30 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 20 माओवादियों पर था 81 लाख का इनाम
बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले में 30 माओवादी संगठन से अलग होकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें 20 इनामी माओवादी भी शामिल हैं जिन पर कुल मिलाकर 81 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों ने अब हिंसा का रास्ता छोड़कर पारिवारिक और सुरक्षित जीवन जीने की इच्छा जताई है।
जानकारी के मुताबिक, इन माओवादियों ने सब-डिवीजन ब्यूरो इंचार्ज के नेतृत्व में आत्मसमर्पण किया। उनका कहना है कि शासन की विकास योजनाओं, सुरक्षा कैम्पों के विस्तार और सामुदायिक पुलिसिंग से प्रभावित होकर उन्होंने संगठन से मोहभंग किया।
आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान
आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के कई महत्वपूर्ण स्तर के कैडर शामिल हैं—
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DVCM 1 कम्पनी नंबर 2 के सदस्य
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ACM-2 के 5 सदस्य
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प्लाटून पार्टी सदस्य – 4
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एरिया कमेटी पार्टी सदस्य – 5
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एरिया कमेटी PLGA सदस्य – 1
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CNM सदस्य – 2
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जानताना सरकार सदस्य – 6
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मिलिशिया सदस्य – 2
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DAKMS सदस्य – 2
यह सूची बताती है कि आत्मसमर्पण करने वाले केवल निचले स्तर के ही नहीं बल्कि ऊपरी संरचना से भी जुड़े थे। इससे माओवादी संगठन की कमर तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।
जनवरी से अब तक की बड़ी सफलता
आंकड़ों की मानें तो जनवरी 2024 से अब तक 496 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 190 माओवादी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं। इस तरह की लगातार कार्रवाई और आत्मसमर्पण से साफ है कि माओवादियों का नेटवर्क अब कमजोर पड़ रहा है।
सरकार और सुरक्षा बलों का कहना
शासन की ओर से कहा गया है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, सुरक्षा बलों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण उनकी रणनीति और जनता के सहयोग का परिणाम है.