प्रदेश
उप मुख्यमंत्री अरुण साव निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर दे रहे हैं विशेष जोर
रायपुर। राज्य शासन ने नगरीय निकायों में निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य पूर्ण कराने तथा परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विभागीय उच्च स्तरीय निगरानी समिति (DHLMC) का गठन किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंत्रालय से समिति के गठन का आदेश जारी किया है। विभाग ने समिति के कर्तव्यों और समीक्षा की प्रक्रिया निर्धारित करते हुए संबंधितों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दे रहे हैं। उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठकों में इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित भी किया है।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा गठित उच्च स्तरीय निगरानी समिति का विस्तार राज्य के सभी नगरीय निकायों में होगा। समिति नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री/भारसाधक मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी। विभागीय सचिव द्वारा सौंपी गई अन्य योजनाओं/परियोजनाओं की समीक्षा भी समिति द्वारा की जाएगी। शासन स्तर पर विभागीय उप सचिव उच्च स्तरीय निगरानी समिति के नोडल अधिकारी और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (तकनीकी) सहायक नोडल अधिकारी होंगे। संचालनालय स्तर पर अपर संचालक नोडल अधिकारी तथा मुख्य अभियंता सहायक नोडल अधिकारी होंगे।
सूडा (State Urban Development Agency) स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी समिति के नोडल अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी या उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी होंगे। निगम स्तर पर नोडल अधिकारी संबंधित आयुक्त, और वरिष्ठतम अभियंता सहायक नोडल अधिकारी होंगे। वहीं क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर संयुक्त संचालक नोडल अधिकारी और कार्यपालन या अधीक्षण अभियंता सहायक नोडल अधिकारी होंगे। नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी नोडल अधिकारी और वरिष्ठतम अभियंता समिति के सहायक नोडल अधिकारी होंगे।
विभाग द्वारा उच्च स्तरीय निगरानी समिति गठित करने के संबंध में जारी आदेश के अनुसार सूडा द्वारा समिति के लिए ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण/व्यवस्था की जाएगी। संचालनालय द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के लिए आवश्यकतानुसार राशि प्रदान की जाएगी। समिति द्वारा सभी परियोजनाओं की समीक्षा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
इस तरह से होगी कार्यों की समीक्षा
नगरीय निकायों के नोडल अधिकारी हर 15 दिनों में परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर ऑनलाइन पोर्टल में कार्यवाही विवरण दर्ज करेंगे। नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में 45 दिनों में संचालनालय/सूडा स्तर पर समीक्षा की जाएगी। नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की निकाय स्तर पर समीक्षा के बाद हर माह क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। वहीं नगर निगमों में निकाय स्तरीय समीक्षा के बाद हर महीने संचालनालय/सूडा स्तर पर समीक्षा की जाएगी। शासन स्तर पर उप सचिव द्वारा प्रत्येक तिमाही में प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा की जाएगी। अलग-अलग स्तर के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का स्थल निरीक्षण भी किया जाएगा।
विभागीय उच्च स्तरीय निगरानी समिति की निर्धारित समीक्षा बैठकें आयोजित कराने के लिए सूडा द्वारा अलग से विभागीय उच्च स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव द्वारा विभागीय उच्च स्तरीय निगरानी समिति के कार्यों की आवश्यकतानुसार समीक्षा के साथ ही छह महीने में एक बार समीक्षा अवश्य की जाएगी। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा विभागीय उच्च स्तरीय निगरानी समिति के कार्यों का प्रतिवेदन हर तीन महीने में विभागीय सचिव को भेजा जाएगा।
शराब घोटाला मामला : पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा यूपी पुलिस के प्रोडक्शन वारंट पर, नकली होलोग्राम बनाने से जुड़ा है मामला
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में यूपी पुलिस ने अब आरोपी पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को प्रोडक्शन वारंट पर उत्तरप्रदेश ले जा रही है. यूपी पुलिस ने अनिल टुटेजा के प्रोडक्शन वारंट का आवेदन लगाया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. टुटेजा को पुलिस कल मेरठ कोर्ट में को पेश कर सकती है. बता दें कि नकली होलोग्राम बनाने के मामले पर अनिल टूटेजा के खिलाफ भी उत्तरप्रदेश में अपराध दर्ज है. इससे पहले मामले में यूपी पुलिस ने अनवर ढेबर और पूर्व विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी की है.
जानिए क्या है होलोग्राम केस
जुलाई 2023 में नकली होलोग्राम मामले में ED के डिप्टी डायरेक्टर ने नोएडा के कासना थाने में FIR दर्ज कराई थी. 3 मई को यूपी STF ने प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में गुप्ता ने अनवर और अरुणपति का नाम लिया था.
आरोप और अनियमितताएं
एफआईआर के अनुसार, छत्तीसगढ़ के एक्साइज डिपार्टमेंट ने अवैध रूप से प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्रालि को टेंडर दिया था. कंपनी के मालिकों की मिलीभगत से निविदा शर्तों को संशोधित किया गया और अवैध रूप से निविदा आवंटित की गई. बदले में कमीशन लिया गया और डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई छत्तीसगढ़ सक्रिय गैंग को की गई.
फर्जी ट्रांजिट पास
टेंडर मिलने के बाद, विधु गुप्ता ने डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एमडी अरुण पति त्रिपाठी के निर्देश पर की. गैंग के सदस्य होलोग्राम को अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाते थे और फर्जी ट्रांजिट पास के साथ दुकानों में पहुंचाते थे. इस काम में छत्तीसगढ़ के 15 जिलों के आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने सियान सदन भवन का किया लोकार्पण
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज मुंगेली जिले के रामगढ़ में आनंदाश्रम परिसर में नवनिर्मित सियान सदन भवन का लोकार्पण किया। रामगढ़ में करीब 20 लाख रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त सियान सदन भवन का निर्माण किया गया है जिसमें एक हाल, दो कक्ष और दो शौचालय हैं। कार्यक्रम में आनंदाश्रम के 17 वृद्धजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस नवनिर्मित सियान सदन में अब हमारे वरिष्ठजन अपनी विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित कर सकेंगे। वरिष्ठजनों के पास जो अनुभव का खजाना है, उसका लाभ हमारे समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिलना चाहिए। श्री साव ने कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत खास है। जिनके हाथों को पकड़कर वे चलना और पढ़ना सीखे, आज सभी वरिष्ठजन यहां मौजूद हैं। उन्हीं के आशीर्वाद से मैं इस मुकाम तक पहुंचा हूं। उन्होंने सियान सदन परिसर में ट्यूबवेल कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कार्यक्रम में कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज के गौरव हैं। उनके मार्गदर्शन को आत्मसात करते हुए हम सब अपने समाज और देश का कल्याण कर सकते हैं। उन्होंने रामायण की चौपाई को उद्धृत करते हुए बुजुर्गों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस संसार में सबसे बड़े भगवान हमारे माता-पिता और गुरु हैं। आज हम जहां भी पहुंचे हैं, ये सब उन्हीं के आशीर्वाद का फल है। यदि किसी घर में वरिष्ठ लोगों की बात सुनकर युवा का मन प्रफुल्लित हो जाए, तो समझ लो वहां रामराज आ गया।
कार्यक्रम को मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव और वरिष्ठ नागरिक संघ के प्रांताध्यक्ष चंद्रप्रकाश देवरस ने भी संबोधित किया। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, मुंगेली नगर पालिका के उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह, जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष पवन पाण्डेय और बी.आर. साव ट्रस्ट के अध्यक्ष विनय गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक संघ के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में इस दौरान मौजूद थे।
‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में किया पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत जशपुर जिले में पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने दुलदुला में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 10 हितग्राही महिलाओं को अमरूद का पौधा व संदेश पत्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवनदायिनी धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और आने वाली पीढियों को अनुकूल वातावरण देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेरणादायी अभियान, ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ की शुरुआत की है। हमारी सभी माताओं-बहनों को एक पौधा भेंट कर रहा हूँ। यह पौधा प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी के साथ ही उससे हमारे अटूट संबंध को दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि पौधे से हमें प्राण वायु मिलता है। जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। पौधरोपण से पर्यावरण में सुधार होता है और मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन मिलता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राही अनिता लकड़ा को अमरूद का पौधा सौंपते हुए पूछा कि पौधा कहां पर लगाएंगे। अनिता ने बताया कि इसे अपने आंगन में लगाऊंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने हितग्राहियों को पौधे वितरित किए और उन्होेंने कहा कि इन पौधों को रोपित कर उन्हें अपने बच्चों की तरह देख-भाल करें। ताकि भविष्य में आने वाले पीढ़ी को इन पौधरोपण का लाभ मिल सके। इस अवसर पर सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर रायमुनि भगत, विधायक पत्थलगांव गोमती साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ मुहिम के तहत इस पौध वितरण महाभियान के तहत महतारी वंदन की हितग्राही महिलाओं को जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक पौधे वितरित किए जायेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए पंचायत स्तर पर तैयारी कर ली है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ”संकल्प जशपुर” कार्यक्रम का शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के दुलदुला में सामाजिक जागरूकता व्यवहार परिवर्तन के लिए संचालित ”संकल्प जशपुर” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में महिलाओं को जागरूक करने बाल विवाह रोकथाम, टीकाकरण, सिकलसेल, सर्पदंश की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जिला प्रशासन और यूनिसेफ के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, एनआरएलएम के सहयोग से वॉलिंटियर्स द्वारा 160 से अधिक पंचायतों में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जनजागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक के जरिए कार्यक्रम प्रस्तुत कर सिकलसेल एनीमिया, सर्पदंश से सुरक्षा, जच्चा-बच्चा टीकाकरण, स्कूल चलो अभियान, पौधरोपण के अलावा स्वास्थ्य और जलजनित बीमारी की रोकथाम और बचाव के उपाय की जानकारी को प्रदर्शित की जा रही है, ताकि आम जनता इससे सीख ले सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने संकल्प कार्यक्रम अंतर्गत वीडियो, कटआउट का विमोचन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण यूनीसेफ के जिला समन्वयक तेजराम सारथी एवं उनकी टीम, जिला प्रशासन और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
”छत्तीसगढ़ के विभूति” पुस्तक का राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने किया विमोचन
रायपुर। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज आनंद समाज लाईब्रेरी कंकालीपारा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में ”छत्तीसगढ़ के विभूति” पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक के लेखक जागेश्वर प्रसाद है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने पुस्तक के लेखक जागेश्वर प्रसाद को बधाई देते हुए कहा कि इस पुस्तक से लोगों को छत्तीसगढ़ के पुरोधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगा। छत्तीसगढ़ में ऐसे अनेक महान विभूति हैं, जिनका उल्लेख और संस्मरण छत्तीसगढ़ के इतिहास में नहीं है। ऐसे महान विभूतियों के बारे में जानकारी संकलित करना बहुत ही प्रशंसनीय है।
नेशनल लोक अदालत ने 8.31 लाख से ज्यादा प्रकरण हुए निराकृत
राजधानी में फायरिंग के आरोपियों को जल्द पकड़ने का सीएम साय ने दिलाया भरोसा, पुलिस के पिछले बार की मुस्तैदी का किया जिक्र…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी में कोयला कारोबारी के कार्यालय पर फायरिंग की घटना में संलिप्त आरोपियों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया है. उन्होंने कहा कि जिस मुस्तादी के साथ पिछली बार अमन साहू गैंग के लोगों को पकड़ा था. इस बार भी बहुत जल्दी पुलिस आरोपियों को पकड़ लेगी.
जशपुर में आयोजित मतदाता अभिनंदन कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि आज हमारे विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में मतदाता का अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं. वहीं शनिवार को मंत्रिमंडल के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन कर लौटे मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अयोध्या में पूरे मंत्रिमंडल के साथ भगवान राम के दर्शन किए. पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए प्रार्थना की. हनुमानगढ़ी में भी दर्शन कर पूजा-अर्चना किए. सरयू नदी भी गए थे, वहां भी पूजा पाठ किया.
7 राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनाव में इंडिया ब्लॉक ने 13 में से 10 सीट में जीत हासिल की है, वहीं भाजपा को दो सीटों पर सफलता मिली है. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अलग-अलग परिस्थितियां होती हैं. चुनाव में जनता के हाथ में निर्णय होता है. भाजपा का प्रदर्शन समीक्षा का विषय है.
मलेरिया, डायरिया, जनजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाएं : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मौसमी बीमारियों की रोेकथाम और बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश स्वास्थ्य महकमा और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में मलेरिया, डायरिया, जनजनित बीमारी सहित मौसमी बीमारियों की जानकारी मिलने पर त्वरित रूप से स्वास्थ्य अमला स्वास्थ्य शिविर लगाकर प्रभावितों का उपचार करना सुनिश्चित करें। श्री साय ने निर्देश दिए है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित कर सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों को आवश्यक दवाओं के साथ त्वरित रूप से रवाना कर उपचार सुनिश्चित करे, जिससे संभावित जनहानि को बचाया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा गत दिवस कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल, सोनवाही का भ्रमण कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने ग्राम सोनवाही पहुंचकर ग्रामीणों सहित डायरिया पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की और राज्य शासन से हर संभव दिलाने के लिए भरोसा दिलाया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम सोनवाही में गत दिवस हुई दो ग्रामीणों की आकस्मिक मृत्यु पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने ग्राम सोनवाही के आदिवासी बालक छात्रावास में बनाएं गए अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और मरीजों से चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वनांचल सहित मैदानी क्षेत्रों में मौसमी बीमारी, डायरिया, उल्टी दस्त और जलजनित बीमारियों का संक्रमण ना हो इसके लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने की जरूरत है। उन्होंने कलेक्टर को वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और और मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सुदूर वनांचल क्षेत्र चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल के शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमफ़ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनांचल के सभी गांवो में स्वास्थ्य शिविर, जल स्त्रोतो का क्लोनिएशन कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि बोड़ला एसडीएम और सीएमएचओ को घर-घर पहुंच कर सर्वें करने के निर्देश दिए गए थे। सोनवाही में पांच ग्रामीणों की मौत अलग-अलग कारणों से और अलग-अलग जगह में हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि सोनवाही में डायरिया की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला के चिकित्सक और स्वास्थ्य अमला 10 जुलाई को पहुंचकर गांव के आदिवासी बालक आश्रम छात्रावास में अस्थायी रूप से स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू किया गया। दूसरे दिन 11 जुलाई को कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तर और चिल्फी के और अतिरिक्त स्वास्थ्य टीम को भेजकर ग्राम सोनवाही में तैनात किया गया।
सीएमएचओ डॉ राज ने बताया कि सोनसिंह अपने खेत से काम कर घर लौटा था, उन्होने अपने तबियत खराब होने की जानकारी अपने घर वालो को दी। इसके बाद उन्होने उल्टियां शुरू हुई और तीन से चार घंटे के दौरान उनकी घर पर ही मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक इसी प्रकार महिला फूलबाई की मृत्यु भी उल्टी से हुई। दो ग्रामीणों की अकास्मिक मृत्यु के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की गई। जांच और पूछताछ के प्रथम दृष्टयता जहरीले मशरूम खाने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 194 घर है, जिसकी कुल आबादी 580 है। इस गांव में 12 कुंआ और 02 हैंडपंप है। एक मितानिन भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बीमारी के लक्षण मिलने पर गांव में लोगों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। 11 जुलाई को 194 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें 08 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया, इनमें 07 लोगों को मौसमी बुखार के लक्षण और 01 को उल्टी हो रही थी। इसी प्रकार 12 जुलाई को 144 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 12 को मौसमी, सर्दी बुखार के लक्षण पाएं गए है, जिनकों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के निर्देश दिए।
पुष्पा के हौंसलों को मिली उड़ान, लखपति दीदी बनने का सपना हुआ साकार, कभी स्कूटी नहीं चला पाती थी पुष्पा, अब ड्रोन उड़ाकर खेतों में कर रही स्प्रे
रायपुर। मजबूत इरादे और भरपूर आत्मविश्वास से ग्रामीण महिलाओं के लखपति दीदी बनने का सपना साकार हो रहा है। एक समय था जब मेरे लिए स्कूटी चलाना भी संभव नहीं था, घर के कामकाज तक ही सीमित थी, लेकिन मुझे ड्रोन चलाने के लिए चयन किया गया। यकीनन मेरे के लिए एक बड़ा अवसर था, मैने यह कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कोई काम कर पाउंगी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद अब मैं ड्रोन चलाने के लिए प्रशिक्षित हो गई हूं। यह कहना है आरंग के ग्राम गुल्लू की पुष्पा यादव का।
श्रीमती यादव कहती है कि गांवों के खेतों में फसलों के ऊपर ड्रोन चलाकर कीटनाशक का छिड़काव कर रही हूं। अप्रैल माह में 20 दिनों का ड्रोन पायलेट का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद श्रीमती यादव ने यह कार्य प्रारंभ किया है। वह कहती है कि प्रति एकड़ कीटनाशक के छिड़काव करने पर उन्हें 300 रूपए की आय होती है। विगत डेढ़ माह में ही वह 26 हजार रूपए की आय अर्जित कर चुकी है। वे कहती है कि केंद्र सरकार की योजना एन.आर.एल.एम बिहान की सदस्य हूं। साथ ही महिला किसान भी हूं। खेती-बाड़ी कार्य कर अपना जीवन यापन कर रही हूं। बिहान योजना इफ्को के सहयोग से ड्रोन पायलेट का सफल प्रशिक्षण के बाद ग्रामीण किसानों को सेवा प्रदाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हूं। वे कहती है कि स्वयं की खेती, पशुपालन, नरेगा मैट, ड्रोन पायलेट का कार्य कर सालभर में 1 लाख 50 हजार रूपए से अधिक कमा रही हूं। श्रीमती यादव कहती है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए कारगर है और मेरे जैसी कई गरीब महिलाओं के लखपति दीदी बनने का सपना भी साकार हो रहा है। इसके लिए श्रीमती यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया।
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा नेे नेशनल लोक अदालत के अवसर पर राज्य के सभी 23 जिलों का वर्चुअल मोड के माध्यम से किया निरीक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह- मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी 23 जिला एवं सत्र न्यायालयों से वर्चुअल मोड के माध्यम जुडकर लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण किया गया। सभी जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीशों व अन्य खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारियों से संवाद व चर्चा की गई और लोक अदालत की प्रगति का जायजा लिया। मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए मार्गदर्शन करते हुए प्रोत्साहित किया।
मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा लोक अदालत का वर्चुअल मोड में निरीक्षण के दौरान जिला न्यायालय रायगढ़ के एक प्रकरण में जहां एक उम्रदराज पति पत्नी के मध्य घरेलु हिंसा का विवाद था और वे अलग अलग रह रहे थे और लोक अदालत के दौरान उनका समझौता हुआ और वे एक साथ रहने के लिये तैयार हो गये। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा पक्षकारों के प्रयासों की सराहना की गई और दम्पत्ति को भविष्य के खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गई।
मुख्य न्यायाधिपति के द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में नेशनल लोक अदालत के संबंध में गठित दो खण्डपीठों का भी भ्रमण किया गया और लोक अदालत कार्यवाहियों का जायजा लेते हुए अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों को निराकृत कराये जाने की बात कही गई।
गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधिपति की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में पहली बार उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तिगणों द्वारा भी अपने पोर्टफोलियो जिलों में भ्रमण कर नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण किया गया और लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को अधिक से अधिक मामले निपटाने के लिये प्रोत्साहित किया गया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गणों के द्वारा नेशनल लोक अदालत के दिन अपने पोर्टफोलियो जिले में उपस्थित रहना लोक अदालत व्यवस्था की विश्वसनीयता को पारदर्शी व विश्वसनीय बनायेगा और इसे एक नई उंचाई प्रदान करने वाला होगा।
मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा द्वारा सभी 23 जिलों का वर्चुअल मोड से निरीक्षण जहां आधुनिक तकनीक का न्यायालयीन कार्यवाहियों में उपयोग को दर्शाता है। वहीं मुख्य न्यायाधिपति की यह पहल लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहित करने के साथ साथ पक्षकारों में विश्वास सृजित करेगा और लोक अदालत को और विश्वसनीयता और प्रमाणिकता प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में आज 13 जुलाई को आयोजित नेशनल लोक अदालत में सात लाख तिहत्तर हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन प्रकरण तथा चौंसठ हजार पांच सौ से अधिक लंबित मामलों सहित लगभग आठ लाख से अधिक मामलों का निराकरण करते हुए लगभग 199 करोड़ रूपये का अवार्ड पारित किया।
मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तिगण जो लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अपने पोर्टफोलियो के जिलों में लोक अदालत के अवसर पर गए थे, उनका विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है। साथ-ही-साथ मुख्य न्यायाधिपति द्वारा उच्च न्यायालय में गठित लोक अदालत की दो खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्तिगण व सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा राज्य के सभी सम्मानित प्रधान जिला न्यायाधीशगणों और नेशनल लोक अदालत के संबंध में राज्य में गठित सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों और खण्डपीठ के सदस्यों सभी न्यायालयीन कर्मचारियों के साथ-साथ सभी पैरालीगल वालेण्टियर, अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा पक्षकारों तथा अन्य सभी लोगों जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को एतिहासिक रूप से सफल बनाने में योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया है, जिन्होनें इस लोक अदालत के प्रचार-प्रसार व लोगों के मध्य जागरूकता फैलाने में विशेष योगदान दिया।
रामलला के दर्शन कर लौटा साय मंत्रिमंडल, कांग्रेस के सवाल पर मंत्रियों ने कहा- कांग्रेस ने प्रभु राम के अस्तित्व को ही नकारा, इसके लिए पहले देश से मांगे माफी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने मंत्रिमंडल के साथ अयोध्या पहुंचे, जहां हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रामलला के दर्शन किए. मुख्मयंत्री साय ने रामलला के दर्शन कर भगवान राम को बेर की पोटली अर्पित की. दर्शन करके राजधानी रायपुर लौटने पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा आज मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सब मंत्रिमंडल के साथी भगवान श्रीराम के दर्शन करने गए थे. उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है. हम प्रधानमंत्री को बधाई और धन्यवाद देते हैं. मंत्री कश्यप ने कांग्रेस के उठाए सवाल का जवाब दिया और कहा कि कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया था.
मंत्री कश्यप ने कहा कि छत्तीगसढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है. भगवान राम का वनवास का अधिकतम समय छत्तीसगढ़ के वनों में बीता है. हमारा प्रभु श्रीराम के साथ आत्मीय संबंध है. भांजा के रूप में मानते हैं. पैर पखारते हैं. मंत्री कश्यप ने कहा कि हम यहां से बेर, चिरौंजी, महुआ लेकर गए थे और प्रभु श्रीराम को भेंट किए हैं.
उन्होंने कहा कि 500 साल के बाद पूर्वजों ने तपस्या, बलिदान और संघर्ष किया, लंबी लड़ाई लड़ी उसके पश्चात प्रभु श्रीराम का मंदिर बन पाया. छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए रामलला दर्शन योजना बनाई हैं. आम जनता भी इसका ज्यादा ज्यादा लाभ लेगी. प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद और कृपा हम सब पर बनी रहे.
कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल कि अयोध्या से पहले चंदखुरी जाकर माता कौशल्या के मंदिर दर्शन के जवाब में मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को पहले देश से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस ने श्रीराम के अस्तित्व को ही नकार दिया था. यहीं कांग्रेस ने मंदिर के शुभारंभ कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया था. इसका जवाब कांग्रेस को देना चाहिए.
वहीं रामविचार नेताम ने कहा अयोध्या धाम को इतिहास के पन्नों से गायब करने का काम पूर्व की सरकारों ने किया था. आज वही सब गायब हो गए. विरासत को बचाने उसे लौटाने का काम भाजपा ने किया. हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा को पुर्नजीवित करने का काम किया. पीएम नरेंद्र मोदी का हम सब आभार जताते हैं कि उन्होंने भगवान श्रीराम मंदिर का भव्य मंदिर निर्माण कराने का किया है. हम सबके लिए गौरव की बात.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हम सबने रामलला का आशीर्वाद लिया है. कांग्रेस के मित्रों से दो सवालों का जवाब चाहता हूं. पहला, कांग्रेस के लोगों ने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने का काम किया, इस पर क्या कहेंगे ? दूसरा, श्रीराम मंदिर के लोकार्पण समारोह का बहिष्कार करके क्या मैसेज दिया ?. इन दो सवालों का जवाब कांग्रेस पहले दे फिर सवाल करे?.
राम के शरण में साय सरकार : छत्तीसगढ़ के CM अपने मंत्रिमंडल के साथ पहुंचे अयोध्या, रामलला के किए दर्शन
अयोध्या। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल के साथ आज अयोध्या पहुंचे. उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रामलला के दर्शन किए.
मुख्मयंत्री विष्णुदेव साय ने रामलला के दर्शन कर भगवान राम को बेर की पोटली अर्पित की. साथ ही छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना की. सीएम साय ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे, सह्स्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने, अवधपुरी धाम में छत्तीसगढ़ के भांचा, प्रभु श्री रामलला के दर्शन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ. दशरथ नंदन श्रीराम से 3 करोड़ छत्तीसगढ़वासियों के खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की.
करोड़ों सनातनियों की आस्था को मिला बल – CM साय
सीएम साय ने लिखा कि श्री रामलला के चरणों में माता शबरी की पवित्र धरती शिवरीनारायण के बेर, जल, महुआ का फल, विष्णुभोग चावल, कोसा वस्त्र, करी लड्डू, अनरसा और सीताफल अर्पित किया. प्रभु श्रीराम के साक्षात दर्शन पाकर धन्य महसूस कर रहा हूं, साथ ही अलौकिक आनंद की अनुभूति हो रही है. सियावर रामचंद्र की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे. यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पित प्रयासों से इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है, जिससे करोड़ों सनातनियों की आस्था को बल मिला है. इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय का भी सानिध्य प्राप्त हुआ. जय श्री राम.
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने कही ये बात
सीएम साय के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी मौजूद है. ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदू किसी सेट का नाम नहीं है. यह एक विचार है. जिसे मानने वाला हर व्यक्ति, चाहे वह किसी मजहब का हो, अयोध्या धाम की माटी छूना उसके लिए सौभाग्य की बात है. ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान रामलला का ननिहाल है. वहां माता कौशल्या का मंदिर है. मैं सौभाग्यशाली समझता हूं कि यहां आने का मौका मिला.
जे.आर. दानी स्कूल को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी सौगात, सभागार निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा
रायपुर। समग्र रूप से, छात्राओं की शिक्षा न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को सुधारती है बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना हम सभी की अहम जिम्मेदारी है यह बात रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को जे आर दानी में कही।
बृजमोहन अग्रवाल जे.आर. दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय के शाला प्रवेश उत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ बृजमोहन अग्रवाल ने स्कूल परिसर में पूज्यनीय माता जी की स्मृति में 'एक पेड़ मां के नाम' लगाकर किया। अपने संबोधन की शुरुवात बृजमोहन अग्रवाल ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के साथ की उन्होंने कहा कि, मां के नाम पर पेड़ लगाना, मां की सेवा, त्याग, प्रेम और उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करने का एक तरीका है। यह एक स्थायी स्मारक है जो मां के प्रति सम्मान और प्रेम को दर्शाता है।
"एक पेड़ मां के नाम" न केवल पर्यावरण और समाज के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह व्यक्तिगत और भावनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि हमारी सबसे ज्यादा चिंता करने वाली और हमें सबसे ज्यादा प्यार देने वाली मां होती है। यह धरती भी हमारी मां है जिसको बचाना हम सबका कर्तव्य है। आज ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे इंसानों के साथ-साथ यहां रहने वाले पशु पक्षियों के ऊपर भी खतरा मंडराने लगा है। और इससे बचने का एकमात्र तरीका है कि हम ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर इस पृथ्वी को बचा सके। उन्होंने छात्राओं से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और दूसरों को भी पौधा लगाने के लिए प्रेरित करने का आहृवाहन किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, जे आर दानी स्कूल पूरे छत्तीसगढ़ में लड़कियों का सबसे उत्कृष्ट स्कूल है और आप सभी सौभाग्यशाली है कि आपको यहां पर पढ़ने का मौका मिल रहा है। यहां की पढ़ी हुई छात्राएं आज देश दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रही हैं। यह स्कूल केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्रों के बहुमुखी विकास को ध्यान में रखते हुए काम करता है, जिसके कारण यहां की छात्राएं खेल-कूद, गीत-संगीत और दूसरे क्षेत्रों में भी अपना नाम रोशन करती आ रही हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने सालों पहले मंत्री पद पर रहते हुए यहां पर छात्रावास का निर्माण कराया था। जिसका फायदा आज हजारों छात्रों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि, छात्राओं में शिक्षा का महत्व अत्यधिक महत्वपूर्ण है और समाज के संपूर्ण विकास के लिए अनिवार्य है। शिक्षा न केवल व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करती है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति को भी बढ़ावा देती है। शिक्षित महिलाएं अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रखती हैं।वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाती हैं। शिक्षा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करती है।
श्री अग्रवाल ने स्कूल प्रबंधन को नई शिक्षा नीति के तहत काम करने को कहा जिससे छात्राओं का बहुमुखी विकास हो सके और पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास के जरिए भी उनको आत्मनिर्भर बनाया जा सके। श्री बृजमोहन ने स्कूल में सभागार निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल ने 10वीं और 12वीं की मेघावी छात्रों के साथ ही शिक्षा, खेलकूद, संगीत, एनसीसी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया तथा छात्राओं को गणवेश एवं पुस्तक और साइकिल भी वितरित की। बृजमोहन अग्रवाल के हाथों सम्मान मिलने पर छात्राएं काफी खुश नजर आईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम सुभाष तिवारी ने की, पार्षद डॉ सीमा कंदोई, जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल, प्रभारी प्राचार्य हितेश दीवान, मनोज वर्मा, मृत्युंजय दुबे, सरिता वर्मा, सविता दुबे समेत शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बरसते पानी के बीच पहुंचे बैगा बाहुल्य गांव, उल्टी-दस्त से मौतों पर सरकार को घेरा…
कवर्धा। कबीरधाम जिला के बैगा बाहुल्य क्षेत्र सोनवाही गांव में बीते तीन दिनों में उल्टी-दस्त से दो बैगा आदिवासियों की मौत हो गई थी. मौत की सूचना पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल बरसते बारिश में सोनवाही पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर नाकामी का आरोप लगाया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वनांचल क्षेत्र के ग्राम झलमला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से मरीजों के बारे में जानकारी ली. इसके साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने की बात कही. इस दौरान भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा कि ग्राम सोनवाही में 5 बैगा आदिवासियों की उल्टी-दस्त से मौत को जिला प्रशासन छुपाने की कोशिश कर रहा है. सोनवाही गांव में उल्टी-दस्त से मौत होने के बाद स्वास्थ्य कैम्प लगाया, और कल 94 लोगों की स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जिसमें 25 ग्रामीण मलेरिया पॉजिटिव पाए गए है. स्वास्थ्य विभाग मरीजों के घर में ही आज मच्छरदानी वितरण किए, जबकि सोनवाही गांव के सभी घरों में मच्छर दानी वितरण करना चाहिए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता जिले के बैगा बाहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग, पीएचई को पानी का सेंपल लेकर जांच किया जाना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते ग्राम सोनवाही में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की मौत हो रही है.
जिले के बदले गए डीईओ, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
बलौदाबाजार। शिक्षा विभाग में प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय का रायगढ़ तबादला किया गया है. वहीं अब जिले में शिक्षा विभाग की कमान विजय कुमार लहरे संभालेंगे. इसका आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया है. बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी बनने से पहले विजय लहरे नवागढ़ जांजगीर चांपा में बीईओ थे.
’धरती माँ का श्रृंगार और हरियाली का जतन: एक पेड़ माँ के नाम’
रायपुर। भारतीय संस्कृति में माँ सदैव पूजनीय रही हैं। माँ की महिमा को अलग-अलग धर्मों में विभिन्न तरीकों से वर्णित किया गया है। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों से आह्वान किया है कि आइए माँ के नाम एक पेड़ लगाइए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुधारना और धरती माँ को हरियाली से सजाना है।
भारत भूमि पर पेड़-पौधों का महत्व हमारे धर्मग्रंथों में व्यापक रूप से वर्णित है। जिस तरह अलग-अलग अंचलों में विभिन्न बोली-भाषाओं का चलन है, उसी प्रकार यहाँ विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे भी पाए जाते हैं। प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल को साकार करने के लिए हर व्यक्ति माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाए।
धरती माँ का श्रृंगार हरियाली में निहित है। हमारी धरती को माँ के रूप में माना गया है और माटी को भी माँ का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने अनुपम सौगात दी है, जहाँ लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। सरगुजा संभाग हरियाली का मुकुट धारण किए हुए है और बस्तर अंचल हरियाली के श्रृंगार से सजा हुआ है। यहाँ के मोहला और गरियाबंद के जंगल भी मन को मोह लेते हैं।
इस समय प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के लिए वन विभाग सहित शासकीय, अशासकीय संस्थाओं और समितियों द्वारा पौधारोपण जोर-शोर से किया जा रहा है।
धरती को उर्वरा, मौसम को खुशनुमा, स्वच्छ पर्यावरण, प्रदूषण रहित हवा, जलस्रोत को बढ़ावा और जल-जमीन-जंगल और जीवों के जतन की जिम्मेदारी हम सबकी सहभागिता से पूरी होगी। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को फिर से बेहतर बनाने के लिए हमें ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान में हिस्सेदारी करते हुए पौधे लगाना होगा।
परिवार के हर सदस्य को एक पौधा रोपण करने की आवश्यकता है इनकी देखभाल छोटे बच्चों की तरह देखभाल करनी होगी। जब यह पौधा पेड़ बनेगा, तो यह प्राणवायु के साथ फल देगा, माँ के आँचल की तरह इसके पत्ते लह-लहाएँगे, पेड़ों में चिड़ियों का वास होगा और उनकी चह-चहाहट सुनने को मिलेगी। इससे वर्तमान और नई पीढ़ी पेड़-पौधों की महत्ता को समझ सकेगी।
आओ, हम सब मिलकर इस पहल में भाग लें और धरती माँ को हरियाली का श्रृंगार पहनाएँ। एक पेड़ माँ के नाम लगाकर हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएँ। इससे न केवल धरती हरी-भरी होगी, बल्कि हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।