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वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट, मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्री देंगे सवालों के जवाब, विपक्ष घेरने की तैयारी में …
रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट पेश करेंगे। बजट सत्र की शुरूआत के साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व विधायक दीनदयाल पोर्ते के निधन का उल्लेख किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री केदार कश्यप और मंत्री टंकराम वर्मा अपने-अपने भारसाधक विभागों के सवालों का जवाब देंगे।
बिजली, प्रमोशन और शिकायतों पर मुख्यमंत्री से सवाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बिजली विभाग में रिक्त पदों की जानकारी, जेई से एई में प्रमोशन का कोटा, आईएएस/आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच और कार्यवाहियों पर सरकार की अनुमति, राज्य में ऊर्जाकरण नवीनी लक्ष्य एवं वर्तमान स्थिति, किसानों को बिजली बिल में छूट के लाभ की जानकारी, राज्य में कोयला रायल्टी की चोरी की प्राप्त शिकायतों की जांच, मुख्यमंत्री जनदर्शन में मिले शिकायतों और उनके निराकरण की जानकारी,पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत पंजीयन एवं लाभान्वितों की संख्या, बिजली विभाग के बड़े बकायादारों की संख्या और उन पर कार्यवाही की जानकारी मांगी गई है।
वन मंत्री केदार कश्यप से सवाल
वनमंत्री केदार कश्यप से रायपुर में सुगम यातायात के लिए प्रस्तावित नीति, इंद्रावती टाइगर रिजर्व एवं कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में करवाए गए कार्य, धान खरीदी एवं उठाव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर में पदस्थ कर्मचारी-अधिकारियों की जानकारी, गृह निर्माण सहकारी समितियों के बायलॉज में संशोधन, रायपुर के नंदन वन में पुनर्निर्माण की जानकारी मांगी गई है।
अवैध कब्जों और प्लाटिंग पर राजस्व मंत्री से सवाल
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से सरकारी भूमि में अवैध कब्जे, प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अनियमितता के दोषियों पर कार्यवाही, अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही, आदिवासियों की भूमि का गैर आदिवासियों को बिक्री की जानकारी,धान का उत्पादन एवं औसत उत्पादकता, प्रदेश में लंबित राजस्व प्रकरण, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में संविदा कर्मचारियों के नियमन पर प्रश्न पूछे गए हैं।
छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में रायपुर संभाग के विज्ञान संकाय के प्राध्यापकों के लिए रूसा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभः डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता
रायपुर। शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में रूसा 2.0 (प्रिपरेटरी ग्रांट) के अंतर्गत रायपुर संभाग के विज्ञान संकाय के प्राध्यापकों हेतु “कम्प्यूटर आधारित मटेरियल/नैनोमटेरियल नवाचार” विषय पर आयोजित एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्वक हुआ। आयोजन समिति सदस्य डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि यह प्रशिक्षण 23 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य परियोजना कार्यालय, रूसा, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया जा रहा है। रायपुर संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों से भौतिकी, रसायन, गणित एवं अन्य विज्ञान विषयों के प्राध्यापक इस प्रशिक्षण में सहभागिता कर रहे हैं।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. एस. के. पांडेय, पूर्व कुलपति पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं चैट जीपीटी जैसी आधुनिक तकनीकों से भी बेहतर विषय को सरल, प्रभावी और मानवीय तरीके से समझाने की कला विकसित करनी होगी। उनके अनुसार तकनीक सहायक हो सकती है, परंतु शिक्षक की सृजनात्मकता और संवाद कौशल ही शिक्षा को जीवंत बनाते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तपेश चन्द्र गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय सदैव शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को समृद्ध करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से शिक्षकों को न केवल विषयवस्तु की गहरी समझ मिलती है, बल्कि वे नवीन तकनीकों और शोधोन्मुखी दृष्टिकोण से भी परिचित होते हैं। प्राचार्य ने रुसा 2.0 और उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और समर्थन से ही महाविद्यालय में इस तरह के उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम संभव हो पाए हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएँ और सीखने की प्रक्रिया को अपने संस्थानों तक प्रभावशाली तरीके से पहुँचाएँ।

विशिष्ट अतिथि डॉ. एम. एस. गुप्ता, संयुक्त संचालक, रूसा छत्तीसगढ़ ने कहा कि रूसा 2.0 का उद्देश्य संस्थानों में अधोसंरचना एवं अकादमिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है तथा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
नोडल अधिकारी डॉ. मोहन लाल वर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग, श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस, भिलाई ने बताया कि कम्प्यूटर आधारित शोध और सिमुलेशन आधुनिक विज्ञान का आधार बन चुके हैं।

कार्यक्रम के सह-समन्वयक डॉ. अखिलेश जाधव ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आगामी दिनों में मटेरियल साइंस एवं नैनोमटेरियल से संबंधित विभिन्न तकनीकी सत्र, कार्यशालाएँ एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन समिति सदस्य डॉ. लखपति पटेल नेे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण में विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ-साथ हैंड्स-ऑन सत्र भी शामिल किए गए हैं, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
उद्घाटन सत्र के पश्चात प्रथम तकनीकी सत्र डॉ. मोहन लाल वर्मा द्वारा आयोजित किया गया। प्रथम तकनीकी सत्र के चेयरपर्सन डॉ. कविता ठाकुर और रिपोर्टर डॉ. प्रतिभा साहू रहे। उन्होंने डेंसिटी फंक्शनल थ्योरी आधारित सिएस्ता सॉफ्टवेयर के माध्यम से मटेरियल अध्ययन” विषय पर व्याख्यान दिया। अपने प्रस्तुतीकरण में उन्होंने बताया कि सिएस्ता सॉफ्टवेयर पैकेज किस प्रकार डेंसिटी फंक्शनल थ्योरी का उपयोग कर ऊर्जा पदार्थों का अध्ययन करता है। उन्होंने डेंसिटी फंक्शनल थ्योरी की मूलभूत अवधारणाओं तथा उसके विभिन्न अनुप्रयोगों को सरल भाषा में समझाया। डॉ. वर्मा ने नैनोमटेरियल के अध्ययन में सिएस्ता की उपयोगिता जैसे कम्प्यूटेशनल दक्षता एवं आयामी लचीलापन पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने ज्योमेट्री ऑप्टिमाइजेशन, संरचना पूर्वानुमान तथा प्रकाशीय गुणोंकृजैसे डाइलेक्ट्रिक फंक्शन, ऑप्टिकल एब्जॉर्प्शन एवं अपवर्तनांककृके निर्धारण की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया। प्रतिभागियों ने सत्र में गहरी रुचि दिखाई और विषय से संबंधित प्रश्नों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रायोगिक सत्र में डॉ. मोहन लाल वर्मा एवं डॉ. रश्मि किरण टोप्पो द्वारा “लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय” विषय पर दो घंटे का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रायोगिक (हैंड्स-ऑन) सत्र के चेयरपर्सन डॉ. आशीष असतकर और रिपोर्टर डॉ. जयेश करंजगांवकर रहे। इस सत्र में प्रतिभागियों को उबुन्टू लिनक्स के प्रमुख गुणों, ओपन सोर्स प्रकृति, स्थिरता, सुरक्षा एवं कस्टमाइजेशन के बारे में जानकारी दी गई और विंडोज के साथ तुलना समझाई गई। प्रतिभागियों ने फाइल और डायरेक्टरी निर्माण, डायरेक्टरी प्रबंधन और फाइल संचालन जैसे कमांड्स का व्यावहारिक अभ्यास किया। दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों के सवालों का धैर्यपूर्वक उत्तर देकर जटिल अवधारणाओं को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया। उद्घाटन समारोह का मंच संचालन डॉ. अनिल रामटेके ने किया।
धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. परमिता दुबे ने प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने आयोजकों, विशेषज्ञों और सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम की सफलता में योगदान के लिए सराहा और धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रथम दिवस का समापन उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं ज्ञानवर्धक चर्चा के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने लिनक्स की मूलभूत जानकारी प्राप्त कर स्वतंत्र रूप से उबुन्टू पर कार्य करने का आत्मविश्वास विकसित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निश्चित रूप से विज्ञान संकाय के प्राध्यापकों के शैक्षणिक एवं अनुसंधान कौशल को नई दिशा प्रदान करेगा।
36 अधिवक्ताओं को सीनियर काउंसिल का दर्जा, हाईकोर्ट में केंद्र सरकार का रखेंगे पक्ष
बिलासपुर। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए 36 वरिष्ठ पैनल लॉयरों की नियुक्ति कर दी है। यह नियुक्ति तीन साल के लिए होगी। विधि मंत्रालय ने पुराने पैनल लॉयर से केंद्र से संंबंधित मुकदमों की फाइलें वापस लेकर इनको सौंपने कहा है।
विधि एवं न्याय मंत्रालय ने जारी आदेश में कहा है कि राष्ट्रपति ने अधिवक्ताओं को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के मुकदमों (कर संबंधी मामलों को छोड़कर) का संचालन करने के लिए इस आदेश की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया है।
जिन अधिवक्ताओं को सीनियर काउंसिल बनाया गया है उनमें भूपेन्द्र नारायण सिंह, रमाकांत पाण्डेय, अन्नपूर्णा तिवारी, उमाकांत सिंह चंदेल, अजित कुमार सिंह, हेमंत गुप्ता, मनोज कुमार मिश्रा, सतीश गुप्ता, किशन लाल साहू, हेमंत केशरवानी, अनमोल शर्मा, रूप नायक, मनय नाथ ठाकुर , अंकुर कश्यप , मांडवी भारद्वाज, हिमांशु पाण्डेय, रघुवीर प्रताप सिंह, सागर सोनी, अजय पाण्डेय, रविकांत पटेल, प्रमोद श्रीवास्तव, चेतन कुमार, अरविन्द पटेल, त्रिवेणी शंकर साहू, भरत कुमार गुलाबानी, प्रज्ञा पाण्डेय, अभिषेक बंजारे, अमितेश पाण्डेय , अंजू श्रीवास्तव, विद्या भूषण सोनी, अमन केशरवानी, शाल्विक तिवारी, सुचित्रा बैस, सौरभ चौबे, अमन ताम्रकार और अभिमन्यु रत्नपारखी शामिल हैं।
CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला : कमीशन मामले में अनवर ढेबर गिरफ्तार, करोड़ों की गड़बड़ी की जांच तेज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ओवरटाइम भुगतान घोटाले के बड़े मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत की गई है।
ब्यूरो के अनुसार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7बी, 8 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत प्रकरण दर्ज है। आरोपी को सोमवार को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
ईडी की सूचना के बाद खुला मामला
मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इस संबंध में ईडी ने छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी थी, जिसके आधार पर EOW/ACB ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
ओवरटाइम के नाम पर करोड़ों का भुगतान
विवेचना में सामने आया कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित रूप से षड्यंत्र के तहत मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम/अधिसमय भत्ते के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान कराया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच इस मद में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को दी जानी थी, लेकिन व्यवहार में भुगतान एजेंसियों के जरिए किया गया।
कर्मचारियों तक नहीं पहुंची राशि
आरोप है कि एजेंसियों को भुगतान किए गए बिलों में दर्शाए गए अधिसमय भत्ते का वास्तविक भुगतान कर्मचारियों को नहीं किया गया। इसके बजाय इस राशि को कथित रूप से कमीशन के रूप में निकालकर अवैध रूप से वितरित किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरी प्रक्रिया के जरिए शासन के आबकारी राजस्व से बड़ी रकम निकाली गई और कर्मचारियों को देने के बजाय उसे अनधिकृत लाभ के रूप में बांटा गया, जिससे राज्य को आर्थिक क्षति हुई।
आरोपी तक पहुंचता था कमीशन, मामले की जांच जारी
EOW/ACB के अनुसार जांच में यह स्थापित हुआ है कि एजेंसियों के माध्यम से निकाली गई कमीशन की राशि अंततः आरोपी अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी। फिलहाल मामले में अन्य लोगों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। ब्यूरो ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा बयान, कहा – बिलासपुर और दुर्ग में भी जल्द लागू होगी कमिश्नरेट प्रणाली
दुर्ग। भिलाई में आयोजित राष्ट्रीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में आज मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान दिया। गृह मंत्री शर्मा ने कहा कि जल्द ही दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में पुलिस की कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने कानून व्यवस्था में कसावट और बेहतर परिणाम लागू होने के हिसाब से यह बात कही।
भिलाई में राष्ट्रीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस को इसकी अगवानी मिली है। 14 वीं अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आगाज आज से हुआ है, जो 27 फरवरी तक चलेगी। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेश और पुलिस की 54 विंगो की 29 टीमें शामिल हो रही है। व्यवस्थाओं के लिए स्पोर्ट्स सेक्रेटरी आईपीएस सदानंद कुमार को जवाबदेही सौंपी गई है।
गृहमंत्री विजय शर्मा आज प्रतियोगिता का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में रायपुर के बाद छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली पर बात की। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हर वो महानगर छत्तीसगढ़ का जहां कमिश्नरी प्रणाली की आवश्यकता है वहां भविष्य में जरूर लागू होगा। मैं यह नहीं कह सकता कि यह कब लागू होगा परंतु हर वह शहर जहां व्यवस्था को लेकर इसकी आवश्यकता है वहां इसे लागू किया जाएगा। जल्द ही दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में पुलिस की कमिश्नरी प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे कानून व्यवस्था में कसावट आने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।
DMF घोटाला : एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS अनिल टुटेजा गिरफ्तार, 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड
रायपुर। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) निधि से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ACB ने आरोपी पूर्व IAS अनिल टुटेजा को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी अपराध क्रमांक 02/2024 (DMF प्रकरण) में विस्तृत विवेचना के बाद की गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज तथा विभिन्न व्यक्तियों के बयान एकत्र किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह स्थापित हुआ है कि आरोपी ने District Mineral Foundation (DMF) निधि से संबंधित विभिन्न कार्यों में अपने परिचितों और फर्मों को कमीशन लेकर काम दिलवाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और निकट संबंधियों के माध्यम से अलग-अलग फर्मों को DMF मद के कार्य आवंटित कराने की गतिविधियां संचालित कीं। आरोप है कि इसके बदले कमीशन लिया गया। उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्ट आचरण से जुड़े संज्ञेय अपराध प्रथम दृष्टया स्थापित पाए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 26 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। बता दें कि शराब घोटाला मामले में अनिल टुटेजा पहले से ही जेल में है, जहां से उन्हें प्रोडक्शन वारंट में एसीबी ने गिरफ्तार किया है।
RTE के तहत 10 माह बाद बच्चे को मिला न्याय : आयोग की सख्ती से स्कूल ने लौटाई पूरी फीस, डाॅ. वर्णिका ने कहा – बच्चों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती के चलते एक जरूरतमंद बच्चे को 10 माह बाद न्याय मिला। आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल शिक्षा विभाग का पोर्टल खुलवाया, बल्कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत बच्चे को निःशुल्क प्रवेश दिलाया और स्कूल से उसकी पूरी फीस भी वापस करवाई।
प्रकरण में एक अभिभावक ने अपने बच्चे के लिए आरटीई के तहत आरक्षित सीट पर आवेदन किया था। अप्रैल में प्रथम चरण की लॉटरी में बच्चे का चयन हो गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने संपर्क नहीं होने का दावा किया, वहीं नोडल अधिकारी ने भी पालक का फोन न उठाने की बात कही। इस बीच अभिभावक को जानकारी नहीं होने के कारण उसी स्कूल में 16 हजार रुपये जमा कर प्रवेश लेना पड़ा।
बाद में जानकारी मिलने पर अभिभावक ने लगभग 10 माह बाद आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने मामले की सुनवाई कर शिक्षा विभाग को पोर्टल पुनः खोलने और बच्चे का नाम निःशुल्क सीट में दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि आगे की पढ़ाई का लाभ भी उसे मिलता रहे। 23 फरवरी 2026 को आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की मौजूदगी में स्कूल ने अभिभावक को 16 हजार रुपये का चेक लौटाया।
बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : डॉ. वर्णिका शर्मा
इस दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पात्र बच्चों को आरटीई के तहत निःशुल्क शिक्षा देना स्कूलों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग की इस कार्रवाई से जरूरतमंद अभिभावकों को राहत मिली है और यह संदेश भी गया है कि शिक्षा के अधिकार से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले संस्थानों पर सख्ती जारी रहेगी।
प्राचार्यों और सहायक प्राध्यापकों का तबादला, देखें लिस्ट…
रायपुर। राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों और प्राचार्यों का तबादला आदेश जारी किया है।
देखें लिस्ट –


78 साल बाद पहाड़ियों पर पहुंची बिजली; सन्नाटे की जगह अब गूंज रही बच्चों की पढ़ाई
रायपुर। सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव सोमवार को विकास के नए अध्याय का साक्षी बना। आजादी के 78 वर्षों बाद इस पहाड़ी गांव में पहली बार बिजली का बल्ब जला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संभव हुई यह पहल केवल विद्युतीकरण नहीं, बल्कि चार दशकों से पसरे लाल आतंक के अंधेरे पर निर्णायक प्रहार के रूप में देखी जा रही है।




कल तक सूरज ढलते ही यह गांव घने जंगलों और नक्सली खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था। ढिबरी और टॉर्च की टिमटिमाती रोशनी में जीवन गुजारने वाले ग्रामीण अब अपने घरों में जगमगाते बल्ब देख भावुक हैं। बच्चों की पढ़ाई अब अंधेरे की मोहताज नहीं, और महिलाओं के चेहरे पर सुरक्षा व आत्मविश्वास की नई चमक साफ दिखाई दे रही है।
जीते जी गांव में बिजली देख ली
गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने नम आंखों से कहा, “कभी सोचा नहीं था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। अब लगता है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर है।” यह एक वाक्य गोगुंडा की दशकों की प्रतीक्षा और पीड़ा का सार बयान करता है।
सुरक्षा की ढाल, विकास की राह
यह परिवर्तन अचानक नहीं आया। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यहां हालात बदले। 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के अनुसार, नक्सली प्रभाव के कारण यह गांव वर्षों तक विकास से वंचित रहा। संयुक्त अभियान के बाद स्थापित कैंप ने नक्सलियों के ‘सुरक्षित ठिकाने’ को ध्वस्त किया और विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त किया।
जहां पहले पांच घंटे पैदल पहाड़ चढ़कर पहुंचना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप स्थापित होते ही कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।
अंतिम छोर तक पहुंचेगी रोशनी
कलेक्टर ने कहा कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहां जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा।
बस्तर की बदलती तस्वीर
गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक बन गई है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उस भरोसे की, जो दशकों बाद लोकतंत्र के प्रति फिर मजबूत हुआ।
अब गोगुंडा में अंधेरा अतीत बन चुका है। पहाड़ियों पर जला यह बल्ब केवल रोशनी नहीं, बल्कि उम्मीद, विश्वास और नए भविष्य की चमक का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश आर्थिक रूप से निरंतर मजबूत हो रहा है और हम सभी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग का सम्मान बढ़े और सभी समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू तथा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे।
कार्यक्रम में तुलसी कौशिक, घनश्याम चौधरी, रजनी रजक, विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ बजट 2026 : कांग्रेस विधायक दल की बैठक, सदन में सरकार को घेरने की बनी रणनीति
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट 2026 पेश होने की पूर्व संध्या प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक हुई. इसमें नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा शामिल हुए. कांग्रेस विधायकों ने सदन में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है, जिसमें धर्मांतरण विधेयक का विरोध भी शामिल है. वहीं कांग्रेसियों ने विधायक लखमा को सत्र में शामिल होने की अनुमति के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार जताया.
कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए बजट सत्र की रणनीति को लेकर जानकारी दी. सदन में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस बजट सत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाएगी. उन्होंने धान खरीदी में कथित अव्यवस्था को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में ऐसी बदइंतजामी पहले कभी नहीं देखी गई. प्रदेश के किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं, यह मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा.
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
कांग्रेस ने प्रशासनिक आतंकवाद, गुरूर में पुलिस प्रताड़ना से जुड़े आत्महत्या का मामला, एसडीएम से संबंधित विवाद, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी और बिजली बिल दरों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. चरण दास महंत ने राज्य सरकार के आगामी तीसरे बजट पर निशाना साधते हुए इसे “दुर्गति वाला बजट” करार दिया.
धर्मांतरण विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस
धर्मांतरण विधेयक पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि जब मामला कोर्ट में लंबित है, तो सरकार इस विषय पर कानून क्यों ला रही है. कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करेगी.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर कांग्रेस के सवाल
नक्सलवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस को इस बात की चिंता है कि सरकार एक ओर नक्सलियों के सफाए की बात कर रही है, लेकिन प्रभावित इलाकों के विकास को लेकर उसकी नीति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन क्षेत्रों में विकास कार्य आखिर कौन करेगा, सरकार या बड़े उद्योगपति? महंत ने कहा कि इस मुद्दे पर भी कांग्रेस ने रणनीति तैयार की है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आर्थिक सर्वेक्षण को बताया राज्य के मजबूत और संतुलित अर्थव्यवस्था का प्रमाण…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को राज्य की मजबूत और संतुलित अर्थव्यवस्था का प्रमाण बताया है. समृद्ध किसान, मजबूत उद्योग और विस्तृत सेवा क्षेत्र को विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव करार दिया है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए एक के बाद एक छह पोस्ट में कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का GSDP प्रचलित भावों पर बढ़कर ₹6,31,291 करोड़ अनुमानित है, जिसकी वृद्धि दर 11.57% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है. कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53%, उद्योग में 10.26% और सेवा क्षेत्र में 13.15% वृद्धि का अनुमान यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ आज किसानों की समृद्धि और औद्योगिक मजबूती के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.
हमारे लिए गर्व का विषय है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53% वृद्धि अनुमानित है.
कृषि क्षेत्र में मजबूत विकास दर दर्ज हुई है, जो किसानों की मेहनत और हमारी किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है. समृद्ध किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है. छत्तीसगढ़ आज देश की औद्योगिक ताकत के रूप में तेजी से उभर रहा है.
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार उद्योग क्षेत्र में 10.26% वृद्धि अनुमानित है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49% है — जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है. निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. सेवा क्षेत्र छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन रहा है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार सेवा क्षेत्र में 13.15% वृद्धि अनुमानित है. शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं में विस्तार से नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 दर्शाता है कि प्रदेशवासियों की आय लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग ₹1.79 लाख अनुमानित है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है. यह हमारी विकासोन्मुख नीतियों और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों का परिणाम है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य है – प्रदेश के हर परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे. हमारा संकल्प है – छत्तीसगढ़ के हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बनाना. हमारी सोच है – प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब हर परिवार समृद्ध हो. हमारा उद्देश्य स्पष्ट है – विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार खुशहाल बने. हमारा लक्ष्य है – बढ़ती आय, बेहतर अवसर और समृद्ध जीवन के साथ हर परिवार सशक्त छत्तीसगढ़ का हिस्सा बने.
छत्तीसगढ़ का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन के पटल पर रखा बीते वित्तीय वर्ष का खाका…
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में छत्तीसगढ़ राज्य का ‘‘आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2025-26’’ पटल पर प्रस्तुत किया गया। इस प्रकाशन के प्रमुख बिन्दू में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान वर्ष 2024-25 का त्वरित एवं वर्ष 2025-26 का अग्रिम अनुमान संक्षेप में विवरण निम्नानुसार एवं तालिका 1 एवं 2 में दिया गया है। साथ ही अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं, समाजार्थिक स्थिति उसे प्रभावित करने वाले आधारभूत घटकों एवं राज्य शासन की योजनाओं के संदर्भ में प्रगति की विवेचनात्मक अध्ययन है।
1. सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2025-26 में प्रगति की सम्भावनायें
1.1 प्रचलित भावों पर : अग्रिम अनुमान वर्ष 2025.26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य) पर गत वर्ष 2024-25 के रुपये 5,65,845 करोड़ से बढ़कर रुपये 6,31,291 करोड़ होना संभावित है जो गत वर्ष की तुलना में 11.57 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जिसमें वर्ष 2024.25 में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र रुपये 1,06,521 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025.26 में रुपये 1,19,871 करोड़ होना संभावित है जो गत वर्ष की तुलना में 12.53 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार उद्योग क्षेत्र में रुपये 2,45,283 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025.26 में रुपये 2,70,449 करोड़ होना संभावित है, जो गत वर्ष की तुलना में 10.26 प्रतिषत वृद्धि दर्शाता है। सेवा क्षेत्र में रुपये 1,68,115 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025.26 में रुपये 1,90,221 करोड़ होना संभावित है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है।
1.2 स्थिर भावों पर (आधार वर्ष 2011-12) : अग्रिम अनुमान वर्ष 2025.26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य) पर गत वर्ष 2024.25 के रुपये 3,31,402 करोड़ से बढ़कर रुपये 3,58,293 करोड़ होना संभावित है जो गत वर्ष की तुलना में 8.11 प्रतिशत वृद्धि आंकलित है, जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र वर्ष 2024.25 के रुपये 53,928 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025.26 में रुपये 57,969 करोड़ होना संभावित है जो गत वर्ष की तुलना में 7.49 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार उद्योग क्षेत्र में रुपये 1,49,678 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025.26 में रुपये 1,60,473 करोड़ होना संभावित है, जो गत वर्ष की तुलना में 7.21 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। सेवा क्षेत्र में वर्ष 2024-25 के रुपये 98,147 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025.26 में रुपये 1,07,088 करोड़ होना संभावित है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 9.11 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।
2. सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2024-25 (त्वरित) में प्रगति की सम्भावनायें
2.1 प्रचलित भावों पर : राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में त्वरित अनुमान के अनुसार गत वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2024-25 में 10.50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र (कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं वन) में 11.76 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र (निर्माण, विनिर्माण, खनन एवं उत्खनन, विद्युत, गैस तथा जल आपूर्ति सम्मिलित) में 9.91 प्रतिशत एवं सेवा क्षेत्र में 10.08 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
2.2 स्थिर भावों पर (आधार वर्ष 2011-12) : राज्य के सकल घरेलू उत्पाद बाजार मूल्य त्वरित अनुमान के अनुसार गत वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2024-25 में 6.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र (कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं वन) में 6.28 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र (निर्माण, विनिर्माण, खनन एवं उत्खनन, विद्युत, गैस तथा जल आपूर्ति सम्मिलित) में 5.19
प्रतिशत एवं सेवा क्षेत्र में 7.43 प्रतिशत वृद्धि हुई है।



प्रति व्यक्ति आय (प्रति व्यक्ति निवल राज्य घरेलू उत्पाद प्रचलित भावों पर)
प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमान के अनुसार 1,62,848 (एक लाख बासठ हजार आठ सौ अड़तालीस) रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में 1,79,244 (एक लाख उन्नासी हजार दो सौ चौवालीस) रुपये होना अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।

मुख्यमंत्री शांति सरोवर में आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री श्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।
IED की चपेट में आकर STF जवान घायल, एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा रायपुर
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गलगम जंगलों में नक्सलियों के प्लांडेट आईईडी आईईडी की चपेट में आने से एसटीएफ जवान के गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद को हायर सेंटर रेफर किया गया है. घटना की एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने आधिकारिक पुष्टि की है.
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों की टीम गलगम के घने जंगलों में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान पर निकले थे. इसी दौरान एसटीएफ के प्रधान आरक्षक निलकंठ सिंह का पैर आईईडी की चेपट में आ गए. धमाके में वह बुरी तरह घायल हुए. साथी जवानों ने उन्हें कैंप में लाया, जहां प्राथमिक इलाज दिया. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया. डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है, फिलहाल जवान की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. वहीं इलाके में सर्चिंग तेज कर दी गई है.
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में केंद्र सरकारों के मुकदमों की पैरवी करने के लिए 36 अधिवक्ताओं का पैनल तैयार, जारी हुई सूची…
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के मुकदमों (करों से संबंधित मामलों को छोड़कर) की पैरवी करने के लिए 36 अधिवक्ताओं की सूची जारी की गई है.
राष्ट्रपति की सहमति से जारी अधिवक्ताओं की सूची में 8 अधिवक्ता सीनियर पेनल काउंसिल में और 28 अधिवक्ता सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल में शामिल हैं. तीन सालों के लिए की गई इस नियुक्ति के संबंध में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने आदेश जारी किया है.




रिकॉर्ड गुम होने से आजीवन कारावास निरस्त, हाईकोर्ट ने दिए फिर से ट्रायल के आदेश, कोर्ट ने कहा-
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण प्रक्रिया संबंधी फैसला देते हुए आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया है और मामले में पुनः परीक्षण (री-ट्रायल) का आदेश दिया है। यह मामला उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने हत्या के आरोपी सरगुजा जिले के झिरमिट्टी निवासी लक्ष्मण राम नामक अभियुक्त से जुड़ा हुआ है। उसे सत्र न्यायालय, अंबिकापुर द्वारा हत्या (धारा 302) के आरोप में दोषी ठहराया गया था। आरोपी ने इस निर्णय के विरुद्ध वर्ष 2019 में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने लखन राम को दी गई आजीवन कारावास की सजा को इस आधार पर निरस्त कर दिया कि ट्रायल कोर्ट का मूल रिकॉर्ड गुम हो चुका है और अपील की सुनवाई बिना पूर्ण रिकॉर्ड के संभव नहीं है।
रिकॉर्ड गुम, सुनवाई असंभव
अपील की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड गुम हो गया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर रिकॉर्ड के पुनर्निर्माण का प्रयास किया गया, लेकिन गवाहों के बयान और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके। राज्य द्वारा कुछ दस्तावेज जैसे एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेमो, जब्ती पंचनामा आदि प्रस्तुत किए गए, लेकिन अभियोजन एवं बचाव पक्ष के गवाहों के बयान न मिलने के कारण अपील पर निर्णय करना संभव नहीं था।
पुनः ट्रायल ही एकमात्र उपाय
न्यायालय ने कहा कि, दोषसिद्धि की पुष्टि के लिए अपीलीय न्यायालय द्वारा संपूर्ण रिकॉर्ड का अवलोकन अनिवार्य है। रिकॉर्ड के अभाव में दोषसिद्धि को बरकरार रखना कानूनसम्मत नहीं है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि यदि रिकॉर्ड पुनर्निर्माण संभव न हो, तो न्यायसंगत प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनः ट्रायल ही एकमात्र उपाय है।
री-ट्रायल का आदेश
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने दोषसिद्धि व सजा के आदेश को निरस्त कर दिया है और मामले को पुनः ट्रायल के लिए ट्रायल कोर्ट को भेजा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट को 6 माह के भीतर पुनः सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।