प्रदेश
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को दी डॉक्टर्स डे की बधाई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ’नेशनल डॉक्टर्स डे’ के अवसर पर देश और प्रदेश के सभी चिकित्सकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि हर साल महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भारत रत्न डॉ. बिधानचंद्र राय की स्मृति में उनके जन्मदिन एक जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है। श्री साय ने कहा कि मरीजों को नया जीवन देने के कारण डॉक्टर धरती के भगवान माने जाते हैं। इस दिन हम चिकित्सकों की अमूल्य सेवा और समर्पण के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं।
महतारी वंदन योजना की पांचवी किश्त कल जारी करेंगे मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महतारी वंदन योजना की पांचवीं किश्त सोमवार एक जुलाई को जारी करेंगे। योजना के अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में मुख्यमंत्री श्री साय 653 करोड़ 84 लाख रुपए अंतरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 1000 रूपए देने का संकल्प लिया था। शपथ लेने के तीन महीने के भीतर ही इस महती योजना पर काम शुरू हो गया। प्रशासनिक अमले ने तेजी से सर्वे का काम पूरा करते हुए हितग्राही महिलाओं से फार्म भरवाए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च को महतारी वंदन योजना की पहली किश्त जारी की थी। इसके पश्चात नियमित रूप से यह किश्त जारी की जा रही है। नियमित रूप से यह राशि आने की वजह से महिलाएं काफी खुश हैं। कुछ महिलाएं अपने घरेलू बजट को इससे व्यवस्थित कर पा रही हैं, कुछ महिलाएं इस राशि को अपनी बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में खर्च कर रही हैं तथा कुछ भविष्य के लिए निवेश कर रही हैं। महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन में सुशासन के मूल्य स्पष्ट झलकते हैं। डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण हो रहा है इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। बीते दिनों जनदर्शन में बहुत सी महिलाएं आयी उन्होंने अपने आवेदन दिए साथ ही महतारी वंदन योजना को लेकर अपनी खुशी भी जाहिर की। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि विष्णु का सुशासन हमारे जीवन में बहुत सुख-समृद्धि लेकर आया है। इसके पहले महिलाओं को लेकर इतनी अच्छी योजना हमारे राज्य में क्रियान्वित नहीं की गई थी। इससे हमारे सपने पूरे हो रहे हैं।
सोमवार को जब मुख्यमंत्री पांचवीं किश्त का अंतरण महिलाओं के खाते में करेंगे, तब स्वतः ही महिलाओं के जीवन में कुछ खुशियां और भी जुड़ जाएंगी। मातृ शक्ति को मजबूत कर प्रदेश को विकसित बनाने का जो विजन मुख्यमंत्री ने देखा है, उस विजन की राह में एक मील का पत्थर इस दिन फिर जुड़ जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने श्री रामलला के दर्शन कर वापस कवर्धा पहुंचे श्रद्धालुओं का सीताराम संकीर्तन मंडली के साथ किया अभूतपूर्व स्वागत
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज अयोध्या में विराजित प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर वापस कवर्धा पहुंचे 71 श्रद्धालुओं का सीताराम संकीर्तन मंडली के साथ अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने अयोध्या से दर्शन करके आए श्रद्धालुओं का कवर्धा विधायक कार्यालय में तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर, शॉल, श्रीफल भेंटकर स्वागत और अभिनंदन किया। जिससे उनकी यात्रा और भी स्मर्णीय बन गई। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अयोध्या दर्शन यात्रा के अनुभव के बारे में जाना। भगवान राम लला में तीर्थ दर्शन कर लौटे माताओं और बुजुर्गों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को “बेटा श्रवण कुमार“ कहा । उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मोदी की गांरटी को पूरा करते हुए प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना का संचालन किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अयोध्या के रामलला दर्शन के महत्व को बताते हुए कहा कि रामलला का दर्शन हर श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष और पवित्र अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि समाज के लंबे 500 साल के संघर्ष के पश्चात अयोध्या में मंदिर का निर्माण हुआ है और भगवान श्रीराम विराजित हुए हैै। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रभु श्री रामलाल दर्शन योजना प्रारंभ की है जिससे पूरे प्रदेश के श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं और भगवान श्री राम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु अपने गांव में जाकर रामलला दर्शन से प्राप्त आनंद की अनुभूति का अनुभव जरूर साझा करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि रामलला का दर्शन करना एक अत्यंत पवित्र और अविस्मरणीय अनुभव है। अयोध्या में रामलला के दर्शन से मन को शांति और आत्मा को संतोष मिलता है।
श्रद्धालुओं ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को ‘‘बेटा श्रवण कुमार’’ कहा
भगवान राम लला में तीर्थ दर्शन कर लौटे माताओं और बुजुर्गों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को “बेटा श्रवण कुमार“ कहा। तीर्थ यात्रा कर लौटे बुजुर्ग माताओं ने कहा “हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हम अयोध्या जाएंगे। हमने अयोध्या में हम सबके आराध्य देव प्रभु राम जी के बाल्य काल का दर्शन किया। साथ ही काशी में विराजित काशी विश्वनाथ बाबा का भी दर्शन किया। हम सबका यह धार्मिक यात्रा बहुत मंगल मय और यादगार रही। रास्ते मे हम सबको किसी भी चीज की तकलीफ नही हुई। सुबह से शाम तक भरपेट नाश्ता, भोजन, दही, पापड़ सलाद मिलता था। घर से भी ज्यादा हमारा ख्याल वहां रखते थे। तीर्थ यात्रियों ने इस यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आशीर्वाद देते हुए आभार जताया और “श्रवण कुमार बेटा“ की उपाधि भी दी। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, मोतिराम चंद्रवंशी, पूर्व विधायक अशोक साहू, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल ठाकुर, देवकुमारी चंद्रवंशी, कैलाश चंद्रवंशी, रामबिलास चंद्रवंशी, मनिराम साहू, निर्मल द्धिवेदी, अमर कुर्रे, प्रदीप केवर्थ, मंजीत बैरागी, नरेन्द्र मानिकपुरी, जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को श्रद्धालुओं ने भेंट किए प्रभु श्री रामलला की छायाचित्र
अयोध्या में विराजित प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर वापस कवर्धा पहुंचे श्रद्धालुओं ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को प्रभु श्री रामलला का छायाचित्र भेंट किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रभु श्री रामलला का मंदिर बहुत ही सुंदर और लाजवाब है, जहां पर अद्भुत नजारा देखने मिला। श्रद्धालुओं ने अयोध्या दर्शन के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित भी किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि अयोध्या दर्शन योजना के तहत की गई यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सुखद और पवित्र रही। उन्होंने रामलला के दर्शन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें इस धार्मिक स्थल की आध्यात्मिक ऊर्जा से बहुत शांति और संतोष मिला। श्रद्धालुओं ने सरकार द्वारा प्रदान की गई सुविधाओं और स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के तहत कबीरधाम जिले के 71 श्रद्धालुओं को इस योजना के लाभ लेने के लिए चयन किया गया था। इन सभी लाभार्थियों को 26 जून 2024 को कवर्धा भारत माता चौक से बस में बैठकर दुर्ग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया था। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जेवरा सिरसा पहुंचे थे जहां पर सभी श्रद्धालुओं से मुलाकात करते हुए उनके बस में बैठकर दुर्ग रेलवे स्टेशन तक साथ में यात्रा की थी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से बात करते हुए उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दी थी तथा दुर्ग रेलवे स्टेशन में कबीरधाम के यात्रियों को उनके निर्धारित कोच में बैठाकर ट्रेन को दुर्ग रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना की थी।
आदिवासी गोंड़ समाज मांवली महासभा द्वारा आयोजित सांस्कृतिक भवन लोकार्पण एवं रानी दुर्गावती बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज भाटापारा नगर के कृषि उपज मंडी परिसर में आदिवासी गोंड़ समाज माँ मांवली महासभा द्वारा आयोजित सांस्कृतिक भवन लोकार्पण एवं रानी दुर्गावती बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने साफा पहनाकर उनका स्वागत किया।
श्री साय ने सम्मेलन में आदिवासी समाज के सामाजिक भवन के आहता निर्माण हेतु 22 लाख रूपये, वहां तक सीसी रोड के लिए 25 लाख रूपये की घोषणा की है। साथ ही गुर्रा से जोगीद्वीप मेला स्थल तक सड़क निर्माण हेतु 1 करोड़ 30 लाख रूपये की घोषणा की। उन्होंने इसके अतिरिक्त तरेंगा से दौरेंगा तक सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से प्रधानमंत्री आवास योजना के 5 हितग्राहियों को घर की चाबी, 3 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 4 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र एवं समाज के मेधावी छात्र छात्राओं का सम्मान किया। इस दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक बिल्हा धरम लाल कौशिक, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पिंकी ध्रुव, लच्छूराम कश्यप, समाज प्रमुख बंशीलाल नेताम, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल उपस्थित रहे।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने जनजातीय गौरव की भावना को सुदृढ़ बनाने के लिए हर साल 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस की शुरुआत की। इसके साथ ही रानी दुर्गावती का भव्य स्मारक जबलपुर में तैयार कराया गया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से हैं। उनका इस सर्वाेच्च पद में आसीन होना जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने ने कहा कि समाज एकजुट होकर और शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़े। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। किसी भी क्षेत्र में तरक्की करना है, तो शिक्षा जरुरी है। उन्होंने युवाओं को नशापान से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि नशापान से युवा गुमराह हो रहे हैं। उन्हें सही दिशा में अपनी ऊर्जा और क्षमता लगाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किये गए वायदे को तेजी से पूरा कर रही है। हमने धान के बकाया बोनस की राशि, 3100 रुपये मे धान खरीदी और एक मुश्त राशि किसानों क़े खाते में राशि अंतरित किया है। महतारी वंदन योजना अंतर्गत 70 लाख महिलाओं क़े खाते में हर महीना एक हजार रूपये दिया जा रहा है। राम भक्तों को रामलला क़े दर्शन क़े लिए रामलला दर्शन योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में एक पेड़ माँ क़े नाम लगाने का आह्वान किया है। उनके आह्वान को पूरा करने हम सभी को प्रयास करना है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सभी अपने माँ क़े नाम से माँ के साथ एक पेड़ जरूर लगाएं। इस तरह से पेड़ लगाएंगे तो उसकी देख भाल बहुत अच्छे से होगी और पेड़ जल्द विकसित होगा। उन्होने कहा कि बढ़ते प्रदूषण से पर्यावरण को बचाने में वृक्षारोपण बहुत जरुरी है। समारोह को रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक बिल्हा धरम लाल कौशिक, पूर्व विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा ने भी सम्बोधित किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूर दराज से आएं आदिवासी समाज के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजधानी रायपुर का कुनकुरी सदन दूर दराज के मरीजों के लिए बना आशा का केन्द्र, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू हुआ यह सदन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेश के दूर दराज के क्षेत्र से उपचार के लिए राजधानी रायपुर आने वाले मरीज और उनके स्वजनों की सुविधा के लिए कुनकुरी सेवा सदन शुरू किया गया है। इस सदन में विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के रहने की अच्छी व्यवस्था हैं। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। यहां डॉक्टर सहित मेडिकल टीम और मरीजों को अस्पताल लाने ले जाने के लिए एंबुलेंस की सेवा भी निःशुल्क उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय पहुंचे कुनकुरी सदन: मरीजों से पूछा हालचाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सवेरे कुनकुरी सेवा सदन पहुंचे और यहां रहकर स्वास्थ्य लाभ उठा रहे मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मरीजों से उनकी बीमारी और चल रहे उपचार की जानकारी लेने के साथ ही कुनकुरी सदन में मिल रही सुविधा के संबंध में विस्तार से जाना। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा और विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान सदन के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बचपन से दिव्यांग कांसाबेल से आयी सात वर्षीय बालिका रिया को पिछले दो महीने से फिजियोथेरेपी का लाभ मिलने से अब उसकी सेहत में सुधार दिखने लगा है। वहीं कुनकुरी से आयी रीटा कायतर दुर्घटना के पश्चात चल पाने में असमर्थ थी। परंतु अब कुनकुरी सदन में रहकर डीकेएस हॉस्पिटल से निरंतर फिजियोथेरेपी कराने पर उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। दो माह पूर्व बस्तर में सड़क दुर्घटना में घायल नीतिश कुमार का एक पैर काटना पड़ा। वर्तमान में उनका उपचार डीकेएस हॉस्पिटल में हो रहा है। उन्हें और उनके परिजनों को सदन में ठहरने एवं भोजन की अच्छी व्यवस्था मिल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कुनकुरी सदन में महिला एवं पुरूष डॉक्टर तथा मेडिकल स्टॉफ पदस्थ हैं, जो यहां पर सबकी सेवा कर रहे हैं। यहां दूरस्थ अंचलों से मरीज इलाज के लिए आए हुए हैं। यहां किसान से लेकर सभी वर्ग के लोग इलाज के लिए आते हैं। सभी को सदन में मार्गदर्शन भी दिया जाता है और उनका सहयोग भी किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के नाम पर इस सदन का नाम कुनकुरी सदन रखा गया है। यहां पर प्रदेश भर से इलाज के लिए आए मरीजों को जिन्हें किसी मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है और शुरुआती दौर में अस्पताल में बेड अलॉट नहीं हो पाता उन्हें यहां के अधिकारी सहयोग करते हैं, मार्गदर्शन देते हैं। अस्पताल में चिकित्सकों से बात करके उनका समुचित इलाज की व्यवस्था भी करते हैं। सरकार की योजनाओं की मदद से उनका इलाज होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन की शुरूआत से ही जरूरतमंद मरीजों का इलाज कराने में मेरी रूचि रही है।
गौरतलब है कि रायपुर में अंबेडकर मेडिकल कालेज, मेकाहारा, एम्स सहित निजी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से रोजाना सैकड़ों जरूरतमंद लोग रायपुर पहुंचते हैं। इन लोगों की जरूरत को महसूस करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी सेवा सदन की शुरूआत की पहल की है। 50 बिस्तर की क्षमता वाले इस सेवा सदन का शुभारंभ इसी साल मार्च में हुआ है। अब तक हजार से अधिक लोगों को इस सदन का लाभ मिल चुका है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मेडिकल सेवा को लेकर बहुत संवेदनशील रहे हैं। सांसद और केन्द्रीय मंत्री रहने के दौरान भी उन्होंने बीमार मरीजों की जरूरत और उनकी सहायता करने के लिए तत्परता से काम करते रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ का कमान संभालने के बाद, कुनकुरी सदन जशपुर सहित पूरे प्रदेश के मरीजों की आशा का नया केन्द्र बन गया है।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री साय ने कार्यकाल के पहले दिन से ही सख्ती दिखानी शुरू कर दी थी। उन्होनें शपथ लेने के बाद एंबुलेंस सेवा को सुधारने का पहला निर्देश अधिकारियों को दिया था। इसके साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में सस्ती जेनरीक दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी मुख्यमंत्री के पहल पर हो चुकी है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने टी-20 विश्व कप क्रिकेट पर भारतीय टीम की जीत पर दी बधाई
रायपुर। राजस्व एवं खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने टी-20 विश्व कप क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका पर शानदार विजय प्राप्त करने पर छत्तीसगढ़ के सभी लोगो को बधाई दी है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वेस्टइंडीज के बारबाडोस में खेले गए रोमांचक मैच ने एक समय पर लोगों के दिलो की धड़कन को बढ़ा दिया था। भारतीय गेंदबाजों के घातक गेंदबाजी ने अफ्रीकी टीम की कमर तोड़ दी। देश और राज्य के सभी लोगो को हार्दिक बधाई देते हुए श्री वर्मा ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्यों ने विश्व कप क्रिकेट में जीत दर्ज कर विश्व इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों में प्री-ऑडिट के दिए निर्देश, चालू वित्तीय वर्ष के प्री-ऑडिट के साथ ही पिछले चार वर्षों की लंबित अवधि का भी होगा पोस्ट ऑडिट
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों में वित्तीय अनुशासन में कसावट लाने सभी आय एवं व्ययों के प्री-ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिछली सरकार द्वारा ऑडिट प्रक्रिया बंद कर दिए जाने के कारण ऑडिट से रह गए विगत चार वर्षों की नस्तियों के पोस्ट ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी 184 नगरीय निकायों के साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के यांत्रिकी प्रकोष्ठ तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का भी ऑडिट कराने को कहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में कड़े वित्तीय अनुशासन के लिए प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर सभी 184 नगरीय निकायों तथा दो राज्य कार्यालयों, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के यांत्रिकी प्रकोष्ठ और सूडा को भी प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण एवं वैधानिक दायित्व के परिपालन के दायरे में लाते हुए सूडा द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि नगरीय निकायों में अंकेक्षण प्रारंभ होने से सभी भुगतान नस्तियों का परीक्षण प्री-ऑडिट के माध्यम से सीए फर्म द्वारा किया जाएगा। इससे भुगतान संबंधी सभी नियमों का परिपालन सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि अंकेक्षण प्रारंभ होने के बाद पूर्ववर्ती सरकार द्वारा ऑडिट बंद किए जाने के बाद की समस्त नस्तियों का नवीन सीए फर्म की नियुक्ति के बाद पोस्ट ऑडिट कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नगरीय निकायों में वित्तीय अनुशासन की अनिवार्यता एवं महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में प्रथम बार प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण का कार्य वर्ष 2015-16 से प्रारंभ किया गया था। नगर पालिक निगम अधिनियम-1956, नगर पालिका अधिनियम-1961 एवं संबंधित नियम, कार्य विभाग मैन्युअल, भण्डार क्रय नियम तथा राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले निकायों में आंतरिक अंकेक्षण के लिए पांच समूहों (Clusters) में पृथक-पृथक अनुभवी चार्टर्ड एकाउन्टेंट एजेंसीज (CA Firms) को आंतरिक अंकेक्षक नियुक्त किया गया था।
निकायों में आंतरिक अंकेक्षण से हुए थे ये लाभ
प्रदेश के नगरीय निकायों में पूर्व में कराए गए आंतरिक अंकेक्षण से कड़े वित्तीय अनुशासन को लागू करने में बहुत मदद मिली थी। प्री-ऑडिट कराए जाने से निकायों में बजट के मद परिवर्तन को रोका गया। विभिन्न निर्माण एवं प्रदाय कार्यों से संबंधित भुगतान पर नियंत्रण होने से निकायों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 100 करोड़ रुपए से अधिक की बचत हुई। सेट-अप के अनुसार स्थापना व्यय के भुगतान की अनुशंसा से अतिरिक्त व्यय पर नियंत्रण हुआ। साथ ही वैधानिक दायित्वों के समय पर निराकरण एवं भुगतान में सुधार के कारण नगरीय निकायों पर लगने वाले शास्ति में कमी आई थी। इस प्री-ऑडिट के काम को पिछली सरकार द्वारा अक्टूबर-2020 में बंद कर दिया गया था।
निकाय स्तर पर वैधानिक दायित्वों का सामान्यतः पालन किया जाता है। किंतु कुछ कमियों के कारण विभिन्न राजस्व विभागों जैसे जीएसटी, आयकर, पीएफ, ईएसआईसी इत्यादि द्वारा नोटिस एवं मांग पत्र निकायों को भेजे जाते हैं। इससे बचने तथा वैधानिक दायित्वों के सुचारू एवं नियमित परिपालन के लिए नए सीए फर्म्स की नियुक्ति कर प्री-ऑडिट कराया जाएगा। इससे नोटिस एवं मांग में कमी आएगी और निकायों को अधिरोपित की जानी वाली शास्ति में कमी होगी तथा निकायों के राजस्व में वृद्धि होगी। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश के बाद सूडा द्वारा प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित स्वदेशी भवन पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पूर्वान्ह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मन की बात कर नयी जानकारियां साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने केरल की अट्टापड़ी गांव की स्वसहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाए जा रहे मारथुंबी छाता का जिक्र करते हुए कहा कि उनके छाता को एक ब्रांड मिल गया है तथा उनके उत्पाद में बढ़ोत्तरी हो गयी है। आज हमारे देश में मोदी के नेतृत्व में खिलाडियों को विभिन्न खेलों में विशेष अवसर प्रदान हो रहे हैं जिससे खिलाड़ी देश और विदेश में परचम लहरा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि आप सभी अपने घरों, बाड़ी, खेतों एवं आस पास अपनी माता जी के साथ एक पेड़ अवश्य लगाएं। इससे देश की 140 करोड़ आबादी यदि एक भी पेड़ लगाती है तो यह पर्यावरण के क्षेत्र में क्रांति होगी। खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के करोड़ों लोगों की मन की बात को पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर लोकेश कावड़िया, नितिन पटेल, अनुप खेलकर, सुदीप, प्रीतम महानंद सहित बड़ी संख्या में श्रोताजन उपस्थित थे।
दिव्यांगों के लिए हर संभव मदद की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यहां जैन दादा बाडी एमजी रोड में नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित विशाल निःशुल्क नारायण लिम्ब एवं कैलिपर्स फिटमेंट शिविर में शामिल हुए। संस्थान ने इस शिविर में छत्तीसगढ़ प्रदेश के रायपुर तथा विभिन्न जिलों से आए 750 से ज्यादा दिव्यांगों को अपर-लोवर लिंब और केलिपर्स लगाकर उनकी रुकी जिंदगी को फिर से शुरू कर दी। इन दिव्यांगों और परिजनों की खुशी हर किसी के मन को छूने वाली थी। आज एक ही दिन में एक ही जगह पर 750 से ज्यादा दिव्यांग नारायण लिम्ब पहनकर मुस्कुराते हुए चले। जो वर्षों पहले किसी दुर्घटना में अपने हाथ-पैर गंवाने से चलने-फिरने में असमर्थ हो चुके थे। जिसके चलते इनकी जिंदगी रुक सी गई थी। इन्हें आज लोवर लिंब, अपर लिंब, मल्टिपल लिंब और केलिपर्स लगाए गए।
शिविर का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू और अनुज शर्मा, दिव्यांगों, उनके परिजनों सहित कई सम्मानीय दानी जन मौजूद थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजस्थान से चलकर छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों की मदद के लिए आगे आयी इस संस्थान की भावना का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने संस्थान के संस्थापक कैलाश जी मानव व अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल का इस भव्य मानव यज्ञ के लिए आभार प्रकट करते हुए राज्य सरकार की ओर से संस्थान को दिव्यांगों के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में संस्थान द्वारा मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का मेवाड़ी परंपरा से सत्कार किया गया। संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा मानवता की सेवा के अपनी 39 वर्षीय यात्रा की जानकारी देते हुए आगामी 5 वर्ष का विजन प्रस्तुत किया गया। संस्थान द्वारा बताया गया कि हमने दिव्यांगजनों को उनके घरों के पास ही लाभान्वित करने की सोच को साकार करते हुए 7 अप्रैल को रायपुर में कैंप लगाया था। आज उन्हें जरूरी उपकरण मुख्यमंत्री जी के हाथों उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
नारायण सेवा संस्था के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने संकल्प रखा की वे आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों को लाभान्वित करने के लिए रायपुर में केंद्र संचालित करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान द्वारा केंद्र स्थापना के लिए उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के रायपुर तथा विभिन्न जिले से आए दिव्यांगों जिनके कृत्रिम हाथ पैर लगे उनसे मिलकर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
शिविर में स्थानीय संगठन भगवान महावीर जन्म कल्याणक, श्री ऋषभदेव मन्दिर, दादाबाड़ी रायपुर, भारतीय जैन संगठना, श्री दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप, जय आनन्द युवा संघ, रायपुर केरला समाजम, आरोग्य हॉस्पिटल शंकरनगर, राजश्री चायपत्ती, राजश्री इंटरप्राइजेज, श्री श्याम सेवाधारी महिला समिति, सत्यनारायण धर्मशाला, महिला पतंजली योग समिति, छत्तीसगढ़ प्रान्तीय महिला अग्रवाल संगठन, श्री मानव सेवा मंगल भवन, छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ, अग्रवाल सभा, छत्तीसगढ़ सर्व नाई समाज, मां खारुन गंगा महाआरती महादेव घाट, राणाजी वेलफेयर फाउंडेशन, श्री मंगलमय, अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति छत्तीसगढ़, नवसृजन मंच छत्तीसगढ़, वसुधैव कुटुंबकम, सार्थक क्रिएटिव ऑर्गनाइजेशन, छत्तीसगढ प्रदेश स्वास्थ्य नर्सिंग संगठन, स्पर्श एक कोशिश वेलफेयर फाउंडेशन, श्रीराम जी की सेना, ऊँ मण्डली, मणिकार्णिका विंग शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर शिविर की रिपोर्ट में बताया गया कि आज एक ही दिन में एक ही जगह पर 750 से ज्यादा दिव्यांग नारायण लिम्ब पहनकर मुस्कुराते हुए चले। जो वर्षों पहले किसी दुर्घटना में अपने हाथ-पैर गंवाने से चलने-फिरने में असमर्थ हो चुके थे। जिसके चलते इनकी जिंदगी रुक सी गई थी। इन्हें आज लोवर लिंब, अपर लिंब, मल्टिपल लिंब और केलिपर्स लगाए गए। संस्थान की 80 जनों की टीम ने सेवाएं दी। समारोह में वॉलिंटर ने निशुल्क सेवाएं दी जिन्हें संस्थान ने प्रमाण पत्र दिये।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने किया प्राचीन कर्बला तालाब का निरिक्षण, 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा विधायक राजेश मूणत आज रविवार सुबह रायपुर के कर्बला तालाब में नगर निगम के अधिकारियों के साथ निरिक्षण पहुंचे. इस दौरान उन्होंने तालाब के रखरखाव और सौंदर्यीकरण को लेकर जरूरी निर्देश जारी किये. ज्ञात हो कि चौबे कॉलोनी स्थित कर्बला तालाब रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की सीमा में आता है. राजेश मूणत यहां के स्थानीय विधायक है. राजेश मूणत ने नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीओओ उज्जवल पोरवार, पार्षद अमर बंसल ,निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, एसडी एम नन्द कुमार चौबे, जोन 7 जोन कमिश्नर जसदेव सिंह बाबरा सहित नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सम्बंधित अधिकारियों सहित क़र्बला तालाब का निरीक्षण किया.
राजेश मूणत ने कर्बला तालाब की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल एक्शन जरूर लेने को कहा. उन्होंने अफसरों से कहा कि सौंदर्यकरण के कार्य में तेजी लाये और जरूरत पड़ने पर अमला भी बढ़ाएं. सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें नियमित जांच करें फील्ड में उतरे.
भूमाफियाओं को दी चेतावनी
राजेश मूणत ने बताया कि वह चाहते है कि कर्बला तालाब का सौंदर्यीकरण रायपुर शहर के लिए एक नजीर बने. उन्होंने भूमाफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि तालाब पार में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को 15 दिवस के अंदर कर्बला तालाब का मॉडल तैयार कर प्रेजेंटेशन का निर्देश दिए.
राजेश मूणत ने बताया कि मानसून आ गया है. शहर में जितने भी तालाब हैं, उनके किनारे फलदार और शानदार वृक्षरोपण करने की योजना बनाये. नगर निगम के अधिकरियों को निर्देशित किया गया है कि रायपुर में स्मार्ट सिटी के जितने भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उसमें तेजी लाएं. साथ ही मास्टर प्लान का विषय ध्यान रखकर उसके अनुरूप विकास कार्य करें.
15 दिनों के भीतर तालाब किनारे से हटेगा अतिक्रमण
मूणत ने अफसरों से सख्त लहजे में कहा कि रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में जितने भी विकास कार्यों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उस पर मेरी पूरी नजर है. मैं सभी प्रोजेक्ट का मॉनिटरिंग कर रहा हूं. अगर विकास कार्य हो रहे हैं, तो जनता को दिखना भी चाहिए. उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पर किसी प्रकार की समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
विधायक राजेश मूणत ने कर्बला तालाब के आसपास रहने वाले स्थानीयजनो से चर्चा भी की. उन्होंने शहर के वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकर उनकी सलाह भी ली. मूणत ने बताया कि विकासकार्य जनभावना के अनुरूप होने चाहिए,लिहाजा मैंने कर्बला तालाब में वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकर विकास कार्यों के लिए सुझाव मांगे हैं और उनकी समस्याएं भी सुनी हैं. मूणत ने बताया कि जनता से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर कर्बला तालाब से अतिक्रमण हटाने दिशा में काम किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों ने 15 दिन के भीतर चिन्हांकन करके अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है.
कार्यकर्ताओं के साथ शीतला मंदिर परिसर खपरा भट्टी में सुनी पीएम मोदी के “मन की बात”
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने विभिन्न इलाकों का दौरा करने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ” मन की बात” का प्रसारण सुना. कार्यक्रम के बाद मूणत ने कहा कि शनिवार की रात भारतीय क्रिकेट टीम ने टी 20 विश्वकप जीतकर पूरे देश को खुशियों से भर दिया है. अगले ही दिन ‘मन की बात’ कार्यक्रम ने जनभावना को मजबूती प्रदान करके खुशियों को दोगुना कर दिया है. मूणत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पहली बार रेडियों के माध्यम से जनसंवाद किया है. यह पल भारतीय लोकतंत्र की आत्मा में समाहित सत्य की जीत का प्रतीक है और संविधान विरोधी ताक़तों के खिलाफ भारत सरकार का संदेश हैं.
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में संविधान और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर जनता के अटूट विश्वास को दोहराने का ज़िक्र था। पीएम मोदी ने बताया कि 2024 का चुनाव, दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव था। इसमें 65 करोड़ लोगों ने वोट डाले हैं. यह अद्भुत है. मूणत ने कहा कि भारत की जनता इस बात से अच्छी तरह परिचित है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश के संविधान की भावना के अनुरूप कार्य हो रहे हैं. 2024 का जनादेश उसी सत्य का प्रमाण हैं.
हेमंत सोरेन के बयान पर बिफरे मुख्यमंत्री साय, कहा- आदिवासी समाज का न करें अपमान…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उस बयान पर आड़े हाथों लिया है, जिसमें उसने भाजपा शासित राज्यों के आदिवासी मुख्यमंत्रियों को रबर स्टाम्प बताया है. सोरेन के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए सोरेन परिवार को जनता को लूटकर गाढ़ी कमाई करने वाला परिवार कहा है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X में लिखा है कि देश भर में जिस तरह से भाजपा, सक्षम आदिवासी नेतृत्व दे रही है, ऐसा इससे पहले कभी नहीं था. ऐसे में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आदिवासी मुख्यमंत्रियों के बारे में अनर्गल प्रलाप निंदनीय है. यह देश भर के आदिवासी और पिछड़े समाज का अपमान है. जीवन भर अपने कृत्यों से सोरेन परिवार जिस तरह आदिवासी समाज को बदनाम करता रहा है, वह भी निंदनीय है.
साय ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई लूटकर अपनी तिजोरी भरने वाले सोरेन और उनकी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में झारखंड की जनता सबक सिखाने का मन बना चुकी है. यही कारण है कि अब वे समाज के प्रति ही अनाप-शनाप बयानबाजी पर उतारू हो गये हैं. सोरेन परिवार के रिश्वत कांड को भी अभी तक जनता भूली नहीं है. हेमंत सोरेन को यह समझ लेना चाहिए कि महज जमानत मिल जाना अपराध मुक्ति का सर्टिफिकेट नहीं होता है. अंतिम फैसला अभी बाकी है.
उन्होंने कहा कि दरअसल आदिवासियों, अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और युवाओं के बीच भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से इंडी गठबंधन घबराया हुआ है. इसी कारण ऐसी बयानबाजी हो रही है. समाज को अपमानित करने वाले किसी भी बयान को जनता सहन नहीं करेगी, इसका माकूल जवाब देगी.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पीएम मोदी की ‘मन की बात’ को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में “मां की बात” की है. लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” लगाने का आह्वान किया है. सभी लोग अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाएं. जिनकी मां है, वे मां के साथ पेड़ लगाएं. जिनकी मां नहीं हैं वे स्वर्गवासी मां की तस्वीर रखकर पेड़ लगाएं. हम पूरे देशवासी एक-एक पेड़ लगाएंगे, तो प्रकृति संवर जाएगी.
एक जुलाई को मिलेगी ‘महतारी वंदन’ की किस्त
एक जुलाई को महतारी वंदन योजना की पांचवी किस्त जारी होगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना की पांचवी किस्त कल मिलेगी. 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को इसकी राशि मिलेगी. महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए मिल रहा है.
रेलमंत्री से मिले केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, पेंड्रारोड से बिलासपुर के बीच ट्रेन स्टापेज फिर शुरू करने की रखी मांग
मुंगेली। बिलासपुर सांसद और केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र की रेल संबंधित समस्याओं से अवगत कराकर उसके निराकरण के लिए मांग की है.
दरअसल पेंड्रारोड से बिलासपुर (उसलापुर)के बीच करगीरोड कोटा,बेलगहना एवं टेंगनवाड़ा स्टॉपेज लंबे समय से बंद है, जिसके चलते क्षेत्र के यात्रियों को दिक्कतें तो हो ही रही है इसके साथ ही स्थानीय लोगों का रोजगार भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. यही वजह है कि उन्होंने इन स्टेशनों पर ट्रेन के स्टॉपेज सेवा पुनः बहाली करने की मांग क्षेत्रवासियों की मांग पर की है.
बता दें कि बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत करगीरोड, बेलगहना, टैगनमाड़ा रेलवे स्टेशन पर कोविड के समय से बंद गाड़ियों के स्टापेज पुनः चालू कराने के संबंध में अरुण सिंह चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर एवं क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ ने इस समस्या से अवगत कराते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से पत्र लिखकर मांग की थी. इसमें कहा गया था कि कोविड के समय से इन स्टॉपेज को बन्द कर दिया गया है. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण आने-जाने का मुख्य साधन ट्रेन है. इन स्टेशनों पर स्टापेज बंद होने के कारण क्षेत्रीय कृषकों, व्यापारियों, छात्र-छात्राओं, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, अधिकारियों एवं आम जनता को काफी असुविधा हो रही है. यही वजह है कि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मिलकर इस समस्या को दूर करने की मांग रखी.
इन गाड़ियों का स्टॉपेज बंद
इन प्रमुख रेलगाड़ियों का स्टेशनों पर स्टॉपेज बंद है. इसमें भोपाल-अमरकंटक सुपरफास्ट, पुरी-हरिद्वार उत्कल कलिंग एक्सप्रेस, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस, दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस, दुर्ग-भोपाल-अमरकंटक सुपरफास्ट, सारनाथ एक्सप्रेस, बिलासपुर-इंदौर एक्सप्रेस, बिलासपुर-चिरमिरी आदि। इन गाड़ियों के नियमित ठहराव से इस क्षेत्र की जनता को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने टीम इंडिया की जीत पर दी बधाई, कहा- हम बन गए विश्व चैंपियन
रायपुर। भारत की टी20 विश्वकप में शानदार जीत पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने टीम इंडिया को बधाई दी है. उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि और हम बन गए विश्व चैंपियन. यह विराट विजय विश्व पटल पर स्वर्ण अक्षरों में सूर्य के समान चमक रही है. सभी को हार्दिक बधाई. जय हो! ज़िंदाबाद. जश्न मनाइए. हर हिंदुस्तानी की आंखे ख़ुशी के आंसुओं से नम है.
बता दें कि टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 8 रनों से हराकर खिताब जीता और इतिहास रच दिया है. टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत की ये दूसरी ट्रॉफी है. इससे पहले साल 2007 में भारतीय टीम महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चैंपियन बनी थी. अब रोहित शर्मा की कप्तानी में यह कमाल कर दिया है. टूर्नामेंट में पिछले 17 साल से भारत के लिए ट्रॉफी का सूखा थो अब खत्म हो गया है.
कांग्रेसियों ने चैतन्य टेक्नो स्कूल के खिलाफ थाने में की शिकायत, CBSE स्कूल के नाम पर पालकों को ठगने का लगाया आरोप
रायपुर। कांग्रेसियों ने रायपुर के चैतन्य टेक्नो स्कूल पर सीबीएसई स्कूल के नाम पर लाखों पालकों को ठगने का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत सीएसपी से की है और सूक्ष्म जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि, मान्यता के नाम छत्तीसगढ़ में बड़ा गोरख धंधा चल रहा है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर ने बिना डीईओ के हस्ताक्षर के चैतन्य टेक्नो स्कूल के दो ब्रांच की मान्यता दी है. मान्यता सीजी बोर्ड का जारी हुआ है और चैतन्य टेक्नो स्कूल सीबीएसई स्कूल की पढ़ाई करवा रहा है. कांग्रेसियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों पर जुर्म दर्ज करने की मांग की है.
शिकायत में बताया गया है कि चैतन्य टेक्नो स्कूल में नौ सौ से ज्यादा छात्र अध्ययनरत हैं, जिन्हें सीबीएसई की मान्यता होना बता कर लाखों रुपए फीस अवैध रूप से वसूला जा रहा है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मान्यता के नाम पर करोड़ों रुपए की अवैध उगाही की जा रही है. नियम विरुद्ध मान्यता प्रदान किया जा रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी भी चैतन्य स्कूल के ठगी का शिकार हुए हैं. उनके दोनों बच्चों को सीबीएसई स्कूल के नाम पर ठगा गया.
सीएसपी से शिकायत करने वालों में अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य अमजद, प्रदेश महामंत्री हेमंत पाल , प्रदेश सचिव कुणाल दुबे, प्रदेश वाईस चेयरमैन पुनेश्वर लहरे, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विशाल मानिकपुरी, विधानसभा उपाध्यक्ष अंकित बंजारे , विधानसभा महासचिव तनिष्क मिश्रा, अजय यादव शामिल थे.
शिकायत में यह भी बताया गया है कि फर्जी प्रमाण-पत्र से यह भी स्पष्ट होता है कि विद्यालय को नर्सरी से कक्षा-8वी तक अंग्रेजी माध्यम की छत्तीसगढ़ SCERT पाठ्यक्रम की शिक्षा देनी होगी, लेकिन अब भी यह विद्यालय CBSE के पाठयक्रम बोलकर किताबें विशिष्ट दुकान से खरीदवा रहा है. यही नहीं कक्षा-9वीं और आगे की गैर-मान्यता प्राप्त कक्षाएं उस परिसर में संचालित कर रहा है. एडमिशन और अन्य नाम से कैपिटेशन फीस भी वसूला जा रहा है. इन सबकी अनुमति देने का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी को भी नहीं है.
रचनात्मक डिजिटल मीडिया के लिए बड़ी संभावनाएं लेकिन इससे उपजी चुनौतियों से निपटने कारगर कदम उठाने भी जरूरी: के.जी. सुरेश
रायपुर। पूरा विश्व पैंडेमिक की तरह इंफोडेमिक से भी जूझ रहा है। कई बार डिजिटल मीडिया के माध्यम से त्रुटिपूर्ण सूचनाएं, गलत तथ्यों को लेकर फैलाई जा रही सूचनाएं और तोड़ मरोड़ कर पेश की जाने वाली सूचनाओं से जो भ्रम फैलता है उससे समाज को काफी नुकसान पहुंचता है। यद्यपि डिजिटल मीडिया में रचनात्मकता के लिए बहुत संभावनाएं हैं। इससे उपजी चुनौतियों से निपटने कारगर कदम उठाये जाएं, राष्ट्रीय मीडिया साक्षरता अभियान चलाएं जाएं ताकि फेक न्यूज आदि से निपटा जा सके तो डिजिटल मीडिया हमारे समाज के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकती है। यह बात नारद जयंती पर आयोजित देवऋषि नारद पत्रकारिता सम्मान के मौके पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति के.जी. सुरेश ने डिजिटल क्रांति के समय पत्रकारिता विषय पर अपने संबोधन में की। इस मौके पर जनसंपर्क विभाग के आयुक्त मयंक श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस अवसर पर देवर्षि नारद सम्मान से बीएस टीवी के ब्यूरो चीफ डॉ. अवधेश मिश्र, वरिष्ठ छायाकार भूपेश केशरवानी को स्वर्गीय रमेश नैयर सम्मान एवं वरिष्ठ पत्रकार भोलाराम सिन्हा को स्वर्गीय बबनप्रसाद मिश्र सम्मान से पुरस्कृत किया गया।
श्री सुरेश ने कहा कि जिस तरह वर्ष प्रतिपदा और गुरुपूर्णिमा को आयोजन होते हैं वैसे ही नारद जयंती के दिन भी आयोजन होना चाहिए। जब वर्ष प्रतिपदा कहते हैं तो वैसा ही सात्विक भाव मन में आता है जो न्यू ईयर के विचार में नहीं आता। हमें भारतीय परंपरा के अनुसार नारद जयंती के दिन पत्रकारों के लिए, पत्रकारों हेतु और पत्रकारों द्वारा आयोजन करना चाहिए। उपनिषद में जो निर्भीकता का भाव होता है, वैसा ही भाव देवर्षि नारद हमें सिखाए हैं। पत्रकार की सादगी उनसे सीख सकते हैं। उन्होंने लोककल्याण के लिए सूचना का संचार किया। त्रस्त प्रजा के समाचार देवताओं तक पहुंचाए इसलिए भगवत गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि मैं ऋषियों में देवऋषि नारद हूँ।
डिजिटल मीडिया के सकारात्मक पक्षों के बारे में उन्होंने बताया कि पहले मीडिया सूचनाएं देता था, अब न्यू मीडिया फीडबैक भी देता है। मीडिया का लोकतांत्रिकीकरण हो गया है। इसके कारण डिजिटल मीडिया की ताकत बढ़ी है। सोशल मीडिया अब समाज को प्रभावित कर रहा है, दुनिया भर में कई बड़े आंदोलन खड़ा करने में डिजिटल मीडिया ने भूमिका निभाई। लेकिन डिजिटल मीडिया तभी प्रभावी है जब जमीन पर आंदोलन मजबूत हो। डिजिटल मीडिया के नाम पर कोई भी समाचार और विचार परोसा जा रहा है, लेकिन यह पत्रकारिता नहीं है। इस क्षेत्र में अनेक एक्टिविस्ट उतर आए हैं जबकि पत्रकार को फैक्टिविस्ट होना चाहिए, तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता होना चाहिए। इन्हीं कारणों से डिजिटल मीडिया के नाम पर पत्रकारिता की विश्वसनीयता कम हुई है। पत्रकारिता में स्वतंत्रता जरूरी है लेकिन स्वच्छंदता नहीं होनी चाहिए। पत्रकारिता में परीक्षण आवश्यक है लेकिन अधिकांशतः डिजिटल मीडिया में कोई परीक्षण नहीं हो रहा है, गलत प्रसारित हो जाने के बाद उसे हटा लेना आसान है इसलिए उसकी विश्वसनीयता अच्छी नहीं होती। डिजिटल मीडिया की सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीयता है। दूसरी चुनौती फेक समाचारों का है, कहीं का फोटो या वीडियो लेकर कुछ भी समाचार परोसा जा रहा है। सामान्य जनता ऐसे गलत समाचारों पर भी विश्वास करते हैं, इससे समाज गुमराह हो रहा है। ऐसी समाचारों के कारण भारत में पढ़े लिखे लोग भी कोविड का टीका नहीं लगवा रहे थे। यह देश के लिए भी खतरा है। इस फेक न्यूज की पहचान करना जरूरी है। जरूरत है नागरिकों को इस खतरे के प्रति जागरूक करने की है, मीडिया साक्षरता अभियान शुरू करने की आवश्यकता हैं। डिजिटल मीडिया की ताकत का उपयोग करके सकारात्मक और रचनात्मक विषयों को जनता तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि मयंक श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि नारद ब्रह्मांड के पहले पत्रकार थे, वे रामायण और महाभारत जैसी रचना के प्रेरणास्त्रोत भी थे। भागवत पुराण में देवऋषि नारद के प्रसंग आते हैं, जिससे पता चलता है कि वे कितनी तेजी से सूचनाएं प्रस्तुत करते थे। नारद संवाददाता थे, केवल समस्या नहीं बताते थे बल्कि समस्याओं का समाधान भी देते थे। आयुक्त जनसंपर्क श्री श्रीवास्तव ने बताया कि लोग बहुत जिज्ञासु होते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि संचार के माध्यम उन्हें समग्र तस्वीर से परिचित कराएं। समाज में बहुत कुछ बुरा घट रहा है तो बहुत कुछ अच्छा भी हो रहा है। इस सकारात्मकता से परिचित कराना बहुत जरूरी है, जिससे लोगों के मन में आशावादिता विकसित हो, वे बेहतर समाज के निर्माण में जुट पाएं।
संबोधन के बाद अतिथियों को स्मृति चिन्ह आयोजन समिति के संयोजक श्री आर. कृष्णा दास ने दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका कौशल ने किया और आभार प्रदर्शन आशुतोष मंडावी ने किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख श्री कैलाश, प्रांत के प्रचार प्रमुख संजय तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडेय, जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
विष्णु का सुशासन: जनदर्शन से आम जनता में हो रहा, नई आशा का संचार
रायपुर। अपने पहले ही जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संवेदनशील पहल और त्वरित निर्णयों से लोगों के मन में एक नई आशा का संचार कर दिया है। प्रदेश के सभी कोने से लोग मुख्यमंत्री के जनदर्शन में जुटे। जनदर्शन का समय एक बजे तक रखा गया था लेकिन पहले ही जनदर्शन को लेकर लोगों में इतनी उत्सुकता थी कि इस समय तक काफी लोग जुट गये थे। इसमें से कुछ के मन में आशंका थी कि मुख्यमंत्री के शेड्यूल के काफी टाइट होने की वजह से समय न समाप्त हो जाए और मुख्यमंत्री जी न मिल पाएं। यह आशंका निर्मूल साबित हुई।
विष्णु के सुशासन का अहसास सभी आवेदकों को उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री श्री साय ने पूरे धैर्य के साथ लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही इनका निराकरण करने के निर्देश दिये। जब तक आखरी आवेदक कतार में था, मुख्यमंत्री भी अपनी कुर्सी से हिले नहीं, पूरे समय तक तन्मयता से लोगों को सुनते रहे। जनदर्शन में बड़ी संख्या में भीड़ महिलाओं की थी।
महतारी वंदन योजना की संवेदनशील पहल को साकार कर मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों के जीवन में जो उजाला फैलाया, उससे इनके सपनों में पंख लग गये हैं। एक युवा लड़की आयुषी आई और उसने प्रदेश के मुखिया से कहा कि मुझे यूपीएससी की तैयारी करनी है। मेरे पिता कोविड में नहीं रहे, उनका सपना था कि मैं यूपीएससी करूं और मेरा भी यही सपना है। मुख्यमंत्री ने आयुषी बिटिया को भरोसा दिलाया। जब प्रदेश के मुखिया का आशीर्वाद किसी बिटिया को मिले तो निश्चित ही उसके सपनों को पर लग जाते हैं। मुख्यमंत्री न केवल इनके सपनों को पूरा करने मदद कर रहे हैं अपितु उनका हौसला भी बढ़ा रहे हैं।
जनदर्शन की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री न केवल लोगों के आवेदन पर कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं अपितु पूरी संवेदनशीलता से उनकी तकलीफ भी सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री की ख्याति प्रदेश में इस बात को लेकर भी है कि केंद्र में राज्य मंत्री रहने के दौरान और अपने लंबे संसदीय जीवन में उन्होंने छत्तीसगढ़ के कई मरीजों का एम्स में इलाज करवाया। इस ख्याति को देखते हुए लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें लेकर भी पहुंचे और मुख्यमंत्री ने इसका समाधान किया। एक दिव्यांग बालक के इलाज के लिए उन्होंने जनदर्शन में ही निर्देश दिए और बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाकर एडमिट कर दिया गया।
पूरे जनदर्शन के दौरान सबसे दिल छूने वाला पल वो रहा जब मुख्यमंत्री सीधे दिव्यांगजनों के पास पहुंचे। दिव्यांगजनों को किसी तरह की तकलीफ न हो, इस बात का जनदर्शन में खास ध्यान रखा गया था। जिन दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने में दिक्कत आ रही थी, उनके दिव्यांग प्रमाणपत्र उसी दिन बनाकर दे दिये गये।
जनदर्शन के तुरंत पश्चात आये सभी आवेदनों के प्रभावी निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया। इसकी मानिटरिंग भी आरंभ कर दी गई है। सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की सबसे अहम कड़ी जनता से प्रत्यक्ष संवाद है। जनदर्शन के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुशासन को और भी प्रभावी बनाने में ठोस मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सरल, सहज व्यक्तित्व से प्रभावित हुए लोग, विष्णु के सुशासन में संवर रहा छत्तीसगढ़
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन की एक झलक जनदर्शन कार्यक्रम में देखने को मिली। इस महीने की 27 तारीख को हुए पहले जनदर्शन कार्यक्रम में उन्होंने गर्मी और उमस की परवाह किए बिना लगभग 5 घंटे तक लोगों की समस्याएं सुनी।
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित हुए जनदर्शन कार्यक्रम में आने वाले लोगों को यह पहली बार एहसास हुआ कि मुख्यमंत्री कितने सहज और सरल है। लोगों ने यह भी देखा कि वे पूरी गंभीरता और आत्मीय भाव से लोगों से मिल रहे है और लोगों की समस्याओं की निराकरण के लिए पहल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में किसी को ब्रेन सर्जरी और किसी को कैंसर की ईलाज तो किसी को प्रमाण पत्र और ट्रायसाइकिल देने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में एक महिला ने बताया कि उनके पति रमेश शुक्ला कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। बीमारी की वजह से उन्हें एडवांस ट्रीटमेंट की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने महिला को संबल देते हुए कहा कि हमारी सरकार के लिए स्वास्थ्य सबसे सर्वाेपरि है। आपके पति को सभी संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रीमती शुक्ला ने आभार जताते हुए कहा कि हम लोग जनदर्शन में बहुत उम्मीद लेकर आए थे। आप से मिलकर मुझे अपने पति के जल्द इलाज और गुणवत्तापूर्ण इलाज का भरोसा मिला है आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है।
जनदर्शन कार्यक्रम में धमतरी निवासी अमित सोनी के ब्रेन सर्जरी के लिए मुख्यमंत्री ने डेढ़ लाख रूपए की मंजूरी देने के साथ ही वर्षा चांदवानी के इलाज के लिए 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। इसी प्रकार दिव्यांग बेेमेतरा जिले के बलराम और रोहित कुमार की मुख्यमंत्री ने रोजगार व्यवसाय करने की ललक की सराहना करते हुए उन्हें आईस बॉक्स युक्त ट्रायसाइकिल प्रदान करने के साथ ही उन्हें शुभकामनाएं दी।
रायपुर की महाविद्यालय की छात्रा आयुषी द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को बताया कि मैं आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। सपने में आर्थिक स्थिति बाधा है। मेरे पिता चाहते थे कि मैं सिविल सर्वेंट बनूं और इसके लिए उन्होंने मुझे खूब प्रेरित किया। दुर्भाग्य से कोरोना आया और उनका निधन हो गया। अब मेरा दो सपना है। एक तो मेरे पिता का सपना पूरा करना और दूसरा मेरे खुद का सपना पूरा करना। मुख्यमंत्री जी आप अगर मेरी सहायता करें तो मेरी रास्ते की बाधा दूर हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने आयुषी की तैयारी के लिए अधिकारियों को आवश्यक सुविधा एवं सहायता दिलाने के निर्देश दिए।