प्रदेश
मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का किया शुभारंभ, सरगुजा जिले को दी 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले में 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रूपए की राशि के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है यह समारोह। इस महोत्सव से यहां की संस्कृति से देश-दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
विधायक राम कुमार टोप्पो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक उत्सव का शुभारंभ नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम का महोत्सव है। मैनपाट महोत्सव जन-गौरव का उत्सव है, जहां प्रकृति ने स्वयं इस धरती को अद्भुत सौंदर्य से सजाया है। विधायक प्रबोध मिंज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आज क्षेत्र के विकास हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से मैनपाट में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगात-
मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव : रजनीश सिंह बघेल बने अध्यक्ष, गौतम खेत्रपाल उपाध्यक्ष निर्वाचित
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ निर्वाचन वर्ष 2026–2028 के चुनाव में रजनीश सिंह बघेल ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। युवा अध्यक्ष के हाथ हाईकोर्ट बार की कमान आने से युवा अधिवक्ताओं में भारी उत्साह है। परिणाम आते ही अधिवक्ताओं के बीच जबरदस्त उत्साह नजर आया। कड़ी टक्कर के बीच रजनीश सिंह बघेल ने जीत दर्ज की है।
बता दें कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में 17 पदों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था, जिसमें 61 प्रत्याशी मैदान में थे। अध्यक्ष पद के लिए 7 दावेदारों के बीच मुकाबला था। उपाध्यक्ष (वरिष्ठ) पद पर 6 और उपाध्यक्ष (महिला) पद पर 4 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई। सचिव, सह सचिव, कोषाध्यक्ष समेत अन्य पदों पर भी कांटे की टक्कर रही। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में थे। 2026–2028 कार्यकाल के लिए 1419 मतों में से 1214 वोट पड़े।

विजेता अभ्यर्थियों की सूची इस प्रकार है-
अध्यक्ष: रजनीश सिंह बघेल
उपाध्यक्ष (वरिष्ठ): गौतम खेत्रपाल
उपाध्यक्ष (महिला): माण्डवी भारद्वाज
सचिव: अनिल त्रिपाठी
सह सचिव: विजय कुमार साहू
सह सचिव (महिला): आस्था शुक्ला
कोषाध्यक्ष: हरआशा पूरन सिंह भाटिया
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव (वरिष्ठ): अमन पाण्डेय
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव (महिला): प्रज्ञा पाण्डेय
ग्रंथालय सचिव: राहुल कुमार मिश्रा।

कार्यकारिणी सदस्य-
अभिषेक पाण्डेय
त्रिवेणी शंकर साहू
आशुतोष मिश्रा
शरद मिश्रा
उज्जवल चौबे
लक्ष्मीन कश्यप
दीप्ति तिवारी
स्काउट-गाइड अनियमितता मामले में जांच समिति गठित, DEO ने 3 सदस्यीय टीम को सौंपी जांच, 7 दिन में मांगा गया रिपोर्ट
मुंगेली। जिले में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर अब प्रशासन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। युवा कांग्रेस के जिला महासचिव एवं पार्षद अजय साहू द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के बाद हरकत में आए डीईओ एल.पी. डाहिरे ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि शिकायत में वर्ष 2022 से 2025 के बीच संगठन के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। संगठन के अध्यक्ष और सचिव पदों पर चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, बिना विधिवत ऑडिट किए भारी राशि आहरित करने तथा बिल-वाउचर के माध्यम से नियमविरुद्ध भुगतान किए जाने की बात कही गई थी।
कंप्यूटर ऑपरेटर पूनम शर्मा और तात्कालीन डीओसी मोरध्वज सप्रे पर संगठन की राशि के मनमाने उपयोग के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि पिछले तीन वर्षों से आय-व्यय विवरण और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित कर मूल बिल-वाउचर, चेकबुक और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई थी।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) अशोक कश्यप, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र बावरे तथा वी.आर. साव सेजेस विद्यालय, मुंगेली के प्राचार्य पी.सी. दिव्य को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि वह निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।
यह भी कहा जा रहा है कि यह मामला पहले भी उठ चुका था, लेकिन कार्रवाई के अभाव में ठंडे बस्ते में चला गया था। अब जांच समिति के गठन के बाद यह प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया है। अब सभी की नजर जांच प्रतिवेदन पर टिकी है, जो तय करेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।
नए आपराधिक कानूनों के प्रयोग से पुलिस प्रक्रिया हुई तीव्र एवं आसान - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।
8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण
गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है।
अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।
गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।
राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई
श्री शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है।
अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।
लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं
नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।
दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त किया घोषित
श्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।
बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर एसीएस गृह मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, एडीजी अमित कुमार, एडीजी एसआरपी कल्लूरी, एडीजी विवेकानंद, एडीजी प्रदीप गुप्ता, आईजी ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।
एस्टीमेट कमेटी की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बिजली परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा की प्रगति पर की चर्चा
नई दिल्ली / रायपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल शुक्रवार को नई दिल्ली में "भारत में विद्युत परियोजनाएं: मामले और चुनौतियां" विषय पर आयोजित 'एस्टीमेट कमेटी' (प्राकलन समिति) की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।
बैठक में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की समीक्षा करते हुए श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संभावनाओं और चुनौतियों पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पंचामृत' लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि भारत आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व पटल पर एक महाशक्ति बनकर उभरा है।
छत्तीसगढ़ के वनांचलों में सौर क्रांति
बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली 'पीएम जनमन' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' छत्तीसगढ़ के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया, "छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग की ऐसी दुर्गम जनजातीय (PVTG) बस्तियां, जहां भौगोलिक कारणों से ग्रिड की बिजली पहुंचाना कठिन है, वहां ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम के माध्यम से घरों को रोशन किया जा रहा है। देशभर में स्वीकृत 12,922 घरों के विद्युतीकरण में छत्तीसगढ़ की बस्तियों का बड़ा हिस्सा शामिल है।"
लक्ष्य से आगे बढ़ता भारत: छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
श्री अग्रवाल ने बताया कि, भारत ने अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म ईंधन (Renewable & Nuclear) से प्राप्त करने का लक्ष्य समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। दिसंबर 2025 तक हमारी गैर-जीवाश्म क्षमता 266.78 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो कुल क्षमता का 51.93% है।"
उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ एक ऊर्जा सरप्लस राज्य है, और अब हम कोयला आधारित बिजली के साथ-साथ सौर और जैव-ईंधन (Bio-energy) में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के किसानों को पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप देकर सिंचाई के लिए आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।"
सांसद श्री अग्रवाल ने बताया कि, पिछले 11 वर्षों में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 3.38 गुना की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से सौर ऊर्जा में 48 गुना वृद्धि हुई है जो वर्ष 2014 के 2.82 GW से बढ़कर दिसंबर 2025 में 135.81 GW हो गई है। वहीं पवन ऊर्जा 21.04 GW से बढ़कर 54.51 GW और सौर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 2.3 GW से बढ़कर 144 GW हो गई है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' का उदाहरण है।
प्रमुख योजनाओं से बदल रही तस्वीर
बैठक में 'पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना', 'पीएम-कुसुम' और 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' जैसी दूरगामी योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
श्री अग्रवाल ने बताया कि 'पीएम-सूर्य घर' योजना के तहत अब तक 26.05 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए 'पीएम जनमन' और 'धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान' के माध्यम से ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा पहुंचाकर अंतिम छोर के व्यक्ति को रोशन किया जा रहा है।
श्री अग्रवाल ने भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2030 तक 500 GW के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रिड स्थिरता, भूमि अधिग्रहण और बैटरी सामग्री के लिए आयात पर निर्भरता कम करने हेतु 'उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन' (PLI) योजना को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
उन्होंने विश्वास जताया कि ग्रीन बांड और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि दुनिया को क्लीन एनर्जी का रास्ता भी दिखाएगा।
रायपुर के ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रिंग रोड चौड़ीकरण के लिए NHAI से दिलाई मंजूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के यात्रियों के लिए एक बड़ी जीत के रूप में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने आधिकारिक तौर पर रिंग रोड नंबर 1 (NH-53) के किनारे सर्विस रोड के चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय, जो स्थानीय आबादी की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल की निरंतर वकालत और प्रयासों के बाद लिया गया है।
वर्षों से, रिंग रोड नंबर 1 शहर की मुख्य जीवन रेखा रही है। हालाँकि, जैसे-जैसे रायपुर एक प्रमुख शहरी केंद्र में बदला, जो कभी बाईपास हुआ करता था, वह अब घनी आवासीय कॉलोनियों और वाणिज्यिक बाजारों से घिर गया है। मौजूदा 5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड अब बढ़ते यातायात के दबाव को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थी। दैनिक यात्रियों को अक्सर भीषण जाम का सामना करना पड़ता था, जहाँ स्थानीय यातायात खतरनाक रूप से भारी राजमार्ग वाहनों के साथ मिल जाता था।
इस परियोजना की मंजूरी का श्रेय सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सतत प्रयासों को जाता है। पिछले दो वर्षों में, अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के समक्ष कई उच्च-स्तरीय आवेदन प्रस्तुत किए।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे अपने पत्रों में, अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया था कि शहर की भीड़भाड़ कम करने के लिए सड़कों को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर करना "अत्यधिक आवश्यक" है। उन्होंने तर्क दिया कि NH-53 को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स के लिए एक सुगम कॉरिडोर बनाए रखने के लिए स्थानीय यातायात को प्रभावी ढंग से डायवर्ट किया जाना चाहिए।
"मैं एक साल से लगातार इस मामले को तेज़ी से उठा रहा था और इस परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी जी और NHAI के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। अब हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना स्वीकृत समय से पहले पूरी हो जाए ताकि शहर को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके।"
- सांसद बृजमोहन अग्रवाल
NHAI ने ₹99.72 करोड़ स्वीकृत किए
इस महत्वपूर्ण सफलता को 9 फरवरी, 2026 को आयोजित NHAI की 702वीं कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान औपचारिक रूप दिया गया।
●परियोजना का दायरा: NH-53 के रायपुर-आरंग खंड (किमी 239 से किमी 282) पर सर्विस रोड का चौड़ीकरण।
●विस्तार: 14.25 किमी के हिस्से (Ch. 265.500 से Ch. 279.750) में वर्तमान 5.5 मीटर चौड़ाई को बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा।
●बजट: अनुमानित लागत ₹99.72 करोड़।
●निष्पादन: यह कार्य EPC (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) आधार पर प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी निर्माण अवधि एक वर्ष होगी।
सांसद अग्रवाल ने रायपुर की यातायात समस्याओं की गंभीरता को समझने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और NHAI नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद के साथ, रायपुर के निवासी अब देरी और हताशा के बजाय गति और सुरक्षा वाले सफर की उम्मीद कर सकते हैं
बिजली दरों पर फैसला से पहले जनता की राय जानेगा विद्युत नियामक आयोग, 17-18 फरवरी को होगी क्षेत्रीय जनसुनवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं पर जन-सुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है।
आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण तथा पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी।
आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है तथा इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी 2026 को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जन-सुनवाई होगी।
जबकि 18 फरवरी 2026 को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जन-सुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
PSC प्री के अभ्यर्थियों को अफसरों ने सफलता के दिए टिप्स, कलेक्टर ने कहा- मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए दी जाएगी निःशुल्क आवासीय विद्यालय की सुविधा
कांकेर। धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं में भी अब शिक्षा की अलग जग रही है. यहां के युवा नक्सली विचारधारा और बंदूक छोड़कर अफसर बनने के लिए मेहनत कर रहें हैं. कांकेर कलेक्टर निलेश क्षीरसागर के नेतृत्व में जिला प्रशासन उनके सपनों पर पंख भर रहा है. 22 फरवरी को आयोजित पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के लिए कलेक्टर निलेश क्षीरसागर, सीईओ हरेश मंडावी और प्रशिक्षु आईपीएस बाबासाहेब प्रतीक ने परीक्षार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाते हुए उन्हें मोटिवेट किया. साथ ही परीक्षा के तैयारी के संबंध में और प्रश्न हल करने के संबंध में उन्हें महत्वपूर्ण टिप्स दिए.
इसमें कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ( आईएएस 2011 बैच), जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी( 2013 राज्य प्रशासनिक सेवा), प्रशिक्षु आईपीएस बाबासाहेब प्रतीक ( आईपीएस 2023) ने प्रशिक्षण सत्र में अभ्यर्थियों में आत्मविश्वास भरते हुए परीक्षार्थियों को परीक्षा के संबंध में सुझाव दिए और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया.
कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का तनाव न लें. शांत और आत्म विश्वास के साथ प्रश्न पत्र हल करें. कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा से ठीक पहले कोई भी नई पुस्तक, नया विषय या कोई नया स्टडी मैटेरियल पढ़ने का प्रयास न करें. जिन विषयों का अध्ययन पहले से किया गया है उन्हीं की पुनरावृत्ति करें और अपनी तैयारी पर भरोसा करें. कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि 10 पुस्तक एक-एक बार पढ़ने की बजाय एक पुस्तक को 10 बार पढ़ा जाए तो बेहतर होगा.
कलेक्टर ने अनुभव किया साझा
कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने अभ्यर्थियों के बीच अपना अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा उनके लिए हमेशा डर का विषय रहा है. उन्होंने बताया कि परीक्षा में कुछ ऐसे प्रश्न होते हैं जिसमें अभ्यार्थियों को लगता है कि इसके जवाब उन्हें पता भी हो सकते हैं या नहीं भी पता हो सकते हैं. ऐसे मान लीजिए 20 प्रश्न है, उनमें से मैं पांच ऐसे प्रश्न बनाता था जिनके मुझे लगता था कि ऑप्शन 50% सही होंगे. पर मेरे पांचों प्रश्न गलत हो जाते थे. इसलिए प्री से मैं थोड़ा डरता था. अभ्यर्थियों को कलेक्टर ने कहा कि यदि उन बीस प्रश्नों में यदि आप तीन में कंफर्म है तो फिर तीन ही बनाएं.
वही प्रशिक्षु आईपीएस बाबासाहेब प्रतीक ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में कम से कम एक घंटा पहले पहुंचे तथा आवश्यक दस्तावेजों को एक दिन पहले ही व्यवस्थित कर ले ताकि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार का तनाव या घबराहट ना हो. प्रशिक्षु आईपीएस ने अभ्यर्थियों को आश्वासन देते हुए कहा कि जब भी उन्हें उनकी मदद या सुझाव की आवश्यकता हो तो वे हमेशा उनके लिए उपलब्ध हैं. आईपीएस बाबा साहेब प्रतीक ने कहा कि सभी अभ्यर्थी बिना किसी प्रेशर के अब तक जो भी उन्होंने पढ़ाई की है उसका पूरा उपयोग करते हुए परीक्षा देवें.
जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने अभ्यर्थियों को बताया कि 85 प्रश्न हल करने का लक्ष्य अभ्यर्थियों को रखना चाहिए. परंतु इसके लिए ऐसा ना हो कि अभ्यर्थी तुक्का लगाए. उन्होंने तुक्का लगाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि गलत उत्तर देने से माइनस मार्किंग होने की वजह से नुकसान की आवश्यकता अधिक रहती है. इसलिए सोच समझकर उत्तर देवें.
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम से परीक्षार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ. उन्होंने अपने डाउट्स भी अधिकारियों के समक्ष रखें. अधिकारियों ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए पूरी तैयारी और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की.
निःशुल्क आवासीय कोचिंग की व्यवस्था
कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने इस अवसर पर कहा कि जो भी अभ्यर्थी पीएससी प्री निकालेंगे उनके लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग की व्यवस्था रहेगी. उन्होंने बताया कि पीएससी का महत्वपूर्ण चरण मुख्य परीक्षा होता है जो काफी कठिन होने के साथ काफी लंबा भी होता है. जिले के अधिक से अधिक युवा पीएससी में चयनित हो सके इसके लिए प्रारंभिक परीक्षा निकालने वाले अभ्यर्थियों के निःशुल्क आवासीय कोचिंग की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा.
ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती : रात 10 बजे के बाद डीजे प्रतिबंधित, नियमों का उल्लंघन करने पर 12 से ज्यादा मॉडिफाइड डीजे वाहन जब्त
बिलासपुर। बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शहर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। हाईकोर्ट की नाराजगी और परीक्षा के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आरटीओ को भी नोटिस जारी कर मॉडिफाइड डीजे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने बीते दिनों शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 12 से अधिक मॉडिफाइड डीजे वाहन जब्त किए हैं, जिनमें क्षमता से अधिक तेज स्पीकर लगाए गए थे। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रात 10 बजे के बाद डीजे संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वाहन जब्ती के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
नियमों की अनदेखी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक और 12वीं की परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। पुलिस का कहना है कि परीक्षा अवधि में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों को शांत और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वाले डीजे संचालकों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के नए गायन संस्करण का पेन ड्राइव लॉन्च किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आकाशवाणी रायपुर और यूनेस्को को इस खास आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘रेडियो और एआई’ अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। सूचना क्रांति के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक जनोपयोगी बनाने पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी नागरिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसमें रेडियो की भूमिका शुरू से ही अत्यंत प्रभावी रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे भरोसेमंद समाचार प्रसारक है। निजी चैनलों के बीच तेज़ी से खबरें देने की प्रतिस्पर्धा के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना परंपरा को बनाए रखा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने रेडियो से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जब दूरस्थ गांवों तक किसी अन्य माध्यम की पहुंच नहीं थी, तब रेडियो ही देश-दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम था। किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए आकाशवाणी आज भी विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन संचालित हैं तथा रायपुर से विविध भारती सेवा प्रसारित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रेडियो और एआई’ संचार के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। एआई की मदद से कंटेंट को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाया जा सकता है। आपातकालीन सूचनाएं, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अधिक तेजी और सटीकता से प्रसारित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और डिजिटल तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय जुड़ाव मजबूत हुआ है और श्रोताओं की रुचि में वृद्धि हुई है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को और अधिक सशक्त बनाएंगी और विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी के सहयोग से अवश्य साकार होगा।
कार्यक्रम में यूनेस्को के रीजनल एडवाइजर ऑफ कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन हज़्ज़ाज़ मा'अली ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो पूरी दुनिया में सबसे अधिक पहुंच रखता है और सबसे अधिक भरोसे वाला माध्यम है। रेडियो ने कठिन समय में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए दुनिया को सही सूचनाएं प्रदान की। सुश्री अली ने कहा कि एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में पूरे प्रदेश विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं दे रहा है। सुश्री अली ने कहा कि यूनेस्को रेडियो के विस्तार के लिए आकाशवाणी के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर लगातार सहयोग करेगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन, उप महानिदेशक व्ही. राजेश्वर, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।
बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
‘ग्रहण मंत्री’ कहने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया पलटवार, कहा- यह शब्दों की निम्नता है, अपने गिरेबान में झांककर देखें लें
रायपुर। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ‘ग्रहण मंत्री’ बताए जाने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुझे क्या कहा, क्या नहीं कहा, यह तो स्पष्ट हो रहा है. लेकिन ये जो कह रहे हैं, जो भूपेश बघेल कह रहे हैं, उनके शब्दों की निम्नता है. उस पर मैं केवल यही कह सकता हूं कि अपने गिरेबान में झांक कर देख लें.
गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसके साथ ही विधायक देवेंद्र यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकार के दौरान हुई घटना की याद दिलाते हुए कहा कि टीचर्स डे पर एक टीचर से बलात्कार हुआ था, तब वे कहां थे? पाटन विधानसभा में जब सामूहिक हत्याएं हुईं थीं, तब वे कहां थे? उन्हें उस समय भी चिंता करनी चाहिए थी.
गृह मंत्री ने इसके साथ भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के जेल वाले बयान पर कहा कि देखिए फर्क यह है कि आपको कहां-कहां राजनीति करनी है, कहां नहीं करनी है. वही जेल है, वही सेल है. वहां मैं भी था. वही जेल है. मैं बाहर निकाल कर आया तो मैंने नहीं कहा कि वहां ऐसा है, वैसा है. मतलब जबरदस्ती किसी बात पर राजनीति करनी हो तो यह तरीका है कांग्रेस के लोगों का.
दरअसल, पूर्व कांग्रेस नेता, राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने कहा था कि उन्हें जेल में कीड़े वाला पानी दिया गया. कैदी इंजेक्शन लगाते थे, और टॉयलेट वाली जगह पर ही रहना पड़ता था.
नगर निगम की सामान्य सभा में हंगामा : 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाने का मुद्दा गरमाया, सदन की कार्यवाही ठप, धरने पर बैठे कांग्रेस पार्षद
बिलासपुर। नगर पालिक निगम बिलासपुर की सामान्य सभा में आज जमकर हंगामा हुआ। लिंगियाडीह क्षेत्र में 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाए जाने के मामले ने सभा का माहौल गर्म कर दिया। सामान्य सभा के दौरान वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने लिंगियाडीह के प्रभावित परिवारों का मुद्दा सदन में उठाया। इस पर सत्ता पक्ष के पार्षदों ने विरोध जताया, जिसके चलते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। मामले को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने लखीराम ऑडिटोरियम के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। लिंगियाडीह के प्रभावित लोग भी बड़ी संख्या में धरने में शामिल हुए। कांग्रेसी भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन पर पुनर्वास के वादे से मुकरने का आरोप लगाया। बता दें कि वार्ड क्रमांक 47 के लोग पिछले 84 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि जहां से उन्हें हटाया गया है, वहीं पुनर्वास किया जाए।


क्या है मामला?
लिंगियाडीह क्षेत्र में हाल ही में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत 175 से अधिक निर्माण हटाए गए थे। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे थे और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें बेदखल कर दिया गया। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और पुनर्वास को लेकर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, नगर पालिक निगम बिलासपुर की सामान्य सभा हंगामे के साये में जारी है और लिंगियाडीह का मुद्दा शहर की राजनीति का केंद्र बन गया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बजट पर चर्चा के दौरान सरकार की प्रशंसा के साथ नेता प्रतिपक्ष को कटघरे में किया खड़ा
रायपुर। संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक तरफ बजट से प्रदेश के साथ-साथ देश को होने वाले फायदे गिनाएं, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदन में उनके व्यवहार के लिए निंदा करते हुए कांग्रेस सरकार के दौरान देश की हालत से अवगत कराने का काम किया.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बजट के लिए धन्यवाद देने के साथ शुरू किया. उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट देश को तरक्की देने वाला, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है, यह बजट संकल्प को ठोस आधार देने वाला बजट है. यह बजट योजनाओं से आगे बढ़कर परिणामों को देने वाला, किसानों के सम्मान का, युवाओं के अवसर का, महिलाओं की शक्ति का, गरीबों की सुरक्षा का बजट है.
रायपुर सांसद ने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुना रहा था, वे मार्शल आर्ट के बारे में बोल रहे थे, ये तो विदेशी आर्ट है. हमारे मोदी जी धोबी पछाड़ जानते हैं. उसी धोबी पछाड़ के कारण 3 चुनाव जीते हैं, और आपको विपक्ष में बैठना पड़ा है. ये मार्शल आर्ट से काम चलने वाला नहीं है. आपको कुश्ती सीखनी पड़ेगी, आपको कबड्डी सीखनी पड़ेगी, आपको भारत के खेल सीखने पड़ेंगे.
उन्होंने कहा कि मोदी जी भारतीय है, वे भारत की चिंता करते हैं, भारत को जानते हैं. वो गाँव. गरीब, किसान, नौजवान, मजदूर, महिलाएं सबकी चिंता करने वाले हैं. और यह इस बजट में दिखाई दे रहा है. इसके साथ राहुल गांधी पर फिर से निशाना साधते हुए कहा कि ये सेलिंग डेटा की बात कर रहे थे, जरा ये सेलिंग डेटा टू जी स्कैम किया था, यूपीए की सरकार में. इसके बारे में उनको बताना चाहिए. स्पैक्ट्रम जो थे वो तो एटीएम बन. गए थे, स्पैक्ट्रम बेच कर वो पैसा कमा रहे थे, आज भी भ्रष्टाचार की जाँच चल रही है. जरा सेलिंग डेटा के बारे में बताएं.
सांसद अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी को यह बजट समझ में नहीं आया. ये बजट खर्च का बजट नहीं है, निवेश का बजट है. कांग्रेस ने खाली खर्च किया है. यह देश के भविष्य का बजट है. हम उज्जवल वर्तमान को देखते हैं. देश में संभावनाएं थी, पर राहुल गांधी के पास में दिशा नहीं थी, संसाधन थे, पर इनके पास में संकल्प नहीं था, जनसंख्या थी, पर इनके पास योजना नहीं थी. भारत के पास में अवसरों का महासागर था, पर विकास की बूंद-बूंद के लिए भारत तरसता था. कांग्रेस शासन एक लेखक की तरह था, जिसके पास कागज तो थे, पर उनके पास कलम में स्याही नहीं थी, वो क्या लिखते.
राहुल गांधी राजनीति में एक ऐसे कवि हैं, जो भावनाओं की कविता तो लिखते हैं, पर यथार्थ की गद्य भाषा उनको नहीं आती. जो देश को मंजिल दिखाने तो चले हैं, पर स्वयं को रास्ता नहीं मालूम है. सदन में उनको क्या बोलना है, क्या नहीं बोलना है, उनको यह समझ में नहीं आता है. नियम-कायदे-कानून नहीं जानते हैं, अपनी महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक भेज देते हैं. क्या वह यही नियम-कायदे-कानून जानते हैं, यही अनुशासन जानते हैं, यही लोकतंत्र जानते हैं. और जब उनकी गलतियों को रोकने का काम लोकसभा अध्यक्ष करते हैं, तो उनके खिलाफ विश्वास प्रस्ताव ले आते हैं. मैं इनकी निंदा करता हूँ.
राहुल गांधी के भाषणों में शब्द बहुत है, लेकिन समाधान नहीं है. उन्होंने एक भी योजना नहीं बताई बजट में कि आपको देश के लिए ये करना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष को सरकार को सुझाव देना चाहिए की सरकार को क्या-क्या करना चाहिए, उनके पास आरोप बहुत हैं, लेकिन आत्म चिंतन नहीं है, उनके पास में नारे बहुत है, लेकिन उनके पास नीति नहीं है. आज वो प्रश्न को उठाते हैं. अपने खानदान की विफलताओं के बारे में बता दीजिये, आपके खानदान के कितने लोग प्रधानमंत्री रहे 60 साल तक, उस समय देश इतना आगे क्यों नहीं बढ़ा. आज मोदी जी के 11 साल के नेतृत्व में देश आगे क्यों बढ़ रहा है.
राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वो गरीबी की बात करते हैं, परन्तु अपने शासन में उसको मिटा नहीं पाए, वो बेरोजगारी पर भाषण देते हैं, पर अपने दौर में उद्योग खड़े नहीं कर पाये, वो भ्रष्टाचार पर बोलते हैं, पर उनकी जो सरकार है, वो घोटालेबाज के प्रयोगशाला बनी रही, 60 वर्षों तक वो सत्ता में रहे, परन्तु उनके बजट में देश पिछड़ता रहा, यह दुर्भाग्य नहीं, एक विफल नेतृत्व का परिणाम है.
आज जब मोदी जी के नेतृत्व में बजट आ रहा है, निर्मला सीतारमण की बजट प्रस्तुत कर रही है, तो आज देश का युवा खुश है, आज देश की महिला खुश है, आज देश के किसान खुश है, आज देश के एसएमई के इंडस्ट्रीज खुश है. कांग्रेस में वंश की छाया रही, विचारों की कमी रही, साहस अनुपस्थित रहा, यह सत्ता की धरोहर वो जनता की सेवा नहीं खाली सत्ता को अपनी धरोहर मान लिया. मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने गति पाई है, गौरव पाया है, वैश्विक पहचान बनाई है. आज भारत इस बजट के माध्यम से आत्म निर्भर भारत बन रहा है. आज नया बजट, आत्म विश्वास का प्रणाम है.
सांसद अग्रवाल ने मोदी सरकार की बजट की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट कहता है कि अब भारत रुकेगा नहीं, अब भारत झुकेगा नहीं, अब भारत थमेगा नहीं. अब राहुल की राजनीति अतीत की डायरी हो गई है, उसके पन्ने पीले हो गए हैं. अब भविष्य की पुस्तक कोई लिख रहा है, भारत के भविष्य को कोई लिख रहा है तो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लिख रहे हैं, इस बजट के माध्यम से लिख रहे हैं, जिसके पृष्ठ पर इस देश का विकास लिखा हुआ हैं. इसलिए पूरे विश्वास के साथ मैं कहता हूँ कि भारत की नींव अगर विफलताओं के ऊपर में रखी गयी थी, तो अब उसकी सफलता की नींव अगर कोई रख रहा है तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रख रहे हैं.
फाग महोत्सव 4.0 : राजधानी में आज सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार, फाल्गुन मास की खुशबू और भक्ति का होगा अनूठा संगम
रायपुर। राजधानी के श्याम भक्तों के लिए फाल्गुन मास की खुशबू और भक्ति का अनूठा संगम होने जा रहा है. आगामी 13 फरवरी 2026 को अशोक रॉयल, अशोक रत्न कैंपस में ‘फाग महोत्सव 4.0’ का भव्य आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6:01 बजे से बाबा श्याम की पावन ज्योति प्रज्वलित कर की जाएगी.
महोत्सव के विशेष आकर्षण
आयोजन समिति ने इस वर्ष महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए कई विशेष प्रबंध किए हैं.
भव्य दरबार एवं श्रृंगार: बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार और नयनाभिराम भव्य दरबार.
इत्र वर्षा एवं चंदन छिड़काव: पूरे परिसर को दिव्य सुगंध से सराबोर करने के लिए विशेष व्यवस्था.
56 भोग एवं पान भोग: बाबा को छप्पन प्रकार के व्यंजनों और विशेष पान का भोग लगाया जाएगा.
श्याम रसोई एवं फागुन मेला: आगंतुकों के लिए प्रसाद स्वरूप श्याम रसोई और उत्सव का आनंद लेने के लिए फागुन मेले का आयोजन.
श्याम कुंड एवं श्याम बगीची: आयोजन स्थल पर खाटूधाम की तर्ज पर प्रतीकात्मक श्याम कुंड और बगीची का निर्माण किया जाएगा.
आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से सपरिवार इस भक्तिमय उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और सुलभ दर्शन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 9 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, देखें कैंसिल गाड़ियों की सूची…
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर ने नागपुर मंडल में विकास कार्यों का हवाला दे छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 9 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया है।
रेलवे ने बताया है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में अधोसंरचना विकास कार्य करने के लिए समपार फाटक क्रमांक 481 (किमी 948/19-21) बोरतलाव–दरेकसा खंड पर बॉक्स पुशिंग कार्य के लिए आरएच-गर्डर (RH-Girder) लॉन्चिंग एवं डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इस कार्य के निष्पादन के लिए 13-14 फरवरी 2026 को अप एवं डाउन लाइन पर तथा 13-14 मार्च 2026 को डी-लॉन्चिंग के लिए ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक कार्य तथा तृतीय लाइन पर लॉन्चिंग एवं डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाएगा। जिससे कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
रद्द की जाने वाली गाड़ियों का विवरण इस प्रकार है –
1) गाड़ी संख्या 68721 रायपुर – डोंगरगढ़ मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
2) गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
3) गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया – रायपुर मेमू दिनांक – 14, 15 फरवरी एवं 14, 15 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
4) गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
5) गाड़ी संख्या 68744 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
6) गाड़ी संख्या 68711 डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
7) गाड़ी संख्या 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
8) गाड़ी संख्या 68715 बालाघाट – नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
9) गाड़ी संख्या 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी – बालाघाट मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
विनियमित (Regulated) गाड़ियां-
गाड़ी संख्या 18109 टाटा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस – दिनांक 13.02.2026 एवं 13.03.2026 को दुर्ग–बोरतलाव खंड के बीच विनियमित की जाएगी।
गाड़ी संख्या 18239 कोरबा – नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी दिनांक 13.02.2026 एवं 13.03.2026 को दुर्ग–बोरतलाव खंड के बीच विनियमित की जाएगी।
नेशनल हाईवे मुआवजा आर्बिट्रेशन अपील 221 दिन की देरी से दायर, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे से जुड़े मामले में दायर आर्बिट्रेशन अपील को 221 दिन की देरी के कारण खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल धनाभाव और कानूनी जानकारी की कमी जैसे सामान्य कारणों के आधार पर इतनी लंबी देरी को माफ नहीं किया जा सकता। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ में हुई।
क्या है मामला
जांजगीर-चांपा जिले के सारागांव निवासी रामकृष्ण, ओंकार, महावीर, परमेश्वरी और रमेश्वरी की जमीन नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई थी। 30 जुलाई 2016 को अवार्ड पारित हुआ। मुआवजे की राशि से असंतुष्ट होकर अपीलकर्ताओं ने नेशनल हाईवे एक्ट की धारा 3G(5) के तहत मामला मध्यस्थ के समक्ष रखा। मध्यस्थ ने 10 नवंबर 2017 को आदेश पारित करते हुए मुआवजे का पुनर्मूल्यांकन केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर के वर्ष 2015-16 के दिशा-निर्देशों के अनुसार करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) ने धारा 34 के तहत जिला न्यायालय में चुनौती दी। तृतीय जिला न्यायाधीश, जांजगीर ने 2019 में मध्यस्थ का आदेश निरस्त कर दिया।
221 दिन की देरी से दाखिल हुई अपील
जिला न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपीलकर्ताओं ने धारा 37 के तहत हाईकोर्ट में अपील दायर की, लेकिन यह अपील 221 दिन की देरी से दाखिल हुई। देरी माफी के लिए लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 के तहत आवेदन पेश किया गया। अपीलकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि धनाभाव, प्रक्रिया की जानकारी का अभाव और व्यक्तिगत परेशानियों के कारण समय-सीमा में अपील दाखिल नहीं हो सकी। उनका कहना था कि देरी जानबूझकर नहीं की गई और यदि देरी माफ कर दी जाए तो प्रतिवादियों को कोई नुकसान नहीं होगा।
कोर्ट ने क्या कहा
केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने देरी माफी का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला दिया। इसमें कहा गया है कि आर्बिट्रेशन मामलों में तय समय-सीमा के बाद देरी को अपवादस्वरूप ही माफ किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 221 दिन की देरी अत्यधिक है और दिए गए कारण पर्याप्त नहीं हैं। केवल कानूनी जानकारी की कमी या धनाभाव को पर्याप्त कारण नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि पर्याप्त कारण सिद्ध होने पर भी देरी माफी अधिकार के रूप में नहीं मिलती, यह न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है। देरी माफी आवेदन खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब देरी ही स्वीकार नहीं की जा सकती, तो अपील भी विचारणीय नहीं है। परिणामस्वरूप आर्बिट्रेशन अपील भी खारिज कर दी गई।