प्रदेश
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ का SIR पर बड़ा बयान, कहा-
रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कहा कि यह वोटर शुद्धिकरण लोकतंत्र के लिए अमृत है. यह पूरी तरह से संवैधानिक प्रक्रिया है, इसमें राजनीति जैसा कुछ नहीं. घुसपैठिए, नकली वोटर, मृत वोटर लोकतंत्र को दीमक की तरह खोखला कर रहे है.
तरुण चुघ ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हर 20 साल में SIR होता है, जिसका उद्देश्य फर्जी वोटरों को हटाना है. कांग्रेस घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है. भारत के संविधान ने सिर्फ भारतीय नागरिकों को मत का अधिकार दिया है. जो नागरिक ही नहीं, वह देश के भावी नेतृत्व के चुनाव में कैसे हिस्सेदारी करेगा?
वहीं सचिन पायलट के दौरे और SIR पर कांग्रेस की रणनीति को लेकर तरुण चुघ ने कहा कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस को भी BLA-1 और BLA-2 नियुक्त करने की अनुमति दी है. जब कांग्रेस के साथ उनके विपक्षी दल झारखंड, बंगाल, हिमाचल, तमिलनाडु में जीतें तो प्रक्रिया सही, हारें तो चुनाव आयोग पर सवाल.
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने झूठे प्रचार और घुसपैठियों के समर्थन पर कांग्रेस को सख्त जवाब दिया. भारत में मतदान का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को है. किसी विदेशी को देश का नेतृत्व चुनने का अधिकार नहीं है.
शास्त्री चौक से जयस्तंभ तक 27 नवम्बर से होगा वन-वे (एकांकी मार्ग)
रायपुर। राजधानी में स्काई वॉक का निर्माण कार्य जारी है. वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने 27 नवंबर से शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक, शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक एक माह के लिए एकांकी मार्ग (वन वे) कर दिया है. मतलब उक्त अवधि में शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक और शास्त्री चौक से मेकाहारा रोड की ओर कोई भी वाहन रात में नहीं जा पाएंगे. प्रथम 15 दिन शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग और अगले 15 दिन शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक एकांकी मार्ग (वन-वे) होगा.
सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि एकांकी मार्ग किए जाने के लिए बंद मार्ग के प्रवेश और निर्गम स्थान पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बैरिकेड्स लगाना सुनिश्चित करेंगे. वाहनों को परिवर्तित करने और यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे. इसके साथ ही बंद मार्ग के प्रारंभ और अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड भी प्रदर्शित करेंगे.
डॉ. राज शेखावत ने कहा – तोमर बंधु के खिलाफ जांच में दखल नहीं देगी करनी सेना, महिलाओं को अपमानित करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए रायपुर में होगी महापंचायत
जांजगीर-चांपा। करनी सेना के राष्ट्रीय डॉ. राज शेखावत आज जांजगीर पहुंचे। उन्होंने क्षत्रिय स्वाभिमान और नारी अस्मिता के लिए सात दिसंबर को रायपुर में होने वाले महापंचायत में शामिल होने के लिए सर्व क्षत्रिय समाज को न्योता दिया।
इस दौरान डॉ. राज शेखावत ने कहा कि तोमर बंधु के ऊपर जो जांच चल रही है उस विषय में करनी सेना दखल नहीं देगी। मामले की जांच हो। न्यायालय से जो फैसला आएगा उसका सम्मान किया जाएगा। जिस तरह से पुलिस के कुछ जवानों ने मानवाधिकार का हनन किया है और महिलाओं को अपमानित किया है, इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए महापंचायत का आयोजन किया जाएगा और शासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा, इस महापंचायत में छत्तीसगढ़ के अलावा देशभर से क्षत्रिय समाज के लोग शामिल होंगे।
अरुण साव: संघर्ष की तपिश से निकला नेतृत्व, छत्तीसगढ़ की अपेक्षाओं का नया केंद्र।
: जन्मदिन विशेष :
छत्तीसगढ़ की राजनीति आज एक दिलचस्प मोड़ पर है। लंबे समय बाद राज्य की प्रथम पंक्ति में एक ऐसा नेतृत्व खड़ा है जो जमीन से जुड़ा भी है, संगठन में तपकर निकला भी है और प्रशासनिक जिम्मेदारी को संवेदनशीलता के साथ निभाने में सक्षम भी है। उपमुख्यमंत्री और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव इस नई राजनीतिक ऊर्जा के प्रतिनिधि बनकर उभरे हैं। ऐसे में आज उनका जन्मदिन केवल शुभकामनाओं का क्षण नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक सफर की उस सार्थक यात्रा का स्मरण है, जिसमें संघर्ष, सिद्धांत और समर्पण तीनों साथ चलते हैं।
अरुण साव उस पीढ़ी के नेता हैं जिन्होंने राजनीति को “करियर” नहीं, बल्कि “कर्तव्य” के रूप में देखा। जो साधारण पृष्ठभूमि से आकर असाधारण जिम्मेदारियां निभाई है।विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उनकी शुरुआत ने उनमें अनुशासन, संगठनात्मक कौशल और राष्ट्रहित की प्राथमिकता पैदा की। बाद में वकालत के पेशे ने उनकी सोच को तार्किक, संवेदनशील और न्यायपूर्ण बनाया। यही दो धाराएँ मिलकर उनके नेतृत्व का ढांचा बनीं। आज भी लोगों में यह विश्वास इसलिए है, क्योंकि वे जानते हैं कि अरुण साव ने किसी शॉर्टकट से राजनीति नहीं पाई उन्होंने इसे साधा है।
भाजपा एक कार्यकर्ता-आधारित दल है, और ऐसे दल में नेतृत्व पाने के लिए सिर्फ क्षमता नहीं, बल्कि निष्ठा भी जरूरी होती है। इसी निष्ठा की बदौलत अरुण साव आज भाजपा संगठन की भरोसेमंद चेहरे है। उन्होंने वर्षों तक संगठन की पंक्ति में चलकर, हर स्तर पर काम करके, कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास हासिल किया। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका निर्णायक थी बूथ से लेकर मंडल और जिले तक संगठन की ऊर्जा को पुनर्गठित करना,कार्यकर्ताओं को नेतृत्व से जोड़नाचुनावी रणनीतियों में स्थिरता और स्पष्टता लाने का श्रेष्ठ कार्य उन्होंने किया। वरिष्ठ नेताओं का स्नेह और मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा शक्ति रहा है। यह दुर्लभ है कि संगठन और सरकार—दोनों में कोई नेता समान सम्मान पाता हो, और साव इस कसौटी पर खरे उतरते हैं।
बतौर उपमुख्यमंत्री अरुण साव की कार्यशैली में दो मूल तत्व साफ दिखते हैं—जिम्मेदारी और जवाबदेही।जनता के बीच लगातार उपस्थिति, समस्याओं का प्रत्यक्ष समाधान और योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन—इन सिद्धांतों ने उन्हें एक प्रभावी प्रशासक के रूप में स्थापित किया है।उनकी विकास प्राथमिकताएँ स्पष्ट हैं: गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, युवाओं के लिए अवसर,जन-कल्याण में पारदर्शिता तथा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा—इन चार स्तंभों को मजबूत करना। वे विकास को केवल सरकारी दस्तावेज़ों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में उतरते हुए देखना चाहते हैं।
वे एक ऐसे संवेदनशील नेतृत्व है जिसने भरोसा जीता है। छत्तीसगढ़ की राजनीति अक्सर तीखे बयानों और विवादों में उलझती रही है। ऐसे समय में अरुण साव का शांत, संयत और संवेदनशील स्वभाव उन्हें अलग खड़ा करता है। वे कठिन स्थितियों में भी भावनात्मक नहीं, तर्कपूर्ण दृष्टिकोण रखते हैं। उनकी खासियत है कि प्रशासनिक फैसलों में मानवीय पहलू को महत्व देते हैं।आमजन के साथ बैठकर उनकी बात सुनने का सरल स्वभाव उन्हें जन-नेता बनाता है। आज उनकी लोकप्रियता किसी आक्रामक प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि व्यवहार और उपलब्धता का परिणाम है।
आज छत्तीसगढ़ की जनता अरुण साव में एक भरोसा देखती है कि वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मिलकर न केवल विकास को दिशा देंगे, बल्कि शासन को गति भी देंगे। वे अवसरों से भरे नए छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। वे युवा, किसान, महिला और मजदूर—हर वर्ग की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे। और सबसे महत्वपूर्ण, कि वे उस कार्यकर्ता-भाव को कभी नहीं छोड़ेंगे जिसने उन्हें नेतृत्व तक पहुँचाया।छत्तीसगढ़ में आज संतुलित, स्थिर और जमीन से जुड़े नेता की बात होती है अरुण साव अग्रिम पंक्ति में नजर आते हैं। आज अरुण साव जी के जन्म दिवस पर हम उनके सदैव स्वस्थ, ऊर्जावान रहते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई दिशा देते रहने की अपेक्षा करते है।
भाजपा जिला कार्यालय में SIR मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक
रायपुर। भाजपा जिला कार्यालय, एकात्म परिसर रायपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) के अंतर्गत मतदाता सूची के परिष्करण हेतु आयोजित महत्वपूर्ण जिलास्तरीय कार्यशाला में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने सक्रिय सहभागिता दर्ज की।
इस बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, सांसद संतोष पांडे, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, प्रदेश मंत्री अमित साहू, सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में मतदाता सूची के शुद्धिकरण को “मजबूत और पारदर्शी लोकतंत्र की नींव” बताते हुए इसे घर-घर तक पहुँचाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर SIR अभियान को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।




विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि— “मतदाता सूची का परिष्करण केवल संगठनात्मक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार को सुरक्षित करने का संकल्प है। SIR अभियान को जनांदोलन बनाकर हम सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।”
बैठक का संचालन भाजपा जिला पदाधिकारियों द्वारा किया गया तथा सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
दुर्गम जंगलों में भी पहुंच रहे बीएलओ, SIR अभियान में छत्तीसगढ़ ने पार किए 95 लाख डिजिटाइजेशन के रिकॉर्ड…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं. दुर्गम पहाड़ी इलाकों से लेकर जंगलों और नदियों तक, वे हर चुनौती के बीच मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं. राज्य में अब तक 95 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है, जो कुल पंजीकृत मतदाताओं का करीब 45 प्रतिशत है.
इंद्रावती नदी पार कर अबूझमाड़ पहुंचे BLO
बीजापुर क्षेत्र के पल्लेवाया और गुट्टामंगी में तैनात BLO-पायकुराम कश्यप और रामसाय यादव-इंद्रावती नदी पार कर अबूझमाड़ के बेहद कठिन इलाकों में पहुंचे और वहां गणना प्रपत्रों का वितरण व संकलन किया. यह इलाका नक्सल प्रभावित होने के साथ-साथ भौगोलिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है.
85 केंद्रों में पूरा हुआ 100 प्रतिशत काम
राज्य के कई जिलों-सरगुजा, रायगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, बस्तर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, धमतरी, सुकमा, कोंडागांव, मुंगेली और सक्ती-के 85 मतदान केंद्रों पर BLO ने गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है.
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई BLO को जिला निर्वाचन अधिकारियों ने सम्मानित भी किया है. इनमें शामिल हैं-
आरती रात्रे (कोरबा),
मथुरा पटेल (सारंगढ़-बिलाईगढ़),
नंद कुमार यादव (जांजगीर-चांपा),
शिवकुमार सिंह (जांजगीर-चांपा),
कृष्णकुमार राठौर (जांजगीर-चांपा),
सुरेशकुमार डहरिया (जांजगीर-चांपा),
सीताराम यादव (जांजगीर-चांपा)
और रजनी नाग (पत्थलगांव).
4 दिसंबर का इंतजार न करें: CEO
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने मतदाताओं से अपील की है कि वे गणना प्रपत्र ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से जल्द जमा करें और अंतिम तारीख 4 दिसंबर का इंतजार न करें.
मतदाताओं को मिल रही लगातार जानकारी
CEO छत्तीसगढ़ के फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पेजों पर फॉर्म भरने की प्रक्रिया, नाम खोजने के तरीके और पुनरीक्षण से जुड़ी अन्य जानकारी नियमित रूप से साझा की जा रही है, ताकि किसी मतदाता को किसी तरह की परेशानी न हो.
वित्त मंत्री OP चौधरी ने 100 से अधिक बच्चों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा, कहा- संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी
रायपुर। युवाओं के सुनियोजित करियर निर्माण और उज्ज्वल भविष्य के लक्ष्य को लेकर आज रायगढ़ के रामलीला मैदान में भव्य एवं प्रेरणादायी करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की विशेष पहल पर आयोजित हुआ, जिसमें सुपर 30 के संस्थापक और प्रख्यात गणितज्ञ पद्मश्री आनंद कुमार ने हजारों विद्यार्थियों को सफलता, संघर्ष, लक्ष्य और मेहनत का प्रेरक मंत्र दिया।
युवाओं करियर निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढें
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि करियर निर्माण में स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और कठोर परिश्रम तीन सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ अक्सर सफलता की ऊँची छलांग का आधार बनती हैं। उन्होंने युवाओं से करियर संबंधी पुस्तकें पढ़ने, परीक्षा संबंधी जानकारी रखने और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि जिले के सौ से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान दिया जाएगा, जिसका उपस्थित युवाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ शिखर तक पहुंचे
पद्मश्री आनंद कुमार ने कहा कि उन्हें रायगढ़ आकर जितनी खुशी मिली है, उतनी ही प्रेरणा वे यहां के युवाओं से लेकर जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से ईमानदार मेहनत, आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा जब सपने देखेंगे, तभी उनके हौसले ऊंची उड़ान भरेंगे। आनंद कुमार ने अपने संघर्ष की कहानियों से छात्रों को परिचित कराते हुए बताया कि पिता के निधन के बाद उन्होंने पापड़ बेचना शुरू किया। आर्थिक तंगी के कारण कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय नहीं जा सके, लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया और सुपर 30 की शुरुआत की। उन्होंने अभिषेक राज, शशि नारायण और निधि झा जैसे छात्रों की प्रेरक कहानियाँ साझा कीं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता के शिखर तक पहुंचे।
संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही चमकेगी
श्री कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले या सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थी कभी खुद को कमजोर न समझें। संघर्ष करने वाले विद्यार्थियों का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि “जो भी काम करो, बेहतरीन करो। बहाने मत बनाओ, मेहनत में कमी मत आने दो। संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही चमकेगी।” उन्होंने बताया कि सुपर 30 के 17 बैचों के 510 छात्रों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत रही है।
रायगढ़ में आयोजित इस विशाल युवा सम्मेलन में विद्यार्थियों ने मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयनित, गोल्ड मेडलिस्ट, उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं और आईआईटी में चयनित आर. बालाजी यादव सहित कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत पठारे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
25 नवम्बर को पुसौर और सरिया में होगा भव्य आयोजन
युवा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का दूसरा चरण 25 नवंबर की सुबह 8.30 बजे पुसौर के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें पुसौर और खरसिया क्षेत्र के 40 स्कूलों और 3 महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसी दिन शाम 3.30 बजे सरिया में भी विशाल करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थी सीधे पद्मश्री आनंद कुमार से संवाद कर सकेंगे और लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आत्मविश्वास के विकास पर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।
डिप्टी सीएम ने दिखाई संवेदनशीलता : टोकन नहीं कटने से परेशान किसानों ने घेरा तहसील कार्यालय, विजय शर्मा ने काफिला रुकवाकर सुनी समस्याएं
कवर्धा। धान बेचने के लिए टोकन नहीं कटने से परेशान लोहारा ब्लॉक के सैकड़ों किसानों ने आज तहसील कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का काफिला वहां से गुजर रहा था। किसानों की भीड़ और आक्रोश को देखकर डिप्टी सीएम ने मानवता और संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना काफिला रुकवाया और जमीन पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुनीं। वहीं किसानों की शिकायत पर उन्होंने मौके पर ही पटवारी को निलंबित करने का आदेश दिया।
किसानों ने आरोप लगाया कि धान उपार्जन केंद्रों में भारी अव्यवस्था है। खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग के साथ ही लोहारा ब्लॉक के दो पटवारियों पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से शिकायत भी की। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तुरंत एक्शन लेते हुए कुरुवा में पदस्थ हल्का नम्बर 15 के पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया।
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा – धान बेचने में किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी
अधिकारियों ने डिप्टी सीएम के आदेश का पालन करते हुए वहीं पर निलंबन का आदेश निकाला और आदेश की कॉपी वहीं किसानों को दिखाया, जिसके बाद किसानों ने प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि धान बेचने में किसी भी किसान को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
भारत मंडपम में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा, लोक कलाकारों की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
रायपुर। राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई दिया। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-शैली और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और आनंद भर दिया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद कमलेश जांगड़े, कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।


कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीप प्रज्वलन कर की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित कला-कृतियों, हस्तशिल्प और उत्पादों को देखा। उन्होंने कलाकारों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की राजधानी में “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज सुनकर प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध भूमि है, जहाँ तीज-त्योहार, लोक-नृत्य और पारंपरिक कलाएँ आज भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ संरक्षित हैं। उन्होंने मिलेट्स उत्पादन, स्थानीय हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं को राज्य की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया तथा कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के संरक्षण, आर्थिक सहयोग और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बना रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ आने तथा इसकी सादगी, सांस्कृतिक संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की एक से बढ़कर एक झलक प्रस्तुत की।गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा नृत्य जैसी लोक-शैली की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मोहित कर लिया। सुआ नृत्य की गीतमय अभिव्यक्ति, राउत नाचा की जोशीली लय, पंथी की आध्यात्मिक छटा और करमा की मनभावन प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को प्रभावी रूप से सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, विधायक संपत अग्रवाल, प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्य सचिव विकास शील, पर्यटन, संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, खादी ग्रामोद्योग सचिव श्याम धावड़े, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चेक पोस्ट पर तीन ट्रकों से 765 क्विंटल धान जब्त, सीमावर्ती इलाकों में अवैध परिवहन पर रखी जा रही कड़ी निगरानी
बीजापुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर जिले के सभी सीमावर्ती चेकपोस्टों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी निगरानी अभियान के तहत तारलागुड़ा चेक पोस्ट में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 765 क्विंटल धान से भरे तीन ट्रकों को जब्त किया गया।
जब्त ट्रकों के वाहन क्रमांक और धान की मात्रा इस प्रकार है- TS05UA2034 से 220 क्विंटल, TG12T4464 से 295 क्विंटल और AP07TB6888 से 250 क्विंटल धान लदा हुआ पाया गया।
वाहन चालकों ने पूछताछ में बताया कि धान तेलंगाना के मुलगु जिला से पेन सीड्स के माध्यम से रायपुर-दुर्ग भेजा जा रहा था, परंतु मौके पर डिलीवरी ऑर्डर अथवा अन्य परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेज़ों के अभाव में कार्रवाई करते हुए तहसीलदार लक्ष्मण राठिया और मंडी उपनिरीक्षक देवराज ठाकुर ने तीनों ट्रकों को जब्त कर थाना प्रभारी तारलागुड़ा हुबलाल चंद्राकर के सुपुर्द किया।
पुलिस ने संबंधित प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी रखने के लिए धान के अवैध परिवहन व भंडारण पर इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कौहापानी जंगल में बड़े नक्सली ठिकाने का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त
डोंगरगढ़। धर्मनगरी डोंगरगढ़ के थाना बोरतलाव क्षेत्र के ग्राम कौहापानी के पहाड़ी जंगल में संयुक्त पुलिस बल को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है. 19 नवंबर को मिली स्थानीय सूचना पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी, इसी दौरान हुई मुठभेड़ में बालाघाट (मप्र) के निरीक्षक आशीष शर्मा शहीद हो गए थे.
मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की घेराबंदी तेज की गई. लगभग 300 अतिरिक्त जवानों को शामिल करते हुए लगातार 3 से 4 दिनों तक सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया. दूसरे चरण में एसटीएफ छत्तीसगढ़, डीआरजी राजनांदगांव और डीआरजी मोहला-मानपुर की टीम नक्सलियों के डेरे तक पहुंची. पुलिस को देखते ही नक्सली अपना सामान छोड़कर जंगल की आड़ लेकर भाग निकले.
सर्चिंग के दौरान भारी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है, जिसमें नक्सल वर्दियां, पिट्ठू बैग, दस्तावेज, डायरियां, सोलर पैनल, चार्जिंग सेट, खाना बनाने के बर्तन, तंबू, तिरपाल, वॉकी-टॉकी, विस्फोटक और पर्याप्त राशन शामिल हैं.
मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर भारी खून के धब्बे मिलने से यह अनुमान लगाया गया है कि कम से कम तीन नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार नक्सली दस्ता ग्रामीणों से इलाज और दवाइयों की व्यवस्था करवाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने मदद से इंकार कर दिया.
पूरा अभियान एसटीएफ बघेरा की छह पार्टियों एवं डीआरजी मोहला–राजनांदगांव की टीमों ने मिलकर संचालित किया. बरामद सभी सामग्री को पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई के तहत जब्त कर लिया है. आगामी दिनों में भी पड़ोसी राज्यों के सहयोग से संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा.
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन
रायपुर। भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।
धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास
रायपुर। प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।
सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है।
किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा।
उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
रजिस्ट्री दाम बढ़ोतरी का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने रोका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का काफिला, जमकर हुआ बवाल
दुर्ग। रजिस्ट्री दर बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आज प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इस बीच दुर्ग जिले में उस वक्त बड़ा बवाल मच गया। जब पटेल चौक के पास रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे जमीन दलालों और रियल एस्टेट कारोबारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के काफिले को रोक दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति तब बिगड़ गई जब भिलाई जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों से भिड़ गए। मौके पर दोनों पक्षों के बीच जमकर झूमाझटकी भी हुई।
वहीं हंगामा बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिस जवानों ने बीच-बचाव किया और किसी तरह सड़क को खाली कराते हुए काफिले को आगे बढ़ाया। यह पूरी घटना दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटेल चौक के पास हुई।
दरअसल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह आज सांसद विजय बघेल के पुत्र के विवाह की संगीत संध्या कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जिसके बाद वे राइस मिल एसोसिएसन के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल बोथरा के दुर्ग स्थित निवास पर शोक संतृप्त परिवार मुलाकात करने पहुंचे थे। इसी दौरान पटेल चौक पर प्रदर्शन कर है कारोबारी अपनी मांगपत्र कलेक्टर को सौंप कर वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हंगामा हो गया।
वहीं इस पूरे मामले में भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि आज हमारे प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का दुर्ग जिले में प्रवास था। इस दौरान भूमि की रजिस्ट्री दर संबंधी मांगों को लेकर कुछ लोग दुर्ग मौजूद थे। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष काफिले लोगों को रोकने की कोशिश की। जिसे हमने उन्हें समझा कर हटाया और वे मान भी गए। झूमाझटकी जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है।
3 दिसंबर को रायपुर में होगा भारत-साउथ अफ्रीका वनडे मैच, टिकट लेने छात्रों की उमड़ी भारी भीड़
रायपुर। भारत-साउथ अफ्रीका (IND vs SA ODI) वनडे मैच तीन दिसंबर को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके लिए 24 नवंबर को इंडोर स्टेडियम स्थित टिकट काउंटर पर स्टूडेंट्स के लिए 1500 रुपये वाली टिकट सिर्फ 800 रुपये में उपलब्ध कराई गई। रियायती दर की जानकारी मिलते ही सुबह से ही स्टेडियम में छात्रों की भारी भीड़ लगी, जिसके चलते लंबी कतारें लगी।
एक दिसंबर को आएगी भारत-दक्षिण अफ्रीका की टीम
नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तीन दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे वनडे मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। बीसीसीआई द्वारा प्रशिक्षित क्यूरेटर ने पिच की तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोनों टीमें रांची में मैच खत्म होने के बाद एक दिसंबर की सुबह रायपुर पहुंचेंगी और नवा रायपुर के होटल मेफेयर रिजॉर्ट में रुकेंगी। दोनों ही टीमें दो दिसंबर को अलग-अलग समय पर स्टेडियम में अभ्यास करेंगी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अनुसार खिलाड़ियों के लिए होटल में कान्टिनेंटल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों को भी मेन्यू में शामिल किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन को सौंप दी गई है। साथ ही निजी गार्ड और बाउंसर भी तैनात किए जाएंगे।
पार्किंग, बैरिकेडिंग की व्यवस्था अंतिम चरण पर
दर्शकों की सुविधा के लिए पार्किंग, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्टेडियम की कुर्सियों को नई जैसा दिखाने के लिए हाई-प्रेशर मशीन से साफ किया गया है। शनिवार को हुई सचिव स्तर की बैठक में पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों को मैच से जुड़ी जिम्मेदारियां आवंटित की गईं।
दवाइयों पर ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की मांग उठाने वाले देश के पहले सांसद बने बृजमोहन अग्रवाल, एक्सपायरी दवाओं के राष्ट्रीय निस्तारण नीति की जोरदार वकालत की
रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने दवाइयों पर ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की मांग की है।सोमवार को नई दिल्ली में रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने तथा आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कई मौलिक, दूरदर्शी और जनकल्याणकारी सुझाव रखे, जिन्हें समिति ने अत्यंत गंभीरता से सुना।

बैठक में देश में दवाओं की कीमतों में वृद्धि के विशेष संदर्भ में एनपीपीए की भूमिका, कार्यों और कर्तव्यों की समीक्षा हुई। इस दौरान औषध विभाग एवं एनपीपीए के उच्च अधिकारियों ने समिति के समक्ष मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया।
देश में दवाइयों के ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की आवश्यकता पर जोर
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में दवाइयों की खरीद अलग-अलग दरों पर होती है, जिससे न केवल व्यवस्था जटिल होती है बल्कि मरीजों की सुविधा भी प्रभावित होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि, “देश में दवाइयों की खरीदी का सिस्टम एक जैसा हो और केंद्र स्तर पर एकीकृत व्यवस्था बने। इससे पूरे देश में दवाइयों का एक दाम तय हो और राज्यों को बार-बार अलग-अलग टेंडर नहीं करने पड़ें। यह व्यवस्था मरीजों को दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और पारदर्शिता को बढ़ाएगी।”
उनका यह सुझाव स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की राष्ट्रीय नीति का प्रस्ताव
सांसद अग्रवाल ने देशभर के सरकारी अस्पतालों में बड़ी मात्रा में पड़ी एक्सपायरी दवाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, “एक्सपायरी दवाओं का उचित निस्तारण नहीं होने से पर्यावरण, मिट्टी और जल स्रोत गंभीर रूप से प्रदूषित होते हैं। अतः केंद्र सरकार को ऐसी दवाओं को वापस लेने और नष्ट करने के लिए कंपनियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।”
उन्होंने साफ कहा कि एक्सपायर दवाओं को खुले में फेंकना न सिर्फ खतरनाक है बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है।
बीजापुर और रायपुर की घटनाओं का संज्ञान
बैठक में सांसद ने अक्टूबर माह में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की दृष्टि जाने तथा रायपुर में 9 लोगों की आंखें खराब होने की घटनाओं को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा “यदि दवा एक्सपायर है, तो उसके लिए वही कंपनी जिम्मेदार होगी। ऐसी दवाओं के निस्तारण और जवाबदेही की सख्त नीति अनिवार्य है। मरीजों की जिंदगी से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए ये मुद्दे यह दर्शाते हैं कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत एवं सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर सक्रिय और संवेदनशील हैं। समाज के सबसे कमजोर वर्ग, मरीजों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना उनके समर्पित जनप्रतिनिधित्व का प्रमाण है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का यह सुझाव स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में एक निर्णायक भूमि निभाएगा और देशभर में अधिक सुरक्षित, किफायती और पारदर्शी औषध व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
5 महिलाओं समेत 15 सक्रिय माओवादियों ने किया सरेंडर, 48 लाख का घोषित था इनाम
सुकमा। छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। इसी क्रम में आज सुकमा जिले में एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर 48 लाख रुपये के इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादियों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं।
हार्डकोर नक्सली भी किये सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM के 4, SCM के 2, पार्टी सदस्य 3 और अन्य 8 सदस्य शामिल हैं। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष माओवादी हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 4 माओवादियों पर 8-8 लाख, 2 पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख, 1 पर 2 लाख, 1 पर 1 लाख का इनाम था।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और पुना मुर्गम योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इसके साथ ही तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की बढ़ी मौजूदगी ने भी उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया।
इस आत्मसमर्पण अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, RAF, CRPF (02, 212, 217, 223 बटालियन), COBRA 207 और विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
