प्रदेश
वेदांता प्रबंधन ने शुरू किया भुगतान, 21 मृतकों के परिवारों तक पहुंची सहायता
सक्ती। वेदांता पावर प्लांट हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को मुआवजे का भुगतान शुरू हो गया है. मृत 24 मजदूरों में से 21 मजदूरों के परिजनों को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है. 3 मजदूरों के परिजनों को भुगतान किया जाना बाकी है. इसके अलावा सभी 11 घायल मजदूरों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है.
बता दें कि 14 अप्रैल को सक्ती जिले के सिंघीतराई में संचालित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर पाइप में ब्लास्ट हुआ था, जिसकी चपेट में आने से 35 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे. इनमें से 24 मजदूरों की मौत हो चुकी है. वहीं गंभीर रूप से घायल 3 मजदूरों के साथ 6 मजदूरों को विभिन्न अस्पतालों में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. वहीं दो मजदूरों के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.
35-35 लाख मुआवजे के साथ नौकरी देगी कंपनी
वेदांता प्रबंधन ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने और घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही थी. इसके अलावा मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया था. वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मुआवजे की घोषणा की है. PMNRF से मृतक के परिवार वालों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे.
घरों में पाइप से पहुंचेगी गैस, हरियाणा की कंपनी को मिला कॉन्ट्रैक्ट
रायपुर। राजधानी रायपुर में नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने का कार्य जल्द शुरू होगा. इसके लिए हरियाणा सिटी गैस कंपनी को पेट्रोलियम मंत्रालय ने अधिकृत किया है. वर्तमान में यह कार्ययोजना शहर में प्रारंभिक दौर में है. (Raipur PNG Service) संबंधित एजेंसी को शहर में गैस पाइप लाइन डालने से पहले नियम अनुसार नगर निगम से एनओसी लेनी होगी, साथ ही निर्धारित दर अनुसार शुल्क भी जमा करना होगा, ताकि इस कार्य से नागरिकों को शहर में प्राकृतिक गैस लाइन की सुविधा केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप जल्द मिले. इस दौरान किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न होने पाए. मंगलवार को निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसी सिलसिले में गांधी सदन के सभागार में हरियाणा सिटी एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और दस जोन के जोन कमिश्नरों के साथ बैठक की.
पाइप लाइन टूटने पर खैर नहीं
निगम आयुक्त विश्वदीप ने हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया है कि वह निगम के संबंधित जोनों के जल और नगर निवेश विभाग के जोन अधिकारियों से तालमेल रखकर शहर में गैस पाइप लाइन डालने का कार्य करें. उन्होंने ये भी कहा कि पेयजल पाइप लाइन किसी भी हालत में क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए, साथ ही शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को तत्काल मरम्मत किया जाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के कार्य दौरान शहर गर्मी के मौसम में नागरिकों असुविधा न हो यह ध्यान रखें.
बैठक में अपर आयुक्त पंकज शर्मा, दस जोन के जोन कमिश्नर, नगर निवेश विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितीश झा, उप अभियंता नगर निवेश रविप्रभात साहू, हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
सिंहदेव के सुझाव पर केंद्र की मुहर, NH-130 डीपीआर में अहम बदलाव
अंबिकापुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर अंबिकापुर–कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन प्रोजेक्ट में अहम बदलाव किए गए हैं। अब इस परियोजना में लखनपुर नगर के लिए बाईपास निर्माण और लेमरू क्षेत्र में वन्यजीव-अनुकूल सड़क तैयार की जाएगी।
दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-130 को फोरलेन में अपग्रेड करने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और इसके लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। यह मार्ग सरगुजा, सूरजपुर और कोरबा जिलों के घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिसमें लेमरू हाथी प्रोजेक्ट क्षेत्र भी शामिल है।
लखनपुर में ट्रैफिक समस्या से मिलेगी राहत
लखनपुर नगर पंचायत क्षेत्र में बाईपास नहीं होने के कारण भारी वाहन शहर के बीच से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए सिंहदेव ने 8 मार्च को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर बाईपास निर्माण की मांग की थी।
वन्यजीव संरक्षण के साथ सड़क निर्माण
टी.एस. सिंहदेव ने अपने सुझाव में लेमरू क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी। उन्होंने भारतमाला परियोजना के मानकों के अनुसार सड़क निर्माण करने का सुझाव दिया, जिसमें एनिमल बैरिकेडिंग और पर्याप्त अंडरपास जैसी सुविधाएं शामिल हों, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
केंद्र ने दिए संशोधन के निर्देश
सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने 20 अप्रैल को डीपीआर तैयार कर रही सलाहकार संस्था को आवश्यक संशोधन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले की जानकारी भी सिंहदेव को दे दी गई है।
सिंहदेव ने जताया आभार
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण, दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।



यह प्रोजेक्ट जहां एक ओर सड़क सुरक्षा को मजबूत करेगा, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव संरक्षण के लिए भी एक मॉडल के रूप में सामने आएगा।
राजनांदगांव में अवैध ईंट भट्ठे पर बड़ी कार्रवाई, लाखों की सामग्री जब्त
राजनांदगांव। जिले में अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम माहुलझोपड़ी में अवैध ईंट भट्ठे पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने मौके से लाखों की ईंटें, लकड़ी और अन्य सामग्री जब्त की।
कार्रवाई के दौरान जांच में सामने आया कि ग्राम माहुलझोपड़ी में दुर्गा बाई की भूमि पर दाऊ लाल द्वारा बिना किसी वैध अनुमति और दस्तावेज के अवैध रूप से ईंट निर्माण किया जा रहा था। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने लगभग 3 लाख 20 हजार पक्की ईंटें, 1 लाख 60 हजार कच्ची ईंटें, 70 ट्रॉली मिट्टी और 6 ट्रॉली लकड़ी जब्त की। जब्त की गई लकड़ी को सुरक्षा के लिए वन विभाग को सौंपा गया है, जबकि अन्य सामग्री को अग्रिम कार्रवाई तक ग्राम पंचायत गिरगांव के सुपुर्द किया गया है।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार चिराग रामटेके, रेंज ऑफिसर आकाश ठाकुर सहित राजस्व एवं वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ में नौकरी के साथ ‘नेतागिरी’ पर रोक, राज्य सरकार ने आचरण नियमों के पालन का कड़ा निर्देश किया जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों के लिए एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी सेवा के साथ किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या अन्य पदों पर सक्रियता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में सिविल सेवा आचरण नियमों को लेकर रिमाइंडर जारी करते हुए सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं।
जारी निर्देश में राजस्व मंडल छत्तीसगढ़, बिलासपुर सहित राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों को संबोधित करते हुए कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें। शासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है।
राजनीतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध
आचरण नियमों के तहत यह साफ तौर पर कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं हो सकता। साथ ही, किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। शासन ने यह भी निर्देशित किया है कि कर्मचारी किसी भी संगठन, समिति या संस्था में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई पद धारण नहीं कर सकते।
अन्य पदों पर भी सख्ती
निर्देश में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासकीय सेवक किसी भी ऐसे पद या जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे उनके सरकारी कार्यों की निष्पक्षता प्रभावित हो। चाहे वह शासकीय संस्था हो या अशासकीय, बिना अनुमति किसी भी प्रकार की भागीदारी नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
शासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन, वेतनवृद्धि रोकना या अन्य कठोर दंड शामिल हो सकते हैं।
स्पष्ट संदेश: सेवा में रहते निष्पक्षता सर्वोपरि
GAD के इस रिमाइंडर को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। हाल के समय में कुछ मामलों में शासकीय कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी प्रकार की “नेतागिरी” अब स्वीकार्य नहीं होगी। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सीमांकन प्रकरण को लंबित रखने पर सख्त एक्शन, राजस्व निरीक्षक निलंबित
राजनांदगांव। शासकीय कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण खैरझिटी राजस्व निरीक्षक मंडल के राजस्व निरीक्षक अवधराम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने की है।
कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजनांदगांव द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक ने अपने क्षेत्र के सीमांकन प्रकरणों को लंबे समय तक बिना किसी प्रगति के लंबित रखा।
इस संबंध में जनसामान्य से शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अवधराम ठाकुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई, जिसके तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा, राजनांदगांव निर्धारित किया गया है।

नियम का उल्लंघन पड़ा भारी, बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर का सोनोग्राफी कक्ष सील
खैरागढ़। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने खैरागढ़ में संयुक्त कार्रवाई करते हुए बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी कक्ष को सील कर दिया है। यह कार्रवाई PCPNDT Act 1994 के तहत की गई है, जिसमें भ्रूण लिंग जांच पर पूरी तरह प्रतिबंध है और रिकॉर्ड से लेकर प्रक्रिया तक हर स्तर पर सख्त नियम लागू होते हैं।
जानकारी के अनुसार 12 मार्च को प्रशासनिक टीम द्वारा सेंटर का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान अधिनियम और नियमों के उल्लंघन से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें दस्तावेजों के रखरखाव और प्रक्रियात्मक कमियां प्रमुख बताई जा रही हैं। निरीक्षण रिपोर्ट समुचित प्राधिकारी और कलेक्टर को सौंपी गई, जिसके बाद सेंटर संचालक और संबंधित रेडियोलॉजिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
मामले की समीक्षा जिला सलाहकार समिति द्वारा की गई, लेकिन सेंटर की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद समिति ने नियमानुसार सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की। इसी के आधार पर 21 अप्रैल को गठित टीम ने पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा 30 और नियम 12 के तहत कार्रवाई करते हुए सेंटर के सोनोग्राफी कक्ष को सीलबंद कर दिया और जांच से जुड़े आवश्यक साक्ष्य भी जब्त किए।
पहले भी विवादों में रह चुका है डायग्नोस्टिक सेंटर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह डायग्नोस्टिक सेंटर पहले भी विवादों में रह चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहां एक महिला के ऑपरेशन के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे। हालांकि उस मामले में आधिकारिक जांच का अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया, लेकिन इस घटना ने सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े किए थे, ताजा कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सेंटर जांच के घेरे में आ गया है।
नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले किसी भी सेंटर के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में जांच की प्रगति और प्रशासनिक फैसलों पर इस मामले की दिशा और गंभीरता निर्भर करेगी।
12 घंटे ठप रहा NH-130C, मरम्मत के लिखित आश्वासन पर खत्म हुआ चक्काजाम
गरियाबंद। क्षतिग्रस्त रपटे की वजह से परेशानी झेल रहे अमांड समेत आसपास गांव के ग्रामीणों ने आज सुबह 6 बजे से जुगाड़ के पास नेशनल हाइवे 130 सी पर चक्काजाम कर दिया. क्षतिग्रस्त रपटा का मरम्मत इसी सप्ताह से शुरू कराए जाने के प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब शाम 6 बजे चक्काजाम खत्म किया.
दरअसल, नेशनल हाइवे को जोड़ने वाले अमांड देवझरामली मार्ग पर विशेष केंद्रीय सहायता मद से 2024 में पुलिया निर्माण के लिए 1.49 करोड़ की मंजूरी मिली थी. पीएमजीएसवाय ने काम के लिए ठेका कम्पनी से अनुबंध कर 19 जनवरी 2025 को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया.
कम्पनी ने फरवरी 2026 में काम शुरू करने से पहले पुराने रपटे को तोड़ दिया. काम शुरू हुआ था कि उदंती अभयारण्य प्रशासन ने एनओसी नहीं लेने का हवाला देकर काम बंद करा दिया. अभयारण्य इलाके में काम शुरू करने से पहले की जाने वाली तैयारी पूरी नहीं थी, जिसका खामियाजा अब ग्रामीण भुगत रहे हैं.
क्षतिग्रस्त रपटे की वजह से परेशानी झेल रहे अमांड समेत आसपास गांव के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य संजय और लखेश्वरी नेताम के नेतृत्व में आज सुबह जुगाड़ के पास नेशनल हाइवे 130 सी पर चक्काजाम कर दिया. चक्काजाम किए जाने की जानकारी मिलने पर बातचीत के लिए एसडीएम पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी. दोपहर बाद अपर कलेक्टर पंकज डाहरे, अभयारण्य उपनिदेशक पंकज जैन और पुलिस प्रशासन की टीम पहुंची.

दो घंटे के वार्ता के बाद प्रशासन ने लिखित में दिया कि क्षतिग्रस्त रपटा का मरम्मत इसी सप्ताह से शुरू कराया जाएगा. प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी कि बारिश के बाद लंबित निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. इसी लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीण प्रदर्शन खत्म करने राजी हुए.
दिनभर बाधित रहा आवागमन
ग्रामीणों के नेशनल हाइवे पर चक्काजाम किए जाने की वजह से दिन भर यात्री बसें और रास्ते से आने-जाने वाले आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. जुगाड़ के पास हाइवे में दोनों छोर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई थी. लोगों को ओडिशा का रास्ता पकड़ आवाजाही करना पड़ा.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी सौगात: रायपुर लोकसभा के 48 स्थानों पर लगेंगे आधुनिक 'ओपन जिम'
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की दूरदर्शी सोच और सक्रिय प्रयासों से क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य और फिटनेस की एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। सांसद श्री अग्रवाल की विशेष पहल पर रायपुर जिले की सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों और बलौदाबाजार के तिल्दा विकासखंड सहित कुल 48 प्रमुख स्थानों पर 'ओपन जिम' लगाए जाएंगे।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के CSR मद से वित्तीय मंजूरी मिल गई है। सांसद श्री अग्रवाल ने सदैव ही जन-स्वास्थ्य और युवाओं के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी है, और यह कदम उसी संकल्प का हिस्सा है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर लोकसभा क्षेत्र में विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए इसी तरह निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। यह पहल उनके “स्वस्थ रायपुर, सशक्त रायपुर” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विधानसभा वार स्वीकृत स्थानों का विवरण:
बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से स्वीकृत किए गए इन 48 ओपन जिमों का वितरण...
1. रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र (08 स्थान)
शास. जगन्नाथ राव दानी कन्या उ.मा. विद्यालय (स्वामी विवेकानंद वार्ड)
शास. बिन्नी बाई सोनकर उ.मा.वि. भाठागांव (डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड)
शास. उ.मा. विद्यालय चंगोराभाठा (डाॅ. खूबचंद बघेल वार्ड)
शास. उ.मा. विद्यालय मठपुरैना (चंद्रशेखर आजाद वार्ड)
अम्बेडकर चैक गार्डन छत्तीसगढ़ नगर शहीद राजीव पांडेय (वार्ड 62 न.पा.नि. रायपुर)
महाराजबंध तालाब पार गार्डन दुधाधारी मंदिर के सामने, महामाया मंदिर (वार्ड न.पा.नि. रायपुर)
डबरी बंधवा तालाब परिसर, धरसींवा, रायपुर (चंद्रशेखर आजाद वार्ड)
चिरोंजी तालाब परिसर मठपारा, रायपुर (डाॅ. विपीन बिहारी सूर वार्ड)
2. रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र (05 स्थान)
जनता कालोनी कुम्हारे चौक उद्यान, बाल गंगाधर तिलक वार्ड
टीचर्स कालोनी कोटा, रामकृष्ण परमहंस वार्ड
शीतला मंदिर के पीछे, रायपुर माधवराव सप्रे वार्ड
सरोना उद्यान, संत रविदास वार्ड
एकलव्य सरोवर, शहीद चुडामणी नायक वार्ड
3. रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र(05 स्थान)
वार्ड नं. 02 पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड (हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी इम्पेरियल हाईट्स कबीर नगर)
वार्ड नं. 10 रानी लक्ष्मी बाई वार्ड (अशोक स्तंभ काॅलोनी रायपुर)
वार्ड नं. 11 डाॅ. भीमराव अम्बेडकर वार्ड (मड़िया तालाब जोन कार्यालय के पीछे)
वार्ड नं. 51 लाल बहादुर शास्त्री वार्ड (प्रधानमंत्री आवास योजना काॅलोनी के संकल्प फेस-2 सोसायटी लाभाण्डी)
वार्ड नं. 52 डाॅ. राजेन्द्र नगर (शिव मंदिर परिसर माहात्मा गांधी नगर)
4. रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र (06 स्थान)
वार्ड नं. 46, सिविल लाईन वार्ड, पंचशील नगर गार्डन
वार्ड नं. 12, कालीमाता वार्ड, राजीव नगर गार्डन
वार्ड नं. 47, मदर टेरेसा वार्ड, महाराणा प्रताप गार्डन
वार्ड नं. 28, हेमु कल्याणी वार्ड, सभ्दावना गार्डन
वार्ड नं. 13, राजीव गांधी वार्ड, देवेन्द्र सेक्टर 3, सिंधी गुरूद्वारा के सामने
डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उ.मा. वि. डब्लू.आर.एस. काॅलोनी (वीरांगाना अवन्ती बाई वार्ड)
5. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र (08 स्थान)
ग्राम पंचायत सारखी, ग्राम पंचायत पिपरोद, ग्राम पंचायत नवागावं (ल), ग्राम पंचायत रवेली, ग्राम पंचायत खोरपा, ग्राम पंचायत सुन्दरकेरा, ग्राम सेम्हरा (ग्राम पंचायत भोथीडीह) एवं ग्राम पंचायत टेकारी।
6. धरसींवा विधानसभा क्षेत्र (06 स्थान)
ग्राम पंचायत तुलसी (बाराडेरा), ग्राम पंचायत नकटी, ग्राम पंचायत गिरौद (धनेली), ग्राम पंचायत तेंदुआ, ग्राम पंचायत दोंदेरल एवं ग्राम पंचायत अमसेना।
7. आरंग विधानसभा क्षेत्र (07 स्थान)
ग्राम पंचायत देवतिल्दा, ग्राम पंचायत डिघारी, ग्राम पंचायत खम्हरिया, ग्राम पंचायत धमनी, ग्राम पंचायत कलई, ग्राम पंचायत चन्द्रखुरी एवं ग्राम पंचायत नरदहा।
8. बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र (03 स्थान) ग्राम पंचायत टंडवा, ग्राम पंचायत खपरीकला एवं ग्राम पंचायत सरोरा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य रायपुर लोकसभा को सुविधाओं के मामले में देश का अग्रणी क्षेत्र बनाना है। ओपन जिम के माध्यम से आम नागरिक और युवा अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे और उन्हें निःशुल्क व्यायाम की सुविधा उनके घर के पास ही उपलब्ध होगी।
नगरीय निकायों के कार्यों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा
रायपुर। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की समीक्षा का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आज दिनभर चली बैठक में सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को बेतरतीब निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायतों के कार्यों और व्यवस्थाओं में कसावट लाने को कहा। श्री साव ने कहा कि काम में लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को नई सोच और नई कार्य पद्धति से शहरों तथा शहरवासियों के कल्याण के लिए काम करने को कहा। उन्होंने राज्य के उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ ही नागरिकों के लिए पर्याप्त जन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांचों संभागों के विभागीय क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को हर तिमाही में प्रत्येक नगर पालिका और नगर पंचायत का व्यक्तिगत निरीक्षण कर संचालक को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीएमओ को आगामी 31 मई तक नगर पंचायतों की नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संग्रहण बढ़ाने संपत्ति कर, जल कर, यूजर चार्ज जैसे करों की वसूली गंभीरता और कड़ाई से करने को कहा। उन्होंने एनर्जी ऑडिट के माध्यम से गैर-जरूरी विद्युत कनेक्शनों की पहचान कर इसके विच्छेदन की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकाय के सभी कार्मिकों को हर माह समय पर वेतन और बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
श्री साव ने जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने के लिए निर्देशित करते हुए शत-प्रतिशत भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण कराने को कहा। उन्होंने 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। श्री साव ने सभी सीएमओ को मुख्यालय में ही निवास करते हुए प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ रखने को कहा। उन्होंने सीएमओ द्वारा प्रातः भ्रमण में की जा रही कोताही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए रोजाना अनिवार्यतः कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए।
श्री साव ने शहरों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए बच्चों के लिए खेल के मैदानों और उद्यानों के लिए जगहों का चिन्हांकन करने को कहा। उन्होंने कुनकुरी और अंबागढ़-चौकी में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों का निर्माण इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर दूरदर्शिता से काम करते हुए अगले दस वर्षों के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता में रखते हुए इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि से पुख्ता व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वर्षा ऋतु के पहले सभी नाला, नालियों, ड्रेनेज और तालाबों की सफाई करने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन्स के लीकेज ठीक करते हुए सभी घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण एक साल के भीतर पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहर के जरूरतमंदों के लिए पीएम आवास स्वीकृत करना और बनवाना सीएमओ की जिम्मेदारी है। इस पर सक्रियता और गंभीरता से काम करते हुए आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने को कहा। उन्होंने आवास की स्वीकृति के बाद लाभार्थियों को बुलाकर मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान सहित योजना से संबंधित सभी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देने को कहा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रदेशभर में आगामी 1 मई से शुरू हो रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहरवासियों को लाभान्वित करने की तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और नगर पंचायतों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिनभर चले मैराथन बैठक में नगर पंचायतों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की।
गर्मी का असर: हितग्राहियों की सुविधा के लिए राशन दुकानों का समय बदला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए सरकारी राशन दुकानों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। अब हितग्राहियों को राहत देने के लिए खाद्यान्न वितरण सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक किया जाएगा।
नए आदेश के अनुसार दोपहर की तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए राशन दुकानें दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बंद रहेंगी। इसके अलावा निर्धारित छुट्टियों के दिनों में दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। पहले राशन दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हो रही थीं, जिससे तेज धूप में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समय में बदलाव से अब लोगों को सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में राशन लेने की सुविधा मिल सकेगी।
सरकार के इस फैसले से खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूर वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी उचित मूल्य दुकानों को नए समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
झुलसाती गर्मी में ट्रांसफॉर्मर भी बेहाल, रायपुर में ठंडा रखने कूलर का सहारा
रायपुर। भारत की झुलसाती गर्मी का असर अब सिर्फ लोगों तक ही सीमित नहीं रहा, अब बिजली के ट्रांसफॉर्मर भी इस गर्मी से पसीना-पसीना हो गए हैं। प्रदेश में राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, वहीं मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है। तेज गर्मी के चलते बिजली उपकरणों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
बता दें कि शहर के सिविल लाइन स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में लगे ट्रांसफॉर्मर को ठंडा रखने के लिए कूलर लगाया गया है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण ट्रांसफॉर्मर ओवरहीट न हो।
दरअसल, जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली की खपत भी आसमान छू रही है। इससे ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ता है और वे ज्यादा गर्म हो जाते हैं। गर्मी के कारण कई बार वोल्टेज लो हो जाता है और ट्रांसफॉर्मर ट्रिप या फट भी सकते हैं। ऐसे में आग लगने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए यह प्रयोग किया गया है, जिससे ट्रांसफॉर्मर का तापमान नियंत्रित रखा जा सके।
बिजली विभाग के इस कदम को गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के मद्देनजर विभाग अन्य जरूरी इंतजाम भी करने की तैयारी में है।
छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगा 24x7 सीएम हेल्पलाइन, तय समय में होगा शिकायतों का निराकरण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द सीएम हेल्पलाइन नंबर शुरू होने जा रहा है. 24 घंटे सक्रिय रहने वाले इस हेल्पलाइन नंबर पर राज्य का कोई भी व्यक्ति समस्या या फिर शिकायत कर सकेगा. अफसरों को इन समस्याओं का तय सीमा में निराकरण करना होगा.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह जानकारी जशपुर के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में दी. उन्होंने बताया की सीएम हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों या फिर समस्याओं के निराकरण के लिए समय निर्धारित होगा. अगर तय समय पर शिकायत या समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव के लिए आहुत विशेष सत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की महिलाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया. इसे लेकर विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है.
वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विष्णुदेव साय ने कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी को लेकर वहां के लोगों में काफी आक्रोश है. मैने भी पश्चिम बंगाल का दौरा किया है. लोग बदलाव लाना चाहते हैं, भाजपा की सरकार वहां जरूर बनेगी.
सुशासन शिविर की तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी करें: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किये जाएंगे। सभी नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारी इस संबंध में सारी तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी कर लें।
कलेक्टर ने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर दीनदयाल सभागृह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रमुख प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम हेतु समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट वेव चलने की संभावना है, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों का इंतजाम बनाए रखें।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर एवं एडीएम उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
संभावित लू के खतरे से निपटने रायपुर तैयार: कलेक्टर ने की व्यापक इंतजामों की समीक्षा
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में संभावित लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने एवं व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में लू चलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा समन्वित कार्ययोजना लागू की जा रही है, जिससे जनहानि एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील आबादी की पहचान कर विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अलर्ट प्रणाली के अनुसार रेड, ऑरेंज, येलो एवं सामान्य स्तर की चेतावनियों पर गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
जिले के सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, पार्क एवं सरकारी कार्यालयों में शीतल जल केंद्र (प्याऊ) स्थापित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को निर्बाध रखने तथा नगर निगम के माध्यम से टैंकरों द्वारा जल वितरण की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही श्रमिकों एवं राहगीरों के लिए छायादार अस्थायी विश्राम केंद्र (कूलिंग शेल्टर) बनाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन हेतु आवश्यक दवाएं, आई.वी. फ्लूड्स, ओआरएस पैकेट एवं कूलिंग ट्रीटमेंट सुविधाएं उपलब्ध रहें। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा एम्बुलेंस सेवाओं को भी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग को गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में ओआरएस एवं पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टीएचआर वितरण के दौरान महिलाओं को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, बाजारों एवं प्रमुख स्थानों पर मिस्ट स्प्रे एवं वाटर स्प्रिंकलिंग की व्यवस्था, निर्माण स्थलों एवं ईंट भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष सतर्कता, तथा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं एवं स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आईओसीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
वेदांता प्लांट हादसा अपडेट : उच्चस्तरीय जांच शुरू, 29 अप्रैल तक आमजन से मंगाए गए साक्ष्य, अब तक 24 मजदूरों की हो चुकी है मौत
सक्ती। सक्ती जिले के वेदांता पावर लिमिटेड में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 24 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 गंभीर रूप से घायल श्रमिक विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन को उच्चस्तरीय जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आमजन से साक्ष्य व दस्तावेज मांगे गए हैं, जिन्हें 29 अप्रैल तक प्रस्तुत किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत सिंघीतराई स्थित प्लांट के बॉयलर यूनिट–1 में तकनीकी खराबी के कारण यह भयावह हादसा हुआ। घटना के समय वहां कार्यरत कुल 34 श्रमिक इसकी चपेट में आए थे। विस्फोट इतना तेज था कि मौके पर ही कई मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद घायलों को तत्काल अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां 10 श्रमिकों का इलाज अब भी जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को उच्चस्तरीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से आमजन, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य एवं दस्तावेज आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए 29 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक, आयुक्त कार्यालय बिलासपुर संभाग में सुनवाई निर्धारित की गई है। यदि कोई व्यक्ति इस दुर्घटना से जुड़े तथ्य, दस्तावेज या महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।
बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने कहा है कि इस जांच का उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। इसलिए आमजन से अपेक्षा है कि वे उपलब्ध तथ्यों के साथ सहयोग प्रदान करें।