प्रदेश
AI इम्पैक्ट समिट में कांग्रेसियों ने टी-शर्ट उतारकर की नारेबाजी, विरोध में कांग्रेस के खिलाफ भाजयुमो ने किया प्रदर्शन, राहुल गांधी का फूंका पुतला
रायपुर। दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी T-शर्ट उतार दी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शन अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के विरोध में था, जिसके चलते भारत मंडपम स्थित समिट हॉल में व्यवधान उत्पन्न हुआ। युवा कांग्रेस के इस प्रदर्शन के विरोध में अब भारतीय जनता युवा मोर्चा देशभर में प्रदर्शन कर रही है। आज भाजयुमो ने रायपुर में कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन के पास टर्निंग पॉइंट चौक पर नारेबाजी की और कांग्रेस व राहुल गांधी का पुतला दहन किया।
भाजयुमो के प्रदर्शन में भाजपाइयों की नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली। यह विरोध खत्म नहीं हुआ है। शनिवार को दोपहर 3 बजे कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन का घेराव भी किया जाएगा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया ने बताया कि आज कांग्रेस ने पूरे देश को नीचा दिखाने का प्रयास किया है। इसका पूरजोर विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस ने मां भारती का किया अपमान : राहुल टिकरिया
राहुल टिकरिया ने कहा, दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया है। कांग्रेस हर जगह पर यही प्रयास किया है कि भारत की जब-जब शक्ति बढ़ेगी, भारत का मान सम्मान बढ़ेगा, तब ऐसी कायर करतूत की जाएगी। आज की ऐसी हरकत से मां भारती का अपमान हुआ है। युवा शक्ति का अपमान किया गया है। एआई समिट को पूरा विश्व देख रहा था और ऐसी हरकतों से युवा कांग्रेस भारत का अपमान करने का प्रयास किया गया है। भाजयुमो पूरे देशभर में आज पुतला दहन का कार्यक्रम कर विरोध जताया है। कल रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय का घेराव कर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने का कोई आदेश नहीं, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण
रायपुर। राज्य सरकार ने रमजान के दौरान शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने संबंधी खबरों को निराधार बताया है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कोई आदेश या निर्देश जारी नहीं किया गया है।
संयुक्त सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मीडिया एवं सोशल मीडिया में इस प्रकार की खबरें प्रसारित हो रही है, जबकि विभाग की ओर से ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अतः प्रसारित समाचार आधारहीन एवं भ्रामक है। उल्लेखनीय है कि राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने बयान जारी कर रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को समय से एक घंटा पहले छुट्टी दिए जाने के आदेश की पुष्टि की थी और इसकी सराहना की थी।
सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए डॉ. सलीम राज ने इसे सराहनीय कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सभी जाति, धर्म, पंथ और समाज की आस्था का सम्मान किया जा रहा है। यह निर्णय सामाजिक सद्भाव और धार्मिक संवेदनशीलता का परिचायक है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की सोच का ही प्रतिबिंब है।

बोर्ड परीक्षा शुरू, 29 अप्रैल तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
गरियाबंद। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान न हो इसलिए गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में जारी आदेश के मुताबिक 20 फरवरी से 29 अप्रैल तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा। छत्तीसगढ़ कोलाहाल नियंत्रण अधिनियम 1985 को धारा 18 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर ने यह प्रतिबंध लगाया है। आदेश में कहा गया है कि विषम परिस्थिति अथवा सरकारी कार्य में आवश्यक होने पर एसडीएम द्वारा अनुमति देने का प्रावधान रखा गया है।
पुलिस की अपील, कार्रवाई से बचने नियम का पालन करें
शादी के इस सीजन में नियम का पालन कराना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रतिबंध के निर्देश के बाद पुलिस एक्टिव हो गई है। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने अपील की है कि जारी प्रतिबंध नियम का सभी पालन करें। छात्रों की पढ़ाई और उनके जज्वल भविष्य को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को इस जिम्मेदारी का पालन स्वस्फूर्त होकर करना चाहिए।
परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं 13311 छात्र
शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक जिलेभर में 12वीं के लिए 5507 परीक्षार्थी का पंजीयन है। आज पहले दिन की परीक्षा में 45 छात्र अनुपस्थिति रहे। इसी तरह 10वीं बोर्ड एग्जाम के लिए 7804 छात्रों का पंजीयन किया गया है। जिले में हायर सेकंडरी तक कुल 13311 छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। कॉलेज के छात्रों की संख्या भी 2 हजार होगी, जो परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
इस बार 10वी में 7408, 12वीं में 5507 विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल
कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा की जिले में सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण शुरुआत हुई। पहले दिन भौतिकी एवं भूगोल विषय की परीक्षाएं संपन्न हुईं। जिले में इस बार 10वी में 7 हजार 408 तथा 12वीं में 5 हजार 507 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षकों को बोर्ड के गाइडलाइन के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी किए गए हैं। औचक निरीक्षण के लिए विभिन्न स्तर पर उड़नदस्ता टीम गठित किए गए हैं।
जीपीएम में भी 18 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध
गौरव जैन, जीपीएम। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी समय सारणी के अनुसार कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा अवधि के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने 18 मार्च तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से विद्यार्थियों एवं पालकों द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों तथा अत्यधिक शोर-शराबे के कारण परीक्षा की तैयारी में बाधा उत्पन्न होने संबंधी मौखिक शिकायतें प्राप्त हो रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत उन्हें प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार 17 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक सम्पूर्ण गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में अधिनियम की धारा 13 (1) में उल्लिखित विशेष अवसरों को छोड़कर धारा 2 (क), (ख) एवं (ग) में परिभाषित कोलाहल एवं सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्णकालिक प्रतिबंध रहेगा।
स्वामी आत्मानंद विद्यालय में शिक्षकीय और गैर शिक्षकीय स्टॉफ के लिए निकली बंपर नियुक्तियां, जानिए कब, कहां और कैसे करना है आवेदन…
रायपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना अंतर्गत रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के लिए शिक्षकीय / गैर शिक्षकीय स्टॉफ के कुल 151 रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए योग्य आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं.
स्वामी आत्मानंद विद्यालय के लिए योग्यताधारी आवेदकों से 20 फरवरी से 20 मार्च को दोपहर 12:00 बजे तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात् प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा. विज्ञापन का अवलोकन और ऑनलाइन आवेदन रायपुर जिले के वेबसाइट https://raipur.gov.in/ पर किया जा सकता है.
चयन प्रक्रिया के संबंध में दिशा निर्देश एवं शर्ते
कार्यालय के गूगल फॉर्म लिंक https://forms.gle/nHLLO6ERcgfAosmh9 पर 20 फरवरी से 20 मार्च को दोपहर 12 बजे तक आवेदन करना होगा.
पंजीकृत डाक / गूगल फॉर्म मान्य एवं ऑफलाइन आवेदन अमान्य है.
दस्तावेजी सत्यापन हेतु आवेदकों को अर्हतादायी परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर बुलाया जाएगा. आमंत्रित आवेदक को अपने आवेदन एवं प्रमाण सहित उपस्थित होना होगा. आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद शैक्षणिक योग्यता के कुल प्राप्तांक के मैरिट के आधार पर चयन किया जाएगा.
विज्ञापित पदों पर चयन हेतु विभिन्न कक्षाओं के प्राप्तांकों के लिए अधिभार की गणना की जाएगी.












उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अचानकमार में लगाई जनचौपाल, ग्रामीणों की समस्याओं का किया समाधान, विकास कार्यों के लिए की राशि की घोषणा…
मुंगेली। उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने वनग्राम अचानकमार में जनचौपाल लगाकर अपने 8 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से संवाद किया. इस दौरान उनकी समस्याओं को सुनकर उसका समाधान किया, वहीं कुछ आवेदनों के निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया. इस अवसर पर साव ने टाइगर रिजर्व में पर्यटन के लिए समूह को पांच जिप्सी प्रदान किया तथा चार ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव तीन दिवसीय असम दौरा समाप्त कर सीधे रायपुर एयरपोर्ट से वनग्राम अचानकमार पहुंचे. क्षेत्र की महिलाओं, बुजुर्ग, युवा और स्थानीय निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के साथ एक स्थान पर एकत्रित हुए. इस दौरान श्री साव ने गांव की महिलाओं के बीच सरकार की योजनाओं की चर्चा की.
उन्होंने जनचौपाल में लोगों की मूलभूत संबंधी समस्याओं को सुना और इन समस्याओं के निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं. चर्चा के बाद उन्होंने कहा कि ऐसे जनचौपाल, लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका निदान करने और सरकार की योजनाओं को उन तक पहुंचाने का एक अच्छा माध्यम है.
जनचौपाल में उन्होंने अचानकमार टाइगर रिजर्व की ओर से पांच जिप्सी वाहन स्वयं सहायता समूह को पर्यटन के लिए उपलब्ध कराया. साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से टॉर्च का वितरण किया गया. उन्होंने अचानकमार में नवनिर्मित लोकमंच का ग्रामीणों के साथ लोकार्पण किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ वन कर्मी का सम्मान किया गया.
जनचौपाल में वनग्राम अचानकमार, छपरवा, लमनी, बिंदावर, कटामी, दानवखार, सिवलखार, टिलई डबरा, सारसडोल, बम्हनी, रंजकी सहित विभिन्न ग्रामों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने लमनी, कटामी, छपरवा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए और अचानकमार के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की है.
रायगढ़, बालोद और महासमुंद में संशोधित गाइडलाइन दरें आज से लागू
रायपुर। प्रदेश में 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा रहे हैं।
इसी क्रम में रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श के उपरांत रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों के संशोधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नई गाइडलाइन दरें रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों में 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक, संपत्ति क्रेता-विक्रेता तथा अन्य संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि शेष जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त संशोधित प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए क्रमशः नई गाइडलाइन दरें जारी की जाएंगी। यह कदम प्रदेश में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नक्सली हिडमा को हीरो बनाने की कोशिश पर मंत्री केदार कश्यप का तीखा प्रहार
जगदलपुर। चित्रकोट महोत्सव के समापन कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने नक्सल लीडर माड़वी हिडमा को हीरो बनाए जाने की कोशिशों पर तीखा बयान दिया. केदार कश्यप ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि बस्तर के गांवों तक कभी विकास न पहुंचे, इसलिए वे नक्सलियों को स्थापित करने की बात कर रहे हैं.
वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नक्सली हमलों में कांग्रेस के भी नेता मारे गए हैं, बावजूद इसके विपक्षी दल नक्सलियों का महिमामंडन करने से बाज नहीं आ रहे. उन्होंने साफ कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने की सोच के साथ हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया और उसी रास्ते पर आज देश आगे बढ़ रहा है.
केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद मुक्त भारत का सपना साकार हो रहा है. वन मंत्री ने विपक्षी पार्टियों से अपील की कि नक्सलियों को हीरो बनाने की कोशिश बंद करें और बस्तर के विकास में बाधा न बनें. गौरतलब है कि इससे पहले बस्तर सांसद भी माड़वी हिड़मा के महिमामंडन पर कड़ा विरोध जता चुके हैं.
अंजय शुक्ला बनाए गए औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर अंजय शुक्ला की नियुक्ति की है। यह नियुक्ति आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी। इसका आदेश आज वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव जेपी पाठक ने जारी किया है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। राज्य शासन के इस निर्णय को आदिवासी परंपरागत स्वास्थ्य प्रणाली के संरक्षण, स्थानीय ज्ञान के संवर्धन और औषधीय पादपों के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राज्य में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण एवं अनुसंधान को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली दस ट्रेनें रद्द, 18 ट्रेनें चलेंगी परिवर्तित मार्ग से…
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल के गोंदिया स्टेशन में वॉशेबल एप्रन कार्य का हवाला दे रेलवे प्रबंधन ने दस यात्री ट्रेनों को निरस्त किया है, वहीं 18 ट्रेनें इस दौरान परिवर्तित मार्ग से चलेंगी.
रद्द होने वाली गाड़ियां
03 से 22 मई तक टाटानगर से छूटने वाली 18109 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस नहीं चलेगी.
05 से 24 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 18109 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-टाटानगर एक्सप्रेस नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक डोंगरगढ़ से छूटने वाली 68711 डोंगरगढ़-गोंदिया पैसेंजर नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68712 गोंदिया-डोंगरगढ़ पैसेंजर नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68713 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-गोंदिया पैसेंजर नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-बालाघाट पैसेंजर नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक बालाघाट से छूटने वाली 68715 बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)- पैसेंजर नहीं चलेगी.
03 से 22 मई तक रायपुर से छूटने वाली 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर नहीं चलेगी.
04 से 23 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर नहीं चलेगी.
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ी
02, 04, 06, 09, 11, 13, 16 एवं 18 मई को रीवा से छूटने वाली 11754 रीवा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) होकर चलेगी.
03, 05, 07, 10, 12, 14, 17 एवं 19 मई को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 11753 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रीवा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट- नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) होकर चलेगी.
बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां
02 से 22 मई तक बरौनी से छूटने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस दुर्ग एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 23 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस गोंदिया एवं दुर्ग के बीच रद्द रहेगी.
02 से 22 मई तक मुंबई से छूटने वाली 12105 मुंबई-गोंदिया एक्सप्रेस अंजनी एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 23 मई तक बरौनी से छूटने वाली 12106 गोंदिया-मुंबई एक्सप्रेस गोंदिया एवं अंजनी के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक जबलपुर से छूटने वाली 51707 जबलपुर-गोंदिया एक्सप्रेस बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 51708 गोंदिया-जबलपुर एक्सप्रेस गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68813 गोंदिया-तिरोड़ी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक तिरोड़ी से छूटने वाली 68814 तिरोड़ी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68809 गोंदिया-तिरोड़ी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक तिरोड़ी से छूटने वाली 68810 तिरोड़ी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68811 गोंदिया-कटंगी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 68812 कटंगी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78803 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78804 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78805 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78806 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78809 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.
03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78810 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.
जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।
केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।
लिमाही में ट्रांसपोर्ट नगर के विरोध में ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, कलेक्टर कार्यालय घेराव
बलौदाबाजार। जिले से लगे ग्राम पंचायत लिमाही में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को चक्काजाम कर विरोध जताने के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ग्राम लिमाही के ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण को लेकर उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी गई और न ही ग्राम पंचायत से कोई प्रस्ताव पारित कराया गया है। जिस स्थान पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जा रहा है, वहां तालाब और श्मशान भूमि स्थित है। ग्रामीणों के मुताबिक तालाब का उपयोग महिलाएं नहाने और घरेलू कार्यों के लिए करती हैं, जबकि पास ही श्मशान भूमि है, जहां अंतिम संस्कार किया जाता है।
ट्रांसपोर्ट नगर बनने से क्षेत्र में बढ़ेगी शराब बिक्री
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन स्थलों को पाटकर ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से क्षेत्र में शराब बिक्री बढ़ेगी और बाहरी वाहन चालकों की आवाजाही से महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। केवल पांच प्रतिनिधियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई।
जरूरत पड़ने पर न्यायालय की शरण लेंगे ग्रामीण
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी लेंगे, लेकिन बिना अनुमति ट्रांसपोर्ट नगर बनने नहीं देंगे।
दीपक बैज का दावा: मनरेगा बचाओ रैली में शामिल हो सकते हैं खड़गे और राहुल
रायपुर। कांग्रेस शासनकाल में हुए फरवरी 2023 को हुए कांग्रेस महाधिवेशन में एक साथ छत्तीसगढ़ में मंच साझा करने के बाद अब फिर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ-साथ आने के आसार बन रहे हैं. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह में छत्तीसगढ़ में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आयोजित रैली में दोनों नेता शामिल हो सकते हैं.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पिछले दो साल में भाजपा सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया है. चार बार बिजली की दर बढ़ाई गई. अब विद्युत नियामक आयोग में जनसुनवाई चल रही है, इसका मतलब साफ है कि सरकार बिजली बिल बढ़ाना चाहती है. साथ ही केंद्र ने सेस भी कम कर दिया.
वहीं राज्यसभा की छत्तीसगढ़ सीट को लेकर दीपक बैज ने कहा कि राज्यसभा में कौन जाएगा यह पार्टी तय करेगी. बस्तर से सरगुजा तक कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. पार्टी का अधिकार है किसे नॉमिनेट करना है, अगर हमसे सलाह मांगेंगे तो जरूर देंगे. वहीं सुप्रीम कोर्ट की फ्रीबीज को लेकर की गई टिप्पणी पर बैज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत है. बिहार में चुनाव के समय 10 हजार बांटे गए, असम में भी 10 हजार बांटे जा रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए.
विष्णु सरकार के द्वारा आगामी 24 फ़रवरी को पेश किए जाने वाले बजट को लेकर कहा कि बजट सत्र में कांग्रेस विधायक दल द्वारा सरकार को घेरने की कोशिश होगी. विधानसभा के अंदर भी और बाहर भी लड़ाई जारी रहेगी. वहीं SIR की फाइनल लिस्ट जारी होने के मामले में दीपक बैज ने कहा कि बहुत गड़बड़ी हुई है, चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया जा रहा है. बीजेपी के कार्यकर्ता नियमों को ताक पर रख रहे हैं. अब आगे देखना है कि चुनाव आयोग कितना निष्पक्ष है.
छत्तीसगढ़ में हो सकता है कांग्रेस जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा और झारखंड के 100 से अधिक जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ में हो सकता है. प्रशिक्षण के लिए जगह की तलाश की जा रही है. 10 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में तीनों राज्यों के वरिष्ठ नेता, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे.
हवाई सेवा से जुड़ेगा अंबिकापुर, मार्च से दिल्ली के लिए नियमित फ्लाइट
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के लोगों के लिए एक बड़ी और राहतभरी खबर सामने आई है। लंबे समय से हवाई सेवा की प्रतीक्षा कर रहे अंबिकापुर वासियों की मांग अब पूरी होने जा रही है। एलाइंस एयर मार्च महीने से अंबिकापुर से दिल्ली के बीच नियमित फ्लाइट सेवा शुरू करने जा रही है। कंपनी ने इस संबंध में अपना शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसके अनुसार सप्ताह में दो दिन यह हवाई सेवा संचालित की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, एलाइंस एयर की यह फ्लाइट अंबिकापुर से उड़ान भरकर बिलासपुर होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। इस नई सेवा के शुरू होने से सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर समेत पूरे संभाग के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक लोगों को दिल्ली जाने के लिए सड़क या रेल मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें समय और असुविधा दोनों अधिक थीं।
फ्लाइट सेवा का संचालन मां महामाया दरिमा एयरपोर्ट से किया जाएगा। यह एयरपोर्ट लंबे समय से हवाई सेवा बंद होने के कारण लगभग निष्क्रिय पड़ा हुआ था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों द्वारा लगातार यहां से नियमित उड़ानें शुरू करने की मांग की जा रही थी। खासतौर पर दिल्ली जैसे प्रमुख महानगर के लिए सीधी हवाई सेवा की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
एलाइंस एयर द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, सप्ताह में दो दिन फ्लाइट सेवा उपलब्ध रहेगी। हालांकि अभी उड़ान के सटीक दिन और समय को लेकर विस्तृत जानकारी कंपनी की ओर से जल्द साझा किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि यात्रियों की प्रतिक्रिया और मांग के आधार पर भविष्य में उड़ानों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।
इस निर्णय को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हवाई सेवा शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसरों में भी वृद्धि होगी। सरगुजा क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है, ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक समुदाय में इस खबर को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्र की पहचान और पहुंच राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। छात्रों, व्यवसायियों और सरकारी कार्यों के लिए यात्रा करने वालों को विशेष लाभ मिलेगा।
बस्तर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 9 दिन में 16 वाहन जब्त
जगदलपुर। बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग के द्वारा अभियान चलाया गया. खनिज विभाग के जांच दल ने पिछले 9 दिनों के भीतर छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 16 वाहनों को जब्त किया है.
खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान रेत, चूना पत्थर और लाल ईंट का अवैध रूप से परिवहन कर रहे ट्रैक्टर, हाइवा और टिप्परों को जब्त किया गया. वाहन ग्राम कंगोली, परपा, बालेंगा, लालबाग और पल्लीनाका जैसे क्षेत्रों से गुजर रहे थे. इसके अलावा मूतनपाल क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक चेन माउंटेड पोकलेन मशीन को भी जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया है.
अवैध उत्खनन और परिवहन के सभी 16 प्रकरणों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की गई है.
कृषि क्षेत्र के लिए सस्ती बिजली की मांग, राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष रखे गए कई अहम सुझाव
रायपुर। कृषि क्षेत्र में बिजली दरों को लेकर किसानों की चिंताओं और सुझावों को लेकर आज छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष एक महत्वपूर्ण याचिका प्रस्तुत की गई। यह याचिका भूपेन्द्र शर्मा के साथ पेश की गई, जिसमें कृषि क्षेत्र के लिए विद्युत दरों और संबंधित विषयों पर विस्तृत पक्ष रखा गया।
सेवानिवृत्त IAS अनुराग पांडेय ने बताया, याचिका में कहा गया कि आयोग द्वारा जनसुनवाई के लिए प्रस्तुत सभी प्रस्ताव हिंदी भाषा में भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम उपभोक्ता और किसान उन्हें समझकर अपना सुझाव दे सकें। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्र की भागीदारी मजबूत होगी।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले 50 वर्षों में सरकारों द्वारा ग्रामीण और कृषि विद्युत आधारभूत संरचना के विकास के लिए करोड़ों रुपये का अनुदान दिया गया है। इसे केवल कृषि मद में ही शामिल किया जाना चाहिए। इससे इस क्षेत्र की फिक्स्ड कॉस्ट लगभग शून्य हो सकती है और केवल संचालन एवं रखरखाव (O&M) की लागत ही गणना में आएगी, जिससे कृषि बिजली दरों में कमी संभव है। यह भी मांग की गई कि इस अनुदान को उद्योग और वाणिज्य क्षेत्र में विभाजित नहीं किया जाए।
किसानों के लिए Time of the Day Tariff और Solar Hours की सुविधा लागू करने का सुझाव भी दिया गया। याचिका में कहा गया कि दिन के समय जब बिजली एक्सचेंज से बहुत कम दरों पर उपलब्ध होती है तो इसका लाभ किसानों को भी दिया जाना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में यह बताया गया कि पिछले वर्षों में कृषि क्षेत्र की बिजली दरों में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि उद्योग और वाणिज्य क्षेत्र में केवल 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यानी कृषि क्षेत्र में बढ़ोतरी लगभग तीन गुना रही है, जिसे कम करना आवश्यक है। इसके समर्थन में विस्तृत तालिका भी प्रस्तुत की गई।
इसके अलावा किसानों के लिए लागू योजनाओं के तहत 5 हॉर्सपावर तक के पंपों को मिलने वाली छूट को सभी पंपों पर लागू करने की मांग की गई, ताकि किसानों को भी उद्योगों की तरह समान लाभ मिल सके। साथ ही अस्थायी विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाने, ट्रांसफॉर्मरों की उपलब्धता और क्षमता बढ़ाने तथा बिजली बकाया वसूली के लिए बैंकिंग प्रणाली की तर्ज पर वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करने का सुझाव भी दिया गया। आयोग ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है
छत्तीसगढ में 5000 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती, स्कूल शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा विज्ञापन
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जा रहा है। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।
ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।
6 माह बाद ग्वालियर से रायपुर रवाना हुई भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची वनवासी स्वरूप प्रतिमा
ग्वालियर। भगवान श्री राम के ननिहाल पक्ष रायपुर स्थित चंद्रखुरी मे लगने भगवान श्री राम की वनवासी स्वरूप वाली 51 फीट ऊंची मूर्ति आखिरकार रवाना हो गई है। मूर्तिकार और ठेकेदार के बीच भुगतान विवाद में उलझी यह मूर्ति बीते 06 महीने से ग्वालियर में तैयार रखी हुई थी।
दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री रामपथ गमन तैयार कराया जा रहा है,जहाँ भगवान श्री राम के वनवासी स्वरूप की मूर्ति को स्थापित किया जाना है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर ठेकेदार द्वारा राष्ट्रपति सम्मानित ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची मूर्ति निर्माण करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हुआ जो पूरा भी हो गया।
श्री रामपथ गमन के लिए चन्द्रखुरी स्थित कौशल्या मंदिर में भगवान श्री राम की वनवासी स्वरुप वाली 51 फीट ऊंची यह प्रतिमा स्थापित की जानी थी। लेकिन बीते 06 महीने से यह प्रतिमा ठेकेदार के भुगतान न करने से यही रखी रही। ऐसे में मूर्ति के रखरखाव और मूर्तिकार की टीम द्वारा मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा से भुगतान की लगातार दबाव बनाया जा रहा था। ऐसे अब ठेकेदार द्वारा लंबित 70 लाख का बचा हुआ भुगतान मूर्तिकार को कर दिया। लिहाजा पूरी सुरक्षा के साथ तैयार मूर्ति को अलग अलग पार्ट में लोड कर रायपुर के लिए रवाना किया गया। ऐसे में अब छत्तीसगढ़ सरकार के श्री रामपथ गमन प्रोजेक्ट में हो रही देरी की सम्भवनाओ को आज पूरी तरह खत्म होने में राहत मिली।
आपको बता दे कि इस प्रतिमा को चंदखुरी में वर्तमान में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा की जगह पर ही स्थापित किया जाना है,वर्तमान में वहाँ स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा का स्ट्रक्चर पूरी तरह से गलत है। उसके निर्माण कार्य में बहुत सारी खामियां सामने आ चुकी है। प्रतिमा के चेहरे से लेकर शरीर के आकार पर गौर किया जाए तो उसमें भगवान श्री राम के वनवासी स्वरूप की छवि ही नहीं आती है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा पहले भी दो मूर्तियों के ऑर्डर ग्वालियर को दिए जा चुके हैं जो की श्री राम पथ गमन के लिए शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी है। उन मूर्ति के स्वरूप को देखकर ही ग्वालियर को 51 फीट ऊंची प्रतिमा का आर्डर मिला था,प्रतिमा को ग्वालियर के सेंड मिंट स्टोन से तैयार किया गया है,जो अपने आप में देश के अंदर मजबूत पत्थर के रूप में ख्याति प्राप्त है और इसकी तराशी गई प्रतिमा बहुत मजबूत और सुंदर होती है।