अब स्टेनो कैडर से नहीं मिल सकेगी अवर सचिव की पदोन्नति, सरकार ने खत्म की वर्षों पुरानी विसंगति
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए स्टेनो कैडर के कर्मचारियों की अवर सचिव पद पर पदोन्नति की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब केवल लिपिकीय संवर्ग (क्लेरिकल कैडर) के अनुभाग अधिकारियों को ही अवर सचिव के पद पर पदोन्नति दी जाएगी।
राजपत्र में प्रकाशित नई अधिसूचना के मुताबिक, अब अवर सचिव पद पर होने वाली पदोन्नति के 70% पद अनुभाग अधिकारियों से भरे जाएंगे, जबकि 30% पद अन्य विभागों से आए अधिकारियों के लिए सुरक्षित रहेंगे। स्टेनो कैडर के स्टाफ ऑफिसरों को अब अवर सचिव के रूप में नामित नहीं किया जाएगा।
स्टेनो कैडर के लिए अलग पद होंगे निर्मित
सरकार ने स्टेनो कैडर के लिए सीनियर स्टाफ ऑफिसर, प्रथान वरिष्ठ स्टाफ ऑफिसर जैसे नए पद सृजित करने की योजना बनाई है। इसके लिए लिपिकीय संवर्ग से 9 पद स्टेनो कैडर को हस्तांतरित किए जाएंगे, ताकि उनका प्रमोशन रास्ता भी समानांतर रूप से तय हो सके।
वर्षों से चली आ रही थी विसंगति
मध्यप्रदेश के अविभाज्य काल से ही स्टेनो टाइपिस्ट कैडर के कर्मचारियों को स्टाफ ऑफिसर से सीधे अवर सचिव, उप सचिव और संयुक्त सचिव तक पदोन्नति मिलती रही, जबकि उनके भर्ती नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। न ही इन पदोन्नतियों के लिए डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की जरूरत होती थी।
इन कर्मचारियों को केवल आईएएस अधिकारियों से निकटता का लाभ मिलता रहा और नाममात्र की गोपनीय रिपोर्ट (CR) के आधार पर वे लगातार ऊपर चढ़ते गए। इससे लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। वर्ष 2012 से चल रही प्रक्रिया अब जाकर पूरी हुई है, जिससे भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में स्पष्ट संशोधन किया गया है।
संघ की लंबी लड़ाई लाई रंग
छत्तीसगढ़ मंत्रालय कर्मचारी संघ ने इस अनियमितता को लगातार मुद्दा बनाए रखा और केंद्रीय सचिवालय व झारखंड मॉडल का हवाला देते हुए स्टेनो कैडर के लिए अलग प्रोमोशन स्ट्रक्चर बनाने का प्रस्ताव दिया। लेकिन स्टेनो कैडर के कर्मचारियों ने सहमति नहीं जताई।
अब सरकार के संशोधित नियमों के लागू हो जाने के बाद स्टेनो कैडर को अपनी पदोन्नति व्यवस्था को नए सिरे से स्वीकारना होगा, क्योंकि अब उन्हें अवर सचिव पद नहीं मिलेगा।