापेमार कार्रवाई की है.
बता दें, ED ने कस्टम मिलिंग मामले पर मनोज अग्रवाल के ठिकानों पर रेड कार्रवाई की है. मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के घर पर सुबह 5 बजे से ईडी की छापेमार कार्रवाई जारी है.
ईडी ने दो अलग-अलग गाड़ी में पहुंचकर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के ठिकाने पर रेड कार्रवाई की है. फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है. जैसे ही मामले में अधिक जानकारी सामने आती है, खबर अपडेट कर दी जाएगी.
बता दें, बीते दिनों ईडी ने रायपुर में 2 जगह, दुर्ग में 2 जगह और खरोरा में 1 जगह ईडी ने छापेमार कार्रवाई की. ईडी ने राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व महासचिव प्रमोद अग्रवाल और अध्यक्ष कैलाश रुंगटा के ठिकानों पर छापा मारा था.
सूत्रों के अनुसार, कस्टम मीलिंग घोटाला मामले में पकड़े गए खाद्य विभाग के विशेष सचिव मनोज सोनी और राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर से ईडी की पूछताछ के आधार पर रेड कार्रवाई की गई है।
जानिए…क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला
दरअसल, धान की कस्टम मिलिंग में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। विभिन्न राईस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफसीआई में जो कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है। लेकिन ईडी की जांच में पाया गया कि इस प्रकिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई. इसके साथ ही आरोप है कि अधिकारियों और मार्कफेड के एमडी मनोज सोनी ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए विभिन्न राईस मिलर्स के साथ मिलीभगत कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है.
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के नव निर्वाचित लोक सभा सदस्यों के सम्मान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में रात्रिभोज का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नव निर्वाचित सांसदों का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि सांसदों की भूमिका राज्य के विकास में अहम है और सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ की प्रगति के लिए कार्य करना होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत शासकीय सेवकों के लिए लेखा प्रशिक्षण परीक्षा का आयोजन प्रतिवर्ष 03 सत्रों (मार्च-जून, जुलाई-अक्टूबर, नवम्बर-फरवरी) में संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़ द्वारा किया जाता है। इस प्रशिक्षण में राज्य शासन के आधीन कार्यरत सहायक ग्रेड वर्ग-3, अन्य लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिन्होंने तीन वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली वे प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु संबंधित कार्यालय द्वारा नामांकित किए जाते है। लेखा प्रशिक्षण परीक्षा में प्रथम प्रयास में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों को एक अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ प्रदाय किया जाता है। संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन द्वारा प्रशिक्षण सत्र नवम्बर-2023 से फरवरी-2024 का परीक्षा परिणाम 06 जून 2024 को घोषित किया गया है।
संचालक कोष लेखा एवं पेंशन महादेव कावरे ने बताया कि उक्त सत्र में कुल 246 परीक्षार्थियों में से 159 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए है। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों का प्रतिशत 64.63 प्रतिशत रहा। 81 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मीसाबंदियों को अब सम्मान निधि फिर से मिलेगी। इसे लेकर वित्त विभाग ने आदेश जारी किया है। इन्हें लोकतंत्र सेनानी कहा जाता है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर इन्हें सम्मान निधि जारी करने बजट आबंटन का आदेश जारी कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि 28 जनवरी 2019 को लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान निधि में रोक लगा दी गई थी। हमारी सरकार ने रोक हटाते हुए पेंशन बहाल करने 7 मार्च 2024 को अधिसूचना जारी की थी।
अधिसूचना दिनांक से लंबित भुगतान के लिए सरकार ने बजट आबंटन का आदेश भी जारी कर दिया है। आपातकाल में जनतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए महान विभूतियों का संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा है।
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने इस पर कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की वर्ष 2008 से दी जा रही सम्मान निधि बन्द कर लोकतंत्र की हत्या कर अपनी तानाशाही का प्रदर्शन कर उच्च न्यायालय के आदेशों को भी रद्दी की टोकरी में फेंक दिया।
विष्णु देव साय की सरकार ने सत्ता में आते ही लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान लौटा कर लोकतंत्र बहाल किया। भूपेश सरकार द्वारा विगत पांच वर्षों से रोकी गई सम्मान निधि भीप्रतिमाह देना प्रारंभ किया। अब सेनानी संघ 26 जून को मुख्यमंत्री को सम्मानित करेगा।
साय सरकार ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के मीसाबंदियों को फिर से सम्मान निधि राशि देने की घोषणा की थी। विधानसभा में उन्होंने यह घोषणा की। 2018 में कांग्रेस की सरकार आने के बाद मीसाबंदियों को दी जाने वाली पेंशन पर रोक लगा दी गई थी।
15 हजार रुपए मिलती थी सम्मान राशि
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद आपातकाल में जेल गए मीसा बंदियों को लोकतंत्र सेनानी बताते हुए उन्हें सम्मान निधि देना शुरू किया गया था। रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल में ये राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपए कर दी गई थी। अब दोबारा पेंशन शुरू करने की सरकार की घोषणा के बाद मीसाबंदियों में खुशी की लहर है।
रायपुर। राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कबीरधाम जिले के विकासखंड पंडरिया के ग्राम बाहपानी में 20 मई को हुई दुःखद सड़क दुर्घटना एवं बेमेतरा जिले की भिंभौरी तहसील के ग्राम पिरदा में 25 मई को स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड बारूद फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मृतकों के परिजनों तथा घायलों सहित 51 अनुदानग्रहिताओं को अपने स्वेच्छानुदान मद से कुल 01 करोड़ 51 लाख 50 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की है। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रूपए तथा घायलों को 50-50 हजार रूपए के मान से सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
कबीरधाम जिले के ग्राम बाहपानी की सड़क दुर्घटना में 19 मृतकों के परिजनों को 5 लाख रूपए के मान से 95 लाख रूपए तथा इस घटना में 16 घायलों को 50-50 हजार रूपए के मान से कुल 8 लाख रूपए की राशि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा स्वेच्छानुदान मद से मंजूर की गई है।
इसी प्रकार बेमेतरा जिले के ग्राम पिरदा की स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड बारूद फैक्ट्री में 25 मई को हुए ब्लास्ट में एक मृतक एवं 8 लापता व्यक्तियों के परिजनों को 5 लाख रूपए के मान से कुल 45 लाख रूपए की आर्थिक सहायता तथा इसी घटना में 7 घायलों को 50 हजार रूपए के मान से कुल 3 लाख 50 हजार रूपए की सहायता राशि की मंजूरी मुख्यमंत्री ने दी है।
मुख्यमंत्री ने कबीरधाम जिले के ग्राम बाहपानी की सड़क दुर्घटना में मृतक प्यारी बाई, सोनम बाई धुर्वे, धनैया बाई धुर्वे, सिरदारी राम धुर्वे, कुमारी किरण, शांति बाई, तिको बाई, मीला बाई, जनिया बाई, मुंगिया बाई, झंगलो बाई धुर्वे, सियाबाई, पैंटोरिन बाई मेरावी, बिस्मत बाई मेरवी, लीला बाई, परसदिया देवी, भारती बाई, कुनती बाई, धानबाई धुर्वे के परिजन को 5-5 लाख रूपए की राशि तथा 16 घायलों ममता, मुन्नी बाई, गुलाब सिंह, दयाराम, शिवनाथ, महावीर, कार्तिक, धन्नू, इन्द्राणी, जोधीराम, अनिल, फूलचंद, मानसिंह, श्रीराम, रम्हउ, बजरू को 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि मंजूर की है।
इसी तरह ग्राम पिरदा की स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट में मृतक सेवक राम और 8 लापता व्यक्तियों पुष्पराज देवदास, विजय देवदास, राजू ध्रुव, नीरज ध्रुव, लोकनाथ यादव, शंकर यादव, नरहर यादव, भीष्म साहू के परिजन को 5-5 लाख रूपए की राशि तथा 7 घायलों इन्द्रकुमार रघुवंशी, दिलीप ध्रुव, नीरज यादव, चंदन कुमार, मनोहर यादव, रवि कुर्रे, शेषनाथ निषाद को 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा मंजूर की गई है।