प्रदेश
मुख्यमंत्री साय से राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए अधिकारियों ने की मुलाकात…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त तीर्थराज अग्रवाल, लीना कोसम, बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सुमित अग्रवाल, संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष कुमार टिकरिहा, ऋषभ पाराशर एवं तरुण किरण उपस्थित थे।
महानगरों की तर्ज पर रायपुर में पहली मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार: एक साथ खड़ी हो सकेंगी 12 कारें, जल्द होगी शुरुआत
रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने महानगरों की तर्ज पर पहला मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार कर लिया है। यह पार्किंग निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई है। इस अत्याधुनिक पार्किंग सिस्टम को एक सप्ताह के भीतर शुरू भी कर दिया जाएगा। फिलहाल इसमें नगर निगम की गाड़ियां ही खड़ी की जाएंगी।
बता दें कि निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई यह पार्किंग करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई है, जहां एक समय में 12 कारों को पार्क करने की सुविधा होगी। पूरी तरह से तैयार हो चुके इस पार्किंग सिस्टम में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है, जिससे कम जगह में अधिक वाहनों को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा।
नगर निगम के अधीक्षक अभियंता इमरान खान ने बताया कि मैकेनाइज्ड पार्किंग पूरी तरह बनकर तैयार है और एक सप्ताह के भीतर इसे निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां केवल निगम की गाड़ियां ही पार्क की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से परिसर में जगह की बचत होगी और वाहन सुरक्षित भी रहेंगे।
पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास बन रही दूसरी पार्किंग
गौरतलब है कि निगम मुख्यालय परिसर के अलावा पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास भी मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता 16 कारों की होगी। शहर में स्मार्ट और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि भविष्य में ऐसे और भी मैकेनाइज्ड पार्किंग सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं, जिससे शहर में पार्किंग की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण, GSDP में 11.57% बढ़ोतरी का अनुमान
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57% बढ़ने का अनुमान जताया. उन्होंने GSDP 6.31 लाख करोड़ रुपए होेने की संभावना जताई.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53%, उद्योग क्षेत्र में 10.26%, सेवा क्षेत्र में 13.15% के साथ स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि का अनुमान जताया. उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76%, उद्योग में 9.91% और सेवा क्षेत्र में 10.08% की बढ़ोतरी हुई.
वित्त मंत्री ने सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से अधिक है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: राज्यपाल रमेन डेका ने अभिभाषण में पेश किया साय सरकार का ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047 विजन’
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई. राज्यपाल ने विष्णु देव सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत किया। इसमें विकसित छत्तीसगढ़ 2047 विजन के अलावा किसान, महिला और जनजातीय सशक्तिकरण, नक्सल उन्मूलन और बस्तर विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना विस्तार, औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप प्रोत्साहन के साथ डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार शामिल है।

अभिभाषण का मूल पाठ इस प्रकार है-: माननीय सदस्यगण,
1. आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई।
2. राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं।
3. प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है।
4. अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे।
5. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है।
6. छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है।
7. मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।
8. समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।
9. सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।

माननीय सदस्यगण,
10. विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
11. इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।
12. केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
13. मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
14. मेरी सरकार गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों को उपलब्ध कराने की दिशा में पुख्ता काम कर रही है। बीज उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग के किसानों को प्रमाणीकरण शुल्क में शतप्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। दो साल में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किये गये हैं।
15. हमारे किसान भाइयों द्वारा उपजाया खाद्यान्न निर्यात के माध्यम से विदेशों तक अधिकाधिक पहुंचाया जाए, इसके लिए मेरी सरकार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है जिससे खाद्यान्नों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की सहायता से 06 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।
16. दुनिया भर में खेती-किसानी की तकनीक बदल रही है। कृषि शोध में लगे अध्यापकों और छात्रों को मेरी सरकार द्वारा निरंतर एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है। प्रदेश में दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। ‘दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना‘ में प्रति क्विंटल दिए जाने वाले 1000 रूपए के अनुदान को अब बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। ‘अक्ती बीज संवर्धन योजना‘ के तहत तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं वितरण पर अनुदान राशि 1000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है।
17. फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने धान के बदले अन्य खरीफ फसल लेने वाले कृषकों को भी प्रति एकड़ 11 हजार रुपए आदान सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है।
18. खाद्यान्न तेल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पाम ऑयल को बढ़ावा दे रही है। मेरी सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा दिये जा रहे अनुदान के अतिरिक्त 69 हजार 620 रुपए का टापअप अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है।
19. छत्तीसगढ़ में कोदो और रागी जैसे मिलेट्स की खेती में बड़ी संभावना है और इसके बीजों के आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मेरी सरकार प्रयासरत है।
20. हमारे वनांचल जैविक खेती के लिए सबसे अनुकूल हैं और इससे स्थानीय किसानों के लिए बड़े लाभ की संभावनाएं खुलेंगी। प्रदेश में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है।
21. हमारा छुईखदान पान की बेलों के लिए प्रसिद्ध रहा है। मेरी सरकार ने यहां पान अनुसंधान केंद्र आरंभ किया है।
माननीय सदस्यगण,
22. खेती-किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था का विस्तार पशुपालन को बढ़ावा दिए बिना संभव नहीं है। मेरी सरकार ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू किया है।
23. सहकारिता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत से लोगों को जोड़ते हुए ‘सहकार से समृद्धि योजना‘ के तहत 488 नवीन डेयरी समितियों का गठन किया गया है। दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा दूध का क्रय मूल्य 35 रुपए से बढ़ाकर 36 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है।
24. वर्ष 2022-23 में जहां दूध उत्पादन 1955 हजार टन था वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 2162 हजार टन हो गया। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी वर्ष 2022-23 के 180 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 194 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। दूध उत्पादन बढ़ने का लाभ किसानों को तो हो ही रहा है, हमारे नौनिहालों को भी इसके माध्यम से बेहतर पोषण मिल रहा है।
25. मत्स्यपालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। कांकेर जिला देश भर में इस क्षेत्र में मॉडल जिला बना है। यह केंद्र सरकार द्वारा बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट के रूप में चुना भी गया है। अभी हमारा प्रदेश मत्स्य उत्पादन के मामले में देश में छठवें स्थान पर है। मेरी सरकार ने वर्ष 2047 तक इसे देश में तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा है। गांव में खेत, घर में पशुपालन और खेत से लगी डबरी में मछली पालन, इस तरह के एप्रोच से काम करने से किसान भाइयों की आय में और भी वृद्धि होगी। मेरी सरकार इस दिशा में किसान भाइयों को प्रेरित करने का काम कर रही है। इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आये हैं। निजी क्षेत्र में 7580 हेक्टेयर में मत्स्यपालन का काम हो रहा है।
माननीय सदस्यगण,
26. विकसित छत्तीसगढ़ का आधार सिंचाई परियोजनाएं हैं। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने प्रदेश में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि की है, जिससे राज्य में कुल विकसित सिंचाई क्षमता 21 लाख 76 हजार हेक्टेयर हो गई है।
27. 73 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचाई सुविधा में विस्तार एवं पुनर्स्थापन के लिए 477 सिंचाई योजनाओं के लिए 1874 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई है।
28. सिंचाई योजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजों के प्रकरण को निपटाने में मेरी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। किसान भाइयों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 400 करोड़ रुपए मुआवजा का भुगतान किया गया, वहीं वन भूमि से संबंधित 100 करोड़ रुपए की लंबित मुआवजे राशि का भुगतान किया गया। इससे वन प्रभावित सिंचाई योजनाओं के निर्माण में गति आई है।
29. मातृशक्ति का सम्मान, उनकी गरिमा की रक्षा और उनका आर्थिक सशक्तीकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
30. माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। मेरी सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं।
31. दो साल पहले मेरी सरकार ने यह योजना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आरंभ की। तीन महीने में ही हितग्राहियों के चिन्हांकन का काम पूरा हो चुका था। माओवादी हिंसा की वजह से बस्तर के कुछ क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका था। उन 7,763 महिलाओं को भी योजना से लाभान्वित करना आरंभ कर दिया गया है।
32. ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘ के अंतर्गत फरवरी 2026 में राज्यभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 1,316 जोड़े रायपुर में विवाह बंधन में बंधे। यह भव्य आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के 6 जोड़ों का विवाह भी इसी योजना के तहत कराया गया, जो विश्वास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त संदेश है।
33. मेरी सरकार ने मातृशक्ति के लिए प्राथमिकता से योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में माताएं-बहनें अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, इसके लिए 137 महतारी सदन पूर्ण करा लिए गए हैं तथा 212 महतारी सदन निर्माणाधीन हैं।
34. हमारे नौनिहाल हमारा भविष्य हैं। पूरे जतन के साथ उनकी परवरिश हो, इसके लिए मेरी सरकार उनके पोषण का खास ध्यान रख रही है। ‘पोषण ट्रैकर एप‘ के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं, इससे हमारे नौनिहालों के कुपोषण के सभी मापदण्डों में कमी आ रही है।
35. पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रति आंगनबाड़ी गतिविधि में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है।
माननीय सदस्यगण,
36. जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है।
37. हमने बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्षाें में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2004 माओवादी गिरफ्तार किये गये। मेरी सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।
38. जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस योजना में 17 विभागों की भागीदारी है और शासन की 25 कल्याणकारी योजनाओं तथा 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है।
39. मेरी सरकार ने बस्तर में विकास के लिए कनेक्टिविटी को विशेष प्राथमिकता दी है। 146 सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं पुलों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं।
40. बीजापुर जिले में बीजापुर-आवापल्ली-जगरगुण्डा तथा बीजापुर-मोदकपाल-तारलागुड़ा, सुकमा जिले में गादीरास से मनकापाल, नारायणपुर जिले में गारपा से कच्चापाल, गारपा से आकाबेड़ा सड़कों के निर्माण के साथ ही बासागुड़ा-धरमावरम्-पामेड़ मार्ग में चिंतावागु नदी में, नेलसनार-गंगालूर मार्ग में मरी नदी, तुमका नदी तथा मिंगाचल नदी में तथा पेदारास से डोलेरास में फूल नदी पर पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
माननीय सदस्यगण,
41. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं। साथ ही 449 मोबाइल टॉवरों को 4जी में अपग्रेड किया गया। गांवों तक डीटीएच कनेक्शन पहुंचा है और रात को हाई मास्ट लैंप से गांव जगमगाने लगे हैं।
42. एक बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी है, जिनमें अब तक ये नक्सल प्रभावित क्षेत्र पीछे रह गये थे। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं।
43. माओवादी आतंक के चलते यहां बच्चों का टीका भी नहीं हो पाता था, नियद नेल्ला नार योजना के आरंभ होने से अब तक 11 हजार से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को टीके लगाये गए हैं। इससे आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है।
माननीय सदस्यगण,
44. राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में मेरी सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 4 लाख 83 हजार 222 व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 48 हजार 251 सामुदायिक वनाधिकार पत्र तथा 4 हजार 396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी किए गए हैं। पिछले दो साल में 4659 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 97 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 89 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र इस प्रकार कुल 4,845 वन अधिकार पत्र वितरित किये गये हैं। मेरी सरकार द्वारा संवेदनशील निर्णय लेते हुए व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र धारकों की मृत्यु होने पर इनके वारिसों के नाम वनाधिकार पत्र का नामांतरण एवं अन्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है।
45. तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया गया है। संग्राहकों को चरण पादुका भी वितरित की जा रही है। वन धन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों को वनोपज का उचित दाम दिया जा रहा है।
46. हमारे प्रदेश की 31 फीसदी आबादी जनजातीय है। मेरी सरकार जनजातीय उत्थान के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है।
47. आदिम जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अब ऑनलाइन पोर्टल से दी जा रही है। वर्ष 2025-26 से नई व्यवस्था लागू कर समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
48. इसी तरह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुडा को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
49. ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुल 162 पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।
50. धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की संकल्पना को पूरा करने जनजातीय विकास की दिशा में मेरी सरकार तत्परता से कार्य कर रही है। ‘पीएम जनमन योजना‘ तथा ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ‘आदि कर्मयोगी अभियान‘ से डेढ़ लाख आदिकर्मयोगी तैयार किये गये हैं। ये ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नेतृत्व करेंगे। ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।
51. शहीद वीरनारायण सिंह और जनजातीय शहीदों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मेरी सरकार ने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय, शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय नवा रायपुर में स्थापित किया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ। मेरी सरकार द्वारा नवा रायपुर में ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से हमारी जनजातीय संस्कृति को सहेजने में विशेष मदद मिलेगी।
माननीय सदस्यगण,
52. प्रदेश की सुंदर जनजातीय संस्कृति को सहेजने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। लगातार दूसरे साल भी बस्तर पंडुम का सफल आयोजन किया गया है। इस साल बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई। पिछले साल बस्तर पंडुम में जहां 47 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 54 हजार 745 हो गई। बस्तर पंडुम के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति महोदया का आगमन हुआ। उन्होंने बस्तर की संस्कृति को सहेजने के लिए की गई इस सुंदर पहल की सराहना की। बस्तर पंडुम के समापन समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
53. हमारे जनजातीय भाइयों के पूजा स्थल अखरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए मेरी सरकार ने योजना बनाई है।
54. यह हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदर जनजातीय संस्कृति की झलक भी देश दुनिया को दिखेगी। इस आयोजन के माध्यम से दुनिया अब बस्तर में बारूद का धुँआ नहीं अपितु चित्रकोट जलप्रपात का भव्य दूधिया नजारा देखेगी। बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के पश्चात मेरी सरकार सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी कर रही है।
माननीय सदस्यगण,
55. सबको आवास दिलाने का मेरी सरकार का निश्चय सरकार गठन के पहले दिन से आप सबको मालूम है। मेरी सरकार ने अपनी पहले ही कैबिनेट की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये और इन पर तेजी से काम चल रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए मेरी सरकार ने 15 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य रखा है। चालू वित्तीय वर्ष में 10 माह की अवधि में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ ने देश में कीर्तिमान स्थापित किया है।
56. मेरी सरकार युवा ऊर्जा को रचनात्मक और सृजनात्मक भूमिका के लिए तैयार कर रही है। उनकी पुख्ता शिक्षा, स्किल अपग्रेडेशन के साथ ही उनमें उद्यम आधारित संभावनाओं को बढ़ाने के लिए भी कार्य कर रही है।
57. हम अपनी युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अवसर मानते हैं। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु मेरी सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देशभर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हो रही हैं, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
58. मेरी सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान की है, साथ ही विभिन्न विभागों में करीब 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है।
59. छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प देश भर में प्रसिद्ध रहा है। चांपा की कोसा की साड़ियों की धूम तो विदेशों में भी है। मेरी सरकार ने नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (छप्थ्ज्) की स्थापना का निर्णय लिया है। यह संस्थान प्रदेश के प्रतिभाशाली डिजाइनरों के सपनों को पंख प्रदान करेगा।
60. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से प्रदेश में स्कूल शिक्षा की नींव मजबूत हुई है। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव कार्य किया जा रहा है।
61. अटल नगर नवा रायपुर में पहले अंतरिक्ष केंद्र की शुरुआत से बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली है और छत्तीसगढ़ अंतरिक्ष विज्ञान में आगे बढ़ रहा है। ‘अंतरिक्ष संगवारी’ पहल से विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं को लाभ होगा, रोजगार बढ़ेंगे और इसे हर जिले तक फैलाया जाएगा।
62. इसी तरह नवा रायपुर में साइंस सिटी स्थापित की जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर और मायापुर में जहां कर्क रेखा गुजरती है, वहां एस्ट्रो पार्क बनाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों की सुविधा देने के लिए बस्तर और सरगुजा में नेशनल काउंसिल ऑफ सांइस म्यूजियम कोलकाता के सहयोग से मोबाइल साइंस लैब की स्थापना की जा रही है।
63.क्लाइमेट चेंज हमारे समय की बड़ी चुनौती है, इसका सामना करने के लिए मेरी सरकार वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने लगातार कार्य कर रही है। इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वन एवं वृक्ष आवरण क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जो देश में सर्वाधिक है।
64. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी मेरी सरकार कार्य कर रही है। पर्यावरण जागरूकता से नई पीढ़ी को भी जोड़ना बेहद आवश्यक है। इसके लिए ईको क्लब के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
65. युवा आबादी के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा हों, इसके लिए मेरी सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की है। इस नीति में प्रदेश में उद्यम स्थापित करने पर आकर्षक सब्सिडी है। मेरी सरकार ने इज आफ डूइंग बिजनेस और इज आफ लिविंग के मुताबिक 400 से अधिक रिफार्म्स किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के चलते एनओसी काफी आसान हो गई है। मेरी सरकार जन विश्वास अधिनियम लाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में है। इसके माध्यम से विभिन्न अधिनियमों के 279 प्रावधानों में बदलाव लाये गये हैं। जीएसटी में अनेक सुधार हुए हैं, जिसका लाभ प्रदेश के कारोबारियों को मिल रहा है। इन सभी रिफार्म्स से प्रदेश में बिजनेस बहुत आसान हो गया है।
66. नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये हैं। खुशी की बात है कि यह निवेश सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा, एआई जैसे क्षेत्रों में भी आ रहे हैं।
67. युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने मेरी सरकार ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 बनायी है। इस नीति से प्रदेश में स्टार्टअप के लिए शानदार इकोसिस्टम तैयार होगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में उभर सकेगा।
68. प्रधानमंत्री जी का फोकस टीयर-2 और टीयर-3 सिटी पर है। मेरी सरकार स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में नवा रायपुर, रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल कर विकास के लिए संकल्पित भाव से काम कर रही है।
69. यहां आईटी हब, एआई हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल पार्क आदि के माध्यम से मेरी सरकार नवा रायपुर में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने पर पुख्ता काम कर रही है।
माननीय सदस्यगण,
70. नवा रायपुर में मेरी सरकार ने बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ एमओयू किया है। 680 करोड़ रुपये की लागत से यहां 300 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यह अस्पताल गरीबों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
71. मेरी सरकार ने ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना‘ के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। इस योजना के माध्यम से पिछले दो वर्ष में 31 लाख 44 हजार से अधिक क्लेम प्रकरणों में 4 हजार 551 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।
72. इसी तरह ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना‘ के तहत पिछले दो वर्ष में 2 हजार 273 मरीजों के उपचार के लिए 62 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है।
73. मेरी सरकार स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रमों पर प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। आंकड़े इन उपलब्धियों का बयान करते हैं। राज्य की 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। उपचार सफलता दर 92 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश को मोतियाबिंद मुक्त करने हेतु अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तथा समाज कल्याण विभाग के मध्य डवन् निष्पादित किया गया है।
74. हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से निपटने के लिए मेरी सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। सिकल सेल के निराकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने में छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है।
75. मेरी सरकार द्वारा मेडिकल शिक्षा को प्रोत्साहित करने गंभीरता से कार्य किया जा रहा है तथा इसके लिए 5 नए मेडिकल कॉलेज जशपुर, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिले में स्थापित किए जा रहे हैं। इससे राज्य में एमबीबीएस की 250 सीटों की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में भी कराई जा रही है। साथ ही 6 नए फिजियोथेरेपी कॉलेज तथा 9 नर्सिंग कॉलेज की स्थापना भी मेरी सरकार द्वारा की जा रही है।
76. स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मेडिकल स्टॉफ होता है। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न कैडरों में 1639 पदों पर नियुक्ति प्रदान की है एवं 2300 पदों पर भर्ती की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
77. स्कूली बच्चों के लिए नेत्र परीक्षण का काम भी मेरी सरकार कर रही है। इसके लिए स्कूलों में नियमित रूप से कैंप लगाये जा रहे हैं। 1 लाख 62 हजार स्कूली बच्चों को चश्मे का वितरण किया गया है।
माननीय सदस्यगण,
78. प्रदेश को मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री का हब बनाने मेरी सरकार संकल्पित है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना विकसित हुई है। 51 हजार करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट प्रदेश में चल रहे हैं। जगदलपुर से रावघाट रेल मार्ग जुड़ जाने से बस्तर के विकास में तेजी आएगी। इसी तरह केके (कोत्तावलसा से किरंदुल) रेल लाइन के दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। बस्तर के विकास के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होगी।
79. डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन की मंजूरी मिल गई है तथा कोरबा-अंबिकापुर रेल लाइन के सर्वेक्षण और डीपीआर का काम चल रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा तथा खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रूट से औद्योगिक केन्द्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे प्रदेश के आर्थिक प्रगति में तेजी आएगी।
80. छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए रायपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-धनबाद दो नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दो वर्षाें में अधोसंरचना विकास के अंतर्गत मेरी सरकार ने 8 हजार 92 करोड़ रूपए की लागत के 4 हजार 878 किलोमीटर लंबाई की 919 सड़कें, 188 पुल और 19 भवन स्वीकृत किए हैं। ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‘ में 2426 किलोमीटर लम्बाई की 774 सड़कों की स्वीकृति मिली है। पिछले दो वर्षों में 1731 करोड़ रूपए की लागत से 9 राष्ट्रीय राजमार्गों में 241 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा किया गया है।
81.मेरी सरकार ने अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना तैयार करने के साथ ही यहां लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना‘ आरंभ की है, इसमें प्रथम चरण में 57 मार्गाें में इतनी ही बसों का संचालन किया जा रहा है और इनसे 330 गांवों को पहली बार यात्री बस सुविधा मिली है।
82.प्रधानमंत्री जी ने अंबिकापुर में मांॅं महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया। मेरी सरकार रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर के एयरपोर्ट के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। मेरी सरकार ने रायपुर एयरपोर्ट में कार्गाे सुविधा भी आरंभ कराई है, जिससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।
83. स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे शहरों की अच्छी रैंक आई है और इज आफ लिविंग के लिए वे उपयुक्त बन रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना‘ के तहत सवा पांच सौ करोड़ रुपए की राशि से तेजी से नगरीय निकायों का ढांचा उन्नत किया जा रहा है।
84. मेरी सरकार विकसित भारत के लिए प्रदेश को पॉवर हाउस के रूप में तैयार कर रही है। मेरी सरकार ने इसके लिए एनर्जी समिट का आयोजन भी किया, जिसमें साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
85. ऊर्जा संपन्न प्रदेश होने का प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों को मिल रहा है। वर्ष 2025-26 में 15 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों के लिए 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली देने के लिए लगभग 5 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान है।
86. ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना‘ का लाभ प्रदेश के नागरिकों को देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। केंद्र सरकार द्वारा दिये गये अनुदान के अतिरिक्त मेरी सरकार भी इस योजना के तहत 30 हजार रूपए तक का अनुदान दे रही है, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना का लाभ उठाने आगे आ रहे हैं।
87. इस योजना में 01 लाख 32 हजार उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट लगाने के लिए पंजीयन कराया है, जिनके घरों में 880 वेंडर्स के माध्यम से 27 हजार 400 घरों में सोलर प्लांट इंस्टाल किए जा चुके हैं साथ ही 48 हजार सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
माननीय सदस्यगण,
88. विकसित छत्तीसगढ़ तैयार करने हम पूरी तरह से जुटे हैं और इसमें महत्वपूर्ण भागीदारी हमारे श्रमिक भाइयों की है। श्रमिक भाइयों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुराने 29 श्रम कानूनों की जगह 4 श्रम संहिताएं लायी गयी हैं। मेरी सरकार इनके क्रियान्वयन पर तेजी से काम कर रही है। दो सालों में 8 सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिक कल्याण की योजनाओं के लिए दी जा चुकी है।
89. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मनरेगा की खामियों को दूर कर ग्रामीण विकास को सशक्त करने तथा रोजगार के अधिकार को मजबूती देने के लिए विकसित भारत जी-राम-जी कानून लाया गया।
90. हमारा प्रदेश खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यह हमारे विकास की आधारशिला है। मेरी सरकार इनके अन्वेषण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। लीथियम ब्लाक आवंटित करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। रेत खदानों की नीलामी में पारदर्शिता बरतने ई-नीलामी प्रक्रिया को अपनाया गया है।
91. प्रशासनिक कार्यप्रणाली को दुरूस्त करने बड़े निर्णय लिये गये हैं। मेरी सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता को अपनाया है। लालफीताशाही को रोकने ई-फाइल की व्यवस्था लागू की है। बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शुरू हुआ है।
92. जिस प्रकार सतत अध्ययन से व्यक्ति की सोच और क्षमता परिष्कृत होती है। उसी प्रकार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण से प्रशासनिक दक्षता और निर्णय क्षमता सुदृढ़ होती है। इसी उद्देश्य से राज्य में ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों का क्षमता निर्माण और कौशल संवर्धन का कार्य किया जा रहा है।
93. गोपनीय चरित्रावली के मूल्यांकन के तरीकों में भी बदलाव किये गये हैं। इससे अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यदक्षता का बेहतर आकलन संभव हो रहा है।
94. राजस्व विभाग सीधे आम जनता के सरोकारों से जुड़ा है। मेरी सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए तकनीक को अपनाते हुए बड़े सुधार किये हैं।
95. ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक डीजीपीएस और रोवर्स की मदद से सर्वे आरंभ किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में 1500 के स्केल पर भूमि का नवीन सर्वेक्षण आरंभ करने का निर्णय मेरी सरकार ने लिया है इससे शहरी क्षेत्रों में छोटे भूखंडों को भू-नक्शे पर दर्ज किया जाना संभव हो सकेगा। पटवारी नक्शों के जिओ-रिफ्रेंसिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
96. डायवर्सन की प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन करते हुए आटो डायवर्सन की प्रक्रिया की जा रही है। स्व-नामांतरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। प्रदेश के 970 गैर सर्वेक्षित ग्रामों में भी सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।
97. राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार का अधिकार पहले केवल एसडीओ (रा.) के पास था जिसे तहसीलदारों को प्रत्यायोजित किया गया है ताकि आम जनता को सुविधा हो सके।
98.मेरी सरकार ने रजिस्ट्री को सरल और सुगम बनाने सुधार किये हैं। इस दिशा में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से रजिस्ट्री अब सरल, सहज और पारदर्शी हो गई है।
माननीय सदस्यगण,
99. मेरी सरकार छत्तीसगढ़ की सुंदर संस्कृति को सहेजने और संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी राजिम कुंभ कल्प का सुंदर आयोजन किया गया। इसमें देश भर से संत-समागम हुआ और लोगों ने इसका पुण्य लाभ लिया।
100. बाबा गुरु घासीदास जी ने हमें मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया। उनसे जुड़ी पुण्यभूमि को सहेजने के लिए मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। बाबा गुरु घासीदास जी की पवित्र स्थली गिरौदपुरी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है। गिरौदपुरी धाम मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन और चिकित्सा सुविधा, पेयजल, विद्युत, आपातकालीन, सुविधा में वृद्धि के साथ-साथ सुरक्षा और स्वच्छता सुविधा को सुदृढ़ किया गया है। मेरी सरकार भंडारपुरी में 162 करोड़ रुपए के विकास कार्य करा रही है।
101. साहित्य हमारी संवेदनाओं को निखारता है और लोकजीवन को संस्कारित करता है। छत्तीसगढ़ में साहित्य की समृद्ध परंपरा हमेशा से रही है। हिंदी की पहली कहानी भी इसी पावन धरती पर लिखी गई थी। साहित्य की इस उर्वर भूमि में साहित्यिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मेरी सरकार ने ‘रायपुर साहित्य उत्सव‘ का आयोजन किया। तीन दिनों तक चले इस उत्सव में देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी इस सुंदर आयोजन में शामिल हुए।
102. मेरी सरकार चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण भी कर रही है। हमारी समृद्ध छालीवुड इंडस्ट्री को अब शूटिंग की बेहतरीन लोकेशन मिल सकेगी और इससे छत्तीसगढ़ी सिनेमा समृद्ध होगा।
माननीय सदस्यगण,
103. पर्यावरण को सहेजना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाये गये हैं।
104. छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक टूरिज्म के नक्शे में अपनी जगह बना रहा है। हमारे बस्तर के धुड़मारास को यूएन टूरिज्म संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। हमारी जैव विविधता की ओर दुनिया का ध्यान जा रहा है। शक्तिपीठ कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए शक्ति स्थलों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट के रूप में चुना गया है। ‘स्वदेश दर्शन योजना‘ के माध्यम से कवर्धा जिले के भोरमदेव तथा जशपुर जिले के मयाली को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
माननीय सदस्यगण,
105. वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट बनाया गया है। यह मेरी सरकार की सोच का ब्लू प्रिंट है। इस पर आगे बढ़ते हुए तेजी से विजन डाक्यूमेंट के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक काम हो रहा है।
106. मेरी सरकार लगातार आम जनता से फीडबैक लेती है और उनकी अपेक्षाओं और सोच के अनुरूप नीतियां तैयार करती है, ताकि सामूहिक भागीदारी से छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
आप सभी इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
आप सभी को सत्र की बहुत बहुत शुभकामनाएं
जय हिन्द,
जय छत्तीसगढ़
सालभर जेल में बिताने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
रायपुर। शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा सालभर जेल में बिताने के बाद पहली बार सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुए. विधानसभा में पहुंचने के बाद लखमा ने कांग्रेस-भाजपा विधायकों से मुलाकात की, भाजपा विधायकों ने गले लगाकर उनका स्वागत किया.
बता दें कि शराब घोटाला मामले में जमानत पर जेल से बाहर हुए कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कुछ शर्तों के साथ सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है.
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें अंतरिम जमानत और विधानसभा की प्रक्रियात्मक शर्तों पालन करने का निर्देश देते हुए अनुमति दी गई है. क्योंकि, अभी जिस मामले में उन्हें जमानत मिली है, उसकी जांच अभी जारी है. ऐसे में फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय के सभी आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन करना होगा.
स्पीच नहीं दे सकेंगे कवासी लखमा
विधानसभा सत्र के दौरान कवासी लखमा किसी भी तरह की स्पीच नहीं दे सकेंगे. वहीं सार्वजनिक बयानबाजी या अपने केस से जुड़े मामलों पर भी टिप्पणी नहीं कर सकेंगे. कवासी उपस्थिति केवल बजट सत्र तक ही सीमित रखी गई है, वह किसी और कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकेंगे. यही नहीं कवासी लखमा बजट सत्र के दौरान वह अपने निवास क्षेत्र का दौरा भी नहीं कर सकेंगे.
विधानसभा सत्र के दौरान कवासी लखमा को अपने आने और जाने की पूरी जानकारी विधानसभा सचिव के देनी होगी. नियमों का उल्लंघन करने पर कवासी लखमा को दी गई अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएगी. हालांकि, कवासी लखमा बजट सत्र के दौरान अपने हिस्से की चर्चा में भाग लें सकेंगे.
1 साल बाद सत्र में हो रहे शामिल
कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को शराब घोटाले में 25 जनवरी 2025 को ईडी ने गिरफ्तार किया था. करीब सालभर जेल में रहे हैं. इस दौरान आयोजित हुए विधानसभा के सत्रों में वह भाग नहीं ले सके थे. सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से उन्हें 3 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत दी थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आए थे.
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: आज बारिश के आसार, दो दिन बाद बढ़ेगी ठंड
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज बादल बरसने के आसार हैं. लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्क्युलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है. इन मौसम तंत्र के प्रभाव से दो दिन के बाद रात में फिर ठंड बढ़ सकती है. लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर सकता है. सोमवार को प्रदेश के बस्तर संभाग में बारिश हो सकती है. साथ ही बादल गरजने के साथ बिजली गिर सकती है. वहीं राजधानी में बादल छाए रहने की उम्मीद जताई गई है.
प्रदेश में रविवार को मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इस दौरान कहीं बारिश की गतिविधि दर्ज नहीं हुई.
मौसम का लेटेस्ट अपडेट
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उसके बाद यह मुड़कर उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तरफ अगले 48 घंटे में जाने की संभावना है. एक द्रोणिका, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थत चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक, 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 23 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग के जिले संभावित है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.
अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं होने के आसार हैं. 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक गिरावट होने का दौर शुरू हो सकता है. न्यूनतम तापमान में गिरावट 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा LIVE: राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ बजट सत्र शुरू…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है. सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी. इसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत करेंगे.
बजट सत्र के औपचारिक तौर पर शुरुआत होने से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक अजय चंद्राकर सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे.
बता दें कि 20 मार्च तक चलने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं. इस दौरान विधायकों ने कुल 2813 प्रश्न लगाए हैं. इनमें ध्यानाकर्षण की 61 सूचनाएं, नियम 139 के तहत 1 की सूचना लगी है. 13 अशासकीय संकल्प के अलावा शून्यकाल की 9 और 112 याचिकाएं लगी हैं.
25 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी. 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी. 17 मार्च को विनियोग विधेयक पर चर्चा होगी.
BBM डिवीजन के 15 नक्सली 3 मार्च तक करेंगे आत्मसमर्पण, पश्चिम सब ब्यूरो सचिव ने लिखा पत्र, गृहमंत्री शर्मा ने कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार जारी नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के दौरे के बीच, अब नक्सल संगठन के बीबीएम डिवीजन की ओर से गृहमंत्री विजय शर्मा को एक पत्र लिखा गया है. इसमें 3 मार्च तक 15 नक्सली हथियार के साथ सरेंडर करने की बात कही गई है. सभी को बलांगिर, बरगढ़ और महासमुंद इलाकों में सक्रीय बताया जाता है. यह पत्र पश्चिम सब ब्यूरो सचिव विकास ने जारी किया गया है.
पत्र में क्या-क्या लिखा ?
बीबीएम डिवीजन के नक्सलियों के पत्र में कहा गया है कि वह हथियार सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं. गृहमंत्री से रेडियो के माध्यम से सुरक्षा की गारंटी देने की अपील की है. आश्वासन मिलने के बाद 2 से 3 मार्च तक बाहर आने की बात कही है. नक्सलियों ने बताया कि वह ओडिशा में है, लेकिन अधिकांश सदस्य बस्तर क्षेत्र के होने के कारण छत्तीसगढ़ में ही सरेंडर करने पर सहमत हुए हैं. एक टीम आगे बढ़कर संपर्क स्थापित कर रही है, जबकि बाकी सदस्य धीरे-धीरे पहुंच रहे हैं. 1 मार्च तक समय देने का आग्रह किया गया है.

आत्मसमर्पण में देरी पर दी सफाई ?
केंद्रीय कमेटी (CC) के निर्णय का इंतजार, आत्मसमर्पण करने वालों को बैरकों में रखने और बाद में केस में फंसाने की आशंका और कॉम्बिंग के दौरान मुठभेड़ का डर. इन कारणों से नक्सलियों कहना है कि कैडर में संशय है, इसलिए कुछ दिन इंतजार किया गया.
15 नक्सली करेंगे सरेंडर
पत्र के अंत में लिखा गया है कि कुल 15 सदस्य – DVC-3, AC-5, PM-7, आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं और महासमुंद जिले में सरेंडर करने की योजना है. साथ ही मार्च 31 के लक्ष्य से 28 दिन पहले ही आत्मसमर्पण करने की बात कही गई है.
सुरक्षा देने की अपील
पत्र में विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि आत्मसमर्पण के लिए नक्सलियों के लिए पुलिस कॉम्बिंग और दबाव की कार्रवाई रोकी जाए, ताकि आने वाले नक्सली सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंच सकें. साथ ही ओडिशा पुलिस को भी सूचना देकर बलांगिर और बरगढ़ जिलों में सर्च ऑपरेशन रोकने का अनुरोध किया गया है. नक्सलियों का कहना है कि रास्ते में सुरक्षा बलों की मूवमेंट दिखने पर समूह के बिखरने का खतरा है.
गृहमंत्री शर्मा करेंगे वीडियो जारी
गृहमंत्री विजय शर्मा का नक्सलियों के पत्र को लेकर बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि पत्र जारी कर बलांगिर, बरगढ़ और महासमुंद डिवीजन के नक्सलियों ने पुनर्वास की इच्छा जताई है. उनकी संख्या 15 से अधिक है. नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेडियो से संदेश देने अपील की है. नक्सलियों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रशस्त करने को लेकर सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है. गृहमंत्री ने बताया कि वह नक्सलियों से वापस लौटने की अपील, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और उन्नति का पूरा ध्यान रखने के संदेश के साथ एक वीडियो जारी करेंगे.
छत्तीसगढ़ में होगा अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता, देशभर से 29 टीमें लेंगी हिस्सा, समापन में CM साय होंगे शामिल
दुर्ग। अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है. अखिल भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ पुलिस के तत्वावधान में अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता पुरुष-महिला का आयोजन छत्तीसगढ़ के भिलाई में होने जा रहा है.
23 फरवरी से शुरू होगी प्रतियोगिता

14 वीं अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 23 फरवरी से 27 फरवरी तक छत्तीसगढ़ के भिलाई में होने जा रहा है. छत्तीसगढ़ पुलिस को इसकी मेजबानी मिली है. इस खेलकूद प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्रीय शासित प्रदेश और केंद्रीय सुरक्षा बलों समेत आईबी, रॉ, सीबीआई जैसे पुलिस ऑर्गेनाइजशन की 29 टीमें शामिल हो रही हैं. जिसमें लगभग 450 टीम मैनेजर, कोच और खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं.
प्रतियोगिता में तीरंदाजी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं. आर्चरी (तीरंदाजी) के तीनो इवेंटों का आयोजन खेल परिसर प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई में होना है. इन्वेंट के सफलतापूर्वक आयोजन और सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी सदानंद कुमार को जवाबदेही दी गई है.
छत्तीसगढ़ पुलिस के भी दर्जन भर अभ्यर्थी लेंगे भाग

14 वीं अखिल भारतीय प्रतियोगिता में इंडियन राउंड,रिकर्व और कंपाउंड के विभिन्न तीन इवेंटों के अलग– अलग भाग लेकर कुल 180 मेडलों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे. जिसमें पुलिस के 12 खिलाड़ियों के द्वारा भाग लिया जाएगा. छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा गमछा गुलदस्ता देकर प्रतियोगिता में आ रहा है मैनेजर कोच एवं प्रतिभागियों को भविष्य स्वागत किया जा रहा है तथा इसकी विभिन्न स्थानों में आवास व्यवस्था तथा भोजन के लिए प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र सवाल भिलाई के परिसर ग्राउंड में किया गया है.
राजस्थान के 22,उत्तर प्रदेश के 31,जम्मू एंड कश्मीर के 13,पंजाब के 08, आईटीबीपी के 25, एसएसबी के 17 खिलाड़ियों के आगमन पर छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा गमछा और गुलदस्ता देकर भव्य स्वागत किया गया.
गृहमंत्री शर्मा करेंगे उद्घाटन, समापन में सीएम साय होंगे शामिल
कल 23 फरवरी को गृह मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. 27 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन करेंगे. प्रतियोगिता के भव्य आयोजन के लिए पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया है. जिसकी समीक्षा पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी लगातार कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नवा रायपुर में बने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय का किया अवलोकन
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए।

चीफ जस्टिस ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।
आदिमजाति विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने जनजातीय संग्रहालय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत, जस्टिस पी.एस.नरसिम्हा, जस्टिस प्रशांत कुमार और हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, राजस्थान के चीफ जस्टिस कल्पथी राजेंद्रन श्रीराम सहित अन्य न्यायाधीश गण का बीरनमाला से आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें स्मृति स्वरूप जनजातीय जीवन पर आधारित भित्ती चित्र भेंट किया।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत सहित अन्य न्यायधीश गणों को जनजातीय विद्रोहों की पृष्ठिभूमि और जनजातीय नायकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री बोरा ने संग्रहालय के अलग-अलग गैलरियों में प्रदर्शित विद्रोहों को साल, साजा और महुआ के प्रतिकात्मक वृक्ष के पत्तों के जरिये समझाने का प्रयास किया गया है। संग्रहालय में बने यह वृक्ष उसी तरह से है जिस तरह से मोशन फिल्मों में एक वृद्ध व्यक्ति फिल्म की कहानी बताते है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने जनजातीय संग्रहालय में प्रदर्शित भूमकाल विद्रोह के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए। यह विद्रोह बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट के आस-पास वर्ष 1910 में हुआ था। यह विद्रोह 20 वर्षीय जननायक गुंडाधुर के नेतृत्व में, औपनिवेशिक वन नीतियों, जमींदारों के शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरूद्ध था, जिसमें आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों के खिलाफ किया था। चीफ जस्टिस ने संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की तलवार सहित अन्य जनजातीय नायकों द्वारा विद्रोह के दौरान उपयोग में लाए गए अस्त्र-शस्त्र का भी अवलोकन किया।
चीफ जस्टिस ने गैलरी में स्थापित मां दंतेश्वरी का प्रतिकात्मक डिजिटल मंदिर से काफी प्रभावित हुए उन्होंने दो बार घंटी बजाकर मां दंतेश्वरी के दर्शन किया। उन्होंने आगामी समय बस्तर (दंतेवाड़ा) जाकर मां दंतेश्वरी की साक्षात दर्शन करने की इच्छा जाहिर की।
उल्लेखीनय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 01 नवबंर 2025 को इस भव्य डिजिटल संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया था। तब से आगुन्तकों के लिए यह संग्रहालय आर्कषण एवं उत्साह का केंद्र बना हुआ है। जनसमुदाय में इस संग्रहालय के प्रति आकर्षण और लोकप्रियता को देखते हुए इसके द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा सहित वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। मुख्य मंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर निर्माण से उद्घाटन तक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी श्री बोरा के नेतृत्व में बारीकी से एक-एक पहलुओं को परखा तब जाकर संग्रहालय का बुनियाद बनकर तैयार हुआ है। संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस का याद दिलाता रहेगा। यह न केवल जनजातीय वर्गो के बल्कि सभी लोगों के प्रेरणापद है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की गौरवशाली विरासत को चिह्नित करते हुए ई-स्मारिका का डिजिटल विमोचन किया
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा रविवार, 22 फरवरी 2026 को रायपुर स्थित होटल बेबीलॉन कैपिटल में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के सम्मान में एक गरिमामय अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पमिदिघनतम नरसिम्हा एवं न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा विशेष अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की ई-स्मारिका “नर्चरिंग द फ्यूचर ऑफ द ज्यूडिशियरी” का डिजिटल विमोचन किया। यह ई-स्मारिका वर्ष 2003 में स्थापना के बाद से अकादमी की यात्रा, उपलब्धियों और न्यायिक प्रशिक्षण में उसके योगदान को रेखांकित करती है।
अपने स्वागत भाषण में मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का अभिनंदन करते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों और न्यायिक निष्पक्षता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता संपूर्ण न्यायिक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यह ई-स्मारिका केवल एक डिजिटल दस्तावेज नहीं, बल्कि न्यायिक शिक्षा, आधारभूत संरचना के विकास और आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल का जीवंत उदाहरण है। न्यायमूर्ति सिन्हा ने न्यायमूर्ति नरसिम्हा और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा का भी स्वागत करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह आत्मचिंतन और संस्थागत संवाद के महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्यायाधीश को अपने दायित्व का निर्वहन संरक्षक के रूप में करना चाहिए तथा सिद्धांतों में अडिग रहते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि न्यायालयों को समाज से जुड़ा रहना चाहिए और राज्य के सुदूर अंचलों—दंतेवाड़ा, बस्तर, सरगुजा सहित प्रत्येक जिले तक न्याय की संवेदनशीलता पहुंचनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ के इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह राज्य भारत की विविधता का प्रतीक है। उन्होंने संवैधानिक न्यायालयों को लोकतंत्र के आधुनिक किले बताते हुए कहा कि वे अधिकारों और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के प्रहरी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सराहना करते हुए कहा कि यद्यपि यह आयु में युवा है, लेकिन उसने उच्च मानदंड और सुदृढ़ परंपराएं स्थापित की हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक अकादमी केवल प्रशिक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि न्यायपालिका की भावी शक्ति का निर्माण करने वाली संस्था है। उन्होंने राज्य की भौगोलिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दूरी या दुर्गमता न्याय प्राप्ति में बाधा नहीं बननी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि न्याय राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के स्वागत भाषण से हुआ और समापन न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तिगण, तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी, विधि विभाग के प्रमुख सचिव, रजिस्ट्रार जनरल, न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्ता एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदा बाजार जिले के ग्राम चांपा में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय 80वें महाअधिवेशन में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्य तिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा समाज की विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मनवा कुर्मी समाज को परिश्रमी, संगठित और उन्नत कृषक परंपरा वाला समाज बताते हुए कहा कि समाज का योगदान राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने 80वें महाअधिवेशन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मेल-मिलाप, समन्वय और सकारात्मक निर्णयों को बढ़ावा देते हैं, जिसका लाभ पूरे प्रदेश और देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के गृह ग्राम चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा सशक्त समाज निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज द्वारा बेटा-बेटी दोनों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही आत्मनिर्भर और प्रगतिशील समाज बनता है। उन्होंने महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता और सामाजिक सुधार के प्रयासों को भी सराहनीय बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए हैं। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है तथा होली से पूर्व किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की अंतर राशि प्रदान की जाएगी। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में सरकार दृढ़ता से काम कर रही है। नियद नेल्लार योजना के माध्यम से लगभग 400 गांवों में विकास कार्यों को गति दी गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम नरदहा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा बलौदा बाजार में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं।
अधिवेशन में समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़स राम वर्मा ने समाज द्वारा लिए गए सामाजिक सुधार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और स्वजातीय बंधु उपस्थित थे।
गरियाबंद में धान घोटाले की बू: 600 ट्रक धान की पावती पेंडिंग, जांच के घेरे में संग्रहण केंद्र
गरियाबंद। धान खरीदी बंद होने के बाद अब संग्रहण केंद्रों में दूसरा खेल शुरू हो गया है. देवभोग, गोहरापदर ब्रांच के 22 खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र भेजे गए 600 ट्रक धान से ज्यादा मात्रा का अब तक खरीदी केंद्रों को पावती नहीं दी गई, जबकि 24 घंटे के भीतर पावती दी जाती है. 4 दिन पहले हटाए गए डीएमओ के हटाने की वजह भी पहेली बनी हुई है. चर्चा है कि कहीं गरियाबंद में भी तो मुसवा कांड नहीं हो गया?
जिले के एक मात्र धान संग्रहण केंद्र कुंडेल में गंभीर लापरवाही सामने आया है. देवभोग और गोहरापदर खरीदी केंद्र से धान भर कर भेजे गए ट्रकों की 15 दिनों से लंबित पड़ा हुआ है. देवभोग ब्रांच मैनेजर अमर सिंग ध्रुव ने अपने उच्च अधिकारियों को इसकी लिखित जानकारी दी है. ध्रुव ने बताया कि देवभोग ब्रांच के अधीन आने वाले 10 खरीदी केंद्रों से परिवहन कर ट्रकों में भेजे गए 362 ट्रक धान की पावती केंद्रों को नहीं मिला है. इससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है. इतना ही मात्रा गोहरापदर केंद्र से भेजे गए ट्रकों का बताया जा रहा है.
वाई-फाई लग गया है, काम में आएगी तेजी
संग्रहण केंद्र प्रभारी जगमोहन साहू ने भी माना कि एंट्री कार्य काफी विलंब से चल रहा है, पर परिवहन कर लाए गए प्रत्येक ट्रक की रिसिविंग की जानकारी ऑन लाइन मॉनिटरिंग ऐप में चढ़ाई जा रही है. अपनी मजबूरी बताते हुए प्रभारी ने कहा कि माह भर पहले तक 1300 ट्रकों की एंट्री पीछे चल रही थी, अब वह संख्या आधी हो गई है. उन्होंने इसके पीछे कारण बताते हुए कहा कि यहां ऑनलाइन कार्य ऑपरेटरों के मोबाइल से हो रहा था, बिजली सेवा बाधित होने से सिस्टम भी काम करना बंद कर रहा था. लेकिन वाई-फाई लगाया गया है, इनवर्टर भई लगाया गया, जिससे बिजली की आपूर्ति में बाधा न हो. प्रभारी ने दावा किया है कि जल्द ही सभी प्राप्त ट्रकों की प्रविष्टियां संधारित कर दिया जाएगा.
सूखत बताकर समिति से होती है वसूली
ट्रकों का रिसीव विलंब से मिलना पिछले कई सालों से सिलसिला जारी है. उठाव और रखरखाव के बीच फंसे खरीदी प्रभारी हिसाब मिलान में गड़बड़ी की चूक कर जाते हैं. बताया जा रहा है कि पिछले साल देवभोग के 10 खरीदी केंद्र में 6753 क्विंटल धान की सूखत बताया गया. तय मानक से अत्याधिक मात्रा के लिए खरीदी केंद्रों ने 2 करोड़ 22 लाख की भरपाई की थी. यह भरपाई धान खरीदी कर अथवा मिलर्स से तालमेल कर उनके कोटे में उठाव दर्शा कर भरपाई किया था. ट्रकों की रिसीव मिलान नहीं होने के कारण झखरपारा में 60 लाख रुपए के धान की हेराफेरी में खरीदी प्रभारी को जेल भेज दिया गया था. आर्थिक और मानसिक दबाव झेल रहे खरीदी प्रभारियों की डर है कि इस बार उनके साथ घटना की पुनरावृत्ति न हो जाए.
वजन में हेर-फेर का बड़ा खेल भी एक वजह
पावती को पेंडिंग रखने के पीछे वजन में खेल को भी एक वजह बताया जाता है. जीपीएस ट्रैकिंग के कारण धान से भरे ट्रक को खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र तत्काल दिखाया जाता है, पर पहुंचे ट्रक में धान की निर्धारित मात्रा की जानकारी पावती में दी जाती है. देवभोग गौहरापदर ब्रांच के खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र की दूरी 100 किमी से ज्यादा है. इस क्षेत्र के धर्मकांटा को भी मान्य नहीं दिया गया है. संग्रहण केंद्र में होने वाले वजन को ही मान्यता देकर रखने की परंपरा है. ऐसे में शॉर्टेज बता कर खरीदी प्रभारियों को संग्रहण केंद्र तलब किया जाता है, फिर भरपाई के नाम पर सेटिंग की परिपाटी चली आ रही है. दरअसल, ओडिशा सीमा से लगे धान खरीदी केंद्रों में ओडिशा से धान आवक किसी से छुपी नहीं है. ऐसे में संग्रहण केंद्र में पावती के पेंडिंग में कमाई का रास्ता यहां से जुड़े लोग निकालते हैं.
संग्रहण केंद्र की खामियां छिपाने की आशंका
कवर्धा में संग्रहण केंद्र में बड़ी मात्रा में शॉर्टेज को छिपाने जिस तरह चूहे का आड़ लिया गया, आशंका है कि गरियाबंद के कुंडेल में किसी गड़बड़ी को छुपाने नियमित पावती नहीं दी जा रही है. पावती देने का मतलब है प्राप्त मात्रा का ऑन लाइन एंट्री. ऐसे में कहा जा रहा है सटीक आंकड़ा अगर अपलोड हुआ और कुंडेल केंद्र की भौतिक सत्यापन हुआ तो कही कुंडली न खुल जाए. कवर्धा में हुए कांड से गरियाबंद डीएमओ रहे किशोर चंद्रा की भूमिका थी. 4 दिन पहले ही चंद्रा को हटाया गया है. आरोप था कि उठाव नियमित नहीं हो रहा था. पर हटाने की ये वजह गले नहीं उतर रही है. जांच हुआ तो हो सकता है कोई बड़ा मसला मामला सामने आ जाए.
गुरु घासीदास की जन्मस्थली से मुख्यमंत्री साय का ऐलान, ‘होली में निरस्त नहीं होगा ड्राई डे, निर्धारित नियमों के साथ रहेगा लागू’
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के पवित्र धार्मिक स्थल गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा.
गिरौदपुरी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुगद्दी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया, और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की. इस दौरान उन्होंने गिरौदपुरी मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उन्हें अपने हाथों से प्रसाद भी खिलाया. मुख्यमंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में होली पर्व को लेकर ड्राई डे के सवाल पर स्पष्ट कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी मेले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है, वहीं मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अहम नियुक्तियां, लखेश्वर बघेल बनाए गए उप नेता प्रतिपक्ष, चीफ व्हिप और डिप्टी व्हिप की भी हुई नियुक्ति…
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अहम नियुक्तियां की है. बस्तर से कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल को विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष नियुक्ति किया है. वहीं दलेश्वर साहू को चीफ व्हिप और दिलीप लहरिया डिप्टी व्हिप नियुक्त किया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सहमति के बाद ये नियुक्तियां की गई है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का किया आत्मीय स्वागत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के छत्तीसगढ़ आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य न्यायाधीश को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक स्वरूप राजकीय गमछा, विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित भगवान श्रीराम एवं माता शबरी की आकर्षक प्रतिकृति भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. नरसिम्हा एवं न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
उल्लेखनीय है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (Hidayatullah National Law University) के दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए हैं।
कांकेर-नारायणपुर सीमा पर सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबो पर फेरा पानी, प्रेशर IED बरामद कर किया नष्ट
कांकेर। छत्तीसगढ़ में कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती के जंगल-पहाड़ी इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया. डीआरजी और बीएसएफ टीम ने ग्राम कुरकुंज इलाके में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान एक प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया. बीएसएफ की बम निरोधक दस्ता (BDS) टीम ने सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर आईईडी को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम क्षेत्र में सर्चिंग पर निकली थी. इसी दौरान जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में करीब 5 से 7 किलो वजनी एक प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया गया, जिसे बीडीएस टीम ने सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया.
सुरक्षाबलों की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई. मामले में थाना कोयलीबेड़ा में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी अभियान जारी है.
