कर्मचारियों की मांगों पर लामबंद हुआ संयुक्त मोर्चा, सात सूत्रीय मांगों को लेकर दिया सरकार का अल्टीमेटम
रायपुर। कर्मचारियों की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से चर्चा करने का निर्णय लिया है। बैठक में तय हुआ कि फिलहाल हड़ताल की बजाय मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से संवाद के जरिए समाधान की कोशिश होगी, लेकिन यदि सरकार ने हठधर्मिता दिखाई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के घटक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक 13 अगस्त 2025 को इंद्रावती भवन, नया रायपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने की। इसमें विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्यों ने स्पष्ट किया कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर फिलहाल तात्कालिक हड़ताल नहीं की जाएगी। इसके बजाय मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से सीधी चर्चा कर समाधान की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यदि शासन ने हठधर्मिता का रुख अपनाया तो संयुक्त मोर्चा प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान करेगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि मोदी सरकार द्वारा दी गई “गारंटी” में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को शामिल करने के बाद भी, राज्य में उनका समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत एवं संरक्षक तीरथ लाल सेन, कर्मचारी अधिकारी महासंघ के संरक्षक ओ.पी. शर्मा, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय सिंह, प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष भूपेंद्र राय, प्रांतीय महामंत्री एस.पी. देवांगन, कोषालयीन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर, प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष करण सिंह अटेरिया, शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय महामंत्री सुनील यादव, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष गोपाल साहू, छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के वाय.ए. कुरैशी और सोमेश शर्मा शामिल थे।
