स्वास्थ्य मंत्री के रिश्तेदार होने का दावा करने वाले सिविल सर्जन के विरुद्ध जांच हुई शुरू
छत्तीसगढ़ |
06-Mar-2025
जांजगीर-चांपा। जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के खिलाफ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनके तानाशाही रवैये और दुर्व्यवहार के आरोपों के चलते जिला प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गुरुवार को जिला अस्पताल के सभा कक्ष में प्रशासन की तीन सदस्यीय जांच टीम के सामने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपने बयान दर्ज कराए। वहीं, सिविल सर्जन पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने उन्हें पद से हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर शुक्रवार सुबह तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
सिविल सर्जन ने विरोध करने वालों को दी धमकी
डॉक्टरों का आरोप है कि सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल खुद को स्वास्थ्य मंत्री का भतीजा और कलेक्टर का दोस्त बताते हैं और कर्मचारियों को धमकी देते हैं कि कोई भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने विरोध करने वाले कर्मचारियों को सबक सिखाने की धमकी दी है। इस रवैये से अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सों में भारी आक्रोश है।
तीन महीने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराई, डेथ रेट बढ़ने का दावा
डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि जब से डॉ. दीपक जायसवाल ने सिविल सर्जन का पदभार संभाला है, तब से अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। तीन महीनों में अस्पताल में मौतों की संख्या बढ़ने का भी दावा किया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सिविल सर्जन की लापरवाही और तानाशाही के कारण मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे अस्पताल में अव्यवस्था का माहौल बन गया है।
डॉक्टर एसोसिएशन का समर्थन, प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी
छत्तीसगढ़ डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. इकबाल हुसैन ने कहा कि जांजगीर जिला अस्पताल में जूनियर अधिकारी को बड़े पद की जिम्मेदारी दे दी गई, जो काबिलियत से नहीं, बल्कि ऊंची पहुंच के कारण सिविल सर्जन बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. दीपक जायसवाल बीते तीन महीनों से अस्पताल के सीनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ बदसलूकी कर रहे हैं।
डॉ. इकबाल हुसैन ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर डॉ. दीपक जायसवाल को तत्काल सिविल सर्जन पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो प्रदेशभर के डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा और बीडीएम अस्पताल चांपा के डॉक्टरों एवं स्टाफ ने सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल पर तानाशाही रवैया अपनाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने बुधवार 5 मार्च को अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी की और फिर कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान करीब 3 घंटे तक इलाज व्यवस्था प्रभावित रही।

सीनियर स्टाफ नर्स सालोमी बोस ने बताया था कि सिविल सर्जन ने उन्हें धमकाते हुए कहा, “तुम्हारी नेतागिरी नहीं चलेगी, मैं तुम्हें निपटा दूंगा। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मेरा स्वास्थ्य मंत्री रिश्तेदार है और कलेक्टर मेरा दोस्त है। मैं तुम्हारा ट्रांसफर करवा दूंगा और सीआर खराब कर दूंगा।”
