सर्पदंश से पति-पत्नी की मौत
सूरजपुर। अंधविश्वास एक बार फिर दो जिंदगियों को निगल गया। सूरजपुर जिले के भैयाथान थाना क्षेत्र के बसकर गांव में जहरीले सांप के डसने से पति-पत्नी की मौत हो गई। दुखद पहलू यह है कि दंपत्ति को समय पर अस्पताल ले जाने की बजाय परिजनों ने घंटों तक झाड़-फूंक कराई। जब उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात दंपत्ति अपने घर के आंगन में जमीन पर सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने दोनों को डस लिया। परिजनों ने तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय अंधविश्वास के चलते ओझा-गुनी का सहारा लिया। कई घंटों तक झाड़-फूंक का सिलसिला चलता रहा, लेकिन जब दंपत्ति की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया। भैयाथान अस्पताल पहुंचने पर पत्नी को मृत घोषित कर दिया गया, वहीं पति को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक हादसे ने दंपत्ति के चार छोटे बच्चों को अनाथ कर दिया है। बच्चों की मासूम निगाहें अब भी अपने माता-पिता को ढूंढ रही हैं। परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।
कब्र से निकालकर हुआ बच्ची का दोबारा पोस्टमार्टम
सूरजपुर जिले में इससे पहले भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था। 14 अगस्त को रामानुजनगर ब्लॉक में तबीयत बिगड़ने पर चार साल की बच्ची को अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित करते हुए कहा कि मौत पीलिया की वजह से हुई है। लेकिन परिजनों ने डॉक्टरों की बात मानने से इनकार कर दिया और दावा किया कि बच्ची की मौत सर्पदंश से हुई है। परिजनों की मांग पर बच्ची का शव कब्र से बाहर निकाला गया और उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।