प्रदेश / छत्तीसगढ़

अवैध रेत परिवहन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रायगढ़। जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना पूंजीपथरा पुलिस ने रविवार सुबह सरायपाली बाजार चौक पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 9 ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन करते हुए पकड़े गए। जानकारी के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। जब पुलिस ने वाहनों को रोककर रॉयल्टी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, तो चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर चालकों के खिलाफ धारा 106(1) BNSS के तहत कार्रवाई की और मामले की सूचना खनिज विभाग को भी भेज दी।

पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने बताया कि जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। किसी भी सूरत में गैरकानूनी खनन और परिवहन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल शासन को राजस्व की हानि पहुँचाती हैं, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में लगातार अवैध कारोबारों पर कार्रवाई की जा रही है। चाहे वह रेत हो, शराब हो या कबाड़ और अन्य बहुमूल्य खनिज, हर स्तर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूंजीपथरा पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। इलाके के लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से अवैध रेत परिवहन का खेल चल रहा था, जिससे ग्रामीण सड़कों का हाल खराब हो रहा था और दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती थी। अब इस कार्रवाई से उन्हें राहत मिली है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और खनन माफियाओं पर भी दबाव बनेगा। वहीं खनिज विभाग को सूचना भेजे जाने के बाद आगे विभागीय कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में कहीं भी अवैध परिवहन या खनन की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस या खनिज विभाग को दें।