प्राचार्य पदोन्नति: सिंगल बेंच में अब सोमवार को होगी सुनवाई
रायपुर। उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ सिंगल बेंच में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के कोर्ट में प्राचार्य पदोन्नति के संबंध में लगातार 28 जुलाई से आज चौथे दिन की सुनवाई हुई, याचिकाकर्ता की ओर से 28 व 29 जुलाई को पक्ष रखा गया वहीं शासकीय पक्ष से 30 व 31 जुलाई को पक्ष रखा गया, इंटर विन द्वारा भी पक्ष रखा गया।
आज चौथे दिवस 2813 पदोन्नति प्राप्त प्राचार्य एवं विभागीय नियम की चर्चा शासन पक्ष की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने रखा, उन्होंने याचिकाकर्ता के लिए बताया कि प्रधान पाठक मिडिल स्कूल के सेवा को 5 वर्ष के अनुभव हेतु पात्रता के लिए रखा है, प्रधान पाठक पद से व्याख्याता कोटे में सीनियरिटी देने का नियम नही है, डबल बैंच में यही डायरेक्शन है, इसी डायरेक्शन के आधार पर सूची बनाया गया, सेपरेट वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर दावा आपत्ति लिया गया था, याचिकाकर्ता ने पूरी लिस्ट रोक रखा है जबकि एल ही संवर्ग के व्याख्याता व प्रधान पाठक मिडिल स्कूल में इनका दावा नही हो सकता, व्याख्याता से रिटायर हुए है किंतु यहाँ भी जनियर है, जिसके कारण पदोन्नति नही होगी।
इन्टरविंनर अनूप मजूमदार ने कहा कि उनकी 5 वर्ष की सेवा व्याख्याता पर भी पूर्ण होता है, जहां पात्रता का प्रश्न भी अनावश्यक है, प्रधान पाठक से वरिष्ठता व्याख्याता पद में विधिसम्मत नही है, डबल बैंच के डायरेक्शन का पालन किया गया है। आगे इंटरविनर अधिवक्ता अनूप मजूमदार सहित अन्य हस्तक्षेपक के द्वारा रखा जा सकता है।
ज्ञात हो 2813 प्राचार्य की पदोन्नति सूची शिक्षा विभाग के द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी किया गया है और यह पदोन्नत प्राचार्य लगातार अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं, शिक्षा सत्र का एक माह बीतने जा रहा है ऐसे में प्रदेश के शालाओं में संकुल प्रमुख व प्राचार्य की आवश्यकता महसूस की जा रही है याचिकाकर्ता नारायण प्रकाश तिवारी अब रिटायर हो चुके हैं उनकी ओर से सभी बातों व तथ्य को रखा जा चुका है, आज शासकीय पक्ष एवं एंटरविनर की ओर से दलील व तथ्य रखा गया, याचिकाकर्ता ने आवश्यक कार्य की बात पर सोमवार को सुनवाई हेतु प्रे किया, इस आधार पर अगली बहस सोमवार को होगी।
कोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता ने सुनवाई में कोर्ट को बताया है कि नियम सहित अभी के आपत्ति के सभी विषय पर माननीय डबल बैंच में इस प्रकृति के सभी केश को निराकृत करते हुए स्टे हटा दिया गया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि ट्रायबल विभाग में कोई विवाद व हस्तक्षेप नही है अतः ट्रायबल विभाग के पदोन्नत प्राचार्य को शीघ्र पदस्थापना दिया जावे। उन्होंने कहा कि अब जब लगातार सुनवाई जारी है तो शिक्षा विभाग के पदोन्नत प्राचार्य, शिक्षक समूह व शिक्षा विभाग की नजर कोर्ट के निर्णय पर टिक गई है, नया शिक्षा सत्र आरंभ हुआ है, स्कूल में प्राचार्य के अधिसंख्य पद रिक्त है, शालाओ में शिक्षण सत्र की तैयारियों में प्राचार्य की शीघ्र पदोन्नति जरूरी है, ऐसे में प्राचार्य पदोन्नति पर बड़ा फैसला शीघ्र हो जाएगा।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान संजय शर्मा, मनोज सनाढ्य, मुकेश पांडेय, रामगोपाल साहू, राजेश शर्मा, चिंताराम कश्यप, चंद्रशेखर गुप्ता, तोषण गुप्ता, अनामिका तिवारी, मोहन तिवारी लगातार सक्रिय थे।