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शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा मल्टी-बेनिफिट पैकेज : बैंक ऑफ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच उन्नत वेतन पैकेज पर हुआ एमओयू
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों को आकर्षक एवं व्यापक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक ऑफ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बैंक में वेतन खाता संचालित करने वाले राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ के अंतर्गत उन्नत निःशुल्क सुविधाएं एवं बीमा कवर प्रदान किए जाएंगे।
समझौते के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा एक करोड़ 25 लाख रुपये तक, हवाई दुर्घटना बीमा एक करोड़ रूपए तक, स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर एक करोड़ 25 लाख रूपए तक तथा टर्म इंश्योरेंस 10 लाख रुपये प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। कर्मचारियों को बालिका विवाह लाभ 10 लाख रुपये तक एवं बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त खाताधारकों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे तथा स्वास्थ्य बीमा पर टॉप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर प्रदान की जाएंगी। यह समझौता ज्ञापन 10 फरवरी 2026 को शीतल शाश्वत वर्मा, विशेष सचिव, वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा वी. वेंकटेश, अंचल प्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह पहल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं लाभप्रद बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक : 17 प्रकरणों पर हुई सुनवाई, 6 मामलों में सुनवाई पूरी
रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक हुई। बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में संपन्न हुई।
आज की बैठक में कुल 17 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 06 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। 05 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर जाचं कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 05 प्रकरणों में पक्षकार अनुपस्थित रहे।
बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख, विनीत नंदंनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के जितेन्द्र गुप्ता, अंजनी भगत, ईश्वर साहू उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।
विदित हो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।
सीजीपीएससी प्रीलिम्स के लिए एडमिट कार्ड जारी, ड्रेस कोड से लेकर गैजेट्स तक में सख्ती, 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा परीक्षार्थियों को
रायपुर। राज्य सिविल सेवा भर्ती परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाने वाली है. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं. प्रदेश के सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. एडमिट कार्ड जारी करने के साथ ही लोक सेवा आयोग ने विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर ड्रेस कोड से लेकर गैजेट्स और परीक्षा की टाइमिंग भी बताई है. परीक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से वंचित भी किया जा सकता है.
महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड जारी
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को हल्के रंग के, आधी बांह वाले वस्त्र पहनकर आना होगा. काले, गहरे नीले, हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी और गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. कार्गो पैंट या किसी भी प्रकार के डिजाइनर परिधान स्वीकार नहीं किए जाएंगे, हालांकि साधारण जींस या सामान्य पैंट पहनने की अनुमति होगी.
महिलाओं के लिए यह होगा परिधान
महिला अभ्यर्थी आधी बांह की सलवार-कुर्ती या साड़ी के साथ आधी बांह का ब्लाउज पहन सकती हैं. कानों में किसी प्रकार के आभूषण की अनुमति नहीं होगी. विवाहित महिलाओं को केवल एक नोज पिन और एक मंगलसूत्र पहनने की छूट दी गई है.
जूते– चप्पलों के लिए भी निर्देश जारी
जूते-चप्पलों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं. मोटे सोल या ऊंची हील वाले जूते प्रतिबंधित हैं. अभ्यर्थियों को केवल पतले सोल वाली चप्पल या स्लीपर पहनकर ही केंद्र में प्रवेश मिलेगा.
सीमित वस्तुएं ही साथ ले जाने की अनुमति
परीक्षा केंद्र में केवल आवश्यक सामग्री ही ले जाई जा सकेगी. इनमें लेबल रहित पारदर्शी पानी की बोतल, प्रवेश पत्र का प्रिंटआउट, मूल फोटो पहचान पत्र (मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार या ई-आधार) और काले या नीले रंग का बॉल पेन शामिल हैं.
यदि प्रवेश पत्र पर लगी फोटो स्पष्ट नहीं है, तो अभ्यर्थियों को दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो साथ लानी होंगी. नाम या फोटो में किसी प्रकार की असमानता होने की स्थिति में संबंधित मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की घड़ी, स्मार्टवॉच, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, लॉग टेबल, पेजर या अन्य संचार उपकरण परीक्षा केंद्र में ले जाना सख्त मना है. नकल या अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्रों पर जैमर भी लगाए जाएंगे.
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रावधान
जिन अभ्यर्थियों को सहलेखक की अनुमति प्रदान की गई है, उन्हें संबंधित जिला कार्यालय से जारी स्वीकृति पत्र साथ रखना होगा. सहलेखक पर भी परीक्षा के सभी नियम समान रूप से लागू होंगे. चिकित्सकीय कारणों से विशेष जूते या उपकरण की आवश्यकता होने पर जांच के उपरांत ही अनुमति दी जाएगी.
दो घंटे पहले पहुंचना होगा अभ्यर्थियों को
आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक सत्र के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा. परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पूर्व मुख्य द्वार बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा समाप्त होने से पहले किसी को भी केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी, सिवाय चिकित्सा आपात स्थिति के.
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित सूची के अतिरिक्त कोई अन्य वस्तु लाने की स्थिति में उसकी पूरी जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी. आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा के दौरान तलाशी भी ली जा सकती है. आयोग ने सभी परीक्षार्थियों से नियमों का पूर्ण पालन करते हुए शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की है.
238 पदों के लिए होगी परीक्षा
PSC 26 फरवरी 2025 को विज्ञापन जारी किया था. कुल 238 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया. 1 दिसंबर से 30 दिसंबर तक के ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे.
होली से पहले गन्ना किसानों को राहत, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए 4.73 करोड़ रुपए
कवर्धा। होली से पहले भोरमदेव शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना किसानों के लिए राहतभरी खबर है। कारखाने ने किसानों के खातों में 4 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि जारी की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उत्साह का माहौल बन गया है।
चालू पेराई सत्र में अब तक 14,518 किसानों को कुल 51 करोड़ 51 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। समयबद्ध भुगतान से किसानों में भरोसा मजबूत हुआ है और खेती-किसानी के साथ त्योहारी तैयारियों को भी बल मिला है। प्रशासनिक मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी रहने की जानकारी कारखाना प्रबंधन ने दी है।
उत्पादन के मोर्चे पर भी कारखाना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अब तक 2 लाख 42 हजार 990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2 लाख 86 हजार 743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। प्रबंधन का मानना है कि किसानों के सहयोग और सुव्यवस्थित संचालन से इस वर्ष बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
कारखाना प्रशासन ने सदस्य और गैर-सदस्य किसानों से सर्वे के अनुरूप अधिक से अधिक गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है, ताकि पेराई लक्ष्य समय पर पूरा हो सके और सहकारी व्यवस्था मजबूत बनी रहे। किसानों को एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि, बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों और किसानों के लिए सस्ती भोजन व्यवस्था जैसी पहलें सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती हैं।
नारायणपुर: माता मावली मेले में उमड़ा जनसैलाब, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए करोड़ों के कार्यों की मिली मंजूरी
रायपुर। नारायणपुर में आयोजित ऐतिहासिक माता मावली मेले में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप तथा राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता मावली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों, विशेषकर जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मावली माता के आशीर्वाद से बस्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराएं सदैव अक्षुण्ण रहें। उन्होंने कहा कि नारायणपुर का यह मेला सामाजिक समरसता, लोककला और परंपरा का जीवंत संगम है, जहां दूर-दूर से लोग पहुंचकर बस्तर की संस्कृति से रूबरू होते हैं। उन्होंने सभी को मेले में शामिल होकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का आग्रह किया।
मंत्री द्वय ने मेले में लगे विभिन्न दुकानों एवं विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्थानीय उत्पादों और पूजा सामग्री की खरीदारी भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर कुल 1 करोड़ 76 लाख 59 हजार रुपये के कार्यों का भूमिपूजन तथा 59 लाख 51 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 10 प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया, जिनकी स्वीकृत राशि 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रुपये है। इसके अलावा जनपद पंचायत ओरछा के ग्राम कुतुल एवं जाटलूर में दो-दो बाजार शेड निर्माण के लिए 34 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए।
जनपद पंचायत नारायणपुर अंतर्गत बागडोंगरी, पालकी और महिमागवाड़ी में 59 लाख 51 हजार रुपये की लागत से निर्मित खाद्यान्न भवनों का लोकार्पण किया गया। साथ ही नेलवाड़ और खोड़गांव में 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित
सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़, कहा - छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है और धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित इस धरा को हमारी सरकार सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में सिक्किम राज्य से अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे पत्रकारों के दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया और उनसे छत्तीसगढ़ को लेकर ढेर सारी बातें साझा की। उन्होंने सभी अतिथियों को राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ में स्वागत और अभिवादन किया। मुख्यमंत्री की सहृदयता और आतिथ्य पाकर सभी पत्रकार अभिभूत हुए और उन्हें सिक्किम आने का निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित है तथा यहां 31 प्रतिशत आदिवासी समुदाय निवासरत है। वनोपज संग्रहण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘जशप्योर’ ब्रांड के अंतर्गत उत्पाद तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए सरकार द्वारा 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना के तहत निःशुल्क चप्पल प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। हाल ही छह हजार से अधिक जोड़े इस योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवदंपतियों को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एवं 15 हजार रुपये का सामग्री सहयोग प्रदान किया जाता है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सफल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50 हजार रुपये की सहायता तथा तीन वर्षों तक प्रति माह 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। श्री साय ने बताया कि जगदलपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा ‘बस्तर पंडुम’ कैफे का सफल संचालन इसका सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत 17 शासकीय योजनाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है, जिससे सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, अबूझमाड़ के वन और धुड़मारास जैसे स्थल प्रदेश की पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होम स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसके तहत ग्रामीणों को पांच कमरों तक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं औद्योगिक विकास के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है, जहां निम्न आय वर्ग के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रदेश की आकर्षक नवीन औद्योगिक नीति का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसके तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
“छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” – अर्चना प्रधान
सिक्किम की पत्रकार अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। भिलाई स्टील प्लांट में रेल पटरियों सहित विभिन्न इस्पात उत्पादों का निर्माण प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकाइयों को हमें करीब से देखने का मौका मिला और हम जान पाए है कि इस प्रदेश का देश के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान है।
सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री से भ्रमण उपरांत मिलने पहुंचे पत्रकारों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला है। उन्होंने भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। सिक्किम से आए पत्रकारों ने अपने पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर तथा जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। पत्रकारों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भ्रमण की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ लेकर जा रहे हैं, जो उन्हें आजीवन याद रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, किसानों के हित में की गई घोषणाओं, स्वच्छ वातावरण तथा पुनर्वास नीति की सराहना की।
मुख्यमंत्री को भेंट किया सिक्किम का स्मृति चिन्ह ‘थांका’
पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को सिक्किम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस उपहार के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे स्नेह और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बताया।
पत्रकारों ने बताया कि सिक्किम का थांका पेंटिंग एक पवित्र स्मृति चिन्ह है, जो सूती या रेशमी कपड़े पर बौद्ध देवताओं, मंडलों और बुद्ध के जीवन दृश्यों को दर्शाता है। यह हस्तनिर्मित कला सिक्किम की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे अक्सर घर की सजावट और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाया जाता है। इन्हें रोल करके आसानी से ले जाया जा सकता है, जो यात्रियों के लिए एक बेहतरीन सोवेनियर है। यह पारंपरिक कलाकृति सिक्किम के निवासियों के लिए धार्मिक विश्वास और आस्था का प्रतीक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, पीआईबी गंगटोक के सहायक निदेशक मानस प्रतिम शर्मा, पीआईबी रायपुर के सहायक निदेशक सुदीप्तो कर, पुरुषोत्तम झा और सरद बसनेत, पत्रकार बेनु प्रकाश तिवारी, विकास क्षेत्री, होमनाथ दाबरी, ईश्वर, अर्चना प्रधान, अनुशीला शर्मा, प्रकाश अधिकारी, ललित दहल, विनोद तमंग, मोहन कुमार कार्की, नार बहादुर क्षेत्री उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ की 4 सेंट्रल जेलों को मिला ISO 9001:2015 सर्टिफिकेट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जेल प्रशासन को गुणवत्ता और सुधारात्मक न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य की चार केंद्रीय जेलों (Central Jail) रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक ISO 9001:2015 का सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। यह पहल जेलों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मानवीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर जेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से ISO सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
प्रमाणन जारी करने वाली संस्था द्वारा 11 फरवरी 2026 को केंद्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर के जेल अधीक्षकों को ISO 9001:2015 के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
इस प्रमाणन के माध्यम से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता नियंत्रण, प्रक्रियाओं में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी। साथ ही बंदी कल्याण, मानवाधिकार संरक्षण, जोखिम प्रबंधन और जन विश्वास में भी वृद्धि होगी। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल सुधारात्मक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी।
ISO प्रमाणन की इस पूरी प्रक्रिया में योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल रायपुर), खोमेश मंडावी (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल बिलासपुर), मनीष संभवकर (जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल दुर्ग), अक्षय सिंह राजपूत सहित रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर केंद्रीय जेलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भूपेश बघेल के ‘ऑफर’ वाले बयान पर मंत्री केदार कश्यप का पलटवार, कहा-
रायपुर। भूपेश बघेल के बीजेपी में शामिल होने के ऑफर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जरूरत न छत्तीसगढ़ को है, और न ही भाजपा को है. वो सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं.
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने विभाग का लेखा-जोखा मीडिया के सामने पेश किया. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का दवाब देते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब भी दिया. उन्होंने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पीडीएस दुकान के खाली होने के आरोप पर कहा कि जिन लोगों ने पूरे प्रदेश को लूटने का काम किया, जिनके ऊपर केस चल रहा हैं, वो बता रहे हैं कि हमारी पीडीएस की दुकानें खाली हो गई हैं. जिन लोगों ने खाली किया आज वे विपक्ष में हैं.
वहीं अमरजीत भगत के नक्सली कमांडर हिडमा को सपोर्ट वाले बयान पर कहा मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के साथ में रही है. झीरम घाटी के नाम पर ये घड़ियाली आंसू बहाते हैं. इस बात को साबित करता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हो या यहाँ के लोग हों. ये कहते हैं कि झीरम के सबूत इनके पास है. जब सबूत है तो स्वाभाविक है, आपसी गुटबाजी के कारण झीरम कांड हुआ है.
दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, और कांग्रेस के समर्थक खत्म हो रहे हैं. कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हमेशा मंचों से कहा है कि वे नक्सलियों के साथ खड़े हैं.
वहीं बीजापुर विधायक के सुरक्षा वाले मामले में केदार कश्यप ने कहा कि कहीं किसी को जाने के लिए नहीं रोका जा रहा है. वो बिना सुरक्षा के अंदरूनी क्षेत्र में चले जाते थे. उनको सुरक्षा की क्या आवश्यकता है. वो बिना सुरक्षा और बिना पुलिसकर्मी के नक्सल क्षेत्र में घूमते थे, उन्हें क्या सुरक्षा की आवश्यकता है. अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है.
असम में कांग्रेस नेता चुनाव में गए हैं, क्या बीजेपी नेता भी जाएंगे? इस पर केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि असम में हमारे नेता प्रचार करने जा रहे है. फिर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लोग किसलिए जा रहे, ये बाद में पता चलेगा. पिछले बार तो यहां लाकर बकरा और सूअर खिलाए थे. इस बात क्या खिलाएंगे ये देखना होगा.
वहीं बस्तर में स्वास्थ्य की स्थिति पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार में 3 मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इसे लेकर हमारी सरकार काम कर रही है. चिकित्सा के क्षेत्र में और भी विस्तार हो रहा है. अंदुरूनी क्षेत्र में भी चिकित्सा का जाल बिछ रहा है. वहीं युवा कांग्रेस की महापंचायत का केदार कश्यप ने स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वो वास्तविक लोगों को लेकर आएंगे, मरे हुए लोगों को न लाए.
बताया विभाग का लेखा-जोखा
2 सालों में परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर कहा कि सीएम ग्रामीण बस योजना से लोगों को लाभ मिला. 425 नए गांव तक पहली बार बस पहुंचे. सड़क दुर्घटना में रायपुर जिले को सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में शामिल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन नीति में वाहन मूल्य का 10% या अधिकतम 1 लाख रुपए छूट दी जा रही है. आटो एक्सपो के माध्यम से 133.4 करोड़ के RTO टैक्स का छूट मिला.
बस संगवारी एप की सुविधा लोगों को दी गई है. वाहन 4.0 और सारथी 4.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे है. आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है. ई-चालान के माध्यम से अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हो रही है. वर्तमान में 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस और टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है. सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेश उपचार की व्यवस्था की जा रही है.
वन विभाग की दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 355 हाथियों का विचरण हो रहा है. हाथी-मानव द्वंद कम हो, इस पर काम हो रहा है. प्रभावित इलाकों में एलिफेंट ट्रेकिंग मेसेज के माध्यम से जानकारी दी जाती है. दो सालों में छत्तीसगढ़ ने नया कीर्तिमान रचा है. सघन वनों में 70% घनत्व बढ़ा है. 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का कार्य हुआ है. भूमि स्वामी को वृक्षारोपण के लिए योजना बनाकर प्रेरित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया. 463 पदों में भर्ती की गई, 1500 में और भी करना है. वर्तमान में बाघों की संख्या 35 है. बाघों के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वन भैंसा, पहाड़ी मैना के संरक्षण में काम किया जा रहा है.
वहीं सहकारिता विभाग में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से विभाग लोगों के हित में काम कर रहा है. 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया गया है. 2739 उपार्जन केंद्रों में 25.49 किसानों से 139 मिट्रिक टन धान खरीदी हुई है, 1.45 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया गया. उच्च शक्कर कारखाने लगाए गए है.
दिल्ली में बैठक के बाद कांग्रेस में सख्ती, PCC चीफ ने कहा…हर 3 महीने में होगी समीक्षा, कमजोर प्रदर्शन पर बदले जा सकते हैं जिलाध्यक्ष
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में व्याप्त गुटबाजी के बीच हाइकमान ने एक बार फिर संगठन में कसावट लाने का प्रयास किया है। दिल्ली में जिलाध्यक्षों की बैठक के संगठन ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर संगठनात्मक फैसले लिए जाएंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की मीटिंग बैठक आयोजित की थी। दिल्ली में हुए इस बैठक से वापस लौटन के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। इन्ही निर्देशों में जिलाध्यक्षों की जमीनी स्तर पर सक्रियता और प्रदर्शन की सतत माॅनिटरिंग भी की जायेगी।
दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में अब केवल पद पर बने रहना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संगठन विस्तार, जनसंपर्क, आंदोलनात्मक गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका को प्रमुख मापदंड माना जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला अध्यक्षों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियों,ग्रीन, यलो और रेड में वर्गीकृत किया जाएगा। ग्रीन कैटेगरी में वे अध्यक्ष होंगे जिनका प्रदर्शन संतोषजनक और प्रभावी रहेगा और जिन्होंने संगठन को मजबूत करने में ठोस काम किया होगा।
इसी तरह यलो कैटेगरी में औसत कामकाज करने वाले अध्यक्ष रखे जाएंगे, जिनसे बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा की जाएगी। वहीं रेड कैटेगरी में लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्षों को रखा जाएगा। पीसीसी चीफ बैज ने स्पष्ट किया कि रेड श्रेणी में आने वाले पदाधिकारियों को पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा। यदि तय समयावधि में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संगठनात्मक बदलाव किया जा सकता है।
कोयला व्यापारी के ठिकानों पर आईटी की छापेमारी, SIR सर्वे टीम बनकर पहुंची अधिकारियों की टीम
बिलासपुर। इनकम टैक्स की टीम ने बिलासपुर के कोयला व्यापारी के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की है. फिल ग्रुप के खिलाफ इस छापामार कार्रवाई के लिए आईटी की टीम SIR की सर्वे टीम बनकर पहुंची थी.
जानकारी के अनुसार, फिल ग्रुप के प्रवीण झा हैं, जिनके श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर और रामा वर्ल्ड स्थित घर सहित अलग- अलग ठिकानों में टीम ने दबिश दी है. इन जगहों पर कोयला कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है.
गर्ग सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सील, नर्सिंग होम एक्ट के उल्लंघन पर प्रशासन ने की कार्रवाई
मुंगेली। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं वैधानिक प्रावधानों के पालन को सुनिश्चित करने जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए गर्ग सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को सील कर दिया है। यह कार्रवाई नर्सिंग होम एक्ट के नियमों के उल्लंघन एवं चिकित्सक की अनुपस्थिति पाए जाने के बाद की गई।
कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट डॉ. कमलेश कुमार एवं नायब तहसीलदार हरीश यादव की संयुक्त टीम ने गर्ग अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। डॉक्टर की अनुपस्थिति में अस्पताल का संचालन किया जा रहा था, जो नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 16 जनवरी को भी अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। उस समय भी चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए थे, जिस पर संबंधित संस्था को नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। सीएमएचओ ने कहा कि जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण उपचार से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
UGC के ‘समानता विनियम 2026’ पर मुंगेली से उठा मजबूत समर्थन…ST, SC, OBC एकता महासंघ ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा समर्थन पत्र
मुंगेली। उच्च शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2026” को मुंगेली जिले में व्यापक समर्थन मिला है। ST, SC, OBC एकता महासंघ, जिला मुंगेली ने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री एवं यूजीसी चेयरमैन को समर्थन पत्र प्रेषित कर इन विनियमों का पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।
महासंघ ने अपने पत्र में कहा है कि ये विनियम देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में निष्पक्ष, सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। लंबे समय से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन एवं अन्य वंचित समुदायों के छात्रों को शैक्षणिक परिसरों में प्रत्यक्ष और परोक्ष भेदभाव का सामना करना पड़ता रहा है। ऐसे में यूजीसी द्वारा लाए गए ये नियम न केवल भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं, बल्कि उसके निवारण के लिए ठोस संस्थागत व्यवस्था भी सुनिश्चित करते हैं।

हर संस्थान में अनिवार्य होगा ‘समान अवसर केंद्र’
नए विनियमों के तहत प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre – EOC) की स्थापना अनिवार्य की गई है। यह केंद्र वंचित वर्गों के छात्रों और कर्मचारियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, परामर्श, करियर सलाह, छात्रवृत्ति संबंधी जानकारी तथा उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा। महासंघ का कहना है कि यह केंद्र उन छात्रों के लिए विशेष रूप से सहायक होगा, जो स्वयं को उपेक्षित या अलग-थलग महसूस करते हैं।
‘समानता समिति’ करेगी शिकायतों का निपटारा
विनियमों के अनुसार हर संस्थान में एक समानता समिति (Equity Committee) गठित की जाएगी, जो भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए जिम्मेदार होगी। समिति में SC, ST, OBC, दिव्यांगजन और महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य रहेगा, ताकि निर्णय प्रक्रिया में विविध समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। शिकायतों का गोपनीय पंजीकरण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

24×7 हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र
इन नियमों में 24×7 समानता हेल्पलाइन, मोबाइल ‘समानता दल’ (Equity Squads) और विभागीय स्तर पर ‘समानता दूत’ (Equity Ambassadors) जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। इन माध्यमों से छात्रों और कर्मचारियों को त्वरित सहायता और शिकायत दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। साथ ही, संस्थानों को अपनी समानता संबंधी गतिविधियों की नियमित रिपोर्ट यूजीसी को सौंपनी होगी। एक राष्ट्रीय निगरानी समिति इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
महासंघ ने विशेष रूप से इस बात का स्वागत किया है कि विनियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। यूजीसी ऐसे संस्थानों की वित्तीय सहायता रोक सकता है, डिग्री प्रदान करने का अधिकार समाप्त कर सकता है या उनकी मान्यता रद्द कर सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ये नियम केवल कागज़ी न रहकर जमीनी स्तर पर लागू हों।
NEP 2020 की भावना के अनुरूप
महासंघ ने कहा कि ये विनियम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप हैं, जो शिक्षा में समावेशन, समान अवसर और सामाजिक न्याय पर जोर देती है। संगठन ने विश्वास जताया कि यदि इन नियमों का ईमानदारी से पालन किया गया तो उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, सम्मान और गरिमा की नई संस्कृति विकसित होगी।अंत में ST, SC, OBC एकता महासंघ, जिला मुंगेली ने केंद्र सरकार और यूजीसी से अपील की है कि इन विनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों और विश्वविद्यालयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि समाज के हर वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
पति-पत्नी विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग सबूत के रूप में मान्य, पत्नी की याचिका खारिज
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने पति-पत्नी से संबंधित विवाद के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मंजूर करने की अनुमति दी है। हाईकोर्ट ने मामले में पत्नी की याचिका खारिज करते हुए कहा है कि परिवार न्यायालय के पास यह विशेष शक्ति है कि मामले के प्रभावी निपटारे के लिए किसी भी दस्तावेज या जानकारी को बतौर सबूत स्वीकार कर सकते हैं।
बता दें कि रायपुर निवासी ने पत्नी से तलाक की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता पति ने पत्नी की अन्य लोगों के साथ व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड में लेने के लिए आवेदन किया था। पत्नी ने इसका विरोध करते हुए इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया। हालांकि फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मंजूर कर ली, जिसके खिलाफ पत्नी हाईकोर्ट पहुंची। हाईकोर्ट ने भी परिवार न्यायालय के आदेश पर मुहर लगाते हुए पति को राहत दी है और प्राइवेसी से अहम फेयर ट्रायल को माना है।
बकाया कर नहीं देने पर परिवहन विभाग की कार्रवाई, 5 बसें जब्त, नीलामी की भी तैयारी
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में परिवहन विभाग ने मोटरयान कराधान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय से कर और पैनल्टी बकाया होने के कारण विभाग ने जिले की पांच बड़ी बसों को जब्त कर लिया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बकाया राशि एक सप्ताह के भीतर जमा नहीं होने पर इन वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 15 के तहत यह कार्रवाई की गई है। विभाग का कहना है कि नियमों के अनुसार कर, पैनल्टी या ब्याज का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों को कुर्क कर नीलामी के माध्यम से राजस्व की वसूली की जाएगी।
परिवहन विभाग ने यह भी कहा कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और जो भी वाहन बिना वैध कर भुगतान के सड़कों पर पाए जाएंगे, उन पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। निर्धारित अवधि के भीतर कर जमा न करने की स्थिति में कानूनी प्रावधानों के तहत नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन की हालत गंभीर, पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन की तबीयत गंभीर बनी हुई है। उन्हें पिछले महीने पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें कार्डियक की समस्या हुई थी।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उनकी हालत में सुधार के बाद उन्हें वेंटिलेटर से हटा लिया गया था, लेकिन मंगलवार को स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने पर दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया है। फिलहाल उनकी स्थिति क्रिटिकल बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे विश्वरंजन
बता दें कि विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठवें डीजीपी रहे हैं। वर्ष 2007 में ओपी राठौर के असामयिक निधन के बाद तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस का प्रमुख नियुक्त किया था। वे लगभग चार वर्ष तक डीजीपी पद पर रहे।
आईबी में रहा लंबा कार्यकाल
1973 बैच के आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन को छत्तीसगढ़ सरकार ने डेपुटेशन से बुलाकर जुलाई 2007 में डीजीपी बनाया था। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था, हालांकि 2007 से पहले वे कभी छत्तीसगढ़ में पदस्थ नहीं रहे। वे लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति पर रहे और एडिशनल डायरेक्टर पद तक पहुंचे थे।
भारत माला भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला: EOW ने डिप्टी कलेक्टर और नायब तहसीलदार को किया गिरफ्तार, 43 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप
रायपुर। बहुचर्चित भारतमाला भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डिप्टी कलेक्टर और एक तत्कालीन नायब तहसीलदार को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पद का दुरुपयोग कर फर्जी मुआवजा पत्रक तैयार करने और शासन को लगभग 43 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद दोनों अधिकारी फरार हो गए थे। विशेष टीम द्वारा लगातार निगरानी और तलाश के बाद 11 फरवरी को दोनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार अधिकारियों में डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे घटना के समय अभनपुर के तहसीलदार, वहीं लखेश्वर प्रसाद किरण गोबरा नवापारा में नायब तहसीलदार थे।
कूटरचित दस्तावेजों से बढ़ाया गया मुआवजा
ईओडब्ल्यू द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अपराध क्रमांक 30/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471, 420, 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7सी और 12 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध है। जांच में सामने आया है कि रायपुर-विशाखापट्नम एवं दुर्ग बायपास भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में गंभीर अनियमितताएं की गईं।
आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों, भूमाफिया और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार कर या करवाकर प्रभावित भू-स्वामियों को वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक राशि दिलाई गई। इस प्रक्रिया में शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
जमानत याचिका खारिज, कुर्की की कार्रवाई विचाराधीन
सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने उच्चतम न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया। इससे पहले विशेष न्यायालय द्वारा इनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की जा चुकी थी। साथ ही, आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी विशेष न्यायालय रायपुर में विचाराधीन है।
ईडी भी कर रही समानांतर जांच
इस बहुचर्चित मामले की जांच केवल ईओडब्ल्यू तक सीमित नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल की जांच कर रहा है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान अन्य लोकसेवकों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
भारत माला परियोजना देश की प्रमुख आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और वित्तीय प्रवाह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
संसद में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखा छत्तीसगढ़ और देश के विकास का विजन
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पर हो रही सामान्य चर्चा में भाग लेते हुए इसे 'आत्मविश्वास का बजट' करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण को समर्पित है।
सांसद श्री बृजमोहन ने कहा कि, बीते ग्यारह वर्षों में देश ने गति पाई है, गौरव पाया है, वैश्विक पहचान बनाई है। आज भारत इस बजट के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत बन रहा है। 2026 का बजट आत्मविश्वास का परिणाम है। यह बजट कहता है अब भारत रुकेगा नहीं, अब भारत झुकेगा नहीं, अब भारत थमेगा नहीं।
छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई ऊंचाई
सांसद अग्रवाल ने बजट के प्रावधानों को छत्तीसगढ़ की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि 'भारत विस्तार एआई (AI) मिशन' के तहत अब राज्य के किसानों को छत्तीसगढ़ी भाषा में खेती की उन्नत तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने धान के समर्थन मूल्य का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस काल के 1310 रुपये के मुकाबले आज मोदी सरकार 2369 रुपये दे रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में 'मोदी की गारंटी' के तहत 3100 रुपये में खरीदी कर किसानों को समृद्ध किया जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव
सदन को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने आंकड़ों के जरिए विकास की रफ्तार को रेखांकित किया उन्होंने कहा कि, कांग्रेस शासन के 12 किमी प्रतिदिन के मुकाबले आज 33 किमी प्रतिदिन सड़कें बन रही हैं।
पहले जहाँ 6.4 किमी प्रतिवर्ष रेलवे ट्रैक बिछते थे, आज 100 किमी प्रतिवर्ष का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत दानकुनी से सूरत तक बनने वाला कॉरिडोर छत्तीसगढ़ से गुजरेगा, जिससे राज्य में औद्योगिक क्रांति आएगी।
वहीं भुवनेश्वर से विशाखापट्टनम कॉरिडोर का लाभ भी छत्तीसगढ़ को मिलेगा।
औद्योगिक और शैक्षणिक क्रांति का शंखनाद
सांसद बृजमोहन ने बताया कि बजट में रेयर अर्थ और सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ में मिले लिथियम भंडार का तेजी से विकास होगा और भारत बैटरी निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा। शिक्षा के क्षेत्र में 42,100 करोड़ के प्रावधान और 15,000 नए स्कूलों व 5,000 कॉलेजों की स्थापना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये संस्थान अब केवल खेल के मैदान नहीं, बल्कि अनुसंधान की प्रयोगशालाएं बनेंगे।
युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष सौगात
श्री अग्रवाल ने उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब छात्रों को शिक्षा और चिकित्सा ऋण पर 5% के बजाय मात्र 2% ब्याज देना होगा। इसके साथ ही, हर जिले में महिलाओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण से महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।
मजबूत अर्थव्यवस्था और वित्तीय अनुशासन
बजट के वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि, "आज देश का बजट 53.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राजकोषीय घाटा, जो पिछली सरकार में 8.9% था, उसे घटाकर 4.4% पर लाया गया है। जो बैंक कांग्रेस के समय 'बैंक-करप्ट' हो गए थे, वे आज मुनाफे में हैं। यह मोदी जी के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।"
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन का समापन करते हुए विश्वास जताया कि यह बजट 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
राहुल गांधी की राजनीति अतीत की पीली हो चुकी डायरी, पीएम मोदी लिख रहे हैं विकसित भारत का भविष्य: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
बृजमोहन अग्रवाल ने बजट पर चर्चा करते हुए विपक्ष, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गांधी के बयानों को यथार्थ से परे बताते हुए कहा कि कांग्रेस का शासन विफलताओं का इतिहास रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बजट देश के उज्ज्वल भविष्य का निवेश है।
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि, "अब राहुल जी की राजनीति, अतीत की डायरी हो गई है जिसके पन्ने पीले पड़ चुके हैं। आज भारत के भविष्य की पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बजट के माध्यम से लिख रहे हैं, जिसके हर पृष्ठ पर देश का विकास अंकित है।"
आजादी के बाद 60 वर्षों तक कांग्रेस ने देश पर शासन किया, लेकिन उन दशकों में देश को संभावनाएं तो मिलीं पर दिशा नहीं मिली
संसाधन थे पर संकल्प की कमी थी। उन्होंने कांग्रेस के शासन की तुलना ऐसे लेखक से की जिसके पास कागज तो बहुत थे, पर कलम में स्याही नहीं थी।
नेता प्रतिपक्ष पर प्रहार करते हुए श्री अग्रवाल ने उन्हें राजनीति का ऐसा कवि बताया जो भावनाओं की कविताएं तो लिखते हैं, पर यथार्थ की गद्य-भाषा नहीं समझते। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी ऐसे यात्री हैं जिन्हें खुद रास्ता नहीं मालूम, पर देश को मंजिल दिखाने चले हैं।
उनके भाषणों में आरोप और नारे तो बहुत हैं, लेकिन नीतियों और आत्मचिंतन का अभाव है।
वे आज गरीबी और बेरोजगारी पर भाषण देते हैं, लेकिन अपने शासनकाल की विफलताओं और घोटालों की 'प्रयोगशाला' पर मौन साध लेते हैं।
सांसद श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के लिए सत्ता एक 'परिवार की धरोहर' थी, जबकि भाजपा के लिए यह 'जनता की सेवा' का माध्यम है। 60 साल का पिछड़ापन दुर्भाग्य नहीं, बल्कि कांग्रेस के विफल नेतृत्व का प्रमाण है।
बृजमोहन अग्रवाल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल खर्च का ब्यौरा नहीं, बल्कि देश के भविष्य में किया गया निवेश है। भारत अब निर्भर नहीं, आत्मनिर्भर बन रहा है।