प्रदेश
प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख 51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है।
मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अधिनियम 1972 के तहत सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इनमें सर्वाधिक महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार धमतरी में 23,859 क्विंटल रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल, बेमेतरा में 6490 क्विंटल, कवर्धा में 5734 क्विंटल, बालोद में 4595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल, जशपुर जिले में 2771 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल, दुर्ग में 2350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल, बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल, बीजापुर जिले में 1842 क्विंटल, रायपुर में 1679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल, बस्तर जिले में 1560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल, गरियाबंद में 1393 क्विंटल, कोरबा में 1346 क्विंटल, सरगुजा में 1282 क्विंटल, कोरिया में 1237 क्विंटल, सक्ती में 1201 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल, बिलासपुर में 1060 क्विंटल, कांकेर जिले में 1012 क्विंटल, मुंगेली में 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल, नारायणपुर में 323 क्विंटल, सुकमा में 216 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।
सचिव की नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट ने पंचायत विभाग को लगाई फटकार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सचिव की नियुक्ति में देरी करने पर राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को फटकार लगाई है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने विभाग के निदेशक प्रियंका थवाईत को कल 8 दिसंबर को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
मामला आसिफ रजा की याचिका का है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 22 फरवरी 2024 को रिट अपील में आदेश दिया था कि आसिफ रजा की ग्राम पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति पर विचार किया जाए, बिना यह प्रभावित किए कि पहले से नियुक्त और जॉइन कर चुके उम्मीदवारों की नौकरी पर कोई असर न पड़े। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुशोभित सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्य सरकार वित्त विभाग की स्वीकृति का इंतजार कर रही है और बार-बार आसिफ रजा को रायपुर से बैकुंठपुर दौड़ाया जा रहा है।
कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब हाईकोर्ट का आदेश मौजूद है, तो वित्त विभाग की स्वीकृति की जरूरत क्यों है? और अगर जरूरत है भी तो 22 फरवरी 2024 के आदेश के बाद अब तक क्यों नहीं ली गई? कोर्ट ने मामले को कल 8 दिसंबर के लिए लिस्ट किया है और आदेश की प्रति सूचना के लिए मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को भी भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि वे देख सकें कि सिस्टम कैसे काम कर रहा है।
नक्सल संगठन को बड़ा झटका : खूंखार इनामी नक्सल दंपति ने किया सरेंडर
सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को लगातार कामयाबी मिल रही है। इसी कड़ी में आज एक और बड़ी सफलता मिली है, जहां दरभा डिवीजन के शीर्ष इनामी माओवादी नेता जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा और उसकी पत्नी विमला ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। दोनों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये कई बड़े नक्सली हमलों में वांछित थे।
40 साल से सक्रिय था जयलाल, कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह माओवादी संगठन के स्पेशल ज़ोनल कमेटी मेंबर (SZCM) और दरभा डिवीजन इंचार्ज रहा है। मूल रूप से बोडेगुब्बाल, गगनपल्ली पंचायत (थाना एर्राबोरे, जिला सुकमा) का निवासी जयलाल पिछले 40 वर्षों से संगठन में सक्रिय था और इस दौरान उसने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई। उसने 1994 में बाल संगठन सदस्य के रूप में शुरुआत की और बाद में दक्षिण बस्तर में CNM सदस्य, वेस्ट बस्तर दलम सदस्य, नेशनल पार्क क्षेत्र में एरिया कमेटी सदस्य (ACM/PPCM), LOS कमांडर और सेक्शन कमांडर जैसे पदों की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वह दरभा डिवीजन के कंपनी कमांडर, दक्षिण उप-जोनल कमेटी के मिलिट्री प्रभारी और अंत में स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) के रूप में सक्रिय रहा।
जयलाल कई बड़े हमलों में था शामिल
2010 – ताड़मेटला हमला, 76 जवान शहीद
2013 – झीरम घाटी हमला, कांग्रेस नेताओं पर हमला
2020 – मिनपा हमला, 17 जवान शहीद
2021 – टेकलगुडेम मुठभेड़, 22 जवान शहीद
2024 – टेकलगुड़ा कैंप अटैक
2024 – धर्माराम कैंप अटैक
तथा कई अन्य घटनाएं
विमला पर था 8 लाख का इनाम, 20 वर्षों से थी सक्रिय
जयलाल की पत्नी माड़वी गंगी उर्फ़ विमला (इनाम 8 लाख) दो दशक से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थी। उसने LOS, ACS, एरिया कमेटी सेकरेटरी और अंततः मलंगेर एरिया कमेटी इंचार्ज के रूप में काम किया। वह मूल रूप से फूलबगड़ी, जिला सुकमा की निवासी है।
विमला इन घटनाओं में रही शामिल
2021 – टेकलगुडेम मुठभेड़
2024 – टेकलगुड़ा कैंप हमला
अन्य कई हिंसक गतिविधियां
माओवादी विचारधारा की खोखली सच्चाई को समझते हुए छोड़ा हिंसा का रास्ता
DRG, STF, CRPF और COBRA द्वारा चलाए जा रहे लगातार एंटी-नक्सल ऑपरेशनों से संगठन पर दबाव बढ़ा है। माओवादी विचारधारा से मोहभंग, लगातार नेतृत्व की मौतें, अंदरूनी असंतोष और सरकार की पुनर्वास नीति ने इन दोनों को मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा दी। सुकमा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये दोनों माओवादी कई गंभीर आपराधिक वारदातों में वांछित थे। उनका आत्मसमर्पण क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने में निर्णायक साबित होगा।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत तत्काल लाभ प्रदान किया जाएगा, जिसमें उन्हें नगद प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास के लिए सहायता शामिल है। पुलिस प्रशासन उन्हें एक सम्मानजनक और स्थिर जीवन जीने में हर संभव मदद करेगा।
अन्य माओवादी कैडरों से भी आत्मसमर्पण की अपील
पुलिस प्रशासन ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा की गारंटी और रोजगार अवसरों की जानकारी मिलने से कई माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस ने बाकी माओवादी कैडरों से भी हिंसा छोड़कर समाज में लौटने की अपील की।
जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी पर CM साय ने लिया संज्ञान, कहा- ‘जरूरत पड़ी तो करेंगे बदलाव’
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद–फरोख्त के लिए जारी नई कलेक्टर गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कई जिलों में गाइडलाइन दरों में 100% तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 800% तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े इन दरों को लेकर आम जनता, व्यापारी, किसान और राजनीतिक दल खुलकर विरोध जता रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।
2017 के बाद से जमीन की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं – CM साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार हर साल इन दरों में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन बढ़ने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं, परंतु वे अभी जनता के सामने उतने स्पष्ट रूप से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और लोगों को राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगी।
गौरतलब है कि राज्य में नई गाइडलाइन का विरोध लगातार बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव भी। ऐसे में आने वाले दिनों में गाइडलाइन दरों में संशोधन या राहत देने संबंधी कोई निर्णय लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में जमीन दरों को लेकर जारी यह खींचातानी अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।
प्रदेश में धान खरीदी का महाअभियान तेजी के साथ जारी, अब तक 22.25 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी
रायपुर। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है।
राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं। किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं। इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।
किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।
“समाज तभी महान बनता है जब वह कमजोरों को संबल दे”, बैंगलोर में सांसद अग्रवाल का प्रभावशाली संदेश
बैंगलोर/रायपुर। कर्नाटक प्रवास के दौरान रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद, दूरदर्शी नेता और समाजसेवा के लिए समर्पित बृजमोहन अग्रवाल का रविवार को बैंगलोर में अग्रवाल समाज विकास ट्रस्ट, अग्रवाल समाज कर्नाटक तथा फाउंडेशन इंडिया ने संयुक्त रूप से आयोजित विशेष समारोह में अत्यंत भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। समाज के गणमान्य सदस्यों ने गर्मजोशी के साथ उनका अभिनंदन करते हुए उन्हें जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया।
अपने प्रभावशाली उद्बोधन में सांसद श्री अग्रवाल ने समाज के बौद्धिक वर्ग, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और युवा नेतृत्व से अत्यंत संवेदनशील और दूरगामी संदेश साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “समाज तभी महान बनता है जब वह अपने कमजोर वर्गों, जरूरतमंद परिवारों और प्रतिभाशाली संसाधनविहीन बच्चों को आगे बढ़ाने का संकल्प ले।”
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि, भगवान महाराजा अग्रसेन के “एक ईंट – एक रुपया” के पुण्य मंत्र ने सदियों से समाजसेवा की वह अतुलनीय परंपरा गढ़ी है, जो आज भी हमारी सामूहिक शक्ति और परोपकार की पहचान है।
उन्होंने गरीब बेटियों की शादी, निर्धन परिवारों के इलाज और जरूरतमंद छात्रों की शिक्षा समाज के इन पवित्र कार्यों के माध्यम से समाज को एकजुट और मजबूत बनाने का आह्वाहन किया।
उन्होंने समाज से विशेष आग्रह किया कि, समाज द्वारा IIT, IIM, मेडिकल, लॉ, सिविल सर्विसेज व अन्य उच्च शिक्षा हेतु उत्कृष्ट कोचिंग केंद्र प्रारंभ किए जाएँ।
छात्र-छात्राओं एवं वर्किंग वुमन के लिए आधुनिक हॉस्टल की व्यवस्था की जाए ताकि सुरक्षा और सुविधा के साथ युवा आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि, गरीब बस्तियों, रेलवे पटरी किनारे बसे परिवारों तथा कमजोर वर्गों का सर्वे कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर जीवन हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि समाज केवल अपने लिए नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए कार्य करे जो आज भी बेहतर अवसरों से वंचित हैं। “अग्रवाल समाज के पास क्षमता, संसाधन और संकल्प तीनों हैं। बस इन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता है।”
बैंगलोर में उपस्थित समाज के सभी पदाधिकारियों और वरिष्ठ जनों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के विजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए भविष्य-निर्माण की ऐतिहासिक दिशा बताया।
कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने सांसद अग्रवाल का सम्मान करते हुए उन्हें “प्रेरणादायी नेतृत्व” का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में विनोद अग्रवाल, जय प्रकाश गुप्ता, सुरेश कुमार मोदी, सुभाष बंसल, सतीश गोयल, विनोद कुमार सिंघल, पारस चौटिया वरिष्ठजनों और समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल
रायपुर। सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।
इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रिहायसी क्षेत्र में घुसा दंतेल हाथी, गेट तोड़कर की घर में घुसने की कोशिश, देखें वीडियो…
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीती रात एक दंतेल हाथी ने ग्रामीण के घर घुसने की कोशश की. हाथी ने घर के बाहरी गेट को तोड़ने की भी कोशिश की. घटना वन मंडल धर्मजयगढ़ के परिक्षेत्र छाल अंतर्गत परिसर ऐडू के ग्राम पुसल्दा (कोया मुड़ा) की है. हाथी की धमक से दहशत में आए घर वालों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचा.
जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात जंगल से भटककर एक दंतेल हाथी कोयामुड़ा गांव निवासी हरिशचन्द्र राठिया के घर आ धमका. उसने घर का मुख्य द्वार को तोड़ने का प्रयास किया. हाथी की इस हरकत से घर वाले और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है.
जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात जंगल से भटककर एक दंतेल हाथी कोयामुड़ा गांव निवासी हरिशचन्द्र राठिया के घर आ धमका. उसने घर का मुख्य द्वार को तोड़ने का प्रयास किया. हाथी की इस हरकत से घर वाले और ग्रामीणों में दहशत फैल गई है.
फिलहाल हाथी मित्र दल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहा है. टीम ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की मूवमेंट अभी भी सक्रिय है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है.
ग्रामीणों के लिए चेतावनी
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए विशेष चेतावनी जारी की है:
- पुसल्दा से बरभोना कच्ची सड़क और ऐडू से बरभोना पक्की सड़क पर आवागमन सावधानीपूर्वक करें.
- पुसल्दा, ऐडू, खेदापाली, बहेरामुडा, चीतापाली और रामनगर के निवासी अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाएं.
देखें हाथी का वीडियो:
वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियां अभी भी जारी हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
अवैध कोयला कारोबार पर पुलिस का एक्शन, 3 टन कोयला जब्त किया
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध कोयला तस्करी एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. लखनपुर और उदयपुर इलाके में कोयला माफिया सक्रिय हो गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. उदयपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 3 टन अवैध कोयला जब्त किया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयला माफिया ग्रामीणों को ढाल बनाकर तस्करी को अंजाम दे रहे हैं. सरगुजा संभाग के बिश्रामपुर, भटगांव, राजपुर और प्रतापपुर इलाकों में माफियाओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.
उधर, सरगुजा रेंज के आईजी ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल तत्वों की पहचान कर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष के लिए किए सर्वाधिक 18 लाख रुपए संग्रहित, राज्यपाल रमेन डेका ने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को किया सम्मानित…
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 18 लाख रुपए के धन संग्रहण के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को सम्मानित किया. रायपुर जिले की इस उपलब्धि से सैन्य कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण हेतु जनसहभागिता को और मजबूती मिलेगी.
बता दें कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों का आभार प्रकट करते हुए सेना के लिए धनराशि एकत्र करना है, जिसकी जरूरत आजादी के बाद ही भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों और सेना के कल्याण हेतु लगी.

इस दिवस पर धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य होते हैं. पहले युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, दूसरा सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग हेतु और तीसरा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण के लिए. इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है. इस झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते हैं.
राष्ट्र की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे सैन्य जवानों का योगदान अतुलनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं।
मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार रतन लाल चक्रधारी, बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश कुंभकार, दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
घायल किसान से मिलने मेकाहारा पहुंचा कांग्रेस डेलीगेशन: परिवार से भी की मुलाकात, सहायता का दिया आश्वासन
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम सेनभाठा से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां किसान मनबोध गाड़ा (65 वर्ष) ने टोकन न मिलने की परेशानी से मानसिक रूप से व्यथित होकर अपने गले पर ब्लेड चला लिया। किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने किसान के परिवार से मुलाकात की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मनबोध गाड़ा जैसे छोटे किसान को न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिल सका। “बेटी की शादी तय थी और धान बेच न पाने की परेशानी ने किसान को मानसिक रूप से परेशान कर दिया। यह बेहद दुखद है कि एक गरीब किसान को गला काटने जैसे कदम के लिए मजबूर होना पड़ा”।
भूपेश बघेल ने बताया कि किसान का ऑपरेशन जारी है और श्वास नली कटने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, “यह केवल मनबोध गाड़ा की कहानी नहीं है, बल्कि प्रदेश के हजारों किसान इसी स्थिति से जूझ रहे हैं। छोटे किसान भी अपने धान को बेचने में असमर्थ हैं, जो राज्य सरकार की नाकामी को दर्शाता है।”
पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस की ओर से परिवार को आवश्यक मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे लगातार धान खरीदी की अव्यवस्था को सरकार के सामने उठाते रहे हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, मनबोध गाड़ा 1 एकड़ 40 डिसमिल कृषि भूमि के मालिक हैं। पिछले तीन दिनों से वह च्वाइस सेंटर में टोकन कटवाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। सुबह 8 बजे गाय चराने के लिए घर से निकलने के दौरान उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
तेंदुए की संदिग्ध मौत मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
कांकेर। जिले के ग्राम करियापहार में बीते दिनों एक नर तेंदुआ मृत पाया गया। जांच में सामने आया कि तेंदुए के चारों पैर पंजों सहित काट दिए गए थे। वन विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर तेंदुए के काटे हुए पंजे (नाखून सहित) बरामद किया है।
बता दें कि कांकेर वनमंडल के नरहरपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करियापहार में 4 दिसंबर को स्थानीय कृषक शिवराम नेताम और रामचंद नेताम के खेत (खसरा नंबर 139) में स्थित कुएँ में एक नर तेंदुए का मृत शव पाया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और वनमंडलाधिकारी कांकेर की उपस्थिति में तेंदुए के शव को कुएँ से बाहर निकाला गया। प्राथमिक जांच में यह पता चला कि तेंदुए के चारों पैर पंजों सहित काट दिए गए हैं।
घटना स्थल पर तीन सदस्यीय चिकित्सक दल ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया और वन्यप्राणी संरक्षण प्रोटोकॉल के तहत शव का दहन किया। इसके बाद वन विभाग ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल की डॉग स्क्वाड टीम रायपुर से मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। मुख्य वन संरक्षक, कांकेर वृत्त राजेश कुमार चंदेले, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) जगदलपुर स्टाइला मंडावी और वनमंडलाधिकारी कांकेर रौनक गोयल के मार्गदर्शन में आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
जांच के दौरान आज, 6 दिसंबर को ग्राम करियापहार के चार आरोपियों शत्रुघन पुत्र नारायण (51 वर्ष), श्रवण पुत्र महेंद्र (19 वर्ष), छबिलाल पुत्र बुधारू (35 वर्ष) और बुधारू पुत्र अमरसिंह (71 वर्ष) के पास से तेंदुए के काटे हुए पंजे बरामद किए गए। मौके पर ही जब्ती एवं पंचनामा तैयार किया गया। इसके अलावा, आरोपियों के पास से पंजा काटने में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, लकड़ी, कटारी और रस्सी जैसी सामग्री भी जब्त की गई है।
वन विभाग ने बताया कि वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग ने इसे गंभीर वन्यजीव अपराध बताते हुए कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच में ग्राम प्रमुखों के सहयोग को भी वन विभाग ने सराहनीय बताया। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और इस तरह के अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
IRS तरन्नुम बनाई गईं स्टेट GST की विशेष आयुक्त, आदेश जारी
रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी तरन्नुम वर्मा की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त आयकर आयुक्त रायपुर के पद पर कार्यरत वर्मा को मई 2025 से तीन वर्ष की प्रतिनियुक्ति स्वीकृत की गई थी. इसी क्रम में राज्य सरकार ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए उन्हें स्टेट जीएसटी में विशेष आयुक्त नियुक्त किया है.
बता दें, तरन्नुम वर्मा, राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर आने वाली दूसरी IRS अधिकारी होंगी. इससे पहले IRS अधिकारी शीतल वर्मा पिछले 6–7 वर्षों से वित्त विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं. अब उनके राज्य शासन में संविलियन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं.
देखें आदेश की कॉपी:

मुख्यमंत्री निवास के पास दुकान में लगी आग, इलाके में मचा हड़कंप
रायपुर। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के पास भगत सिंह चौक स्थित एक दुकान में अचानक लगी भीषण आग से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है। आग की लपटें कुछ ही मिनटों में दुकान के अन्य हिस्सों तक फैल गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लोगों ने दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी है। वहीं अचानक लगी आग और लपटों को देखकर स्थानीय लोग दहशत में हैं। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।
देखें वीडियो
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। नुकसान का भी अनुमान नहीं लगाया जा सका है, लेकिन कॉम्प्लेक्स की कई दुकानों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
विद्युत विभाग का बड़ा एक्शन: 88 बकायादारों के काटे गए कनेक्शन, अवैध उपयोग पर होगी FIR…
रायपुर। बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की।
मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर प्रकाश अग्रवाल तथा जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की।
इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए।
मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए। यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।