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काम से लगातार अनुपस्थित रहने पर उप अभियंता पर हुई कार्रवाई, कलेक्टर ने किया निलंबित…
मुंगेली। लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मुंगेली कलेक्टर राहुल देव ने मुंगेली नगर पालिका में पदस्थ उप अभियंता दीपक देवांगन को निलंबित कर दिया है.
बताया गया कि उप अभियंता बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अनुपस्थित रहने की लगातार शिकायत मिल रही थी. इससे नगर पालिका का कामकाज प्रभावित होने पर आम लोगों ने नाराजगी जताई थी. कलेक्टर राहुल देव ने निलंबन की कार्रवाई करने के साथ निलंबन की अवधि में मुख्यालय लोरमी नगर पालिका परिषद नियत किया है.

बस्तर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ शासन की योजनाएं कारगर साबित हो रही है - सांसद महेश कश्यप
रायपुर। वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में जिला प्रशासन की टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीजापुर जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों को छूने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच अब सुनिश्चित हो रही है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बीजापुर के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। बस उन्हें सही अवसर मिलना चाहिए। केन्द्र और राज्य सरकार की योजना से समूचे बस्तर के आदिवासी बच्चों का भविष्य बेहतर हो रहा है। बीजापुर का नवोदय विद्यालय राज्य में दूसरे स्थान पर है यह जिले के लिए गर्व की बात है। यहां केन्द्रीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, नवोदय विद्यालय सहित ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में उच्च स्तर के शैक्षणिक संस्थान है जिससे जिले के बच्चों का बेहतर भविष्य तय हो रहा है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा में व्यापक बदलाव आएगा। शिक्षा के क्षेत्र में हमारी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है। स्कूलों की अद्योसंरचना, शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति सहित तमाम योजनाएं बेहतर शिक्षा के लिए कारगर सिद्ध हो रही है।
बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से बस्तर अंचल अब विकास शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसे बुनियादि सुविधाओं की ओर अग्रसर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी बुनियादि सुविधाएं, व्यक्तिमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन अब जमीनी स्तर पर हो रही है। अतिथियों द्वारा इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों को फूल-माला, मिठाई एवं तिलक-चंदन लगाकर प्रोत्साहित किया गया। विधायक विक्रम शाह मंडावी एवं पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने शाला प्रवेशोत्सव पर सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, नीना रावतिया उद्दे, बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव, डीएफओ सामान्य श्री रामाकृष्ण, उप निर्देशक इंद्रावती टाईगर रिजर्व संदीप बल्गा, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् ने 12वीं का संशोधित रिजल्ट किया जारी, 82.68% विद्यार्थी हुए पास
रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम ने उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (12वी) की मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए है. बता दें कि इससे पहले 16 मई को मंडलम ने कक्षा पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष (10वीं) और उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (12वी) की मुख्य परीक्षा के रिजल्ट जारी किये थे, लेकिन परीक्षा परिणामों में विसंगति की बात सामने आने के बाद विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने परिशुद्ध परीक्षा परिणाम जारी करने के निर्देशित अधिकारियों को दिए थे.
बता दें कि विभागीय सचिव के निर्देशों के अनुसार मंडलम् के सचिव राकेश पाण्डेय के निर्देशन में मंडल के अधिकारी और कर्मचारियों ने 4520 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया और 664 परीक्षार्थियों का परिणाम जारी किया है. इसमें से 549 परीक्षार्थी पास हुए, जिसका परिणाम 82.68% है. परीक्षा में 50 छात्रों को पूरक परीक्षा के लिए अर्ह माना गया, और 14 छात्रों को अनुत्तीर्ण घोषित किया गया. इसके अलावा, 51 छात्रों के परिणाम में पुर्नमुल्यांकन के दौरान विसंगति के कारण रोका गया है, जिनके परिणाम बाद में शुद्ध किए जाएंगे.
पहाड़ी कोरवाओं को मिला रोजगार तो समाज के बच्चे पहुँचने लगे शिक्षा के द्वार
रायपुर। विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह, बिरसराम, करम सिंह कोरबा जिले के वनांचल के सारबाहर,छातीबहार के रहने वाले हैं। आज इन्हें मलाल है कि उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की। किसी ने पांचवीं तक तो किसी ने आठवी से पहले ही स्कूल और पढ़ाई से नाता तोड़ लिया था। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले इन पहाड़ी कोरवाओं का कहना है कि काश उन्होंने उस वक्त पढ़ लिया होता। बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ी होती तो आज उन्हें जंगल में बकरी चराना नहीं पड़ता। वे भी किसी स्कूल और अस्पताल में नौकरी कर रहे होते और उन्हें गरीबी से नहीं जूझना पड़ता। हालांकि उनका कहना है कि घर परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं था, इसलिए वे स्कूल नहीं जा सके। अब जबकि पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी मिलने लगी हैं तो उन्हें भी लगने लगा है कि पढ़ाई का बहुत महत्व है और इस महत्व को समझते हुए इन्होंने अपने बच्चों को छठवीं से आगे की पढ़ाई कराने ग्राम लेमरू के आश्रम में दाखिला कराया। आश्रम में इन पहाड़ी कोरवा बच्चों को निःशुल्क किताबे, गणवेश के साथ सोने के लिए बिस्तर आदि दिया गया।
कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत सारबहार के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह ने अपने बेटे अमित कुमार, बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत और और छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू को कक्षा छठवीं की पढ़ाई कराने के लिए लेमरू के अनुसूचित जनजाति आश्रम में दाखिला कराया। गुरवार सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम हुआ कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लड़के-लड़कियों को स्कूल और अस्पताल में नौकरी दी जा रही है। उनका बेटा पांचवी पास है। इसलिए नौकरी नहीं मिली है। अब आगे की पढ़ाई कराना है इसलिए लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि हम पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई कर पाना मुश्किल हो जाता है। जंगल के आसपास रहने से बच्चे जंगल की ओर चले जाते हैं। आश्रम में एक जगह रहकर पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। भोजन भी समय पर मिलेगा। छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू का दाखिला कराया। उन्होंने बताया कि उनका जीवन गाँव में जंगल में भटकते हुए कटता है। घर में 7 सदस्य है। उनकी एक बेटी को देवपहरी के आश्रम में और अपने बेटे सोनू को लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। आश्रम में व्यवस्था देखकर खुशी है कि बेटा-बेटी यहाँ आगे कि पढ़ाई बिना इधर-उधर भटके कर लेगा। यहाँ समय पर सोना-जागना, नहाना, खाना होगा तो निश्चित ही पढ़ाई में मन लगेगा और ज्यादा कक्षा पढ़कर नौकरी पा सकेगा। बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत को कक्षा 6 वी में भर्ती कराने के बाद कहा कि पहले हम अपने बच्चों को अपने पास ही घर में रखते थे। जब कही जाते थे,बच्चे भी साथ चले जाते थे। इससे स्कूल भी छूट जाता था। अब हमें पढ़ाई का महत्व मालूम हुआ है। इसलिए आश्रम में अपने बेटे को भर्ती कराया है। वह अच्छे से पढ़ाई करके नौकरी पायेगा तो वह अपने परिवार को अच्छा रख सकेगा। इधर आश्रम में दाखिले और स्कूल में भर्ती के साथ ही पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों को यहाँ नई ड्रेस, किताबें और अपने सोने के लिए लाइट-पंखे लगे हुए कमरे और अलग से बिस्तर पाकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उनका कहना है कि हम यहाँ अच्छे से रहकर पढ़ाई करेंगे और नौकरी मिलेगी तो वह भी करेंगे। आश्रम के अधीक्षक और हेड मास्टर रामनारायण भगत ने बताया कि आश्रम में अनुशासन के साथ बच्चों को समय पर पढ़ना, भोजन, खेलकूद कराया जाता है। यहाँ उन्हें दो टाइम भोजन, रविवार को विशेष भोजन, तेल, साबुन भी दी जाती है। आश्रम में पहले से ही पहाड़ी कोरवा 3 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुवात के दिनों में पहाड़ी कोरवा बच्चों को रहने में कुछ अटपटा से लगता है, क्योंकि ये अपने परिवार के साथ जंगल में एक अलग तरह से रहते रहे हैं। यहाँ समय पर रहना, खाना होने से इनकी दिनचर्या बदलेगी और इन्हें भी अन्य बच्चों के साथ घुलमिलकर अच्छा लगेगा। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा बच्चों का आश्रम में आकर दाखिला लेना खुशी की बात है वरना ये अन्य समाज से भी दूर-दूर रहने की कोशिश करते हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में कोरबा जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 108 बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी गई है। जिला प्रशासन की पहल पर जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य तथा 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तथा अस्पताल में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रोजगार प्रदान किया गया है। अपने समाज के युवाओं को नौकरी मिलने के पश्चात शिक्षा में रुचि नहीं लेने वाले कोरवा भी जागरूक हुए हैं और वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने आश्रमों में दाखिला कराने लगे हैं, जो कि एक अच्छा संदेश भी है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने ‘‘घर-घर पुस्तक, हर-घर लाइब्रेरी’’ का किया शुभारंभ
रायपुर। वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने जिला प्रशासन बीजापुर के अभिनव पहल ‘‘घर-घर पुस्तक, हर-घर लाइब्रेरी’’ का शुभारंभ किया। मंत्री श्री कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नीति आयोग से प्राप्त राशि के द्वारा जिले के सभी घरों में कम से कम 10 पुस्तकें जिला प्रशासन द्वारा प्रदाय किया जा रहा है। यह पुस्तकें लोगों के मांग पर उनके मनपसंद साहित्यकारों की पुस्तके दी जाएगी। लोगों के मांग के अनुरूप पुस्तक की भाषा, विषय, साहित्यिक, दर्शन, सामान्य ज्ञान सहित सभी प्रकार की प्रत्येक इच्छानुसार पुस्तकें दी जाएगी। मंत्री श्री कश्यप ने इस अभिनव पहल सराहना करते हुए कहा कि लोगों को अपने घर में ही लाइब्रेरी का अनुभव हो सकेगा। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को पुस्तक का भी वितरण किया।
कलेक्टर अनुराग पाण्डेय के निर्देशन में जिले में शिक्षा के स्तर में व्यापक बदलाव लाने एवं अंदरूनी क्षेत्रों में पहली बार स्कूल खुलने की खुशी स्कूली बच्चों के उमंग और उत्साह का डाक्यूमेंट्री विडियो का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देर्शों पर अमल करते हुए मुतवेंडी कांवड़गांव, डुमरीपालनार जैसे सुदूर एवं संवेदनशील गावों में पुनः स्कूल खोला गया जिसमें हजारों बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। शिक्षा के साथ-साथ नियद नेल्लानार योजना के तहत बिजली, पानी, राशन जैसे बुनियादि सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान इन 25 स्कूलों के स्थानीय स्तर पर नियुक्त शिक्षादूतों का सम्मान किया गया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने प्रभारी मंत्री को एक भारत श्रेष्ठ भारत नामक पुस्तक एवं सांसद महेश कश्यप को वीर सावरकर के जीवन पर आधारित पुस्तकें भेंट की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, नीना रावतिया उद्दे, बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर ग्रामीण और उत्तर के मतदाताओं का सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया अभिनंदन
रायपुर को देश के शीर्ष 10 लोकसभा क्षेत्र में शामिल करने में रायपुर ग्रामीण का बड़ा योगदान: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। मतदाता अभिनंदन समारोह के तहत रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर ग्रामीण और उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का अभिनंदन कर आभार जताया। रायपुर ग्रामीण में विधायक मोतीलाल साहू द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने लोकसभा चुनाव में जानदार, शानदार और दमदार प्रदर्शन किया। लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोट देकर ,रायपुर को देश के शीर्ष 10 लोकसभा क्षेत्र में शामिल करने में रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का अतुलनीय योगदान रहा है। जिसके कारण अकेले रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख 7 हजार से ज्यादा मतों के अंतर रहा। जिसके लिए वो क्षेत्र के मतदाताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस जोश को बरकरार रखने के लिए कहा और आने वाले नगरिय निकाय और पंचायत चुनाव में भी भाजपा का शानदार प्रदर्शन दोहराने की बात कही। श्री अग्रवाल ने कहा कि अब उनके सांसद बन जाने पर क्षेत्र का अधिक तेजी से विकास होगा जिसके लिए उन्होंने सांसद निधि से एक करोड रुपए देने की घोषणा भी की। बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों से मानव श्रृंखला बनाकर दूसरे लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने को कहा और प्रधानमंत्री मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के महत्व को दोहराते हुए स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में एक लाख पच्चीस हजार पौधे लगाने का आह्वान किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा आयोजित मतदाता अभिनंदन समारोह में क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का अभिनंदन कर आभार जताया। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद सुनील सोनी, अशोक बजाज, जयंती भाई पटेल, रमेश सिंह ठाकुर, सत्यम दुआ, लीलाधर चन्द्राकर होरीलाल देवांगन, जितेन्द्र धुरंधर, ओम प्रकाश साहू, रविन्द्र सिंह ठाकुर, किशोर महानंद , पूनम चंद्राकर, नलीनेश ठोकने, सत्यम दुवा, मोहन एंटी, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, हरीश ठाकुर, राजेश पांडेय, अमरजीत छाबड़ा, सोनू सलूजा, गोरेलाल नायक, सुनील कुकरेजा, संतोष साहू बड़ी संख्या वरिष्ठजन उपस्थित रहे।










18 जुलाई को होने वाला जनदर्शन स्थगित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 18 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा।
हमारा संकल्प 2047 तक बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट सभी की भागीदारी से तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है इसे पूरा करने के लिए हम विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री आज यहां न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ विजन 2047 तैयार करने के लिए राज्य नीति आयेाग द्वारा आयोजित मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं, कृषकों, महिलाओं और प्रबुद्धजनों ने अपने-अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में भारत विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। प्रधानमंत्री जी ने अगले पांच साल में भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है जहां प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन, वन संपदा और मानव संसाधन हैं। यहां की धरती उर्वरा है, मेहनतकश किसान हैं। यहां के संसाधनों का वैल्यू एडिशन करके हम विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं। इसमें सभी का सहयोग आवश्यक होगा। छत्तीसगढ़ युवा प्रदेश है, हमने नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसमें वोकेशन ट्रेनिंग पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर क्षेत्र में सबके सहयोग से रिफॉर्म ला रही है। सरकार काम-काज में भी पारदर्शिता लाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। हमारी सरकार की नीति करप्शन के प्रति जीरो टालरेंस की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं, कृषकों, महिलाओं और प्रबुद्धजनों ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट और नई उद्योग नीति राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को आम जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में जैविक कृषि को लेकर बहुत महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। युवाओं ने भी आगामी भविष्य को लेकर अपना बेहतर दृष्टिकोण रखा है। कार्यक्रम में नारी शक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित हैं, यहां आने के लिए उनका विशेष धन्यवाद। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं स्वयं किसान का बेटा हूं मेरी भी कृषि में बहुत रूचि है मैं जब भी गांव जाता हूं तो अपने खेत में जरूर समय बिताता हूं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के युवा, कृषक, महिला और प्रबुद्धजनों के साथ विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर परिचर्चा में मुख्यमंत्री श्री साय ने ड्रोन दीदी को लेकर आए प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि भिलाई में तकनीकी विश्वविद्यालय में ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का आह्वान किया है, जिसमें ड्रोन दीदी का भी अहम योगदान होगा। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री जागेश्वर यादव की तारीफ़ करते हुए कहा कि जागेश्वर जी पढ़े-लिखे नहीं हैं, उन्हें साइकिल चलाना नहीं आता, हाफ पेंट पहनकर और बिना चप्पल के अपना काम चलाते हैं लेकिन आज इन्होंने कोरवा-बिरहोर समुदाय की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया है, मैं उनका अभिनन्दन करता हूं।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों का नीति आयोग द्वारा संकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन तथा सर्विस सेक्टर में भी असीम संभावनाएं हैं। वर्तमान में कृषि में रसायनिक खाद के उपयोग से कैंसर रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। हमें जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। कृषि में युवाओं की भागीदारी भी बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रोग्रेसिव फॉर्मिंग के लिए किसानों की जमीन को एक साथ करने के लिए विचार करने की जरूरत है। हॉर्टिकल्चर क्रॉप के लिए जमीन की लेबलिंग, फेंसिंग और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता आदि पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि एग्रो टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में स्किल डेव्हलपमेंट को भी बढ़ाना होगा। मुख्य सचिव एवं उपाध्यक्ष राज्य नीति आयोग अमिताभ जैन और योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
संवाद कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम में काष्ठ शिल्पकार एवं पद्मश्री से सम्मानित अजय मण्डावी एवं पद्मश्री जागेश्वर यादव, कोण्डागांव से आयी महिला कृषक उदेश्वरी, शुभम दीक्षित, सिमरन, अंकित जैन, शताब्दी पाण्डेय, सुधा वर्मा सहित अनेक लोगों ने सुझाव दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सलाहकार धीरेन्द्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य के. सुब्रमण्यम, सचिव अनूप श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी उपस्थित थे।
व्यापम द्वारा विभिन्न पदों की लिखित भर्ती परीक्षा की संभावित तिथियां घोषित
रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन व्यापम की वेबसाईट पर आमंत्रित किए गए थे, जिसके लिए लिखित भर्ती परीक्षा के लिए संभावित तिथियां घोषित कर दी गई है। जिसमें सहायक ग्रेड-3 (एचएजी23) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के लिए 28 जुलाई 2024 को सुबह, प्रयोगशाला सहायक (एफडीएलटी24) राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 25 अगस्त 2024 सुबह एवं प्रयोगशाला तकनीशियन (एफडीएलटी24) राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 25 अगस्त 2024 संध्या को आयोजित की जाएगी।
इसी तरह छात्रावास अधीक्षक (टीएचएस24) श्रेणी ‘द‘ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास की परीक्षा 15 सितंबर 2024 सुबह, प्रयोगशाला तकनीशियन (एचईएलटी24) उच्च शिक्षा संचालनालय 29 सितंबर 2024 सुबह, मत्स्य निरीक्षक (एफएफआई24) संचालनालय मछली पालन विभाग 29 सितंबर 2024 संध्या, सहायक सांख्यिकी अधिकारी (केएएसएल23) संचालनालय कृषि की परीक्षा 20 अक्टूबर 2024 सुबह एवं प्रयोगशाला सहायक (केएएसएल23) संचालनालय कृषि की परीक्षा 20 अक्टूबर 2024 संध्या को आयोजित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में अब गौ तस्करी संभव नहीं - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर गृह विभाग द्वारा गौवंश व दुधारु पशुओं के अनाधिकृत परिवहन (तस्करी), वध व मांस की बिक्री आदि घटनाओं की रोकथाम तथा संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साय सरकार गौवंश के अवैध परिवहन पर सख्ती से निपट रही है। हमने सजा और जुर्माने का प्रावधान करके यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी इस कानून का उल्लंघन न कर सके। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में अब गौ तस्करी संभव नहीं और इसके लिए हमने प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन पर सात साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह सिद्ध करना कि तस्करी नहीं हो रही है, अभियुक्त पर होगा। अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम अधिकारी के अनुमति के बिना गौवंश का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। परिवहन के दौरान वाहन में फ्लेक्स आदि लगाना होगा। तस्करी करने पर वाहन राजसात किया जाएगा और वाहन मालिक पर भी कार्यवाही होगी। इससे अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क किया जाएगा।
श्री शर्मा ने कहा कि राजपत्रित अधिकारी को उक्त घटनाओं की रोकथाम और पर्यवेक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। पुलिस के अधिकारी शिथिल या संलिप्त होने पर उन पर कठोर कार्यवाही होगी। आसूचना एकत्रित करना, जिले के सभी प्रकारों का अध्ययन करना और सभी आरोपियों की पुनः समीक्षा व सतत निगरानी आवश्यक होगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नियम विरुद्ध परिवहन होना पाया जाता है तो जहां से परिवहन शुरू हुआ और जहां वाहन जब्त किया गया है, उस बीच के समस्त पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारियों के सर्विस बुक में नकारात्मक टीप अंकित की जाएगी और पांच से अधिक बार नकारात्मक टीप अंकित होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। यदि किसी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी की गौवंश के वध तथा गौवंश व दुधारू पशुओं की तस्करी (अवैध परिवहन) की कार्यवाही में किसी प्रकार की शिथिलता व संलिप्तता पायी जाती है, तो उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक और विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय सहायक ग्रेड-3 पद हेतु प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा 28 जुलाई को
रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए सहायक ग्रेड 03 पद हेतु प्रथम स्तर के लिखित परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए सरगुजा, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग और रायपुर में केन्द्र बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वेबसाइट पर आवेदक द्वारा सहायक ग्रेड-3 के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए गए थे। सभी आवेदित अभ्यर्थियों को प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के लिए छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट में जाकर पंजीयन कराना आवश्यक होगा तथा परीक्षा जिला का चयन करना अनिवार्य होगा। व्यापम के वेबसाईट पर परीक्षा के लिए पंजीयन व जिला चयन की प्रारंभिक तिथि 2 जुलाई तथा अंतिम तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है।
नियंत्रक व्यावसायिक परीक्षा मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापम पंजीयन नंबर व परीक्षा केन्द्र जिला के चयन के आधार पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को 22 जुलाई को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट पर पंजीयन नहीं किया है। उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार लिखित परीक्षा से वंचित माना जायेगा व जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी के स्वयं की होगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में जमा किये गए ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने कोसा, कॉटन व हाथकरघा वस्त्रों के भव्य प्रदर्शनी सह-विक्रय का किया शुभारंभ, 22 जुलाई तक बलौदाबाजार में सजेगा बाजार, दी जा रही है विशेष छूट
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग हाथकरघा बलौदाबाजार-भाटापारा के सौजन्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में भव्य प्रदर्शनी सह-विक्रय का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष चितावर जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मंत्री श्री वर्मा ने आयोजन के लिए विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बीच-बीच में करते रहना चाहिए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने जिले के सभी लोगों से इस मेले का लाभ लेने और अधिक से अधिक उत्पादों का क्रय कर हाथकरघा को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि लोग अधिक से अधिक सक्षम व आत्मनिर्भर हो सके और गाँधी जी के सपने को पूरा कर सके। उक्त मेले में छतीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कोसा, कॉटन हथकरघा वस्त्रों का विशाल प्रदर्शनी होगा। यह प्रदर्शनी बलौदाबाजार शहर के मध्य स्थित पं.बाल्मीकि शुक्ल विप्र वाटिका गॉर्डन चौक में लगाई गई है। यह प्रदर्शनी आज से 22 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहेगा। इस प्रदर्शनी के विशेष आर्कषक के रूप में महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा हाथों से निर्मित वस्त्रों का प्रर्दशन कर विक्रय किया जायेगा। इसके लिए 15 स्टॉलों को सजाया जा रहा है। इस मेले में उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साड़िया, कोसा मलमल,कोसाड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट,कोसा बाफ्ता,सूती साड़िया शर्टिंग, बेड शीट, पिलो कवर, टॉवेल नेपकिन गमछा इत्यादि एक ही जगह मिल जायेगा। जिला हथकरघा के सहायक संचालक बी आर शेन्द्रे ने बताया कि वस्त्रों आदि सभी उत्पादों की खरीदी में लोगों को 20 प्रतिशत का विशेष छूट दिया जायेगा।
अर्थव्यवस्था में युवाओं की भागीदारी से ही छत्तीसगढ़ होगा विकसित, युवाओं ने कृषि को आधुनिक बनाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और रोजगार आधारित शिक्षा पर दिया जोर
रायपुर। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर बनाए जा रहे छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट पर युवाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने के लिए यहां की परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करना होगा। राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने, इसे आधुनिक बनाने के साथ-साथ राज्य के प्रगति में कंधे से कंधा मिलाकार योगदान देने वाली मातृ शक्ति को भी सशक्त बनाना होगा।
राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के सिलसिले में स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। संवाद कार्यक्रम में लक्षित सेठिया ने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कृषि से संबंधित स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अंकित जैन ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के नये सेक्टरों जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाईल आदि क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत है। इसके साथ ही कुशल मानव संसाधन के लिए वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप नये क्षेत्रों में भी कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित किए जाए। मयंक नायक ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, इसके दोहन के लिए पर्यटन क्षेत्रों का विकास सहित अन्य सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए। कुमारी सिमरन ने कहा कि राज्य में रोड़ नेटवर्क बढ़ाए जाने की जरूरत है। प्रेरणा शर्मा, लोमेश कश्यप और ऋतुराज साहू ने कहा कि युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए पाठ्यक्रमों में बदलाव करने की जरूरत है। युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने स्कूलों और महाविद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त बनाना चाहिए। अंकिता पाण्डेय ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में खेल को एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करते हुए खेल की सुविधाएं विकसित करना भी जरूरी है।
कृषि उत्पादकता में कारगार है सौर ऊर्जा, 27 लाख की लागत से बड़े तुमनार में स्थापित किया गया ’’सोलर फार्म स्टेशन’’
रायपुर। सौर ऊर्जा के उपयोग से कृषकों के उत्पादन क्षमता में वृद्धि के फलस्वरूप उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखा जा सकता है। सौर किरण ऊर्जा के गैर परंपरागत एवं नवीकरण योग्य स्रोतों का सर्वाधिक प्रमुख माध्यम है, जिसमें सोलर फोटोवोल्टाइक सेल की मदद से सौर किरणों को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इस ऊर्जा एवं आधुनिक कृषि तकनीक के मेल से कृषि उत्पादकता में वृद्धि कर जिले दंतेवाड़ा के कृषकों को लाभान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस क्रम में गीदम ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम बड़े तुमनार में लगभग 27 लाख रुपये लागत का सोलर फार्म स्टेशन स्थापित किया गया है। इस सोलर फार्म स्टेशन से कृषक पंपों का ऊर्जीकरण करके न केवल सिंचाई क्षमता को बढ़ाया जायेगा बल्कि इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के आधुनिक कृषि मशीनरी जैसे ’’थ्रेसर और बीडर’’ आदि उपकरण भी संचालित होंगे, जिन्हें अब तक विद्युत ऊर्जा के माध्यम से चलाया जाता था।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिला में सौर ऊर्जा से संचालित धान कुटाई की लघु मिल भी स्थापित की गई है जो पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित होगी। इस संबंध में इस सोलर फार्म स्टेशन के ऑपरेटर ने बताया कि इस सौर उर्जीकृत लघु मिल से धान से निकलने वाले चावल की गुणवत्ता बेहतर होती है और चावल भी कम टूटते हैं। साथ ही खेती में काम आने वाले अन्य मशीन भी इसके माध्यम से आसानी से चलाये जा सकते हैं। जिससे किसानों को समय और श्रम की बचत होगी। इसके लिए कृषकों के एक समूह को सोलर पावर स्टेशन संचालित करने का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम बड़े तुमनार के निकटस्थ बहने वाली तुमनार नदी के किनारे लगभग 10 किसानों की कृषि भूमि है जहां की खेती किसानी ही उनके आय का प्रमुख जरिया है और वे पुराने तौर तरीकों से खेती करते चले आ रहे हैं। वर्षा ऋतु में उन्हें आम तौर पर सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहती परन्तु मानसून इतर मौसम में फसलों के लिए पानी की समस्या हमेशा उनके सामने खड़ी होती थी। इन किसानों का कहना था कि अब तक वे बारिश के भरोसे ही खेती करते और अधिकतर किसानों के पास विद्युत पंप की सुविधा न होने से दूसरी फसल लगाने में उन्हें दिक्कत होती थी। परन्तु अब सोलर पावर स्टेशन स्थापित होने से बारहमासी पानी की व्यवस्था हो सकेगी, जिससे किसान दोहरी-तिहरी फसल ले सकने में सक्षम होंगे।
बड़े तुमनार ग्राम के सरपंच गुड्डी राम कश्यप ने बताया कि सोलर पावर स्टेशन लगने से यहां के कृषकों में उत्साह का माहौल है। श्री कश्यप ने कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से चलने वाले सभी प्रकार की कृषि मशीनरी का प्रयोग भी स्थानीय कृषकों ने सीख लिया है और अब इसका लाभ वे खरीफ सीजन के पश्चात् रबी फसलों में लाभ लेने के लिए उत्सुक हैं। विशेष तौर पर ऐसे कृषक जो लम्बे समय से नदी किनारे तोरई, भिंडी, करेला, बैंगन इत्यादि मौसमी साग सब्जियां उगाया करते हैं। आगामी रबी सीजन में अब वे सौर ऊर्जा के माध्यम से साग सब्जी उत्पादन को एक नया परिदृश्य देंगे। दूर-दराज के विद्युत विहीन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा तकनीक एक वरदान है, ऐसे किसानों के लिए जो विद्युत चालित पंपों के अभाव के कारण चाह कर भी कृषि कार्य नहीं कर पाते उनके लिए सोलर पावर स्टेशन एक उम्मीद की किरण बन कर आया है और जिसके माध्यम से ग्राम बड़े तुमनार के कृषक परिवार अब उत्पादकता को बढ़ाकर अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बदलने में समर्थ होंगे।
महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर बने विशेष रणनीति, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहकारिता से जोड़ने की जरूरत
रायपुर। नीति आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर विचार रखते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण पर विशेष रणनीति बनानी होगी। महिलाओं को सहकारिता के माध्यम से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों के लिए तैयार करना होगा।
कार्यक्रम में महिलाओं ने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक भेदभाव, नशाखोरी, बाल विवाह सहित सभी सामाजिक बुराईयों के प्रति जनजागरण अभियान भी चलाने की आवश्यकता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने, उनके कौशल विकास, नये स्टार्टअप शुरू करने के लिए नये कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता से जुड़कर ही महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। इसके लिए राज्यस्तरीय, अंतर्राज्यीय और देशव्यापी संस्थाओं और बहुस्तरीय सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है। श्रीमती शमशाद बेगम ने कहा कि सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए ठोस पहल होनी चाहिए।
लखपति दीदी और ड्रोन दीदी के रूप में पहचान रखने वाली लामी बैगा, पुष्पा वस्त्रकार और चित्ररेखा साहू ने कहा कि उद्यमिता से जुड़े महिलाओं के लिये मार्केटिंग,पैकेजिंग और विक्रय की व्यवस्था करना जरूरी है।
अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047- कृषि से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियों पर विस्तृत मंथन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ को देश में कृषि एवं प्रसंस्कृत सुपरफूड का पावर हाऊस बनाने आज कृषकों ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी फसलों, कृषि के क्षेत्र में बुनियादी ढ़ाचे में सुधार सहित अनेक मुद्दों पर अपना सुझाव दिए। बैठक में कृषि से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियां एवं सामर्थ्य विषय पर विस्तार से मंथन किया गया।
इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों ने परिचर्चा में भाग लिया और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त किया।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग हैं। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं। ’’अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने का सिलसिला जारी है। कृषकों ने संवाद कार्यक्रम में वानिकी उत्पादों के साथ मजबूत ब्रांड का निर्माण करने, खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों का कार्यान्वयन, कौशल उन्नयन और बुनियादी ढांचे में निवेश, फसलों का पैदावार बढ़ाने, मूल्य वर्धित उत्पादों के उत्पादन के लिए बागवानी पर ध्यान केंद्रित करनेे पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कृषकों द्वारा कृषि सेवा केेन्द्र को बढ़ाने, कृषिजोत आकार को बढ़ाने खेतों के चकबंदी योजना बनाने, फसल चक्र को बढ़ावा देने किसानों के लिए पर्याप्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराने, मृदा जांच तथा छत्तीसगढ़ को जड़ी बूटी और वनोपज के केंद्र के रूप में विकसित करने, वनोपज व्यापार केंद्र बनाने, भंडारण प्रसंस्करण और परिवहन के लिए बुनियादी ढांचा बनाने, किसानों को सक्षम बनाने राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल, लघु वनोपजों की मजबूती, जल और सिंचाई की पर्याप्त उपलब्धता पशुपालन व गोपालन प्रबंधन, प्रति एकड़ कृषि आय में वृद्धि करने, सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान दर में वृद्धि सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए गए।
कृषि भूमि के बेहतर उपयोग एवं अन्तर्वर्तीय फसल को बढ़ाने की क्षमता, प्रति कृषि परिवार की औसत मासिक आय में बढ़ोतरी, किसानों के लिए बेहतर ऋण की सुविधा, उन्नत तकनीकी की आवश्यकता, उत्पादकता एवं क्षमता बढ़ाने के लिए सटीक खेती जैसे विषयों को डाक्यूमेंट में शामिल करने की बात की गई।
राज्य के विभिन्न जिलों से आए कृषकों ने सुझाव देते हुए कहा कि किसानों के लिए समन्वित योजना बनाए जाने की आवश्यकता है। कृषि में परिवहन बहुत बड़ा मुद्दा है, सस्ते परिवहन पर विचार करना चाहिए। किसानों को उत्पादित फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा किसानोें के हित के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी किसानों को समय पर मिलना चाहिए।
कृषकों ने कृषि अनुसंधान एवं विकास में निवेश करने, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर देने, जैविक खेती, खाद्य वितरण प्रणाली और कोल्ड स्टोरेज को मजबूत करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपना सुझाव दिए।
कृषकों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक फसल में अधिकतम मूल्य वर्धन करना, कृषि से संबंधित गतिविधियों में आय में वृद्धि, देश और विदेशों में नए बाजार खोलने, निर्यात केंद्र, प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं, नर्सरी, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता अभियान चलाने की आवश्यकता, वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने, वन धन शक्ति के तहत क्षमता निर्माण और सरकारी समितियां के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाने, सरकारी बाजार, पीपीओ और सरकारी समितियां को बढ़ावा देने जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों का समावेश डॉक्यूमेंट में होना चाहिए।
इस संवाद कार्यक्रम में अंकिता वर्मा, मोतीराम सिन्हा, कुलदीप पटेल, रजनीश गुप्ता, अपूर्वा त्रिपाठी, मोहन पटेल, राजेश गुप्ता, राम शर्मा, बिंदेश्वरी शर्मा, पुष्कर चंद्राकर, पंकज शर्मा सहित राज्य से आए अनेक प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सुझाव दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता से तीन को मिली अनुकंपा नियुक्ति शारदा, प्रमिला, एवं अन्नपूर्णा बनेंगी अपने परिवार का सहारा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सरकार लोगों के हित में त्वरित कार्य कर रही है। समय सीमा के अंदर जरूरतमंद परिवार को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकें, शासन इस पर लगातार प्रयास कर रही है। गरियाबंद जिले की शारदा पटेल, प्रमिला कुर्रे एवं अन्नपूर्णा ध्रुव को अनुकम्पा नियुक्ति मिल गई है। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने तीनों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। शासन की त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
ग्राम देवरी जिला जांजगीर चांपा की रहने वाली शारदा पटेल ने बताया कि उनके पति व्याख्याता के रूप में हायर सेकेण्डरी स्कूल अकलवारा में पदस्थ थे। उनके निधन के बाद भृत्य पद के रूप में अनुकंपा नियुक्ति शासकीय हाईस्कूल लोहझर में मिली है। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी। साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसी प्रकार मचेवा जिला महासमुंद की रहने वाली प्रमिला कुर्रे के पति शिक्षक (एलबी) के रूप में शासकीय मीडिल स्कूल गुड़ेमा में पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात उन्हें भृत्य के रूप में शासकीय हाईस्कूल सेमरा में अनुकंपा नियुक्ति मिली। उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। छत्तीसगढ़ शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से बच्चों के पढ़ाई -लिखाई एवं भविष्य सृजन में मदद होगी। मैनपुर अंतर्गत ग्राम गोना के निवासी अन्नपूर्णा ध्रुव के पिता शासकीय मीडिल स्कूल गरहाडीह में शिक्षक (एलबी) के पद पर पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात राज्य शासन की संवदेनशीलता के कारण त्वरित रूप से अन्नपूर्णा को भृत्य पद में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल शोभा में अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।