स्कूली छात्रों ने मुख्य मार्ग पर किया चक्काजाम, शिक्षकों की कमी से हैं नाराज
कोरबा। छत्तीसगढ़ में सरकार युक्तियुुक्तकरण कर स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने का भले ही दंभ भर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत काफी जुदा है। कोरबा के वनांचल क्षेत्र पसान में आत्मानंद विद्यालय की छात्राओं ने आज सुबह स्कूल यूनिफार्म में ही मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो साल से स्कूल में टीचर की कमी है। इस बात की शिकायत उन्होने डीईओं और कलेक्टर से भी की, लेकिन हालात आज भी जस के तस है। लिहाजा बदहाल शिक्षा व्यवस्था से लड़ाई लड़ने छात्राओं ने खुद ही सड़क की लड़ाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में नये सिरे से शिक्षकों की पोस्टिंग की गयी है। सरकार के इस फैसले के बाद बड़े पैमाने पर शिक्षकों का तबादला भी हुआ। लेकिन इन सारी प्रक्रियाओं के बाद भी सरकारी स्कूल की दशा सुधरती नजर नही आ रही है। ताजा मामला कोरबा जिला के पसान क्षेत्र का है। यहां स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यायल की छात्राओं ने आज सुबह-सुबह स्कूल जाने के बजाये मुख्यमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। स्कूली छात्राओं को नारेबाजी करते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी।
मीडिया के लोगों ने जब छात्राओं से चर्चा की तो उन्होने कहा कि शिक्षा उनका अधिकार है। लेकिन पिछले 2 साल से उनकी शिक्षा पर ग्रहण लगा हुआ है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल में 5 शिक्षकों की नियुक्ति है, लेकिन कभी कोई शिक्षक समय पर स्कूल नही पहुंचते। आफिस में स्टाफ की कमी होने के कारण अध्यापन का कार्य छोड़ शिक्षक आफिस के काम में ही उलझे रहते है। ऐसे में कोर्स पूरा होने की चिंता अब छात्राओं को सताने लगा है। छात्राओं ने बताया कि उन्होने इससे पहले जिला शिक्षाधिकारी और कलेक्टर को इस समस्या की जानकारी दी थी।
अफसरों ने उन्हे समस्या का निदान करने आश्वासन भी दिया गया। लेकिन आज दो साल बाद भी स्कूल में शिक्षकों की कमी के साथ ही शिक्षकों की मनमानी के कारण स्कूल की पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो रखी है। स्कूली छात्राओं के चक्काजाम की जानकारी मिलते ही तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त कराकर छात्राओं को स्कूल भेजा जा सका। उन्होने साफ किया है कि यदि शिक्षकों की कमी पर जल्द कोई एक्शन नही लिया जाता है, तो वे फिर से सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगी।