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चंदखुरी में 51 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा तीन महीने से इंतजार में, स्थापना पर सियासत तेज
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास स्थित चंदखुरी में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची नई प्रतिमा पिछले करीब तीन महीने से गोढ़ी में खुले मैदान में स्थापना का इंतजार कर रही है। यह वही नई प्रतिमा है, जिसे पुराने विवादित स्वरूप की जगह लगाया जाना था। अब तक इसकी स्थापना का मुहूर्त तक तय नहीं हो पाया है, जिसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। एक ओर जहां पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बीजेपी पर चुनाव के समय प्रोपोगेंडा करने का आरोप लगाया है, तो वहीं दूसरी ओर मंत्री केदार कश्यप ने आस्था के केंद्रों को पुनर्जीवित करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, माता कौशल्या धाम चंदखुरी में पहले लगी भगवान श्रीराम की प्रतिमा को लेकर लंबे समय से विवाद था। लोगों का कहना था कि मूर्ति का चेहरा और स्वरूप भगवान श्रीराम जैसा नहीं दिखता। सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक मंचों तक उस प्रतिमा की आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने नई प्रतिमा बनवाने का फैसला लिया। नई प्रतिमा ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम ने तैयार की। यह 51 फीट ऊंची वनवासी स्वरूप वाली विशाल प्रतिमा है, जिसे खास मिंट स्टोन से बनाया गया है।
मूर्ति निर्माण के दौरान पैसों का विवाद भी सामने आया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मूर्ति को तैयार करने में करीब 25 कलाकार लगे और लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। ठेकेदार और मूर्तिकार के बीच भुगतान को लेकर मामला अटक गया था। इसी वजह से प्रतिमा कई महीनों तक ग्वालियर में ही रुकी रही। यहां तक कि मूर्तिकार ने इसे ग्वालियर के किसी मंदिर में स्थापित करने की बात भी कही थी। बाद में भुगतान होने के बाद प्रतिमा को रायपुर भेजा गया। 22 फरवरी 2026 को यह भव्य प्रतिमा रायपुर पहुंच गई थी। दावा किया गया कि जल्द ही चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में इसकी स्थापना होगी, लेकिन अब मई 2026 आ चुका है। तीन महीने गुजर चुके हैं और प्रतिमा अब भी स्थापना की प्रतीक्षा में है।
खड़े हुए कई सवाल
चंदखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। देशभर में इसकी धार्मिक पहचान है। ऐसे में यहां स्थापित होने वाली प्रतिमा सिर्फ एक मूर्ति नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भगवान श्रीराम की प्रतिमा के लिए मुहूर्त क्यों नहीं निकल पा रहा? संस्कृति विभाग अब तक स्थापना की तारीख तय क्यों नहीं कर सका? करोड़ों की लागत से बनी यह प्रतिमा खुले मैदान में कब तक यूं ही रखी रहेगी?
दीपक बैज ने BJP पर बोला हमला
मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये छत्तीसगढ़ में कौशल्या माता मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं कर पा रहे हैं। भगवान राम की नई मूर्ति स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। चुनाव के समय में बीजेपी प्रोपोगेंडा करती है। चुनाव नजदीक आता है, तो इन्हें भगवान याद आते हैं।
मंत्री केदार कश्यप का सामने आया बयान
मामले में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रभु श्री राम के मंदिर बनवाने का लक्ष्य था, जिसे पूरा किया। जितने भी आस्था के केंद्र है उसे पुनर्जीवित करने का काम करेंगे। आस्था के केंद्रों को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं।
अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 2 हाईवा समेत 6 वाहन जब्त
कोरिया। छत्तीसगढ़ में इन दिनों अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 4 मई से 10 मई के बीच खनिज विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध अभियान चलाते हुए पटना, बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा थाना क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान 2 हाईवा, 3 ट्रैक्टर और 1 मिनी ट्रक को जब्त किया गया।
खनिज विभाग की टीम ने गश्त के दौरान पाया कि उक्त वाहनों में अवैध रूप से कोयला, ईंट और गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। इसके बाद सभी वाहनों को मौके पर ही जब्त कर थाना बैकुंठपुर, चरचा और पटना की अभिरक्षा में रखा गया है।
जब्त किए गए वाहनों की जानकारी
सीजी 16 ए 2435.मिनी ट्रक, मालिक प्रदीप यादव, सीजी 16 सीजी 6738. ट्रैक्टर मालिक ओम कैलाश, सीजी 15 ए सी 3349. ट्रैक्टर मालिक शिव कुमार, सीजी 16 सीआर 2013, ट्रेक्टर मालिक राधे सिंहए सीजी 10 ए एम 7044 तथा सीजी 10 ए एम 5428 दोनो हाइवा मालिक मेसर्स श्री राम कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान एवं खनिज विकास एवं विनियमनद्ध अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23;खद्ध के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएम और दोनों डिप्टी सीएम गुवाहाटी रवाना, साय ने कहा – असम में तीसरी बार बनी BJP की सरकार, हिमंता सरकार के शपथ ग्रहण में होंगे शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा असम के लिए रवाना हुए। इस दौरान सीएम साय ने कहा, असम में लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है और हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मैं और हमारे दोनों उपमुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने के लिए गुवाहाटी जा रहे हैं।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि असम सरकार की ओर से उन्हें आमंत्रण मिला है, जिसके बाद वे समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आवाहन का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता से पेट्रोल, डीजल और उर्वरक पदार्थों को लेकर सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश की परिस्थितियों का सामना जनता के सहयोग से ही संभव होता है।
अरुण साव ने कहा कि जब-जब देश में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां आई हैं, तब-तब प्रधानमंत्री ने जनता से सहयोग मांगा है और देशवासियों ने भी साथ दिया है। कोई भी देश तभी सक्षम बनता है, जब जनता का सहयोग मिलता है। हम सभी मोदी जी के आवाहन पर अमल करेंगे।
राहुल गांधी के बयान पर अरुण साव का पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि क्या देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कभी जनता से सहयोग नहीं मांगा था। वैश्विक महामारी कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सहयोग मांगा था और पूरे देश ने मिलकर कोरोना को परास्त किया। देश को मजबूत और सक्षम बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
सपा सांसद के बयान की निंदा की
अरुण साव ने समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित अपशब्दों के इस्तेमाल की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। बीजेपी की आगामी बैठक को लेकर अरुण साव ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए बैठक आयोजित की गई है। आने वाले समय में संगठन को और बेहतर स्वरूप देने तथा रणनीति तैयार करने पर चर्चा होगी।
राशन वितरण की समय सीमा में बढ़ोतरी, अब 15 मई तक ले सकेंगे तीन माह का एकमुश्त चावल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीन माह का एकमुश्त राशन वितरण की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब 15 मई तक अप्रैल से जून 2026 तक का खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। इसका आदेश खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने जारी कर दिया है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डधारी परिवारों को अप्रैल से जून 2026 तक आबंटित खाद्यान्न के एकमुश्त वितरण की समय-सीमा में वृद्धि की है। जारी आदेश के अनुसार अब राशनकार्डधारी हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। पूर्व निर्धारित समय-सीमा में खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पाने वाले हितग्राही अब बढ़ी हुई अवधि में अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
खाद्य विभाग ने राज्य के सभी जिले के सभी उचित मूल्य दुकानदारों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी हितग्राही शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे। खाद्य विभाग ने राशनकार्डधारी परिवारों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर लें।
पेट्रोल, तेल गैस की खपत कम करने का मोदी जी के आह्वान को समूचे देशवासी स्वीकार करें: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा तेल, गैस और पेट्रोल की खपत कम करने के आह्वान का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि हमें युद्ध के इस दौर में पेट्रोलियम, गैस, तेल और सोने की खपत कम से कम करनी चाहिए। क्योंकि यही अब सबसे बेहतर रास्ता है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जिन चीजों का हम उत्पादन नहीं कर सकते, उनकी कम से कम खपत करके हम अपने विदेशी मुद्रा भंडार की बचत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी पर पूरी देश की जनता को विश्वास है कि वह देश को तेल और उर्जा के इस संकट के दौर से समूचे देश को बाहर निकाल लेंगे और इसलिए ही उन्होंने इस तरह का आह्वान देश वासियों से किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान का मैं सबसे अधिक समर्थन करता हूँ क्योंकि इस समय हम उर्जा उत्पादों सहित अन्य उपयोगी चीज़ों के लिए 22 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा का भुगतान कर रहे हैं। लिहाज़ा पेट्रोलियम, गैस, तेल और सोने की खपत कम करेंगे तो हमारी विदेशी मुद्रा ही बचेगी और वह देश की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
आज युद्ध के इस दौर में विकसित देश अमेरिका और ब्रिटेन भी संकट में हैं, इसलिए हमारे विकासशील देश भारत को इस संकट में अपनी खपत कम करके अपनी आर्थिक व्यवस्था को ठीक रख सकते हैं। मोदी जी के खपत कम करने के कथन को हर देशवासियों को स्वीकार करते हुए देश की अर्थव्यवस्था की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।
पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं
बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के केंद्र में रही प्रमुख परियोजनाएं में बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी (छाती) एवं बलौदाबाजार (चंदेरी) मे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास के अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है।
निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर
मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई।
प्रस्तुतिकरण और विभागीय भागीदारी
बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, साथ ही CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।
उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
कांग्रेस नेता का अनूठा प्रदर्शन: भ्रष्टाचार की निशानी जर्जर सड़क पर बैठकर कराया मुंडन, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग
इछावर। सीहोर नगर अपने अनूठे और अनोखे कामों के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में सीहोर में भ्रष्टाचार का अनूठे तरीके से विरोध करने का मामला सामने आया है। यहां भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी एक जर्जर सड़क का अनोखा विरोध करने का एक मामला सुर्खियों में है, जिसमें प्रदेश की पहली एफडीआर तकनीक से बनी सीहोर-श्यामपुर सड़क पर कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने मुंडन कराकर इसके निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का विरोध किया।
बता दें कि सीहोर से श्यामपुर तक लगभग 28 किमी तक बनी 30 करोड़ की लागत वाली इस सड़क के निर्माण के समय इसकी गुणवत्ता को लेकर बड़े बड़े दावे किए गए थे। कहा गया था कि इस तकनीक से बनी सड़क में लागत कम आती है और इसकी उम्र आम सड़क से दुगुनी होती है। लेकिन ये अपने निर्माण के एक साल में जगह जगह से उखड़कर पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे इसके निर्माण में जमकर किए गए भ्रष्टाचार की कहानी खुद ब खुद बयां हो रही है।
पंकज शर्मा ने बताया कि सीहोर से श्यामपुर तक जाने वाली ये सड़क सीहोर के शहरी और ग्रामीण इलाके को आपस में जोड़ती है तथा ये जिले की एक प्रमुख सड़क है, जिसका उपयोग लोग शाजापुर और राजगढ़ जाने के लिए प्रमुखता से करते हैं। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं, ऐसे में इस सड़क के जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई लोग इस जर्जर सड़क पर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं और अपने वाहन से गिरकर गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके निर्माण में भारी गड़बड़ी करने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि ये सड़क भारी गड़बड़ी तथा भ्रष्टाचार का एक जीता जागता प्रमाण है।
पंकज शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी हमारे द्वारा इस गुणवत्ताहीन सड़क का कई बार विरोध किया गया था, लेकिन सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई ना होना दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है तथा इसमें बड़े लोगों की मिलीभगत की तरफ इशारा करता है, उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में सख्त रुख अपनाकर दोषियों को सजा देने की मांग की है तथा ऐसा ना होने पर कांग्रेस पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
ठेले में गुपचुप खाने के बाद 25 लोग हुए फूड पॉइजनिंग के शिकार, गंभीर मरीजों का अस्पताल में चल रहा इलाज
दुर्ग। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह ग्राम बेलौदी में रविवार को बाजार में ठेले से चाट-गुपचुप खाने के बाद करीब 25 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हुई और गांव पहुंचकर लोगों की जांच शुरू की।
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुनेश्वर कठौतिया के निर्देशन में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश मिर्झा, सेक्टर पर्यवेक्षक उत्तम मधुकर और मितानिनों की टीम ने गांव पहुंचकर हाउस-टू-हाउस सर्वे शुरू किया। टीम ने मरीजों की पहचान कर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ाडीह एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन रेफर किया गया।
खाने-पीने में सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मौसम को देखते हुए बासी भोजन एवं बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और किसी भी प्रकार की उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह का बयान, कहा-
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19 मई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। बस्तर जिले के जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें 4 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसको लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास की भूमिका तय होगी।
रमन सिंह का बयान
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास की भूमिका तय होगी। अन्य राज्य के मुख्यमंत्री भी देखेंगे कि छत्तीसगढ़ और बस्तर कैसा विकसित हो रहा है। वहीं उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे को लेकर कहा कि नक्सलवाद खात्मे को लोग असंभव मानते थे वह संभव हुआ है।
राहुल के बयान पर पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से देशहित में ईंधन की बचत करने और अगले एक वर्ष तक शादियों के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील की है, जिसको लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निशाना साधते हुए कहा कि PM मोदी उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत बता रहे हैं। इसपर पलटवार करते हुए डॉ रमन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से मैच्योर नहीं हैं। राहुल गांधी किसी संकेत को समझें। सोना 90 प्रतिशत बाहर से आता है इसमें विदेशी मुद्रा खर्च होता है। लाल बहादुर शास्त्री ने एक टाइम खाना नहीं खाने का अपील किया था अगर राहुल गांधी उस समय होते, तो उनका भी आलोचना करते। वहीं उन्होंने आगे कहा कि PM मोदी के आग्रह का असर होगा।
सीएम साय और दोनों डिप्टी सीएम आज जाएंगे गुवाहाटी, हिमंता सरकार के शपथ ग्रहण में होंगे शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम गुवाहाटी दौरे पर रवाना होंगे। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा भी जाएंगे। मुख्यमंत्री शाम 7:30 बजे विशेष विमान से रायपुर से गुवाहाटी के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल गुवाहाटी में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 12 मई को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्व शर्मा की कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। शपथ समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों डिप्टी सीएम 12 मई को ही दोपहर करीब 2 बजे रायपुर वापस लौटेंगे।

सुरक्षाबलों को मिला नक्सली डंप: पहाड़ियों के बीच बना रखा था बंकर, BGL लांचर समेत विस्फोटक सामान जब्त
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में गंगालूर थाने की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने भारी मात्रा में नक्सली डंप बरामद किया है, जिसमें बैटरी और विस्फोटक सामग्री शामिल है। यह पूरा मामला गंगालूर थाना क्षेत्र की है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डोडीतुमनार के पहाड़ी में बंकर बनाया गया है, जिसमें कई घातक हथियार है। सूचना के बाद एक्शन में आई टीम ने मौके पर दबिश देते हुए नक्सली डंप को बरामद किया। वहीं पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
जब्त सामग्री
होंडा कंपनी जनरेटर 02, लेथ मशीन 02, इन्वर्टर 01, बैटरी 04, कार्डेक्स वायर 50 मीटर, प्लास्टिक 02 और देशी बीजीएल लांचर 01
5 लाख की ईनामी महिला माओवादी ने किया सरेंडर
बता दें कि छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सिताराम राजू जिले में आज एक ईनामी महिला माओवादी ने सरेंडर किया है. सरेंडर करने वाली महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है. लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है और लंबे वक्त से नक्सल संगठन के साथ जुड़ी हुई थी.
सरकारी योजनाओ का दिया जाएगा लाभ
लक्ष्मी DKSZC के 2 सीआरसी पीएलजीए बटालियन सक्रीय सदस्य के रूप में लक्ष्मी लंबे समय से छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश बॉर्डर में सक्रियता थी. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने एटका पुलिस कैंप में अतिरिक्त पुलिस अध्यक्ष पंकज मीणा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओ का लाभ दिया जाएगा.
"ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज"
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन (Good Governance) का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।

डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।
फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक
छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।
सक्ती जिला रहा अव्वल
ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।
ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ
ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण (Storage) के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है।
प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती
किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी (NIC) और चिप्स (CHiPS) की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
भविष्य की राह पूर्णतः डिजिटल प्रशासन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।
राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
श्री साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच PM मोदी की सलाह का CM साय ने किया समर्थन
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और भारत की अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे देशहित में ईंधन की बचत करें और अगले एक वर्ष तक शादियों के लिए सोना खरीदने से बचें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने कहा PM मोदी की अच्छी सलाह।
CM साय का सामने आया बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने कहा कि पश्चिम एशिया में वार की स्थिति है। सभी देशों को असर हो रहा है। कोई देश अछूता नहीं रहेगा। पीएम मोदी ने अच्छी सलाह दी है। विदेश में हमारे देश का पैसा ना जाए, इसकी कोशिश हमें करनी चाहिए। सोना कम खरीदें और पेट्रोल-डीजल का भी कम उपयोग करें।
राहुल गांधी के बयान पर पलटवार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निशाना साधते हुए कहा कि PM मोदी उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत बता रहे हैं। इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नाकामी नहीं है अगर ऐसा है तो वे उपाय बताएं कि ऐसे समय में क्या करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला ?
तेलंगाना में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े आर्थिक और सप्लाई चेन संकट से गुजर रही है। मिडिल ईस्ट में पिछले दो महीनों से चल रहे युद्ध और Russia-Ukraine War के कारण वैश्विक बाजारों पर भारी दबाव बना हुआ है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है।
PM मोदी की देशवासियों से अपील
उन्होंने आगे कहा कि “मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि वे अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना न खरीदें। हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर विशेष ध्यान देना होगा।” पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कोरोना काल में देश ने “वर्क फ्रॉम होम”, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में फिर से इन विकल्पों को प्राथमिकता देना समय की मांग है।
ईंधन बचाने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में ईंधन की बचत करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा: “दुनिया भर में तेल बेहद महंगा हो चुका है। इसलिए हमें जरूरत के अनुसार ही ईंधन का इस्तेमाल करना चाहिए और अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।
छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं हिंदी पेपर लीक मामला: पुलिस ने मुख्य आरोपी वेणु जंघेल को किया गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं हिंदी परीक्षा पेपर लीक मामले में रायपुर कमिश्नरेट को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी वेणु जंघेल को रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी छात्रों से पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था और गिरफ्तारी से बचने के लिए डिजिटल साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया में वायरल हुआ था पेपर
पुलिस के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा मंडल छत्तीसगढ़ की 12वीं हिंदी विषय का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने और पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य जोन के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई थी, जो तकनीकी और तथ्यात्मक जांच में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मामले से जुड़े कई लोग डिजिटल फुटप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद साइबर तकनीक की मदद से डिलीटेड डेटा, मोबाइल चैट, सोशल मीडिया एक्टिविटी और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच की गई।
50 से ज्यादा छात्रों से हुई पूछताछ
लगातार जांच और लगभग 50 से अधिक छात्रों व अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी वेणु उर्फ वेणु जंघेल तक पहुंची। आरोपी बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का निवासी है और वर्तमान में रायपुर के गोकुल नगर क्षेत्र में रह रहा था।
प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने छात्रों से वसूले जाते थे 3000 रुपये
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी 12वीं के छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के एवज में करीब 3000 रुपये तक की रकम वसूलता था। मामला दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अपने मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश भी कर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
बिलासपुर से पुलिस ने किया गिरफ्तारी
रायपुर क्राइम ब्रांच एसीसीयू और थाना कोतवाली पुलिस के सहयोग से लगातार तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की गई, जिसमें पेपर लीक मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अन्य लोगों की संलिप्तता, प्रश्नपत्र प्रसारित करने के तरीकों और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां दी हैं, जिनका पुलिस द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। मामले में मिले डिजिटल साक्ष्य, रिकवर किए गए डिलीटेड डेटा और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस ने आगे भी कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई है।
फिलहाल, आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कोतवाली पुलिस कर रही है।
