रायपुर। स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने और मेडिकल शिक्षा को आधुनिक मानकों पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 125 सहायक प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती की घोषणा की है। विभिन्न विषयों में बड़ी संख्या में पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें पैथोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, बालरोग, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, गायनेकोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, फॉरेंसिक मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोलॉजी, एनाटॉमी जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं।
राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के 35 विभागों में 125 सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन जारी किया है। इसमें ऑनलाइन आवेदन 25 नवंबर से 24 दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उपलब्ध लिंक पर किए जा सकेंगे। इन 125 पदों में 45 अनारक्षित, 21अजा, 43 अजजा, 16 अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अवसर प्रदान किए गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम साय
इस भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से रिक्त पड़े पद भरेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश के भविष्य के डॉक्टरों को उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख रही है और यह भर्ती प्रदेश के लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार मजबूत करेगी।
मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी होगी दूर : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सहायक प्राध्यापकों की भर्ती से मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर होगी, जिससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा, सरकार का यह निर्णय छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है। यह कदम साबित करता है कि प्रदेश सरकार मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं में आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
सुकमा। रिश्वतखोरी के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की लगातार कार्रवाई जारी है। आज टीम ने सुकमा के छिंदगढ़ ब्लॉक मुख्यालय में छिंदगढ़ स्थित सब इंजीनियर प्रदीप बघेल के घर दबिश दी और उसे 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। मौके से रकम, दस्तावेज और मोबाइल जब्त किया गया। इस कार्रवाई से इलाके में अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, एसीबी जगदलपुर की टीम दोपहर करीब डेढ़ बजे छिंदगढ़ मुख्यालय में आरईएस कॉलोनी स्थित सब इंजीनियर प्रदीप बघेल के सरकारी क्वार्टर पहुंची। सब इंजीनियर बघेल एक कार्य का भुगतान करने के एवज में रिश्वत की रकम मांग रहे थे। शिकायत की पुष्टि होने पर टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
पुलिया निर्माण के भुगतान के लिए मांग रहा था 5 परसेंट
बताया जा रहा है सब इंजीनियर छिंदगढ़ ब्लॉक के चियूरवाडा पंचायत में पुलिया निर्माण से संबंधित भुगतान के लिए 5 परसेंट की रिश्वत मांग रहे थे। इसे लेकर संबंधित चिउड़वाड़ा पंचायत सचिव लंबे समय से सब इंजीनियर प्रदीप बघेल के चक्कर काट रहे थे। सब इंजीनियर ने बिना पैसे लिए चेक काटने से मना कर दिया था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय राशि सब इंजीनियर बघेल को देने के लिए हाथ बढ़ाया, रकम हाथ में लेते ही बघेल को एसीबी की टीम ने धर दबोचा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर में शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम में आज शामिल हुए। बस्तर हाईस्कूल के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिवार को शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा का अत्यधिक महत्व रहा है। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में विदेशों से विद्वान ज्ञानार्जन के लिए आते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में बस्तर हाईस्कूल तथा कांकेर के नरहरदेव विद्यालय जैसे संस्थान शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 में जब इस विद्यालय का निर्माण हुआ होगा, तब संसाधनों का अत्यधिक अभाव रहा होगा, लेकिन पिछले सौ वर्षों की विकास यात्रा में इस विद्यालय ने अनगिनत होनहार छात्र-छात्राओं को तैयार किया है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। आज उनमें से अनेक पूर्व छात्र इस समारोह में सम्मिलित हुए हैं। उन्होंने संस्था के निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य गठन के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के जीर्णोद्धार हेतु डेढ़ करोड़ रुपए तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही विद्यालय की अन्य सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कार्यक्रम में शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को प्रदान किए गए दो ड्रोन टोकन स्वरूप प्रदान किए, साथ ही शैलेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय को 50 ड्रोन उपलब्ध कराने की सहमति भी दी गई, जिससे तकनीकी शिक्षा को और प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतु माहरा शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर में शताब्दी समारोह पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने स्वर्गीय ठाकुर देवेन्द्र सिंह और स्वर्गीय शारदा ठाकुर की स्मृति में निर्मित दो स्मार्ट क्लासों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अंतर्गत परिजात प्रजाति के पौधे का रोपण किया।
शताब्दी समारोह के ध्वजारोहण के साथ विद्या-दायिनी मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी के पिता की स्मृति में आयोजित न्योता भोज कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को भोजन परोसा। इसके अलावा जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल के वे सात पूर्व छात्र, जो पुलिस और सुरक्षा बल में सेवा के दौरान शहीद हुए, उनके छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यालय के शताब्दी समारोह के लिए बधाई देते हुए कहा कि आजादी से पहले 1926 में आरंभ हुए इस ऐतिहासिक विद्यालय के लिए यह दिन अत्यंत गौरवशाली है। पूर्व शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा पूर्व छात्रों के लिए यह यादगार लम्हा है। उन्होंने कहा कि इस संस्था से शिक्षा पाकर अनेक छात्र-छात्राएँ विभिन्न सेवाओं के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वरिष्ठजनों से सीखने का आग्रह किया और विद्यालय की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया।
विद्यालय के पूर्व छात्र और विधायक जगदलपुर किरण देव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अविभाजित बस्तर जिले में बस्तर हाईस्कूल और कांकेर का नरहरदेव हाईस्कूल ही प्रमुख शिक्षा संस्थान थे, जहाँ समूचे अंचल के विद्यार्थी अध्ययन करते थे। उन्होंने बताया कि इस संस्था के पूर्व छात्र आज आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, प्राध्यापक, सफल व्यवसायी और उद्यमी के रूप में समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने पुराने शिक्षक-शिक्षिकाओं के योगदान को नमन किया और विद्यालय के जीर्णोद्धार तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति का अनुरोध किया। कार्यक्रम के आरंभ में विद्यालय के प्राचार्य बी.एस. रामकुमार ने प्रतिवेदन के माध्यम से स्कूल के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद (बस्तर) महेश कश्यप, विधायक (चित्रकोट) विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डे, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित विद्यालय के पूर्व तथा वर्तमान छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘पंडुम कैफे’ में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।”
एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।”
एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।”
उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आयोजित किया जाएगा। दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बहुप्रतीक्षित मैच की टिकटें कब और कहां उपलब्ध होंगी। आइए, आपको इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।
कब से शुरू होगी टिकट की बिक्री ?
मुकाबले को लेकर सबसे बड़ी उत्सुकता टिकट बिक्री की है। टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 22 नवंबर से शुरू होगी, जिसका आधिकारिक माध्यम वेबसाइट www.ticketgini.in होगा। ऑनलाइन टिकट खरीदना पहली प्राथमिकता होगी क्योंकि भीड़ अधिक होने की संभावना है।
फिजिकल टिकट 24 नवंबर से
जो लोग ऑफलाइन टिकट लेना पसंद करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। 24 नवंबर से रायपुर के इंडोर स्टेडियम में फिजिकल टिकट उपलब्ध होंगे। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों तरीकों में से किसी का चयन कर सकेंगे।
टिकट प्राइस लिस्ट (स्टैंड–वाइस)
इस बार टिकट की कीमतें कैटेगरी के आधार पर तय की गई हैं। स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत यह है कि पिछली बार 1000 रुपए की टिकट अब 800 रुपए में उपलब्ध होगी। किसी भी छात्र को अपनी वैध स्टूडेंट ID दिखाकर सिर्फ एक टिकट खरीदने की अनुमति दी जाएगी।
आम दर्शकों के लिए स्टैंड टिकट
1500 रुपए
2500 रुपए
3000 रुपए
3500 रुपए
प्रिमियम कैटेगरी
सिल्वर: 6000 रुपए
गोल्ड: 8000 रुपए
प्लैटिनम: 10,000 रुपए
कॉरपोरेट बॉक्स: 20,000 रुपए
विश्व दिव्यांग दिवस पर खास पहल
3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस भी मनाया जाता है, और इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। संघ दिव्यांग बच्चों को मैच मुफ्त में दिखाएगा और उनके आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी प्रदान करेगा। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और खेल को सभी वर्गों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
स्टेडियम में मैच की तैयारियां तेज
स्टेडियम प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी CSCS सक्रिय है। खेल विभाग, पुलिस, नगर निगम और अन्य आवश्यक विभागों को मेजबानी की जानकारी भेज दी गई है और उनकी सहायता मांगी गई है। स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरा उतारने के लिए सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जा रही हैं।
50–60 लाख रुपये का मेंटेनेंस बजट
15 दिनों में सभी काम पूरे करने का लक्ष्य
फ्लड लाइट पूरी तरह जनरेटर पर चलेंगी
सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और एंट्री गेट मैनेजमेंट के लिए पुलिस, नगर निगम व अन्य विभागों को सूचना भेज दी गई है.
क्यों खास है यह मुकाबला?
स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा
हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया
यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं
फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा.
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे और टी-20 सीरीज का शेड्यूल
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच इस समय दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है। टेस्ट मुकाबलों के खत्म होते ही सीमित ओवरों की श्रृंखला शुरू होगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर 2025 को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा वनडे 3 दिसंबर 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। तीसरा और अंतिम वनडे 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम (वाइजैक) में आयोजित किया जाएगा। सभी वनडे मुकाबले 3 दिसंबर की दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे। हालांकि टॉस दोपहर 1:00 होगा।
टी-20 सीरीज का शेड्यूल
वनडे के बाद दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज शुरू होगी। पहला टी-20 मुकाबला 9 दिसंबर 2025 को कटक में खेला जाएगा। दूसरा टी-20 11 दिसंबर को मुल्लांपुर में, जबकि तीसरा टी-20 14 दिसंबर को धर्मशाला में होगा। चौथा टी-20 17 दिसंबर को लखनऊ में निर्धारित है और श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम टी-20 मुकाबला 19 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद में खेला जाएगा।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच महासमुंद जिले में SIR कार्य में लापरवाही सामने आने पर जिला निर्वाचन अधिकारी विनय लंगेह ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के पालन में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा बूथ लेवल अधिकारी के पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त कुल 9 पटवारियों को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा ने बताया कि सरायपाली तहसील के 3, पिथौरा के 2, बागबाहरा के 1 एवं महासमुंद के 3 पटवारियों को यह कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को स्पष्टतः निर्देशित किया गया है कि एसआईआर राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, और इसे समय-सीमा में पूर्ण शुद्धता के साथ पूरा किया जाना है, उक्त कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।
SIR से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां
मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक घर-घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026
रायपुर। बिजली दरों को कम करने को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने 30 नवंबर तक बिजली दरें कम करने की मांग की है. वहीं चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में सीएम हाउस का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिजली बिल बढ़ोतरी किसी किमत पर मंजूर नहीं है. कोयले पर सेस खत्म हो गया है. बिजली उत्पादन राज्य होने के बावजूद बिजली महंगी क्यों? स्मार्ट मीटर लगने से जनता परेशान है. तुरंत बिजली बिल हाफ योजना लागू होनी चाहिए.
धान खरीदी को लेकर बैज ने सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2700 केंद्रों में से 2500 से अधिक केंद्रों में खरीदी शुरू ही नहीं हुई है. सरकार की कोई तैयारी नहीं, ऑपरेटर–कर्मचारी हड़ताल पर हैं. सरकार बातचीत करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने में लगी है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती कि किसानों का धान खरीदा जाए, क्योंकि उनके पास पैसा नहीं है. सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है. तानाशाही रवैया छोड़कर सरकार बीच का रास्ता निकाले ताकि धान खरीदी सुचारू रूप से हो सके.
धान खरीदी में बिचौलिए सक्रिय, मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा
धान खरीदी से जुड़े एक और गंभीर मुद्दे अवैध धान परिवहन मामले को लेकर पीसीसी चीफ ने कहा कि पहले ही दो दिन में 19 हजार क्विंटल से अधिक दूसरे राज्यों से आया धान पकड़ा गया. आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिचौलियों से सौदा कर रही है. छत्तीसगढ़ का धान कम खरीदकर दूसरे राज्यों का धान खपाए जाने की कोशिश की जा रही है. सरकार मुनाफे के खेल में लगी है.
चुनाव आयोग के आंकड़े और जमीनी हकीकत में फर्क : बैज
प्रदेश में जारी SIR को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि 80% जगहों पर बीएलओ पहुंचे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सिर्फ 25% है. राजधानी में बीएलओ को भाजपा पार्षद धमका रहे हैं. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा विपक्षी मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने की साजिश में है.
कवासी लखमा का सरकार जानबूझकर नहीं करा रही इलाज : बैज
पूर्व मंत्री कवासी लखमा के इलाज को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर पूर्व मंत्री लखमा का इलाज नहीं करा रही है. 6 बार के विधायक को षड्यंत्रपूर्वक जेल भेजा गया, जहां उन्हें टॉर्चर किया जा रहा और अब अस्पताल शिफ्ट नहीं किया जा रहा है.
दिल्ली जाएंगे दीपक बैज
पीसीसी चीफ दीपक बैज आज रात लगभग 9 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे. उन्होंने अपने दिल्ली दौरे को लेकर जानकारी दी कि SIR को लेकर कांग्रेस गंभीर है. कार्यकर्ताओं का बड़ा समर्थन मिलेगा. आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है. वह भाजपा को सीधा लाभ पहुंचा रही है, जिसे लेकर चर्चा की जाएगी.
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ी में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है, जिसके साथ ही सीमा क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की कोशिशें भी बढ़ गई हैं। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फिल्मी अंदाज में अवैध धान से भरी दो पिकअप गाड़ियों को पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार, देर रात करीब 3:30 बजे उत्तर प्रदेश से एक बिचौलिया अवैध धान को बलरामपुर में खपाने की कोशिश कर रहा था। इसकी सूचना मिलते ही SDM ने टीम के साथ तुरंत कार्रवाई की। दोनों पिकअप वाहन तेज रफ्तार में भागने लगे, जिसके बाद प्रशासनिक टीम ने करीब 5 किलोमीटर तक पीछा किया और अंत में रामचंद्रपुर क्षेत्र में दोनों वाहनों को घेरकर पकड़ लिया। वाहनों से कुल 200 बोरी अवैध धान जब्त किया गया है। फिलहाल, जिला प्रशासन की टीम आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
रायपुर। सहकारी समिति के हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है. धान खरीदी कार्य से मना करने वाले कर्मचारियों पर अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण (एस्मा) कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में सोमवार प्रभारी प्रबंधक साहित 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, सिमगा समिति प्रबंधक मंजुला शर्मा, खोखली समिति प्रबंधक राकेश कुमार टंडन, धुर्रा बांधा समिति प्रबंधक मूलचंद वर्मा, रोहांसी समिति प्रबंधक धर्मेन्द्र साहू, समिति प्रबंधक तिल्दा रामकुमार साहू को बर्खास्त किया गया है. इसी तरह कसडोल विकासखंड के गिरौद समिति के विक्रेता नन्द कुमार पटेल, हसुआ के विक्रेता गोकुल प्रसाद साहू, थरगांव के विक्रेता ललित साहू, कटगी के विक्रेता रामस्वरूप यादव, चिखली के विक्रेता खेलसिंग कैवर्त्य कोसमसरा के विक्रेता अमित साहू, सरखोर के विक्रेता भीम साहू, लवन के विक्रेता रविकमल को बर्खास्त किया गया है.
3 के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
विकासखंड पलारी अंतर्गत समिति कोनारी के प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र चंद्राकर, समिति रोहरा के कम्प्यूटर ऑपरेटर बीरेंद्र साहू और समिति रिसदा के विक्रेता टीका राम वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने शाखा प्रबंधक को पत्र जारी किया गया है.
रायपुर। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर आज जनसंपर्क संचालनालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ एक ही तरह की भ्रामक सामग्री को भेजते हैं, जिससे उसका एल्गोरिदम बढ़ जाता है और पाठक भ्रमित होकर उसे सच मान बैठता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीधरन जी जब भी मेट्रो में किसी तरह की रूकावट आती थी तब तुरंत ही सूचना प्रचार माध्यमों में समाचार जारी कर तकनीकी त्रुटि को ठीक करने में लगने वाला संभावित समय भी बता देते थे। जब सही और गुणवत्तापूर्ण सूचनाएं आगे बढ़ती हैं तो भ्रामक सूचनाएं ठहर नहीं पाती।
वरिष्ठ संपादक रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई अहम है इससे समझौता नहीं करना चाहिए। भले ही समय लगता हो लेकिन पुष्टि के पश्चात ही खबरे प्रसारित करना चाहिए। संपादक एएन द्विवेदी ने कहा कि सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके प्रसारण से पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर बेहद गंभीरता बरतते हुए इन्हें जनसामान्य को प्रेषित किया जाना चाहिए। इसमें छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। वरिष्ठ पत्रकार अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता के मानदंडों पर यदि काम किया जाए तो किसी तरह की भ्रामक सूचना जाने की आशंका नहीं रहती।
अपर संचालक उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है। मीडिया को तकनीकी बदलाव के चलते तेजी से फैलती गलत सूचनाओं पर अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ सतर्कता बरतनी होगी।
अपर संचालक आलोक देव ने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है उसकी विश्वसनीयता। मीडिया सिर्फ खबरे नहीं देता, प्रेस मार्गदर्शन करता है, संदेह दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है। उप संचालक सौरभ शर्मा ने कहा कि आज का दौर एआई का है ऐसे समय में गलत सूचनाओं का एल्गोरिथम बढ़ने से व्यापक रूप से हमारे बीच पहुंचता है। हमें ऐसी सूचनाओं को जांच-परख कर ही प्रसारित करना चाहिए। कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर जिले की राशन दुकानों का आवंटन निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद धान खरीदी में सहयोग नहीं करने वाली सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है. अब इन दुकानों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों दो सौंप दिया गया है. पंचायतों से कहा गया है कि वे अपने लोगों की मदद से राशन दुकानों का संचालन करें.
जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सहकारी समितियां धान खरीदी करने में बिना वजह व्यवधान पैदा कर रही हैं. किसानों को धान बेचने से भी रोक रहे थे. इतना ही नहीं मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को कई तरह की बातें बताकर वापस किया जा रहा था. लगातार इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अब रायपुर जिले में जिन 250 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समितियां कर रही थी, उनका संचालन अब ग्राम पंचायत वाले करेंगे.
12 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर एफआईआर
राज्य में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. सभी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर धान खरीदी के लिए मंडियों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ड्यूटी में कर्मचारियों को वापस नहीं लौटने पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. रायपुर के पुरानी बस्ती, खरोरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा थानों में दर्जनभर कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अति आवश्यक सेवा संधारण व विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत केस दर्ज किया गया है.
जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है. धरसींवा में बृज मोहन देवांगन, तिल्दा में रामकुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर, जबकि खरोरा में कौशल वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. सभी कर्मचारी मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं.
हड़ताली समिति प्रबंधकों को लगा बड़ा झटका
कलेक्टर के इस फैसले के बाद हड़ताल करने वाले सहकारी समिति प्रबंधकों को बड़ा झटका लगा है. समिति प्रबंधकों ने भी आरोप लगाया है कि हड़ताल तोड़ने के लिए ये फैसला लिया गया है. इस फैसले के बाद भी अभी तक हड़ताल खत्म करने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से दुकानों का संचालन सहकारी समितियां ही कर रही थी.
रायपुर/अंबिकापुर। सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर जारी है. संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में आज 16 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस सीजन का सर्वाधिक न्यूनतम तापमान है. वहीं छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर सरगुजा के प्रमुख पर्यटन केंद्र मैनपाट में चार डिग्री के करीब तापमान होने के साथ आज लगातार तीसरे दिन भी पाला पड़ा. पैरावट के साथ ही खेतों में काट कर छोडे गए धान, घास पर पड़ी ओस की बूंदे जम गई. समूचे उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है.
ठण्ड से अब लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है. ग्रामीण क्षेत्रों में दिनचर्या जल्दी सीमट रही है और लोग घरों में लौट अलाव का सहारा ले रहे हैं तो वहीं शहरी क्षेत्रों में भी यहीं स्थिति है. सुबह भी लोग अलाव जला ठण्ड से राहत पाने की कोशिश कर रहे है. मौसम विभाग का कहना है कि हिमालय की ओर से आ रही लगातार उत्तरी हवाओं के असर से सरगुजा ठिठुर रहा है. रात के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है वहीं दिन का तापमान भी लगभग एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सामान्य से कम तापमान होने के चलते लोगों को ठण्ड का एहसास अधिक हो रहा है. अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट आने की भी संभावना जताई जा रही है.
पर्यटकों के लिए टाउ का फसल भी बना आकर्षण
ठण्ड के मौसम में प्रमुख पर्यटन केंद्र मैनपाट में पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है. मौजूदा समय में टाउ का फसल सफेद फूलों से लहलहा रहा है. जिससे यह पर्यटकों के लिए भी यह आषर्कण का केंद्र बना हुआ है और लोग बड़ी संख्या में मैनपाट पहुंचने के बाद टाउ के खेत में भी पहुंच रहे हैं और फोटो खीचाने उनमें होड़ भी देखी जा रही है.
पिछले आठ दिनों के तापमान पर नजर डालें तो अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 9 नवंबर को अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री और न्यूनतम 8.2 डिग्री रहा. 10 नवंबर को अधिकतम 26.4 डिग्री तथा न्यूनतम 8.6 डिग्री दर्ज किया गया. 11 नवंबर को अधिकतम तापमान फिर 26.8 डिग्री पर पहुंचा, जबकि न्यूनतम घटकर 7.6 डिग्री रह गया. 12 नवंबर को अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और न्यूनतम 7.7 डिग्री रहा. 13 नवंबर को अधिकतम 26.6 डिग्री और न्यूनतम 7.4 डिग्री दर्ज हुआ. 14 नवंबर को अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री तक गिर गया. 15 नवंबर को अधिकतम 26.7 डिग्री और न्यूनतम 7.5 डिग्री रहा. 16 नवंबर को दिन का अधिकतम तापमान घटकर 25.6 डिग्री रह गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान और गिरकर 6.2 डिग्री तक पहुंच गया. कुल मिलाकर इस अवधि में दिन का तापमान लगभग स्थिर रहा, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की गई.
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल ₹3,100 का मूल्य प्रदान करने का निर्णय बनाए रखा है। यह महाअभियान 31 जनवरी तक प्रदेशभर के सभी जिलों में चलेगा। धान खरीदी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में किसानों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने अलग-अलग बिन्दुओं पर किसानों और बैंक प्रबंधन को सचेत रहने के साथ संदिग्धों से सावधान और सतर्कता बरने की अपील की है।
दुर्ग पुलिस की अपील — “किसान भाई सतर्क रहें”
धान खरीदी सीजन के दौरान किसानों के खातों में बड़ी राशि जमा होती है। इस समय उठाई गिरोह, ठग और साइबर अपराधी सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं और पुलिस टीम लगातार निगरानी भी कर रही है।
पुलिस ने कहा कि “इस संदेश को अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि कोई भी किसान ठगी या चोरी का शिकार न बने। सुरक्षा सबसे पहले, सतर्कता सर्वोपरि।”
किसानों के लिए दुर्ग पुलिस की 16 महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाहें
1 – बैंक में सिर्फ अधिकृत कर्मचारी से ही मदद लें
पैसे जमा या निकासी करते समय अपनी जानकारी किसी को न बताएँ। मदद चाहिए तो केवल बैंक के कर्मचारी से ही लें। बैंक में मौजूद अनजान लोग मदद के बहाने धोखा दे सकते हैं, इसलिए उनसे दूरी बनाए रखें।
2 – नोटों की गिनती सिर्फ बैंक के अंदर करें
पैसे निकालने के बाद नोटों की गिनती हमेशा बैंक के अंदर ही पूरी करें। बाहर सड़क या दुकान के सामने नोट गिनना सुरक्षित नहीं है। ऐसे मौके पर उठाई गिरोह आसानी से पैसे छीन सकते हैं, इसलिए पैसा बाहर न दिखाएँ।
3 – बैंक आते-जाते समय पैसों को सुरक्षित रखें
बैंक से आते या जाते समय अपने पैसों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। पैसा हमेशा शरीर से सटाकर रखे गए बैग में रखें ताकि कोई आसानी से हाथ न लगा सके। ऐसा करने से चोरी और लूटपाट की संभावना कम होती है। सुरक्षा को सबसे पहले रखें और हर समय सतर्क रहें।
4 – बैंक जाते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ रखें
बैंक आने या जाने के समय किसी मित्र या परिवार के सदस्य को साथ लेकर जाएँ। गाड़ी को बैंक के बाहर पार्क करते समय आसपास ध्यान रखें और देखें कि कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं है। यदि आपको आसपास किसी पर संदेह हो, तो तुरंत कंट्रोल रूम 9479192099 या 112 पर संपर्क कर सूचना दें।
5 – बैंक आते-जाते समय संदेह होने पर तुरंत पुलिस को बताएं
अगर बैंक से लौटते समय आपको लगे कि कोई व्यक्ति आपका पीछा कर रहा है या संदिग्ध तरीके से देख रहा है, तो सीधे घर न जाएँ। ऐसी स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुँचें और पुलिस की मदद लें। परिवार के सदस्य को साथ लेकर घर जाना अधिक सुरक्षित रहता है।
6 – नकदी को गाड़ी की डिक्की में न रखें
पैसे निकालने के बाद उन्हें गाड़ी की डिक्की में रखने से बचें, क्योंकि डिक्की का ताला अपराधी आसानी से तोड़ लेते हैं। अपराधी भीड़ में मौका देखकर गाड़ी के आसपास घूमते हैं और तरकीब से पैसा निकाल लेते हैं। इसलिए निकाली हुई राशि हमेशा साथ रखें और हर समय सावधान रहें।
7 – पैसे निकालकर सीधे घर जाएँ, रास्ते में रुकें नहीं
बैंक से पैसे निकालने के बाद बिना रुके सीधे अपने घर या गंतव्य स्थान पर जाएँ। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएँ। होटल, दुकान, चाय या खरीदारी के लिए रुकने पर चोरी की घटनाएँ अधिक होती हैं। पैसे लेकर रुकना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।
8 – अपने बैंक विवरण और धन की बात किसी से साझा न करें
अपने बैंक का लेन-देन, पैसा कब निकाला या कितना निकाला—ऐसी जानकारी किसी से न बताएं। यह जानकारी फैलने पर कोई भी व्यक्ति आपका फायदा उठा सकता है। अपनी आर्थिक जानकारी गोपनीय रखना ही सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है।
9 – अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें
अपनी व्यक्तिगत जानकारी सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने ATM नंबर, आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या किसी भी दस्तावेज की जानकारी न दें। इन जानकारियों से धोखा बहुत जल्दी हो सकता है।
10 – OTP और PIN किसी को न बताएं
अपने बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI का पासवर्ड, PIN, OTP किसी को भी न बताएं। अपराधी बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और OTP मांगकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं। बैंक कभी भी फोन पर OTP नहीं मांगता—यह 100% फ्रॉड होता है।
11 – अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें
किसी भी अनजान लिंक, संदेश, लॉटरी, बीमा या पुरस्कार वाले मैसेज पर विश्वास न करें। इन लिंक पर क्लिक करते ही आपका मोबाइल या बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। शक होने पर तुरंत उस नंबर को ब्लॉक करें और सावधान रहें।
12 – सोशल मीडिया की फर्जी जानकारी से बचें
फेसबुक, व्हाट्सऐप या किसी भी सोशल मीडिया पर आए बैंक या पैसों से जुड़े संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। अपराधी फर्जी लिंक या APK फ़ाइल भेजकर आपके मोबाइल और खाते से पैसे निकाल लेते हैं। किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा बैंक शाखा या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही करें।
13 – KYC वाले कॉल और SMS से सावधान रहें
KYC करने के नाम पर आने वाले कॉल या मैसेज पर बिल्कुल विश्वास न करें। KYC अपडेट का बहाना बनाकर अपराधी आपका PIN, पासवर्ड और OTP माँगते हैं। खाता बंद होने की धमकी भी देते हैं—यह सब फ्रॉड होता है। KYC हमेशा बैंक शाखा में जाकर ही कराएं।
14 – AI आवाज़ वाले धोखाधड़ी कॉल से बचें
आजकल अपराधी आपकी आवाज़ जैसी आवाज़ बनाकर कॉल करते हैं और पैसों की मांग करते हैं। सिर्फ आवाज़ से किसी पर भरोसा न करें। पहले वीडियो कॉल करें, पहचान की पुष्टि करें और तभी कोई निर्णय लें। ऐसी कॉल आते ही शांत रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
15 – डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) से बचें
अपराधी खुद को पुलिस/CBI का अधिकारी बताकर कहते हैं कि आपका सिम, आधार या बैंक किसी अपराध में पकड़ा गया है। ऑनलाइन पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते हैं। याद रखें—पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती, यह पूरा धोखा है।
16 – फर्जी ग्राहक सेवा (Customer Care) से बचकर रहें
गूगल पर दिखने वाले कई कस्टमर केयर नंबर नकली होते हैं। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट के नंबरों का ही उपयोग करें।
जागरूक किसान ही सुरक्षित किसान
धान खरीदी सीजन किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समय है। पुलिस ने सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और अनजान व्यक्तियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें.
रायपुर/भाटापारा। खेल में भाग लेना ही असली जीत है, क्योंकि यही सहभागिता जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का हौसला देती है। यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को भाटापारा के गुरुकुल स्कूल में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर बच्चों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल का खिलाड़ियों, युवाओं आयोजकों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक ग़जमाला पहनाकर स्वागत किया।
इस दौरान रस्साकसी, गेड़ी दौड़, समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
सांसद श्री अग्रवाल ने विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार तथा प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
सांसद बृजमोहन ने अपने संबोधन में कहा कि, खेल में भाग लेना ही सबसे बड़ी जीत है, क्योंकि यही सहभागिता जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का साहस पैदा करती है। नया भारत तभी मजबूत होगा जब युवा खेल के मैदान में पसीना बहाएँगे और जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करेंगे।
गुरुकुल स्कूल, भाटापारा में आयोजित इस प्रतियोगिता में शामिल होकर सांसद ने युवा खिलाड़ियों के जोश, प्रतिभा और समर्पण को नज़दीक से महसूस किया तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा निखारने का मंच देता है, बल्कि उनमें टीम–स्पिरिट, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच का विकास भी करता है।
सांसद बृजमोहन ने यह भी कहा कि युवा हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि उन्हें सही दिशा, सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे देश का भविष्य ही नहीं, भारत का वैश्विक नेतृत्व भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों, विजेताओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं आयोजकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन तभी सफल है जब हर बच्चा खेल को जीवन का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ने का संकल्प ले।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक शिव रतन शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, शिक्षा एवं खेल विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत के साथ रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक लेवल एजेंट्स (BLA) एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक लेकर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की रणनीति पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि—“20 वर्षों में एक बार मिलने वाला SIR (Special Intensive Revision) लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह सिर्फ चुनावी कार्य नहीं, बल्कि हर वैध मतदाता को उसका अधिकार दिलाने और फर्जी मतदाता को सूची से बाहर करने की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए—
प्रत्येक पार्षद अपने वार्ड में BLA-2 की बैठक लेकर बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाएँ।
प्रतिदिन कम से कम 2 घंटे समर्पित कर 20 घरों तक पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित करें।
मतदाता सूची को सही करने के लिए मेहनत अनिवार्य है।
फॉर्म भरने की संपूर्ण प्रक्रिया कार्यकर्ताओं को समझाई जाए और जन-जन तक इसका संदेश पहुँचाया जाए।
सूचना के प्रसार के लिए व्हाट्सएप और डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए।
सांसद बृजमोहन ने कहा कि जैसे SIR के बाद बिहार में ऐतिहासिक परिणाम आया और जनता ने विश्वास की सुनामी लाई, वैसी ही सुनामी रायपुर और छत्तीसगढ़ में भी लाई जा सकती है यदि बूथ और वार्ड संगठन मजबूत हो और यहां सही से SIR हो।
उन्होंने कहा कि, सही मतदाता सूची होने से मतदाता भी संतुष्ट रहता है। मतदान के दिन उसे भटकना नहीं पड़ता। पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची से ही लोकतंत्र सशक्त बनता है।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं और इस बार भी SIR कार्य को पूरी ईमानदारी से कर 20 वर्षों तक मजबूत आधार देने का संकल्प लें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संगठित प्रयासों से रायपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों में जीत का मार्जिन ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगा।
कांग्रेस द्वारा भाजपा पर अपने मतदाताओं का नाम जुड़वाने के आरोप पर सांसद बृजमोहन ने कहा कि, केवल आरोप लगाने से कुछ होने वाला नहीं है। कांग्रेसी भी अपने BLA को भी काम पर लगाएं।
मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यशाला में राज्य वक्फ बोर्ड आयोग अध्यक्ष डॉ सलीम राज, छगन मुंदड़ा, ओंकार बैस, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर समेत पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और BLA उपस्थित रहे.
रायपुर। गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।
प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।
अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर तक लगभग 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है।
मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर के अवधि में सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान में सर्वाधिक महासमुंद जिले में 4266 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार बलरामपुर जिले में 4139 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 1750 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 1201 क्विंटल, जशपुर जिले में 1157 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 967 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 869 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 687 क्विंटल, राजनांदगांव 607 क्विंटल, मुंगेली में 490 क्विंटल, बलौदाबाजार में 386 क्विंटल, बिलासपुर में 273 क्विंटल, कोरिया में 253 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 250 क्विंटल, सरगुजा में 240 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 228 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 220 क्विंटल, बस्तर जिले में 218 क्विंटल, सक्ती में 137 क्विंटल, सुकमा में 130 क्विंटल, बालोद में 123 क्विंटल, गरियाबंद में 122 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 119 क्विंटल, कवर्धा में 90 क्विंटल, कोरबा में 85 क्विंटल, रायपुर में 84 क्विंटल, धमतरी में 72 क्विंटल, नारायणपुर में 53 क्विंटल, दुर्ग में 38 क्विंटल, बेमेतरा में 32 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 27 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पूर्व प्रदेश में अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर सख्त निगरानी जारी रखते हुए आज दो महत्वपूर्ण कार्रवाईयाँ की गईं। मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम से प्राप्त 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान संबंधी अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कोंडागांव जिले की टीम ने मौके पर पहुंचकर धान जप्त किया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।
इसी क्रम में, रात्री गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली, थाना सनवाल क्षेत्र में अशोक सिंह पिता रामचरित्र के घर के बाहर बने शेड में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 222 कट्टा धान पाया गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए दिन में पुनः तहसीलदार रामचंद्रपुरपुर, थाना प्रभारी सनवाल, महिला पुलिस, तथा मंडी कर्मचारियों की मौजूदगी में विस्तृत जांच की गई और धान की विधिवत जप्ती की कार्रवाई पूरी की गई। शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। देहरादून में हुई 28वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 150 मेडल और 578 अंक के साथ लगातार दूसरे वर्ष चैम्पियनशिप अपने नाम की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी है।
उल्लेखनीय है कि 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट 12 नवम्बर से 17 नवम्बर तक देहरादून में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 74 गोल्ड, 34 रजत, 42 कांस्य लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ की ओर से इस प्रतियोगिता में भाग लेने 253 सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कई उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने किया। इनमें सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी संगीता राजगोपालन बैडमिंटन एवं टेनिस में 4 स्वर्ण, 1 रजत, सर्वश्रेष्ठ एथलीट महिला ओपन थोटा संकीर्तन ने 5 स्वर्ण पदक प्राप्त कर “गोल्डन गर्ल का खिताब पाया। इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ एथलीट (पुरुष वेटरन) सुखनंदन लाल धु्रव ने 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ एथलीट (महिला वेटरन) चारुलता गजपाल 4 स्वर्ण ने पदक प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ ने लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। इस खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की। छत्तीसगढ़ की ओर से यह ट्रॉफी शालिनी रैना ने ग्रहण की। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा और वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने सभी खिलाड़ियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में केरल ने 31 गोल्ड लेकर द्वितीय स्थान और कर्नाटक ने 25 गोल्ड मेडल लेकर तीसरा स्थान हासिल किए। जबकि मेजबान उत्तराखंड छठे स्थान पर रहा। इस प्रतियोगिता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक विशेष पहल भी की गई। इसके तहत “एक खेल-एक वन” की अवधारणा पर सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के नाम पर एक पेड़ लगाया गया, जिससे खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी मिला।